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शोक में डूबा परिवार: ASI संदीप का पंचतत्व में विलीन, DGP ओपी सिंह ने जताया सम्मान

जुलाना ASI संदीप लाठर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव जुलाना स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। संदीप के बेटे रिहान ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर हरियाणा के नए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह सहित कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान "संदीप लाठर अमर रहे" के नारे लगते रहे। इससे पहले ASI संदीप लाठर का पार्थिव शरीर रोहतक पीजीआई से पोस्टमार्टम के बाद जुलाना पहुंचा था। इस दौरान साथ चल रहे लोगों ने हाथों में झंडे उठाकर अमर रहे के लगाए। संदीप लाठर के अंतिम संस्कार में कई तमाम बड़ें नेता पहुंचे थे, जिनमें पंचायती राज मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, मंत्री रणबीर गंगवा, डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिढ्डा, भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली समेत कई नेता शामिल हुए।  खेत में संदीप ने खुद को मारी थी गोली  बता दें कि बीते मंगलवार की दोपहर ASI संदीप लाठर ने धामड़ रोड स्थित मामा के खेतों में बने कमरे की छत पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने आत्महत्या से पहले एक वीडियो और 4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने IPS वाई पूरन कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस मामले से हरियाणा में राजनीति गर्माती नजर आ रही है।

तेजस्वी यादव की करोड़ों की संपत्ति, दर्जनों केस — जानें हलफनामे के चौंकाने वाले खुलासे

पटना  बिहार की सियासत के युवा चेहरा और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को राघोपुर विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। तेजस्वी ने साथ ही हलफनामा भी दायर किया जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा दिया। 35 साल के तेजस्वी यादव के पास नगद रकम 1.5 लाख रुपये हैं, कुल चल-अचल संपत्ति 6.12 करोड़ से ज्यादा की है, वहीं उन पर 55.52 लाख रुपये का कर्ज भी है। 9वीं पास हैं तेजस्वी तेजस्वी ने हलफनामे में बताया कि उन्होंने 2006 में दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम (नई दिल्ली) से 9वीं तक की पढ़ाई की है। इससे पहले भी वे अपने शैक्षणिक विवरण को लेकर विरोधियों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा इसे जमीन से जुड़े अनुभव कहकर टाल दिया है। 18 आपराधिक मामले दर्ज हलफनामे में सबसे ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि तेजस्वी ने स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ कुल 18 आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें चार मामले अपील पर हैं। ये मामले राजनीतिक रैलियों, धरनों, विरोध प्रदर्शनों और बयानों से जुड़े हैं। हाल ही में 13 अक्टूबर 2025 को दिल्ली की अदालत ने IRCTC होटल और लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले में तेजस्वी, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए, जिससे आरजेडी का कानूनी सिरदर्द चुनाव से ठीक पहले बढ़ गया है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने राघोपुर से तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के लिए तेजस्वी हाजीपुर कलेक्टोरेट पहुंचे तो उनके साथ पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती और सैकड़ों समर्थक मौजूद थे। पार्टी सुप्रीमो के घर से लेकर हाजीपुर तक 40 किलोमीटर के रास्ते पर लालू परिवार के समर्थक फूल बरसाते नजर आए। राघोपुर यादव परिवार का गढ़ राघोपुर विधानसभा सीट को आरजेडी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। यहां यादव मतदाता लगभग 25%, मुस्लिम 20% और ईबीसी करीब 30% हैं। तेजस्वी 2015 और 2020 दोनों चुनाव यहीं से जीत चुके हैं और अब लगातार तीसरी बार मैदान में हैं।

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड बढ़ी, अब जेल में बिताएंगे दिवाली के दिन

 रायपुर  प्रदेश में हुए 3,200 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने  सुनवाई के दौरान चैतन्य की रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि चैतन्य बघेल इस बार दिवाली जेल में ही मनाएंगे। इस बीच ईओडब्ल्यू (EOW) ने चैतन्य बघेल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया है। ईओडब्ल्यू ने पहले 13 अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगा था, लेकिन तय समय में चार्जशीट पेश नहीं की जा सकी। कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक का समय दिया था, मगर अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में गौरतलब है कि चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में हैं। उन्हें ईडी ने शराब घोटाले में कथित तौर पर 16.70 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से प्राप्त ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर वैध (वाइट) दिखाया गया, साथ ही सिंडिकेट के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।

CM का ASI संदीप लाठर के घर दौरा, अभय चौटाला ने किया चुटीला कमेंट

रोहतक एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर खुदकुशी करने वाले एएसआई संदीप लाठर के शव को लेकर दूसरे दिन भी गांव में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। भाजपा, कांग्रेस, इनेलो सहित राजनीतिक दल और कई संगठनों के लोगों का गांव में तांता लगा रहा। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला करीब 5 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। परिजनों को ढांढ़स बंधाने के बाद उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री सुबह आए थे लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ। वे जाटों की सहानुभूति लेने आए थे न्याय करने नहीं। अगर न्याय करने आए होते तो अब तक कार्रवाई हो जाती। पूरे मामले की जांच सीबीआई से हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाए। एएसआई संदीप के शव के पास परिजन व ग्रामीण दिनभर बैठे रहे। दूसरे दिन भी ग्रामीण पूरी घटना को लेकर आक्रोशित रहे। मंगलवार को संदीप ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। संदीप ने अपने सुसाइड नोट और मृत्युपूर्व बनाए वीडियो में दिवंगत एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।   नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शाम करीब साढ़े 4 बजे लाढ़ौत गांव पहुंचे। उन्होंने एएसआई संदीप कुमार के परिजनों से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कहा, पूरे मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज से सरकार जांच कराए। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी व कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। इनेलो की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुनैना चौटाला के आगमन के साथ लाढ़ौत गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती चली गई। सरकार से न्याय की आस लगाए परिजनों से सीएम नायब सैनी भी मिले।  इसके बाद तो सरकार की ओर से हचलच बढ़ती गई। सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने सैनी के जाने के बाद देर शाम तक मामले के पटाक्षेप में लगे रहे। भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा। प्रदेश संगठन महामंत्री फणींद्र नाथ शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साथ भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। शाम 4 बजे नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी आधे घंटे तक गांव में रहे। 5 बजे हुड्डा निकले, उधर इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंच गए। उन्होंने जातिगत प्रभाव को उछालते हुए मुख्यमंत्री सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए सीबीआई से जांच की मांग

विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आखिरी तारीख नज़रअंदाज न करें

पंजाब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पंजाब सरकार के पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत को प्रोत्साहन देने के प्रयासों के तहत तीसरे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी बोली ओलंपियाड के आयोजन की घोषणा की है। बोर्ड के चेयरमैन, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. अमरनाथ सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है और विद्यार्थियों द्वारा इसे अच्छा समर्थन मिल रहा है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 31 अक्टूबर 2025 तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। डॉ. अमरनाथ के अनुसार इस ओलंपियाड का उद्देश्य देश और विदेश में बसे पंजाबियों को अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत से जोड़ना है। इसके साथ ही पंजाबी भाषा की समृद्ध परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। इस वर्ष ओलंपियाड में विजेता विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, जिन स्कूलों और शिक्षकों ने सर्वाधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाया होगा, उन्हें भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए फीस ढांचे में भी बदलाव किया गया है। प्राइमरी वर्ग (8 से 12 वर्ष) के लिए पंजीकरण शुल्क 50 रुपये रखा गया है, जो पहले 100 रुपये था। मिडल वर्ग (12 से 14 वर्ष) और सेकेंडरी वर्ग (14 से 16 वर्ष) के लिए शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एनआरआई विद्यार्थियों के लिए यह 800 रुपये रहेगा। इस बार ओलंपियाड में प्रश्न केवल निर्धारित सामग्री पर आधारित नहीं होंगे, बल्कि संबंधित आयु वर्ग के पाठ्यक्रम से भी लिए जाएंगे, ताकि प्रतियोगिता अधिक शैक्षणिक और सार्थक बन सके। साथ ही, इस वर्ष परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएगी, जिससे अधिक विद्यार्थी इसमें भाग ले सकें।

56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी

अयोध्या दीपोत्सव 2025 जय श्रीराम के उद्घोष के साथ राम की पैड़ी के लिए रवाना हुए वालंटियर 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित, वालंटियर को मिलेगी टी-शर्ट व कैप -योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव रचेगा नया इतिहास अयोध्या में अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन और मार्गदर्शन में नौवें दीपोत्सव 2025 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चरम पर है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन दीपोत्सव को भव्य और दिव्य स्वरूप देने में अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है। गुरुवार को कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पहुंचकर घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और समर्पण का प्रतीक है। इसे भव्य व दिव्य रूप देना हम सभी का सौभाग्य है। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रवाना हुए वालंटियर विश्वविद्यालय परिसर से गुरुवार प्रातः 10 बजे सात बसों में सवार होकर वालंटियर “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना हुए। दीपोत्सव यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार की देखरेख में राम की पैड़ी के घाटों पर दीए बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घाटों पर वालंटियरों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दीपों को सजा रहे युवा जय श्रीराम के जयघोष के साथ दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जुटे दिखे। 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव की तैयारी अब अंतिम चरण में है। 56 घाटों पर दीयों की खेप पहुंच चुकी है और युद्धस्तर पर बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “घाटों पर दीए बिछाने का कार्य 18 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दीपोत्सव के दिन 19 अक्टूबर को वालंटियर दीपों में तेल डालने, बाती लगाने और उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य करेंगे। आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वालंटियरों के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) अनिवार्य कर दिया है। बिना आईकार्ड घाटों पर प्रवेश वर्जित रहेगा। शुक्रवार तक सभी वालंटियरों को आईकार्ड, टी-शर्ट और कैप वितरित की जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि यह दीपोत्सव केवल अयोध्या की नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वैश्विक प्रदर्शन बने। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह दीपोत्सव को विश्व स्तर पर पहचान दिला रही है, वह अभूतपूर्व है। इस बार 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों को प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 28 लाख से अधिक दीपों को घाटों पर बिछाया जा रहा है। दीपोत्सव 2025: आस्था, सेवा और समर्पण का पर्व अवध विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर दीपोत्सव की सफलता में अपना योगदान दे रहे हैं। घाटों पर कार्य करते युवाओं की ऊर्जा और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि दीपोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि “राममय अयोध्या” की आत्मा बन चुका है।

योध्या दीपोत्सव 2025: धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

योध्या दीपोत्सव 2025:  धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग डिजिटल आभा से दमकेगी अयोध्या, दीपोत्सव 2025 बनेगा तकनीक और आस्था का संगम धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग -राम की पैड़ी पर 26 लाख दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया विश्व रिकॉर्ड -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

राहतगढ़ सिविल अस्पताल में शीघ्र होगी ब्लड स्टोरेज की सुविधा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मातृ स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस, डिप्टी सीएम शुक्ल ने दिए शत-प्रतिशत जांच के निर्देश गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का स्वास्थ्य विभाग को निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र दूर होगी। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है और शीघ्र ही पर्याप्त चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ की पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तत्काल ब्लड स्टोरेज फ्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुँचे इसके लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करें। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-उपयोगी समस्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता हर समय बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। टेलीमेडिसिन सेवा से डॉक्टरों की अनुपलब्धता की समस्या काफी हद तक दूर होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

ग्वालियर मेला: 25 दिसंबर से 25 फरवरी तक, वाहन खरीद पर टैक्स छूट की सिफारिश

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला इस वर्ष भी 25 दिसम्बर से 25 फरवरी तक आयोजित होगा। पिछले वर्ष मेला में दुकान लगाने वाले ऐसे दुकानदार, जिन्होंने अब तक बकाया राशि जमा नहीं की है, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण ने ऐसे सभी दुकानदारों से शीघ्र ही बकाया राशि जमा कर ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए कहा है। बकायादारों की सूची मेला प्राधिकरण के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है। मेला प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि इस वर्ष दुकान आवंटन के लिए विगत वर्ष का आवंटन आदेश, ‘नो-ड्यूज’ प्रमाण-पत्र, स्वयं का फोटो, पैन कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि दुकानदार ऑनलाइन आवेदन से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेला की जान ऑटो मोबाइल सेक्टर रहता है। यह मेला पिछले 120 साल से अंचल की आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उन्नति की पहचान बन चुका है। यहां वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट इसे और खास बना देती है। बुधवार को संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला में वाहन खरीद पर मिलने वाली रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिससे मेला शुरू होने के साथ ही मेला से वाहन खरीद करने वालों को फायदा मिल सके। मेला में ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए 38 दुकानों के ऑनलाइन आवेदन भी आ चुके हैं। ग्वालियर मेला की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। मेले का इंतजार ग्वालियरवासी बेसब्री से करते हैं। इस वर्ष भी मेला अपनी गरिमा और भव्यता के साथ आयोजित हो। इसके लिए संभागीय आयुक्त मनोज खत्री द्वारा मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में निरंतर समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। ग्वालियर व्यापार मेले में देश भर के व्यापारी अपनी भागीदारी कर सकें, इसके लिए मेले की दुकानों का आवंटन भी इस वर्ष ऑनलाइन प्रारंभ किया गया है।मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऑनलाइन दुकानों के आवंटन का कार्य, शिल्प बाजार में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मेला सचिव सुनील त्रिपाठी ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले में 32 बकायदार दुकानदारों द्वारा 4 लाख 79 हजार 660 रुपए जमा कर एनओसी प्राप्त कर ली गई है।साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में दुकान आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर 18 दुकानदारों द्वारा पंजीयन कर 38 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किए हैं। मेले की व्यवस्थाओं के साथ-साथ मेला परिसर की साफ-सफाई रंगाई-पुताई का कार्य भी तेजी के साथ किया जा रहा है।रियासतकाल से आधुनिक युग तक की गौरव यात्रा वर्ष 1905 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक महाराज माधौराव सिंधिया (प्रथम) ने इस मेले की नींव 'मेला मवेशियान' के रूप में रखी थी। पशुधन की नस्ल सुधारने, किसानों और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्वालियर अंचल के उत्पादों को देश के अन्य भागों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मेला शुरू किया था।उस समय यह ग्वालियर मेला सागरताल के 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित होता था, जहां पानी की सुविधा और ग्रामीण संपर्क इसकी बड़ी ताकत थी। बढ़ती लोकप्रियता के साथ, यह मेला व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1918 में इसे वर्तमान रेसकोर्स रोड स्थित 104 एकड़ भूमि पर स्थायी रूप से स्थापित किया गया और इसे नया नाम मिला व्यापार मेला एवं कृषि प्रदर्शनी”। आरंभ में मेला अवधि 20 दिसंबर से 14 जनवरी तक तय की गई। एक ऐसा समय जब ग्वालियर की सर्द हवा व्यापारिक उत्साह से सराबोर हो उठती है। व्यवसाय और संस्कृति का संगम समय के साथ-साथ ग्वालियर मेला केवल व्यापारिक आयोजन तक नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, मनोरंजन और जनसंवाद का महाकुंभ बन गया। ग्रामीण कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का मंच यह मेला बना है। यह आयोजन हर वर्ग को जोड़ता है। वर्ष 1934 में काउंसिल ऑफ रीजेंसी ने इसके प्रबंधन के लिए “मेला व नुमायश ग्वालियर” की रूपरेखा बनाई, जिसे बाद में 'ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल, एग्रीकल्चरल एंड आर्ट्स एग्जीबिशन' के नाम से प्रसिद्धि मिली।राज्य स्तरीय गौरव और ऐतिहासिक पड़ाव ग्वालियर मेला को 23 अगस्त 1984 को राज्य स्तरीय ट्रेड फेयर का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके बाद इसकी पहचान और प्रभाव दोनों कई गुना बढ़ गए। वर्ष 1967-68 में मेले की हीरक जयंती मनाई गई। इसी तरह वर्ष 1982-83 में प्लेटिनम जयंती एवं वर्ष 2004-05 मेले ने अपनी शताब्दी वर्षगांठ मनाई। शासन द्वारा वर्ष 2002 में मेले का नाम 'श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला” घोषित किया गया। इसके बाद 30 दिसंबर 1996 को लागू ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम के तहत इसका प्रबंधन स्वतंत्र प्राधिकरण को सौंपा गया, जिससे मेले के संचालन और विकास को संस्थागत स्वरूप मिला। ग्वालियर मेला: परंपरा से तकनीक तक आज ग्वालियर मेला केवल परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मनिर्भरता और डिजिटल युग की पहचान भी है। ऑनलाइन आवंटन प्रणाली, थीम आधारित पवेलियन और प्रदेशभर के उद्योगों की सहभागिता इसे आधुनिकता से जोड़ते हैं। साथ ही लोककला, हस्तशिल्प, झूले, और सांस्कृतिक कार्यक्रम इसकी जीवंतता को बनाए रखते हैं।

बाघों की शिफ्टिंग पर मुहर, MP से 10 टाइगर जाएंगे तीन राज्यों में

भोपाल  मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में स्वच्छंद विचरण कर रहे दस नर और मादा बाघ ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के जंगलों में भेजे जाएंगे। पंद्रह दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में इसकी सहमति दी।  वन विभाग के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन ने उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को भेजे पत्र में कहा है कि वे अपने यहां एमपी से ट्रांसलोकेट किए जाने वाले नर और मादा टाइगर के लिए बाड़ा बनाने, बाघों की ट्रेकिंग और मानिटरिंग के लिए रेडियो कॉलर लगाने और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि बाघों की शिफ्टिंग होने पर उन्हें अनुकूल और सुरक्षित वातावरण मिल सके। एमपी के दस बाघ कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पेंच टाइगर रिजर्व से इन राज्यों में भेजे जाएंगे। इनके लिए उचित रहवास का इंतजाम करना संबंधित राज्य के वन विभाग की जिम्मेदारी होगी। इन राज्यों में जाएंगे इतने टाइगर     तीन बाघ ओडिशा के देवरीगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में शिफ्ट होंगे।     इसमें एक नर बाघ और दो मादा बाघ शामिल होंगे।     राजस्थान में चार मादा टाइगर भेजे जाएंगे जिसमें रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 3, मुकुंद्रा टाइगर रिजर्व में एक बाघ शामिल हैं।     छत्तीसगढ़ के लिए तीन टाइगर भेजे जाना है जिसमें दो नर बाघ और एक मादा बाघ शामिल हैं। सीएम ने कहा था, दूसरे राज्यों के वन्य प्राणी भी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 सितंबर को राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में कहा था कि दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। मुख्यमंत्री ने आसम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा लाने के प्रयास करने को कहा है। इस बैठक में तीन राज्यों ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने का निर्णय लिया गया था। राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) की प्रॉपर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज उपलब्धता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। फिल्मों के माध्यम से किया जाएगा प्रचार मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनलों के साथ मिलकर शॉर्ट फिल्म्स, डाक्यूमेंट्री फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार करें और इस तरह प्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बताएं। कर्नाटक से हुई थी अदला—बदली बता दें कि पिछले महीनों में मध्य प्रदेश ने कर्नाटक को दो बाघ दिया था और वहां से दो किंग कोबरा लेकर आए थे। हालांकि बाद में पांच वर्षीय नर किंग कोबरा की भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में मौत हो गई थी। अब केवल एक किंग कोबरा बचा है, जो इंदौर में है। सीएम ने प्रदेश में हो रही हाथियों के साथ द्वंद पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं मानव द्वंद्व को रोकने के लिए और बेहतर उपाय करें।