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भारत रत्न विश्वेश्वरैया को वन मंत्री केदार कश्यप ने किया नमन

अभियंता दिवस के अवसर पर भारत रत्न विश्वेश्वरैया जीवनी का किया उल्लेख रायपुर, भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने घड़ी चौक में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया ने अपने अद्वितीय योगदान और दूरदर्शी सोच से देश के निर्माण और विकास को नई दिशा दी तथा अभियंताओं की भूमिका और उनके योगदान को याद किया।      मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, जिन्होंने भारत के योगदान में अतुलनीय योगदान दिया। विश्वेश्वररैया की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियां में से एक मांड्या में कृष्ण राजा सागर बांध है। भारत के प्रथम अभियंता विश्वेश्वररैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।       कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य एवं नगर पालिका के पार्षदगण, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसडीएम अभयजीत मंडावी, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन के अशोक चौधरी, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं सभी विभागीय अभियंता उपस्थित थे।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज़: ऊर्जा मंत्री तोमर ने MP ट्रांसको को एक साल पहले कार्य पूरा करने का दिया लक्ष्य

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) उज्जैन में अपनी पारेषण प्रणाली को और सुदृढ़ बनाये। साथ ही सभी कार्य एक वर्ष पूर्व पूरा करने का लक्ष्य तय करें। मंत्री तोमर की मंशानुसार इस संबंध में साउथ जोन इंदौर स्थित एम.पी. ट्रांसको के प्रशासनिक भवन में समीक्षा बैठक हुई। प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ के कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और उन्हें समय-सीमा व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। कार्ययोजना इस प्रकार बनाई जाए कि सिंहस्थ आयोजन से एक वर्ष पूर्व सभी कार्य पूर्ण हो जाएं, जिससे पारेषण तंत्र की स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो सके। बैठक में इंदौर और उज्जैन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चिंतामन सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रारंभ अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने जानकारी दी कि सिंहस्थ अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले चरण में 132 के.व्ही. चिंतामन सबस्टेशन के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। त्रिवेणी बिहार, उज्जैन में प्रस्तावित सबस्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 220 के.व्ही. शंकरपुर सबस्टेशन पर वर्तमान 20 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एम.व्ही.ए. का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। 400 के.व्ही. ताजपुर सबस्टेशन का विस्तार मुख्य अभियंता अग्रवाल ने बताया कि 400 के.व्ही. ताजपुर (उज्जैन) सबस्टेशन में 132 के.व्ही. नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसमें 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर 33 के.व्ही. के चार नए फीडर निकाले जाएंगे।  

इंदौर के सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय को मिला एक्सीलेंस स्कूल अवार्ड, शिक्षा में रचा नया कीर्तिमान

इंदौर के सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय को मिला एक्सीलेंस स्कूल अवार्ड फ्यूचर रेडी स्किल श्रेणी प्रतियोगिता में शामिल हुआ था विद्यालय  इंदौर सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) का एक्सीलेंस राष्ट्रीय स्तर का स्कूल अवार्ड जीता है। अलायंस फॉर री-इमेजिनिंग स्कूल एजुकेशन अवार्ड (अराइज) फिक्की का प्रतिष्ठित अवार्ड है। विद्यालय को अवार्ड बच्चों में अकादमिक विषयों से आगे बढ़कर भविष्य के लिये स्किल्स डेव्हलपमेंट के क्षेत्र में नवाचार किये जाने केलिये दिया गया है। विद्यालय के बच्चों को कम्प्यूटर में कोडिंग सिखाई जा रही है। इसी के साथ कम्युनिकेशन और क्रिएटिव की नई तकनीक सिखाई जा रही है। सरकारी स्कूल के बच्चों में स्किल डेवलप कर भविष्य के लिये तैयार किया जा रहा है। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुए कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद् के साथ हाल ही में भारत से स्पेस स्टेशन पर गये ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी मौजूद थे। प्रदेश के लिये गौरव की बात है कि देश के एक हजार स्कूलों में इंदौर के सांदीपनि विद्यालय ने अपने नवाचार कार्यक्रम के जरिये यह पुरस्कार जीता है। पुरस्कार प्राचार्य श्री रामकृष्ण कोरी और उनकी टीम ने प्राप्त किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पीपल फाउंडेशन की मदद से बच्चों में कम्प्यूटर में दक्षता के लिये यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ज्यूरी सदस्यों में केन्द्र सरकार की पूर्व शिक्षा सचिव सुश्री अनीता करवाल और नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन के चेयर पर्सन प्रो. पंकज अरोरा भी शामिल थे।  

मुख्यमंत्री साय दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी प्रवीण महादेव थिप्से की मुख्यमंत्री साय से मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

आरडीएसएस में पश्चिम मप्र का 79वां सब स्टेशन ऊर्जीकृत

भोपाल ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजना रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत पश्चिम मप्र का 79वां सब स्टेशन बड़वानी जिले के कोलकी (सेंधवा) में ऊर्जीकृत किया गया। इस ग्रिड की लागत लगभग दो करोड़ एक लाख रूपए है, इससे करीब दो हजार ग्रामीण घरेलू एवं कृषि क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत कंपनी क्षेत्र में सतत ही ग्रिड तैयार किए जा रहे है, इन्हें समय पर ऊर्जीकृत किया जा रहा हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिले। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में भी 11 एवं उज्जैन जिले में 11 सब स्टेशन तैयार हुए है। मंदसौर, आगर, रतलाम, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर, आगर, देवास, झाबुआ जिलों में भी 2 से 9 सब-स्टेशन ऊर्जीकृत होकर विद्युत आपूर्ति सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत इन 5 एमवीए क्षमता के ग्रिडों की स्थापना से कंपनी क्षेत्र मालवा निमाड़ की विद्युत वितरण क्षमता में 395 एमवीए की बढ़ोत्तरी हुई है।  

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि रायपुर, युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया। आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।   इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), विक्रांत सिंह एवं राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य परीक्षण को चलाया जाएगा अभियान

  – मोटापे को कम करने के लिये चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने पर दिया जाएगा जोर – कैंसर, रक्तचाप, मधुमेह, आंख समेत होंगी विभिन्न जांचें, आयुष्मान और मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड का किया जाएगा वितरण लखनऊ,  योगी सरकार ने महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सीएम योगी के निर्देश पर 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश भर में 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत स्वास्थ्य शिविर, पोषण जागरूकता और मातृत्व लाभ वितरण आदि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।  इसका उद्​देश्य महिलाओं और उनके परिवार का स्वास्थ्य मजबूत कर समाज को मजबूत करना है। कैंसर समेत होंगी विभिन्न तरह की जांचें, आयुष्मान कार्ड का किया जाएगा वितरण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश में चिकित्सा और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इसमें महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मातृत्व लाभ भी वितरित किया जाएगा। अभियान के स्वास्थ्य शिविर में महिलाअों के रक्तचाप, मधुमेह, दांत, आंख और ईएनटी की जांच की जाएगी। इसके अलावा कैंसर (मुख, स्तन और ग्रीवा), गर्भवती महिलाओं आदि की जांच की जाएगी। साथ ही एनीमिया के स्तर, टीकाकरण, टेलीमानस सुविधाएं और सिकल सेल परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पोषण ट्रैकिंग का पंजीकरण भी किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली और पोषण पर दिया जाएगा जोर अभियान के तहत लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें मोटापे को कम करने चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने, स्थानीय और मौसमी भोजन को बढ़ावा देने तथा बच्चों, किशोरियों के आहार व आयरन सेवन को सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा। इसके अलावा टेक होम राशन  का वितरण और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। अभियान में प्रदेश के हर नागरिक को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसमें रक्तदान शिविर, मित्र स्वयंसेवी पंजीकरण और आंगनबाड़ी पंजीकरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को अभियान से जोड़ा जाएगा।

हरियाणा के रेसलर अमन सहरावत अयोग्य घोषित, वजन में गड़बड़ी के कारण नहीं लड़ पाएंगे वर्ल्ड चैंपियनशिप

हिसार   विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भाग ले रही भारतीय टीम को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत को अधिक वजन पाए जाने के कारण जगरेब में चल रही प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले अमन का वजन पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में 1.7 किग्रा अधिक पाया गया। 2023 में जारी यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों के अनुसार, विश्व कप, यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दो किग्रा तक अधिक वजन की अनुमति है, लेकिन विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों में ऐसा प्रावधान नहीं है। बता दें कि इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला पहलवान विनेश फोगाट को 50 किग्रा वर्ग में थोड़े अधिक वजन के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था। 25 अगस्त को पहुंचे थे जगरेब  अमन सहरावत 25 अगस्त को अनुकूलन शिविर के लिए क्रोएशिया के जगरेब पहुंचे थे और उनके पास वजन कम करने का पर्याप्त समय था। छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले 22 वर्षीय अमन भारतीय टीम के प्रमुख पदक प्रत्याशियों में से एक माने जा रहे थे। बता दें अमन सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कुश्ती में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग और संघर्ष के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।   

हरियाणा के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: जल्द घोषित होंगे राज्य पुरस्कार, 15 साल अनुभव अनिवार्य

चंडीगढ़  हरियाणा के योग्य शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद खुशखबरी आने वाली है। पिछले दो वर्षों से राज्य शिक्षक पुरस्कार की घोषणा नहीं होने के कारण शिक्षकों में निराशा का माहौल था. लेकिन अब सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में योग्य शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार देने पर विचार कर रही है। इसका ऐलान भी जल्द होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस विषय को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और उन्होंने राज्य शिक्षक पुरस्कार देने संबंधी कई औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया है।इससे शिक्षकों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने वाली है। दो साल से नहीं मिले पुरस्कार हरियाणा में शिक्षकों को दो साल से राज्य शिक्षक पुरस्कार नहीं मिले हैं। 2024 और 2025 के पुरस्कारों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। पिछली बार 2023 में सरकार ने एक साथ 2022 और 2023 के पुरस्कार वितरित किए थे। लगातार दो साल से पुरस्कार का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस बार मिलने की उम्मीद है। शिक्षक संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि समय पर पुरस्कार घोषित किए जाएं, ताकि शिक्षकों का मनोबल बढ़े और मेहनती व उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सही सम्मान मिले। 1 लाख रुपए नगद मिलते हैं हरियाणा में राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल प्रधानाध्यापक और उच्चतर माध्यमिक स्तर सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को ₹100,000 और प्रशस्ति पत्र सहित दस राज्य पुरस्कार दिए जाते हैं। आवेदन के लिए 15 साल का अनुभव जरूरी राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन करने के लिए कक्षा शिक्षकों के पास कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य जिनके पास 20 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव हो, जिसमें से कम से कम 5 वर्षों की सेवा, सीडीसी प्रभार सहित, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के रूप में हो। आवेदक शिक्षकों की पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR-APR) में ग्रेडिंग (+A/A) है। पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षा के परिणाम (10वीं और 12वीं कक्षा के) बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं हैं। संस्था प्रमुख के मामले में, पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के सामान्य स्कूल परिणाम बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं होने चाहिए।