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CM भगवंत मान के गढ़ में AAP को नुकसान, संगरूर में 8 पार्षदों ने छोड़ा साथ

संगरूर पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान को उनके अपने ही गृह जिले में तगड़ा झटका लगा है. संगरूर में आम आदमी पार्टी के 8 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़ दिया है. इन पार्षदों ने नगरपालिका के अध्‍यक्ष के प्रति अपनी नाखुशी जताई है. संगरूर नगर परिषद (MC) के आठ पार्षदों (जिनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इन पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष से असंतोष और वरिष्ठ नेताओं के उपेक्षापूर्ण रवैये को अपनी नाराजगी का कारण बताया है. इस्तीफा देने वालों में विनयपाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीति जैन के पति), उपाध्यक्ष कृष्ण लाल विक्की, हरप्रीत सिंह सेखों, प्रदीप कुमार पुरी, अवतार सिंह तारा, परमिंदर सिंह पिंकी, जगजीत सिंह काला और हरबंस लाल (पार्षद गुरदीप कौर के पति) शामिल हैं. सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पार्षद विनयपाल ने कहा, ‘हम आठ पार्षद (जिनमें तीन AAP के और पांच निर्दलीय जो बाद में पार्टी में शामिल हुए थे) ने इस्तीफा दे दिया है. नगर परिषद अध्यक्ष विकास कार्यों को नहीं कर रहे हैं और उनका व्यवहार असहनीय हो गया है.’ इसी तरह प्रदीप पुरी ने कहा, ‘हमने मुख्यमंत्री और पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया से अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. हमने करीब पखवाड़े पहले इस्तीफा सौंपा था, अब इसे सार्वजनिक किया है. हम जल्द ही परिषद अध्यक्ष से सदन में बहुमत साबित करने की मांग करेंगे.’ हालांकि, नगर परिषद अध्यक्ष भूपिंदर सिंह नाहल ने दावा किया कि सभी सात मूल AAP पार्षद अब भी पार्टी के साथ हैं. उन्होंने कहा, ‘केवल पांच निर्दलीय, जिन्होंने बाद में पार्टी जॉइन की थी, बाहर गए हैं. वे जल्द लौट आएंगे. नगर में विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं.’ जानकारों के अनुसार, यदि ये असंतुष्ट पार्षद दोबारा पार्टी में नहीं लौटे या AAP बहुमत बनाए रखने में विफल रही, तो नगर परिषद पर उसका नियंत्रण खत्म हो सकता है. गौरतलब है कि संगरूर को AAP का शक्ति केंद्र माना जाता है, जहां से मुख्यमंत्री भगवंत मान और तीन मंत्री (हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर कुमार गोयल और अमन अरोड़ा) आते हैं. पिछले वर्ष हुए नगर परिषद चुनाव में AAP को 29 में से केवल सात सीटें मिली थीं. बाद में अप्रैल में पांच निर्दलीय पार्षदों के पार्टी में शामिल होने से उसकी संख्या 12 हो गई थी. वर्तमान में कांग्रेस के पास 9 और बीजेपी के पास तीन पार्षद हैं. वहीं, संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भाराज और सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा (दोनों AAP के) नगर परिषद में एक्स-ऑफिशियो सदस्य के रूप में मतदान अधिकार रखते हैं. यदि असंतोष दूर नहीं हुआ तो यह झटका संगरूर में AAP की राजनीतिक पकड़ को कमजोर कर सकता है.  

पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की

पंजाब  पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में ICE बरामद की है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने पंजाब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर भैणी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण के दौरान 3 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) बरामद किया। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साझा की।  DGP Punjab ने ट्वीट साझा करके बताया कि पंजाब पुलिस ने बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए भैनी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण किया जिस दौरान भारी मात्रा  ICE  बरामद हुई है। घरिंडा पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि, पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने नशा मुक्त पंजाब बनाने के लिए वचनबद्ध है। 

बिना वोटर ID भी मिलेगा वोट डालने का अधिकार, ECI बोले – पहचान की प्रक्रिया होगी सुनिश्चित

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं लेकिन उनके पास मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) नहीं है तो भी वे वोट डाल सकते हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए 12 विकल्प दिए गए हैं। यह निर्देश आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से दिया, ताकि ऐसे मतदाता भी आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें जिनके पास मतदान के समय वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता निम्नलिखित पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकते हैं। 1. आधार कार्ड 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक 4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6. पैन कार्ड (PAN Card) 7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज 10. केंद्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र 11. सांसद (MP), विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC) को जारी आधिकारिक पहचान पत्र 12. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड हालांकि चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार और जिन आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वहां लगभग सभी मतदाताओं को EPIC कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर EPIC कार्ड प्रदान कर दिए जाएं। चुनाव आयोग ने दोहराया कि मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को है जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। पहचान पत्र दिखाना आवश्यक है, परंतु नाम सूची में न होने पर कोई भी व्यक्ति मतदान नहीं कर सकेगा। आयोग ने इस बार बुर्का या पर्दा ओढ़ने वाली महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा, “पर्दानशीन महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने हेतु महिला मतदान अधिकारियों और सहायक कर्मियों की उपस्थिति में उनकी पहचान की जाएगी।” आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों के चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इस वर्ष 24 जून तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी, जबकि 1 अगस्त 2025 की ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए। आयोग ने बताया कि करीब 65 लाख नामों को हटाया गया है।

रिटायर्ड इंजीनियर के साम्राज्य पर छापेमारी, आलीशान फार्महाउस से निकला सोना, कैश और टनों शहद

भोपाल मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा (गोविंद प्रसाद मेहरा) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ा छापा मारा है. फरवरी 2024 में रिटायर हुए मेहरा पर अपने पूरे सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार से वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.  लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख की अगुवाई में पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के भोपाल, गोविंदपुरा और नर्मदापुरम में चार ठिकानों पर छापा मारा गया. देखिए कहां से क्या मिला?  सोहागपुर (नर्मदापुरम): सैनी गांव में छापेमारी के दौरान मिनी मालदीव की तर्ज पर एक रिसॉर्ट बनाने की तैयारी का खुलासा हुआ. यहां  – 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 निर्मित कॉटेज मिले. – 17 टन शहद और 2 बड़े तालाब (संभवतः रिसॉर्ट के लिए) मिले. – कृषि भूमि, महंगे 6 ट्रैक्टर सहित कृषि उपकरण, 2 गौशाला और 2 मछली पालन केंद्र की जानकारी मिली. तालाब किनारे बना रहे थे कॉटेज. ओपल रेजेंसी (भोपाल): इस फ्लैट में बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी मिला. – करीब ₹26 लाख नकद बरामद. – 2 किलो 649 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत लगभग ₹3 करोड़ 5 लाख)  – 5 किलो 523 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख 93 हजार)  इंजीनियर की 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली. मणीपुरम कॉलोनी (भोपाल): पॉश कॉलोनी स्थित निवास से कुल ₹8 लाख 79 हजार नकद, लगभग ₹50 लाख के सोने-चांदी के जेवर, ₹56 लाख की फिक्स डिपॉजिट (FD) और लगभग ₹60 लाख का अन्य सामान मिला. फैक्ट्री और लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं केटी इंडस्ट्रीज (गोविंदपुरा): पीवीसी पाइप बनाने वाली इस फैक्ट्री में कच्चा और तैयार माल मिला. इसमें रोहित मेहरा के साथ कैलाश नायक की पार्टनरशिप की जानकारी मिली. फैक्ट्री से लगभग ₹1.25 लाख नकद मिले. भोपाल गोविंदपुरा एरिया में फैक्ट्री मिली. गाड़ियां: जीपी मेहरा के परिवार के सदस्यों के नाम पर 4 फोर-व्हीलर वाहन (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज) होने की जानकारी भी मिली है.  लोकायुक्त पुलिस ने जीपी मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. संपत्ति संबंधी दस्तावेज, एफडी, शेयर और बीमा संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है और छापे की कार्यवाही अभी भी जारी है. 

शिक्षा विभाग एक्शन में, प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजकर दी अंतिम चेतावनी

लुधियाना लुधियाना जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ.) ने 393 प्राइवेट स्कूलों को सख्त नोटिस जारी किया है। स्कूलों को कहा गया है कि वे SHVR(स्वच्छ और हरित विद्यालय ) पोर्टल पर आज दोपहर 2 बजे तक अपना डाटा भरें, अन्यथा उनकी एन.ओ.सी. रद्द कर दी जाएगी। शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने स्पष्ट किया कि बिना एन.ओ.सी. के कोई स्कूल संचालित नहीं हो सकता। स्कूल प्रिंसिपल डाटा भरने के बाद कम्प्लीशन सर्टिफिकेट ब्लॉक नोडल अधिकारी को जमा करेंगे। SHVR पोर्टल भारत सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा और हरित बनाना है। स्कूलों को पोर्टल पर अपने प्रांगण, क्लासरूम, लड़कियों के टॉयलेट और पेड़-पौधों की जानकारी के साथ फोटो और वीडियो भी अपलोड करनी होगी।  

Cough Syrup Case: SIT ने कंपनी मालिक को किया गिरफ्तार, परासिया थाने में पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश करेगी

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के मालिक रंगनाथन को एमपी पुलिस SIT टीम छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी मिल रही है कि SIT उसे थोड़ी देर में परासिया कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है। बता दें कि रंगनाथन को एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश रही थी। तमिलनाडु और चेन्नई में छापामारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार को SIT ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर एमपी लाया गया है। बता दें कि उसे नागपुर एयरपोर्ट से एसआईटी की आधी टीम एमपी लेकर पहुंची है। जबकि आधी टीम वहीं रह गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा जानकारी मिल रही है कि आरोपी रंगनाथन को लेकर एमपी पुलिस की एसआईटी टीम परासिया थाने पहुंच चुकी है। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। टीम ने साइबर सेल के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चेन्नई से ही गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकार्ड भी जब्त किया है। प्रदेश में जहरीली कफ सीरप पीने के बाद हुए संक्रमण से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिलों के 21 और बैतूल के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन बच्चों का अभी नागपुर में उपचार चल रहा है। रंगनाथन गोविंदन को छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई SIT टीम गुरुवार की रात फ्लाइट से एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर रवाना हुई और सुबह करीब 6 बजे नागपुर पहुंची. यहां पहुंचते ही एसआईटी रंगनाथन को दौड़ाते हुए कार की तरफ ले गई. इसके बाद टीम कार से छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई है. ऐसे गिरफ्तार हुआ था रंगनाथन बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार तड़के लगभग 1:30 बजे चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक और जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, रंगनाथन घटना के बाद से अपनी पत्नी के साथ फरार था. पुलिस ने सटीक इनपुट्स के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी. श्रीसन फार्मा फैक्ट्री से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त एसडीओपी परासिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम 5 अक्टूबर को चेन्नई पहुंची थी. हालांकि इससे एक दिन पहले सिरप कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं गिरफ्तारी के बाद रंगनाथन को कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा फैक्ट्री ले जाया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद पुलिस अब चेन्नई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आरोपी को छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव पारित, इंदौर मेयर का तीखा हमला – कांग्रेस की मंशा पर उठे सवाल

इंदौर नगर निगम परिषद में गुरुवार को हुए सम्मेलन में माहौल बेहद गरम रहा। परिषद की बैठक में पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ को पार्षदी पद से निष्कासित करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हुआ, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यों से न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि भी धूमिल हुई है। महापौर ने सदन में कहा कि वर्ष 2003 में नगर निगम कानून में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया था कि परिषद के दो-तिहाई सदस्य को यदि लगता है कि किसी पार्षद का आचरण या उसके खिलाफ आरोप इतने गंभीर हैं कि उसका पद पर बने रहना निगम या शहर के हित में नहीं है, तो परिषद उसे पद से हटा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है। जब इस प्रावधान का सदुपयोग होना चाहिए। हमने संभागायुक्त को इस संबंध में सूचित किया था। उन्होंने भी पार्षद अनवर कादरी को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि संभागायुक्त न केवल उनकी पार्षदी समाप्त करेंगे, बल्कि उन्हें आगामी वर्षों में चुनाव लड़ने से भी रोकने का आदेश देंगे। लव जिहाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों का जिक्र महापौर ने कादरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर का चुना हुआ जनप्रतिनिधि यदि लव जिहाद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करे, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लव जिहाद के मामलों पर केरल हाईकोर्ट के निर्णय भी हैं और इससे जुड़े तथ्य सबके सामने हैं। इसके अलावा, जहां भी देशविरोधी गतिविधियों की बात आती है, वहां अनवर कादरी का नाम जुड़ता है। उन पर कई मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं, कई बार राज्य सुरक्षा कानून भी लगाया गया है। महापौर ने आगे कहा कि कादरी के खिलाफ कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से जारी बंदूक का लाइसेंस मिला था, जो खुद में सवाल खड़े करता है। ऐसे कृत्य नगर निगम और इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की साख को नुकसान पहुंचाते हैं। जब उनके खिलाफ आरोप लगे और वह फरार हुए, तब पूरे शहर में चर्चा रही। उनके वार्ड के लोग महीनों तक अपने पार्षद को ढूंढते रहे। जेल में रहना और फरार रहना, दोनों ही स्थितियां यह साबित करती हैं कि उनका पार्षद बने रहना अनुचित है। कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई महापौर ने सदन में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लव जिहाद के आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आज भी विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन छोड़कर चले गए। यह सवाल कांग्रेस नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि क्या पार्टी लव जिहाद जैसे मामलों का समर्थन करती है? महापौर ने मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी से पूछा की क्या कांग्रेस ऐसे पार्षदों का बचाव कर रही है? आखिर क्यों पार्टी ने अब तक उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया? सदन में प्रस्ताव पारित लंबी बहस और हंगामे के बीच सभापति ने प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम परिषद ने पार्षद अनवर कादरी को परिषद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास कर दिया। सदन के भीतर भाजपा पार्षदों ने तालियां बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया

जल संरक्षण में जनभागीदारी ही सफलता की कुंजी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुजलाम भारत’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय रायपुर “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, केलो और अन्य — प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं। ये नदियाँ न केवल धरती को उर्वर बनाती हैं, बल्कि कृषि, उद्योग और जीवन के हर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी रूपी कलश में केलो नदी का जल अर्पण इस बात का प्रतीक है कि हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेजकर रखना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के इस संकल्प को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली और समृद्धि से लहलहाती रहे। जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की संकल्पना की गई है। विभिन्न विभागों को एक-एक थीम पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 300 से अधिक लोगों ने, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपना पंजीयन कराया है। जल संरक्षण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। पिछले एक वर्ष में जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों ने जल संचयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक साढ़े तीन लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्यक्रम में पद्म मती फूलबासन बाई यादव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प: समग्र विकास के पथ पर अग्रसर होगा छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बेमेतरा जिले को 140.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण और बसनी में मिडिल स्कूल की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक  दीपेश साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री  राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, प्रहलाद रजक, विधायक  ईश्वर साहू और मती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल,  लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

ब्रिटेन से भारत तक निवेश की योजना: यूपी में मेगा प्रोजेक्ट लाएंगे मेयर राज मिश्रा

अयोध्या इंग्लैंड के वेलिंगबोरो शहर के मेयर राज मिश्रा अपने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ  आध्यात्मिक नगरी अयोध्या पहुंचे. यहां नगर निगम के महापौर और पार्षदों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान मेयर राज मिश्रा ने अयोध्या की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व की सराहना की और इसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रद्धा और आस्था का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजन अयोध्या को वैश्विक पहचान दे चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी लोग अयोध्या का नाम सुनकर यहां आने की इच्छा रखते हैं. मेयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण अयोध्या अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभरी है. किसान के बेटे से इंग्लैंड के मेयर तक राज मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव से हैं. उन्होंने अपने संघर्ष और सफर की कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने इंग्लैंड की राजनीति में अपनी पहचान बनाई. यह सफर उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा. अयोध्या में मेयर मिश्रा ने श्रीराम जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया. दर्शन के दौरान देरी होने पर उन्होंने प्रभु श्रीराम से क्षमा भी मांगी. इसके अलावा उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी भेंट की. राज मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की. यह निवेश AI Development Solution Project के तहत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में 1000 प्रत्यक्ष और 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार विकसित होंगे. उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अब अयोध्या प्रवासी भारतीयों के लिए श्रद्धा और गौरव का केंद्र बन चुकी है. मेयर मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और पर्यटन को मिली नई दिशा की सराहना की. उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन का सबसे सौभाग्यशाली क्षण बताया.