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BJP नेता के बयान से चौंकी AAP, प्रशांत किशोर की बुराई में मिला ‘केजरीवाल गुणगान’ का एंगल

नई दिल्ली  भाजपा नेता और अरविंद केजरीवाल की तारीफ! हैरान हो गए। आम आदमी पार्टी के नेता भी भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के एक ट्वीट में केजरीवाल के जिक्र को पूर्व सीएम की तारीफ मानकर इतने ही अचरज में हैं। दरअसल, जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर की आलोचना करते हुए मालवीय ने केजरीवाल का जिक्र किया। अब इसे आप प्रमुख के लिए तारीफ बताकर आप नेता राजेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है। दरअसल, अमित मालवीय ने यह टिप्पणी प्रशांत किशोर के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को लेकर की। प्रशांत किशोर के पहले करगहर से लड़ने की चर्चा थी। बाद में उन्होंने खुद राघोपुर में तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही। अब उन्होंने खुद किसी सीट से नहीं उतरने की बात कही तो मालवीय ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि वह (पीके) अरविंद केजरीवाल हैं। मालवीय ने कहा, 'दिल्ली की मीडिया जिनको बिहार चुनाव का X फैक्टर बता रही थी, वो तो Z निकले – Z मतलब जीरो असल में बात ये है कि उन्हें लगा वो अरविंद केजरीवाल हैं, लेकिन बिहार की जनता ने जमीन पर उतार दिया। खबर ये भी है कि उनकी अपनी पार्टी में पैसों और टिकट के बंटवारे को लेकर इतना बवाल है कि अगर वो चुनाव लड़ भी लेते, तो अपने ही कार्यकर्ता उन्हें हरा देते। जो इंसान किसी एक विचारधारा या संगठन के प्रति ईमानदार नहीं हो सकता, वो बिहार के लोगों का क्या होगा? राजनीति में पाले बदलना और कपड़े बदलने में फर्क होता है। राजनीति संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास मांगती है।' 'उन्हें लगा वो अरविंद केजरीवाल हैं, लेकिन…' अब इस बात को आम आदमी पार्टी ने आप के राष्ट्रीय संयोजक की तारीफ के रूप में लिया और हैरानी जाहिर की। दिल्ली के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने मालवीय के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, 'भाई साहब अगर आप भी अरविंद केजरीवाल जी की तारीफ करेंगे तो हम क्या करेंगे। मुझे तो अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा।'  

शिक्षा में असमानता बढ़ी: हरियाणा के 9वीं–12वीं के लड़के पढ़ाई छोड़ रहे हैं सबसे ज्यादा

पानीपत हरियाणा के स्कूलों में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों का ड्रॉप आउट ज्यादा है। पहली से पांचवीं कक्षा तक ड्रॉप आउट शून्य है। कक्षा छठी से आठवीं तक 1.7% बच्चे स्कूल छोड़ गए। इनमें 2.4% लड़के व 0.9% लड़कियां हैं। नौवीं से बारहवीं तक ड्रॉप आउट 4.9% है, जिनमें लड़के 6.6% व लड़कियां 2.7% हैं। यानी 9वीं से 12वीं तक लड़कों का ड्रॉप आउट लड़कियों के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा है। यह बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में सामने आई हैं। शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के डेटा के अनुसार, प्रदेश के 23,494 – स्कूलों में 57 लाख लाख 69 हजार 330 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें 31,09,149 लड़के और 26,60,181 लड़कियां हैं। इन स्कूलों में 2,63,942 शिक्षक प्राइमरी में 30, हाई स्कूलों में 35 बच्चों पर कम से कम एक शिक्षा होना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 450 से ज्यादा स्कूलों में 10 से भी कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। 10 से कम छात्रों वाले स्कूल 2 फीसदी, 11 से 20 छात्रों वाले 3.8% और 21 से 30 छात्रों वाले 6.8% स्कूल हैं। प्रदेशभर में 2,418 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पूरे वर्ष बच्चों के लिए एक भी स्वास्थ्य जांच शिविर नहीं लग पाया। 4,955 स्कूलों को अभी तक इंटरनेट की सुविधा ही नहीं मिली। प्रदेश में 14,338 सरकारी स्कूल हैं। इनमें राज्य सरकार की ओर से 14,278 स्कूल चलाए जा रहे हैं। 35 केंद्रीय, 24 नवोदय विद्यालय और 4 अन्य सरकारी स्कूल हैं। 4 स्कूल सरकारी सहायता प्राप्त, 8,499 स्कूल प्राइवेट हैं। 653 स्कूल ऐसे हैं, जो संस्थाएं चला हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि 1,066 स्कूल सिर्फ एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जबकि इन स्कूलों में 43,400 विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों में औसतन 40 बच्चों पर एक शिक्षक है, जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रही हैं। सरकारी स्कूलों में 1,01,670, प्राइवेट स्कूलों में 1,57,257, एडिड स्कूलों में 71, संस्थाओं द्वारा संचालित स्कूलों में 4,944 शिक्षक हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में 21,625 स्पेशल बच्चे भी पढ़ाई करते हैं, जिनमें 13036 लड़के व लड़कियां 8589 हैं।    

प्रतिस्पर्धात्मक दौर में अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधक उत्कृष्ट कार्य निष्पादित करें – मनोज गुप्ता

अपेक्स बैंक के शाखा प्रबंधकों की बैठक समन्वय भवन में आयोजित। भोपाल अन्तर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष, 2025 के दौरान अपेक्स बैंक के सम्पूर्ण प्रदेश के शाखा प्रबंधकों की बैठक आज अपेक्स बैंक समन्वय भवन स्थित सभागार में आयोजित हुई । इस अवसर पर बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने दिनांक 30.09.25 की स्थिति पर शाखाओं द्वारा की अमानत संग्रहण, ऋण वितरण, वसूली एवं बीमा योजनाओं  की समीक्षा करते हुये निर्देशित किया कि प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने आप को बेहतर साबित करने की दिशा में सभी अधिकारीगण पूरी ईमानदारी एवं लगन से अपने उत्तरदायित्वों का निवर्हन करते हुए दिनांक 22 अक्टूबर, 25 तक चलने वाले बचत माह के दौरान व्यक्तिगत हितग्राहियों को विभिन्न प्रयोजनों यथा – आवास एवं अचल सम्पत्ति के बंधक पर ऋण पर 8.00 प्रतिशत, वाहन ऋण 8.50 प्रतिशत एवं आवास ऋण 9.00 प्रतिशत पर उपलब्ध कराने के प्रयास करें। उन्होंने बैंक की शाखाओं के माध्यम से माईक्रो एटीएम एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना की अधिक से अधिक जानकारी अपने ग्राहकों एवं आमजन तक पहुॅंचाकर लोगों को इसका अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने तथा एन.पी.ए. प्रकरणों के निराकरण करने तथा केन्द्र सरकार की ’’स्वच्छता पखवाड़ा’’ योजना का सतत् वर्षभर आयोजन करने के निर्देश भी प्रदान किये।  आरंभ में बैंक के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री संजय मोहन भटनागर ने महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये शाखा प्रबंधकों से अपेक्षा की अपेक्स बैंक द्वारा समय-समय पर प्रदान किये जाने वाले निर्देशों का पालन निश्चित समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें।  उप महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन) श्री के.टी.सज्जन ने अधिक से अधिक ऋण वितरण व वसूली समय पर करने की अपेक्षा की, जबकि वि.क.अ.(सीबीएस) श्री अरविंद बौद्ध ने तकनीकी बिन्दुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।   बैठक में श्री आशीष राजौरिया, श्री करूण यादव, श्री विवेक मलिक, श्री समीर सक्सेना व श्री अजय देवड़ा के साथ प्रदेश की समस्त संभागीय एवं अमानत शाखाओं के प्रबंधकगण एवं अन्य अधिकारीण भी उपस्थित हुए। उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के जनसम्पर्क अधिकारी अभय प्रधान ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दी ।

रेलवे का बड़ा फैसला: भीड़ नियंत्रण के लिए कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर रोक

नई दिल्ली  त्योहारों के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तरी रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर 15 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री रोक दी गई है। यह फैसला दिवाली (20 अक्टूबर) और छठ पर्व (25 से 28 अक्टूबर) के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में भीड़-भाड़ से होने वाली अव्यवस्था और हादसों से बचने के लिए केवल टिकटधारी यात्रियों को ही स्टेशन परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। हालांकि, रेलवे ने कुछ श्रेणियों के लोगों को छूट दी है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, अशिक्षित या महिला यात्रियों के साथ आने वाले परिजनों या सहायकों को प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त करने की अनुमति होगी। ऐसे लोगों को स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर जाकर अपनी आवश्यकता बतानी होगी, जिसके बाद उन्हें विशेष अनुमति के तहत प्लेटफॉर्म टिकट जारी किया जाएगा। रेलवे सूत्रों ने बताया कि यह कदम सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज से आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष फरवरी में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के आने की अफवाह के बाद प्लेटफॉर्म पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी। उसी के बाद से रेलवे ने भीड़ नियंत्रण के उपायों को और कड़ा कर दिया है। इसी तर्ज पर पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भी मुंबई और गुजरात के कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। पश्चिम रेलवे के बयान के अनुसार, 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मुंबई बांद्रा टर्मिनस, वापी, उधना और सूरत स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट नहीं बेचे जाएंगे। वहीं, मध्य रेलवे ने भी मुंबई डिवीजन के प्रमुख स्टेशनों- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT), ठाणे, कल्याण और पनवेल पर इसी अवधि में यह प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है, लेकिन भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन परिसर में केवल यात्रियों को प्रवेश देना ही सबसे प्रभावी उपाय है। इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी की घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।

मोदी-योगी के नेतृत्व में विश्व पटल पर दिव्य स्वरूप में उभर रही अयोध्या : माणिक साहा

-त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने किए रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन -अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत -बोले, यह परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण अयोध्या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन कर देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर संकटमोचक बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साहा ने अयोध्या के तीर्थक्षेत्र के बदलते स्वरूप और तीव्र विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या आज एक नए, भव्य और दिव्य स्वरूप में विश्व पटल पर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण भी है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री माणिक साहा का अयोध्या आगमन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। अयोध्या आज विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और यह श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

पंजाब बोर्ड के छात्र ध्यान दें: 31 अक्टूबर तक का सुनहरा मौका!

पंजाब  देश भर में लोगों द्वारा दिवाली की तैयारियां की जा रही है। दिवाली का त्योहार के पास आते ही लोगों को छुट्टियों का इंतजार होगा है ताकि वह आराम से त्योहार मना सकें। दिवाली के त्योहार को लेकर छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि इस वर्ष पंचांग के अनुसार दिवाली 20 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर अगले दिन 21 अक्टूबर की शाम तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है, इसलिए दिवाली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी।     इसके चलते पंजाब में इस साल 20 अक्टूबर को दिवाली, 22 अक्टूबर को विश्वकर्मा दिवस और गोवर्धन पूजा, और 23 अक्टूबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुरु गद्दी दिवस पर अवकाश रहेगा। लगातार आ रही छुट्टियों के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर पाई जा रही है।  

EOW की बड़ी कार्रवाई: सौम्या चौरसिया पर करोड़ों की संपत्ति जब्त, 8000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नौकरशाह सौम्या चौरसिया के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर की गई। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत 8000 पन्नों की चार्जशीट को  माननीय विशेष न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया। राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की 2008 बैच की अधिकारी चौरसिया, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार (2018-2023) में मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर कार्यरत थीं। अधिकारियों ने बताया कि चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। इसके साथ ही कोयला, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) और अन्य घोटाले मामलों में भी चौरसिया आरोपी रहीं हैं। परिजनों के नाम पर करोड़ों का निवेश अधिकारियों ने बताया, 'सौम्या चौरसिया पर अपने परिवारजनों और परिचित व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश करने का आरोप है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298 रूपए की अवैध कमाई की है।' इनकम से हजारों गुना अधिक संपत्ति का खुलासा अधिकारियों ने बताया कि सौम्या चौरसिया की पहली नियुक्ति बिलासपुर जिले की डेप्युटी कलेक्टर के रूप में हुई थी। इससे पहले वह वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं। 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175 रुपये थी। वहीं, उनका लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार सौम्या चौरसिया ने अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की। अब तक का सबसे बड़ा केस ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा केस है। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। पिछले महीने, ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चौरसिया की आठ करोड़ रुपये मूल्य की 16 संपत्तियां कुर्क की थीं।  

अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, मिलेगा सम्मानजनक नया दर्जा

प्रत्येक विद्यालय में स्थापित होगी इनोवेशन लैब, विद्यार्थियों में बढ़ेगा वैज्ञानिक दृष्टिकोण सभी छात्रों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ, मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बनेगा अटल विद्यालय लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर संवेदनशील निर्णय लेते हुए समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक पहचान देने का कार्य किया है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) कार्यालय में आयोजित अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि अब तक "निराश्रित/अनाथ" कहे जाने वाले विद्यार्थी भविष्य में "राज्याश्रित" कहलाएंगे। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, द्वारा की गई। बैठक में श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही,  महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के बी.के. सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। "राज्याश्रित" शब्द का होगा उपयोग बैठक में लिए गए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अटल आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कोविड-19 काल में निराश्रित हुए अथवा मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को “राज्याश्रित” कहा जाएगा। यह निर्णय विद्यार्थियों को आत्मगौरव और सम्मानजनक सामाजिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह कदम उन बच्चों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरने की दिशा में एक नई शुरुआत है, जो अब "निराश्रित" नहीं बल्कि "राज्याश्रित" कहलाएंगे। CBSE के माध्यम से केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा एक अन्य निर्णय में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश परीक्षा सेंट्रलाइज एंट्रेंस टेस्ट (सीबीएसई) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, ताकि सभी विद्यालयों में चयन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। इनोवेशन लैब की होगी स्थापना इसके साथ ही, प्रत्येक विद्यालय में इनोवेशन लैब भी बनाई जाएगी जिससे विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता का विकास हो। इस निर्णय से विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा।  सभी छात्रों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समिति ने सभी छात्र-छात्राओं को हेल्थ इंशयोरेंस के दायरे में लाने का निर्णय लिया है, ताकि हर विद्यार्थी को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सर्वांगीण विकास पर जोर बैठक में छात्रों के सर्वागीण विकास पर जोर दिया गया। हॉस्टल व्यवस्था, पोषण, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से संबंधित सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुन्दरम् ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर अटल आवासीय विद्यालयों को देश के मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करें।

कैशलेस इलाज में ठगी! MP के कई अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों से वसूल रहे एक्स्ट्रा चार्ज

भोपाल  नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के निर्देश पर भोपाल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के पहले दिन योजना से जुड़ी चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। योजना के तहत हर मरीज को केशलेस और मुफ्त इलाज मिलना चाहिए, लेकिन कुछ अस्पताल एक्स्ट्रा चार्ज या अन्य बहानों से अवैध वसूली कर रहे हैं। ऐसे कई शिकायतें हमें मिली हैं। योगेश भरसट ने कहा कि इन शिकायतों का सत्यापन कर समाधान निकालना भी चुनौतीपूर्ण काम है। धोखाधड़ी रोकने के लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है। यदि किसी मरीज को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ता है और वह प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मरीज को उसका पैसा दिलाने के साथ-साथ संबंधित अस्पताल पर तीन गुना तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ एक से अधिक शिकायतें पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। कार्यशाला में कुल 27 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से योजना से जुड़े दो-दो अधिकारी शामिल हुए। साथ में NHA के अधिकारियों ने भी भाग लिया। दूरदराज इलाकों में अस्पतालों की कमी भी समस्या योगेश भरसट ने यह भी स्वीकार किया कि भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे महानगरों में योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या अच्छी है और मरीजों को योजना के तहत इलाज आसानी से मिल रहा है। लेकिन अलीराजपुर, अनूपपुर, मऊगंज, पंडुगा, निवाड़ी जैसे दूरदराज जिलों में अस्पतालों की कमी है, जिससे वहां के मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता है और यात्रा, ठहरने व अन्य खर्च बढ़ जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए इन क्षेत्रों में नए अस्पताल खोजकर उन्हें योजना से जोड़े जाने की कार्रवाई तेज की जाएगी। सात साल पूरे होने पर कार्यशाला यह कार्यशाला आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के सात साल पूरे होने पर इसे नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इस योजना की शुरुआत 2018 में झारखंड से की गई थी और अब 2030 तक AB-PMJAY 2.0 के रूप में इसे और अधिक सक्षम बनाना लक्ष्य है। कार्यशाला में बीते सात वर्षों में मिली उपलब्धियों और आयी समस्याओं पर भी चर्चा हुई ताकि सफल मॉडलों को अन्य राज्यों में अपनाया जा सके। एमपी के इन इनिशिएटिवों पर अन्य राज्य भी काम करेंगे मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने लाभार्थियों को योजना से जुड़ी जानकारी देने के लिए आयुष्मान चैटबॉट शुरू किया। यह व्यवस्था अब पूरे देश में लागू करने की रूपरेखा पर है। इसके अलावा मध्यप्रदेश आयुष्मान डिजिटल मिशन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां आयुष्मान आईडी बनाने से लेकर मरीजों के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में अपलोड किए जा रहे हैं। क्वालिटी हेल्थ प्रोवाइडर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश ने बड़े शहरों में केवल NABH से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को ही पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया है। एमपी की 7 साल की प्रमुख उपलब्धियां • 4.30 करोड़ लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया। • 50 लाख रुपए का फ्री क्लेम पास किया गया। • 8,000 करोड़ रुपए के बिल पास किए गए। क्वालिटी सुनिश्चित करने के कदम योगेश भरसट ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 650 NABH-प्रमाणित अस्पताल हैं, जिनमें से करीब 200 सिर्फ भोपाल में स्थित हैं। प्रदेश का प्रयास है कि बड़े शहरों में केवल NABH-प्रमाणित अस्पतालों को ही योजना से जोड़ा जाए ताकि उपचार की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। इस नीति पर अस्पतालों की कुछ आपत्तियों पर आगे चर्चा की जाएगी और एग्जीक्यूटिव कमेटी में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।