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आई लव बुलडोजर पोस्टर लखनऊ की सड़कों पर, CM योगी का हुआ जिक्र

लखनऊ कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद ने लखनऊ की सड़कों पर भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए शहर के अलग अलग स्थानों ओर हो रहे प्रदर्शन के बीच अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं, जिससे अब ये विवाद सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर सकता है। दरअसल, I Love Muhammad विवाद के बीच भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने शहर में जगह-जगह I Love Yogi Adityanath Ji और I Love Bulldozer लिखे होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन पोस्टरों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और बुलडोजर का चित्र लगाया गया है। अमित त्रिपाठी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने यूपी में गुंडों-माफियाओं पर बुलडोजर चलाकर शांति व्यवस्था कायम की है और जनता का विश्वास जीता है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन पर पोस्टर वॉर लखनऊ के वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में अचानक I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji के पोस्टर नजर आने लगे। इन पोस्टरों में सीएम योगी की छवि को लॉ एंड ऑर्डर के मसीहा के रूप में दिखाया गया है। आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने इन्हें लगवाया और कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन से उत्तर प्रदेश में अपराधियों की कमर टूटी है और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। योगी के सख्त प्रशासन पर मिला जनसमर्थन भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर जिस तरह बुलडोजर चलाया है, वह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि यूपी में शांति और अमन-चैन CM योगी के कारण कायम है। इस कदम को योगी की बुलडोजर बाबा वाली छवि को और मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 'I Love Muhammad' विवाद से जुड़ा नया सियासी एंगल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कानपुर का 4 सितंबर का विवाद है, जब बारावफात जुलूस के दौरान I Love Muhammad बैनर लगाया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामला बढ़ता चला गया। कई जगह हिंदू समुदाय ने I Love Mahadev/Mahakaal पोस्टर लगाए। अब लखनऊ में लगे I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji होर्डिंग्स को इस विवाद का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर सीएम योगी की सख्त छवि को केंद्र में रखता है।

कांग्रेस के आरोपों पर टंकराम वर्मा का पलटवार, कहा- मोदी पर ‘वोट चोर’ का ठप्पा लगाना बेबुनियाद

रायपुर देशभर में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का अभियान चला रही है. PM मोदी को ‘वोट चोर’ कहने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सबूत मांगे थे, लेकिन कांग्रेस कोई सबूत पेश नहीं कर सकी. जनता ने उन्हें एक लाइन में खारिज कर दिया है. प्रदेश और देश में कांग्रेस का जनाधार खत्म : मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास अब बोलने को कुछ नहीं है. पीएम मोदी को पहले ‘चौकीदार चोर’ कहा, अब ‘वोट चोर’ बोल रहे हैं. वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश और देश में उनका जनाधार खत्म हो चुका है. कांग्रेस बूथ अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज कांग्रेस के संगठन सृजन पर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में बूथ, मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोकतांत्रिक नियुक्ति होती है. कांग्रेस में पहले राष्ट्रीय नेताओं की नियुक्ति होती है, फिर उनके नीचे अन्य नेताओं की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि ऐसा बूथ अध्यक्ष बनाएंगे, जो उनके आदेश पर कुत्ते की तरह भौंके. कम बारिश होने से फसलें प्रभावित वहीं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में इस साल कम वर्षा हुई है, जिसके चलते कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग सभी जिलों में सर्वे कर रहा है, रिपोर्ट आने के बाद कहां और कितनी फसल प्रभावित हुई है, यह स्थित साफ होगी.

अमृतसर हवाई अड्डे से दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर रूबल सरदार को किया गिरफ्तार

अमृतसर  दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हाशिम गिरोह के सदस्य गैंगस्टर रूबल सरदार को अमृतसर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सरदार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी था और उस पर पुलिस टीम लगातार नजर बनाए हुए थीं। हाशिम गिरोह के सदस्यों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत ही उसे गिरफ्तार किया गया है।

यूपी ट्रेड शो में दर्शकों का उमड़ा सैलाब, दूसरे दिन पहुँचे 91 हजार से ज़्यादा लोग

बड़ी संख्या में पहुंच रहे युवा, शनिवार को और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के दूसरे दिन दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो के दूसरे दिन कुल 91,259 आगंतुक पहुंचे, जिनमें 23,758 बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) और 67,501 बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) शामिल रहे। पहले दिन आए 49 हजार आगंतुकों को जोड़कर दो दिनों में कुल 1,40,259 दर्शक ट्रेड शो पहुंचे। यह रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फुटफॉल उत्तर प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक ताकत और यूपीआईटीएस की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। इस आयोजन को न केवल व्यापार जगत के पेशेवरों ने सराहा, बल्कि आम दर्शकों ने भी प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गहरी रुचि दिखाई। दिनभर चले विविध कार्यक्रमों में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग केंद्र में रहा। इसमें 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और 240 से ज्यादा बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप लगभग 120 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका अनुमानित मूल्य 5.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। दूसरे दिन एमएसएमई, शहरी विकास, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी कई विषयगत सत्र आयोजित किए गए। छात्रों और युवाओं की भारी भागीदारी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। करीब दो हजार से अधिक युवा व्यापार-उन्मुख गतिविधियों से जुड़े, जबकि 362 छात्रों ने क्विज, माइम और मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसमें भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की नृत्य-नाटिका, श्रीकृष्ण लीला, रसिया गायन, चरकुला नृत्य और जयपुर के स्वराग बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो सरीखे और आयोजनों की जरूरत यूपीआईटीएस 2025 के दूसरे दिन आयोजित सत्र ‘एमएसएमई@2047 – एक विकसित भारत का इंजन’ में शामिल हुए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए यूपीआईटीएस जैसे और आयोजन देशभर में होने चाहिए। इससे न केवल उद्यमियों को मंच मिलेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। मांझी ने कहा कि यूपी में हर जिले तक एमएसएमई को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है और ऐसी पहल पूरे देश में फैलनी चाहिए। इसी सत्र में प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। जहां आवश्यकता होगी, नीतियों में संशोधन किया जाएगा और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। सचान ने कहा कि भारत को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य एमएसएमई की ताकत और योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।

8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव अभियान के तहत सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों का संवाद जारी ग्रामीण क्षेत्रों से 6.3 लाख तो नगरीय क्षेत्रों से 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके अभियान से सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए 3.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु के तो 50 हजार सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए सबसे ज्यादा 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, जबकि 1.5 लाख सुझाव नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से मिले स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, आईटी & टेक, इंडस्ट्री और सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर भी मिले सुझाव  महाराजगंज 65 हजार से अधिक फीडबैक के साथ अव्वल, कानपुर देहात और सम्भल भी पीछे नहीं लखनऊ समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 अभियान के तहत 26 सितम्बर, 2025 तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया एवं आमजन से संवाद किया। इस दौरान विगत 8 वर्षों की विकास यात्रा पर जानकारी साझा करने के साथ भविष्य की विकास रूपरेखा पर चर्चा की गई। अभियान के तहत शुक्रवार तक लगभग 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने अपने सुझाव साझा किए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6.3 लाख तो वहीं नगरीय क्षेत्रों से लगभग 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके हैं। अभियान से जुड़ रहा युवा वर्ग सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए हैं, जबकि 3.5 लाख सुझाव  31 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों ने दिए हैं। वहीं 50 हजार सुझाव सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। सर्वाधिक 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, 1.5 लाख नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से, 60 हजार स्वास्थ्य क्षेत्र से, 65 हजार समाज कल्याण से, 1.7 लाख कृषि क्षेत्र से, 22 हजार आईटी & टेक, 23 हजार इंडस्ट्री तथा 15 हजार सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर प्राप्त हुए हैं। जनपद महाराजगंज से 65 हजार से अधिक, कानपुर देहात से 35 हजार, 34 हजार फीडबैक सम्भल से प्राप्त हुए हैं। प्राप्त हुए ये महत्वपूर्ण सुझाव सीतापुर से विमल कुमार के अनुसार उत्तर प्रदेश को 2047 तक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने के लिए गांव पंचायतों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी दो सबसे प्राथमिक कदम हैं, जो पूरे प्रदेश के विकास का आधार बन सकते हैं। गांवों तक बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि ग्रामीण जनता के व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके। गांवों में इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र सरकार की योजनाओं, ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें। हापुड़ से सबनम का विचार है कि भारत को 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में विश्व अग्रणी बनाने के लिए सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित विकास जरूरी है। ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों की देखभाल, स्वच्छता, सुरक्षा, और बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से देश को विविध अनुभवों का केंद्र बनाया जा सकता है। स्थानीय कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों को प्रोत्साहित कर रोजगार बढ़ाया जा सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट गाइडेंस के जरिये पर्यटकों को सुगम जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि सतत विकास और आधुनिकता का संतुलन रखा जाए तो भारत 2047 तक दुनिया का सबसे आकर्षक और विकसित पर्यटन स्थल बन सकता है। कानपुर देहात से प्रीति केशरी का सुझाव है कि परिवहन की सुरक्षा और सुगमता हेतु अच्छे मार्गों का निर्माण आवश्यक है। विद्यालय तक पहुँच के लिए सड़कों का चौड़ीकरण हो, ताकि बच्चों का विद्यालय तक पहुँचना सरल हो सके और ग्रामीण क्षेत्र तेजी से विकसित हों। यह व्यवस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। लखनऊ से संतोष कुमार के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक प्रशिक्षित चिकित्सा टीम के साथ पशु एम्बुलेंस होनी चाहिए ताकि पशुओं को बेहतर उपचार मिल सके। टोल फ्री नंबर 1962 का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। अधिकांश जनता इस संपर्क नंबर से अनजान है। इसे व्यापक रूप से प्रचारित किया जाना चाहिए।

धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी

योगी कैबिनेट में 22 प्रस्ताव मंजूर, कृषि खरीद से लेकर औद्योगिक निवेश तक हुए बड़े निर्णय – धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी – धान खरीद : कॉमन 2369, ग्रेड ए 2389 रुपये/क्विंटल – मक्का खरीद : 2400 रुपये/क्विंटल, 25 जिलों में 15,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – बाजरा खरीद : 2775 रुपये/क्विंटल, 33 जिलों में 2.2 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य – ज्वार खरीद : हाईब्रिड 3699, मालदांडी 3749 रुपये/क्विंटल, 50,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – उज्ज्वला योजना : 1.86 करोड़ परिवारों को होली-दीपावली पर 2 मुफ्त सिलेंडर – आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे तक 90 km का नया लिंक एक्सप्रेसवे स्वीकृत, 7488 करोड़ आएगी लागत – डीएमएफ न्यास संशोधन 2025 : 70% निधि स्वास्थ्य-शिक्षा पर, राज्य पर कोई बोझ नहीं – शहरी विस्तारीकरण योजना : 970 करोड़ सीड कैपिटल रामपुर-अयोध्या समेत 5 शहरों के लिए स्वीकृत – 3 नई निजी यूनिवर्सिटी को अनुमति, यूपी में अब कुल 50 निजी विश्वविद्यालय होंगे – छात्रवृत्ति : एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के 4 लाख से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित, डीबीटी से भेजे जाएंगे 647 करोड़ रुपए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है, जो राज्य के आर्थिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेंगे। 2025-26 के लिए धान क्रय नीति की घोषणा कृषि क्षेत्र को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद की जाएगी। गत वर्ष कॉमन धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस वर्ष बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार, ग्रेड ए धान के लिए पिछले वर्ष 2330 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कुल 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 3100 क्रय केंद्र कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनकी संख्या बढ़ाकर 700 अतिरिक्त केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। खन्ना ने स्पष्ट किया कि सभी क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और किसानों की अन्य सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित मोटा अनाज की खरीद नीति भी मंत्रिपरिषद ने मंजूर कर ली है, जो 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2225 रुपये प्रति क्विंटल से 175 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। मक्का की खरीद 25 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, गोंडा, बहराइच, बलिया, सोनभद्र, जौनपुर, मीरजापुर, देवरिया और ललितपुर शामिल हैं। इसके लिए 75 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय  बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2625 रुपये से 150 रुपये अधिक है। बाजरा की खरीद 33 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई और उन्नाव प्रमुख हैं। 300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 2 लाख 20 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीदा जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य ज्वार की खरीद नीति में भी वृद्धि की गई है। हाईब्रिड ज्वार के लिए 3699 रुपये प्रति क्विंटल तथा मालदांडी ज्वार के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है। ज्वार की खरीद 11 जनपदों में होगी, जिनमें कानपुर, कानपुर देहात, जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मीरजापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल हैं। 80 क्रय केंद्रों से 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इन नीतियों से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर बैठक में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने वाले फैसलों पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास तृतीय संशोधन नियमावली 2025 को मंत्रिपरिषद ने अपना अनुमोदन दे दिया है। इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संशोधन के तहत जिला खनिज फाउंडेशन निधि (डीएमएफ) का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास में किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि यह कदम खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को दो नि:शुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक क्षेत्र में भी राहत मिली है। मा. उच्चतम न्यायालय में दायर अपील 'प्रेमलता बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' पर फैसले के अनुपालन में मृतक आश्रित योजना को संशोधित किया गया है। अब मृतक कर्मचारी के आश्रित को उसी कैडर में नौकरी … Read more

रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस–भारत व्यापार संवाद ने खोले सहयोग के नए द्वार रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में 2025 के अवसर पर इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को रूस–भारत व्यापार संवाद पर केंद्रित एक विशेष बी2बी (B2B) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस संवाद में 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिसके तहत मात्र तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं। रूस की 30 कंपनियाँ विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय उद्यमियों के साथ व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा करने, रणनीतिक साझेदारियाँ स्थापित करने और द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु सक्रिय रूप से शामिल हुईं। इन सेक्टर्स पर हुई चर्चा प्रतिनिधित्व किए गए प्रमुख क्षेत्र थे विनिर्माण (औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग), ऊर्जा, उपयोगिताएँ एवं अवसंरचना, एफएमसीजी, आईटी एवं डिजिटल समाधान, रसायन एवं सौंदर्य प्रसाधन, पैकेजिंग, चिकित्सा एवं चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घटक एवं ट्रांसमिशन, खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि, पर्यटन, व्यापार एवं थोक वितरण और पशुपालन। चर्चाओं में परस्पर हित के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया गया और उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक गतिशील केंद्र के रूप में उभरते हुए प्रस्तुत किया गया। रूसी निवेशकों ने राज्य के विस्तारित औद्योगिक आधार, सक्रिय शासन और क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहनों में गहरी रुचि दिखाई। आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा इस सत्र की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने की, जबकि सह-अध्यक्षता इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शशांक चौधरी ने की। यह आयोजन दोनों पक्षों की आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करने और सतत विकास के नए मार्ग खोलने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। साथ ही, यह उत्तर प्रदेश की वैश्विक निवेश सहयोग के लिए रणनीतिक स्थिति और निवेशक अनुकूल नीतियों को उजागर करता है। रूस–भारत व्यापार संवाद ने सहयोग और निवेश संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव स्थापित किया है, जो भविष्य में दीर्घकालिक साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद

विकसित यूपी महाअभियान के अग्रिम सेनानी हैं ग्राम प्रधान: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद  मुख्यमंत्री बोले ग्राम प्रधान लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की धुरी बनेगा ग्रामीण भारत: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रधानों को याद दिलाये प्रधानमंत्री के पंच प्रण, कहा विकसित यूपी के लिए हर प्रदेशवासी का योगदान जरूरी आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है: मुख्यमंत्री विकसित यूपी अभियान के बारे में ग्राम प्रधानों को किया जागरूक, कहा; पंचायत की खुली बैठक में करें चर्चा, हर प्रदेशवासी का सुझाव अमूल्य प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होंगे, तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा और जब प्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से संवाद कर रहे थे। यह संवाद नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 के संकल्पों से परिचित कराते हुए उनसे इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 अभियान के बारे में जानकारी देने वाली एक वीडियो फ़िल्म भी दिखाई गई और क्यूआर कोड तथा पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने के तरीके से अवगत भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जब देश की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सबका साझा लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृतकाल के लिए प्रधानमंत्री जी ने 'पंच प्रण' लिए हैं, हर नागरिक इनको अपने जीवन मे उतारे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि यदि गांव सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा और यदि भारत सशक्त होगा तो विश्व मंच पर उसका नेतृत्व सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था के बोझ तले दबा हुआ था। किसान कठिन परिस्थितियों में परिश्रम करते थे, लेकिन सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएँ सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव सरकारी व्यवस्थाओं में गहराई तक जकड़े हुए थे। पलायन की पीड़ा आम परिवारों को झेलनी पड़ती थी और गरीबी के कारण बच्चों की असमय मौतें होती थीं। लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है। 07 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये हो गई है। इन 08 वर्षों में 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का निर्माण हुआ है और अब अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। इसमें तीन प्रमुख थीम रखी गई हैं; अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति। अर्थ शक्ति के अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। सृजन शक्ति के तहत आधुनिक बुनियादी ढाँचा और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जीवन शक्ति का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण है। इसके तहत 12 सेक्टर निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के आधार पर एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जो अगले 22 वर्षों में विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा और रोडमैप तय करेगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश के इस अभियान पर चर्चा करें, गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दिलाएँ। ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पंचायत की खुली बैठक में जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। आने वाली पीढियां आपके सुझावों पर गर्व करेगी। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस यात्रा से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन के रूप में साकार होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की राह पर आगे बढ़ें और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।

अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके

दशहरा बुराई और आतंक के दहन का प्रतीक, उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए यही समय है-सही समय है: मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में सम्प्रदाय विशेष द्वारा जुलूस प्रदर्शनों से अराजकता फैलाने की कोशिशों पर मुख्यमंत्री सख्त, कहा, हर उपद्रवियों को सरकार कुचल देगी अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके उपद्रवी बचेंगे नहीं, कार्रवाई ऐसी होगी कि दोबारा अराजकता फैलाने की सोच नहीं सकेंगे: मुख्यमंत्री कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद सहित विभिन्न जिलों की घटनाओं पर नाराजगी, उपद्रवियों पर तुरंत एफआईआर, संपत्ति तक जांच के आदेश हर उपद्रवी चिन्हित हो, वीडियो फुटेज व सोशल मीडिया मॉनीटरिंग से कोई भी बच न पाए: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, छेड़खानी, चेन स्नेचिंग, एसिड अटैक पर थाने से लेकर पीआरवी तक जवाबदेही तय होगी: मुख्यमंत्री गरबा-डांडिया में बहरूपियों की घुसपैठ रोकें, मिशन शक्ति 5.0 को जमीन पर उतारें: मुख्यमंत्री ड्रोन से रेकी और चोरी की अफवाहों पर कड़ा एतराज, अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी व चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर पूरी तरह लगाम, मुख्यमंत्री ने कहा आदेशों का अक्षरशः पालन हो दुर्गा पूजा व रावण दहन कार्यक्रमों में सुरक्षा सर्वोपरि, सुरक्षित ऊंचाई से अधिक बड़ी प्रतिमा न हो, विसर्जन के वैकल्पिक इंतजाम जरूरी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, बूचड़खानों का औचक निरीक्षण करें पुलिस कप्तान, मानक अनुपालन सुनिश्चित करें यूपी आईटीएस में उमड़ रहा लोगों का उत्साह, बोले मुख्यमंत्री, कोई जाम न हो, सुरक्षा पुख्ता रहे जिलों में प्रभारी मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के दौरों और बैठकों को प्राथमिकता में रखे जिला प्रशासन, कोर ग्रुप की बैठकों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक रिपोर्ट करें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कुचल देगी। पर्व-त्योहारों के अवसर पर कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अशांति फैलाने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें, यही समय है, सही समय है।" हाल के दिनों में कानपुर नगर, वाराणसी, मुरादाबाद, बदायूं, महराजगंज, उन्नाव, संभल, आगरा और बरेली में आपत्तिजनक जुलूस और भड़काऊ नारेबाजी की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच हो। इन जुलूसों में शामिल एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वीडियो फुटेज खंगालें, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग करें और हर एक उपद्रवी पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल एडीजी, आईजी, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों सहित फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में बहरूपिये अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, चेन स्नेचिंग या एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर न केवल थाने और चौकी की जवाबदेही तय होगी बल्कि पीआरवी की भूमिका भी जांची जाएगी। दशहरे के बाद जोनल एडीजी इसकी थानावार समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज आदि जिलों में ड्रोन के जरिए रेकी व चोरी की अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करती रहे। चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि गलत सूचनाओं से जनता आतंकित न हो। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई और कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। जाति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को पूरी तरह खत्म करना होगा। त्योहारों के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिमाएं सुरक्षित सीमा से अधिक ऊंची न हों और नदियों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दुर्गा पूजा समितियों से संवाद कर सुरक्षित व्यवस्था बनाएं और रावण दहन कार्यक्रम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराएं। गो-तस्करी और बूचड़खानों पर कठोर कार्रवाई की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने मानक के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारी भीड़ और विदेशी खरीदारों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सप्ताहांत में संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए कहीं भी यातायात जाम न हो और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने बताया कि दूसरे दिन लगभग 49 हजार लोगों ने ट्रेड शो का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि प्रभारी मंत्रियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ जनों से बने कोर ग्रुप के निर्देशों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इनकी बैठकों के विवरण से मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विकसित यूपी@2047 के अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास के भी निर्देश दिए।

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।