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Indian Army की नई पहल: हरियाणा में ड्रोन प्रयोगशाला तैयार, युद्ध के लिए तैयारी शुरू

अंबाला  ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में युद्ध के मैदान में ड्रोन की भूमिका बेहद अहम होगी। इसी दिशा में भारतीय सेना ने तैयारी शुरू कर दी है। सेना न केवल स्थानीय उद्योगों पर निर्भर रहेगी, बल्कि स्वयं भी ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए कदम बढ़ा रही है। अंबाला में इसके लिए एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) के विशेषज्ञ कार्य करेंगे। सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ ड्रोन निर्माण से जुड़े कच्चे माल, उपकरण और तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी जुटा रहे हैं। इन जानकारियों के बाद प्रयोगशाला की नींव रखी जाएगी। वहीं अंबाला की खड्गा कोर ने भी कुछ ड्रोन प्रोटोटाइप तैयार किए हैं, जिनका उत्पादन प्राइवेट कंपनियों की मदद से किया जा रहा है। सेना का लक्ष्य आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐसे ड्रोन बनाना है जो पूरी तरह स्वदेशी हों। फिलहाल अधिकतर ड्रोनों में विदेशी उपकरणों का उपयोग होता है, लेकिन अब भारतीय स्टार्टअप स्वदेशी तकनीक को आगे बढ़ा रहे हैं। युद्ध के लिए तैयार होंगे हजारों ड्रोन MES विशेषज्ञों को जल्द ही ड्रोन व काउंटर-ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रयोगशाला में शोध और विकास का कार्य शुरू होगा। सेना की योजना हर यूनिट में ऐसे दस्ते तैयार करने की है जो ड्रोन संचालन और तकनीकी समझ में दक्ष हों। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य के युद्ध में हजारों ड्रोन और उनके साथ विस्फोटक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा।

खुशखबरी! पंजाब में 23 लाख पेंशनधारकों को समय पर मिलेगी पेंशन

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों के तहत बुढ़ापा पेंशन योजना के अंतर्गत अगस्त 2025 तक 2055.05 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 23.09 लाख वरिष्ठ लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 4100 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि उनके बुजुर्ग उनका गौरव हैं और उनकी पेंशन में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि बुजुर्गों की पेंशन निर्धारित समय के अनुसार जमा की जाए। पेंशन जारी करने में किसी भी लापरवाही या देरी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बुजुर्गों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए बुनियादी सहारा हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सुविधा बिना किसी बाधा के प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचे। 

ठंडी हवा में रहना बन सकता है नुकसानदेह! आंखों की ड्राईनेस से बचने के उपाय

बुलंदशहर अक्टूबर माह शुरू हो गया है और गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में एसी (एयर कंडीशनर) बराबर चलाया जा रहा है। एसी की ठंडी हवा में रहने की आदत आंखों पर भारी पड़ रही है। एसी की ठंडी हवा आंखों का पानी सोख रही है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंखों के डाक्टरों के पास पहुंचने वाले 20 प्रतिशत मरीज इसी बीमारी के शिकार हैं। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. धीर सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज 150 से 180 तक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20-25 मरीज ड्राई आई सिंड्रोम के हैं। इस तरह एक महीने में लगभग 600 से 750 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि तीन महीने में यह आंकड़ा 2250 तक पहुंच गया। इस सिंड्रोम के सर्वाधिक शिकार कामकाजी लोग हैं। जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। इनमें से अधिकतर वह लोग हैं, जोकि एसी में अधिक समय बिताते हैं। साथ ही ये स्क्रीन टाइम भी अधिक लेते हैं।   मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक वे एक दिन में औसतन पांच से सात घंटे का स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। इसमें चार घंटे लैपटाप या कंप्यूटर और दो से तीन घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह दोनों कारण आंखों को सुखाकर दिक्कतें देने लगे हैं। बच्चों और बड़ों दोनों में मिल रही यह समस्या  मेडिकल कालेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या वर्मा का कहना है कि एयर कंडीशनर ठंडी हवा देने के लिए हवा से नमी सोख लेता है। आसपास का वातावरण शुष्क हो जाता है। इससे आंखें सूख जाती हैं। इसके अलावा खराब खानपान, कम पानी पीना, अधूरी या पर्याप्त नींद न लेना, प्रदूषण भी ड्राईनेस को बढ़ा रहा है। बीते 15 सालों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर कामकाजी तक ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्हें तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क डाक्टरों के अनुसार ड्राई आई सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में आंखों में पानी आना, चिपकना, आंख में कुछ पड़ा महसूस होना, करकराहट, आंखों में चुभन, लाल आंखें हैं। ध्यान रहे कि सिंड्रोम में आंख का पानी कम और ज्यादा बनना दोनों शामिल है। डायबिटीज, थायराइड और किसी अन्य स्थाई बीमारी वालों को यह दिक्कत जल्दी होती है। दवाओं से सर्जरी तक की नौबत अगर रोग को पहली स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाइयां और ड्राप से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए कोर्निया विशेषज्ञ के पास जाना ही ठीक रहेगा। रोग पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। महज आंखों को देखकर ही इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बार अगर रोग बिगड़ गया तो सर्जरी की नौबत भी आ सकती है। बचाव के उपाय एसी की हवा सीधे शरीर पर नहीं आनी चाहिए। तापमान को शरीर से एक-दो डिग्री नीचे रखें। खुले या एसी के बंद स्थान पर चश्मा पहनने से बचाव होता है। पर्याप्त पानी पीते रहें, इसकी कमी से भी आंखें सूख जाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकाते रहें।

वृद्धजनों के लिए खुशखबरी: चार बड़े शहरों में स्थापित होंगे PPE मॉडल वृद्धाश्रम, प्रदेश में सियान गुड़ी का निर्माण

रायपुर सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन आज रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वृद्धजनों के लिए कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से ‘सियान गुड़ी’ बनाई जाएगी, जो जगह-जगह स्थापित की जाएंगी। जिन वृद्धजनों को घर में ठीक से सुविधा नहीं मिल पाती, उन्हें सियान गुड़ी में सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही प्रदेश के चार बड़े शहरों में PPE मॉडल पर वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे। रायपुर के अंदर भी एक विशेष सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां पर वृद्धजनों को जो भी चीजें सरकार मुहैया कराती है, उनका मरम्मत किया जाएगा। जब उन्हें फोन व्हीलचेयर दिया जाता है, वह खराब होता है तो उन्हें जगह-जगह भटकना पड़ता है। इस सेंटर के खुलने से उन्हें फायदा होगा।

‘तीसरी आँख’ से निगरानी: पटना में पर्व पर सुरक्षित मनाया जाएगा दुर्गा पूजा और विजयादशमी

पटना दुर्गा पूजा और विजयादशमी के अवसर पर पटना को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रबंध किए गए हैं। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की 'तीसरी आँख' यानी अत्याधुनिक कैमरों से शहर के पूजा पंडालों, मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों की 24 घंटे बारीकी से निगरानी की जा रही है। किसी भी संदिग्ध या आकस्मिक गतिविधि की स्थिति में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से त्वरित कारर्वाई सुनिश्चित होगी। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ यह तकनीकी व्यवस्था श्रद्धालुओं को निश्चिंत वातावरण प्रदान करेगी। विजयादशमी के अवसर पर गांधी मैदान में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वहाँ अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इस कंट्रोल रूम में जिला प्रशासन एवं बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर निरंतर नज़र रखी जाएगी। पूरे शहर में लगे 69 पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से नागरिकों को लगातार सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। पूजा पंडालों और प्रमुख स्थलों पर लोगों को दिशा-निर्देश और सावधानियों से अवगत कराया जा रहा है। 415 स्थानों पर 3300 से अधिक कैमरे पटना शहर के 51 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स स्थापित किए गए हैं। आकस्मिक परिस्थिति में 'हेल्प ' बटन दबाते ही कॉल सीधे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ जाएगी, जिससे तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना के अंतर्गत पटना शहर में कुल 415 स्थानों पर 3300 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं।

रेल सुधार: SECR के 15 स्टेशनों में 298 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

रायपुर संरक्षित रेल परिचालन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में रेलवे बोर्ड द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है. इस स्वीकृति के तहत बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत शेष 15 पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित की जाएगी. इस कार्य पर लगभग 298.60 करोड़ की लागत आएगी. इन 15 स्टेशनों में बिश्रामपुर, कमलपुरग्राम, अंबिकापुर, मौहारी, हरद, पाराडोल, कोतमा, बिजुरी, करंजी, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, घुटकू, कलमीटार, लैंको एवं कुसमुंडा शामिल हैं. भारतीय रेल की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के सफल क्रियान्वयन हेतु इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का समावेश अत्यंत आवश्यक है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली न केवल ट्रेन परिचालन को अधिक संरक्षित बनाएगी बल्कि यह कवच प्रणाली के साथ सीधे तौर पर एकीकृत होकर वास्तविक समय (रियल टाइम) डेटा साझा करने में सक्षम होगी. रेलवे बोर्ड द्वारा दी गई इस स्वीकृति के पश्चात बिलासपुर मंडल के इन 15 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और कवच प्रणाली का संयुक्त संचालन रेलवे संरक्षा मानकों को और मजबूत करेगा तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध रेल यात्रा सुनिश्चित करेगा. इससे मिलने वाले प्रमुख लाभ     ट्रेन संचालन की अधिक संरक्षा और दक्षता     कवच प्रणाली के साथ सहज एकीकरण     तेज ट्रेन नियंत्रण और आकस्मिक स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया     सम्पूर्ण नेटवर्क की विश्वसनीयता और कायर्कुशलता में वृद्धि

रायपुर लोकसभा में 15 नवंबर से सांसद खेल महोत्सव, बृजमोहन अग्रवाल ने तैयारियों की बैठक ली

रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 15 से 19 नवंबर 2025 तक रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर केन्द्र सरकार के खेल मंत्रालय के फिट इंडिया मुव्हमेंट को जनआंदोलन बनाने किया जाएगा. लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर नगर निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में पहुंचकर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे की उपस्थिति में बैठक लेकर रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की रूप रेखा की विस्तृत जानकारी देकर कहा कि रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनो के सभी 70 वार्डो में नागरिको के बीच खेल का वातावरण बनें. लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद खेल महोत्सव में सम्मिलित होने क्यूआर बार कोड को स्कैन कर उसमें दिये गये खेल महोत्सव फार्म को भरवाकर अधिक से अधिक नागरिको को खेलो के प्रति प्रोत्साहित कर सम्मिलित करने कहा है. सांसद ने सभी जोन कमिश्नरो को जोन स्तर पर जोन अध्यक्ष पार्षदो सहित खेल संघो के पदाधिकारियों, खिलाडियो की बैठक लेकर आयोजन में अधिक से अधिक लोगो को जोडने कहा है. सांसद ने रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन को भव्य एवं सफल बनाकर इसमें सभी को जोडने जोन स्तर पर 3-4 स्थानो का चयन करने एवं लोगो को इसमें सम्मिलित 13 खेल विधाओ खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, रस्साकसी, भारोत्तोलन, कुश्ती, रोप स्पीकिंग, स्वीमिंग, शरीर सौष्ठव, शतरंज, फुगडी, गेड़ी की जानकारी देकर लोगों को अधिक से अधिक इसमें सम्मिलित करने प्रोत्साहित करने की अपील सभी वार्ड पार्षदो से की है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयुक्त एवं जोन कमिश्नरो को इसमें रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के 15 से 19 नवंबर तक होने जा रहे रायपुर में आयोजन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने सभी उद्यानो, वाचनालयो, स्कूल, कॉलेजो, दशहरा उत्सव आयोजन स्थलो, सभी क्लबो, निजी स्कूलो, निजी कॉलेजो, महिलाओ, पुरुषो, घर घर अभियान चलाकर इसे भव्य बनाने अपील की है. सांसद ने कहा कि नगर निगम रायपुर के प्रत्येक जोन में कम से कम 4 और 10 जोनों में 40 स्थल मैदान के रूप में चिन्हित कर उसमें रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जाना है. इसके लिए बैनर पोस्टर पाम्पलेट होर्डिंग के जरिए नागरिको को अधिक से अधिक जानकारी दी जानी है. सांसद ने 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2025 तक 1 माह रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन को भव्य बनाने व्यापक प्रचार प्रसार करने कहा है. ताकि रायपुर राजधानी शहर में नागरिको के मध्य खेलों के प्रति वातावरण सकारात्मक रूप से तैयार हो सकें और अधिक से अधिक लोग इसमें सम्मिलित हो सके. सभी विद्यार्थियों, युवाओं, छात्र-छात्राओ, पुरुषों, महिलाओं को इससे अवगत कराकर उन्हें महोत्सव में अधिकाधिक सम्मिलित होने आयोजन के फार्म भरने प्रोत्साहित किया जाना है. महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आज के मोबाईल डिजिटल युग में नगर निगम रायपुर के सभी 70 वार्ड पार्षद सौभाग्यशाली है कि उन्हें रायपुर नगर निगम की टीम बनाकर रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव में सम्मिलित होने का अवसर मिल रहा है. महापौर ने अपील की कि रायपुर नगर निगम की सभी महिला वार्ड पार्षद अपने वार्ड की रहवासी महिलाओ को आयोजन से अधिक से अधिक जोडे और उसके लिए बारकोड को स्कैन करवाकर फॉर्म भरवाकर आयोजन को भव्यता देने सहभागी बने. सभी पुरूष पार्षद पुरुषो को जानकारी अधिकाधिक दें और टीम तैयार कर उन्हें महोत्सव से अधिक से अधिक संख्या में जोड़े. इसके लिए डेढ़ माह के समय का सभी पार्षदगण पूर्ण सदूपयोग अपने वार्ड में करें जिससे आयोजन भव्य और सफल बने. सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने कहा कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानो में जोन के अधिकारी रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के रायपुर में 14 से 19 नवंबर तक के आयोजन की जानकारी जन-जन को देने बड़ी विज्ञापन होर्डिंग लगवाए. उन्हें स्कूल कालेजों के आस पास भी लगवाया जाए ताकि विद्यार्थी और युवा इसे देखकर जानकारी लेकर फार्म भरे. साथ ही अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित हो सके. ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि इस आयोजन में क्षेत्र की आमजनता को अधिक से अधिक जोड़ने के कार्य में निश्चित ही सभी पार्षदों को काफी आनंद आएगा, इससे महौल खेल में बनेगा. बड़े आकार के पोस्टर लगाकर पूरे राजधानी शहर में रायपुर में होने वाले आयोजन की जानकारी सभी राजधानीवासियों तक पहुंचाये. दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि नगर निगम कमिश्नर, सभी पार्षदों और जोन कमिश्नर सुनिश्चित करें कि रायपुर लोकसभा सासंद खेल महोत्सव में 1 नवंबर 2025 से होने वाले राज्योत्सव आयोजन तक. इसमें सम्मिलित होने वाले खिलाड़ियो की विभिन्न खेलों की सूची तैयार हो जाए. महोत्सव को अधिकाधिक सफल बनाने विकेन्द्रीकरण प्रणाली से कार्य करे और सभी वार्ड पार्षद अपने वार्ड में खिलाड़ी युवाओ की टीम महोत्सव से उन्हे जोड़कर तैयार करें. उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन में सभी लोग अधिकाधिक संख्या में शामिल हो. सभी खूब खेलें और आगे बढ़े ऐसा संकल्प लेकर कार्य करें. रायपुर उत्तर विधायक ने नागरिको को विजयादशमी पर्व 2025, 2 अक्टूबर को रायपुर के डब्ल्यूआरएस मैदान और रावणभाठा मैदान में हो रहे भव्य दशहरा उत्सव आयोजन में परिजनो सहित आकर सम्मिलित होने की अपील की. आयोजन को लेकर एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, पार्षद ट राजेश गुप्ता, जोन 5 अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किए. जोन 5 जोन के अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर नगर निगम के 70 वार्डो में वार्ड पार्षदों को मूलभूत विकास कार्य करवाने के लिए हर वार्ड के लिए 50-50 लाख रू. देने की घोषणा की. साथ ही उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री अरूण साव से पहल कर मंच से करवाने के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया. लोकसभा सांसद ने सभी 70 वार्ड पार्षदो को बधाई दी और आयुक्त सहित सभी जोन कमिश्नरो को वार्ड पार्षदों से समन्वय रखकर शीघ्र प्रत्येक वार्ड में मूलभूत विकास कार्य करवाने 50-50 लाख के प्रस्ताव तैयार करके शीघ्र नगरीय प्रशासन विभाग में भेजने निर्देशित किया. ताकि शीघ्र उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर राशि विकास करने वार्डों के लिए नगर निगम रायपुर को प्राप्त हो सके. आयुक्त विश्वदीप … Read more

CM सैनी ने किया बड़ा ऐलान: दिवाली से पहले किसानों को मिलेगा इन फसलों का मुआवजा

चंडीगढ़ हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि जिन किसानों की फसल बारिश और बाढ़ के कारण खराब हो चुकी है। उन किसानों को सरकार की ओर से 15 हजार प्रति एकड़ मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक बाढ़ और जलभराव से घरों, घरेलू सामान और पशुओं की हानि के लिए 2386 लोगों को मुआवजे के तौर पर 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपए की राशि उनके खातों में पहुंचाई जा रही है। इनमें 2371 मकानों के नुकसान के लिए 4 करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपए, 13 पशुओं की हानि के लिए का मुआवजा शामिल है। सीएम ने कहा कि दिवाली से पहले किसानों के खाते में मुआवजा राशि डाल दी जाएगी। इसके अलावा इन किसानों को रबी फसल के लिए फसली ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस फैसले से लगभग 3 लाख किसानों को ऋण के बोझ से राहत मिलेगी। सीएम आज चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। सीएम सैनी कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 1 नवंबर को पात्र महिलाओं के बैंक खाते में डाल दी जाएगी।  हमने बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गत 15 सितंबर तक ई-मुआवजा पोर्टल खोला इस मुआवजा पोर्टल पर प्रदेश के 6397 गांवों के 5 लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है।  सीएम ने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ से 50 प्रतिशत से ज्यादा फसलों का नुकसान हुआ, और उन गांवों के ऋणी किसान का फसल खराबा 33 प्रतिशत या उससे अधिक हुआ है। ऐसे गावों के किसानों द्वारा सहकारी समिति से लिए गए खरीफ के चालू फसली ऋण की वसूली स्थगित की जाती है। सीएम सैनी ने कि कहा, आज ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर, 2025 तक स्थगित करने की घोषणा करता हूं। जिन बिलों का भुगतान जुलाई, 2025 तक किया जाना था, वे अब जनवरी, 2026 से किसी भी अतिरिक्त शुल्क के बिना देय होंगे। इससे प्रदेश के 710000 किसानों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी। सीएम सैनी ने बताया कि आज प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404 करोड़ 79 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि 5719 पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों के खातों में जाएगी। हमने पिछले चार सालों में पंचायती राज संस्थाओं को 3700 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दी है।

पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन: पंजाब पुलिस में भर्ती को लेकर नए आदेश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार अगले साल पुलिस विभाग में 3400 कांस्टेबलों की सीधी भर्ती करेगी। इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी ने हाल ही में राज्य के सभी पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एस.एच.ओ. रैंक तक के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए सरकार ने नई असामियों का सृजन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ए.एस.आई. से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए 1600 असामियों का सृजन किया गया है। इसमें 150 इंस्पेक्टर्स, 450 एस.आई. और 1000 ए.एस.आई. की असामियां पदोन्नति के माध्यम से भरी जाएंगी। इसके साथ ही डीजीपी ने जिला काडरों में लगभग 4500 अन्य असामियों को चरणबद्ध तरीके से भरने के आदेश दिए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने एसएचओ से लेकर सीनियर रैंक तक के अधिकारियों को त्योहारों के सीजन में शांति बनाए रखने के लिए व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गैंगस्टरों, नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ निर्भीकता और सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांस्टेबल रैंक से लेकर एसएसपी तक हर अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और गैंगस्टर व ड्रग्स के मामलों में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई में 87 प्रतिशत मामलों में दोष साबित हो रहा है। डीजीपी ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल हर रैंक के अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

तेजस्वी की उम्मीदों पर पानी फेरने को तैयार कांग्रेस? बिहार की राजनीति में बढ़ा तनाव

पटना सारा श्रृंगार किया पर ‘घेघा’ बिगाड़ दिया…बिहार के ग्रामीण अंचलों में ये कहावत काफी लोकप्रिय है. इसका उपयोग वैसे संदर्भों में किया जाता है जब ‘अज्ञानता वश’ किसी के पूरे परिश्रम पर पानी फिर जाता है. बिहार चुनाव के संदर्भ में क्या महागठबंधन के साथ यही कुछ होने जा रहा है? दरअसल, वोट चोरी और बिहार एसआईआर के मुद्दे पर जिस तरह से राहुल गांधी ने आक्रामक रूप दिखाया और एनडीए सरकार के विरुद्ध तमाम माहौल बनाया, क्या यह बिहार में फलीभूत होता हुआ दिख रहा है? 16 अगस्त से लेकर 3 सितंबर तक राहुल गांधी ने बिहार की यात्रा भी की, तेजस्वी यादव को भी साथ लिया और पूरी आक्रामकता से जदयू-भाजपा सरकार पर जोरदार प्रहार भी किए, लेकिन इसका परिणाम क्या हुआ? टाइम्स नाउ और जेवीसी की ताजा चुनावी सर्वे रिपोर्ट इसकी परतें खोलती है जो कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है! कांग्रेस की सियासी जमीन और खिसकी दरअसल कांग्रेस ने बिहार में कांग्रेस की मिट्टी पलीद हो जाने की तस्वीर इस सर्वे में दिखाई गई है. खास बात यह कि बीते 2020 के चुनाव से भी बदतर नतीजे कांग्रेस के लिए इस ताजा सर्वे में दिखाए जा रहे हैं. सर्वेक्षण से पता चलता है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का ‘वोट चुराने’ का अभियान मतदाताओं को रास नहीं आया है और 52 प्रतिशत लोगों ने विशेष जांच के आरोपों को निराधार बता दिया है. खास बात तो यह है कि सीटों के आंकड़े ऐसे हैं जो कांग्रेस की सियासी जमीन ही उसके पैरों तले से खिसका देने वाली है. नीतीश-तेजस्वी की टक्कर में कांग्रेस गुम! बता दें कि बिहार चुनाव 2025 जनमत सर्वेक्षण में जेवीसी पोल के अनुसार, इस साल नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) को 53 सीटें मिलने की उम्मीद है. दूसरी ओर, भाजपा को 71 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि राजद को 74 सीटें मिलने की उम्मीद है. यानी राजद और भाजपा बराबरी की टक्कर में है और पिछले चुनाव की तुलना में जदयू भी बढ़ता हुआ दिख रहा है और 10 सीटें अधिक आने का अनुमान है. लेकिन, सवाल कांग्रेस को लेकर है कि आखिर देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का बिहार में क्या होने वाला है? सर्वे की बड़ी तस्वीर, कांग्रेस की कमजोर नींव बता दें कि ओपिनियन पोल में सीटों की संख्या के मामले में एनडीए महागठबंधन पर मज़बूत बढ़त बनाए हुए है. जेवीसी पोल के अनुसार, एनडीए को 131-150 सीटें मिलने की उम्मीद है, जिसमें भाजपा को 66-77 सीटें, जेडी(यू) को 52-58 सीटें और एनडीए के अन्य सहयोगियों को 13-15 सीटें मिल सकती हैं. वहीं, सर्वेक्षण में महागठबंधन के लिए अनुमान लगाया गया है कि राजद को 57-71 सीटें मिल सकती हैं, उसके बाद कांग्रेस को 11-14 सीटें और अन्य को 13-18 सीटें मिल सकती हैं. इस तरह विपक्षी गठबंधन की कुल सीटों की संख्या 81-103 हो जाती है. सीएम फेस की रेस में तेजस्वी से आगे नीतीश प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को 4-6 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एआईएमआईएम, बसपा और अन्य को 5-6 सीटें मिलने का अनुमान है. सर्वेक्षण की सबसे खास बात यह है कि ये ओपिनियन पोल नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश दे रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी और बिहार में अपना जनाधार खोने की अफवाहों के विपरीत, बिहार चुनाव से पहले एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि जेडीयू को 2020 की तुलना में अधिक सीटें मिलने की संभावना है. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा नेता बनकर उभरे हैं. चुनावी समीकरण और वोट शेयर का गणित जेवीसी पोल के अनुसार, इस साल नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) को 53 सीटें मिलने की उम्मीद है। यह 2020 की तुलना में दस सीटें ज़्यादा है और इस साल अगस्त में किए गए सर्वेक्षण के अपने अनुमान से लगभग दोगुनी है. पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा और राजद ने क्रमशः 74 और 75 सीटें जीती थीं. वोट शेयर की बात करें तो एनडीए को 41-45 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि महागठबंधन को 37-40 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर का एक्स-फैक्टर जेवीसी सर्वे के अनुसार, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, जिसे कई लोग आगामी चुनावों में ‘एक्स-फैक्टर’ मानते हैं, 10-11 प्रतिशत वोट शेयर के साथ अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. दूसरी ओर, कांग्रेस को एक और झटका लग सकता है. मुख्यमंत्री के सवाल पर, अधिकांश उत्तरदाताओं ने नीतीश को प्राथमिकता दी, 27 प्रतिशत ने उन्हें वोट दिया. राजद के तेजस्वी यादव 25 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इसके बाद प्रशांत किशोर (15%), चिराग पासवान (11%) और सम्राट चौधरी (8 प्रतिशत वोट) हैं. राहुल की रणनीति पर सवाल, तेजस्वी की टेंशन राहुल गांधी ने वोट चोरी और एसआईआर मुद्दे पर जमकर आक्रामकता दिखाई, लंबा दौरा किया, तेजस्वी यादव को साथ लिया और एनडीए सरकार को घेरा भी. लेकिन, सर्वे बताता है कि मतदाताओं को यह रणनीति रास नहीं आई. उल्टे, कांग्रेस की सियासी ज़मीन और खिसकती दिख रही है. राहुल गांधी की रणनीति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह भी कि क्या बिहार के चुनावी रण में कांग्रेस फिर वही गलती दोहराने जा रही है जो राजद और तेजस्वी यादव के लिए सेटबैक साबित होने जा रही है. जाहिर है बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आए ताज़ा जेवीसी सर्वे ने कांग्रेस की चिंता और गहरी कर दी है.