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राजनीति और प्रशासन में नई एंट्री: झारखंड की निर्वाचन आयुक्त बनी IAS अलका तिवारी

रांची 1988 बैच की आइएएस अधिकारी अलका तिवारी को राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया है। वह 30 सितंबर को मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुईं हैं। उनका कार्यकाल चार वर्षों तक रहेगा। उनकी नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।  इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

योगी सरकार में नवरात्रि का पर्व बना आस्था और विकास की एक अद्भुत मिसाल

जौनपुर का शीतला चौकिया धाम नवरात्रि का प्रमुख केंद्र बना, जहां नौ दिनों में 10 लाख से अधिक भक्त पहुंचे सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 20 लाख भक्तों ने किया दर्शन बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, 9 लाख श्रद्धालुओं ने किया पूजन भदोही के सीता समाहित स्थल, महाराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर और औरैया के देवी मंदिरों में 9 लाख से ज्यादा भक्तों ने जताई आस्था मिशन शक्ति 5.0 ने इस नवरात्रि को बनाया खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की झलक हर जगह देखने को मिली लखनऊ, उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का विराट स्वरूप बनकर उभरा है। इस बार पूरे प्रदेश में देवी मंदिरों की तस्वीर देखें, तो यह साफ झलकता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते आठ वर्षों में न केवल प्राचीन धरोहर को संजोया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं को नया अनुभव भी दिया है। यही कारण है कि पूर्वांचल के विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक समस्त देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में ही लगभग 2 करोड़ भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें से केवल विंध्यवासिनी धाम में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मां विंध्यवासिनी धाम : रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी का मंदिर प्रदेश का सबसे प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई। सरकार द्वारा बनाए गए विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को नई सहूलियत दी है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां रोज़ाना 6 से 7 लाख श्रद्धालु माता की आराधना में शामिल हुए। वाराणसी : विशालाक्षी शक्तिपीठ में दक्षिण भारत से उमड़ी आस्था 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले मां विशालाक्षी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्रि पर भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु रोज़ाना पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, जबकि दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 12 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। यहां अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए। सहारनपुर : शाकम्भरी व त्रिपुर बाला सुंदरी धाम बने श्रद्धा के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला भी आस्था से सराबोर रहा। नवरात्रि के नौ दिनों में शाकम्भरी धाम में लगभग 7 लाख और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। देवीपाटन : मां पाटेश्वरी मंदिर में लाखों भक्त और भव्य मेला बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि करीब 6.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी से नवमी तक यहां सबसे अधिक भीड़ रही। साथ ही मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन किया, जिसमें आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।   प्रयागराज : गंगा तट पर आस्था की गूंज प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर प्रतिदिन ढाई लाख तक भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने आए। मां कल्याणी देवी मंदिर में लगभग 6 लाख और मां ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए हैं। गोरखपुर : तरकुलहा व बुढ़िया माई धाम में भव्यता का नया रूप गोरखपुर स्थित तरकुलहा देवी मंदिर इस बार नवरात्रि में प्रमुख आस्था केंद्र बन गया। औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे, जबकि नवमी पर संख्या 1 लाख पार कर गई। अबतक 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख भक्त पहुंचे। यहां नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रोज़ाना 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां पर्यटन विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर : हथियाराम मठ और कामाख्या मंदिर में उमड़ा विश्वास गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार नवरात्रि पर लगभग 40 हजार लोग पहुंचे। वहीं कामाख्या देवी मंदिर में अबतक 1 लाख से अधिक भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। जौनपुर : चौकिया धाम में श्रद्धालुओं का रेला जौनपुर का मां शीतला चौकिया मंदिर नवरात्रि में भक्तों से खचाखच भरा रहा। प्रतिदिन 70 हजार और सप्तमी से नवमी तक करीब 1 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। नैमिषारण्य : महानवमी पर भक्तों का सैलाब नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आगरा : चामुंडा देवी मंदिर समेत कई धाम बने आकर्षण आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष आकर्षण रहा। यहां करीब 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा : नरी सेमरी मंदिर में परंपरा का अनोखा स्वरूप मथुरा के छाता स्थित नरी सेमरी माता मंदिर में नवरात्रि पर 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यहां मूर्ति के खड़े होने की परंपरा और लाठी-डंडे से पूजा की परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। झांसी : आल्हा-उदल की गाथा से जुड़े देवी मंदिर झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 1-1 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व और आस्था दोनों ही देखने को मिले। अन्य प्रमुख धाम : प्रदेशभर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख लोग दर्शन को आए। हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों के मंदिरों में भी लाखों की भीड़ रही। अंततः यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने नवरात्रि पर आस्था और विकास का अद्भुत मेल कर प्रदेश के मंदिरों को … Read more

थाना अयोध्यानगर जोन-2 पुलिस की आनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह पर बडी कार्यवाही, नगदी सहित लगभग 50 लाख रुपये का मसरुका जब्त

आरोपियो पकडे ना जाये इसलिये कार और रेसिडेंसियल मल्टी में सेटअप लगाकर कराते थे बेटिंग।   पुलिस की पकड से बचने के लिये फर्जी एकाउंट, फर्जी सिम का इस्तेमाल कर करते थे ट्रांजेक्सन तथा व्हाट्सएप से कांटेक्ट। पुलिस ने कराये लगभग 15 लाख रुपये आनलाईन फ्रीज । कम समय में बड़ा पैसा कमाने का लालच ने बना दिया ऑनलाइन सटोरी आरोपी । भोपाल  नगरीय क्षेत्र भोपाल में हाल ही में चल रहे एशिया कप क्रिकेट के ऊपर ऑनलाइन सट्टा खिलवाने वाले गिरोह पर सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही करने हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र (IPS) एवं अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (IPS) द्वारा निर्देश दिये थे ।         उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य में एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (IPS) द्वारा आनलाईन गेबलिंग, बेटिंग तथा क्रिकेट सट्टा चलाने वाले गिरोह का पता कर उन पर सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया, जिसके पालन में अति. पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (IPS) के मार्गदर्शन व नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे सहित गठित टीम ने शातिर आनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले गिरोह का पर्दाफास कर आनलाईन क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले गिरोह से मौके पर आरोपियों से नगदी 3.54 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त 02 कार जिसमें जगह बदल बदल कर सट्टा संचालित कर रहे थे, तथा वारदात में उपयोग किये गये 05 लेपटाप, 40 स्मार्टफोन, 80सिमकार्ड, 180 एटीएम कार्ड्स, केस काउंटिंग मशीन, वाइफाई राउटर, तथा लगभग 1.5 करोड के हिसाब किताब की जानकारी रजिस्टर तथा अन्य इलेक्ट्रानिक गेजेट्स सहित लगभग 50  लाख रुपये का मशरूका बरामद करते हुये आरोपियों द्वारा उपयोग किये जा रहे खातों में लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज करने में भी सफलता अर्जीत की । घटना का विवरण- हाल ही के दिनों में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट एशिया कप टूर्नामेंट मैच के दौरान मैच पर ऑनलाईन सट्टा खिलाने वाले गिरोह सक्रिय होने की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व मार्गदर्शन में मुखबीर तंत्र सक्रिय किये गये जिनकी सूचना पर मीनाल क्षेत्र में कार में आनलाईन सट्टा संचालन कर रहे दो आरोपियों को मोबाइल, लेपटाप , फर्जी एकाउंट के एटीएम कार्ड तथा कुछ नगदी सहित पकडा गया जिनसे पुछताछ में उनके द्वारा बडे रुप में काल सेंटर (बुक) संचालित करना भी स्वीकार किया जिनकी निशादेही पर भोजपुर रोड स्थित आरआरजी टाउनशिप मल्टी में रेसिडेंसियल फ्लेट में संचालित ऑनलाइन सट्टे के काल सेंटर(बुक) पर रैड की गई जहां अन्य 05 आरोपी बुक संचालित करते हुये मिले जिनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बडी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड्स, एटीएम कार्ड्स, लेपटाप, नेटवर्किंग डिवाइसेस, नगदी, केश काउंटिंग मशीन इत्यादि जब्त किये गये। आरोपियों का कृत्य संगठित रुप से आनलाईन बेटिंग/सट्टा संचालित करना पाया जाने पर आरोपियों के विरुद्ध अप.क्र. 415/25 धारा 4क सट्टा एक्ट, 112(2) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुछताछ में आरोपियों ने टेलीग्राम के माध्यम से आनलाइन सट्टे का पैनल प्राप्त कर फर्जी सिम, फर्जी खाते प्राप्त कर उनके माध्यम से बुक संचालित करना तथा लाभ अर्जित करना बताया। प्रकरण में आरोपियों के कब्जे से नगदी कुल 3,54,000/- रुपये, 02 कार ( हुंडई अलकज़ार एवं आई '10),  40 मोबाइल , 80 सिम कार्ड्स,  177 एटीएम कार्ड्स, 5 लैपटॉप, राउटर वाई फाई, 180 बैंक खातें, करेंसी काउंटिंग मशीन, एकाउंट स्कैनर काउंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस तथा लगभग 1.5 करोड रुपये के हिसाब किताब के रजिस्टर, इत्यादि जब्त किये गये। जब्त मसरुका का कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। प्रकरण में आरोपियो से प्राप्त फर्जी खातों के एटीएम को ब्लाक कर लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज कराये गये है। – आरोपियों द्वारा इंस्टाग्राम एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से टेलीग्राम पर ऑनलाइन स्पोर्ट गेमिंग  गैम्बलिंग एप पैनल महादेव जैसे बैटिंग ऐप के बारे में ट्रेनिंग लेकर यूएसडीटी एवं इंडियन करेंसी में भुगतान कर अज्ञात लोगों से रुद्र डायमंड वेबसाइट पोर्टल पैनल का एक्सेस लेकर देश भर से लोगों को उक्त बैटिंग साइट पर आईडी प्रोवाइड कर लगातार क्रिकेट मैच तथा अन्य प्रतियोगिता के मैचों पर बैटिंग करवाकर लाखों का ट्रांजैक्शन किया जाता रहा। – आरोपी ग्राहकों से विभिन्न फर्जी एकाउंट्स में पैसे डलवाकर उन्हें बैटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराते थे तथा उनकी पहचान उजागर न हो, इसलिए व्हाट्सऐप के माध्यम से आपस में कनेक्टेड होते थे।  इस अपराध में आरोपी एक-दूसरे से अपनी पहचान छुपाकर चीजों का आदान प्रदान करते थे। ताकि कोई भी बीच में पकड़ा जाए तो वह दूसरे तक पुलिस को न पहुंचा सके। – उक्त पकड़े गए सातों आरोपी में वेबसाइट पोर्टल पैनल पर बैटिंग संचालित कर पैसों का बड़े रूप में ट्रांजैक्शन का हिसाब भी डायरी में मिला है। – आरोपीगण, कॉल सेन्टर पर सेटअप फैलाकर बैटिंग ऑनलाइन सट्टा खिलाने के साथ-साथ कार से शहर की विभिन्न क्षेत्रों में जगह बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलवाते थे जिसे पुलिस के द्वारा मीनाल के आस-पास से पकड़कर सख्ती से पूछताछ करने पर आरआरजी कैंपस भोजपुर रोड में चला रहे कॉल सेन्टर पर रैड कर वहां से अन्य पांच आरोपियों को लैपटॉप और अनगिनत मोबाइल और एटीएम कार्ड्स सहित पकड़ा गया । – पूर्व में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म महादेव एप को बैन कर दिया गया है जिसके बाद उसी के जैसे बनाये गये यह रुद्र ऐप के पैनल पर हर प्रकार की ऑनलाइन गैंबलिंग बैटिंग कराई जाती है। जिसका उपयोग आरोपीगण कर रहे थे। जब्त सामग्री- नगदी 3,54,000/- रुपये, 02 कार ( हुंडई अलकज़ार एवं आई 10),  40 मोबाइल , 80 सिम कार्ड्स,  177 एटीएम कार्ड्स, 5 लैपटॉप, राउटर वाई फाई, 180 बैंक खातें, करेंसी काउंटिंग मशीन, एकाउंट स्कैनर काउंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस तथा लगभग 1.5 करोड रुपये के हिसाब किताब के रजिस्टर, इत्यादि कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये का मसरुका – लगभग 50 एटीएम ब्लाक कर उनमें लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज कराये गये। नाम आरोपीगण – 01. अरुण वर्मा पिता खिलेश्वर राव वर्मा उम्र 28 साल निवासी ग्राम कुशमी थाना पलारी जिला बालोदा बाजार छत्तीसगढ़ 02. डिगेश्वर प्रसाद वर्मा पुत्र राम प्यारे वर्मा उम्र 33 साल निवासी ग्राम खैरी थाना bhatapara जिला बालोदा बाजार छत्तीसगढ़ 03. दिव्यांशु पवार पुत्र कैलाश पवार उम्र 26 वर्ष, चंदनगाव छिंदवाड़ा 04. गोपी मणिकपुरी पुत्र रघुनाथ दास मणिकपुरी उम्र 23 साल निवासी … Read more

बिहार में रबी सीजन की शुरुआत, सीएम नीतीश ने किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाई

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को वासंतिक (रबी) महाभियान का शुभारंभ किया। सीएम नीतीश कुमार ने आज एक अणे मार्ग से वासंतिक (रबी) महाभियान (2025 – 26 ) का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर किसान जागरुकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी 38 जिलों के लिए एल.ई.डी युक्त प्रचार वाहनों को सभी पंचायतों में किसानों को जागरूक करने के लिए रवाना किया गया। रबी – 2025 की सफलता के लिये रबी महाभियान की शुरूआत की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा वासंतिक (रबी) मौसम में फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिये कई कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस महाभियान में सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक और विभाग के सभी कृषि प्रसार कर्मी सम्मलित होंगे। इसके माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण देते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी जायेगी। साथ ही कृषि विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न उपादानों का वितरण पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जायेगा। किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे प्रमाणित बीज लाभार्थी किसान को कृषि की उन्नत तकनीक एवं विभागीय योजना अन्तर्गत अनुदान के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी एवं प्रशिक्षण दी जाएगी। इसके अतिरिक्त किसानों के बीच विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदानित दर पर उपादान का वितरण भी किया जायेगा। किसानों को प्रमाणित बीज विभाग द्वारा रबी अभियान के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा । कृषि विभाग द्वारा किसानों को तेलहन, दलहन, मक्का के साथ-साथ बागवानी फसलों, गेहूँ के बीज / उपादान मुहैया कराया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दिया जाने वाला अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।  

प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान बोले, उनके आरोप तात्कालिक राजनीति में हैं

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीति की शैली आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल जैसी है। यहां पत्रकारों से बात करते हुए, लोक जनशक्ति (रामविलास) के अध्यक्ष ने याद दिलाया कि केजरीवाल भी किशोर की तरह राजनीति में पैर जमाने की कोशिश में "एक के बाद एक आरोप" लगाते रहे, लेकिन "दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद चुप हो गए"। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर पिछले कुछ समय से एक के बाद एक आरोप लगा रहे हैं। केवल एक जांच ही बता सकती है कि उनके आरोप तथ्यों पर आधारित हैं या केवल बदनामी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जो भी हो, मेरा मानना ​​है कि बिहार में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, वे अपना बचाव करने में पूरी तरह सक्षम हैं। उनमें से एक ने तो मानहानि का नोटिस भी दिया है। समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।" इशारा जेडी(यू) के राष्ट्रीय महासचिव और मंत्री अशोक चौधरी की ओर था, जिन्होंने हाल ही में किशोर को 200 करोड़ रुपये के बेनामी ज़मीन लेनदेन के आरोप में मानहानि का नोटिस भेजा था।  

हंसकर लौट आते हैं CM, जनता की समस्याओं से कतराते हैं सैनी: जस्सी पेटवाड़

चंडीगढ़  नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है, यह फैसला हरियाणा में कांग्रेस की सरकार लाने को लेकर मील का पत्थर साबित होगा, यह कहना है नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ का। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश प्रदेश में मैसेज था कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। लेकिन जात-पात-धर्म के नाम पर व वोट चोरी – जनादेश चोरी कर जिस प्रकार के नतीजे लाए गए उस निराशा से उभरने के लिए ऐसा फैसला अति जरूरी था और इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।  उन्होंने कहा कि 1 साल से हमें नेता प्रतिपक्ष नहीं मिल रहा था। 11 साल से संगठन नहीं था। लंबे समय अंतराल के बाद बेहद शिक्षित-अनुभवी व मजबूत नेता हमें दिए गए हैं। दोनों ही नेताओं को सरकार और संगठन का बड़ा अनुभव है। दोनों ही नेता भाजपा के सामने मजबूती से खड़े रहे हैं। निसंदेह इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को अवश्य होगा। जाकर हंसकर वापस आ जाते हैं सीएम : जस्सी  जस्सी ने कहा कि विधानसभा सेशन के दौरान हर मौके पर हमें सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मदद मिली है। जब भी विधानसभा में हमें सत्ता पक्ष से कोई सवाल जवाब करना होता है या हमसे कोई गलती होती है तो हमेशा वह खड़े होकर सत्ता पक्ष और स्पीकर को बताते हैं कि यह नए विधायक हैं और यह उनका अधिकार है, जो आप छीन नहीं सकते। भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे, सांसद रहे, 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और पांच बार के विधायक हैं। उनके अपार अनुभव का सीधा लाभ हमें मिलेगा। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी जी पूरे दिन कॉमेडी करने में व्यस्त रहते हैं। उनकी ड्यूटी लगा रखी है कि कहीं भी जाओ हंसकर वापस आ जाओ।   बाढ़ पीड़ितों की दशा देखने पीएम आए तक नहीं : जस्सी   हाल ही में हिसार का 70 फ़ीसदी हिस्सा बाढ़ग्रस्त था, फसलें खत्म हो गई, पानी से घर तबाह हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री 5 किलोमीटर दूर एयरशो करके वापस लौट आए। जबकि उन्होंने हांसी, नारनौंद व उकलाना के कई गांव में जाना था। लेकिन हांसी के केवल दो उन गांवो में गए जहां ज्यादा नुकसान नहीं था। यह ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि अभी तक इन्होंने प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए एक भी पैसा रातकोष में से नहीं दिया। किसी प्रकार का पैकेज नहीं दिया गया। देश के प्रधानमंत्री पंजाब व हिमाचल में 1500 व 1600 करोड़ का राहत पैकेज देकर आए। लेकिन हरियाणा में प्रधानमंत्री आए तक नहीं और मुख्यमंत्री ने भी सिंगल पैसा पैकेज जारी नहीं किया। इससे उनकी गंभीरता का ध्यान किया जा सकता है। 

रावण दहन 2025: यमुनानगर में सबसे ऊंचा 75 फीट रावण जलाया जाएगा, जानें तैयारियों की पूरी कहानी

यमुनानगर यमुनानगर में दशहरा पर्व को लेकर इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरवासियों को इस बार 75 फुट ऊंचा रावण दहन देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही रावण  मेघनाथ और कुंभकरण के 65 फुट ऊंचे पुतले भी तैयार किए गए हैं। विशाल पुतलों को देखने के लिए लोगों में भारी उत्सुकता है।  करीब 40 दिनों से कारीगर लगातार इन पुतलों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद अब पुतले अंतिम रूप ले चुके हैं। रावण को सजाने-संवारने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। कारीगर अब अंतिम टच देकर इन्हें ग्राउंड पर खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं। पुतलों को सजाने के लिए खास तौर पर सहारनपुर से कागज और कपड़ा मंगवाया गया है। यह सजावट इन पुतलों को और भी आकर्षक बना रही है। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को तैयार करने में 4 लाख रुपये से अधिक की लागत आई है।  कारीगर महिंदर मनचंदा ने बताया कि उनके परिवार का यह पुश्तैनी कार्य है। व भी पिछले 40 साल से दशानन, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों को बना रहे है। पूरे विधि विधान से कुछ लोगों को बनाकर उनकी पूजा की जाती है। ढोल के साथ रावण, मेघनाथ में कुंभकरण के पुतलों को ग्राउंड तक लेकर जाया जाता है। और फिर इनको दहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन पुतलों में भी करीब 2 लाख रुपए की आतिशबाजी लगाई गई है।  दशहरा का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने असत्य, अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का वध किया था। उसी परंपरा को जीवंत करते हुए हर साल रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन कर समाज को संदेश दिया जाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में अच्छाई ही जीतती है। इस बार का दशहरा उत्सव यमुनानगर के लिए बेहद खास रहने वाला है। विशाल पुतलों के दहन के साथ रंगीन आतिशबाजी और रोशनी से पूरा माहौल जगमगा उठेगा। हजारों की संख्या में लोग इस दृश्य के साक्षी बनेंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह का माहौल है।  

Trump सरकार का नया नियम: पंजाबियों के लिए America में रास्ता हुआ मुश्किल!

पंजाब  पंजाबवासियों के झटके वाली खबर सामने आई है। दरअसल अमेरिका सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिका में हो रही दुर्घटनाओं के बाद, प्रशासन ने प्रवासियों के लिए ट्रक ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों को कड़ा कर दिया है। अब केवल ग्रीन कार्ड धारक या अमेरिकी नागरिक ही हैवी ड्यूटी वाले ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इस बीच, अमेरिका ने वर्क परमिट वाले ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 130 ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कम से कम 28 पंजाबी हैं। ट्रंप सरकार ने नए नियम अब लागू हो गया है, जिसके तहत ग्रीन कार्ड या अमेरिकी नागरिक के बिना व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई में सबसे पहले ओक्लाहोमा राज्य के ड्राइवरों को निशाना बनाया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका में लगभग 2 लाख ट्रक ड्राइवर 'कच्चे' हैं और उनमें से हज़ारों पंजाबी युवा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार बड़े पैमाने पर शरण के मामलों को रद्द करने की भी योजना बना सकती है, जिससे लाखों प्रवासियों के लिए और समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

BMHRC सहित 4 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों को मिली मान्यता, बिना प्राचार्य के संचालन पर उठे सवाल

भोपाल  मध्यप्रदेश से नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को बीएमएचआरसी समेत 4 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिसके साथ अब गवर्नमेंट बीएससी नर्सिंग की सीटें 515 से बढ़कर 860 हो गई हैं।  आरोप – बिना प्राचार्य के चल रहा कॉलेज एनएसयूआई ने बीएमएचआरसी को मान्यता देने पर सवाल खड़े किए हैं। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिनमें भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का नर्सिंग कॉलेज प्रमुख है। नियमानुसार किसी भी नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य एवं उप-प्राचार्य का होना अनिवार्य है, लेकिन बीएमएचआरसी का कॉलेज लंबे समय से बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, उप-प्राचार्य प्रभा गजपाल की पदोन्नति भी नियम विरुद्ध की गई है। उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर से सीधे उप-प्राचार्य बना दिया गया, जो कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के विरुद्ध है। परमार ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज को डिफिशिएंट कैटेगरी में रखा गया। यहां पोषण प्रयोगशाला, एवी सहायता प्रयोगशाला और उन्नत कौशल प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं। सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यक सामग्री और उपकरणों की कमी है। 8 कक्षाओं के बजाय केवल 4 कक्षाएं ही संचालित हैं। जीएनएम कार्यक्रम को बीएससी कार्यक्रम में अपग्रेड कर दिया गया है, लेकिन स्टाफ को अपग्रेड नहीं किया गया। पक्ष – हमने सारे फॉर्मेट पूरे किए मामले में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रभा गजपाल ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से पहले संस्थान की डायरेक्टर डॉ. मनीषा श्रीवास्तव से अनुमति लेनी होगी। अभी यह जरूर बता सकती हूं कि हमने मान्यता के लिए जरूरी सभी फॉर्मेट पूरे किए हैं। यही वजह है कि हमें मान्यता दी गई। इन 4 सरकारी कॉलेजों को बुधवार को मिली मान्यता     भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी)     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मेडिकल कॉलेज जबलपुर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, ग्वालियर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जबलपुर मंगलवार तक सिर्फ इन 4 कॉलेजों के पास थी मान्यता     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएमसी भोपाल     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएम हॉस्पिटल रीवा     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उज्जैन 8 सरकारी कॉलेजों में 860 सीटें इस साल 8 सरकारी कॉलेजों में 860 बीएससी नर्सिंग की सीटें हैं। जिनमें से 232 सीटें अनरिजर्व कैटेगरी की हैं। इस कैटेगरी में सैनिक, पीएच, एफएफ, आंगनवाड़ी/आशा वर्कर और गवर्नमेंट एनएम कोटा की सीटें हटा दें तो सिर्फ 195 सीटें शेष बचती हैं। जिनमें उन कैंडिडेट्स को एडमिशन मिल सकता है, जो न किसी कैटेगरी और न ही किसी कोटे के लिए एलिजिबल हैं। 393 कॉलेजों ने इस साल किया आवेदन 2025-26 सत्र के लिए कुल 33 नए नर्सिंग कॉलेज और 360 पुराने कॉलेजों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। इनमें लगभग 21 शासकीय कॉलेज शामिल थे। इसके उलट निजी कॉलेजों के मामले में बड़ी संख्या में अनुमति दी गई। जीएनएम नर्सिंग के 231 और बीएससी नर्सिंग के 188 निजी कॉलेजों को मान्यता मिल गई।  

10 अक्टूबर अंतिम तारीख: समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु कराएं धान, ज्वार व बाजरा का पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु पंजीयन 10 अक्टूबर तक किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।