samacharsecretary.com

हाईकोर्ट का आदेश: महाकाल मंदिर में प्रवेश का फैसला कलेक्टर करेंगे, पुरानी व्यवस्था बहाल

उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक और वीआईपी प्रवेश की अनुमति के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट का फैसला आ गया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने फैसला सुनाते हुए कलेक्टर के आदेश को सही माना है और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. यानी आम भक्तों को गर्भगृह में अभी प्रवेश नहीं मिलेगा और निर्णय लेने का अधिकार कलेक्टर के पास ही रहेगा. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा, यह तय करने का अधिकार कलेक्टर के पास ही रहेगा। फिलहाल यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। इंदौर के वकील दर्पण अवस्थी ने जनहित याचिका लगाई थी। गुरुवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। सोमवार को फैसला सुनाया। कोर्ट के निर्णय के अनुसार, जब तक कोई नया आदेश नहीं आता, गर्भगृह में प्रवेश व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी, यानी आम भक्त गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और यह अधिकार केवल कलेक्टर के विवेक पर आधारित रहेगा। याचिका में व्यवस्था को बताया था भेदभावपूर्ण 18 अगस्त को इंदौर निवासी याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने वकील चर्चित शास्त्री के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। एडवोकेट शास्त्री ने तर्क दिया था कि दूर-दराज से आने वाले आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाता, जबकि प्रभावशाली लोगों को विशेष अनुमति मिल जाती है। यह व्यवस्था भेदभावपूर्ण और अनुचित है। वीआईपी कल्चर के खिलाफ दायर की गई थी याचिका दरअसल, इस तथाकथित 'वीआईपी कल्चर' को चुनौती देते हुए इंदौर के निवासी दर्पण अवस्थी ने 18 अगस्त को अपने वकील चर्चित शास्त्री के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता का कहना था कि देशभर से लाखों भक्त उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें केवल बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है. वहीं वीआईपी लोगों को सीधे गर्भगृह में एंट्री मिल जाती है और वो परिवार सहित वहां जाकर पूजा-अर्चन करते हैं. याचिकाकर्ता ने इसे आम भक्तों के साथ भेदवाभ और अन्याय बताया था. वर्तमान व्यवस्था को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया हाईकोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने एक-दो दिन में रिव्यू पिटीशन लगाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह मामला महाकाल के लाखों आम भक्तों का है जोकि दूर-दराज से यहां आते हैं। कोर्ट में तर्क देते हुए अधिवक्ता शास्त्री ने गर्भगृह में प्रवेश की वर्तमान व्यवस्था को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया।  हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत बताकर रद्द की याचिका    हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को इस याचिका पर फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने ये कहते हुए इस याचिका को रद्द कर दिया कि याचिकाकर्ता ने अपनी व्यक्तिगत समस्या को लेकर याचिका लगाई गई है. कोर्ट ने कहा, "मंदिर के गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलना चाहिए और किसे नहीं मिलना चाहिए ये उज्जैन कलेक्टर के विवेकाधिकार में है. इसपर कलेक्टर और मंदिर प्रशासन ही अंतिम फैसला लेंगे." यानी पहले जैसे व्यवस्था थी वही जारी रहेगी. इसका मतलब है कि अभी आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं याचिकाकर्ता इंदौर बैंच द्वारा याचिका खारिज होने पर तर्पण अवस्थी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करने की तैयारी में हैं. याचिकाकर्ता के वकील चर्चित शास्त्री ने बताया, "हाईकोर्ट ने याचिका को व्यक्ति विशेष का मामला बताकर खारिज कर दिया. जबकि ये व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है. ये याचिका उन सभी आम भक्तों के लिए थी जिन्हें मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलता, जबकि वीआईपी, नेता पुत्रों को बड़ी आसानी से प्रवेश मिल जाता है. कलेक्टर द्वारा भक्तों से भेदभाव किया जाता है. हम फैसला का स्वागत करते हैं, लेकिन हम इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे."  2023 से गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक बता दें कि अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने भी याचिका का समर्थन किया था और कोर्ट से कहा था कि गर्भगृह दर्शन के लिए नीति बनाई जाए. महासंघ ने सुझाव दिया था कि चाहे शुल्क निर्धारित किया जाए या समय, लेकिन आम भक्तों को भी बाबा महाकाल के समीप जाने का अवसर मिलना चाहिए. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 4 जुलाई 2023 से प्रतिबंध लगा हुआ है. हाल ही में कई नेता पुत्रों द्वारा जबरदस्ती बैरिकेडिंग फांदकर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने के मामले भी सामने आए हैं.

468 अस्थायी शिक्षणेतर और 480 आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती करेगी योगी सरकार

योगी सरकार का उच्च शिक्षा में बड़ा कदम : तीन विश्वविद्यालयों में 948 नए पदों को मंजूरी 468 अस्थायी शिक्षणेतर और 480 आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती करेगी योगी सरकार  भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी  शैक्षिक गुणवत्ता में भी होगी वृद्धि और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता  लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के तीन नवगठित विश्वविद्यालयों—गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) में कुल 948 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसमें 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद और 480 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन पदों के सृजन से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यूपी बढ़ रहा आगे  उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालयों को मजबूत बनाने के साथ-साथ प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार स्पष्ट किया है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में नए पदों का सृजन इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो उच्च शिक्षा को सशक्त और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद प्रत्येक विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे और आवश्यकतानुसार समाप्त भी किए जा सकते हैं। इन पदों में फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, वैयक्तिक सहायक, लेखाकार, प्रधान सहायक, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स जैसे पद शामिल हैं। इन पदों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया से की जाएगी। 480 आउटसोर्सिंग पद इसके अलावा, प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद वाह्य सेवा प्रदाता (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से पूरे किए जाएंगे, जिससे कुल 480 पद बनते हैं। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छकार, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक और पुस्तकालय परिचर जैसे पद शामिल हैं। आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होगा।

प्रदेशाध्यक्ष का सादा अंदाज! जन्मदिन को लेकर कही खास बात, हो रही चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपने चाहने वालों और कार्यकर्ताओं से एक खास अपील की है। दरअसल कल यानिकी 3 सितंबर को आने वाले हेमंत खंडेलवाल ने अपने जन्मदिन को लेकर ये खास आग्रह किया है।  हेमंत खंडेलवाल ने “X” पर  कार्यकर्ताओं से आग्रह  किया है कि मेरे जन्मदिन पर होर्डिंग्स, बैनर या किसी प्रचार माध्यम से कृपया शुभकामनाएँ न दें। आपका स्नेह और संगठन के प्रति समर्पण ही मेरे लिए सबसे बड़ा उपहार है। इस मौके को साधारण और सिंपल तरीके से ही सेलिब्रेट करें !  हेमंत खंडेलवाल अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। वैसे आपको बता दें BJP प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। बड़े कार्यक्रमों में भी वो किसी खास पहनावे को धारण नहीं करते हैं जैसे की नेता लोग पहनते हैं।  इसलिए अपने जन्मदिन पर भी वो कार्यकर्ताओं से सादगी की ही अपील कर रहे हैं। जन्मदिन पर शुभकामनाओं के लिए उपहार , होर्डिंग्स, बैनर लगाने से मना किया है। उन्होंने कहा है कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और संगठन के प्रति समर्पण ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। वैसे देखा जा रहा  कि हेमंत खंडेलवाल का बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद ये पहला जन्मदिन होगा। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आने वाले पहले जन्मदिन को लेकर  प्रदेशभर में शुभकामनाएं देने के लिए बड़े स्तर पर होर्डिंग्स, बैनर लगाने की तैयारी चल रही है।लेकिन अब खंडेलवाल ने इस तरह की अपील करके कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दे दिया कि जन्मदिन सादगी औ सौहार्दपूर्ण तरीके से ही मनाया जाएगा।

रेलवे स्टेशन पर प्रेमी-प्रेमिका का दर्दनाक अंत, आपस में लिपटे मिले शव

उमरिया  एक प्रेमी युगल ने रेलवे ट्रैक पर लेट कर मालगाड़ी से कट कर अपनी जान दे दी। मरने से पहले दोनों प्रेमी-प्रेमिका आपस में लिपट गए थे और इसी तरह रेलवे ट्रैक पर लेट गए थे। यह अनुमान रेलवे ट्रैक पर पड़ी उनकी कटी हुई लाश को देखकर लगाया गया है। यह जानकारी भी सामने आई है कि मरने वाले प्रेमी-प्रेमिका बीते चार दिनों से गांव के अपने घरों से लापता थे। मृतकों की पहचान भरत कोल (उम्र 21 साल) पिता अशोक कोल और करिश्मा कोल (उम्र 19 साल) पिता हल्के कोल दोनों निवासी ग्राम खेरवा ग्राम पंचायत टिकुरी जनपद पंचायत मानपुर जिला उमरिया के रूप में हुई है। स्टेशन में प्रेमी-प्रेमिका तीन दिन दिखे पिछले कई दिनों से गांव से लापता दोनों प्रेमी-प्रेमिका कहां थे घर के लोगों को नहीं पता। घर के लोगों ने उन्हें तलाशने की काफी कोशिश की लेकिन वे दोनों नहीं मिले। घटना के बाद यह जानकारी सामने आई है कि करने वाले दोनों प्रेमी-प्रेमिका लगभग दो-तीन दिन से महरोई स्टेशन में ही रात्रि निवास करते थे। कई लोगों ने उन्हें स्टेशन में ही देखने का दावा किया है। बताया गया है कि यह दोनों दिन में आसपास कहीं चले जाते थे और रात में आकर स्टेशन में ही निवास करते थे। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले तीन-चार दिनों से लगातार प्रेमी युगल जान देने का मन बना रहा होगा, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पानी के कारण वे आसपास ही दिखाई देते रहे अंततः उन्होंने हिम्मत जुटाई और जान दे दी। भोर में दी जान घटना के बारे में पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्रेमी युगल ने भर में लगभग चार बजे मालगाड़ी से कटकर हत्या कर ली। घटना के बाद मालगाड़ी के चालक ने स्टेशन मास्टर को मेमो दिया जिसके अनुसार घटना कटनी चोपन रेलखंड के 1143/39 किमी पर हुई। घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर अमरपुर पुलिस चौकी प्रभारी दलबल के साथ घटना स्थल पहुंचकर शव को कब्जे में लेते हुए पीएम पंचनामा करा शव परिजनों को सौंप दिया।

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात

बुनियादी सुविधाओं से स्मार्ट क्लास तक यूपी बना शिक्षा के कायाकल्प का साक्षी  ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात योगी सरकार की पहल से प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक बने आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में 19 मानकों पर 97 प्रतिशत संतृप्तिकरण हुआ पूरा  प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से 2295 माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने को की गई है मैपिंग  2017 से पहले तक स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का था अभाव  आज स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान से उज्ज्वल हो रहा देश का भविष्य  लखनऊ शिक्षक दिवस पर स्पेशल   उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक में व्यापक बदलाव करते हुए प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ ने परिषदीय विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों को नई पहचान दी है। ऑपरेशन कायाकल्प वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना था। आज इस अभियान के तहत 97 प्रतिशत तक बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा हो चुका है। पहले जहां स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का अभाव था, वहीं आज वे गेट युक्त बाउंड्री वॉल, टाइल्स युक्त शौचालय, पेंटेड परिसर और सोलर लाइट्स से युक्त विद्यालयों में तब्दील हो चुके हैं। नीति आयोग ने भी इसे देशभर के लिए अनुकरणीय मॉडल माना है। इसी तरह, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ की शुरुआत की है, जिसके तहत 27 मापदंडों पर 2295 विद्यालयों की मैपिंग की अवस्थापना स्थिति को बेहतर बनाने का कार्य चल रहा है।  ऑपरेशन कायाकल्प ने बदली तस्वीर योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सुधार लिए ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के बाद प्रदेश में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुए हैं। सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बालक, बालिका और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय और मूत्रालय का निर्माण कराया गया है। मल्टीपल हैंड वाशिंग, कक्षा-कक्षों में टाइल्स, आधुनिक बोर्ड्स, स्वच्छ रसोई घर, भवनों का रंग रोगन, रैंप एवं रेलिंग की व्यवस्था, स्कूलों में विद्युत की व्यवस्था, वाटर सप्लाई, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, लाइब्रेरी, फर्नीचर और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से इन विद्यालयों को लैस किया गया है।  प्रोजेक्ट अलंकार से जर्जर भवन हुए आधुनिक इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत शैक्षणिक, सह शैक्षणिक, मूल अवस्थापना के लिए व्यापक पैमाने पर कार्य किया है। विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, लैब, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, वाई-फाई, स्मार्ट क्लास और फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। वहीं खेल का मैदान, ओपन जिम, बहुउद्देशीय हॉल, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, व्यावसायिक शिक्षा कक्ष और बैंड तथा साउंड सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। मूलभूत अवस्थापना में प्रिंसिपल रूम, स्टाफ कक्ष, पेयजल, बालक, बालिका शौचालय, चहारदीवारी और कार्यालय कक्ष का निर्माण कराया गया है। अन्य अवस्थापना में बजली, बायोमेट्रिक मशीन, सीसीटीवी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर पैनल स्थापना, फायर इंस्ट्रूमेंट और साइकिल स्टैंड से सुसज्जित किया गया है।  2017 से पहले जर्जर थी पूरी शिक्षा व्यवस्था  2017 से पहले की स्थिति पर नज़र डालें तो अधिकांश विद्यालयों की हालत बेहद खराब थी। भवन जर्जर हो चुके थे और बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही थीं। इसके चलते विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही थी और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। लेकिन योगी सरकार की प्राथमिकता शिक्षा को सर्वोच्च स्थान देने की रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों को गुणवत्ता आधारित, समान और समावेशी शिक्षा देना सरकार का दायित्व है। इसी दृष्टि से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ जैसी योजनाएं न केवल स्कूलों को नया रूप दे रही हैं बल्कि करोड़ों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव भी रख रही हैं। आज गांवों के ये स्कूल केवल सरकारी भवन नहीं, बल्कि ग्राम सभा के सबसे सुंदर, सुरक्षित और सर्वसुविधा युक्त केंद्र बन चुके हैं। ग्रामीण अभिभावकों का भरोसा अब इन विद्यालयों पर और बढ़ा है। शिक्षा का यह कायाकल्प केवल स्कूलों की दीवारें नहीं बदल रहा, बल्कि प्रदेश का भविष्य गढ़ रहा है।    

कम पेट्रोल देने पर राजधानी पेट्रोल पंप के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज

 भोपाल  राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद स्थित राजधानी पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को कम पेट्रोल दिए जाने की शिकायत पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पकड़ते हुए पंप संचालक पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सोमवार को शिकायत मिली थी कि *राजधानी पेट्रो पाइंट पेट्रोल-डीजल पंप (बीपीसीएल)* पर ग्राहकों को तय मात्रा से कम पेट्रोल दिया जा रहा है। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायतकर्ता को भी बुलाकर बयान दर्ज किए। निरीक्षण में पेट्रोल के नोजल से प्रदाय की मात्रा की जांच की गई और पेट्रोल-डीजल का भौतिक सत्यापन हुआ। इस दौरान *स्पीड पेट्रोल 528 लीटर अधिक भंडारित* पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। टीम ने पाया कि पंप पर मशीनों की संख्या भी लाइसेंस के अनुसार नहीं है। इसके अलावा मौके पर पेट्रोल-डीजल में पानी की जांच की गई और यह भी पाया गया कि पंप पर बिना हेलमेट उपभोक्ताओं को पेट्रोल दिया जा रहा था। पूरी कार्रवाई पंप मालिक के बेटे आमिर खान की मौजूदगी में की गई।  

बारिश से बिगड़े हालात, हरियाणा के एक जिले में घर से काम करने की अपील

हरियाणा  हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई तथा अधिकारियों ने आने वाले दिनों में और बारिश होने के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कई एहतियाती कदम उठाये हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को यमुना समेत कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों को यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज के द्वार खोलने पड़े। एहतियात के तौर पर, कुछ प्रभावित इलाकों में मंगलवार को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है।  वर्क फ्रॉम होम बना सहारा बारिश और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम की कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे दी है। राजीव चौक, सोहना रोड और गोल्फ कोर्स रोड जैसे क्षेत्रों में पानी भरने से ट्रैफिक कई घंटों तक जाम रहा। मौसम को देखते हुए, ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने स्कूलों को  02-09-2025 को ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश दिया।  डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन लोगों से अपील करता है कि वे मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें, बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें और प्रशासन के नियमों का पालन करें। वहीं पिछले कुछ दिनों से चंडीगढ़ में हो रही भारी बारिश के कारण शहर के सभी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उपायुक्तों के साथ बैठक की और राज्य भर में बारिश व बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश हैं, वहां ‘पूरी तरह से स्कूल बंद’ हों। 

भोपाल एयरपोर्ट यात्री संख्या में उछाल, फिर भी 1.5 लाख के नीचे

भोपाल  लगातार बारिश होने एवं वेडिंग सीजन नहीं होने के कारण भोपाल से हवाई सफर करने वालों की संख्या उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, जुलाई के मुकाबले अगस्त में यात्री बढ़े हैं लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी की तमाम कोशिशों के बावजूद संख्या डेढ़ लाख तक नहीं पहुंच सकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में भोपाल से कई शहरों तक जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 17 हजार 293 दर्ज की गई है। जुलाई माह देश के विभिन्न शहरों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 16 हजार 123 थी। जुलाई माह के मुकाबले अगस्त में एयरक्राफ्ट मूवमेंट कम हुआ है। यानि पैसेंजर लोड बढ़ रहा है। गोवा सहित कई उड़ानें बंदसमर शेड्यूल के दौरान भोपाल से गोवा, लखनऊ एवं प्रयागराज उड़ान बंद कर दी गई थी। इंडिगो ने दिल्ली की एक उड़ान कम कर दी थी बेंगलुरू एवं रायपुर उड़ान उड़ान के फेरे कम हुए हैं। इस कारण यात्री कम हुए है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार जल्द ही एक अतिरिक्त दिल्ली एवं अहमदाबाद उड़ान शुरू हो रही है। रायपुर एवं बेंगलुरू उड़ान अब प्रतिदिन संचालित होगी। इससे यात्री संख्या बढ़ेगी। यात्रियों की संख्या, विमानों के फेरेमाह वर्ष यात्री संख्या विमानों के फेरे मई 2025 140, 621 136, 6 जून 2025 136, 675 109, 3 जुलाई 2025 116, 123 110, 6 अगस्त 2025 117,293 1061

बाल विवाह मिटाने की दिशा में MP अग्रणी, जस्ट राइट्स संस्था का 2030 का लक्ष्य

भोपाल जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन संस्था ने भारत को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य तय किया है। संस्था के संस्थापक भुवन ऋभु ने सोमवार को आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश इस दिशा में अग्रिम मोर्चे पर है। संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 41 जिलों में अब तक 36,838 बाल विवाह रोके गए, 4,777 बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया गया, और 1200 से अधिक यौन शोषण पीड़ित बच्चों की मदद की गई। मध्य प्रदेश अव्वल भुवन ऋभु ने कहा कि मध्य प्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे हैं। इतनी बड़ी आबादी में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, लेकिन राज्य ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी और यौन हिंसा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने मिलकर तेजी से कार्य किया है। संस्था ने 2023 से अगस्त 2025 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। भुवन ऋभु ने यह भी याद दिलाया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था, जिसने बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब वही सख्ती बाल विवाह के मामलों पर भी दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (PCMA) एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, जो बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे धार्मिक विश्वासों या पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होगा।

मध्य प्रदेश में बाढ़ खतरा, इटारसी तवा डैम के गेट खुले, टीकमगढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भोपाल  स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।। भोपाल,  इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।सोमवार को भोपाल, रतलाम, दमोह, ग्वालियर समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  नर्मदापुरम जिले के इटारसी में रुक-रुक कर तेज और रिमझिम बारिश हो रही है। जलस्तर बढ़ने पर तवा डैम के 3 गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं। यह इस सीजन में दूसरी बार है, जब बांध के गेट खोले गए हैं। डैम के एसडीओ एनके सूर्यवंशी के अनुसार, डैम से 10,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका जलस्तर 1164.50 मीटर पर बना हुआ है। इससे पहले सोमवार देर शाम टीकमगढ़ में 20 लोग धसान नदी के बरा घाट पर फंस गए थे। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने उनको सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी कुडीला थाना क्षेत्र के निवासी हैं। धसान नदी में रेत का अवैध खनन करने गए थे। इसी दौरान जलस्तर बढ़ने से फंस गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक, जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है, उनमें उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दमोह में सबसे ज्यादा 2.6 इंच पानी गिरा पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यप्रदेश के 32 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा दमोह में 2.6 इंच पानी गिर गया। रतलाम, श्योपुर-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में सवा इंच, गुना में 1 इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। सिवनी, बैतूल, मंडला, रायसेन, छतरपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़, सीधी, इंदौर, सागर, नर्मदापुरम, उमरिया, जबलपुर, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर, भिंड, निवाड़ी, मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। दमोह में 2.3 इंच पानी गिरा सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। इस लिए हो रही तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो ट्रफ गुजर रही हैं। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। मंगलवार को भी सिस्टम का असर देखने को मिलेगा। प्रदेश में बारिश का कोटा फुल मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 37.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 102 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 31.2 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 56 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 24 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 54.2 इंच बारिश हो चुकी है। श्योपुर में साढ़े 52.4 इंच, अशोकनगर में 51.8 इंच और रायसेन में 51.5 इंच पानी गिरा है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इंदौर में सबसे कम 21.3 इंच बारिश हुई है। शाजापुर में 21.6 इंच, खरगोन में 22.6 इंच, खंडवा में 23 इंच और बड़वानी में 24.2 इंच पानी गिरा है।  रतलाम में गांव डूबा, मुरैना में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार मानसून ट्रफ की एक्टिविटी इस समय प्रदेश में है। सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। मुरैना के अंबाह में तिरपाल ढांककर अंतिम संस्कार किया गया। दमोह में एक मकान गिर गया। मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी पत्नी घायल है, जिसे अस्पताल ले जाया गया। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश जारी रही। रतलाम के धोलावाड़ डैम के तीन गेट खोलने पड़े। पलसोड़ा गांव पानी में पूरी तरह डूब गया। लोग छतों पर चढ़कर बैठे रहे। उसरगार और अमलेटा गांव के बीच नाले की पुलिया धंसने से ट्रैफिक रुक गया। उपलई गांव में एक कार पलट गई। ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को बाहर निकाला। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल परम गंगानगर, पिलानी, दतिया, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और संलग्न म्यांमार तट पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है, जो ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।     24 घंटों में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।     एक ट्फ़ उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर बने चक्रवातीय परिसंचरण से, उत्तर एमपी, दक्षिण यूपी होकर झारखंड तक माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की उंचाई पर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम एमपी और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय उपरोक्त ट्रफ़ में विलीन हो गया है। 5 सितंबर तक जारी रहेगा वर्षा का दौर 2 सितंबर: राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, रतलाम, उज्जैन, आगर, गुना, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी में भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगौन, बड़वानी, … Read more