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मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायतों को मिला नया अधिकार, विकसित करेंगी आवासीय कॉलोनी

विदिशा  मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी शहरों में गृह निर्माण मंडल और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की तरह आधुनिक आवासीय कालोनियां विकसित करेंगी। शुरुआत विदिशा जिले से हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने जिले की 12 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इसके लिए चिन्हित किया है। इन गांवों में कॉलोनी बनाने के लिए पंचायतों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांवों में आधुनिक आवासीय कालोनियों का विचार जिला प्रशासन का है। तय हुआ कि एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों में भी इस तरह की सुविधा विकसित की जाए। उसके बाद जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों से ऐसे गांवों के नाम मांगे थे, जहां शासकीय भूमि उपलब्ध हो, गांव शहरी सीमा से सटे हों और क्षेत्रफल व आबादी के लिहाज से बड़े हों। इस मापदंड पर 13 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां कालोनियां विकसित की जानी है। विदिशा से प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है इन गांवों को दो एकड़ से पांच एकड़ तक की जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवंटित की गई है। जिन गांवों में ये कालोनियां बननी हैं, उनकी नजदीकी कस्बे से दूरी 500 मीटर से 10 किमी तक है। यहां कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। विदिशा से यह प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है, जिसमें ग्राम पंचायत प्लाट बेचेंगी। उसपर भवन निर्माण खरीददार ही करेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं। पिपलधार ग्राम पंचायत की सरपंच केसर बाई रामराज सिंह यादव का कहना है कि उनके गांव पट्टन में 0.65 हेक्टेयर जमीन कॉलोनी के लिए आवंटित हुई है। गांव बड़ा है, इस योजना से लोगों को काफी फायदा होगा, लेकिन जो जमीन आवंटित है उसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है। उसे हटाना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगा। 2000 वर्गफीट तक के भूखंड होंगे योजना के मुताबिक इन ग्रामीण कालोनियों में भूखंड का आकार 800 वर्गफीट से लेकर दो हजार वर्गफीट तक होगा। उनकी कीमत ग्राम पंचायत तय करेगी। योजनाबद्ध विकास होगा इनका विकास योजनाबद्ध होगा। सबसे पहले सड़कों का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी निगरानी जिला एवं जनपद पंचायतें करेंगी। शुरुआती विकास पंचायत के बजट से होगा और बाद में प्लाट बिकने पर विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी। इन 14 गांवों में बनेगी पहली कॉलोनी गंज पंचायत का पठारी बासौदा, ग्यारसपुर विकासखंड का खुजराहर, सिरोंज का बगरोदा, चौड़ाखेड़ी पंचायत का कमरिया, नटेरन का रुसल्ली, पट्टन और डंगरवाड़ा, कुरवाई का मेहलुआ चौराहा और पठारी, लटेरी का मुरवास तथा विदिशा विकासखंड का ढोलखेड़ी, रंगई, करैयाहवेली और आमखेड़ा हवेली। कॉलोनियों में सभी सुविधाएं दी जाएंगी     पंचायतों में कॉलोनियां बनाने के लिए शहर से सटी और बड़ी पंचायतों का चयन किया गया है। यहां शहरों की तरह बिजली, सड़क और पानी जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भूमि आवंटित कर दी गई है और अब लेआउट डिजाइन पर काम शुरू कर दिया गया है। – ओपी सनोडिया, सीईओ, जिला पंचायत, विदिशा  

नायता मुंडला बस स्टैंड तैयार, इंदौर में नौलखा बस स्टैंड के स्थानांतरण का रास्ता साफ

 इंदौर  इंदौर में नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन अब संभव हो सकेगा। मंगलवार को हाईकोर्ट ने बस संचालकों की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे नायता मुंडला से बसों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। साथ ही तीन इमली बस स्टैंड को स्थानांतरित करने की याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब आने वाले समय में दोनों बस स्टैंड को स्थानांतरित किया जा सकेगा। पिछले वर्ष फरवरी में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार इंदौर संभाग ने नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी को बस स्टैंड के रूप में अधिसूचित किया था, जबकि नौलखा बस स्टैंड को गैर अधिसूचित घोषित किया गया था। इस निर्णय के अनुसार, डबल चौकी, खातेगांव, चापड़ा, कन्नौद, नेमावर, हरदा, होशंगाबाद, बैतूल आदि शहरों के लिए बसों का संचालन नायता मुंडला से होना था, लेकिन बस संचालकों ने इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके कारण मामला लंबित रहा। तीन इमली से चलने वाली बसों को किया जाएगा स्थानांतरित अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित करने की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। तीन इमली से संचालित होने वाली बसों को भी स्थानांतरित किया जाना है, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि इन्हें नायता मुंडला भेजा जाएगा या एमआर-10 स्थित आईएसबीटी। नौलखा बस स्टैंड से प्रतिदिन 80 से अधिक बसों का संचालन होता है, जिनमें से अधिकांश बसें नेमावर रोड से होकर विभिन्न शहरों के लिए चलती हैं। सुबह से लेकर देर रात तक चलने वाली इन बसों के कारण तीन ईमली से नौलखा तक कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए प्रशासन ने इन्हें स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। विरोध के कारण रुकी थी प्रक्रिया जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष नौलखा और तीन इमली बस स्टैंड को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। नायता मुंडला बस स्टैंड पर नौलखा की बसों को भेजने की तैयारी पूरी हो गई थी, लेकिन बस संचालकों के विरोध के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया रुक गई थी। अब कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी गई है। यात्रियों का खर्च बढ़ेगा नायता मुंडला में बसों के स्थानांतरण से पहले जिला प्रशासन को लोक परिवहन की व्यवस्था करनी होगी। वर्तमान में यहां से बसों का संचालन नहीं होता है। देर रात आने वाले यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को भी सुनिश्चित करना होगा। शहर के बाहर होने के कारण यात्रियों को ऑटो से आने-जाने में अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। नोटिफिकेशन के अनुसार होगा बसों का संचालन     नोटिफिकेशन के अनुसार नौलखा से बसों का संचालन कराया जाएगा। यहां से चलने वाली बसों के लिए नायता मुंडला बस स्टैंड अधिसूचित किया गया है। – प्रदीप शर्मा, आरटीओ  

सुरक्षा बलों की सख़्ती के बाद नक्सली नरम, सरकार से बातचीत और युद्धविराम की अपील

रांची मार्च, 2026 तक झारखंड सहित पूरे देश को नक्सल मुक्त कराने के लक्ष्य के साथ सुरक्षाबलों और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान ने नक्सली संगठनों को बैकफुट पर ला दिया है। बंदूक की नोक पर क्रांति की बातें करने वाले और वर्षों तक हिंसा को रास्ता बनाने वाले भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने एक बार फिर सरकार से वार्ता के लिए शांति प्रस्ताव की पेशकश की है। भाकपा माओवादी की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि नक्सली हथियार छोड़कर वार्ता करने के लिए तैयार हैं। पत्र में लिखा गया है कि पार्टी (भाकपा माओवादी) एक महीने के लिए औपचारिक युद्धविराम चाहती है। साथ ही शुरुआती बातचीत वीडियो कॉल से करने का सुझाव दिया गया है। पिछले छह महीनों में संगठन की ओर से यह प्रस्ताव पांचवीं बार आया है। प्रेस नोट में कहा गया है कि मार्च 2025 के आखिरी सप्ताह से ही पार्टी शांति वार्ता की कोशिश कर रही है। महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के एनकाउंटर के बाद यह मुद्दा और तेज हुआ। नक्सलियों ने लिखा है कि सरकार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसके बजाय सैन्य अभियान बढ़ा दिए गए। इसके बावजूद पार्टी ने बदलती परिस्थितियों को देखते हुए हथियार छोड़ने का निर्णय लिया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अब संगठन जनहित के मुद्दों पर अन्य राजनीतिक दलों और आंदोलनों के साथ मिलकर संघर्ष करेगा। नक्सलियों ने केंद्रीय गृह मंत्री या उनके नियुक्त प्रतिनिधि से सीधे वार्ता की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि पार्टी को राय बनाने के लिए साथियों और जेल में बंद कार्यकर्ताओं से सलाह-मशविरा करना होगा। इसके लिए एक माह का समय मांगा गया है। नक्सलियों ने सरकार से अपील की है कि इस दौरान तलाशी अभियान और हमले बंद किए जाएं। तभी शांति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि सुरक्षाबलों ने पिछले 15 दिनों में झारखंड और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 15 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है। 

सुस्वागतम और सांस्कृतिक आनंद: तिलक लगाकर स्वागत, लोकनृत्य ने मोहा

पटना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा देशभर के हवाई अड्डों पर मनाए जा रहे यात्री सेवा दिवस का आयोजन आज जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, पटना में पहली बार धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ावा देने, सामुदायिक सहयोग और सेवा उत्कृष्टता पर केंद्रित था। पटना एयरपोर्ट के निदेशक कृष्ण मोहन नेहरा ने बताया कि यह पहल यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए शुरू की गई, जिसमें सांस्कृतिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां शामिल थीं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह यात्रियों के पारंपरिक स्वागत से हुई। टर्मिनल पर ब्रांडेड फोटो बूथ और सेल्फी पॉइंट्स स्थापित किए गए, जहां यात्रियों ने अपनी यादें संजोईं। 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के तहत पौधरोपण अभियान में स्थानीय स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया और उन्हें विमानन क्षेत्र में करियर के अवसरों की जानकारी दी गई। आगमन हॉल में लोक नृत्य और छठ कला प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विदेशी यात्रियों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और एयरपोर्ट के आधुनिक स्वरूप की सराहना की। स्वास्थ्य शिविर में मुफ्त जांच कियोस्क लगाए गए, जहां ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच के साथ रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए नेत्र परीक्षण का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि यात्री प्रतिक्रिया सत्र में सुधार के सुझाव लिए गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इंटरनेट मीडिया पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर वाली स्टैंडी के साथ फोटो खिंचवाया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया और कहा कि पटना एयरपोर्ट अब बेहतरीन हो गया है। नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन ने आयोजन को और खास बनाया। यह टर्मिनल प्रतिदिन 3,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जो बिहार की हवाई संपर्क को मजबूत करेगा। एएआई ने बताया कि अप्रैल 2025 से रात्रिकालीन उड़ानें शुरू होने से फ्लाइट्स की संख्या बढ़ेगी। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का प्रतीक बना। पटना एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ बिहार का गौरव बन रहा है।

अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट ने लगातार बनाया 350 दिन उत्पादन करने का ऐतिहासिक रिकार्ड

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट लगातार 350 दिन तक संचालित होने में सफल हुई। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में यह प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट है जिसने लगातार 350 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड स्थापित किया। इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 15 दिन में यह यूनिट लगातार 365 दिन का सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाएगी। अमरकंटक ताप विद्युत 210 मेगावाट क्षमता की यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इससे पूर्व इस यूनिट ने इस यूनिट ने 27 अगस्त 2023 से 22 जून 2024 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था।इस यूनिट के सतत् बिजली उत्पादन करने से प्रदेश की बिजली की आपूर्ति को विश्वसनीय बनाने के पावर जनरेटिंग कंपनी के उद्देश्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विभिन्न मापदंडों में भी मिली उपलब्धि-210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 350 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान अर्जित किया तब इसने विभिन्न मापदंडों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.71 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 95.97 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 9.18 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।  

गगनप्रीत कौर को बड़ा झटका: BMW केस में 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली  दिल्ली बीएमडब्ल्यू हादसे की मुख्य आरोपी गगनप्रीत कौर को बड़ा झकटा लगा है। दिल्ली की अदालत ने उन्हें 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की बाइक रवविार को दिल्ली के धौला कुआं के पास एक बीएमडब्ल्यू कार की चपेट में आ गई थी। इस हादसे में नवजोत सिंह की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी संदीप गंभीर रूप से घायल है। हादसे के वक्त गाड़ी गगनप्रीत चला रही थीं। उन पर ये भी आरोप है कि वह नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को किसी पास के अस्पताल ना ले जाने के बजाय कई किलोमीटर दूर एक छोटे अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने नवजोत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से गाड़ी चलाना), 125बी (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 105 (गैर इरादतन हत्या) और 238 (सबूतों को मिटाना) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि उसने गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने से जुड़ी धाराएं इसलिए जोड़ीं क्योंकि आरोपी और उसके पति ने नवजोत सिंह और उनकी पत्नी संदीप कौर को दुघर्टनास्थल धौला कुआं से 19 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर एक अस्पताल ले जाने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस को सूचित करने के लिए एक भी पीसीआर कॉल नहीं की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा आरोपियों ने खुद ही दंपति को दुर्घटनास्थल से 19 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर न्यूलाइफ अस्पताल ले जाने का फैसला किया और आस-पास बड़े अस्पताल होने के बावजूद उन्हें तुरंत वहां नहीं ले गए।

मुख्यमंत्री 18 सितम्बर को करेंगे रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ

रायपुर एवं राजिम के मध्य आने-जाने के लिए मिलेगी यात्री सुविधा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 18 सितम्बर को रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ राजिम रेलवे स्टेशन से प्रातः 10:30 बजे करेंगे। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू और श्री रोहित साहू की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा से यात्रियों को सुगम, सुलभ और किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा। राजधानी आने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से उपयोगी होगी। इसके साथ ही इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग—राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर और अभनपुर के मध्य संचालित रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक विस्तार किया जा रहा है। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोर से—राजिम और रायपुर से—संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

मंत्री सारंग का आह्वान – युवाओं को जनकल्याण व राष्ट्र सेवा में आगे आना चाहिए

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम, भोपाल में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं खिलाड़ियों द्वारा सेवा कार्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री श्री सारंग ने स्कूली छात्राओं व खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले के भैंसोला में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास एवं स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। रक्तदान: जीवनदान का पवित्र कार्य रक्तदान शिविर में खिलाड़ियों और युवाओं में काफी उत्साह था। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि रक्तदान निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। यह केवल एक मानवीय कर्तव्य नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का पवित्र कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दिन खिलाड़ियों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनने की प्रक्रिया तेज़ होती है। समय-समय पर रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। रक्तदान करने से आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है। कहा भी गया है "रक्तदान महादान है।" मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल और समाजसेवा का यह अनूठा संगम युवाओं को नई दिशा देगा। हमारा उद्देश्य है कि युवा उत्कृष्ट खिलाड़ी के साथ ही समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब खेल भावना और सेवा भावना मिलती है, तो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और भी सशक्त होती है। कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं के लिये महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की भी शुरुआत की गई, जिसमें प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से लें प्रेरणा मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जीवन सेवाभाव और राष्ट्रहित को समर्पित है। गरीब परिवार में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं और आज विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ युवाओं को राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। सेवा पखवाड़ा उसी प्रेरणा का प्रतीक है, जो युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश देता है। महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं और महिलाओं ने मार्शल आर्ट अकादमी के प्रशिक्षकों से आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सीखीं। यह प्रशिक्षण महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाता है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि बहन-बेटियां हर परिस्थिति में सुरक्षित और सशक्त रहें। इस प्रकार के शिविर उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत बनाते हैं। सेवा पखवाड़ा में विविध आयोजन खेल और युवा कल्याण विभाग ने सेवा पखवाड़ा के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया है। इनमें रक्तदान शिविर, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वृद्धाश्रम और अनाथालय में खिलाड़ियों द्वारा सहयोग और भोजन वितरण, शासकीय अस्पतालों में सेवा कार्य, अनाथाश्रम के बच्चों का स्टेडियम भ्रमण, खेलकूद प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान और नमो मैराथन जैसे आयोजन शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खेल, युवा और समाजहित को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।  

ई-वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। उन्होंने इस दौरान नगर निगम इंदौर के ई-वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन को प्रदेश में "स्वच्छता ही सेवा" अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एम.वाय.हॉस्पिटल के अंदर और बाहर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि एम. वाय. अस्पताल में विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार हर तरह की मदद देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थिति नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और स्वच्छता के प्रति सजग रहकर सप्ताह में 2 घंटे और वर्ष में 100 घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान करने की सभी से अपील की। उन्होंने नागरिकों का आहवान किया कि न तो गंदगी करें और न होने दें। "स्वच्छता ही सेवा अभियान" के लाँचिंग लोगो का विमोचन भी किया। इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि ई-वेस्ट आज के समय में सबसे गंभीर प्रदूषण कारक अपशिष्ट है, जिसका निपटान यदि वैज्ञानिक पद्धति से न किया जाए, तो यह पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। नगर निगम इन्दौर द्वारा शहर को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक "स्वच्छता ही सेवा अभियान" के तहत ई-वेस्ट संग्रहण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस विशेष अभियान के प्रथम चरण में निगम मुख्यालय, नेहरु पार्क स्थित इंदौर स्मार्ट सिटी ऑफिस में ई-वेस्ट ड्रॉप बॉक्स स्थापित किए गए हैं। इन ड्रॉप बॉक्स में निगम के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घर अथवा कार्यालय से निकलने वाले अनुपयोगी एवं खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे – मोबाइल, चार्जर, पंखे, कंप्यूटर पार्ट्स, बैटरी, टीवी, रिमोट इत्यादि जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर लगातार जारी रहने वाला विशेष अभियान है। अभियान के आगामी चरणों में नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में चिन्हित स्थानों पर ई-वेस्ट ड्रॉप बॉक्स रखे जाएंगे, जहाँ नागरिक अपने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कर सकेंगे। साथ ही नगर निगम द्वारा घर- घर से भी वेस्ट कलेक्शन किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अभियान में अपने घर, दुकान एवं कार्यालयों से निकलने वाले पुराने एवं खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निर्धारित स्थानों पर ही जमा करें। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री मधु वर्मा, विधायक श्री गोलू शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे।  

प्रधानमंत्री मोदी को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी धार के भैंसोला के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बुधवार की दोपहर इंदौर से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। इंदौर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री श्री मोदी को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर मिनिस्टर इन वेटिंग जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर पूर्व लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, डीजीपी श्री कैलाश मकवाना, विधायक श्री मनोज पटेल, सुश्री उषा ठाकुर तथा श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।