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भानवी सिंह पहुंचीं ससुराल, दरवाजा न खुलने पर हुआ बवाल – लखनऊ में दिखा पारिवारिक तनाव

लखनऊ  राजधानी लखनऊ मे हजरतगंज स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट में मंगलवार रात विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और साली के बीच झड़प हुई। भानवी सिंह ने अपने माता-पिता के घर में एंट्री न मिलने पर घर के बाहर हंगामा किया। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भानवी सिंह को समझा कर वहां से भेजा। इस मामले में किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। यह घटना अपार्टमेंट के सीसीटीवी में कैद हो गई। इसका फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। लखनऊ में मंगलवार रात भानवी सिंह अपनी मां से मिलने के लिए हजरतगंज स्थित अपार्टमेंट में पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि कई बार घंटी बजाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। इस पर भानवी सिंह नाराज हो गईं। इस बीच भानकी की अपनी छोटी बहन साध्वी सिंह के साथ बहस हो गई। भानवी सिंह ने हंगामा किया। काफी देर तक तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। इस दौरान भानवी की बहन साध्वी सिंह ने हजरतगंज पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। विवाद होने पर स्थानीय लोग भी जमा हो गए। सूचना मिलने पर हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पता चला कि पारिवारिक विवाद है। पुलिस ने राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह को समझा कर वापस भेज दिया। यह पूरी घटना सीसीटीबी में कैद हो गई। इसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजा भैया और पत्नी के बीच चल रहा विवाद उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक राजा भैया को बाहुबली नेता के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें कि राजा भैया और पत्नी भानवी सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा। राजा भैया का अपनी पत्नी भानवी सिंह के साथ तलाक का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। विवाद प्रकरण कोई बार सुर्खियों का रहा है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की बातें की कई बार सामने आ चुकी हैं।  

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषा के समावेश के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी से भी अवगत कराया

भोपाल  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल में भेंट कर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को लेकर सारगर्भित चर्चा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020" के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन के नीतिगत निर्णयों, शिक्षा में किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों से अवगत कराया। परमार ने "राष्ट्रीय शिक्षा नीति" के अनुसरण में प्रदेश के समस्त जिलों में स्थापित किए गए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और उनमें भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना एवं प्रगति के सम्बंध में अवगत कराया। परमार ने पाठ्यक्रमों में "भारतीय ज्ञान परम्परा" के द्रुतगति से समावेश के लिए विभिन्न कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों से प्राप्त अनुशंसाओं की जानकारी भी दी। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषा के समावेश के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी से भी अवगत कराया। परमार ने विद्यार्थियों के गुणात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समावेशिता को बढ़ावा देने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति से भी अवगत कराया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ संजय गोयल, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

बागेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा पर्व की तैयारी में जुटा प्रशासन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान

छतरपुर  बागेश्वर धाम में 2 से 12 जुलाई तक गुरू पूर्णिमा पर्व पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के जन्मोत्सव कार्यक्रम होने वाला है। इसके अलावा कथा का आयोजन भी हो रहा है। संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्थाएं विभिन्न राज्यों से आने वाले विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं के लिए ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम राजनगर को संपूर्ण कानून व्यवस्था और आयोजकों से समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एसडीओपी खजुराहो को कानून, सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था का दायित्व दिया गया है। कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। विभिन्न राज्यों से आएंगे श्रद्धालु छतरपुर जिला मजिस्ट्रेट ने गुरू पूर्णिमा पर्व, पडित धीरेंद्र शास्त्री के जन्मोत्सव कार्यक्रम और कथा आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से विशिष्ट अतिथियों व श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए ग्राम गढ़ा बागेश्वर धाम में भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था के मद्देनजर कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को नियुक्त किया गया है। आवश्यक भीड़ नियंत्रण व कानून व्यवस्था के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम ने दिए आदेश एसडीएम राजनगर को संपूर्ण कानून व्यवस्था और आयोजकों से आवश्यक समन्वय करने व प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसडीओपी खजुराहो को कानून, सुरक्षा व्यवस्था सहित यातायात और पार्किंग व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया है। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों और होम स्टे से ज्वलनशील पदार्थों को हटाने के लिए कहा गया है। पार्किंग से लेकर मंच के लिए व्यवस्थाएं पार्किंग स्थल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। आवारा पशुओं से बचाव की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। मंच निर्माण एवं पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर अबाध विद्युत आपूर्ति रखने के लिए कहा गया है। मंच पर विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने, लूज वायरिंग न हो, मरम्मत दल मौजूद हो, इस बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया है। पेयजल के लिए टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। केटल वाहन, फायर ब्रिगेड एवं चलित शौचालय उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। राउंड द क्लॉक रहेगी डॉक्टर्स की ड्यूटी कार्यक्रम में चिकित्सकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दो एंबुलेंस मय चिकित्सकीय दल के मौजूद रहने के लिए कहा गया है। भंडारे में तैयार भोजन की जांच और सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को 2 से 12 जुलाई तक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कमांडेंट होमगार्ड को आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारी करने के लिए कहा गया है। आरटीओ को स्थल पर आवागमन में वाहनों की चेकिंग और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।  

राजस्थान में भी दिल्ली AIIMS की तर्ज पर बनेगा RIMS, सरकार लाने जा रही विधेयक

जयपुर देश के शीर्ष मेडिकल संस्थान एम्स की तरह ही राजस्थान में RIMS बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने AIIMS दिल्ली के साथ एमओयू का प्रारूप तय कर लिया है, जो कि जल्द ही साइन हो जाएगा। इसे तैयार करने में AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी है। मेडिकल एज्यूकेशन विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने बताया कि RIMS में कैसे उपकरण होने चाहिए, कैसा स्पेशलाइजेशन होना चाहिए, कैसे हम AIIMS क्वालिटी की फैकल्टी को हॉयर कर सकें इन सब चीजों में AIIMS के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।   AIIMS की तर्ज पर लाया जाएगा विधेयक  अंबरीश कुमार ने बताया कि AIIMS की तर्ज पर राजस्थान में भी RIMS को एक इंडिपेंडेंट इंस्टिट्यूट बनाया जा सके, इसके लिए ड्रॉफ्ट एक्ट बनाया गया है। इसके लिए सरकार ने AIIMS के एक्ट को ही कॉपी किया है। यह विधेयक अभी विधि विभाग के पास वेटिंग के लिए गया हुआ है। जल्द ही इसे राज्य सरकार की तरफ से पारित किया जाएगा। खुद ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी होगा RIMS अंबरीश कुमार ने बताया कि यह एक अनोखा इंस्टिट्यूट होगा, जो खुद ही अपने आप में कॉलेज व यूनिवर्सिटी दोनों होगा। अभी राजस्थान में बाकी मेडिकल कॉलेज राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS)से संबद्ध हैं। इनकी डिग्री RUHS से आती है। इसी तरह से RIMS खुद की डिग्री देगा। यह खुद ही पढ़ाई करवाएगा, खुद ही अपना सिलेबस सेट करेगा। यह AIIMS, IIT पैटर्न पर प्रदेश का पहला इंस्टिट्यूट होगा।

कपड़ा उद्योग को नई गति देने के लिए धार में 2158 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार केंद्र सरकार से मिली पीएम मित्र पार्क की सौगात – प्रदेश के विकास और कपड़ा  उद्योग में नए युग का शुभारंभ – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम मित्र पार्क के प्रथम चरण में विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रारम्भ कपड़ा उद्योग को नई गति देने के लिए धार में 2158 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री मित्र पार्क के प्रथम चरण में अधोसंरचना विकास की प्रक्रिया आरंभ होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का हृदय से आभार माना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा धार की 2158 एकड़ भूमि पर लगभग 2050 करोड़ की लागत से विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के लिए हाल ही में 773 करोड़ रुपए लागत के टेंडर जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल मध्यप्रदेश में कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) को नई गति प्रदान करेगी। मध्यप्रदेश लगातार विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्र पार्क की सौगात निश्चित रूप से प्रदेश के विकास और कपड़ा उद्योग में नए युग का शुभारंभ करेगी।  

2161 करोड़ का शराब घोटाला : लखमा के साथ एक बड़े कांग्रेसी नेता को भी हर महीने में मिलता 20 करोड़

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में बड़े अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ईओडब्ल्यू के पूरक चालान के मुताबिक, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के अलावा एक अन्य बड़े कांग्रेसी नेता को महीने में दो बार 10-10 करोड़ रुपए मिलते थे. यही नहीं शराब घोटाले से मिली रकम में से 1500 करोड़ रुपए पार्टी फंड के नाम पर दिया गया है, हालांकि, डायरी में इस बात का उल्लेख नहीं है कि किस पार्टी को यह फंड दिया गया है, जिसकी पड़ताल में ईओडब्ल्यू जुटी हुई है. जांच एजेंसी ने चार्जशीट में बताया कि फरवरी 2019 से आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार शुरू हुआ. शुरुआती महीने में 800 पेटी शराब से भरी ट्रक डिस्टलरी से हर माह निकलती थी. एक पेटी को 2840 रुपए में बेचा जाता था. उसके बाद हर माह 400 ट्रक शराब की सप्लाई शुरू हो गई. अबकी बार प्रति पेटी शराब 3880 रुपए में बेचा जाने लगा. ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि साल में 60 लाख से ज्यादा पेटियां अवैध रूप से बेची गई. 15 जिलों में खपाई जाती थी अवैध शराब दो नंबर की शराब बेचने के लिए राज्य को 8 जोन में बांटकर 15 जिलों को चुना गया था. यहाँ की दुकानों में फैक्ट्री से ही डुप्लीकेट होलोग्राम लगकर शराब आती थी. सिंडीकेट में शामिल अरविंद सिंह का भतीजा अमित सिंह, अनुराग ट्रेडर्स से जुड़े अनुराग द्विवेदी, सत्येंद्र प्रकाश गर्ग, नवनीत गुप्ता ने ओवर बिलिंग और बिना बिल के शराब की बोतल की सप्लाई की. अमित अपने साथी दीपक दुआरी और प्रकाश शर्मा के साथ मिलकर डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई करता था. कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया की सुमित फैसिलिटीज कंपनी के कर्मचारी ही डुप्लीकेट होलोग्राम लगाते थे. इसके एवज में 8 पैसा प्रति होलोग्राम कमीशन लिया जाता था. वसूली के लिए बनी थी अलग टीम शराब घोटाले का पैसा कलेक्ट करने के लिए एक अलग टीम काम करती थी, जिसमें विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू, सिद्धार्थ सिंघानिया अमित सिंह समेत कई लोग शामिल थे. एक साल बाद सिस्टम बदल दिया गया और प्लेसमेंट कंपनी के जरिए पैसों का कलेक्शन होने लगा. घोटाले का पैसा हवाला के जरिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता भेजा गया. इसमें कारोवारी सुमित मालू और रवि बजाज शामिल थे. दोनों ने पूछताछ में यह कबूल किया है. रकम बस, टैक्सी और मालवाहक से भेजा गया. पत्नियों के नाम पर कंपनी बनाकर किया खेल शराब घोटाले में दो अहम किरदारों ने इस काले कारोबार में अपनी पत्नियों के नाम का इस्तेमाल किया. घोटाले में शामिल आबकारी सचिव अरुणपति त्रिपाठी ने अपनी पत्नी मंजूलता त्रिपाठी के नाम पर रतनप्रिया मीडिया प्राइवेट कंपनी रजिस्टर कराई. इस कंपनी ने डुप्लीकेट होलोग्राम बनाने वाली कंपनी को 50 लाख में सॉफ्टवेयर बेचा था. वहीं अरुणपति त्रिपाठी के करीबी निलंबित बीएसपी कर्मी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी पिंकी सिंह के नाम पर अदीप एम्पायर और माउंटेन व्यू इंटरप्राइजेज कंपनी रजिस्टर कराई. फिर इस कंपनी के नाम से शराब का कारोबार करने लगे. पूरा काम अरविंद का भतीजा अमित सिंह देखता था. इसी तरह टुटेजा परिवार और ढेबर परिवार का नाम भी इसमें सामने आया है. उनके नाम से कारोबार निवेश की भी जांच एजेंसी को मिली है.

MP में बड़ा स्कॉलरशिप घोटाला, 40 स्कूलों-मदरसों ने की धोखाधड़ी, क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच

भोपाल मध्य प्रदेश में अल्पसंख्यक छात्रों को केंद्र सरकार से मिलने वाली विशेष छात्रवृत्ति योजना में घोटाला का मामला सामने आया है। भोपाल में आठवीं और 10वीं कक्षा तक की मान्यता वाले अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों ने 11वीं व 12वीं कक्षा के 972 विद्यार्थियों के नाम पर 57 लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली। 20 मदरसों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक की शिकायत पर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 स्कूलों और 20 मदरसों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, मेरिट कम मीन्स, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में भोपाल जिले की 83 शिक्षण संस्थाओं को रेड फ्लैग से चिह्नित किया था। राज्य सरकार ने भौतिक निरीक्षण कराया तो खुली पोल राज्य सरकार ने इसका भौतिक निरीक्षण कराया। पता चला कि इनमें से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकृत 20 निजी स्कूल और 20 मदरसे ऐसे हैं, जिनकी मान्यता तो आठवीं और 10वीं कक्षा तक की ही है, लेकिन उन्होंने 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों का पंजीयन पोर्टल पर करा रखा है। उनके नाम पर जारी छात्रवृत्ति निकाली जाती रही है। जिन विद्यार्थियों के नाम पर यह छात्रवृत्ति निकली, वे वास्तव में दूसरे स्कूलों में पढ़ रहे थे। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की शुरुआती जांच के बाद पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक योगेंद्र राज ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की है। केंद्र सरकार की यह छात्रवृत्ति मुस्लिम, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय के विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए आती है।  

कलेक्टर रुचिका चौहान ने झांसी रोड पेट्रोल पंप पर दो महिलाओं को शक्ति दीदी की जैकेट पहनाकर फ्यूल डिलीवरी वर्कर का दायित्व सौपा

ग्वालियर  ग्वालियर जिले की महिलाएं अब चौका-चूल्हे और घरेलू कामकाज करने तक ही सीमित नहीं रही हैं। जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से किए गए नवाचार ‘शक्ति दीदी’ से जुडकर जरूरतमंद महिलाएं बखूबी ढंग से पुरुषों की तरह फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।  5 और जरूरतमंद महिलाएं शक्ति दीदी बनाई गईं। इन सभी महिलाओं ने जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी संभाल ली है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी जैकेट पहनाकर सौंपा दायित्व  कलेक्टर रुचिका चौहान ने झांसी रोड और अचलेश्वर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर दो महिलाओं को शक्ति दीदी की जैकेट पहनाकर उन्हें फ्यूल डिलीवरी वर्कर का दायित्व सौपा। ऐसा ही फुलबाग ,कलेक्ट्रेट के पीछे और काल्पी ब्रिज स्तिथ पेट्रोल पंप पर भी तीन महिलाओं को फ्यूल डिलीवरी वर्कर का जिम्मा दिया गया। आपको बता दें कि ग्वालियर कलेक्टर के इस नवाचार की तारीफ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी कर चुके हैं। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को दिए निर्देश  इस अवसर पर कलेक्टर चौहान ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए कि शक्ति दीदियों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें प्रावधानों के अनुसार मानदेय व अन्य सुविधाएं एवं साप्ताहिक अवकाश अवश्य प्रदान किया जाए। उन्होंने थाना प्रभारी को भी निर्देश दिए कि जिन पेट्रोल पंप पर शक्ति दीदी तैनात हैं उन पर लगातार गश्त करते रहें। साथ ही एसडीएम, तहसीलदार पुलिस अधिकारी, पेट्रोल पंप संचालक एवं शक्ति दीदियों को शामिल कर एक वॉट्सएप ग्रुप में नई शक्ति दीदियों को जोडें।

राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया

भोपाल   मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में पदस्थ अधिकारियों का तबादला किया गया है। राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात इसके आदेश दिए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर लोकायुक्त एसपी का ट्रांसफर किया गया है। जबकि, उज्जैन और जबलपुर के ईओडब्ल्यू अफसर भी बदले गए हैं। एमपी में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के अफसरों का ट्रांसफर ऑर्डर दिए गए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राजेश कुमार मिश्रा एसपी लोकायुक्त ग्वालियर से एआईजी पीएचक्यू, समर वर्मा एएसपी जबलपुर से एसपी ईओडब्ल्यू उज्जैन, अनिल विश्वकर्मा एसपी लोकायुक्त उज्जैन से एसपी ईओडब्ल्यू जबलपुर पदस्थ किया है। पल्लवी त्रिवेदी एआईजी ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल को एआईजी पीएचक्यू, संजय साहू एसपी लोकायुक्त जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू भेजा गया है। लोकायुक्त और EOW अफसरों के तबादले वहीं, सुनील पाटीदार एआईजी ईओडब्ल्यू भोपाल को एसपी लोकायुक्त रीवा, अंजुलता पटले उपसेनानी छठवीं वाहिनी एसएएफ जबलपुर को एसपी लोकायुक्त जबलपुर, यास्मीन जहरा जमाल एएसपी क्यूडी पुलिस मुख्यालय पीटीसी भौंरी को एआईजी पीएचक्यू, निरंजन शर्मा एएसपी ग्वालियर को एसपी लोकायुक्त ग्वालियर तथा आनंद यादव एएसपी उपायुक्त जोन 4 नगरीय पुलिस इंदौर को एसपी लोकायुक्त उज्जैन पदस्थ किया है।

राजस्थान पीटीईटी के नतीजे घोषित, यहाँ से डाउनलोड करें अपना स्कोर कार्ड

जयपुर राजस्थान पीटीईटी 2025 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। वे उम्मीदवार जो दो वर्षीय बीएड (B.Ed) या चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स (B.A. B.Ed/ B.Sc. B.Ed) में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे अब आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा आयोजित इस परीक्षा की फाइनल आंसर-की पहले ही जारी की जा चुकी थी। अब रिजल्ट के साथ ही अगली प्रक्रिया यानी काउंसलिंग और कॉलेज चॉइस फिलिंग की तैयारी शुरू हो गई है।   पीटीईटी परीक्षा के माध्यम से ही राजस्थान के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में दो वर्षीय बीएड कोर्स और चार वर्षीय बीए-बीएड/बीएससी-बीएड कोर्स संचालित किए जाते हैं। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से मेरिट के आधार पर बीएड कॉलेज आवंटित किया जाएगा। महत्वपूर्ण तिथियां राजस्थान पीटीईटी 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 5 मार्च, 2025 से हुई थी। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल, 2025 निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 17 अप्रैल, 2025 किया गया। इसके बाद एक बार फिर आवेदन की समयसीमा बढ़ाई गई और अंतिम तिथि 5 मई, 2025 तय की गई। परीक्षा 15 जून, 2025 को आयोजित की गई थी। ऐसे चेक करें अपना पीटीईटी रिजल्ट     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जाएं।     अपने कोर्स – दो वर्षीय बीएड या चार वर्षीय बीएड को चुनें।     अपना रोल नंबर व अन्य जरूरी डिटेल्स दर्ज करें।     लॉग इन करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।