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सन्नाटा छा गया खंडवा में, 11 बच्चों की अर्थी उठी; PM और राहुल गांधी ने व्यक्त किया दुख

भोपाल मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जाहिर किया है। उन्होंनें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतक के परिजनों को दो लाख और घायल कों 50 हजार देने की घोषणा की हैं। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया हैं। PMO की ओर से जारी की गई पोस्ट में लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश के खंडवा में हुए एक हादसे में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। राहुल गांधी ने भी जताया दुख वहीं राहुल गांधी ने भी दिख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि मध्यप्रदेश में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई दुर्घटनाओं में कई लोगों की मृत्यु, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं, अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों और बच्चों के अभिभावकों के साथ हैं। हादसों में घायल लोगों की कुशलता और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं। CM ने भी किया मुआवजे का ऐलान वहीं आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव ने भी शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा भी की हैं। खंडवा में दर्दनाक हादसे ने नम करदीं सभी की आंखें मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरुवार की खुशियों और उत्साह से भरी शोभायात्रा अब पाडलफाटा गांव के लिए असहनीय दर्द में बदल गई है। कल तक जहां गांव के बच्चे और युवा डीजे पर थिरक रहे थे, आज वही गली रोते-बिलखते परिजनों की चीखों से गूंज रही हैं। शुक्रवार सुबह प्रशासन ने 11 मृतकों के शवों को पंधाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक-एक कर एम्बुलेंस में गांव लाया। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस का भारी बल गांव में तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद हैं। सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली कहानी है 8 साल की चंदा की। उसका शव सबसे आखिरी पानी से निकाला गया। उसकी दो छोटी बहनें उसी के पास खेल रही थीं, और उन्हें अभी तक पता नहीं कि उनकी बड़ी बहन अब इस दुनिया में नहीं रही। 

बाबा चैतन्यानंद को न्यायिक हिरासत, जेल में की खास जरूरतों की मांग

नई दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को स्वामी चैतन्यानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.  दिल्ली पुलिस 5 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे पटियाला हाउस कोर्ट लेकर पहुंची. आरोपी बाबा के वकील ने ज्यूडिशियल कस्टडी में कपड़े, दवाइयां और संन्यासी खाने की मांग की है. इस याचिका पर कोर्ट शनिवार (4 अक्टूबर) सुनवाई करेगा. बाबा की अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा गया आरोपी बाबा के वकील ने सीजर मेमो और केस डायरी पर जज साइन की मांग की. सीजर मेमो की अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा है. इस पर भी कोर्ट  कल सुनवाई करेगा. 28 अगस्त को आगरा से हुआ था गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने बाबा को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार के समक्ष पेश किया. बाबा पर एक प्राइवेट संस्थान में 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का संगीन आरोप लगा है. मामले के सामने आने के बाद बाबा फरार हो गया था. 62 साल के बाबा को पुलिस ने 28 सितंबर को यूपी के आगरा से गिरफ्तार किया था.  छात्राओं को भेजता था अश्लील मैसेज इससे पहले, पुलिस ने बाबा से जुड़े कई बैंक खातों और फिक्स डिपॉजिट्स में जमा 8 करोड़ रुपये जब्त कर लिए थे. एफआईआर के मुताबिक, साउथ-वेस्ट दिल्ली स्थित संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सरस्वती कथित तौर पर छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में आने के लिए मजबूर करता था और अश्लील मैसेज करता था. वह अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था. इस मामले में तीन महिलाएं भी गिरफ्तार गुरुवार (2 अक्टूबर) को पुलिस ने इसी मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया. ये महिलाएं उसी संस्था में काम करती हैं. एसोसिएट डीन श्वेता शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावना कपिल और सीनियर फैकल्टी मेंबर काजल ने बाबा के निर्देशों का पालन करने, अनुशासन और समय की पाबंदी के बहाने छात्राओं पर दबाव बनाने की बात स्वीकार की. तीनों पर अपराध के लिए उकसाने, धमकाने और सबूत नष्ट करने के आरोप हैं.  

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का असर: MP के किसान क्लस्टर मॉडल से कर रहे तरक्की

प्रदेश में वाटरशेड मिशन का नवाचार मध्यप्रदेश में कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से संवर रही किसानों की तकदीर 14 जिलों के 3000 किसान उठा रहे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ भोपाल परंपरागत खेती से आय में बढ़ोतरी की राह तलाश रहे किसानों के लिए वाटरशेड विकास घटक के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 14 जिलों के 3000 किसान अब कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से जुड़कर ₹40 से 50 हजार तक की आय अर्जित कर रहे हैं। यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त बना रही है, बल्कि गांवों में ग्रामीण आजीविका को भी नई दिशा दे रही है। रतलाम जिले के नौगांवाकला निवासी तेजपाल जैसे किसान जो पहले सिर्फ खाने लायक सब्जी उगाते थे, अब आधा एकड़ में टमाटर और मिर्च की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। यह बदलाव संभव हुआ है वाटरशेड विकास घटक की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के नवाचार से जिसने पहली बार जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ा है। 100 से 150 किसानों का चयन किया गया योजना के तहत प्रत्येक परियोजना में सिंचाई की सुविधा वाले 100 से 150 किसानों का चयन किया गया। इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए 835 लीड वेजिटेबल फार्मर चिन्हित किए गए और उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाकर गांवों में सब्जी उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई गई। 30 हजार रुपये प्रति किसान दिया जा रहा अनुदान सरकार किसानों को प्रति किसान ₹30 हजार तक का अनुदान भी दे रही है, जिससे वे खाद, दवाइयों और अन्य संसाधनों की खरीद कर सकें। इतना ही नहीं 50 से 60 किसानों के बीच गांव में ही शेड नेट नर्सरी तैयार की जा रही है, जिससे उन्नत किस्म की पौध समय पर उपलब्ध हो सके। इन नर्सरियों के लिए ₹1.30 लाख तक की सहायता भी दी जा रही है। आगामी सीजन में 9000 और किसान होंगे लाभान्वित इस योजना की सफलता को देखते हुए रबी सीजन में 36 जिलों की 85 परियोजनाओं में विस्तार किया जा रहा है, जिससे लगभग 9000 और किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में धार, रतलाम, खरगोन, बड़वानी, सागर, गुना, इंदौर, श्योपुर सहित 14 जिलों में इसका सफल संचालन हो रहा है। तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे किसान संचालक वाटरशेड  अवि प्रसाद के अनुसार यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की इस पहल से साफ है कि अब किसान सिर्फ मौसम पर नहीं बल्कि तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।  

आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक होगा संग्रहालय: मंत्री नेताम

जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह के दृश्य भी होगा जीवंत राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय-सह स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक संग्रहालय-सह स्मारक धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए नई पीढ़ियों को पुरखों की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है, जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंत्री  नेताम ने संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन और सभी वर्गों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आ रहा है। मंत्री नेताम ने इस मौके पर संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। संग्रहालय के निर्माण कार्यों में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क का बारीकी के साथ परीक्षण किया जा रहा है। संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मूर्तियों की स्थापना, लाईट, बिजली आदि का टेस्टिंग कार्य जारी है। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके पर संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य तथा प्रवेश द्वार में कुछ सुधार करने के संबंध में निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग संयुक्त सचिव बीएस राजपूत, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।    वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है जीवंत संग्रहालय संग्रहालय निर्माण में लगे क्यूरेटर प्रबल घोष ने बताया कि यह संग्रहालय-सह स्मारक आदिवासियों स्वतंत्रता संग्र्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाए गए स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है।   16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।

मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर पी. सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

नई ‘नमो भारत’ ट्रेन: दिल्ली से पानीपत की यात्रा अब सिर्फ 60 मिनट में, जानिए कौन-कौन से स्टेशन होंगे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के शहरों को जोड़ने वाली हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन की रफ्तार अब और तेज होने वाली है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी NCRTC ने दिल्ली-पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह कॉरिडोर न सिर्फ दिल्ली को पानीपत से जोड़ेगा, बल्कि भविष्य में करनाल तक विस्तार करेगा। तेज रफ्तार की राह में पहला कदम NCRTC ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए प्री-कंस्ट्रक्शन काम शुरू कर दिया है। केंद्र, दिल्ली और हरियाणा सरकारों से अंतिम वित्तीय मंजूरी का इंतजार होने के बावजूद, NCRTC ने टेंडर जारी कर दिए हैं और यूटिलिटी शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसका मतलब है कि बिजली की तारें, लो-टेंशन केबल और ट्रांसफॉर्मर जैसी चीजें, जो कॉरिडोर के रास्ते में आ रही हैं, उन्हें हटाने का काम जोर-शोर से शुरू हो गया है। नरेला से मुरथल तक 22 किलोमीटर के पहले हिस्से में यह काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में करीब एक साल लग सकता है। 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर RRTS नेटवर्क के तीन प्राथमिक कॉरिडोर में से एक है। यह 136 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा और पानीपत तक जाएगा और बाद में करनाल तक विस्तार होगा। इसमें कुल 17 स्टेशन होंगे और ट्रेनें 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी। दिल्ली से पानीपत का सफर, जो अभी सड़क या पुरानी ट्रेनों से 2-3 घंटे लेता है, वह इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद 1 घंटे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा। सराय काले खां बनेगा RRTS का सुपर हब सराय काले खां स्टेशन इस प्रोजेक्ट का दिल होगा। यह न सिर्फ दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन होगा, बल्कि दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-अलवर कॉरिडोर के लिए भी नोडल हब बनेगा। इस स्टेशन को मल्टीमॉडल हब के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, जो दिल्ली मेट्रो, हजरत निजामुद्दीन ट्रांसपोर्ट इंटरचेंज और इंटर-स्टेट बस टर्मिनल से जुड़ेगा। यानी, एक ही जगह पर आपको ट्रेन, मेट्रो और बस, सब मिलेंगे। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मुक्ति NCRTC के मुताबिक, यह कॉरिडोर हर दिन करीब एक लाख यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण के लिए बेहतर यात्रा का विकल्प देगा। दिल्ली-अंबाला हाईवे (NH-44) पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और लोग सैटेलाइट शहरों में रहकर भी दिल्ली तक आसानी से आ-जा सकेंगे। इससे दिल्ली की भीड़-भाड़ कम होगी और आसपास के शहरों का विकास भी होगा।  

छात्रा की सुरक्षा पर सवाल: हरियाणा की यूनिवर्सिटी में हुई डरावनी वारदात

सोनीपत  सोनीपत के मुरथल में स्थित दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी से सामने आया हैरान करने वाला मामला सामने आया हैं। यूनिवर्सिटी में तैनात एक चपरासी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया है। पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर मामला दर्ज करना जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोनीपत के मुरथल में स्थित दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक छात्रा ने पुलिस को शिकायत में बताया कि युनिवर्सिटी में तैनात एक चपरासी ने बाथरूम में जबरदस्ती गुस्सा और हाथ पकड़ लिए और मुंह दबा लिया। इसके बाद प्राइवेट पार्ट को छूने का प्रयास करने लगा और दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन छात्रा ने किसी तरह अपने आप को बचाया और बाहर निकल गई। इसके बाद छात्रा ने पूरा मामला पुलिस को बताया। पुलिस ने छात्रा की शिकायत के बाद मुरथल थाना पुलिस ने चपरासी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहनता से जांच शुरू कर दी है। मामले में जानकारी देते हुए एसीपी निधि नैन ने बताया कि मुरथल में स्थित दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने चपरासी पर आरोपी लगाया है कि उसके साथ रेप का प्रयास किया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

जेल विभाग में छत्तीसगढ़ स्थापना रजत महोत्सव का शुभारंभ

रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने स्वयं किया रक्तदान रायपुर, राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग द्वारा 3 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक रजत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ आज केन्द्रीय जेल रायपुर में रक्तदान शिविर के साथ हुआ। शिविर का शुभारंभ करते हुए डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति में जेल विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। इस अवसर पर जेल विभाग के महानिदेशक श्री गुप्ता, केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री सहित कुल 28 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। इनमें 22 जेलकर्मी तथा 4 छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। रजत महोत्सव के अंतर्गत राज्य की सभी पाँच केंद्रीय जेलों—रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में जेल में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। यहाँ आम नागरिक किफायती दरों पर उत्पाद खरीद सकेंगे। इसके अतिरिक्त रजत महोत्सव सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 33 जेलों में रक्तदान शिविरों के साथ-साथ बंदियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 13 जिलों के किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक से खातों में की अंतरित

किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीवाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 जिलों के किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक से खातों में की अंतरित किसानों को पहली बार मिला सोयाबीन में पीला मोजेक से हुए नुकसान का मुआवजा मुख्यमंत्री को किसानों ने दिया धन्यवाद और किया अभिनंदन मुख्यमंत्री से किसानों ने कहा – आपने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी बाढ़ प्रभावित 3.90 लाख किसानों को मिली 371 करोड़ की राहत राशि पीला मोजैक से प्रभावित सोयाबीन फसल के मुआवजे के रूप में किसानों को मिली 282 करोड़ रूपए से अधिक की मदद मुआवजा राशि मिलने से किसानों का खाद-बीज खरीदना हुआ आसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 अक्टूबर को बड़वानी में नशामुक्ति सम्मेलन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री 10 अक्टूबर को रतलाम में भावांतर योजना रैली में करेंगे सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सेवा ही भगवान की सेवा है। बाढ़ हो, आपदा हो, ओलावृष्टि हो या कीट प्रकोप हो, किसान भाई हर विपदा से लड़ते और जूझते हैं। किसान पर कोई भी विपदा या आपदा आए सरकार संकट की हर घड़ी में साथी बनकर किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि आप अकेले नहीं हैं, पूरा परिवार बनकर हम आपके साथ हैं। आपकी खुशी में ही प्रदेश की खुशी है। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की आपदा और कीट प्रकोप से फसलों को हुई क्षति की राहत राशि किसानों को दी जाएगी। ये राहत राशि किसानों को बड़ा संबल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब तक आखिरी पीड़ित किसान को सहायता राशि नहीं मिल जाती, हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीपावली जैसी है। किसानों की मेहनत और जज्‍बा फिर से उनके खेतों को जीवन और समृद्धि से भर देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसानों को प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से हुई फसल क्षति की राहत राशि वितरण कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बीते माहों में हुई अतिवृष्टि-बाढ़ और सोयाबीन में पीला मोजेक रोग से हुए फसल नुकसान के लिए 13 प्रभावित जिलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को 653.34 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इसमें अतिवृष्टि/बाढ़ से हुई फसल क्षति से प्रभावित 3 लाख 90 हजार 167 किसानों को 331.34 करोड़ रूपये एवं पीला मोजेक/कीट व्याधि से हुई फसल क्षति से प्रभावित 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को 322 करोड़ रुपये की राहत राशि शामिल है। खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पीड़ित किसान भाईयों को राहत राशि देने और फसल सर्वे के कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 6 लाख 69 हजार से अधिक धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भी भावान्तर योजना शुरू की गई है। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अन्तर की राशि सरकार सीधे किसानों को देगी। हम किसानों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों भाईयों के दुख-दर्द में हम आपके सेवक बनकर खड़े हैं। किसानों के माथे का पसीना बेकार नहीं जाएगा, आपकी मेहनत फिर से हरियाली का रूप लेकर प्रदेश को समृद्ध करेगी, हम सदैव आपके साथ हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और उनके सुख-दु:ख में सहभागी है। हम प्रदेश के किसी भी किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को विभिन्न मदों में कुल 229 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। गत माह 6 सितंबर को ही फसल क्षति के लिए 11 जिलों के 17 हजार से अधिक किसानों को 20 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से फसल प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने किया किसानों से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि वितरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ित किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। संवाद के दौरान किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दशहरा एवं भव्य शस्त्र पूजन के आयोजनों एवं सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी। हमें यह महसूस हो रहा है कि सरकार हमारे साथ है। पीला मोजेक की राहत राशि हमें पहली बार मिली। यह सच्चे अर्थों में किसान हितैषी सरकार है। उत्साहित किसानों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राहत राशि मिलने से दशहरे पर ही किसानों की दीपावली हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर जिले के किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि केला आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि मिलने पर सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ही सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ हो गया है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सोयाबीन मंडी में बेचें, यदि एमएसपी से कम राशि में फसल बिकती है, तो बेची गई फसल की कीमत और एमएसपी के अंतर की राशि यानि भावांतर की राशि अगले 15 दिनों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए किसानों को इस साल सोयाबीन का अत्यधिक भाव मिलेगा। इस बार सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपए से अधिक बढ़कर 5328 रुपए हो गई है। … Read more

CM हेल्पलाइन का दुरुपयोग पड़ा महंगा, फर्जी शिकायतकर्ताओं पर अब होगा तगड़ा एक्शन

ग्वालियर  सीएम हेल्पलाइन में बार-बार और झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं को ग्वालियर में भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे कुछ आदतन शिकायत करने वालों के कुछ नाम मिल भी गए हैं जो जन सुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन में लगातार अलग-अलग शिकायतों से लेकर एक ही शिकायत बार-बार कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन के लेवल वन स्तर पर आने वाली शिकायतों को डील करने वाले अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है, शासन ने सभी जिलों से ऐसे लोगों के नाम व पूरी जानकारी कलेक्टरों से मांगी है। इसी क्रम में ग्वालियर के अधिकारी भी जानकारी तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजा पत्र बता दें कि शासन की ओर से कुछ दिनों पहले ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है। इसमें लिखा गया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के तहत झूठी व आदतन शिकायतकर्ता के संबंध में जानकारी प्रदान करने व उक्त शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त जन प्रतिनिधियों एवं विभागों द्वारा भी समय-समय पर इस संबंध में कार्रवाई का आग्रह किया गया है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऐसे शिकायतकर्ताओं के बारे में जानकारी व टीप दर्ज करने की सुविधा अधिकारियों की लाग इन आईडी में उपलब्ध है। ऐसे शिकायतकर्ताओं की पूरी जानकारी के साथ अधिकारियों से रिमार्क भी मांगा गया है। ब्लैकमेलिंग का जरिया बन रही सीएम हेल्पलाइन हकीकत में सीएम हेल्पलाइन का प्रभाव वर्तमान में कम हो गया है, हजारों शिकायतें हर माह आती हैं जिनमें बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें मिलती हैं जो बार-बार या ब्लैकमेल करने की नीयत से लगाई गई है। वहीं यह भी सच ही है कि अधिकारी अब सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर उतने संवेदनशील नहीं है जितने पहले थे।