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सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

रायपुर एक महिला के लिए अपने नाम संपत्ति होना आर्थिक सुरक्षा का आधार बना और पंजीयन शुल्क में मिली बचत ने उसकी बेटी के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जोड़ दी। बलौदाबाजार की मती पायल भट्टर के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिली 50 प्रतिशत की पंजीयन शुल्क छूट महज आर्थिक राहत नहीं रही, बल्कि यह उनकी बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर बन गई। पंजीयन शुल्क में छूट से बचे 1 लाख 32 हजार रुपये उन्होंने अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिए हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी संवाद के दौरान मती पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची राशि को उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया। रजिस्ट्री में मिली राहत, बेटी के भविष्य के लिए बनी पूंजी मती पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में शिक्षा, जरूरत या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह राशि उसके काम आ सके। उनके लिए यह केवल रजिस्ट्री के खर्च में हुई बचत नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है। पायल भट्टर का अनुभव यह बताता है कि शासन की किसी नीति का लाभ जब परिवार की जरूरत और भविष्य की योजना से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव कागजों और आंकड़ों से आगे बढ़कर सीधे परिवार के जीवन में दिखाई देता है। महिला के नाम संपत्ति, परिवार के भविष्य को भी मजबूती मती भट्टर ने महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना उनके लिए इस निर्णय का एक अतिरिक्त लाभ बन गया। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क की छूट राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है। सेवा संकल्प अभियान : नीति से लाभ तक, हितग्राहियों से सीधा संवाद प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को अधिक सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जाना जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का लाभ नागरिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है। मती पायल भट्टर की कहानी इसी जमीनी बदलाव की एक मिसाल है, जहां पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की एक नई शुरुआत की है। पंजीयन शुल्क में मिली 1.32 लाख रुपये की बचत अब केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह एक मां की अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच, परिवार की आर्थिक योजना और शासन की नागरिक-केंद्रित पहल के प्रत्यक्ष प्रभाव की कहानी बन गई है।

छत्तीसगढ़ में कल बसों की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग को लेकर लिया फैसला

राजनांदगांव. बस ऑपरेटरों ने 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। ऐसे में यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती है हड़ताल के दौरान बसों के पहिए थमने से जिले के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में भी बस आपरेटर संघ द्वारा शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर जिले के बस ऑपरेटरों ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि लंबे समय से यात्री किराए में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय के दो बस स्टैंड से विभिन्न क्षेत्रों में 300 से अधिक वर्षों का संचालन होता है। बस ऑपरेटरों ने शासन से यात्री किराए में बढ़ोतरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के बीच वर्तमान किराया व्यवस्था में बस संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में बस संचालकों ने आंदोलन का ऐलान किया है। लंबे समय से किराया बढ़ाने जाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने लिंगराज मंदिर में सपत्नीक की पूजा-अर्चना

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

बालाघाट में उपद्रव के मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व सांसद समेत 63 पर केस दर्ज

बालाघाट. पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है। बालाघाट के किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है। एफआईआर में 100 से 200 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। थाने में घुसने और पथराव का आरोप एफआईआर के मुताबिक, 15 सितंबर को मरार माली समाज की रैली किरनापुर थाने के सामने पहुंची थी। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस का आरोप है कि भीड़ उत्तेजित हो गई और थाने के गेट को धकेलते हुए अंदर घुसने का प्रयास किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के भीतर पहुंच गए और पुलिस को रोकने पर ईंट-पत्थर, डंडे और रॉड से पथराव किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और थाने के भवन को भी नुकसान पहुंचा। मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस आरक्षक रवि जाटव की शिकायत पर पुलिस ने गैरकानूनी सभा, दंगा, लोकसेवक पर हमला, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। एससी-एसटी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे और सरपंच प्रकाश बाहे समेत 63 लोगों के नाम शामिल हैं। सीसीटीवी से हुई आरोपियों की पहचान पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से सात आरोपियों को 20 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। महिला से कथित मारपीट के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 15 सितंबर को टिमकीटोला निवासी महिला के साथ थाने में कथित मारपीट के विरोध में मरार माली समाज ने आंदोलन किया था। पुलिस के अनुसार, इसमें करीब 5 हजार लोग शामिल हुए थे। रैली के दौरान थाने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। शराब और पैसे बांटने के पुलिस के दावे की भी जांच पुलिस ने घटना के बाद दावा किया था कि उपद्रव में शामिल लोगों को थाने में मुफ्त शराब बांटी गई और पैसे दिए गए थे। यह पुलिस का दावा है और मामले की जांच के दौरान इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1975 के बालाघाट थाना कांड का जिक्र किया था, जिसमें उनका नाम भी आया था। अब किरनापुर थाना मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से किया संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देवास रोड स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा इन्फ्लुएंसरों से उज्जैन की प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए उनसे सवाल भी किए तथा विभिन्न महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों और स्थलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीर भारत संग्रहालय में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक के महान नायकों की गौरवगाथाओं को एक साथ देखने और समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय में भारत की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा, वैदिक काल, रामायण एवं महाभारत युग, विक्रमादित्य काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रनायकों के योगदान को एक समग्र रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में महान व्यक्तित्वों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन सर्प उद्यान (स्नेक पार्क) की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन को 'सर्प मित्र नगरी के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा गया है। सर्प उद्यान केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि सांपों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक महत्व तथा पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्पों के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए उनके संरक्षण और पर्यावरण में उनके योगदान की जानकारी आमजन तक पहुंचाना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ  महाकाल महालोक के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने उज्जैन की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा भगवान महाकाल की नगरी के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान से अवगत कराया। बिहार से आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल द्वारा उज्जैन प्रवास के दौरान आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों के अंतर्गत शहर में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी ली जाएगी। दल द्वारा उज्जैन के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर शहर में चल रहे विकास कार्यों, सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ संवाद के दौरान युवा इन्फ्लुएंसरों ने उज्जैन की ऐतिहासिकता, धार्मिक महत्व, पर्यटन विकास तथा आगामी सिंहस्थ महापर्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियों में रुचि दिखाई।

स्थानीय रहवासियों से किया संवाद, बच्चों से हाथ मिलाकर बढ़ाया उत्साह, चौड़ीकरण के लिए स्वेच्छा से सहयोग करने वाले नागरिकों का मुख्यमंत्री ने जताया आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सिंहस्थ महापर्व के लिए उज्जैन शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीलगंगा से केटीएम गैल इंडिया चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य तथा शांतिनगर से इंदौर रोड तक किए जा रहे नवीन मार्ग निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मार्ग में स्थानीय रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया और स्थानीय नागरिकों द्वारा शहर के विकास के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल मंदिर जाने का मुख्य मार्ग सिंधी कॉलोनी चौराहे से नानाखेड़ा बस स्टैंड तक है। नानाखेड़ा बस स्टैंड से आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेगा। यह शहर के मध्य से गुजरने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जो पुराने शहर को नए शहर से एलिवेटेड ब्रिज के माध्यम से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के नागरिकों ने स्वेच्छा से अपने मकानों को पीछे करने में सहयोग किया है। यह उज्जैन की गौरवशाली विरासत और यहां के नागरिकों की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देवस्थलों को लेकर भी नागरिकों ने सहजता से अपने मंदिरों को पीछे किया है। स्थानीय रहवासियों ने चौड़ीकरण कार्य के लिए अपने मकान, जमीन और दुकानें उपलब्ध कराकर सरकार के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर विकास कार्यों के लिए मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, वहां भी स्थानीय रहवासी फूलों से स्वागत कर रहे हैं। यह उज्जैन के नागरिकों के बड़े मन और विकास के प्रति उनकी सकारात्मक भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। उनकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की चिंता करना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है। उज्जैन के सभी समाजों के नागरिक शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों में सहयोग कर रहे है। उन्होंने कहा कि जिस भाव और समर्पण के साथ नागरिक चौड़ीकरण एवं अन्य विकास कार्यों में सहयोग कर रहे है, वह सराहनीय है, उसके लिए सभी नागरिकों को बधाई । सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ ठोस निर्णय लेते हुए उज्जैन में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करेगी। इन विकास कार्यों के माध्यम से उज्जैन के साथ ही प्रदेश और देश की छवि को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या मंर निरंतर वृद्धि हो रही है। पहले जहां लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु उज्जैन आते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 12 करोड़ से अधिक होने की दिशा में बढ़ रही है। अन्य राज्यों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि उज्जैन और इंदौर का क्षेत्र तेजी से धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी व्यापक परिवर्तन हो रहा है। आर्थिक विकास की दृष्टि से भी नए अवसर और संभावनाएं सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रही है। सड़क, यातायात, आवागमन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे है, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके।  

फरीदकोट में बड़ी ड्रग्स बरामदगी, 300 करोड़ की हेरोइन के साथ 4 तस्कर दबोचे

फरीदकोट. नशा विरोधी अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस की सीआईए टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार से 47 किलो 332 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, तीन विदेशी .30 बोर पिस्टल, मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिसकी इंटरनेशनल वेल्यू 315 करोड़ है। पुलिस ने मौके से ही कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ की टीम ने सादिक-दीप सिंह वाला मार्ग पर स्थित गांव काउंनी के पास एक गुप्त सूचना और सुरक्षा जांच के सिलसिले में विशेष नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान दीप सिंह वाला की दिशा से आ रही एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को पुलिस कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर कार सवार युवकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत वाहन को पीछे मोड़कर मौके से तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, हड़बड़ाहट में अचानक कार बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों युवकों को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही धर दबोचा। कार में गट्टे से निकले 42 पैकेट इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो कार के अंदर रखे एक बोरे (गट्टे) से 42 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर उनमें कुल 47 किलो 332 ग्राम हेरोइन पाई गई। इसके अलावा जब पुलिस अधिकारियों ने कार के डैशबोर्ड को खंगाला तो उसमें रखे एक लिफाफे से तीन अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर पिस्टल, उनकी मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने मामला किया दर्ज पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के गांव गूदड़ पंजगराई निवासी मंगल सिंह तथा जलालाबाद के गांव लमोचड़ खुर्द निवासी अंकुश, सचिन उर्फ संजू और अनमोल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सादिक में सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे और हथियारों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  माझी ने  साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के जैन श्वेताम्बर मंदिर में नवीन उपाश्रय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे हाथ में न तो जन्म लेना है और न ही शरीर छोडऩा।अपने जीवन में जिन्होंने त्याग का मार्ग प्रशस्त किया, वे महावीर है। हम जीवन में जो भी कार्य करते है, वह सब ईश्वर की इच्छा से होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में समाज भी आवश्यक है और व्यवस्था भी आवश्यक है। जीवन चक्र में रिश्ते-नातों की भी एक निर्धारित अवधि होती है। हमें जो समय मिला है, उसमें सभी को सत्कर्म करते हुए संसार में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए , जो भी अच्छा कार्य करना है, वह इसी जीवन में करना है। सभी जीव एक साथ आनंदपूर्वक रहें और प्रत्येक प्राणी के प्रति दया एवं करुणा का भाव रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अपने उज्जैन में माधवनगर क्षेत्र में कंट्रोल रूम के सामने स्थित  जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर के विचार मानव जीवन को त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाते है। समाज में परस्पर प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समाजजनों को देव आश्रय एवं उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष  संजय नाहर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  जैन श्वेताम्बर मंदिर में भगवान  शीतलनाथ स्वामी के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित समाजजनों के साथ नवीन उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर समाजजनों ने नवीन भवन के निर्माण एवं उससे जुड़ी योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी। नवीन उपाश्रय भवन में ‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा के अंतर्गत मणिभद्र भगवान के मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ई-लायब्रेरी भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है। नवीन उपाश्रय भवन के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए समाजजनों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम मे राज्यसभा सांसद बालयोगी  उमेशनाथ जी महाराज, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति मती कलावती यादव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष  संजय अग्रवाल सहित श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

त्योहारों में भीड़ से मिलेगी राहत, रांची स्टेशन पर 1920 वर्गमीटर में बनेगा पैसेंजर होल्डिंग एरिया

रांची  रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा (नार्थ साइड) में यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बड़े एवं आधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण किया जा रहा है। 1920 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस होल्डिंग एरिया में एक साथ करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी। तीन जोन में व्यवस्थित होगा होल्डिंग एरिया होल्डिंग एरिया को यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें प्री-टिकटिंग जोन, टिकटिंग जोन और पोस्ट-टिकटिंग जोन होंगे। इससे यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। टिकट काउंटर के साथ एटीवीएम की सुविधा यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पर्याप्त संख्या में टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) भी लगाई जाएगी। इससे यात्री स्वयं टिकट ले सकेंगे और टिकट काउंटर पर लगने वाली कतार और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद मिलेगी। शौचालय और पेयजल की भी व्यवस्था होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए आधुनिक शौचालय और मूत्रालय की सुविधा होगी। इसके अलावा पेयजल के लिए वाटर बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अलग प्रवेश और निकास द्वार, 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए होल्डिंग एरिया में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था होगी। पूरा परिसर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। इससे यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर रखने में मदद मिलेगी। त्योहारों में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद रांची स्टेशन पर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के दौरान प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में होल्डिंग एरिया यात्रियों को एक जगह व्यवस्थित रूप से ठहराने में मदद करेगा। पर्याप्त बैठने की व्यवस्था होने से यात्रियों को ट्रेन के इंतजार के दौरान सुविधा मिलेगी। वहीं, अलग प्रवेश-निकास और तीन अलग जोन होने से यात्रियों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा। रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा में पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसमें करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। टिकटिंग, बैठने, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 रेलवे कर्मचारियों ने दिखाया जौहर अब तक अलग-अलग विभागों में रेल परिचालन और यात्रियों की सेवा में जुटे रांची रेल मंडल के कर्मचारी शुक्रवार को खेल के मैदान में एक साथ नजर आए। मौका था पहली बार आयोजित किए जा रहे इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 का। दक्षिण पूर्व रेलवे खेल संघ (सेरसा), रांची की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को हटिया स्थित हाकी स्टेडियम में हुआ। मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा, रांची करुणा निधि सिंह और सर्वो, रांची की अध्यक्षा निधि सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उद्घाटन के अवसर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पुरुष एवं महिला कर्मचारियों के लिए 100 मीटर दौड़ तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए 400 मीटर रिले दौड़ हुई। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा करुणा निधि सिंह ने खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। पहली बार आयोजित इस इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से रांची रेल मंडल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। आयोजन से कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलने के साथ खेल गतिविधियों के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा। कार्यक्रम में सर्वो, रांची की उपाध्यक्षा अजीता रानी, अपर मंडल रेल प्रबंधक हेमराज मीना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सह मंडल क्रीड़ा अधिकारी राजा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रेया सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।