samacharsecretary.com

दिल्ली में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, काला जठेड़ी गिरोह के 6 गुर्गे हथियारों संग गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के मुख्य हथियार सप्लायर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6 अत्याधुनिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किये गए हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की इस कार्रवाई से बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहले सहदेव उर्फ देव को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान सहदेव ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर काला जठेड़ी गिरोह के विभिन्न सक्रिय सदस्यों को उनकी मांग पर सप्लाई करता था। सहदेव की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के अपराधी साहिल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। हर्ष इंदौरा ने बताया कि साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जिससे उसकी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य रोहित उर्फ बच्ची अपने साथियों के साथ नोएडा होते हुए दिल्ली आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर नोएडा-दिल्ली सीमा के पास उनकी कार को रोककर रोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद, उनके कब्जे से भी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के विभिन्न सदस्यों को उनकी मांग पर हथियारों की सप्लाई होती थी। ये लोग अब तक किस-किस को हथियार की सप्लाई करते थे, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।  

500 करोड़ का साइबर स्कैम: बैंककर्मियों ने उजागर किया ग्राहकों के डेटा बेचने का जाल

जयपुर  जिले में चल रहे ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत अलवर पुलिस ने एक सनसनीखेज साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें बैंककर्मियों की सीधे तौर पर मिलीभगत सामने आई है। यह संगठित गिरोह सैकड़ों करंट/कॉर्पोरेट खातों (म्यूल अकाउंट्स) को ऊंचे कमीशन पर साइबर अपराधियों को बेच रहा था, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया गया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि थाना वैशाली नगर की टीम ने अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए इस मामले में 4 बैंक कर्मियों और 1 मास्टरमाइंड सहित 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 16 हो गई है। 500 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन पुलिस जांच में पता चला है कि इन म्यूल अकाउंट्स में 500 करोड़ रुपये से अधिक के स्कैम फंड का लेन-देन हुआ है। इन खातों के खिलाफ अकेले एनसीआरपी पोर्टल पर 4,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार हुए 6 नए आरोपियों में मास्टरमाइंड वरूण पटवा (40) निवासी हिरणमगरी उदयपुर हाल गुरुग्राम, हरियाणा व सतीश कुमार जाट (35) निवासी उकलाना जिला हिसार हरियाणा है। चारों बैंककर्मी एक्सिस बैंक हिसार में कार्यरत है, जिनमे साहिल अग्रवाल (33) व गुलशन पंजाबी (33) निवासी नरवाल जिला जींद सेल्स मैनेजर, आसु शर्मा (23) निवासी खेड़ाचोपड़ा हिसार मर्चेंट इंक्वारी बिजनेस (MIB) और आंचल जाट (24) निवासी उकलाना हिसार सेल्स ऑफिसर है। कैसे काम करता था यह नेटवर्क बैंक कर्मी ग्राहकों को कमीशन देकर, फर्जी फर्मों के नाम, पते और टर्नओवर के आधार पर करंट अकाउंट खुलवाते थे। ये अकाउंट्स मास्टर माइंड और दलाल द्वारा व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप्स में साइबर ठगों को बेचे जाते थे। आरोपी बैंक से लिंक मोबाइल नंबर को दूसरे फोन में डालकर, APK फाइल इंस्टॉल करवाकर, ठगों को ओटीपी और इंटरनेट बैंकिंग का सीधा एक्सेस दे देते थे। इन खातों का उपयोग बेटिंग, गेमिंग फ्रॉड और क्रिप्टो एक्सचेंजों (जैसे Binance) के माध्यम से बड़ी मात्रा में ठगी की रकम निकालने के लिए किया जाता था। बड़ी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ₹2.51 लाख नकद जब्त किए हैं और लगभग ₹5 लाख की अपराध राशि 10 खातों में फ्रीज करवाई है। इसके अलावा 26 एटीएम कार्ड, 33 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, 12 चेक बुक, 06 बैंक पासबुक, 12 हस्ताक्षरयुक्त चेक, एक-एक आधार व पैन कार्ड, दो पहचान पत्र, तीन आरसी, मोहर, रसीद बुक और दो कारें भी जब्त की गई हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम मामले की गहनता से जाँच कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट के सरगना और बचे हुए अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके। पूर्व में भी मामले में इस टीम द्वारा 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आत्मनिर्भर पंचायतों से ही साकार होगी विकसित यूपी की परिकल्पना: मुख्यमंत्री

जिला और क्षेत्र पंचायतों से मुख्यमंत्री का आह्वान, नवाचारों को अपनाएं, लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को भी दें वरीयता विकसित यूपी की परिकल्पना साकार करने मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों से सहयोग का किया आह्वान विकसित यूपी@2047” को जन-जन का संकल्प बनाने में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी भूमिका त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाए: मुख्यमंत्री प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 की परिकल्पना को साकार कर सकती हैं। उन्होंने जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद करते हुए आह्वान किया कि पंचायतें अपनी वार्षिक कार्ययोजना में नवाचारों को बढ़ावा दें और लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विकास के नए मॉडल तैयार होंगे और यही आत्मनिर्भरता व सुशासन का आधार बनेगा। ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर अभियान से संबंधित एक वीडियो फ़िल्म दिखाई गई तथा क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से सुझाव साझा करने की प्रक्रिया से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित यूपी@2047’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना और जनभागीदारी का ऐतिहासिक संकल्प है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और पंचायतें ही इस महान लक्ष्य की वास्तविक शिल्पकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 35 लाख करोड़ की ओर अग्रसर है, प्रति व्यक्ति आय 52 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुँची है। 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। महिला कार्यबल भागीदारी 13% से बढ़कर 34% तक पहुँची है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना हेतु स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। तीन थीम; 'अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति' तथा 12 प्राथमिक सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को बताया कि विकसित यूपी@2047 विषय पर विधानमंडल के मानसून सत्र में 27 घंटे की विशेष चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि 'विकसित यूपी@2047' की सफलता में पंचायतों की भागीदारी सर्वोपरि है। इसी क्रम में सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र, बुकलेट और लीफलेट भेजे गए हैं, जिनमें विशेष क्यूआर कोड व पोर्टल उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से आमजन अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस पत्र को बैठकों में पढ़ें, जनता को अभियान से जोड़ें और गाँव-गाँव, वार्ड-वार्ड तक संदेश पहुँचाएँ। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख से अधिक लोग अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में “विकसित यूपी@2047” विषय पर संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद केवल विचार-विनिमय नहीं, बल्कि साझा संकल्प का अवसर है। जब हर ग्राम, हर ब्लॉक और हर जिला आत्मनिर्भरता व सुशासन का प्रतीक बनेगा, तब उत्तर प्रदेश विकसित भारत 2047 का पथप्रदर्शक राज्य बनेगा।

यूपीआईटीएस में सौर ऊर्जा से चलने वाला आधुनिक UAV बना आकर्षण

यूपीआईटीएस 2025 आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को योगी सरकार दे रही नया आयाम पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में है खास इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है पायलट समेत केवल दो लोगों की टीम इसे नियंत्रित कर सकती है इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) में इस बार सौर ऊर्जा से संचालित हाई-एंड्यूरेंस UAV (Unmanned Aerial Vehicle) लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में खास है। इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर तक है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है। निर्माताओं ने बताया कि यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है। इसका संचालन बेहद सरल है और केवल दो लोगों की टीम, जिसमें एक पायलट शामिल होता है, इसे नियंत्रित कर सकती है। विशेष बात यह है कि इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है। योगी सरकार का विज़न, नवाचार और सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य को रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप हब बनाने के प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिला है। यह UAV इन्हीं प्रयासों का प्रतीक है, जिसमें लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यूपीआईटीएस में यह प्रदर्शनी योगी सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। विशेष तकनीक "Auxiron" से किया गया विकसित कंपनी ने इस UAV में एक अनोखी तकनीक “Auxiron” विकसित की है, जो पंखों को झुकाकर सूर्य की किरणों को कैच करती है। इससे सोलर पैनल से अधिकतम ऊर्जा उत्पन्न होती है और UAV की उड़ान अवधि कई गुना बढ़ जाती है। Auxiron न केवल एयरोडायनमिक ड्रैग को कम करता है, बल्कि विमान को बिना स्लिपिंग के सीधी उड़ान भरने में भी मदद करता है। इस पेटेंटेड तकनीक के चलते UAV दिन में आठ घंटे अतिरिक्त और रात में चार घंटे बैटरी बैकअप के साथ उड़ सकता है। रक्षा और नागरिक उपयोग यह UAV खासकर इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्नसेंस (ISR) मिशनों के लिए आदर्श है। कंपनी के मुताबिक इसके कई डिफेंस और सिविलियन उपयोग हैं: ▪️सीमा क्षेत्रों में निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर ▪️पाइपलाइन और पावरलाइन निरीक्षण ▪️खोज एवं बचाव अभियान (Search & Rescue) ▪️आपदा प्रबंधन और राहत कार्य ▪️सटीक कृषि और पर्यावरण मॉनिटरिंग भविष्य की योजनाएं कंपनी का कहना है कि जून-जुलाई 2025 से हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (HALE) UAV प्रोग्राम पर भी काम शुरू होगा। इसे "प्स्यूडो सैटेलाइट" कहा जा रहा है, जो लंबे समय तक ऊंचाई पर रहकर बार्डर मॉनिटरिंग, शुरुआती चेतावनी और संचार नेटवर्क जैसे कार्यों में क्रांति ला सकता है। यूपीआईटीएस-2025 में इस UAV के स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोग और डिफेंस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे और इसकी तकनीकी खूबियों को करीब से समझा। वो कहते हैं कि यह कहना गलत नहीं होगा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब डिफेंस और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है।

रिसॉर्ट मालिक का बेटा बन गया विवाद का केंद्र, जालंधर में हुई हिट एंड रन घटना

जालंधर  जालंधर में मोहिंदर सिंह के पी के जवान बेटे रिची केपी की मौत के मामले में अभी तक आरोपी पकड़ा नहीं गया कि शहर में एक और हिट एंड रन का मामला सामने आया है। आरोप है कि फगवाड़ा के एक रिसॉर्ट मालिक का बेटा नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए रॉन्ग साइड पर तेज रफ्तार से आया और कपड़ा व्यापारी की कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़ित कपड़ा व्यापारी डाबर का कहना है कि हादसे के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन पर ही केस कर दिया गया। व्यापारी के मुताबिक आरोपी पक्ष ने झूठी खबरें छपवाकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की है। घटना के दौरान टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ित परिवार के लोग दहशत में आ गए। आरोप है कि बाद में रिसॉर्ट मालिक और उसके साथियों ने पीड़ित से मारपीट भी की। इस पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी की कार को रॉन्ग साइड भागते देखा जा सकता है। डाबर ने कहा कि अगर उन्हें जालंधर पुलिस से इंसाफ नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे सबसे ज्यादा फिडबैक, अबतक 9.5 लाख ग्रामीणों ने दिये सुझाव

शहरी क्षेत्रों से आए लगभग 3 लाख सुझाव, शिक्षा, कृषि और विकास पर जनता दे रही खुलकर अपने सुझाव फीडबैक देने के मामले में महाराजगंज, संभल और सोनभद्र सबसे आगे, इटावा और फिरोजाबाद से सबसे कम फीडबैक लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में जारी योगी सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 300 नोडल अधिकारी और प्रबुद्धजन विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर न सिर्फ बीते 8 वर्षों की उपलब्धियां साझा कर रहे हैं, बल्कि जनता से भविष्य की योजनाओं पर सुझाव भी ले रहे हैं। अभियान में रविवार तक करीब 12.5 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 9.5 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 3 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। युवा, महिला, किसान, छात्र और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्ग इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा और कृषि पर आम जनमानस की राय एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 12.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। फीडबैक में सबसे ज्यादा राय शिक्षा क्षेत्र पर आई। लोग चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों को और मज़बूत किया जाए और शिक्षा को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जाए। कृषि क्षेत्र पर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं, जिसमें किसानों को और सुविधाएं देने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जैसी बातें प्रमुख रहीं। फीडबैक देने में महाराजगंज, संभल, सोनभद्र, कानपुर देहात और गोरखपुर सबसे आगे हैं। वहीं इटावा, फिरोजाबाद, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर में सबसे कम भागीदारी रही है। जनता के सुझाव महाराजगंज के नागरिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और बंद पड़ी गन्ना मिलों को फिर से चालू कराने की मांग की है। गाजियाबाद की सुषमा ने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और खेल-कौशल आधारित बनाने का सुझाव दिया, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास साथ-साथ हो सके। लखनऊ के रणजीत पटेल ने 112 पुलिस की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल वैन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा में सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव दिया। मऊ की वंदना सिंह ने कॉलोनियों में सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता बताई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुझाव के आधार पर सरकार तैयार करेगी विजन डॉक्युमेंट सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें। सर्वाधिक अच्छे सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

एक साथ मंच पर उतरीं केजीबीवी की 68,000 बालिकाएं, सामाजिक बुराइयों पर करारा प्रहार

– प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक – दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिकाओं ने दिया संदेश – मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत अभिनय में झलका बालिकाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता – बालिकाएं ही समाज में बदलाव की असली प्रेरणा हैं: मोनिका रानी लखनऊ  रविवार को प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की 68,000 बालिकाएँ नुक्कड़ नाटकों के मंच पर उतरीं और दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जोरदार और प्रेरक संदेश दिया। अभिनय कर रही बालिकाओं ने अपने अपने पात्र के साथ पूरी तरह से न्याय किया। मिशन शक्ति 5.0 की यह पहल बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व और जागरूकता का अद्भुत प्रेरक उदाहरण बनी।  बता दें कि इस पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को किया गया था और अब यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन में पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से गति पर है। बालिकाओं ने दिया सशक्त संदेश नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए यह स्पष्ट किया गया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बाल विवाह के खिलाफ प्रस्तुतियों में यह जोर दिया गया कि नाबालिग विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य में बाधा डालता है। बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीमवर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। पुलिस, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के साथ हुए संवाद ने बालिकाओं में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को मिला बल मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को साकार करता हुआ नजर आया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जब बेटियों को मंच और अवसर मिलता है, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे सशक्त वाहक बन सकती हैं। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बालिकाएँ भविष्य में समाज और राष्ट्र की नेतृत्वकारी भूमिका निभाकर विकास की नई राहें खोलेंगी। वास्तव में, यह पहल इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही नारी सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार हैं।

राम मंदिर संग अयोध्या में दिखेगी वाल्मीकि व निषादराज की आस्था

– पीएम मोदी ने “मन की बात” में किया विशेष उल्लेख, कहा दर्शन जरूर करें – संगमरमर से बनी महर्षि वाल्मीकि व निषादराज गुह्य की प्रतिमाएं स्थापित – अक्टूबर 2025 तक श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का सौभाग्य – रामायण की समरस परंपरा को साकार करेगा भव्य रामजन्मभूमि परिसर अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण अंतिम चरण में है। यह पावन धाम अब श्रद्धालुओं के लिए लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में भगवान श्रीराम की कथा से जुड़े महापुरुषों, महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य के राम मंदिर का निर्माण भी तेजी से संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 126वें एपिसोड में महर्षि वाल्मीकि और रामायण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगले महीने 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े आधार स्तंभों में से एक हैं। उन्हीं की रचना रामायण ने मानवता को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों से परिचित कराया। श्रीराम ने सेवा, समरसता और करुणा से सबको अपने साथ जोड़ा। यही कारण है कि रामायण में माता शबरी और निषादराज जैसे पात्रों का विशेष स्थान है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण के साथ ही महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब भी कोई अयोध्या जाए, तो रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज मंदिर के दर्शन अवश्य करे। संगमरमर की प्रतिमाओं से सजेगा मंदिर परिसर बता दें कि रामजन्मभूमि परिसर में बीते शनिवार को सप्तमंडप में निषादराज गुह्य और महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई। ये प्रतिमाएं जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा विशेष संगमरमर पत्थर से तराशी गई हैं। इन मूर्तियों को मंदिर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अंगद टीले के समीप स्थापित किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, आगामी अक्टूबर 2025 के बाद यह परिसर श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा। तब देशभर से आने वाले भक्त रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य की प्रतिमाओं के भी दर्शन कर पाएंगे। अयोध्या बनेगी आस्था और समरसता का प्रतीक धार्मिक विद्वानों का मानना है कि अयोध्या का यह स्वरूप भारतीय संस्कृति की समरस परंपरा का जीवंत प्रतीक बनेगा। भगवान श्रीराम केवल अयोध्या के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। ऐसे में महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर श्रद्धालुओं को यह संदेश देंगे कि रामकथा केवल राजाओं और महलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली धारा है।

पोलियो को हराकर हज़ारों महिलाओं की ताकत बनीं हिना नाज़

मिशन शक्ति-5.0  – कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना – योगी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ दिलाने में करती हैं महिलाओं की मदद – अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद लखनऊ कठिनाइयाँ जब हौसलों से टकराती हैं, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एटा जिले की मोहल्ला पोस्तीखाना, कस्बा सकीब हिना नाज की। हिना योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान के जरिए जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं। बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। हिना नाज़ रोज़ सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुँचती हैं। रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप। उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना। जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं। हिना स्वयं दस्तावेज़ों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं। लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितम्बर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुँच गई। साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है। हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं। वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए।” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। हिना नाज़ का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है। उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएँ भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं। आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

नीतीश कुमार का बड़ा बयान – दो बार साथ लेकर गलती की थी

गोपालगंज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद पर हमला बोला है। पहले दो बार राजद के साथ सरकार बनाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि उस समय हमसे गलती हो गई थी। अब इधर-उधर नहीं करेंगे। उन्होंने राजद पर हमला बोलते हुए कहा, "पहले कुछ नहीं था, चीजें गड़बड़ थीं। इसलिए इसे याद रखें। पहले यहां-वहां काम हो रहा था, और अब वे कई जगहों पर कुछ चीजें कर रहे हैं। आप जानते हैं कि गलती हुई थी, कुछ लोगों ने डेढ़ साल तक कुछ चीजों को हल्के में लिया, दो बार। बाद में मैंने उन्हें दोनों बार हटा दिया। उसके बाद, मैंने कहा कि अब से यहां-वहां कुछ नहीं किया जाएगा। जो शुरू से था, वह हमेशा रहेगा।" सीएम नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, लेकिन पिछले 20 सालों में बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में अब तक 5 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। आम जनता को राहत देते हुए 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त की गई। वहीं, वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी और महिलाओं को रोजगार देने पर भी सरकार ने जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस में जितनी महिलाओं की संख्या है, उतनी पूरे भारत के किसी भी राज्य में नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए बराबरी से काम किया है। मुस्लिम समुदाय के लिए कब्रिस्तान की घेराबंदी की गई तो मंदिरों की चाहरदीवारी भी बनवाई गई। पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति होती थी, लेकिन अब सब खत्म हो गया है।" मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के विकास में काफी मदद कर रहे हैं।