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केंद्र के राहत पैकेज पर पंजाब सरकार का विरोध, विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़  पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है. पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है, जिसके खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.हाथों में प्लेकार्ड और नारेबाजी करते हुए विधायकों ने इसे पंजाब के साथ ‘धोखा’ बताया. विधायकों ने कहा, ‘हमें ₹20,000 करोड़ की जरूरत थी, लेकिन मिला ₹1600 करोड़ का ‘जुमला’, और उसमें से भी एक रुपया नहीं आया’.   AAP ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी! पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी. सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया’. चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया. पंजबा को केंद्र ने 1600 करोड़ का झुनझुना दिया जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का ‘झुनझुना’ थमा दिया. यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है.’ उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है. गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए. साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए. पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा… ₹1600 करोड़ ‘अपमान’ और ‘नाकाफी’,राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को “पंजाब का अपमान” बताया. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं. इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है. किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, ‘पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है’.  

दिल्ली में BJP के हाईकमान से मिले अनिल विज, क्या हैं इसके पीछे की बड़ी वजह?

चंडीगढ़  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात पार्टी और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत करने के साथ-साथ हरियाणा में विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श के तौर पर देखी जा रही है। मुलाकात में हरियाणा में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं, औद्योगिक निवेश और श्रम सुधारों पर भी चर्चा हुई। विज ने नड्डा को राज्य में चल रही प्रमुख परियोजनाओं और हालिया उपलब्धियों से अवगत कराया। पार्टी संगठन को मज़बूत करने और आने वाले समय में नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के विषय में भी विचार-विमर्श हुआ। राजनीतिक गलियारों में इस भेंट को अहम माना जा रहा है क्योंकि विज पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं में हैं। अंबाला में समानांतर भाजपा चलने के आरोपों के साथ-साथ वे सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे से ‘मिनिस्टर’ शब्द को हटा चुके हैं। ऐसे में जेपी नड्डा से उनकी यह मुलाकात पार्टी की भविष्य की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण संकेत देती है। भेंट के बाद विज ने कहा कि यह पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक चर्चा रही। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा नेतृत्व के मार्गदर्शन में हरियाणा में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

बाढ़ ने लील लिया जीवन: पंजाब में हजारों पक्षियों और सैकड़ों मवेशियों की मौत, CM मान का मुआवजा ऐलान आज

चंडीगढ़  पंजाब में आई बाढ़ ने जहां इंसानी जिंदगी पर गहरी चोट की, वहीं पशु-पक्षियों का भी भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 59 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही 6,515 पक्षियों और 502 मवेशियों की मौत दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे और प्रभावित लोगों व पशुपालकों के लिए मुआवजे की घोषणा करेंगे। पशुपालन विभाग ने 23 सितंबर तक के नुकसान को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। आंकड़ों के मुताबिक, 6,515 पक्षियों की मौत हुई, जिनमें सबसे ज्यादा 5,015 अमृतसर में दर्ज की गईं। पोल्ट्री फार्म सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। वहीं, होशियारपुर में करीब 1,500 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हुई।   मवेशियों पर भी भारी असर पूरे राज्य में अब तक 502 मवेशी बाढ़ में मारे गए या बह गए। सबसे ज्यादा मार अमृतसर जिले पर पड़ी, जहां अकेले 218 मवेशियों की मौत हुई। इनमें 172 सूअर, सात बैल, 18 बछड़े, 22 बछिया और एक घोड़े की मौत शामिल है। अजनाला सेक्टर में अचानक आई बाढ़ से लोग अपने पशुओं को भी नहीं बचा पाए। गुरदासपुर में 151 मवेशियों की मौत हुई, जो राज्य में दूसरा सबसे ज्यादा नुकसान है। वहीं फिरोजपुर में एक बछड़े और एक हीफर की मौत की पुष्टि हुई है। महामारी रोकने को टीकाकरण अभियान बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने का खतरा देखते हुए पशुपालन विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार शुक्रवार तक पूरे पंजाब में 2.33 लाख से ज्यादा पशुओं को हैमरेजिक सेप्टीसीमिया वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा चुकी है। पशुपालन विकास एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि लगभग सभी मवेशियों का टीकाकरण कर दिया गया है। अब तक किसी बड़े स्तर पर महामारी जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। बीमारियों ने दी दस्तक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ के बाद पशुओं में कई तरह की बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। इनमें खुरपका, थनों में सूजन, टिक-बॉर्न संक्रमण, त्वचा रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पोषण की कमी शामिल हैं। हरे चारे की कमी से पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ा है।   विधानसभा सत्र में सरकार का जवाब विशेष सत्र के दौरान विपक्ष राहत कार्यों और मुआवजे पर सवाल उठा सकता है। ऐसे में पशुपालन विभाग की रिपोर्ट सरकार के जवाब का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान का ब्योरा देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों और पशुपालकों के लिए राहत नीति स्पष्ट करेंगे। बाढ़ ने किसानों और डेयरी कारोबारियों को गहरा आर्थिक झटका दिया है। पोल्ट्री मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब उनकी नजर विधानसभा सत्र पर टिकी है, जहां सरकार की राहत और मुआवजा नीति साफ होगी।

वन विहार में सकारात्मक बदलाव, अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश रहेगा निषेध

पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का होगा संचालन प्रदूषण मुक्त होगा वन विहार भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में सकारात्मक बदलाव करते हुए वन्य-प्राणियों के लिये शोररहित बनाने के लिये अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। वन विहार को प्रदूषण मुक्त करने के लिये जल्द ही पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया जायेगा। इन 40 गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट 'हाफ ऑन हाफ ऑफ' पद्धति से संचालन के लिये उपलब्ध रहेंगे, वहीं 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पर्यटकों के लिये पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिये बुकिंग पर उपलब्ध रहेंगे। इन गोल्फ कार्ट का संचालन वन विहार के दोनों गेटों से हर 10 मिनट पर निरंतर जारी रहेगा। ये कार्ट प्रत्येक ब्ल्यू प्वाइंट पर 30 सेकेंड से एक मिनट के लिये रुकेंगी। इससे पर्यटकों को स्वेच्छानुसार वन्य-प्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। वन विहार में पैदल भ्रमण, किराये और स्वयं की साइकिल से भ्रमण के लिये शाकाहारी सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के लिये सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने के लिये पर्यटकों को विभिन्न रंग के पर्यावरण अनुकूल बैण्ड दिये जायेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। वन विहार में पर्यटक वाहन पार्किंग के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर विशेष व्यवस्था की गयी है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिये प्रवेश द्वारा क्रमांक-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है और दो पहिया वाहनों की पार्किंग प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 पर रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने भावांतर योजना शुरू करने पर किया आत्मीय स्वागत

पुष्प-वर्षा कर दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रविवार को उज्जैन में किसानों ने द्वारा आत्मीय स्वागत कर भावांतर योजना शुरू करने के लिए आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस लाइन उज्जैन हैलीपेड पहुँचने पर बड़ी संख्या में किसानों ने पुष्पमाला और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री का स्वागत करने किसान भाई "सोयाबीन भावांतर के लिए मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद" की तख्तियां लेकर हैलीपेड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों का अभिवादन करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की हितैषी सरकार है। किसानों के हित के लिए सरकार के पास राशि की कोई कमी नहीं है। किसान-कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता में है। किसानों के लिए राज्य सरकार अनेक योजनाएं भी संचिालत कर रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसके लिए भावांतर योजना शुरू की गई है। ऐसे किसान जिन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दर मिली है। उसके अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में खरीदे खादी के कपड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर स्वदेशी घर-घर स्वदेशी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए आहवान पर खादी ग्राम उद्योग मंडल द्वारा आयोजित की गई स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। भारतीय ज्ञानपीठ परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं के लिए खादी के कुर्ते का कपड़ा खरीदा और अपने मोबाइल वॉलेट से भुगतान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी ग्रामोद्योग मंडल और भारतीय ज्ञानपीठ परिवार के द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों को प्रदेश में सभी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जिससे जनता स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाये और और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ लें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘यूपी का स्वाद’ बेमिसाल, जायकों के संग उमड़ी भीड़

यूपीआईटीएस 2025 – ट्रेड में सजी परंपरागत व्यंजनों से फूड स्ट्रीट, हर जिले की खासियत एक ही जगह – पारंपरिक जायकों के संग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स खरीदने को उमड़ रहे युवा, युवाओं के लिए खास आकर्षण बनी क्यूएसआर चेन – महिला उद्यमियों के हाथों से बने व्यंजन, कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तनों से सजी परंपरा ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का सबसे आकर्षक पहलू इस बार का फूड कोर्ट बन गया है। यहां लगे ‘यूपी का स्वाद’ स्टॉल्स पर प्रदेश के हर कोने से लाए गए परंपरागत व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। खाने-पीने के इन जायकों ने न सिर्फ आगंतुकों का मन मोह लिया है बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी देश-दुनिया के सामने जीवंत कर दिया है। प्रदेश के हर शहर का अनोखा जायका इस फूड कोर्ट में ऐसा इंतजाम किया गया है कि आगंतुक एक ही जगह पर पूरे प्रदेश का जायका चख सकें। मुरादाबाद का दाल और बिस्किट रोटी, लखनऊ का मशहूर गालौटी कबाब और टुंडे कबाब से लेकर लखनवी बिरयानी तक हर स्वाद मौजूद है। बनारस का पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ वाली चाय लोगों की खास पसंद बन रहे हैं। कानपुर का दही जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेडाई, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज का तहरी और लस्सी, गोरखपुर का ठेकुआ और बलिया की लिट्टी-चोखा भी बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं मेरठ का रबड़ी और गजक, अयोध्या की गुजिया और देसी घी की मिठाइयां तथा बरेली का आलू टिक्की और सीक कबाब मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। लोकल से ग्लोबल स्वाद की झलक इस फूड कोर्ट में यूपी की पहचान को न सिर्फ परंपरागत व्यंजन बल्कि पॉपुलर क्यूएसआर (Quick Service Restaurants) भी पेश कर रहे हैं। डोमिनोज़, सबवे, केएफसी, पिज्जा हट, बर्गर किंग जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ वॉव मोमोज़, चायोस, टाको बेल और बीकानेरवाला जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वाद भी मौजूद हैं। इन ब्रांडेड स्टॉल्स पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, खासकर युवा वर्ग इन व्यंजनों का लुत्फ उठा रहा है। ग्रामीण उद्यमियों का हुनर भी खास आकर्षण यूपीएसआरएलएम (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) की ओर से भी विशेष फूड स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें ग्रामीण महिलाओं और उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे हैं। ये स्टॉल न सिर्फ स्वाद परोस रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की झलक भी पेश कर रहे हैं। भीड़ ने बना दिया ‘खाऊ गली’ का माहौल फूड कोर्ट का नजारा ऐसा है मानो पूरा प्रदेश एक ही छत के नीचे आ गया हो। जहां-जहां व्यंजन रखे हैं, वहां भीड़ का जमावड़ा लगा हुआ है। ‘यूपी की खाऊ गली’ सेक्शन में बनारस, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए जा रहे हैं। यहां शाम होते ही तिल रखने की जगह नहीं बचती। हर कोई अपने परिवार और दोस्तों संग चाट, मिठाई और पेय पदार्थों का आनंद ले रहा है। यूपी का स्वाद बेमिसाल फूड कोर्ट में आए आगंतुकों का कहना है कि यहां का हर व्यंजन प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का अहसास करा रहा है। एक ही जगह पर पूरे यूपी का स्वाद मिल जाना अद्भुत है। कई विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखते हुए उत्साह जताया। खासतौर पर लखनऊ के कबाब और बनारस का पान विदेशी मेहमानों को खूब भा रहे हैं। फूड कोर्ट में लगे स्टॉल्स केवल खानपान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवनशैली भी सामने आई है। कुल्हड़ में परोसी गई चाय और मिट्टी के बर्तनों में सजी व्यंजन थाली ने लोगों को पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगा यह फूड कोर्ट न सिर्फ लोगों की भूख मिटा रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश के असली ‘स्वाद’ को दुनिया तक पहुंचा रहा है। प्रदेश के हर जिले और शहर की विशेषता यहां मौजूद है, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि “यूपी का स्वाद सचमुच बेमिसाल है।