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राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, शहरी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को मिलेगा सुधार—CM भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करें। साथ ही, अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य पर फोकस करें जिससे जनता को समय से इनका लाभ मिले। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। इसी क्रम में उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं आवास संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। हाउसिंग बोर्ड अपनी योजनाओं का करें व्यापक प्रचार-प्रसार मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं की जरूरत एवं वर्तमान प्रचलन को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि बोर्ड की राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड निजी विकासकर्ता से प्रतिस्पर्धा करते हुए आमजन को गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य में उपलब्ध करवाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करे, परियोजनाओं में नवाचार लाए और इनके विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल करे, ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ मिल सके। द्रव्यवती नदी का करें सौंदर्यीकरण शर्मा ने कहा कि जयपुर में द्रव्यवती नदी के दोनों ओर से अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, इस क्षेत्र का पर्यटन की दृष्टि से उन्नयन किया जाए, ताकि आमजन के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें। उन्हांने कहा कि द्रव्यवती नदी पर पौधारोपण के कार्य में भी गति लाई जाए। बैठक में बताया गया कि जयपुर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आमजन की सुगम आवाजाही के लिए रिद्धि-सिद्धि चौराहे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। साथ ही, अपेक्स सर्किल पर एलिवेटेड रोड़ के निर्माण की डीपीआर के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है। शहरी विकास से जुडे़ प्रोजेक्टस को चरणबद्व करें पूरा मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, लोक परिवहन हेतु कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना शुरु की जाएगी जिससे प्रदेष के सभी नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव का प्रबंधन हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं के एनआईटी, टेण्डर, वर्कऑर्डर तथा डीपीआर बनाने सहित विभिन्न कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टस को चरणबद्व पूरा करें। साथ ही, हर चरण पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए। बजट घोषणाओं के भूमि आवंटन में लाएं तेजी शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाडी एवं विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) मेट्रो संचालित की जाएगी। अधिकारी इसके काम में गति लाएं, ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो। उन्होंने जोधपुर के बड़ली में आवासीय योजना लाने तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की सभी बजट घोषणाओं में जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, अधिकारी योजनाओं की अनुमानित लागत के आधार पर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने बजट की विभिन्न घोषणाओं के अंतर्गत बाड़मेर, धौलपुर, फुलेरा सहित अन्य शहरों की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में भीम-राजसमंद ड्रेनेज सिस्टम, सूरजगढ़-झुंझुंनू में सीवरेज लाईन, दौसा शहर मे सीवरेज मास्टर प्लान तारानगर-चुरु, नगर व सीकरी-डीग में ड्रेनेज के प्रस्तावित कार्यां की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सीवरेज कार्य भी समयबद्ध रूप से करवाए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर यातायात एवं स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़, झुंझुनूं में निर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शीघ्र प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, किसानों की सहभागिता से इस संबंध में एक सेमिनार भी आयोजित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि बैठक में शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक सेवा को मजबूती देने के लिए तथा ई-बसों के सुगम संचालन हेतु मॉडर्न शेल्टर कम चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। बैठक में बजट 2024-25 एवं 2025-26 की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा एवं मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सतीश महाना के अनुसार यूपी विधानसभा में आयोजित होगा जनवरी में राष्ट्रीय अधिकारी सम्मेलन

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में अगले साल जनवरी माह में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 20 और 21 जनवरी को प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यूपी विधानसभा मानसून सत्र के बाद सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पत्रकार वार्ता कर सदन की कार्यवाही के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया 11 से 14 अगस्त तक विधानसभा की कार्यवाही चली है। पूर्ण रूप से विधानसभा तभी होती है जब दोनों पक्ष बराबर भागदारी करें। दोनों पक्षों की बात आये। इस बार 24 घण्टे की विशेष चर्चा में सत्ता पक्ष विपक्ष ने भाग लिया। स्वस्थ चर्चा हुई। महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हुई। इस चर्चा के बाद विषय पब्लिक के बीच जाएगा। फिर सब जुटाकर एक बार फिर सदन में चर्चा कर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। इससे पहले 36 घण्टे की चर्चा में विपक्ष शामिल नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बताया कि अब जितनी सूचनाएं आती हैं, उनका जवाब 30 दिन के भीतर दिया जाता है। अन्यथा संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की गई है। इन सूचनाओं में विधायकों के क्षेत्रों की समस्याएं होती हैं। पहले 90 दिन में जवाब देना था। इससे पहले वाले सत्र में ही विधानसभा नियमावली में बदलाव किया गया है। अब 30 दिन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि 20-21 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन होगा। सभी विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति समेत अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल होंगे। मुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा हुई है। उनकी सहमति भी मिल गयी है। इसको लेकर लोकसभा की एक टीम आएगी। उसके साथ बैठक कर पूरी कार्य योजना तैयार की जाएगी। कौन-कौन शामिल होगा। इस सब पर तय होगा।  मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जो लोग भी सम्मेलनों में आएंगे, सबको यूपी भ्रमण कराया जाए। काशी, अयोध्या, मथुरा, आगरा, चित्रकूट व अन्य जगहों का भ्रमण करना चाहते हैं, कराया जायेग। उनके भ्रमण के खर्च सरकार उठाएगी। सम्मेलन के थीम के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकसभा विषय तय करती है। अभी कार्यक्रम की सहमति मिली है। आगे विषय भी मिल जायेग। यूपी विधानसभा आज देश की लीडिंग विधानसभा है। इसलिए सभी को भरोसा है कि यह सम्मेलन बेहतर होगा। उनके साथ इस मौके पर विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे भी मौजूद रहे।  

माँ की हिम्मत: बच्चे पर टूटे तीन कुत्ते, पर मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाया बेटे

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के न्यू आरटीओ रोड स्थित गौतम विहार कॉलोनी में रविवार शाम 5 वर्षीय गौरांश पर तीन कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चा घर के बाहर स्कूटर चला रहा था, तभी अचानक कुत्तों का झुंड दौड़ता हुआ आया और उसे जमीन पर गिराकर नोचने लगा। बच्चे की चीख सुनकर उसकी मां प्रीति दौड़ी और किसी तरह कुत्तों को भगाया। परिजन तुरंत बच्चे को अस्पताल ले गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम साफ नजर आ रहा है, जिसमें तीनों कुत्ते मासूम को गिराकर काटते दिखते हैं। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों ने एनिमल एड संस्था और नगर निगम को मदद के लिए कॉल किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन कॉलोनी में आवारा कुत्तों का झुंड घूमता रहता है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।   दरअसल, यह कोई पहली घटना नहीं है। 2 महीने पहले शहर की एक कॉलोनी में 8 साल के बच्चे पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। वहीं, करीब एक साल पहले मस्तान बाबा दरगाह क्षेत्र में 5 साल की बच्ची की कुत्तों के हमले में मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने लोगों को भयभीत कर दिया है। माता-पिता बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं भेज पा रहे है। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों ने एनिमल एड संस्था और नगर निगम को मदद के लिए कॉल किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन कॉलोनी में आवारा कुत्तों का झुंड घूमता रहता है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।   चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य स्तर पर भी डॉग बाइट के आंकड़े गंभीर स्थिति दर्शाते हैं। साल 2024 में ही राजस्थान में 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। 2025 में भी यह सिलसिला जारी है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि समस्या का समाधान केवल पकड़कर शेल्टर भेजने में नहीं है। नसबंदी कार्यक्रम को तेज़ करना, शहरी कूड़ा प्रबंधन सुधारना और पशु कल्याण संस्थाओं को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। वहीं, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना हो और निगम की टीमें तुरंत कॉलोनियों में पहुंचकर कार्रवाई करें। फिलहाल, गौरांश के परिवार ने राहत की सांस ली है कि समय रहते मां ने बेटे की जान बचा ली।

2027 चुनाव में संदेश: सपा ने पूजा पाल को बाहर कर दिखाया कड़ा रुख

लखनऊ  विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने विधायक पूजा पाल को बाहर का रास्ता दिखाकर पिछड़ों को एक संदेश देने का काम किया है। वे 2027 के चुनाव में किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार वे इस कारण ऐसे कदम उठा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सपा विधायक पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करके पार्टी के अनुशासन को तोड़ा था, लेकिन सपा मुखिया ने उसे नजरअंदाज कर उनको पार्टी में बरकरार रखा था। इसके बाद सत्र के दौरान पूजा पाल ने योगी सरकार के कसीदे पढ़कर दूसरी बड़ी गलती की, जिसे सपा प्रमुख ने बर्दाश्त नहीं किया और उन्हें पार्टी से निकाल दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि पूजा पाल को अखिलेश ने राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद से ही निष्कासित सूची में डाल रखा था। बस उनको मौके का इंतजार था। विधानसभा सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान पूजा ने कहा कि सभी को पता है उनके पति राजू पाल की हत्या कैसे और किसने की थी। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी बात सुनी और न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुसार मिट्टी में मिलाने का काम किया। इस बयान के बाद ही सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि पूजा पाल ने जिस प्रकार से सदन में भाजपा सरकार की तारीफ की है, वह लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा था। ऐसे में सपा के पास कोई और विकल्प नहीं था। अब तक सपा ने जितने भी एक्शन किए हैं, चाहे विधायक राकेश प्रताप हों, मनोज पाण्डेय हों, या अभय सिंह हों, यह सभी अपर कास्ट के थे। पूजा पाल ने भी क्रॉस वोट किया, लेकिन उनके खिलाफ एक्शन नहीं हुआ। शायद पीडीए से थीं, यही कारण होगा। राजीव श्रीवास्तव आगे कहते हैं कि अब विधानसभा चुनाव आ रहा है, इसलिए अखिलेश अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वो पार्टी में समर्पित लोग ही चाहते हैं जिन पर कोई संदेह न हो। अब देखना है कि अभी क्रॉस वोटिंग वाले जो बचे, उन पर क्या एक्शन होगा। क्योंकि अभी बुंदेलखंड के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी बचे हैं जिन पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। हालांकि वह भी अभी शांत हैं। सपा 2027 की तैयारी में है। वो चाहती है कि पार्टी में अवसरवादियों की जगह वहीं लोग रहें जो पूर्णतया सपा के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि अखिलेश को लगता है कि वह पीडीए के फॉर्मूले से भाजपा को पटखनी दे सकते हैं। लिहाजा वह हर कदम ठोक बजाकर उठा रहे हैं। सपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि पूजा पाल बार-बार कहती हैं कि मुझे न्याय मुख्यमंत्री ने दिया है। जबकि हमारी विधायक बिजमा यादव अभी भी न्याय के लिए भटक रही है। पूजा पाल को मिला न्याय नैसर्गिक नहीं है। योगी सरकार का हर कदम पीडीए के खिलाफ है। यह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही। लगातार उसे आगे बढ़ाती रही है। ऐसे में उन पर उठाया गया कदम बिल्कुल ठीक है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे का कहना है कि सपा अपने किसी भी कार्यकर्ता के ऊपर कार्यवाही करे। उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यह भेदभावपूर्ण हैं। एक पिछड़ी महिला ने अपने पति के हत्यारे के न्याय दिलाने के लिए सरकार की तारीफ की। एक माफिया के सम्मान में अखिलेश मैदान में उतर जाते हैं। माफियाओं से उनकी इतनी हमदर्दी है कि पीडीए का नारा देने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देती है, जबकि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले तमाम लोग अभी पार्टी में हैं। अखिलेश यादव सिर्फ पिछड़ों को धोखा दे रहे हैं। 

पीड़ित अभिभावक आरटीई में बच्चों के दाखिले के लिए अशोक गहलोत और खाचरियावास से मिले

जयपुर राजस्थान में आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला नहीं मिलने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। पिछले एक माह से अभिभावक सड़कों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर अब उन्होंने विपक्षी नेताओं का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है। सोमवार को संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले 50 से अधिक अभिभावक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से मिले। अभिभावकों ने बताया कि चार महीने से लगातार शिक्षा विभाग और सरकार के चक्कर काटने के बावजूद बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है, जिससे वे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौके पर शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से फोन पर बात कर पूरे मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अभिभावकों की पीड़ा समझते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि 10 अगस्त को शिक्षा उपसचिव ने स्पष्ट किया था कि कोर्ट ने दाखिले पर कोई रोक नहीं लगाई है, केवल पुनर्भरण राशि को लेकर स्टे है। इसके बावजूद निजी स्कूल कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि चयनित विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करे अन्यथा नियमपूर्वक कार्रवाई की जाए। जैन ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शिक्षा निदेशक ने तुरंत उन सभी स्कूलों की जानकारी मांगी है, जो दाखिले से इंकार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश देने की बात भी कही। संघ के पदाधिकारी मंगलवार को विपक्ष के नेता टीकाराम जूली से मुलाकात करेंगे और इसके बाद उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलने की भी संभावना है।

सीएम योगी ने मथुरा में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए किया कार्यवाही आदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आई बाढ़ को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के समय राहत और बचाव के लिए बेहतर कोऑर्डिनेशन और क्विक एक्शन जरूरी है। कंट्रोल रूम 24×7 काम करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट संदेश है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर नागरिक को संभव मदद मिले। बाढ़ के बीच बीमारी बढ़ती है। राहत शिविरों के लिए स्वास्थ्य टीम गठित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पशुओं का भी इस दौरान ध्यान रखा जाए।  

मातृत्व अवकाश वेतन विवाद सुलझा: हाईकोर्ट फटकार के बाद संविदा कर्मियों को मिला हक

बिलासपुर उच्च न्यायालय में सोमवार को सुनवाई के दौरान शासन ने कोर्ट को अवगत कराया कि जिला अस्पताल कबीरधाम में कार्यरत संविदा स्टाफ नर्स को मातृत्व अवकाश अवधि का पूरा वेतन भुगतान कर दिया गया है. यह फैसला प्रदेश की हजारों महिला संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर महिला सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ था. जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता स्टाफ नर्स ने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश लिया था, जो विधिवत स्वीकृत हुआ. 21 जनवरी को उन्होंने कन्या संतान को जन्म दिया और 14 जुलाई को पुनः कार्यभार ग्रहण किया. मातृत्व अवकाश की अवधि का वेतन शासन द्वारा नहीं दिया गया, जबकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2010 में इसका स्पष्ट प्रावधान है. इसी के चलते उन्होंने रिट याचिका और उसके पालन न होने पर अवमानना याचिका दायर की. मामले में न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने पूर्व सुनवाई में ही शासन से कड़े शब्दों में पूछा था कि आदेश के बावजूद वेतन भुगतान क्यों नहीं किया गया. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि यह मामला केवल आर्थिक अधिकार का नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से संबंधित है. आज की सुनवाई में शासन की ओर से यह जानकारी दी गई कि याचिकाकर्ता को अब मातृत्व अवकाश की अवधि का वेतन दे दिया गया है. इसके साथ ही अवमानना याचिका का निष्कर्ष निकल आया. याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने कहा- “यह केवल एक महिला स्टाफ नर्स की जीत नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की उन महिला संविदा कर्मियों की जीत है, जिन्हें वर्षों से मातृत्व अवकाश वेतन को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा था. न्यायालय ने यह साफ कर दिया है कि मातृत्व अवकाश महिला कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है, चाहे उनकी नियुक्ति नियमित हो या संविदा.”

राजद में इस्तीफों का दौर शुरू, चुनाव से पहले जिलाध्यक्ष और प्रधान महासचिव ने छोड़ा पद

मुंगेर बिहार में विधानसभा चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे पार्टियों में उलटफेर भी शुरू हो गया है। इस क्रम में राजद को मुंगेर में बड़ा झटका लगा है। राजद के जिलाध्यक्ष त्रिलोकी नारायण शर्मा तथा प्रधान महासचिव संतोष कुमार यादव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पत्र जारी कर इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा है। इसे लेकर यह कयास लगाया जा रहा है कि वे इन दिनों राजद में अपनी पूछ को घटता देख खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे तथा इसके कारण पार्टी नेतृत्व से खफा चल रहे थे। बताते चलें कि पिछले दो बार से राजद ने मुंगेर जिले में केवल एक समुदाय की पार्टी होने का दाग मिटाने के खयाल से पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाया था। इसके तहत पहले बरियारपुर प्रखंड निवासी देवकीनंदन सिंह को तथा इस बार सदर प्रखंड निवासी त्रिलोकी नारायण शर्मा को जिलाध्यक्ष बनाया था, पर त्रिलोकी नारायण शर्मा के साथ ही पार्टी के प्रधान महासचिव संतोष कुमार यादव ने भी एक साथ इस्तीफा दिया है। इससे कहीं न कहीं यह जरूर लग रहा है कि शायद पार्टी में उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा था, जो एक जिलाध्यक्ष तथा प्रधान महासचिव को मिलना चाहिए। हालांकि, अंदरखाने से यह बात सामने आ रही है कि 21 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव वोट अधिकार यात्रा के तहत मुंगेर आने वाले हैं, तथा इस कार्यक्रम को लेकर दोनों ही नेताओं को इसमें उचित स्थान नहीं दिया गया अथवा उन्हें इस कार्यक्रम से दूर रखा गया है।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति चरित्र निर्माण व व्यक्तित्व विकास में सहायक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि चरित्र निर्माण व व्यक्तित्व विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहायक है। संस्कारित शिक्षा परोपकर का मार्ग प्रशस्ति करती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के संयोजकत्व में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत भारतीय ज्ञान परंपरा है, जिसके पुनरूत्थान का कार्य करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेश किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ सांस्कृतिक व देशहित के महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समग्र विकास के आयाम निर्धारित किये गये हैं, जो चरित्र निर्माण में अपनी भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरू बनने के मार्ग पर अग्रसर हैं। तीन दिवसीय कार्यशाला में नैतिक आधार के समावेश के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा के गहन चिंतन का लाभ रीवा के विद्यार्थी व प्रबुद्धजन ले पायेंगे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयोजक अतुल कोठारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं पंचकोष के सिद्धांत का समावेश किया गया है, जिससे समग्र विकास संभव हो सके। जरूरत है कि विद्यार्थी इसका अध्ययन करें और अपनी भूमिका तय करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल आधार एकाग्रता है। नवीन शिक्षा नीति में समग्र विकास के आयाम, निर्धारित किये गये हैं। कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा बचाओ अभियान का नेतृत्व करता है। कार्यशाला में स्मारिका एवं संकल्प पत्र का विमोचन किया गया। विधायक मनगवां इंजी. श्री नरेन्द्र प्रजापति, श्री ओम शर्मा, प्रो. सुनील तिवारी, कुल सचिव श्री सुरेन्द्र सिंह परिहार, श्री अजय तिवारी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी तथा प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।  

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर तीन दिवसीय लेखनशाला 19 अगस्त से

भोपाल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जेण्डर रिसोर्स सेण्टर की एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय लेखन शाला 19 से 21 अगस्त तक भोपाल में आयोजित की जा रही है। लेखन शाला का शुभारंभ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी उपस्थित रहेंगी। लेखन शाला में संयुक्त सचिव भारत सरकार, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती स्मृति शरण सहित 20 राज्यों के आजीविका मिशन प्रबंधन इकाई के सदस्य भाग लेंगे। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह सहित आजीविका मिशन की टीम भी उपस्थित रहेगी।