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अमरकंटक ताप विद्युत गृह ने शक्ति पर्व में दिखाई ताकत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रशंसा

69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।  ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। 95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया। पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।  

आजम खान ने खोला राज़: मुलायम मेरे पीछे नंगे पैर दौड़े और मेरी मौत पर भी होगा धूमधाम जनाजा

नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।  

दानिश अली की बरेली यात्रा रोकी, हाउस अरेस्ट में; विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

अमरोहा उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पूर्व कांग्रेस सांसद कुंवर दानिश अली को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। दानिश अली बरेली जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर दानिश अली और कांग्रेस समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया है। पुलिस के अनुसार, दानिश अली का बरेली दौरा कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए एहतियातन उन्हें नजरबंद किया गया। यह मामला अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के बाईपास का है। वहीं, दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हमारा बरेली जाने का हमारा कार्यक्रम था। बरेली में सुनियोजित तरीके से लोगों का दमन किया जा रहा है। हम वहां पर पुलिस प्रशासन को यह कहने के लिए जा रहे थे कि वो लोगों का दमन नहीं करें। वहां पर बेगुनाह लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं। यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। लोकतंत्र में इस तरह की व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम वहां पर लोगों से शांति की अपील कर रहे हैं और वहां पर लोगों से यह भी कह रहे हैं कि वो किसी के भड़कावे में न आएं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि आप यह दमनकारी नीति को छोड़िए। नाइंसाफी और दमन ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता है। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। आज की तारीख में यह सरकार दमनकारी नीति के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे शर्म आती है कि वह मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं अपने लोगों के बीच में उनका दुख बांटने जाना चाहता हूं। वहां पर लोगों के दुकान और घरों को तोड़ा जा रहा है और दुख की बात है कि वे हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ये लोग ज्यादा दिनों तक हमारी आवाज को नहीं दबा सकते हैं। इन लोगों ने हमें रोक लिया। हम सात-आठ लोग जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर यह कहां का न्याय है? उन्होंने कहा कि ये लोग ऐसा करके उत्तर प्रदेश में आमजन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ये सरकार पूरी तरह से अमानवीय है। यह सरकार दमनकारी सरकार है, क्योंकि इन लोगों को अब पता चल चुका है कि इनकी सरकार अब जा चुकी है। हमारे नेता राहुल गांधी ने जिस तरह से वोट चोरी का मुद्दा उठाया है, उससे लोगों के बीच में एक संदेश गया है कि यह वोट चोरी करने वाली सरकार है। पुलिस ने बताया कि बरेली में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, दानिश अली ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा, “मुझे बिना किसी ठोस कारण के घर में कैद किया गया है। यह जनप्रतिनिधि के अधिकारों पर हमला है।”  

ओवैसी के उम्मीदवार और एनडीए की चुनौती: अमौर सीट पर रोमांचक मुकाबला

पूर्णिया बिहार के सीमांचल क्षेत्र की अमौर विधानसभा सीट का जिला पूर्णिया और लोकसभा क्षेत्र किशनगंज लगता है। यह विधानसभा काफी पिछड़ी है जिसका प्रमुख कारण इस क्षेत्र की भौगोलिक दशा है। यह विधानसभा चारों तरफ से नदियों से घिरी है। उतर दिशा में जहां कनकई नदी, पूर्व में कनकई के साथ महानंदा नदी, दक्षिण में दास नदी, वहीं पश्चिम दिशा में परमान नदी है। इन नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण हर साल आने वाली बाढ़ एवं नदी कटाव के कारण नदियों के किनारे बसे दर्जनों गांव के लोग न चाहते हुए दोहरी मार को वर्षों से सहते आ रहे हैं। हालांकि, नदियों के जाल के बीच अब विकास ने भी चाल पकड़ ली है। दशकों के इंतजार के बाद रसेली घाट और खाड़ी पुल पर काम जोर शोर से चल रहा है। रसेली घाट पर पुल बन रहा है। जनवरी में आवागमन शुरू होने की संभावना है। खाड़ी पुल पर भी आवाजाही अगले मॉनसून से पहले शुरू हो जाएगी। अभयपुर में महानंदा ब्रिज बन रहा है। इसका फायदा लाखों लोगों को होगा। अमौर विधानसभा सीट 1951 में अस्तित्व में आई था। पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद ताहिर ने जीत हासिल की थी। 1957 में हुए चुनाव में अमौर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद इस्माइल को जनता का समर्थन मिला। 1962 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मोहम्मद अलीजान ने विरोधियों को शिकस्त दी। 1967 और 1969 के चुनाव में यहां से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर हसीबुर रहमान चुनाव जीते। 1972 में निर्दलीय हसीबुर रहमान ने एक बार फिर अमौर में चुनावी बाजी मारी। 1977 में अमौर सीट पर जनता पार्टी के टिकट पर चंद्रशेखर झा चुनाव जीते। 1980 में कांग्रेस से मोईजुद्दीन मिंशी ने अमौर सीट पर विरोधियों को शिकस्त दी। 1985 में अमौर सीट पर ए जलील ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की। 1990 में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर ए जलील ने जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 1995 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से मुजफ्फर हुसैन ने विरोधियों को शिकस्त दी। 2000 और 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल जलील मस्तान ने अमौर सीट पर लगातार दो बार जीत का परचम लहराया था। 2010 के विधानसभा चुनाव से भाजपा से सबा जफर ने जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था। वहीं 2015 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर अब्दुल जलील मस्तान ने जीत हासिल की। बिहार में AIMIM के इकलौते विधायक अमौर से 2020 में एआईएमआईएम प्रत्याशी अख्तरुल ईमान को जीत मिली। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का राज्य में इकलौता विधायक अभी यहीं से है। वर्तमान में वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इस बार एआईएमआईएम के अलावा जदयू, कांग्रेस और जन सुराज के नेता इस क्षेत्र में सरगर्म हैं। चर्चा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए से अख्तरुल ईमान को कड़ी चुनौती मिलेगी। AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान का दावा है कि अब तक की सरकारों ने सीमांचल की अनदेखी की है तो क्षेत्र में समस्या है। मगर उन्होंने अमौर समेत सीमांचल की बातों को मजबूती के साथ सदन में रखा है। अमौर विधानसभा क्षेत्र में पांच वर्षों में 800 करोड़ की योजनाओं को धरालत पर उतारकर नया अध्याय जोड़ा गया है। खाड़ी पुल, रसेली पुल, अभयपुर में ब्रिज समेत बांकी पुल-पुलिया का निर्माण हो रहा है। नदियों के कटाव को रोकने के लिए मजबूती के साथ काम करवाए गए हैं। वहीं, जेडीयू नेता सबा जफर का दावा है कि अमौर विधानसभा क्षेत्र में जो भी विकास हुआ है, वह राज्य और केंद्र सरकार की बदौलत। दोनों सरकारों के प्रयास से विधानसभा क्षेत्र में रसेली और खाड़ी में पुल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM विधायक ने अपने प्रयास से क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया है। यहां जो भी विकास हो रहा है, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की देन है। क्षेत्र के लोग भी इस बात को भली भांति समझते हैं। अमौर में चाय की खेती शुरू किशनगंज के बाद पूर्णिया जिले में अमौर विधानसभा क्षेत्र पहला क्षेत्र बन गया है जहाँ चाय की खेती शुरू हो गयी है। विधानसभा क्षेत्र के चंदवार से शुरू हुई चाय की खेती आज आधा दर्जन से अधिक जगहों पर किसान करने लगे हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में अमौर का लगभग तीन सौ वर्ष पुराना माँ दुर्गा मंदिर व विष्णुपुर का माँ काली मंदिर के समीप बरगद का पेड़ सनातनियों के लिए आस्था का केंद्र है। वहीं कई मजार भी हैं जो आस्था का केंद्र है। इस विधानसभा क्षेत्र में गंगा-जमुना संस्कृति की झलक देखते ही बनती है। जहाँ हिन्दू भाई ईद,शबे बारात आदि की बधाइयां देने के लिए मुस्लिम भाइयों के घर जाकर बड़े चाव के साथ सेवई का आनंद लेते हैं। वहीं मुस्लिम लोग भी दुर्गा पूजा, दीपावली व होली पर बधाई देने घर पहुँच घर में बने स्वादिष्ट पकवान का भरपूर आनंद लेते है।  

सदमे में यूपी: बच्चों की हत्या के बाद परिवार ने आग लगाई, 6 की मौत ने हिला दिया प्रदेश

बहराइच  उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक दिलदहला देने वाली घटना सामनने आई है। एक ग्रामीण ने गड़ासे से दो किशोरों की हत्या कर दी और फिर परिवार सहित खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। घटना में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, मवेशी भी जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कुल मिलाकर इस हृदय विदारक घटना में छह लोगों और चार मवेशियों की जान चली गई। निंदुनपुरवा टेपरहा गांव में बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोवाई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14) पुत्र लच्छी राम और सनी वर्मा (13) पुत्र ओमप्रकाश को घर बुलवाया। दोनों ने नवरात्र का अंतिम दिन होने के चलते घर पर काम अधिक होने की बात कह कर खेत में काम करने से इनकार कर दिया। इसी बात से गुस्साए विजय ने अपने घर के आंगन में गड़ासे से वारदात कर डाली। इसके बाद खुद को परिवार सहित कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में दंपती व दो बेटियों समेत चार लोग जिंदा जल गए। कुल छह मौतों की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। उधर, पुलिस पूरे मामले की मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि गांव निवासी विजय कुमार खेती बाड़ी और पशुपालन का काम करता था।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने नवरात्रि पर आस्था का संदेश दिया, कन्या पूजन कर किया शुभकामनाओं

रायपुर नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा और आसपास के माँ दुर्गा मंदिरों व पंडालों में पहुंचें। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने महाआरती में भाग लिया, श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सेवा मंडली के साथ माता सेवा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने काली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, चंडी मंदिर, परमेश्वरी मंदिर और ठाकुरपारा, कुम्हारपारा, राजमहल चौक, भोरमदेव रोड एवं सकरहा घाट में स्थापित दुर्गा पंडालों का दर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से भेंटकर नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने छीरपानी कॉलोनी, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, महामाया मंदिर और जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित पंडालों में भी मां दुर्गा के दर्शन किए और बच्चों की खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने वीर सावरकर सभागार, कवर्धा में आयोजित कन्या पूजन एवं भोजन कार्यक्रम में भी भाग लेकर बालिकाओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नवरात्रि पर्व की आत्मा है और यह नारी शक्ति, मातृशक्ति एवं बालिकाओं के प्रति आदर-सम्मान का प्रतीक है। समाज में स्त्रियों का सम्मान और सशक्तिकरण ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व है, जो हमें माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना कर सकारात्मक प्रेरणा देता है। उपवास, साधना, कन्या पूजन और सामूहिक भक्ति समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने सभी से नवरात्रि पर्व को श्रद्धा, भक्ति और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की अपील की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर  शर्मा ने सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती गणपत सुषमा बघेल और जिला पंचायत सभापति  रामकुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

100 नकली नोट खपाने की कोशिश में दो नाबालिग गिरफ्तार

कांकेर नकली नोट खपाने की फिराक में घूम रहे दो नाबालिगों को कांकेर पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से 100-100 रुपए के कुल 53 जाली नोट बरामद किया गया। पुलिस ने कांकेर थाना में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को सूचना मिली थी कि दो युवक दुकानों में नकली नोट देकर सामान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलीसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मोहसिन खान के निर्देशन में कांकेर पुलिस की टीम ने रेड कार्रवाई की। तलाशी के दौरान एक बालक के लोवर की जेब से 18 जाली नोट और दूसरे के जींस से 28 जाली नोट बरामद हुए। बाद में मेमोरण्डम के आधार पर 07 नोट और मिले। इस तरह कुल 53 नकली नोट जब्त किए गए। दोनों नाबालिगों के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 358/2025 दर्ज कर धारा 179, 180, 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला कायम किया गया। दोनों को आज न्यायालय में पेश किया गया।

धारदार घटनाक्रम: महाअष्टमी की रात बदमाशों ने की फायरिंग, 1 की मौत, 1 घायल

नई दिल्ली महाअष्टमी की देर रात हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ। घायल को हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर हावड़ा सिटी पुलिस पहुंच मामले की जांच कर रही है। वहीं, अष्टमी की रात गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे बिहार के गोपालगंज के ग्राम पंचायत क्षेत्र के मुखिया सुरेश यादव (50) हावड़ा थाने के बिहारी बसु लेन पर टहल रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर उन्हें पीछे से तीन राउंड गोली मार दी। सुरेश मौके पर ही लहूलुहान अवस्था में गिर पड़े। सूचना मिलते ही हावड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें गंभीर हालत में हावड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि सुरेश हावड़ा थाना क्षेत्र में घूमने आए थे। इसी मौके पर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बदमाशों का बिहार से कोई संबंध तो नहीं है। घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं।  

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी से जूझ रहे युवांश के लिए आए 7 करोड़, अब नई उम्मीद की किरण

हरियाणा  हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल राजेश कुमार का बेटा युवांश स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। 9 अक्टूबर को युवांश का पहला जन्मदिन है, और परिवार को उम्मीद है कि उन्हें इस दिन लंबी जिंदगी का तोहफा मिल सकेगा। यह तोहफा स्विट्जरलैंड से आने वाला 9 करोड़ रुपए का एक विशेष इंजेक्शन है, जो उनके लिए जीवनरक्षक साबित होगा। महंगे इंजेक्शन के लिए क्राउड फंडिंग से जुटाए 7 करोड़ रुपए इस बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन की मूल कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए है। लेकिन इंजेक्शन निर्माता कंपनी से बात करने पर, उन्होंने इसे 9 करोड़ रुपए में देने की सहमति दी है। अब तक क्राउड फंडिंग के जरिए 7 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं। 2 करोड़ रुपए और की आवश्यकता है। जैसे ही यह रकम पूरी हो जाएगी, इंजेक्शन स्विट्जरलैंड के जेनेवा से मंगवाया जाएगा। पुलिस कर्मी दे रहे हैं एक दिन का वेतन युवांश की मदद के लिए प्रदेश के 18 जिलों के पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन युवांश के इलाज के लिए दिया है। 4 और जिलों के पुलिस कर्मी भी इस महीने 1-1 दिन का वेतन देने वाले हैं। बता दें युवांश के पिता राजेश फतेहाबाद की साइबर शाखा में कॉन्स्टेबल हैं। मां किरण फतेहाबाद के फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में क्लर्क के रूप में काम करती हैं। स्विट्जरलैंड से मंगवाया जाएगा जीवनदाता इंजेक्शन युवांश का इलाज जीन थेरेपी के जरिए होगा, जिसके लिए जोलगेन्समा नामक इंजेक्शन आवश्यक है। यह इंजेक्शन स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 का एकमात्र इलाज माना जाता है। राजनेताओं की मदद से जुटी बड़ी राशि     युवांश की मदद के लिए प्रदेश के कई मंत्रियों ने भी आर्थिक सहायता दी है।     ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अनिल विज ने 20 लाख रुपए की सबसे बड़ी ग्रांट दी।     अर्बन लोकल बॉडीज मिनिस्टर विपुल गोयल ने 9 लाख रुपए।     सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, पर्यटन मंत्री राव नरबीर सिंह, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 5-5 लाख रुपए।     पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2-2 लाख रुपए की ग्रांट दी। परिवार ने जनता से लगाई सहयोग की गुहार युवांश के पिता राजेश ने जनता से भी मदद की अपील की है ताकि 2 करोड़ रुपए की राशि जल्द से जल्द पूरी हो सके। उनका कहना है कि यह इंजेक्शन उनके बेटे के लिए जीवनदान से कम नहीं होगा।

अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: पंजाब में 29 IAS/IPS अफसरों की नई पोस्टिंग

जालंधर डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व पंजाब द्वारा जारी आदेश की पालना करते हुए तथा लोकहित को ध्यान में रखकर जिले में पिछले लंबे समय से रजिस्ट्रेशन क्लर्क (आर.सी) की पोस्ट पर तैनात रहते आ रहे 29 जूनियर सहायकों व क्लर्कों के तबादले व नियुक्ति के आदेश जारी किए है। डीसी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन क्लर्क की परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें आगामी 6 महीनों के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राज्य भर की तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की कवायद में ही लंबे समय से तैनात होते आ रहे सभी रजिस्ट्रेशन क्लर्कों के तबादले करने के आदेश जारी किए थे। ताकि कालोनाइजरों, अर्जीनवीस व अन्य लोगों के आर.सी के साथ सांठगांठ व नेक्सस को तोड़ा जा सके। इसी के तहत डीसी ने जिला से संबंधित 29 कर्मचारियों से आर.सी का कार्यभार वापस लेकर उन्हें अन्य प्रशासनिक विभागों में तैनात कर दिया है और उनके स्थान पर नए चेहरों को आर.सी लगाया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने एक अन्य आदेश जारी करते हुए जिला की तहसीलों व सब तहसीलों में तैनात 40 सेवादारों के तबादले करके उनकी नए स्थानों पर नियुक्ति की है। इन क्लर्कों व जूनियर सहायकों का हुआ तबादला इन आदेश में निखिल क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-से नजारत शाखा, इंदरपाल सिंह, क्लर्क को नज़रात शाखा से रजिस्ट्री क्लर्क जालंधर-1, जतिंदर सिंह, जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1 से रीडर टू तहसीलदार जालंधर-1, पवन शर्मा क्लर्क को रीडर टू तहसीलदार-1 से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1, अरुण शर्मा को आर.आई.ए. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, अमरीक चंद जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से आर.आई.ए. शाखा, दीपिका शर्मा को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से असला शाखा, रणवीर सिद्धू जूनियर सहायक को असला शाखा से फुटकल-2 शाखा, अरुण भटेज़ा क्लर्क को फुटकल-2 शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, सतबीर कौर क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, परमिंदर सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, अभिषेक सिंगला क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, जसवंत राय जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, मुकेश कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर, उमंग शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर से डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा, सुमिंदर कौर क्लर्क को डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा से विकास शाखा, वरुण कुमार क्लर्क को विकास शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर, वरिंदर शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया से दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर, हरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया, राज कुमार जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार महितपुर से दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर, अजय कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार महितपुर, हनी बांसल जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल से एच.आर.सी. शाखा, रिपुदमन क्लर्क को एच.आर.सी. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल, सुरजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया से दफ्तर तहसीलदार शाहकोट, गुरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार शाहकोट से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया, राजिंदर सिंह क्लर्क को फुटकल शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर, सूरज विग क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर से फुटकल-2 शाखा, परमजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्ट्रार भोगपुर से दफ्तर एस.डी.एम. आदमपुर, बलजीत क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम आदमपुर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार भोगपुर तैनात किया है।