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सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण : राज्यपाल पटेल

स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी का सुनहरा मौका : राज्यपाल  पटेल सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि नाबार्ड के स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, कृषक और उत्पादक संघों के उत्पादों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम भोपाल वासियों के लिए स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी, बचत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में योगदान देने का सुनहरा मौका है। प्रदर्शनी सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि मेले का व्यापक प्रचार प्रसार करें, जिससे भोपाल में दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आए सभी उत्पादों की ब्रिकी हो जाए। राज्यपाल  पटेल बुधवार को बिट्टन मार्केट, दशहरा मैदान में आयोजित ओजस्वनी महोत्सव भोपाल 2025 को संबोधित कर रहे थे। महोत्सव का आयोजन नाबार्ड के सह प्रायोजन में ओजस्वनी समदर्शी न्यास एवं वसुधा पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। आत्मा मजबूत होगी तभी हमारा शरीर अर्थात् देश मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर हो सकता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का महान कार्य हो रहा है। सरकार, मेक इन इंड़िया, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशिक्षित ग्रामीण महिला समूहों, कृषक उत्पादक संघों के द्वारा तैयार उत्पादों के लिए वर्ष 2018 से हर वर्ष राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री के आयोजन और अनेक अन्य प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के कार्यों के लिए नाबार्ड भोपाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों, स्थानीय कारीगरों और उत्पादों के आजीविका समूहों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के निरंतर प्रयास जरूरी है। राज्यपाल  पटेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में नाबार्ड के 'स्वयं सहायता समूह – बैंक लिंकेज कार्यक्रम' को विश्व का सबसे बड़ा सूक्ष्म ऋण कार्यक्रम बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों के भ्रमण के दौरान वे स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ चर्चा करते है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि समूह से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हुआ है। ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिली है। क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक सु रेखा चंदनावेली ने प्रदर्शनी सह-ब्रिकी की पहल के लिए नाबार्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण आजीविका के लिए आमदनी प्राप्त होती है। प्रॉयार्रिटी सेक्टर को आर.बी.आई. द्वारा भी बहुत सहयोग किया जाता है। मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक  प्रवाश कुमार सुबुधी ने कहा कि नाबार्ड का प्रयास समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों में शामिल होकर कारीगरों, कृषकों, महिला स्व-सहायता समूहों को बड़ा बाजार, बड़ा विजन और डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलता है। अध्यक्ष ओजस्वनी समदर्शी न्यास, कुलाधिपति एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह डॉ. सुधा मलैया ने बताया कि ओजस्वनी महोत्सव का प्रारंभ वर्ष 2004 से हुआ है। आयोजन का यह 22वां वर्ष है। आयोजन अवधि में नृत्य और स्वर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। नाबार्ड की महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि नाबार्ड विकास वित्त संस्थान के रूप में ग्रामीण उद्यमिता स्थानीय स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, वित्तीय समावेशन और महिला, कृषक सशक्तिकरण के द्वारा ग्रामीण समृद्धि में सहयोग कर रहा है। बाजार की जरूरतों के अनुसार हस्तशिल्पियों, कारीगरों, महिला स्व-सहायता समूहों, कृषक और गैर कृषक उत्पाद संघों की समझ बढ़ाने, उत्पाद और बाजार तैयार कराने के प्रयासों में सहयोग, आयोजन का उद्देश्य है। इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन में 16 एफपीओ, 16 एसएचजी और 22 ओएफपीओ सहित 100 कारीगर शामिल हो रहे हैं।  

काशी दर्शन का नया अंदाज़: नमो घाट से उड़ान भरेंगे हेलिकॉप्टर, दिखेगा दिव्य देव दीपावली दृश्य

वाराणसी काशी के घाटों, मंदिरों और गंगा आरती का नजारा अब आसमान से भी देखने को मिलेगा। देव दीपावली से पहले वाराणसी में पर्यटकों, श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो जाएगी। सर्वे, सुरक्षा सहित परीक्षण के दूसरे काम पूरे हो गए हैं। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने वाली कंपनी के अफसरों ने मंजूरी के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क कर सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है। इस सेवा के तहत श्रद्धालु और पर्यटक 7-8 मिनट की हवाई यात्रा में काशी के प्रमुख स्थलों के अद्भुत दर्शन कर सकेंगे। कंपनी के एक अफसर के अनुसार नमो घाट पर बने हेलिपैड से उड़ान शुरू की जाएगी। यहां से तीन सीटर और छह-सीटर हेलिकॉप्टर उड़ान भरेंगे। करीब 7-8 मिनट की इस यात्रा में पर्यटक काशी के हवाई दर्शन कराएंगे। नमो घाट से श्री काशी विश्वनाथ धाम, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र सहित सभी घाट, गोदौलिया क्षेत्र, चौक, काल भैरव मंदिर और रामनगर पुल दिखाए जाएंगे। हेलिपैड के बाद एचटी लाइन सहित कुछ अन्य दिक्कतें थीं जिसे दूर कर लिया गया है। हेलिकॉप्टर संचालन का प्रस्ताव स्मार्ट सिटी, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को दिया गया था। हरी झंडी मिलने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया। अधिकारी ने बताया कि हेलिकॉप्टर सेवा का किराया अभी नहीं तय किया गया है लेकिन बुकिंग ऑनलाइन ही होगी। इसी सप्ताह विभागीय अफसरों के साथ बैठक होगी। इसमें किराया तय कर उसकी घोषणा की जाएगी। स्काई टूरिज्म का मिलेगा लाभ पर्यटन विभाग से जुड़े एक अफसर ने कहा कि यह पहल वाराणसी को ‘स्काई टूरिज्म’ के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाएगी। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन कारोबार को बड़ा लाभ मिलेगा। क्या बोले अधिकारी हेलिकॉप्टर सेवा का प्रस्ताव मिला है। परीक्षण कराया जा रहा है। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होती है तो जरूर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों को काशी का एक नया और अद्भुत अनुभव मिलेगा। -सत्येंद्र कुमार, डीएम  

त्योहारों की भीड़ में राहत: पूर्वोत्तर रेलवे की इन ट्रेनों में मिल रही है आसान बुकिंग

बरेली त्योहारी सीजन में रेलवे और रोडवेज दोनों ही विभागों पर भार है। इसी बीच पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर की ओर से ट्रेनों की सूची जारी की गई है, जिसमें विशेष ट्रेनों में सीट की उपलब्ध अलग-अलग तिथियों पर है। इसमें बरेली से होकर गुजरने वाली छह ट्रेनें भी शामिल हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह की ओर से इसकी सूचना सार्वजनिक की गई है। इन ट्रेनों में सीटों की है उपलब्धता – 05049 छपरा-अमृतसर पूजा विशेष ट्रेन… 10 अक्तूबर को एसी तृतीय इकोनॉमी में 686 बर्थ और 17 अक्तूबर को एसी तृतीय इकोनॉमी श्रेणी में 773 सीट उपलब्ध है। – 04607 छपरा-अमृतसर पूजा विशेष ट्रेन… 13 अक्तूबर को एसी द्वितीय श्रेणी में 497 सीट, 20 अक्तूबर को एसी तृतीय में 536 व स्लीपर में 324 सीट और 27 अक्तूबर को एसी तृतीय श्रेणी में 491 व स्लीपर में 242 बर्थ उपलब्ध है। – 05301 मऊ-अम्बाला कैंट पूजा विशेष ट्रेन… नौ अक्तूबर को एसी प्रथम में 06, एसी द्वितीय में 102, एसी तृतीय श्रेणी में 314, एसी तृतीय इकोनॉमी श्रेणी में 105 सीट उपलब्ध हैं। इसके अलावा 16 अक्तूबर को एसी प्रथम में 06, एसी द्वितीय में 100, वातानुकूलित तृतीय में 328, एसी तृतीय इकोनॉमी में 124 व स्लीपर में 231 सीट हैं। 23 अक्तूबर को एसी द्वितीय में 73, एसी तृतीय में 300 और वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी में 101 सीट और 30 अक्तूबर को एसी प्रथम में एक एवं एसी द्वितीय में 12 सीट उपलब्ध है। – 05005 बढ़नी-अमृतसर पूजा विशेष ट्रेन… 15 अक्तूबर को स्लीपर में 363, 22 अक्तूबर को स्लीपर में 329 तथा 29 अक्तूबर को स्लीपर में 366 सीट उपलब्ध हैं। – 05023 गोमती नगर-खातीपुरा पूजा विशेष ट्रेन… 14 अक्तूबर को एसी द्वितीय में 25, एसी तृतीय में 125 स्लीपर श्रेणी में 384, 21 अक्तूबर एसी द्वितीय में 21, एसी तृतीय में 118 और स्लीपर में 351 सीट तथा 28 अक्तूबर को एसी द्वितीय श्रेणी में 21, एसी तृतीय श्रेणी में 118 एवं स्लीपर में 304 सीट उपलब्ध है। – 04021 गोरखपुर-नई दिल्ली पूजा विशेष ट्रेन…11 अक्तूबर एसी प्रथम श्रेणी में 17, एसी द्वितीय श्रेणी में 77, एसी तृतीय श्रेणी में 338, स्लीपर में 224 सीट उपलब्ध हैं। 18 अक्तूबर को एसी प्रथम में 17, एसी द्वितीय में 76, एसी तृतीय श्रेणी में 339, स्लीपर में 303 और 25 अक्तूबर को एसी द्वितीय में 22, एसी तृतीय में 162 सीट उपलब्ध हैं।

एसआईआर प्रक्रिया पूरी, चुनाव में नए नियमों के तहत हर मतदाता की होगी भागीदारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बिहार की तरह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके तहत प्रदेश में हर मतदाता को गणना फॉर्म भरकर साइन करना होगा। चुनाव आयोग से तिथियां जारी होते ही यह गणना फॉर्म लेकर बीएलओ घर-घर जाएंगे। इस संबंध में यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी संबंधित अधिकारियों को ट्रेनिंग दे दी है। एसआईआर के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर अपलोड करने का काम चल रहा है। यह वो मतदाता सूची हैं, जिनका प्रयोग विधानसभा व लोकसभा चुनाव में होता है। उसके बाद बीएलओ प्रि-प्रिंटेड (पहले से भरे) गणना फॉर्म दो प्रतियों में मतदाताओं को देंगे। इसमें से एक प्रति मतदाता के साइन करवाकर अपने पास रख लेंगे। अगर मतदाता का नाम वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में है, तो वह सत्यापन के दौरान उसकी डिटेल बीएलओ को दे देगा। आयोग का प्रयास है कि बीएलओ खुद ही 2003 की वोटर लिस्ट की डिटेल निकालकर संबंधित मतदाताओं के गणना फॉर्म के साथ लगा दें, ताकि मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। 2003 की मतदाता सूची से पुष्ट मतदाताओं के नाम फाइनल सूची मे शामिल कर लिए जाएंगे।   देनी होगी ये डिटेल जिन मतदाताओं के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है और उनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें आयोग की ओर से मान्य 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज बीएलओ को देना होगा। इसी तरह से तीसरी श्रेणी में वे मतदाता होंगे, जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, उन्हें अपना कोई एक मान्य दस्तावेज और अपने माता या पिता में से किसी एक का मान्य दस्तावेज देना होगा। अगर इस अवधि में जन्म लेने वाले मतदाता के माता या पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची में है, तो उसका ब्योरा भी प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा। चौथी श्रेणी में दो दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाता होंगे। उन्हें अपने और अपने माता-पिता दोनों का कोई एक मान्य दस्तावेज देना होगा। जन्म की अवधि की ये तिथियां नागरिकता संबंधी अधिनियम में समय-समय पर हुए संशोधनों को ध्यान में रखते हुए तय की गई हैं। यहां बता दें कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में करीब 15 करोड़ 42 लाख मतदाता हैं। माना जा रहा है कि करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन 2003 की मतदाता सूची के आधार पर हो जाएगा।  

CM डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में निवेशकों संग करेंगे इंटरएक्टिव सेशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में 9 अक्टूबर को इंटरएक्टिव सेशन में निवेशकों से करेंगे संवाद रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण सहित विभिन्न सेक्टर्स में निवेश पर होगी चर्चा मोहासा बाबई इंडस्ट्रियल जोन में निवेश पर होगा संवाद मैक्सिको, सिंगापुर, कनाडा और इटली के कॉन्सुल जनरल भी करेंगे शिरकत भोपाल  मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत् प्रयास अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन ने निवेश-अनुकूल वातावरण को सुदृढ़ करते हुए पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और उद्योगों के लिए तीव्र गति से अनुमतियाँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में इंटरएक्टिव सेशन में देश-विदेश के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश 9 अक्टूबर को होटल ट्राइडेंट, नरीमन पॉइंट मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में उभर रहे औद्योगिक अवसरों से अवगत कराना है, विशेष रूप से मोहासा-बाबई (नर्मदापुरम) में विकसित किए जा रहे पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (Phase-2) में निवेश को प्रोत्साहन देना है। इस औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है। सेशन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ सिंगापुर, मैक्सिको, कनाडा और इटली सहित विभिन्न देशों के कॉन्सुल जनरल और व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। हिंदल्को इंडस्ट्रीज़, वेलस्पन ग्रुप, एलएंडटी, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, गॉदरेज इंडस्ट्रीज़, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, बजाज ग्रुप, आईपीसीए लैब और रेमंड ग्रुप जैसी अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-संभावनाओं और प्रमुख परियोजनाओं जैसे पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, पीएम मित्र पार्क, फुटवियर पार्क और उद्योग आधारित क्लस्टर्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर राज्य में निवेश को लेकर संवाद और डिप्लोमैट राउंडटेबल मीटिंग में अंतर्राष्ट्रीय निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सेशन को  वीर एस. अडवाणी, डिप्टी चेयरमैन, सीआईआई वेस्टर्न रीजन एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड संबोधित करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने निवेशकों के प्रति विश्वास और पारदर्शिता का जो वातावरण बनाया है, उसी का परिणाम है कि देश-विदेश की अग्रणी कंपनियाँ अब मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश में निवेश में वृद्धि होने से औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश उद्योग एवं रोजगार का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।  

VR टेक्नोलॉजी से होगी सिंहस्थ की निगरानी, पुलिस 54 हजार कर्मियों को देगी वर्चुअल ट्रेनिंग

उज्जैन  उज्जैन पुलिस ने देशभर के 54 हजार जवानों को वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। यह पहल 2028 के महाकुंभ के दौरान लागू की जाएगी, जो कि देश में अपनी तरह की पहली योजना होगी। उज्जैन पुलिस इस तकनीक का उपयोग करते हुए कुंभ ड्यूटी पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेगी। वर्चुअल रियलिटी से कुंभ ड्यूटी का प्रशिक्षण उज्जैन में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिसकर्मी वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से उज्जैन की गलियों, सड़कों, चौराहों और श्रद्धालुओं के मार्ग को समझेंगे। उन्हें यह प्रशिक्षण अपने शहर में बैठे-बैठे ही मिलेगा। इस तकनीक के जरिए पुलिसकर्मी जान सकेंगे कि उन्हें कहां तैनात किया जाएगा और किस मार्ग का उपयोग करना होगा। जो अपने शहर राज्य में बैठकर उज्जैन की गलियों, सड़क, मार्ग, चौराहे, एंट्री एग्जिट और श्रद्धालुओं को किस मार्ग पर भेजना और रोकने की ट्रेनिंग भी VR के माध्यम से लेंगे। उज्जैन पुलिस ने फिलहाल 200 VR सेट मंगवाए हैं। VR से ट्रेनिंग पुलिस आर्म्स फोर्स होमगार्ड वॉलिंटियर्स को दी जाएगी। उज्जैन में होने वाले महाकुंभ के आयोजन में पुलिस हाईटेक टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगी। ऐसा प्रयागराज कुंभ में भी देखने को नहीं मिला था। पहली बार VR टेक्नोलॉजी का उपयोग कर अपने अपने शहर में उज्जैन की सड़कों-गलियों आने-जाने के मार्ग की ट्रेनिंग VR से मिलेगी। पहले उज्जैन में, फिर अपने शहर में लेंगे ट्रेनिंग एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग में ज्यादा से ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे। दूसरे प्रदेश और जिले से आने वाले पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए VR ट्रेनिंग का माध्यम चुना है। सड़कों के 3D वीडियो बनवाए हैं। ये पुलिसकर्मियों को VR के माध्यम से उनके शहर में ही दिखाए जाएंगे। सोमवार को VR सेट का परीक्षण किया है। सबसे पहले पुलिसकर्मी उज्जैन आकर देखेंगे कि उनकी ड्यूटी कहां लगेगी। कौन सा रास्ता कहां से किधर जाएगा। इसके बाद उन्हें बार-बार ट्रेनिंग के लिए उज्जैन नहीं आना पड़ेगा। पुलिसकर्मी अपने प्रदेश में कहीं भी होगा, वह VR के माध्यम से शहर की भौगोलिक स्थिति और रियल टाइम स्थिति जानकर ट्रेनिंग पूरा कर लेगा। ट्रेनिंग प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग में अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए VR तकनीक का चयन किया गया है। इसके तहत सड़कों के 3D वीडियो तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग पुलिसकर्मियों को उनकी शहर की भौगोलिक स्थिति समझाने के लिए किया जाएगा। सोमवार को VR सेट का परीक्षण किया गया, जिसके बाद पुलिसकर्मी उज्जैन आकर देखेंगे कि उनकी ड्यूटी कहां लगेगी। इससे उन्हें बार-बार उज्जैन आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, और वे अपने प्रदेश में कहीं से भी इस प्रशिक्षण को पूरा कर सकेंगे। आपातकालीन स्थितियों में VR का महत्व शुरुआत में इंदौर रोड से शिप्रा नदी के घाट तक का वीडियो तैयार किया गया है। इस वीडियो की मदद से पुलिसकर्मी आपातकालीन स्थितियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। एसपी ने बताया कि 200 VR सेट का ऑर्डर दिया गया है और भविष्य में उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। इस तकनीक का उद्देश्य यह है कि पुलिसकर्मी जब VR का उपयोग करेंगे, तो उन्हें ऐसा लगेगा जैसे वे वास्तव में उस स्थान पर खड़े हैं, जहां उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इससे उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम, मोबाइल ऐप ट्रैकिंग जैसी तकनीकें भीड़ प्रबंधन में सहायक होंगी। उज्जैन के चार रेलवे स्टेशनों को भी हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें नई खेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामन और विक्रम नगर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी CCTV कैमरे और ड्रोन निगरानी के माध्यम से संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाएगी। स्थायी कुंभ सिटी का निर्माण उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की लागत से स्थायी कुंभ सिटी का निर्माण किया जाएगा। यह सिटी 2378 हेक्टेयर भूमि पर बनाई जाएगी, जिसमें इंटरकनेक्टेड चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड लाइट, अस्पताल, स्कूल और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इस परियोजना के माध्यम से उज्जैन को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने का लक्ष्य है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगा। इस नई पहल से यह स्पष्ट होता है कि उज्जैन पुलिस और स्थानीय प्रशासन महाकुंभ को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आपातकालीन समय में भी काम आएगा VR अभी शुरुआत में इंदौर रोड का शिप्रा नदी के घाट तक का वीडियो बनवाया है। इससे ट्रेनिंग की शुरुआत होगी। VR आपातकालीन समय में कैसे काम आ सकता है, इस पर भी काम कर रहे हैं। जल्द ही उस दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। 200 वीआर सेट के ऑर्डर दिए हैं। बाद में धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती जाएगी। उज्जैन कुंभ में खड़े होने का होगा अहसास वीडियो में बैकग्राउंड में हिंदी और इंग्लिश में नरेशन भी है। इसमें पूरे शहर की हर छोटी-बड़ी डिटेल दी जाएगी। जो बाद में भी काम आएगी। एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि ट्रेनिंग में मैप पर समझा भी देंगे तो याद नहीं रहेगा। लेकिन, जब वह पुलिसकर्मी VR से देखेंगे तो उन्हें ऐसा प्रतीत होगा जैसे उसी जगह खड़े हैं। जहां उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इससे फील्ड याद रहेगा। कुछ प्लान चेंज भी हुए तो भी दिक्कत नहीं होगी। देश में पहली बार पुलिस उज्जैन में उपयोग करेगी। AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम भी सन 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके "हाईटेक" कुम्भ आयोजित होगा। जिसमें AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम, मोबाइल ऐप ट्रैकिंग जैसी तकनीक भीड़ प्रबंधन में उपयोग में ली जायेगी। रेलवे स्टेशन भी हाईटेक होंगे उज्जैन के चार रेलवे स्टेशन नई खेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामन और विक्रम नगर स्टेशन को हाईटेक बनाया जाएगा। इन स्टेशनों पर अगर कोई अपराधी ट्रेन से उज्जैन आता है तो फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी सीसीटीवी … Read more

दीपावली से महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कैशलेस व्यवस्था लागू, अब लाइन नहीं डिजिटल पेमेंट

उज्जैन   विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। भक्तगण अब मंदिर में दान देने और लड्डू प्रसाद खरीदने के लिए क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। यह डिजिटल भुगतान की सुविधा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू की गई है। इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद काउंटरों पर दीपावली से कैशलेस की सुविधा प्राप्त होगी। दर्शनार्थी क्यूआर कोड से भुगतान कर लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा होगी। मंदिर कर्मचारियों को भी खुल्ले पैसों की समस्या से निजात मिलेगी। महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह सुविधा शुरू होने में एक पखवाड़े का समय लग सकता है। महाकाल मंदिर समिति भगवान महाकाल के भोग प्रसाद के रूप में भक्तों को शुद्ध देशी घी से बने बेसन के लड्डू का विक्रय करती है। मंदिर परिसर स्थित काउंटरों से भक्तों को लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। अभी तक लड्डू प्रसाद की बिक्री नकद होती है। प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार श्रद्धालु मंदिर परिसर में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके दान राशि (भेंट) और लड्डू प्रसाद का भुगतान सीधे अपने बैंक खाते से कर सकते हैं। ये क्यूआर कोड मंदिर के दान काउंटरों, लड्डू प्रसाद काउंटरों और मंदिर परिसर में अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। आप किसी भी यूपीआइ आधारित पेमेंट ऐप जैसे कि गूगल पे, फोन-पे, पेटीएम आदि का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। लड्डू प्रसाद 400 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और त्योहारों पर अतिरिक्त काउंटर लगाए जाते हैं। क्यूआर कोड से दान भी कर सकेंगे भक्त महाकाल मंदिर समिति क्यूआर कोड से लड्डू प्रसाद की बिक्री शुरू करने के साथ दान के लिए भी इस सुविधा को लागू करने की तैयारी कर रही है। मंदिर परिक्षेत्र में जगह-जगह बड़े-बड़े क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। मंदिर समिति ने यह योजना पहले भी लागू की थी। उस समय दान के लिए लगाए गए क्यूआर कोड में एक कर्मचारी ने अपना नंबर डाल दिया था। मामले में जांच भी बैठाई गई थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं हो पाया था। मंदिर से जुड़े जानकारों का कहना है कि नए अधिकारियों को इस पूरे मामले की पड़ताल के बाद ही इस प्रकार की योजना शुरू करना चाहिए। एक ही दिन निकलेगी बाबा की दो सवारी महाकाल बाबा एक ही दिन में दो-दो बार दर्शन देने नगर भ्रमण करेंगे। इस बार कार्तिक मास में 3 नवंबर को वर्षों बाद यह संयोग बनने जा रहा है। पहली सवारी कार्तिक माह की होगी, जो शाम 4 बजे परंपरागत मार्ग से निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी रात में हरिहर भेंट के लिए गोपाल मंदिर तक जाएगी, यह रात्रि 11 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी। बदलेगा आरतियों का समय महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 8 अक्टूबर से तीन आरतियों का समय बदला जाएगा। पुजारियों के अनुसार शीतकाल की शुरुआत के साथ इसे लागू कर दिया जाएगा। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया हर छह माह में तीन आरती का समय बदलता है। जो ऋतु परिवर्तन के आधार पर किया जाता है। इनमें दद्योदक आरती सुबह 7 की जगह 7.30 से 8.15 बजे तक, भोग आरती सुबह 10 की जगह 10.30 से 11.15 बजे तक, संध्या आरती शाम 7 की जगह 6.30 से 7.15 बजे तक होगी। जबकि भस्म आरती, सांध्य पूजन और शयन आरती रात 10.30 बजे से 11 बजे तक में कोई बदलाव नहीं होगा।

हितग्राहीमूलक योजनाओं और सफलता की कहानियों को दें प्राथमिकता: मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर्स जन कल्याणकारी योजना और विकास कार्यों के प्रचार में करें सहयोग : मुख्य सचिव  जैन मीडिया प्रतिनिधियों से करें समन्वय हितग्राहीमूलक योजनाओं और सफलता की कहानियों को दें प्राथमिकता प्रिंट, सोशल-डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों पर रखें सतत नजर असत्य खबरों पर लें तत्काल संज्ञान एसीएस  मंडलोई और आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने दिया प्रेजेन्टेशन सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा दूसरे दिन का पहला सत्र भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का प्रथम सत्र सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित किए गए हैं। इसके क्रियान्वयन को सभी जिले प्राथमिकता पर लें। उन्होंने कहा कि समाधान ऑनलाइन में आने वाले प्रकरणों के निराकरण के साथ व्यवस्था में हो रही कमियों पर ध्यान देते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में पदस्थ जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका को सशक्त करते हुए जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल और सफलता की कहानियों का व्यापक प्रसार किया जाए। जिला स्तर के सभी विभागों के अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी के संपर्क में रहे तथा उन्हें नियमित रूप से अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। विभागों और जनसंपर्क अधिकारी के मध्य समन्वय के लिए जिला कलेक्टर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल ऑफिसर नामांकित करें। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पत्रकारिता महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पर रखकर जिला स्तर पर हो रही सकारात्मक गतिविधियों और सफलता की कहानियों के संकलन में उनकी सेवाएं ली जाएं। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। समाजसेवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला कलेक्टर्स सतत् सम्पर्क में रहें। इससे जनसामान्य की भावनाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। जिलों के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री जी को जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। संचार के सभी माध्यमों से हो योजनाओं का प्रचार-प्रसार आयुक्त जनसंपर्क  दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन देते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है। मीडिया विश्लेषण और जन भावनाओं के अध्ययन से नीतियों में आवश्यक सुधार भी किया जा सकता है। उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारो की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने कहा कि मैदानी स्तर पर शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कलेक्टर है। कलेक्टर्स, मीडिया से सतत-समन्वय-संपर्क और संवाद में रहें। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित ब्रीफिंग के लिए एक समय का निर्धारण किया जाए। नियमित अंतराल पर कलेक्टर्स मीडिया के साथ औपचारिक बैठक करें। राज्य शासन द्वारा पत्रकार कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पत्रकारों को उपलब्ध कराने की दिशा में जिला कलेक्टर आवश्यक पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल और डिजिटल मीडिया में चल रहे संवेदनशील और नकारात्मक समाचारों पर कलेक्टर स्वयं संज्ञान लें। ऐसे समाचारों के खंडन या वास्तविक स्थिति रखने और गलत खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने की दिशा में भी त्वरित रूप से कार्रवाई की जाए। 

प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर में ट्रि‍पिंग नियंत्रण करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली ट्रि‍पिंग रोकने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर के विभिन्न क्षेत्रों का चयन कर ट्रि‍पिंग नियंत्रण का कार्य किया जाएगा। इस कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी को दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री के जबलपुर प्रवास के दौरान बुधवार को शक्तिभवन में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे ने जबलपुर नगर पालिक निगम के परिक्षेत्र में सुधारात्मक व सुझाव का प्रस्ताव सौंपा। इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्वि‍वेदी उपस्थि‍त थे। स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कर रहे काम ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कार्य कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर और पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर की बिजली खपत या रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्मार्ट मीटर की उपलब्धता में कमी के कारण मीटर स्थापित करने की अवध‍ि को बढ़ाया है। शहर की विद्युत लाइन को किया जाए व्यवस्थि‍त ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2027 तक लाइन लॉस को कम करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस कम करने से इसका सीधा लाभ बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने जबलपुर शहर के विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया कि जबलपुर शहर में ऐसी विद्युत लाइन को सुव्यवस्थि‍त किया जाए जो निर्धारित ऊंचाई से नीचे आ गई है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि जबलपुर शहर में बिजली कटौती की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अनुरोध किया कि वे जबलपुर शहर के कुछ क्षेत्रों में पुराने ट्रांसफार्मर व ढीले तारों का सुधार कार्य त्वरित रूप से करवाएं।

रंग, परंपरा और उत्सव का संगम: थार महोत्सव की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से

बाड़मेर बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आज भव्य शोभायात्रा के साथ थार महोत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ। इस वर्ष महोत्सव की थीम रंग रेगिस्तान रखी गई है, जिसके अंतर्गत दो दिनों तक विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गांधी चौक से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। शोभायात्रा गांधी चौक से रवाना होकर स्टेशन रोड, अहिंसा सर्किल और नेहरू नगर ओवरब्रिज से होते हुए आदर्श स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखी महिलाओं ने यात्रा की शोभा बढ़ाई। ऊंट, घोड़े और ऊंटगाड़ी पर सवार लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोकगीतों और नृत्यों से सभी का मन मोह लिया। आदर्श स्टेडियम पहुंचने पर कलेक्टर टीना डाबी ने आसमान में गुब्बारे छोड़कर विभिन्न प्रतियोगिताओं की शुरुआत की। यहां मटका दौड़, रस्साकशी समेत कई पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। महोत्सव के पहले दिन मिस थार, मिस्टर थार, सुंदर मूंछ जैसी आकर्षक प्रतियोगिताएं भी आयोजित होने वाली हैं। शाम 8 से 10 बजे तक लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।   कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि थार महोत्सव 2025 का आयोजन पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव न केवल मरु संस्कृति का उत्सव है, बल्कि स्थानीय कला, शिल्प और लोक परंपराओं को प्रोत्साहन देने का भी अवसर है। गौरतलब है कि आखिरी बार थार महोत्सव का आयोजन 2023 में हुआ था। पिछले वर्ष चुनावों के चलते कार्यक्रम नहीं हो सका था। करीब दो साल बाद अब इस महोत्सव के आयोजन से शहर में उत्साह और उमंग का माहौल है।