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भोपाल में सरेराह मर्डर से सनसनी, बाइक पर जा रहे युवक को सिर में मारी गोली

भोपाल. निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रविवार सुबह दिनदहाडे चलती बाइक पर युवक को उसके ही दोस्त ने पिस्टल से सिर में गोली मार दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपित के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय ताशी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता है, और प्राइवेट काम करता है। वह सुबह अपने दोस्त अलीम उर्फ अल्लू व एक अन्य साथी के साथ मछली पकड़ने के लिए जा रहा था। अलीम पीछे वाली सीट पर बैठा हुआ था, जबकि मृतक ताशी बीच और उसका तीसरा साथी बाइक चल रहा था। तभी रास्ते में अलीम ने अपना पास रखी पिस्टल उसके सिर में लगाकर गोली चला दी। गोली चलते ही तीनों बाइक से नीचे गिर गए। हमले में ताशी की मौके पर ही मौत हो गई।

महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान, बोले- 43 साल पुराना विवाद अब सुलझेगा

रायपुर. छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच 1983 से चल रहा महानदी जल बंटवारा विवाद सुलझने की ओर अग्रसर है. इस मुद्दे पर कई बैठक हुई लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पाया था. हाल में दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दोनों मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी. मुख्यमंत्री साय रविवार को ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए. इससे पहले उन्होंने महानदी जल विवाद को लेकर बयान दिया है. रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीते दिनों दिल्ली में दोनों राज्यों मुख्यमंत्री और अधिकारी बैठकर चर्चा किए थे. यह विषय सीडब्ल्यूसी (Central Water Commission) को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द महानदी जल विवाद का समाधान होने वाला है. ओडिशा दौरे पर सीएम साय रवाना मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा दौरे के लेकर जानकारी दी कि वह दो दिवसीय ओडिशा प्रवास पर रहेंगे. मुख्यमंत्री मांझी के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे और छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना करेंगे. कांग्रेस पर सीएम साय ने साधा निशाना मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित कांग्रेस के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर सीएम साय ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, कांग्रेस का बंटाधार होता है. यही हाल इंदौर और मध्यप्रदेश में कांग्रेस का होने वाला है.

‘वीर गार्जियन 2026’ में दिखी भारत-जापान की वायु शक्ति, पहली बार भारत में उड़े जापानी F-2A

 जोधपुर जोधपुर का आसमान इन दिनों भारत और जापान की वायु शक्ति के साझा अभ्यास का गवाह बन रहा है। ‘वीर गार्जियन 2026’ में भारतीय वायुसेना के तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल के साथ जापान के F-2A लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। खास बात यह है कि जापानी लड़ाकू विमानों ने पहली बार भारत में इस द्विपक्षीय हवाई अभ्यास में हिस्सा लिया है। यही बदलाव इस साल के अभ्यास को पहले संस्करण से अलग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। राजस्थान के जोधपुर में भारत और जापान की वायु सेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त युद्धाभ्यास अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। 9 सितंबर से शुरू हुआ ‘वीर गार्जियन 2026’ 22 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों के लड़ाकू विमान युद्ध जैसी परिस्थितियों में हवाई अभियानों, मिशन प्लानिंग और आपसी तालमेल से जुड़ी प्रक्रियाओं का अभ्यास कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह 14 दिवसीय अभ्यास दोनों वायुसेनाओं की परिचालन क्षमता और आपसी समझ को मजबूत करने पर केंद्रित है। दोनों देशों के उन्नत लड़ाकू विमान ले रहे हैं हिस्सा इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने अपनी अग्रिम पंक्ति की ताकत उतारी है। स्वदेशी एलसीए तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल संयुक्त प्रशिक्षण का हिस्सा हैं। दूसरी तरफ जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) अपने F-2A लड़ाकू विमानों के साथ भारत पहुंची है। जापानी F-2 की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह पहली बार है जब JASDF के लड़ाकू विमान भारत में ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास में शामिल हुए हैं। इससे पहले ‘वीर गार्जियन’ का पहला संस्करण 2023 में जापान में हुआ था। उस समय भारतीय लड़ाकू विमानों ने जापानी धरती पर अभ्यास किया था। इस बार अभ्यास का आयोजन भारत में होने से दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण का दायरा एक कदम आगे बढ़ा है। जापानी F-2 विमानों का भारतीय बेस से संचालन इस सहयोग का एक प्रमुख नया पहलू माना जा रहा है। तकनीकी आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग अभ्यास केवल आसमान में होने वाली उड़ानों तक सीमित नहीं है। दोनों पक्ष मिशन प्लानिंग कॉन्फ्रेंस, विशेषज्ञों के बीच संवाद, इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं और एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी अनुभव साझा कर रहे हैं। ऐसे आदान-प्रदान से दोनों वायु सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन पद्धति और तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है। जापान के F-2A की भागीदारी का एक और पहलू इसका अलग परिचालन अनुभव है। F-2 जापान और अमेरिका के सहयोग से विकसित विमान है और इसे जापान की जरूरतों के अनुरूप व्यापक बदलावों के साथ तैयार किया गया। भारतीय विमानों के साथ इसके प्रशिक्षण से दोनों पक्षों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के साथ हवाई अभियानों में समन्वय का अनुभव मिल रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘वीर गार्जियन 2026’ भारत-जापान के गहराते रणनीतिक और रक्षा सहयोग को दर्शाता है। अभ्यास का उद्देश्य केवल युद्धक कौशल को धार देना नहीं, बल्कि दोनों वायु सेनाओं के बीच बेहतर परिचालन तालमेल और पारस्परिक समझ विकसित करना भी है।

बाढ़ राहत कोष में बढ़ा सहयोग, सम्राट चौधरी ने ₹2.70 लाख तो संतोष सुमन ने दिए ₹11 लाख

 पटना  बिहार के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहयोग का सिलसिला शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनि‍वार को अपना एक माह का वेतन 2.70 लाख रुपये राहत कोष में दिया। मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को उन्‍होंने चेक सौंपा। इसके बाद हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने रविवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का चेक सौंपा। लोक सेवक आवास स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर संतोष सुमन ने चेक सौंपा। इस दौरान हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और पार्टी के विधायक मौजूद रहे। सुमन ने पहले ही पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का एक-एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने हम के प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह राशि आपदा प्रभावित लोगों की सहायता में उपयोगी होगी। मुख्यमंत्री ने सक्षम लोगों से की सहयोग की अपील मुख्यमंत्री ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने के साथ राज्य के सक्षम और समृद्ध लोगों से भी अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष आपदा के समय जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समाज के सक्षम लोगों की भागीदारी से राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे पहले शनिवार को पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राहत कोष में अपना एक माह का वेतन चेक के माध्यम से दिया था। इन दलों ने भी की वेतन देने की घोषणा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के चार विधायक और एक विधान परिषद सदस्य भी एक-एक महीने का वेतन देंगे। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी कहा है कि पार्टी के सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। लोजपा (रा) और हम की ओर से पहले ही एक माह का वेतन देने की घोषणा की जा चुकी है।

लखनऊ में बड़ा फैसला, स्कूल जाने वाली और ड्रॉपआउट किशोरियों को भी मुफ्त सैनिटरी नैपकिन

 लखनऊ  सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को निश्शुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को एकीकृत कर राज्य स्तरीय नीति बनायी जाएगी, जिसमें स्कूल छोड़ चुकी और स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों तक भी निश्शुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य स्तरीय माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। विद्यालयों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन तथा किशोरावस्था संबंधी जागरूकता गतिविधियों को नियमित रूप से चलाया जाएगा। किशोरियों को माहवारी शुरू होने से पहले जरूरी जानकारी देने के साथ मिथकों, भ्रांतियों और सामाजिक झिझक को दूर करने के लिए डिजिटल, सामाजिक व अन्य संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को एकीकृत कर राज्य नीति विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य सेवाओं को समग्र और संस्थागत स्वरूप देना तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। स्कूल से बाहर रहने वाली और वंचित समूहों की किशोरियों तक सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा। अपर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारियां पूरी करने और विद्यालयों में किशोरियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

PU सीनेट चुनाव में मतदान जारी, 7 राज्यों के 271 बूथों पर डाले जा रहे वोट

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव के तहत रविवार को ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के साथ डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल और टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी के लिए मतदान शुरू हो गया। ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी की 15 सीटों के लिए 51 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान सात राज्यों में बनाए गए 271 पोलिंग बूथ पर हो रहा है। मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। चंडीगढ़ में भी विभिन्न स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान शुरू होने के शुरुआती समय में कई पोलिंग बूथ के बाहर सन्नाटा देखने को मिला। पोलिंग बूथ के बाहर लगाए गए प्रत्याशियों के स्टालों पर भी अभी तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और मतदाता नहीं पहुंचे थे। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आने की उम्मीद है। ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के चुनाव में 51 प्रत्याशी 15 सीटों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल और टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी के मतदाता भी अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से प्रत्याशियों की ओर से जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा था। अब मतदान शुरू होने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर अधिक से अधिक मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने पर है। शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया जाएगा।

झारखंड सरकार ने 25 लाख और एनआईए ने 5 लाख का इनाम बृजेश गंझू पर किया था घोषित

लखनऊ/वाराणसी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच यूपी एटीएस ने वाराणसी में बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है। यहां एटीएस ने झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। बृजेश पर झारखंड सरकार और एनआईए ने 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। भोर में घेराबंदी, गिरफ्तारी के प्रयास पर फायरिंग 20 सितंबर की भोर में बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था। सूचना मिलने पर यूपी एसटीएस की टीम ने उसे वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित लंका मैदान के पास रोकने की कोशिश की। गिरफ्तारी से बचने के लिए बृजेश मोटरसाइकिल से कूद गया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण को भी गोली लगी, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। वहीं क्रॉस फायरिंग में गोली लगने से बृजेश गंझू गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 30 लाख रुपये का था इनाम बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता, झारखंड के चतरा जिले के लवलंग थाना क्षेत्र के लूटू का रहने वाला था। बृजेश प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी का कमांडर था, जिसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। इस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

शिक्षा को लेकर जीतू पटवारी का CM मोहन यादव पर हमला, बोले- ‘800 दिन बचे हैं, काम कीजिए’

इंदौर. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हालात को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जमकर निशाना साधा। पटवारी ने सीएम से सस्ती शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके पास अब सिर्फ 800 दिन बचे हैं, इसलिए वे जनता से जुड़े असली मुद्दों पर काम करें। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि पूरे प्रदेश में छात्रों और अभिभावकों के साथ मिलकर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 800 दिन बचे हैं, भाजपा नेता ही धक्का मारने में लगे हैं पटवारी ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि यादव जी, आपसे विनम्र प्रार्थना है कि सस्ती एजुकेशन आपकी जवाबदारी है। आपके पास केवल 800 दिन बचे हैं और इस बीच भाजपा वाले ही आपको धक्का मारने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय बर्बाद किए शिक्षा पर काम करना चाहिए, क्योंकि कुर्सी के ये दिन कब निकल जाएंगे, पता भी नहीं चलेगा। हर जिले में बिना राजनीतिक बैनर के होगा 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हर जिले में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस के बैनर तले नहीं होगा। इसमें अभिभावकों और छात्रों का सीधा सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अब डरे और छात्रों से जुड़े असली मुद्दों पर काम करना शुरू करें। किसी का अपमान करना उद्देश्य नहीं, मिमिक्री सिर्फ मनोरंजन के लिए हालिया आयोजनों में मिमिक्री को लेकर उठे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति का अपमान करना या ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने कहा कि मंच पर कोई मिमिक्री आर्टिस्ट आता है, तो वह केवल दर्शकों के मनोरंजन के लिए होता है, इसे किसी अन्य रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

अतिथि शिक्षकों के मानदेय का इंतजार खत्म, छत्तीसगढ़ में 18.42 करोड़ रुपये जारी

रायपुर. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने राशि जारी कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 जिलों में कार्यरत 1,535 अतिथि शिक्षकों के छह माह के मानदेय के लिए 18 करोड़ 42 लाख रुपये का आवंटन किया है। विभागीय आदेश 18 सितंबर को जारी किया गया है। हर शिक्षक को 20 हजार महीना आदेश के मुताबिक अतिथि शिक्षकों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। छह महीने के हिसाब से प्रत्येक शिक्षक के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि निर्धारित है। जिलों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या के आधार पर संबंधित जिला स्तर पर भुगतान के लिए बजट उपलब्ध कराया गया है। बस्तर संभाग के सात जिलों को भी मिला बजट आवंटन में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों को शामिल किया गया है। कोंडागांव में 141 अतिथि शिक्षकों के लिए एक करोड़ 69 लाख 20 हजार, बस्तर में 133 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 59 लाख 60 हजार और कांकेर में 126 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 51 लाख 20 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इसी तरह दंतेवाड़ा के 31 शिक्षकों के लिए 37 लाख 20 हजार, सुकमा के 48 के लिए 57 लाख 60 हजार, बीजापुर के 48 के लिए 57 लाख 60 हजार और नारायणपुर के 36 अतिथि शिक्षकों के लिए 43 लाख 20 हजार रुपये का प्रविधान किया गया है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा अतिथि शिक्षक जिलावार आंकड़ों में बलरामपुर में 220 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जो सूची में सर्वाधिक हैं। इनके छह माह के मानदेय के लिए दो करोड़ 64 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके बाद सूरजपुर में 130 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 56 लाख और सरगुजा में 71 शिक्षकों के लिए 85 लाख 20 हजार रुपये का आवंटन किया गया है। शेष जिलों में भी शिक्षकों की संख्या के अनुसार बजट भेजा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि केवल मानदेय भुगतान के लिए ही उपयोग की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक भवन में लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के 912 चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है। ऐसे लोगों को आज यूपी पुलिस या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 को दिए जा रहे हैं और अब 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा।   मुख्यमंत्री योगी रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी।   पारदर्शी चयन शासन के प्रति विश्वास का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है। 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी।   उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा। परीक्षा और चयन प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल खड़े होते थे और पेपर लीक के मामले सामने आते थे। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था। जो अभ्यर्थी आवेदन तक नहीं करते थे, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए जाते थे और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था।   नियुक्ति से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया। समूह ग और घ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थी को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।   उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसी के साथ भेदभाव भी नहीं होगा। हर व्यक्ति को उसकी योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलेगा।   साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का परिणाम है कि साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में सेवा का अवसर मिला है। भर्ती की कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं।   उन्होंने कहा कि यूपी बीमारू राज्य की स्थिति से उभरा है और आज देश के उन राज्यों में है, जो खुद को रेवेन्यू सरप्लस कह सकते हैं। नौ-साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। अब यूपी के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है। नए निवेश आ रहे हैं और नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।   दंगा और कर्फ्यू वाले यूपी की बदली पहचान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। यूपी में अवसर नहीं थे। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी।   उन्होंने कहा कि उस समय माफिया सामान्य नागरिक और व्यापारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के लिए भी चुनौती बने हुए थे। माफिया का काफिला निकलता था तो दूसरे लोगों के वाहन रोक दिए जाते थे। आज कोई माफिया असलहा लहराते हुए खुली जीप में उपद्रव करने का दुस्साहस नहीं कर सकता।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है। उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है। कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं। इस बदलाव में यूपी पुलिस की बड़ी भूमिका है।   अब देश में होती है यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले मध्य और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में जिन परिवारों के पास क्षमता थी, वे अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर रिश्तेदारों या हॉस्टल में रखते थे। जिनके पास साधन नहीं थे, वे बेटियों को घर बैठाने को मजबूर थे।   उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा। यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी पुलिस का बड़ा योगदान है। आज देश में यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है और लोग पूछते हैं कि यूपी में दंगे और उपद्रव क्यों नहीं हो रहे हैं।   पेपर लीक करने वालों के लिए बनाया कठोर कानून मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस के आधे से ज्यादा पद खाली थे। प्रदेश में चार लाख पुलिस बल की आवश्यकता थी, लेकिन दो लाख से भी कम पुलिसकर्मी थे। भर्तियां न्यायालयों में अटकी हुई थीं। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।   उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे … Read more