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मुख्य आरोपी पर कार्रवाई: रायबरेली में दलित हत्या का आरोपी पैर में गोली लगने से हुआ लंगड़ा

रायबरेली  यूपी के रायबरेली में चर्चित दलित हरिओम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक अग्रहरि को लंगड़ा कर गिरफ्तार कर लिया। एनकाउंटर के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस ने पकड़कर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डलमऊ में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को देर रात सूचना मिली कि हरिओम हत्याकांड का फरार मुख्य आरोपी दीपक अग्रहरि गंगा कटरी क्षेत्र की ओर भाग रहा है। सूचना पर एसओजी टीम, डलमऊ थाना पुलिस और ऊंचाहार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दीपक अग्रहरि के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। मौके से एक पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दीपक अग्रहरि हरिओम की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी। एसपी ने बताया कि आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसे उपचार के बाद जेल भेजा जाएगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या में और कौन-कौन शामिल था तथा वारदात के पीछे की असल वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।

सावित्री जिंदल का कमाल! सिर्फ 6 महीनों में 4.1 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी, बनीं देश की टॉप अमीर महिला

रोहतक   फोर्ब्स इंडिया की हाल ही में जारी रिच लिस्ट 2025 में हरियाणा की हिसार से विधायक और ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल को भारत की सबसे अमीर महिला घोषित किया गया है। उनकी कुल संपत्ति 39.6 बिलियन डॉलर (करीब 3.3 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है, जिससे वे मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी के बाद भारत की तीसरी सबसे अमीर व्यक्ति बन गई हैं। वैश्विक स्तर पर वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों में 48वें स्थान पर हैं। छह महीने में 4.1 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रकाशित फोर्ब्स बिलियनेयर लिस्ट के अनुसार, सावित्री जिंदल की संपत्ति 35.5 बिलियन डॉलर थी। मात्र छह महीने में उनकी संपत्ति में 4.1 बिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत के टॉप 100 अमीरों की कुल नेटवर्थ में 9% की गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 88 लाख करोड़ रुपये) रह गई है। 2024 में यह आंकड़ा 1.1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 97 लाख करोड़ रुपये) था। राजनेता और उद्योगपति परिवार की मुखिया सावित्री जिंदल, हरियाणा की हिसार विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे जिंदल समूह के संस्थापक दिवंगत ओम प्रकाश जिंदल की पत्नी हैं, जिनकी वर्ष 2005 में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद जिंदल ग्रुप का नेतृत्व सावित्री जिंदल ने संभाला, और अब यह व्यापार साम्राज्य उनके चार बेटों के बीच विभाजित है। उनका बेटा नवीन जिंदल, वर्तमान में कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। जिंदल समूह का विस्तार कई क्षेत्रों में जिंदल समूह आज इस्पात, बिजली, सीमेंट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति रखता है। मुंबई स्थित सज्जन जिंदल, JSW Steel, JSW Cement और JSW Paints का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 2023 में JSW इंफ्रास्ट्रक्चर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया था। 2024 में, सज्जन जिंदल ने एमजी मोटर इंडिया में 35% हिस्सेदारी खरीदकर इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में बड़ा निवेश किया। दिल्ली स्थित नवीन जिंदल, जिंदल स्टील एंड पावर (JSP) का संचालन कर रहे हैं, जो देश के प्रमुख स्टील उत्पादकों में शामिल है। जिंदल परिवार की बढ़ती आर्थिक ताकत सावित्री जिंदल की यह उपलब्धि न केवल हरियाणा के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दर्शाती है कि पारिवारिक व्यवसायों में महिलाओं की भूमिका कितनी निर्णायक हो सकती है। आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी जिंदल समूह की निरंतर प्रगति इस बात का संकेत है कि स्मार्ट निवेश और विविधीकरण से किस तरह दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सक्रिय, ADGP आत्महत्या मामले में चंडीगढ़ प्रशासन से मांगा जवाब

चंडीगढ़  राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।  आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले में पूछताछ करने का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट में सभी आरोपियों के नाम, एफआईआर संख्या, तारीख और धाराएं, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को दी गई मुआवजा राशि को जरूर शामिल किया जाए। आयोग की ओर से मुख्य सचिव व डीजीपी को भेजे गए पत्र में कहा गया है यदि आयोग को निर्धारित समय के भीतर आपसे कोई जवाब नहीं मिलता है, तो आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत दी गई सिविल अदालतों की शक्तियों का प्रयोग कर आपको व्यक्तिगत या आपके प्रतिनिधि को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है। आयोग ने यह नोटिस हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या करने के दो दिन बाद जारी किया है। वाई पूरण कुमार के समर्थन में आए अधिकारी, कार्रवाई की मांग  आईपीएस वाई पूरण कुमार का आत्महत्या केस तूल पकड़ता जा रहा है। दलित वर्ग के अफसर इस मामले में एकजुट हैं और वह कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन भी वाई पूरन कुमार के परिवार के समर्थन में उतर आई।  एसोसिएशन ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि वाई पूरण कुमार के मामले को अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ निपटाया जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज की जाए और नए आपराधिक कानूनों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की जाए। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि इस मामले में आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटा दिया जाए ताकि जांच में कोई व्यवधान न आए। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस तरह से रोहतक एसपी ने सीधे तौर पर वाई पूरण का नाम लिया है, उससे जाहिर होता है कि उसे किसी ने आदेश दिया था। कुल मिलाकर यह एक सोची समझी साजिश है, जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एचसीएस शंभू ने बताया कि संघ के सभी अधिकारी दुख की घड़ी में अमनीत पी. कुमार के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता और नैतिक समर्थन व्यक्त करता है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और वाई पूरण कुमार को न्याय मिलना चाहिए।  

अब स्कूल टाइम में कहां गए, क्यों गए – हरियाणा में टीचर्स को रजिस्टर में करनी होगी एंट्री

चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचरों को अब अपनी हर गतिविधि की जानकारी मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यानी कि वे स्कूल टाइम के दौरान कहा और किस काम से गए थे। इन सब का ब्यौरा मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से यह नियम हाजिरी लगाकर स्कूल छोड़ देने वाले टीचरों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचर फॅरलो नहीं मार पाएंगे। विभाग ने हर स्कूल में मूवमेंट रजिस्ट मैंटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हर स्कूल में अब डेली मूवमेंट रजिस्टर मैंटेन होगा। स्कूल मुखिया दैनिक आधार पर मूवमेंट रजिस्टर को डेली मूवमेंट का दर्ज कर अपनी टिप्पणी सहित हस्ताक्षर करने होंगे। आदेशों में साफ कहा गया है कि मुख्यालय द्वारा किसी सरकारी स्कूल की रैंडम चेकिंग हो सकती है। अगर इन आदेशों की पालना नहीं होती तो है मुख्यालय के द्वारा संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  हरियाणा विधानसभा की विषय समिति की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की ओर से फैसला लिया गया है। विधानसभा की विषय समिति ने बजट अधिवेशन के दौरान अपनी 10वीं रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। जिसे अब लागू करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी बीईओ, डीईईओ और डीपीसी के नाम पत्र जारी किया है।  शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक अगर कोई भी कर्मचारी स्कूल समय में किसी सरकारी कार्य से बाहर जाता है तो वापसी में अपनी हाजिरी रिपोर्ट वहां से लेकर आएगी। वो हाजिरी रिपोर्ट प्रमाण के तौर पर स्कूल के मूवमेंट रजिस्टर में पेस्ट करनी होगी। उच्च अधिकारियों के स्कूल विजिट के दौरान उन्हें मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन करवा कर उनसे साइन करवाने होंगे।  प्रदेश के हर बीईओ, डीईईओ और डीपीसी को प्रत्येक माह कम से कम 15 स्कूलों के हाजिरी व मूवमेंट रजिस्टर की जांच करनी होगी। यदि किसी स्कूल में प्रॉपर रजिस्टर मैंटेन नहीं किया गया है तो इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। जिला मुख्यालय द्वारा एक माह के दौरान इस प्रकार कार्यवाही करनी होगी।  

ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले के विकासखंड निवास अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहपानी में 3 सितंबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम सभा की पूर्व संध्या पर पंचायत पदाधिकारियों के निर्देशानुसार ग्राम कोटवार द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सूचना दी गई थी। निर्धारित तिथि पर ग्रामवासी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम सभा स्थल पर पहुँचे, परंतु नोडल अधिकारी मुकेश पटेल, पटवारी की अनुपस्थिति से ग्राम सभा में असंतोष का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने काफी देर तक संबंधित अधिकारियों के आने का इंतजार किया, पर कोई उपस्थित नहीं हुआ। अंततः ग्राम सभा की कार्यवाही ग्राम सभा अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति में संपन्न कराई गई। ग्रामीणों में असंतोष- ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं का आयोजन जनता की समस्याओं के समाधान एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से किया जाता है। इन सभाओं के माध्यम से विभागीय अधिकारी सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होती है। परंतु नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण न तो अपनी शिकायत रख पाए और न ही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके। ग्रामीणों के आरोप- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब आम हो गया है। पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, एवं राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेजों में सुधार जैसे मुद्दों के समाधान के लिए अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लिया जाए और अनुपस्थित नोडल अधिकारी मुकेश पटेल (पटवारी) पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्राम सभा की महत्ता बनी रहे। ग्राम सभा में सचिव, सरपंच, विभिन्न एनजीओ पदाधिकारी एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इनका कहना है- “ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी में शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें नोडल अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य थी। परंतु पटवारी मुकेश पटेल अनुपस्थित रहे। ग्रामीणों की अनेकों राजस्व संबंधी समस्याएँ लंबित हैं, साथ ही ग्राम पंचायत मोहपानी में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उनका समय पर उपस्थित न होना आम बात है। हम चाहते हैं कि क्षेत्र के अनुरूप किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए।”    

देर रात राजवाड़ा में प्रशासन-व्यापारी बैठक, इंदौर के लिए तय हुए 5 बड़े बदलाव

इंदौर  इंदौर शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सराफा एसोसिएशन, शीतलामाता बाजार, बर्तन बाजार, और कपड़ा बाजार सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सुझावों को सुनकर यातायात व्यवस्था में सुधार करना था। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी संतोष कौल, एसीपी रेखा परिहार, एसीपी हेमंत चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजवाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के सहयोग से संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाए जाएंगे। व्यापारियों ने उठाईं ये समस्याएं बैठक के दौरान व्यापारियों ने डीसीपी के समक्ष कई प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें सवारी रिक्शा में माल ढुलाई, शीतलामाता बाजार और अन्य बाजारों में ठेलों और रिक्शाओं के कारण होने वाले यातायात अवरोध, और सराफा बाजार में चौपाटी के ठेलों का शाम 7 बजे से लगना प्रमुख था, जिससे यातायात बाधित होता है। डीसीपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए, डीसीपी आनंद कलादगी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए: अवैध लोडिंग पर कार्रवाई: सवारी रिक्शा में माल ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग का सही उपयोग: बालाजी टावर के पीछे, गोराकुंड, सुभाष चौक और फ्रूट मार्केट की स्मार्ट पार्किंग का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों ने भी अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्किंग में रखने पर सहमति जताई। अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम, यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण और ठेलों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगी। नो-पार्किंग जोन में सख्ती: सड़कों पर बेतरतीब ढंग से और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्रेन के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी सफेद मार्किंग के बाहर वाहन न खड़े करने की चेतावनी दी गई है। वन-वे और नो-एंट्री: गोराकुंड से नरसिंह बाजार की ओर का मार्ग नो-एंट्री रहेगा, जबकि नरसिंह बाजार से गोराकुंड की ओर का मार्ग वन-वे के रूप में संचालित होगा। 

हरजोत बैंस का बड़ा कदम: पंजाब के स्कूलों में अब ऐसे होंगे बदलाव

चंडीगढ़ पंजाब के शिक्षा मंत्री और श्री आनंदपुर साहिब हलके के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने आज अपने क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने ऐलान किया कि शहर में आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे नंगल शहर के लोगों को सतलुज नदी का साफ और शुद्ध पानी मिलेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16 करोड़ रुपये होगी और अगले 18 महीनों के भीतर लोगों को सतलुज का साफ पानी मिलना शुरू हो जाएगा। हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 16 करोड़ रुपये के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत 2 नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे और 4 मौजूदा प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे अगले 18 महीनों के भीतर नंगल शहर के हर घर में साफ और शुद्ध पानी पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शहर का भू-जल पीने योग्य नहीं है, और यह बड़ी विडंबना है कि जिस शहर से सतलुज नदी की शुरुआत होती है, वहां के लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।  

दवा घोटाला: बच्चों की 5 मेडिसिन फेल, MPMCCL ने 19 दवाओं पर लगाई रोक

भोपाल  मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMCCL) ने घटिया गुणवत्ता के कारण इस साल अब तक 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें से 5 दवाएं ऐसी हैं जो बच्चों को दी जाती थीं, जिससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इन ब्लैकलिस्ट दवाओं में पेरासिटामोल ड्रॉप्स, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, थायमिन टैबलेट्स, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर बुखार, दर्द, पोषण की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं में बच्चों को दिया जाता है।  मार्च 2025 में पेरासिटामोल ड्रॉप्स को गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, जेंटामाइसिन इंजेक्शन (40 mg/ml), जो आंखों और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होती थी, को अक्टूबर 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया। थायमिन टैबलेट्स IP 100 mg, जो बच्चों में विटामिन B1 की कमी दूर करने के लिए दी जाती थीं, जनवरी 2025 में बाजार से हटाई गईं। मल्टीविटामिन टैबलेट्स, जिनमें बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C शामिल हैं, मई माह में गुणवत्ता जांच में फेल पाई गईं। वहीं एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C 100 mg), जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाती थी, को मई 2025 में ही ब्लैकलिस्ट किया गया। एमपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन  ने भी बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में बच्चों में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दवा नियंत्रण प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। साथ ही सवाल उठाया है कि सरकार को प्रतिबंधित दवाओं वाली कंपनियों की भी जांच करने की पहल करनी चाहिए। इससे गड़बड़ियां पर रोक लगेगी। बता दें  छिंदवाड़ा की घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हो रहे कार्यक्रम से आत्मनिर्भर भारत को मिल रही गति

सीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हो रहे कार्यक्रम से आत्मनिर्भर भारत को मिल रही गति दीपावली पर स्थानीय उत्पादों को मिल रहा नया बाजार, कारीगरों और उद्यमियों की दीवाली होगी समृद्ध  आर्थिक मजबूती के साथ ही स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों का बढ़ रहा सामाजिक सम्मान  स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्थानीय उद्योग, कला और संस्कृति को मिल रही वैश्विक पहचान स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि जब स्थानीय उत्पादों को सम्मान मिलेगा, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उनकी यही सोच अब प्रदेश के हर जिले में स्वदेशी मेलों के रूप में जमीन पर उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किए जा रहे “स्वदेशी मेले” न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सशक्त बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वदेशी मिशन को आगे बढ़ाते हुए, यह पहल दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान दोनों प्रदान कर रही है।  सीएम योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि स्वदेशी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवनशक्ति है। उनकी नीति है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने आस-पास निर्मित उत्पादों को अपनाए और राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाए। यह स्वदेशी मेले“स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं”के नारे को ही जीवंत बना रहे हैं।  स्थानीय से वैश्विक पहुंच तक मिल रहा विस्तार  स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इन मेलों में न केवल हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बाजार मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी देशी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का सीधा अनुभव होगा। इसके जरिए स्वदेशी उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा, जबकि हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध हो रहा है। यही नहीं, उत्पादकों को उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं, पारंपरिक कला और शिल्प को जीवित रखने के मिशन को भी बल मिल रहा है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन भी हो रहा है।  करोड़ों रुपए का हो सकता है व्यापार मुख्यमंत्री योगी की इस पहल से जनपद स्तर पर करोड़ों रुपए का व्यापार होने की संभावना है। यूपीआईटीएस में हाल ही में इसकी झलक देखने को मिली है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नया प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तो वहीं स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी और महिला उद्यमियों को भी नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बल मिलेगा।  सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण स्वदेशी मेला सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का उत्सव भी है। इसमें हथकरघा, खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक रंगत का प्रदर्शन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मेलों को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी आयोजित किया जाएगा। संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का आकर्षण बढ़ाएंगी। उपभोक्ताओं को भी मिलेगा विशेष आर्थिक लाभ मेले में उपभोक्ताओं को भी विशेष लाभ मिलेगा। उन्हें जीएसटी की दरों में विशेष छूट का लाभ होगा, जबकि दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें भी मिल रही हैं। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे मूल्य में पारदर्शिता रहेगी। इस पहल से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। लघु उद्योगों को प्रत्यक्ष बाजार के साथ ही निर्यात की संभावनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।  विभागों की सक्रिय भागीदारी इन मेलों में उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, ओडीओपी, सीएम युवा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा। सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।

सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, हर पीड़ित की समस्या का हो समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण गोरखपुर  गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से सबातचीत करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।