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श्रमणा सहकारी समितियों के गठन के लिये श्रमिकों से प्रस्ताव आमंत्रित

भोपाल  श्रम विभाग द्वारा ‘’श्रमणा’’ श्रम सहकारी समितियों के गठन के लिये श्रमिकों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं। नयी पहल के तहत प्रदेश के कुशल श्रमिकों को नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए श्रमिक सहकारी समितियाँ बनाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे सहयोग और आय के न्यायपूर्ण वितरण को सुनिश्चित किया जा सके और प्रशिक्षित प्रमाणित श्रमिकों को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर उपलब्धर कराये जा सकें। मुख्यमंत्री द्वारा श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में ‘’श्रमणा’’ श्रमिक सहकारी समिति की अवधारणा के लिये आधिकारिक लोगो जारी किया गया है, जिससे इस महत्त्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। कार्यक्रम के अंतर्गत, श्रम विभाग अपने विभिन्न मंडलों के माध्यम से ऐसे श्रमिक सहकारी समितियों के गठन और संचालन में आवश्यक सहायता देगा। "श्रमणा'' सहकारी का उद्देश्य कुशल श्रमिकों को संस्थागत शक्ति प्रदान करना तथा लाभ के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करना एवं डिजिटल उपकरणों और नवाचार से युक्त प्रबंधन पद्धतियों के माध्यम से साझा विकास को प्रोत्साहित करना है। विभिन्न व्यवसायों, कारीगरों और सेवाओं से जुड़े कुशल श्रमिक, जो इस पहल के तहत सहकारी समितियाँ बनाना चाहते हैं, उनसे अपनी अभिरुचि व्यक्त करने के लिये सुझाव आमंत्रित हैं। इस संबंध में भागीदारी के लिये इच्छुक व्यक्ति या समूह ई-मेल आई.डी. sramana-labcoop@mp.gov.in पर अपने नाम अथवा सुझाव प्रेषित कर सकते है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेपाल में छतरपुर के नागरिकों के फंसे होने की सूचना पर लिया संज्ञान

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्यों के नेपाल में फंसे होने के समाचार पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि नेपाल में इन दिनों सामान्य स्थिति नहीं है और वहां छतरपुर जिले के कुछ नागरिकों का फंसा होना चिंता का विषय है। उनकी सकुशल वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नेपाल में फंसे प्रदेश के नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर है।  

तेज रफ्तार का कहर! नेशनल हाइवे 44 पर भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने गंवाई जान

सागर नेशनल हाइवे 44 सागर-झांसी मार्ग पर थाना मालथौन के सुखालीपुरा के पास बुधवार दोपहर 1 बजे अज्ञात वाहन ने जैन श्रद्धालुओं को लेकर जा रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। वाहन को ओवरटेक करने के दौरान यह भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें दो लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई एवं दो ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर थाना पुलिस सहित अधिवक्ता एवं स्थानीय लोगों ने पहुंचकर घायलों को एम्बुलेंस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी अनुसार दमोह जिले के जबेरा निवासी सचिन जैन अपनी पत्नी ऋतु और अपने चार बच्चों और रिश्तेदारों के साथ हैं तीर्थ क्षेत्र गोलाकोट जा रहे थे। तभी मालथौन के पास यह भीषण हादसा हो गया।   इसमें सचिन जैन, पत्नी ऋतु जैन और साले सुखेन्द्र जैन और उनके बेटे अक्ष निवासी गढ़ाकोटा की मौत हो गई। पांच अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चेतना जैन पति सुखेन्द्र 25 साल निवासी गढ़ाकोटा, अनोखी पिता सचिन जैन 05 साल , आराध्या पिता सचिन जैन 4 साल ,अरबी पिता सचिन जैन 8 साल का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा हैं। घटना में मृतक सचिन जैन की तीन बेटियां ही बची हैं। बाकी पूरा परिवार उजड़ गया हैं। घटना स्थल से सिविल कोर्ट नजदीक है। इसके चलते गुरुदीप सिंह सिसोदिया एवं अन्य अधिवक्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं पुलिस ने शवों को परिजनों को सौंप घटना की जांच में जुट गई हैं। घटना के कारणों का पता अभी नहीं चल सका हैं ,साथ ही वाहन की भी तलाश की जा रही हैं।

बालिकाओं को सेनिटेशन-हाईजीन सहायता की राशि का भी सिंगल क्लिक से करेंगे अंतरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों की 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले 7832 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूटी प्रदाय योजना के तहत राशि प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 11 सितम्बर गुरूवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में प्रात: 11 बजे से होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप और पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी। टॉपर विद्यार्थियों को मिलेंगी स्कूटी की राशि प्रदेश मे निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस योजना शैक्षणिक सत्र 2022-23 से संचालित की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत ऐसे छात्र-छात्राऐं पात्र होते हैं जिन्होंने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग अन्तर्गत संचालित शासकीय हायर सेकेण्डरी शाला में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन कर माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हायर सेकेण्ड्री कक्षा 12वीं में समस्त संकाय को शामिल कर अपनी शाला में नियमित परीक्षार्थी के रूप में टॉप किया हो। बालिका विद्यालय की दशा में स्कूल की टॉपर एक बालिका को, बालक विद्यालय होने की दशा में एक टॉपर बालक को एवं को-एड स्कूल जिसमें बालक बालिकाएं दोनों अध्ययनरत हों की दशा में स्कूल की एक टॉपर बालिका एवं एक टॉपर बालक अर्थात एक स्कूल से दो विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 के लिए 12वीं की परीक्षा में 7,832 स्कूल टॉपर्स विद्यार्थियों को स्कूटी राशि प्रदान की जायेगी। बालिकाओं को मिलेगी व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सहायता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समग्र शिक्षा की सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत वर्ष 2025 में कक्षा 7वीं से 12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बालिकाओं को लगभग 61 करोड़ रूपये डीबीटी द्वारा बालिकाओं के बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस योजना के तहत शासकीय विद्यालयों की कक्षा सातवीं से 12वीं तक अध्ययनरत बालिकाओं को स्वास्थ्य स्वच्छता के लिये300 रूपये की राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। 20 हजार से अधिक बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड का स्टायपंड मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 20 हजार 100 बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड रूपयों की स्टायपंड राशि भी अंतरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाईप (IV) योजना अंतर्गत छात्रावासों में निवासरत बालिकाओं को टी.एल.एम एवं स्टायपंड के लिए प्रति बालिका 3400 रूपये प्रति वर्ष प्रदान की जाती है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी होगा स्कूल शिक्षा विभाग और जनसंपर्क विभाग के द्वारा उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर किया जायेगा। एनआईसी वेबकास्ट के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्मस् पर उक्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री ने कोलकाता में निवेश केलिए उद्योगपतियों की वन-टू-वन चर्चा

प्रधानमंत्री श्री मोदी के मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को करेंगे साकार अपार संभावनाओं और स्थिरता का आदर्श निवेश स्थल हैं मध्यप्रदेश प्रदेश में हैं विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सहज कनेक्टिविटी ऑर्गेनिक कॉटन और गारमेंट उद्योग का हब है मध्यप्रदेश   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 7 पीएम मित्रा पार्क स्वीकृत किये, उसमें से पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री श्री मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आये, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी। धार का पीएम मित्रा पार्क भारत के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सबसे भरोसेमंद और अवसरों से भरा राज्य बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, देश के मध्य में स्थित होने के कारण उत्तम कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे उद्योगपतियों के लिए आदर्श निवेश स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क राज्य के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से राज्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग के उच्च मानक स्थापित होंगे, जिससे निवेशकों को लाभ के साथ रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश स्थिर, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि आइये हम संकल्प लें कि स्वदेशी अपनायेंगे, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और विकसित भारत के संकल्प को पूरी शक्ति के साथ साकार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का सम्मान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रेरक इतिहास और बौद्धिक परंपरा उद्योग जगत के लिए प्रेरक है और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश के दृष्टिकोण से साथ जुड़ती है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि कोलकाता जैसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना राज्य में निवेश के लिए उत्साह और नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों को मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभ देते हैं। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति सरल और त्वरित रूप से की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सरल प्रक्रियाओं, सुलभ नीतियों और सक्रिय सरकारी सहयोग के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने का पूर्ण अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की निवेश नीतियों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में उद्योगपतियों को हर प्रकार की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक शांति सुनिश्चित है और किसी प्रकार की हड़ताल या व्यवधान के कारण निवेश प्रभावित नहीं होता। उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में फैक्ट्री लगाना और संचालन करना सहज है, और राज्य के मध्य में होने के कारण पूरे देश में अपने उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में राज्य की औद्योगिक क्षमता और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों, उद्योगपतियों और युवाओं को समान रूप से लाभ पहुंचाना है। राज्य में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और प्रोसेसिंग का सही अवसर मिलता है, उद्योगपतियों को व्यवसाय विस्तार की सुविधा है और युवाओं को रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी का अवसर है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि पीएम मित्रा पार्क और अन्य औद्योगिक हब राज्य की टेक्सटाइल, गारमेंट और अन्य सेक्टरों में निवेशकों के लिए लाभकारी और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वितरण की सुव्यवस्था निवेशकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को यह भरोसा भी दिलाया कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश करने से वे सिर्फ व्यावसायिक लाभ ही नहीं, बल्कि राज्य की स्थिरता, सतत विकास और आर्थिक समृद्धि में भी भागीदार बनेंगे।  निवेशक-हितैषी नीतियों से मध्यप्रदेश बना आकर्षक निवेश स्थल इन्वेस्ट इन एमपी इंटरएक्टिव सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण उद्योगों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, मजबूत एयर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है और सीमेंट उत्पादन में भी अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2030 तक भारत को 500 गीगावाट से अधिक ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराने के संकल्प में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि नर्मदापुरम के पास स्थापित औद्योगिक क्षेत्र की सफलता के बाद उसे 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की स्वीकृति भी मिली है। राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट, एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन और कस्टमाइज्ड पैकेज पॉलिसी जैसी … Read more

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने प्रदान किया अवार्ड इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 : नई दिल्ली में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड हुआ सम्मानित भोपाल  केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की जनता और यहां की संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को विकास की धुरी बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश की धरोहर, प्राकृतिक संपदा और लोक-परंपराओं को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। यह अवॉर्ड हमें और ऊर्जा देता है कि हम पर्यटन को न केवल राज्य की पहचान, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मज़बूत साधन भी बनाएं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।  

UP पुलिस का बड़ा फेरबदल: 79 दारोगा अब DSP, जानें आपकी जिले की क्या स्थिति

लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 79 दारोगाओं (इंस्पेक्टर और आरआई) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। इस प्रोन्नति में 70 इंस्पेक्टर और 9 रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) शामिल हैं। सभी अधिकारियों ने अब डिप्टी एसपी की जिम्मेदारी संभाल ली है। यह फैसला 29 अगस्त को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में लिया गया। हालांकि अभी ये सभी अधिकारी अपने वर्तमान स्थानों पर ही तैनात रहेंगे, लेकिन भविष्य में जरूरत के अनुसार उनका तबादला किया जा सकता है। कौन-कौन अधिकारी हुए प्रोन्नत? – विनोद कुमार दुबे – चुनार, मिर्जापुर – विपिन कुमार – मुरादाबाद – राकेश कुमार शर्मा – सुल्तानपुर – भैया संतोष कुमार सिंह – सोनभद्र – विकास राय – लखनऊ कमिश्नरेट – सुनील कुमार सिंह – हमीरपुर इनके अलावा, चंदौली, रामपुर, जौनपुर, कुशीनगर, हाथरस, मेरठ, बस्ती, कानपुर, गाजीपुर, लखनऊ मुख्यालय, सीतापुर, नोएडा, बुलंदशहर, अयोध्या, बलिया, भदोही, बरेली, सहारनपुर, बहराइच, और PAC व विशेष सुरक्षा वाहिनी (Special Security Force) के कई अधिकारी इस प्रोन्नति सूची में शामिल हैं।   पिछले 2 सालों में सबसे बड़ी प्रोन्नति प्रक्रिया यह प्रोन्नति प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पिछले 2 सालों में डीएसपी पद पर हुई सबसे बड़ी पदोन्नति मानी जा रही है। इससे पहले, दो साल पहले 117 इंस्पेक्टरों को डीएसपी बनाया गया था। हाल ही में, 21 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में भी प्रोन्नत किया गया है। यह सिलसिला पुलिस प्रशासन को अनुभव और नेतृत्व क्षमता से भरपूर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रोन्नति से क्या होगा असर? इस फैसले से प्रदेश में पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को नया नेतृत्व मिलेगा। अपराध नियंत्रण में अनुभवी अफसरों की भागीदारी बढ़ेगी। अधिकारियों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। पुलिस महकमे में अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती आएगी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल सभी अधिकारी अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर बने रहेंगे ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे। लेकिन समय और जरूरत के अनुसार इनका तबादला भी किया जा सकता है।  

ज्ञानदायिनी, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है श्रीमद्भागवत : सीएम योगी

युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा के विराम पर बोले मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव बना रहे, यही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वास्तविक मर्म है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन के ज्ञान का भान कराने वाली, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है।  सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने तथा व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पांच हजार वर्ष पहले पहली बार स्वामी शुकदेव जी ने महाराजा परीक्षित को मृत्यु के भय से अभय करने के लिए सुनाई थी। तबसे यह कथा कोटि-कोटि सनातन धर्मावलंबियों की मुक्ति का माध्यम बन रही है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा उद्घोष करती है कि भारत में जन्म लेना दुर्लभ है। उसमें भी मनुष्य रूप में जन्म लेना और भी दुर्लभ है। सनातन भारत ने ही ज्ञान, भक्ति और मुक्ति की दाता, जीवन के रहस्यों का उद्घाटन करने वाली श्रीमद्भागवत कथा का उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि कथा का वास्तविक मर्म यह है कि हम हरहाल में अपने धर्म और देश के प्रति अडिग रहें। किसी भी परिस्थिति में बिना झुके, बिना रुके, बिना डिगे सनातन और भारत के प्रति समर्पण का भाव बनाए रखें।  व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास, परिधान पीठ गोपाल मंदिर श्रीअयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इसका आनंद यहां आए श्रद्धालुओं के साथ मीडिया के जरिये लाखों लोगों ने प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी रामानंदाचार्य परंपरा से आते हैं। अगले वर्ष उनके श्रीमुख से यहां श्रीराम कथा का भी श्रवण कराया जाएगा।  कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर मस्तनाथ पीठ रोहतक हरियाणा के महंत राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, जूनागढ़ गुजरात से आए महंत शेरनाथ, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य, हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास, यज्ञमान पूर्व विधायक अतुल सिंह, अजय सिंह, महेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

पंजाब के साथ हरियाणा खड़ा: कुरुक्षेत्र से रवाना हुई CM सैनी की राहत राहत convoy

पंजाब  पंजाब में भीषण बाढ़ से हुई त्रासदी पर हरियाणा लगातार नजर बनाए हुए है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव मदद और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में आज कुरुक्षेत्र से सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री से भरे 20 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, इन ट्रकों में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री, पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भरा गया है। बता दें कि शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं, भाजपा संगठन और जिला प्रशासन के सहयोग से ये राहत सामग्री एकत्रित की गई है। अब इस सामग्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा, ताकि संकट के समय लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जो प्राकृतिक आपदा आई है। उससे बहुत लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंन कहा हरियाणा के लोगों ने पंजाब की बाढ़ आपदा में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया है। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाएं मिलकर पंजाब के लोगों की मदद करने के लिए निरंतर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है।  सीएम सैनी ने कहा कि बुधवार को कुरुक्षेत्र से राहत सामग्री लेकर 21 ट्रक पंजाब भेजे गए हैं। हमने हरियाणा की तरफ से बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए पंजाब को 5 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 5 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 5 करोड़ रुपये तुरंत सहायता के रूप में भेजने का काम किया है।   वहीं मौके पर मौजूद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि हरियाणा की नायब सैनी सरकार संकट की इस घड़ी में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है। उन्हें हर संभव मदद हरियाणा सरकार और हरियाणा के लोग भेज रहे हैं। हरियाणा सरकार ने पंजाब की मदद के लिए 5 करोड़ रुपए की सहायता भी की है और जरूरत पड़ने पर हम पीछे नहीं हटेंगे।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने 435 करोड़ का राजस्व अर्जित कर रचा कीर्तिमान

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 बनी गेम चेंजर, पिछले 6 माह में हुई 2230 संपत्तियों की बिक्री रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।