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राजनीतिक घड़ी: बिहार में सीटों का बंटवारा तय होने की तारीख सामने आई

पटना बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही खेमों में सहयोगी दलों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। सहयोगी लगातार सीट बंटवारे पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक औपचारिक बातचीत चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा के बाद ही शुरू होगी। आपको बता दें कि फिलहाल तारीखों का ऐलान नहीं हुआ। नवरात्रि की समाप्ति के बाद चुनाव आयोग की तरफ से कभी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया जा सकता है। एनडीए के छोटे सहयोगी दल पहले से ही सार्वजनिक रूप से अपनी मांगें उठा रहे हैं। एलजेपी (रामविलास) नेता अरुण भारती सोशल मीडिया पर सम्मानजनक हिस्सेदारी की माग कर रहे हैं और भाजपा व जदयू पर दबाव डाल रहे हैं। वहीं, हम (से.) प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी अपनी अपेक्षाओं को खुले मंच से सामने रखा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री व एलजेपी (रामिवालास) नेता चिराग पासवान और आरएलपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की दिल्ली में मुलाकात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने मगध–शाहाबाद क्षेत्र में पर्याप्त सीटें मिलने की इच्छा जताई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के दौरे पर थे। उन्होंने बैक टू बैक कई बैठकें कीं और रैलियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि दुर्गा पूजा के बाद एनडीए के सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा कर लिया जाएगा। इंडिया गठबंधन में भी खींचतान इंडिया गठबंधन के भीतर कांग्रेस ने आरजेडी से जल्द सीटों पर समझौते को अंतिम रूप देने की मांग की है। सीपीआई (एमएल) ने 2020 में 19 सीटों पर चुनाव लड़ी और 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2024 लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग में दो सीटें हासिल हुई। इस बार बड़ा हिस्सा चाहती है। वहीं, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने तो यहां तक कह दिया है कि यदि गठबंधन सत्ता में आता है तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। आरजेडी का क्या है रुख बिहार में महागठबंधन का अगुआ आरजेडी के सूत्रों के मुताबिक सहयोगी दलों के बीच औपचारिक बैठक और सीटों का बंटवारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद ही होगा।

अलकज्योर घटना: नशे में युवक ने छलांग लगाई, SDRF की तत्परता से बचा जीवन

जगदलपुर नशे में धुत युवक ने इंद्रावती नदी के बड़े पुल से छलांग लगा दी. मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के जवानों ने युवक को डूबने से बचाया. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जिसमें नदी में कूदने वाले युवक की पहचान सोरगांव निवासी जदूराम बघेल के रूप में हुई है. युवक को महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां युवक की हालत खतरे से बाहर बताई गई है.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हरियाणा CET Group-C नॉर्मलाइजेशन वैध

चंडीगढ़ हरियाणा में ग्रुप-सी भर्ती प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा सीईटी (कॉमन पात्रता परीक्षा) 2025 के नतीजों में अपनाए गए नॉर्मलाइजेशन फार्मूले को पूरी तरह वैध और न्यायसंगत ठहराया है। साथ ही, अपील संख्या एलपीए-2890-2025 (राहुल डागर एवं अन्य बनाम एचएसएससी एवं अन्य) को खारिज कर दिया। यहां बता दें कि ग्रुप-सी पदों के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सीईटी (कॉमन पात्रता परीक्षा) ली थी। यह परीक्षा विभिन्न विभागों में आने वाली भर्ती प्रक्रिया में स्तर सुनिश्चित करने का आधार बनेगी। नॉर्मलाइजेशन फार्मूला इसीलिए जरूरी माना गया ताकि अलग-अलग शिफ्टों या पेपर वेरिएंट्स में कठिनाई अंतर को संतुलित किया जा सके। इस पद्धति पर पहले भी विवाद हुए थे, लेकिन कोर्ट इस पद्धति को कई बार वैध माना गया है। सीईटी का आयोजन 26 एवं 27 जुलाई को दो दिन में चार शिफ्टों में हुआ था। 13 लाख 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया था और नब्बे प्रतिशत से अधिक ने एग्जाम में भाग लिया। अब अभ्यर्थी बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। चूंकि नतीजे घोषित होने के बाद ही ग्रुप-सी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, और युवाओं के लिए रोजगार की राह खुलेगी। आयोग ने यह संकेत भी दिया है कि जैसे ही परिणाम घोषित होंगे, आगे की कट-ऑफ, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। सुनवाई में यह सामने आया कि कुछ लोग ‘मामला मैनेज कराने’ के नाम पर हाईकोर्ट के एक कर्मचारी या अन्य माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह करने की कोशिश कर रहे थे। न्यायालय ने इसे न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताते हुए सभी संबंधित दस्तावेज सीलबंद करने का आदेश दिया। मामला हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को आगे की कार्रवाई और जांच हेतु सौंपा गया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि ऐसी याचिकाएं न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया को लटकाने की चेष्टा हैं, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ भी हैं। भविष्य में यदि कोई इसी तरह की याचिका दायर कर भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयत्न करेगा, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का दायित्व हो सकता है। भर्ती प्रक्रिया जारी : उम्मीदों की किरण हाईकोर्ट के इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया अब कानूनी अड़चनों से मुक्त हो सकेगी। एचएसएससी को अब सीईटी के नतीजे तुरंत जारी करने और ग्रुप-सी पदों की नियुक्तियों की प्रक्रिया तेजी से शुरू करने की राह खुल गई है। हजारों पदों पर नियुक्ति के लिए युवाओं को अवसर मिलेगा और बेरोजारी की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मेहनत को अब न्याय मिलेगा, अनिश्चितता खत्म होगी।   सक्रियता और पारदर्शिता का कदम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का यह निर्णय सिर्फ एक याचिका खारिज करने का मामला नहीं है बल्कि यह न्यायपालिका की सक्रियता और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नॉर्मलाइजेशन की वैधता की पुष्टि से चयन प्रक्रिया विवादों से मुक्त होगी। भर्ती को लटकाने की कोशिश करने वालों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संकेत गया है। अब नतीजों की घोषणा और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होती ही युवाओं की उम्मीदों को नई उड़ान मिलेगी।

बरेली हिंसा पर कड़ा संदेश: योगी बोले — दंगा फैलाओ तो भुगतना होगा अंजाम

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर के दौरे पर हैं। यहां लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने बरेली बवाल पर 24 घंटे में तीसरी बार दंगाइयों को अलटीमेटम दिया। कहा कि यूपी में अराजकता और दंगा करने वालों को जहन्नुम का टिकट दूंगा। गजवा-ए-हिंद की कल्पना पर नरक का टिकट  मिलेगा। भारत में उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया। सीएम ने रविवार की सुबह देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी के दर्शन कर उनके पांव पखारे। इसके बाद आरती की। यहां से वह गोशाला पहुंचे। वहां पर गायों को चना… गुड़ और रोटियां खिलाकर गोसेवा की। इसके बाद सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत की। बच्चों को दुलारा और टाफियां दीं। बताते चलें कि सीएम योगी शनिवार की रात यहां पहुंचे थे। उस समय मंदिर में दर्शन करके विश्राम को चले गए थे। उन्होंने रात्रि विश्राम यहीं मंदिर में ही किया था। सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात करके बच्चों से भी मिले। बच्चों को टाफियां देकर उन्हें दुलार किया और खूब मन लगाकर पढ़ने को कहा। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे। 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं की दी सौगात मंदिर से निकलने के बाद सीएम धूधुलपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का उद्घाटन किया। 2047 में विकसित भारत के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगे। सीएम ने छांगुर को कहा कालनेमि राक्षस इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर प्रदेश में अराजकता और दंगा फैलाने वालों को चेतावनी दी। कहा कि यूपी में ऐसा करने की हिम्मत की तो जहन्नुम का टिकट दूंगा। बरेली का हवाला देते हुए सबक लेने को कहा। उन्होंने छांगुर की कालनेमि राक्षस से तुलना की। कहा कि विकास में बाधा डाली तो ऐसे राक्षसों का विनाश होगा। सपा और कांग्रेस के अराजकतत्वों से मिले होने की बात कही। भारत में नहीं चलेगा गजवा-ए-हिंद सीएम ने कहा कि कुछ लोग भारत में रहते हैं, लेकिन गजवा-ए-हिंद का नारा लगाकर देश के भीतर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। गजवा-ए-हिंद भारत की धरती पर नहीं होगा। भारत की धरती महान आत्माओं की भूमि है। यह उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया है। गजवा-ए-हिंद की कल्पना करना, इसके बारे में सपना देखना भी नरक का टिकट बन जाएगा। जो लोग ऐसी गतिविधियों में लगे हैं, वे कान खोलकर सुन लें। देर-सवेर उनका भी हश्र छांगुर जैसा ही होगा।  

बाइक एक्सीडेंट में पंजाबी स्टार राजवीर जवंदा की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती

शिमला/चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में शनिवार को सड़क दुर्घटना में पंजाबी गायक राजवीर जवंदा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि राजवीर मोटरसाइकिल से शिमला जा रहे थे। अस्पताल ने एक बयान में बताया कि जवंदा को ‘बेहद गंभीर' हालत में अपराह्न पौने दो बजे पंजाब के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल लाया गया। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बद्दी इलाके में उस समय हुई, जब उन्होंने मोटरसाइकिल पर से नियंत्रण खो दिया। फोर्टिस अस्पताल ने बयान में बताया कि सड़क दुर्घटना में गायक के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और वह फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं। बयान के मुताबिक, “सुबह सड़क दुर्घटना में राजवीर के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाये जाने से पहले उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा।” बयान में बताया गया, “गायक को यहां लाये जाने के तुरंत बाद आपातकालीन और न्यूरोसर्जरी विभागों की टीम ने जांच की। विस्तृत जांच की गई और उन्हें फोर्टिस अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।” बयान के मुताबिक, राजवीर वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सहित कई राजनेताओं ने गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे खबर मिली है कि प्रसिद्ध पंजाबी गायक राजवीर जवंदा हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास हुई दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।” उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर करे कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर अपने प्रशंसकों और परिवार के पास लौट आएं।” बैंस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “अभी-अभी राजविंदर जवंदा वीर की दुर्घटना के बारे में सुना। ईश्वर से उनकी सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” वडिंग ने कहा कि दुर्घटना के बारे में सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, “राजवीर के शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं। वाहेगुरु उन्हें शक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करें।” शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। गायक-अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल, गायक जस बाजवा, कंवर ग्रेवाल और कुलविंदर बिल्ला सहित कई पंजाबी कलाकार राजवीर का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। लुधियाना में जन्मे राजवीर हिट गाने ‘काली जवंदे दी' से मशहूर हुए। उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

रेबीज़ हुआ तो मौत तय, पर रोकथाम से बच सकती है जान – वर्ल्ड रेबीज़ डे पर जानिए कैसे

अंबिकापुर रेबीज वायरस से होने वाली एक जानलेवा बीमारी है. ये ज़ूनोटिक बीमारियों में सबसे खतरनाक है, जो जानवर से मनुष्यों में फैलाती है. यह बीमारी कुत्ते के अलावा बिल्ली, लोमड़ी और सियार जैसे जानवरों के काटने से उनके लार के जरिए फैलती है. रेबीज बीमारी का उपचार संभव नहीं है इस बीमारी से 100% मौत हो जाती है, लेकिन टीका लगवाकर 100% बचा जा सकता है. रेबीज दिवस प्रत्येक वर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है. इस दिन प्रसिद्ध वैज्ञानिक लुई पॉस्टर की पुण्यतिथि है, और इस रेबीज वायरस के टीका की खोज उनके द्वारा किया गया था, इसलिए 28 सितंबर को मनाया जाता है. विश्व रेबीज दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है, ताकि रेबीज से हो रही मौत को कम किया जा सके. रेबीज के लक्षण पहले कुत्ते में फ्लू के जैसे लक्षण आते है, बाद में ये नर्वस सिस्टम के लक्षणों में बदल जाते है, लार बहता रहता है. मालिक का आदेश नहीं मानता है. खाना और पानी बंद कर देता है. सभी को काटने को दौड़ता है. बचाव कुत्ते को पशु चिकित्सक के सलाह से रेबीज का टीका लगवाए और प्रतिवर्ष बूस्टर टीका अवश्य लगवाएं. कुत्ता काट ले तो क्या करें -घाव को अच्छी तरह से कार्बोलिक सोप से धोकर लगभग १० मिनट तक बहते पानी से साफ़ करे – एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं -चिकित्सक की सलाह से टीकाकरण करवाये झाड़फूंक और अंधविश्वास से बचे – ये जानलेवा है, लेकिन अभी भी ग्रामीण इलाके में लोग इलाज न करवाकर झाड़-फूंक करवाते हैं, और अपनी जान गंवा बैठते हैं, इसलिए कुत्ता के काटने पर अपने पास के स्वास्थ्य केंद्र में जा कर इलाज और टीका लगवाएं. जिले में हर महीने दो सौ से ज्यादा केस पशुधन विकास विभाग में अतिरिक्त उप संचालक डॉ सीके मिश्रा बताते हैं कि विश्व में लगभग 60 हज़ार और भारतवर्ष में प्रतिवर्ष 20 हज़ार व्यक्ति की मृत्यु रेबीज बीमारी से हो रही है. वहीं बात करें अंबिकापुर की तो, हर महीने 200 से 300 कुत्ते के काटने के केस सामने आते हैं.

बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पर शिक्षा विभाग को दी समय सीमा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर तीन माह में विचार करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति तिथि (पांच और सात सितंबर 1998) से मानी जाएगी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर तीन माह के भीतर उनके प्रमोशन पर निर्णय लेना होगा। साथ ही सभी लक्षित लाभ दिए जाएंगे, हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।   यह था पूरा मामला     याचिकाकर्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी।     उनका कहना था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए, लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।     विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जाएगी, जब उनका समायोजन हुआ था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा।   इसके साथ ही, कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न केवल वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गई है।

अब बेअंत सिंह पार्क में नहीं बिकेंगे पटाखे, व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी!

जालंधर  दीवाली का पर्व कुछ ही सप्ताह दूर है और त्यौहारी सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन पटाखा मार्केट लगाने के लिए सुरक्षित स्थान तय करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। पटाखा विक्रेता नए स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है। पिछले कई वर्षों तक स्थानीय बर्ल्टन पार्क के खुले मैदान में पटाखा मार्केट लगती रही है, लेकिन अब वहां स्पोर्ट्स हब का निर्माण शुरू हो चुका है। जिस स्थान पर पहले मार्केट लगती थी, वहां स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेताओं के बीच नई जगह खोजने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में न तो कारोबारियों को सफलता मिली है और न ही प्रशासन कोई ठोस इंतजाम कर पाया है। प्रशासन ने पहले लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड और लम्मा पिंड चौक स्थित चारा मंडी वाली जगह को पटाखा मार्केट के लिए चिन्हित किया था, लेकिन वहां भी सहमति नहीं बन पाई। हालांकि एक ग्रुप अभी भी लायलपुर स्कूल में छोटी मार्केट लगाने पर बजिद्द है। पटाखा कारोबारियों के बाकी तीन ग्रुप स्थानीय बेअंत सिंह पार्क में मार्केट लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पीएसआईईसी ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया। संस्थान के कार्यकारी इंजीनियर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कहा कि बेअंत सिंह पार्क में पटाखा मार्केट लगाने की अनुमति न दी जाए। पत्र में बताया गया कि निगम का फायर ब्रिगेड विभाग पहले ही इस स्थान को एनओसी देने से इनकार कर चुका है।   सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पत्र में उल्लेख किया गया कि पार्क की दीवार के पास बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल यूनिट हैं जिनमें ऑयल टैंक भी स्थित हैं। इसके अलावा पार्क के ऊपर हाई टेंशन वायर गुजर रही है, जो भविष्य में खतरा साबित हो सकती है। फोकल प्वाइंट के औद्योगिक संगठन भी इस मार्केट के प्रयासों का विरोध कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, पटाखा विक्रेताओं के प्रमुख लोग औद्योगिक प्रतिनिधियों से मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेता नई जगह के लिए किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और आखिरकार किस स्थान पर सुरक्षित ढंग से पटाखा मार्केट लग सकेगी। अटारी बाजार और अंदरूनी क्षेत्रों में शुरू हुई पटाखों की बिक्री दीवाली के करीब आते ही जालंधर में पटाखों की बिक्री तेजी पकड़ने लगी है। बीते कई वर्षों तक बर्ल्टन पार्क में लगने वाली पटाखा मार्केट अब नए स्पोर्ट्स हब के निर्माण के कारण नहीं लग रही, जिससे कई दुकानदार अटारी बाजार और शहर के अंदरूनी इलाकों में पटाखों की बिक्री शुरू कर चुके हैं। कुछ साल पहले जालंधर में पटाखों की बिक्री का मुख्य केंद्र ही अटारी बाजार और आसपास का तंग क्षेत्र हुआ करता था। उस समय यहां लगभग 15-20 दुकानदार पटाखे स्टोर करते और बेचते थे, और आसपास के कस्बों के लोग भी इन्हें खरीदने आते थे। बाद में, जब अशोक गुप्ता जालंधर के डिप्टी कमिश्नर थे और उन्होंने पटाखों के खतरे को महसूस किया, तो उन्होंने बर्ल्टन पार्क के क्रिकेट स्टेडियम की सीढ़ियों के नीचे दुकानों में पटाखा मार्केट लगाने की व्यवस्था की। कई सालों तक पटाखा विक्रेताओं ने यहां खूब कारोबार किया और उनकी संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। अब, बर्ल्टन पार्क में स्पोर्ट्स हब निर्माण के चलते नए सुरक्षित स्थान की तलाश जारी है, लेकिन दुकानदारों ने इंतजार नहीं किया। कईयों ने अटारी बाजार में ही पटाखों की बिक्री शुरू कर दी है। दुकानों पर केवल सैंपल रखे गए हैं, लेकिन ग्राहकों की मांग पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम या अन्य स्थान से सीधे सप्लाई की जा रही है। वहीं, एक होलसेलर कारोबारी ने इंडस्ट्रियल एरिया में विशाल गोदाम तैयार कर रखा है। कुछ गांवों में भी पटाखों की बिक्री देखने को मिल रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस स्थिति में क्या कदम उठाते हैं और आखिरकार पटाखा मार्केट कब और कहां सुरक्षित रूप से लगती है।

आधुनिक बनाने की दिशा में Patna Zoo: जनता के सुझावों का स्वागत

पटना बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य के प्रमुख चिड़यिाघर संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) को और अधिक आकर्षक, आधुनिक एवं पर्यटक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आम नागरिकों, विशेषज्ञों एवं पर्यटकों से बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित किए हैं। संजय गांधी जैविक उद्यान वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। यहां बाघ, हाथी, गैंडा (राइनो), चीतल सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का सफल प्रबंधन और संरक्षण किया जा रहा है। यही कारण है कि हर वर्ष लगभग 20 लाख से अधिक पर्यटक यहां आकर बिहार की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करते हैं। विभाग का मानना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उद्यान में आधुनिक सुविधाओं का विकास आवश्यक है। इसमें पर्यावरण-अनुकूल ढांचे, डिजिटल सुविधाएं, बच्चों एवं शोधकर्ताओं के लिए शैक्षिक कार्यक्रम, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी कार्य होगा। 10 अक्टूबर तक ईमेल या मोबाइल पर भेजें सुझाव जन सुझाव आमंत्रण की इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और विशेषज्ञों को उद्यान विकास में सहभागी बनाना है ताकि उनकी राय से योजनाओं को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। इच्छुक नागरिक अपने सुझाव विभाग को ईमेल पर या मोबाइल संख्या 8114593954 पर भेज सकते हैं।

झारखंड का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल रांची में, 11 मंजिला ट्विन टावर में होंगे कई आधुनिक आकर्षण

रांची झारखंड के रांची में एक भव्य माल बनकर तैयार होगा। यह माॅल शहर के मेन रोड स्थित सैनिक बाजार परिसर में बनेगा। परामर्शी मांस एन वायड ने मॉल की डिजायन काे लेकर प्रजेंटेशन दिया। जानकारी के मुताबिक सामने एक और पीछे 2 भवन बनाये जायेंगे जिसका मुख्य आकर्षण ट्वीन टावर रहेगा जो 11 मंजिला बनेगा। यहां कुल 9 लाख वर्ग फीट में काम्प्लेक्स बनेगा, जिसमें मार्केटिंग सह ऑफिस का बिल्डअप एरिया 6 लाख वर्ग फीट होगा जिसमें 3 लाख वर्ग फीट का दो बेसमेंट बनेगा जहां 700 से अधिक वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। निचले तल यानी लोअर ग्राउंड फ्लोर पर शापिंग मॉल एवं मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनेगा। यह अगले भवन का  हिस्सा होगा। इसके अलावा अगले हिस्से में ही जी प्लस फाइव मंजिला भवन बनेगा। इस पांच मंजिले भवन में ही ग्राउंड फ्लोर पर शापिंग पोडियम (कियोस्क एवं छोटे खुले दुकान) बनाये जायेंगे। यही अगले हिस्सा का भवन जी प्लस फाइव होगा जिसमें लगभग 6 मल्टीप्लेक्स ,गेमिंग जोन, फूड कोर्ट और शो रूम का प्रावधान रहेगा। मॉल के पिछले हिस्से में मिश्रित उपयोगिता वाला ट्वीन टावर बनेगा जिसमें खुदरा व्यवसाय के साथ मनोरंजन एवं वर्कशॉप  सह कार्यशाला भी बनाया जाएगा जो शहरी नागरिकों की जरूरतों को पूरा करेगा। वहीं, मॉल बन जाने के बाद सभी पुराने दुकानदारों को वहां शिफ्ट किया जाएगा।