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टोल कर्मियों ने ड्यूटी पर जा रहे सैनिक को पीटा और बांधा

मेरठ देश की सरहद पर रहकर अपनी जान की बाजी लगाते हुए देश की सुरक्षा करने वाले सेना के जवान को टोल कर्मियों ने खंबे से बांधकर जमकर पीटा । टोल कर्मियों के द्वारा सेना के जवान की खंभे से बांधकर पिटाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है । इस वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह करीब दर्जन पर दबंग टोलकर्मी सेना के जवान को खंभे से बांधकर बेतहाशा पीटते हुए नजर आ रहे हैं । दरअसल,  यह पूरा मामला जिले के थाना सरूरपुर क्षेत्र के भूनी टोल प्लाजा का है । सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह टोल पर मौजूद दबंग टोल कर्मचारियों के द्वारा एक युवक को खंबे से बांधकर पीटा है। करीब दर्जन भर टोलकर्मी बेतहाशा जिस युवक को पीट रहे हैं उसका नाम है कपिल जोकि थाना क्षेत्र के ही गोटका गांव का रहने वाला है और वो सेवा की राजपूत बटालियन में श्रीनगर में तैनात है। सेना के जवान को श्रीनगर ड्यूटी पर जाना था बताया जा रहा है कि कांवड़ यात्रा की छुट्टी के बाद कपिल वापस श्रीनगर जा रहे थे और इसीलिए वो रात के वक़्त कार से अपने भाई के साथ घर से निकले । लेकिन जैसे ही कार मेरठ करनाल हाईवे पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी जिसके चलते कपिल ने टोल कर्मियों को अपना सेना का पहचान पत्र दिखाते हुए कहा कि वो सेना के जवान है और उन्हें जल्दी जाना है जिससे कि वो श्रीनगर पहुंचने के लिए दिल्ली से अपनी फ्लाइट पकड़ सके । इसी बात को लेकर सेना के जवान कपिल और टोलकर्मियों के बीच बहस शुरू हुई जिसके चलते बहस हाथापाई में बदल गई और एकाएक टोल प्लाजा पर मौजूद करीब दर्जन भर दबंग टोलकर्मियों ने सेना के जवान कपिल और उनके भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान पास में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है । मारपीट करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार वहीं इस मामले पर एसपी देहात राकेश मिश्रा का कहना है कि सेना के जवान से मारपीट करने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि सेना के जवान से मारपीट करने वाले बाकी लोगों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो के आधार पर की जा रही है और जल्द से जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ।  

राजा गार्डन दिल्ली: आग में 3 लोगों की हुई जान, दो लड़कियां भी शामिल

नई दिल्ली  पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि दोपहर लगभग 3:08 बजे महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स की इमारत में भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य की हालत नाजुक बताई जाती है। मरने वालों में 2 लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसा कैसे हुआ इसको लेकर जांच चल रही है। बताया जाता है कि इस इमारत में बेसमेंट भी है। बेसमेंट के साथ तीन मंजिलों वाली इस इमारत में हादसा तीसरी मंजिल पर स्थित दफ्तर में हुआ। हादसे के शिकार लोगों ने तीसरी मंजिल पर दफ्तर में खुद को कैद कर लिया था। इस वजह से ये लोग आग की चपेट में आ गए। सूचना पर दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को निकाला और अस्पताल भेजा। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। खबर लिखे जाने तक इस घटना में दो युवतियों समेत तीन की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि एक अन्य गंभीर रूप से जख्मी हुआ है जिसका इलाज जारी है। फिलहाल मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा। मृतकों में शामिल एक युवती का नाम आयुषी उम्र 23 साल जबकि दूसरी का नाम अमनदीप कौर बताया जाता है। अमनदीप की उम्र 21 साल है। हादसे में जान गवाने वाले लड़के का नाम रवि बताया जा रहा है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने दमकल की 5 गाड़ियों को मौके पर भेजा। बचाव कर्मियों ने देखा कि 4 लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए थे। उन्हें कैट्स एम्बुलेंस से पास के अस्पताल में ले जाया गया। अधिकारी ने यह भी बताया कि आग को बुझाने और बचाव अभियान शाम 4.10 बजे समाप्त हो गया।  

योगी सरकार के प्रयासों से देश-विदेश में खुल रहे रोजगार के अवसर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक पहल कर रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाएं जिस दूरदर्शिता से रोजगार सृजन की बहुआयामी रणनीति अपनाई है। रोजगार को लेकर प्रदेश सरकार की नीति अब सिर्फ स्थानीय नौकरियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की शुरुआत की है।  मिशन के मुख्य उदेश्यों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न रोजगार के अवसरों को पता लगाना, स्किलगैप का अध्ययन कर उसको दूर कराना, रोजगार कार्यक्रम संचालित करना, कॅरियर काउन्सिलिंग कराना तथा राज्य के रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों एवं अल्परोजगार युवाओं को पोस्ट प्लेसमेन्ट स्पोर्ट प्रदान करना है जिसमें घरेलू एवं विदेशी प्लेसमेन्ट के जरिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हो। विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से युवाओं को प्रोफेशनल रूप से तैयार किया जायेगा तथा बाजार मांग के अनुरूप ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे। जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और यूएई में श्रमिकों की भारी मांग इस अभियान को और विस्तार देते हुए प्रदेश सरकार ने जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से भी नर्सों, केयर गिवर्स, ड्राइवरों और निर्माण श्रमिकों की मांग प्राप्त की है। इसमें लगभग 1.50 लाख रूपये तक का वेतन मिलेगा, साथ ही खाड़ी देशों से भी विभिन्न सेक्टर की रिक्तियों की प्राप्ति सम्भावित है। श्रम विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है ताकि उत्तर प्रदेश के कुशल श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सम्मानजनक और बेहतर वेतनमान वाली नौकरियां मिल सकें। यह पहल युवाओं को विदेश जाने का सुरक्षित और कानूनी विकल्प उपलब्ध कराकर अवैध माध्यमों पर भी रोक लगाने में सहायक है। 10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली रोजगार सृजन को लेकर प्रदेश सरकार की दूसरी बड़ी उपलब्धि रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना है। 1 अप्रैल 2017 से लेकर 30 अप्रैल 2025 तक सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित 10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली हैं। ये मेले राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं को मौके पर ही चयनित कर नौकरी दी। इससे न केवल युवाओं को अवसर मिले बल्कि कंपनियों को भी प्रशिक्षित और कुशल जनशक्ति उपलब्ध हुई। इस मिशन के तहत अब तक 5,978 श्रमिकों को इज़राइल में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं, 1,383 और निर्माण श्रमिकों को भेजने की प्रक्रिया तेज़ी से प्रगति पर है। इस प्रयास से राज्य में न केवल विदेशी मुद्रा का आगमन बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इजराइल भेजे गए श्रमिकों से प्रदेश को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का रेमिटेन्स प्राप्त हो सकता है, जो ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। योगी सरकार का मानना है कि केवल नौकरी उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत सेवायोजन विभाग की ओर से अबतक 24,493 करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 26,51,727 युवाओं को करियर मार्गदर्शन मिला। इन कार्यक्रमों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है, जहां जानकारी की कमी के कारण प्रतिभाएं पीछे छूट जाती थीं। सेवामित्र पोर्टल पर 52,349 श्रमिक पंजीकृत स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने ‘सेवामित्र योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत कुशल कामगारों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर अब तक 52,349 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। ये श्रमिक प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, एसी मैकेनिक, ब्यूटीशियन आदि सेवाओं के लिए लोगों को घर बैठे उपलब्ध हो रहे हैं। यह योजना एक ओर जहां श्रमिकों की आय सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि श्रम और प्रतिभा का निर्यात करने वाला राज्य बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहल राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।  

सलोनी हार्ट सेंटर हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट सलोनी हार्ट सेंटर में संचालित होगा, जो बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए समर्पित है। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग 10 करोड़ का सहयोग प्रदान किया। इस राशि से सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के हृदय रोगों के लिए उच्चस्तरीय उपचार सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व शुभारंभ किए गए इस सेंटर में अब तक 300 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। हार्ट सेंटर का पहला चरण पूर्णतः क्रियाशील है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन की संचालक दंपति मिली सेठ एवं हिमांशु सेठ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है। यह पहल 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रत्यक्ष सुफल है और बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने पूर्व में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है और अब बच्चों के हृदय रोगों के उपचार में भी ठोस प्रगति हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसबीआई फाउंडेशन का यह सहयोग सलोनी हार्ट सेंटर को और अधिक क्षमता सम्पन्न बनाएगा और आने वाले समय में बच्चों के जीवन की रक्षा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आर.के. धीमन ने मुख्यमंत्री को हार्ट सेंटर की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के अतिरिक्त सलोनी फाउंडेशन, एसबीआई और एसजीपीजीआई तथा स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी गणों की सहभागिता रही।  

रोजगार महाकुंभ लखनऊ: अगस्त के अंत में 50 हजार युवाओं के लिए मौका

लखनऊ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में 26 से 28 अगस्त तक रोजगार महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध मिलेगा। इसमें देश-विदेश की कंपनियां भाग लेंगी। इसके प्रचार- प्रसार के लिए सोमवार को श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विधान भवन के सामने से रोजगार रथ को रवाना किया, जो अलग- अलग जिलों में जाकर युवाओं को रोजगार महाकुंभ की जानकारी उपलब्ध कराएगा। रथ को रवाना करते हुए मंत्री ने बताया कि शासन की मंशा है कि हर युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से रोजगार महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें एक लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण अपेक्षित है। रोजगार महाकुंभ में पंद्रह हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय अवसर मिलेंगे, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी जैसे देशों में प्लेसमेंट शामिल हैं। वहीं 35 हजार से अधिक घरेलू नौकरियां आईटी, विनिर्माण, सेवा और उभरते उद्योगों में दी जाएंगी।   प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि रोजगार महाकुंभ में वैश्विक नियोक्ता, उद्योग जगत के नेता और नौकरी चाहने वाले एक मंच पर आएंगे। 10 हजार से अधिक आफर लेटर मौके पर ही जारी होंगे, जिनमें दो हजार से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के होंगे। एआई प्रशिक्षण मंडप और रोजगार एवं कौशल प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण होंगे। यहां डिजिटल स्किल्स और एआइ आधारित नौकरी की तैयारी पर फोकस रहेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्टॉल पर स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी मिलेगी और राज्य के स्टार्टअप अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे। द इकोनॉमिक टाइम्स के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भविष्य के रोजगार बाजार और कौशल रणनीतियों पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सेवायोजन विभाग ने हाल ही में 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा है। वहीं जर्मनी, जापान और इजराइल में नर्स व केयरगिवर की नई रिक्तियां आई हैं, जिनमें साढ़े एक लाख रुपये तक वेतन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन भी बनाया है। इस मौके पर विशेष सचिव नीलेश कुमार, निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश, पूजा यादव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।  

राज्य में IPS अफसरों का बड़ा फेरबदल, 6 अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश

पटना  विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है। अगस्त में दूसरी बार भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। एक साथ 6 आईपीएस अधिकारियों को नए पद का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा 26 बिहार पुलिस सेवा अफसरों को भी नई जिम्मेदारी मिली है। ट्रांसफर और नियुक्ति को लेकर 7 अगस्त गुरुवार गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत बैच 2022 की आईपीएस अधिकारी शैलजा को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 हिलसा नालंदा के पद पर भेजा गया है। इससे पहले वह सहायक पुलिस अधीक्षक, वैशाली पद पर कार्यरत थी। मोहिबुल्लाह अंसारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 नगर पटना को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 विधि व्यवस्था पटना के पद पर भेजा गया है। बता दें कि इससे पहले 2 अगस्त को भी बिहार सरकार ने 10 आईपीएस और एक बीपीएस अधिकारी का तबादला किया था।  कई जिलों के एसपी बदले गए थे।   इन आईपीएस अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी  संकेत कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक सारण को स्थानांतरित कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिक्रमगंज रोहतास पद की जिम्मेदारी सौंप गई है। गरिमा, सहायक पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरैया मुजफ्फरपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। साक्षी कुमारी सहायक पुलिस अधीक्षक, बेगूसराय को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बलिया बेगूसराय पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमल मीणा, सहायक पुलिस अधीक्षक दरभंगा को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मसौढ़ी पटना के पद पर भेजा गया है। 25 से अधिक BPS अफसर इधर से उधर  सुनीता कुमारी, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग को स्थानांतरित करके अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पुपरी सीतामढ़ी के पद की जिम्मेदारी सौंप गई है। सुमित कुमार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 हिलसा नालंदा को स्थानांतरित करके वरीय पुलिस उपाधीक्षक बिहार पुलिस अकादेमी राजगीर के पद पर भेजा गया है। राजेश कुमार पुलिस उपाधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को स्थानांतरित कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झाझा, जमुई के पद की जिम्मेदारी दी गई है। ज्योति शंकर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) नालंदा को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 सदर पूर्णियां के पद पर नियुक्त किया गया है। गोपाल कृष्ण को पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) जहानाबाद के पद पर भेजा गया है। नवल किशोर को पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) पटना की जिम्मेदारी मिली है। कुमार संजय को पुलिस उपाधीक्षक विधि व्यवस्था शाखा बिहार पुलिस मुख्यालय पटना के पद पर नियुक्त किया गया है। अतनु दत्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पुपरी सीतामढ़ी को स्थानांतरित कर पुलिस उपाधीक्षक यातायात बेतिया के पद पर नियुक्त किया गया है। शैलेश प्रीतम पुलिस उपाधीक्षक यातायात सिवान को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनमनखी पूर्णियां के पद पर नियुक्त किया गया है। सुशील कुमार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अररिया पद पर भेजा गया है। नरेंद्र कुमार पुलिस उपाधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुनील कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय शिवहर पद पर नियुक्त किया गया है।

31 सितंबर से 14 अगस्त तक राज्य में चलाया गया ऑपरेशन नया सवेरा

इस अभियान में 28 पुरुष और 22 महिला यानी 50 मानव तस्करों को किया गया गिरफ्तार पटना पूरे राज्य में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार, ऑर्केस्ट्रा या थियेटर ग्रुप समेत ऐसे अन्य स्थानों में फंसे 112 नाबालिग लड़के या लड़कियों को मुक्त कराया गया है। इसके लिए पूरे राज्य में 31 जुलाई से 14 अगस्त तक विशेष अभियान ऑपरेशन नया सवेरा चलाया गया। इस दौरान मुक्त कराए गए 112 पीड़ितों में 41 नाबालिग लड़कियों, 7 महिलाओं और 64 नाबालिग लड़कें शामिल हैं। इस दौरान 28 पुरुष और 22 महिला समेत 50 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एडीजी (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन ने दी। पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित इस प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस दौरान 24 एफआईआर दर्ज की गई है।        एडीजी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानव व्यापार निरोध दिवस (30 जुलाई) के अवसर पर यह विशेष अभियान शुरू करके मानव व्यापार, बाल श्रम, अनैतिक देह व्यापार और ऑर्केस्ट्रा या थियेटर से पीड़ितों को मुक्त कराया गया है। इनके पुनर्वास के लिए यह अभियान चलाया गया है। इसके तहत पटना जिले से 2, किशनगंज से 7, पूर्णिया से 3, रोहतास से 3, मधुबनी से 1 और अररिया से 3 समेत कुल 19 ऑर्केस्ट्रा या थियेटर ग्रुप तथा मानव व्यापार के मामले में सारण जिला से 29 और बेतिया से 1 यानी कुल 30 को मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही बाल श्रम मामले में पटना से 23, सीतामढ़ी से 21, वैशाली से 4, कटिहार से 3, बगहा से 1, मधुबनी से 3, नरकटियागंज रेलवे स्टेशन से 2 और सासाराम रेलवे स्टेशन से 6 यानी कुल 63 को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया गया है। मुक्त कराए गए पीड़ितों में नेपाल के 3, पश्चिम बंगाल के 13, उत्तरप्रदेश के 4, उड़ीसा एवं झारखंड के 1-1 पीड़ित शामिल हैं।         एडीजी अमित कुमार जैन ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक सभी जिलों में मानव व्यापार से संबंधित विभिन्न मामलों में छापेमारी की गई। इसमें पुलिस के स्तर से 329 एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें 217 नाबालिग लड़कियों, 77 महिलाओं और 722 नाबालिग लड़कों समेत कुल 1016 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराया गया है। इस दौरान 250 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 197 पुरुष और 53 महिलाएं शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामले दर्ज कराकर जेल भेजा गया है।  सारण को पहला और पटना को दूसरा स्थान मिला ऑपरेशन नया सवेरा के अंतर्गत बेहतरीन कार्य करने के लिए सारण जिला को पहला और पटना को दूसरा पुरस्कार मिला है। वर्ष 2021 में सीआईडी के कमजोर वर्ग में परामर्श प्रकोष्ठ की स्थापना की गई। तब से 17 अगस्त 2025 तक पारिवारिक विवाद से संबंधित 157 आवेदन इस प्रकोष्ठ को प्राप्त हुए हैं। इसमें 142 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। इनमें 56 मामलों में आपसी समझौते के जरिए पारिवारिक विवाद का निपटारा कराया गया है। ट्रांस वुमेन हेल्पडेस्क कमजोर वर्ग के स्तर से उभयलिंगी महिलाओं (ट्रांस वुमेन) के साथ होने वाले भेदभाव के समाधान के लिए हेल्पडेस्क बनाया गया है। इनके मामलों का निपटारा कर उनकी थाना स्तर तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए 855 थानों में पहले से स्थापित महिला हेल्पलाइन को ट्रांस वुमेन हेल्पडेस्क का कार्य करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके मामलों का निपटारा करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है।

हड़ताली सर्वे कर्मियों पर विभाग की सख्ती, 10,775 का लॉगिन ब्लॉक

अपर मुख्य सचिव द्वारा जिलों के अपर समाहर्ता राजस्व एवं बंदोबस्त अधिकारी के साथ वीसी कर की गई स्थिति की समीक्षा  हड़ताल पर रहने वालों पर बुधवार से शुरू होगी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई पटना  राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गये सर्वे कर्मियों पर कड़ा कदम उठाते हुए कुल 10,775 कर्मचारियों का लॉगिन ब्लॉक कर दिया है। इनमें 446 एएसओ, 656 कानूनगो, 8,759 अमीन और 914 लिपिक शामिल हैं। हड़ताली सभी कर्मियों को तत्काल संबद्ध अंचल कार्यालय में सभी सरकारी कागजात जमा करने का निर्देश दिया गया है। राजस्व मुख्यालय से सभी जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं बंदोबस्त अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उपरोक्त निर्देश दिये गये। सभी जिलों के अधिकारियों से हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों की अद्यतन सूची तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मंगलवार तक ई मेल के माध्यम से कारण पृच्छा सभी हड़ताली कर्मियों को हस्तगत करा देने की कार्रवाई पूर्ण कर लेने का भी आदेश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलों से सूची आने के बाद हड़ताल पर  न रहने वाले सर्वे कर्मियों का लॉगिन फिर से सक्रिय कर दिया जाएगा, जबकि हड़ताल पर डटे कर्मचारियों के खिलाफ सेवा-मुक्ति की कार्रवाई बुधवार से शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि राजस्व महा-अभियान जैसी जनहितकारी गतिविधियाँ प्रभावित न हों और रैयतों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।  राजस्व विभाग के अलावा  इस महा अभियान हेतु ग्रामीण विकास विभाग, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग तथा पंचायती राज विभाग के कर्मियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। साथ ही अपर मुख्य सचिव द्वारा पत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग तथा सामाजिक कल्याण विभाग से भी इस कार्य हेतु सहयोग मांगा गया है।  शिक्षा विभाग के टोला सेवकों और तालीमी मरकज से सहयोग मांगा गया है ताकि वे वितरण और आवेदन प्रक्रिया में मदद कर सकें। समाज कल्याण विभाग से आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहयोगियों को जमाबंदी पंजी प्रति के वितरण में स्थानीय परिवारों में बेहतर पहचान के कारण शामिल करने का अनुरोध किया गया है। संबंधित अधिकारियों से आंगनबाड़ी सेविकाओं को नियुक्त कर  जमाबंदी वितरण दल के साथ जोड़ने और समन्वय करने को कहा गया है।  बताते चलें कि राजस्व महा–अभियान की शुरुआत 16 अगस्त से हुई है और 20 सितंबर तक चलने है। इस दौरान घर घर में जमाबंदी पंजी की प्रति और आवेदन प्रपत्र पहुंचाया जाना है। इसी के साथ पंचायत स्तर पर दो शिविर लगाकर रैयतों का आवेदन जमा लेना है। सर्वेकर्मियों की हड़ताल को देखते हुए राजस्व विभाग ने अन्य विभागों के समरूप कर्मियों की सेवा लेने का निर्णय लेते हुए वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार कर ली है।

27.78 करोड़ कोसी बराज के रखरखाव और मरम्मत के लिए स्वीकृत: सम्राट चौधरी

* योजना से कोसी बराज की सुरक्षा और गेटों का सुचारु संचालन, किसानों, कृषि उत्पादन और जनसुरक्षा को लाभ मिलेगा। पटना, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कोसी बराज के 66 गेटों, होइस्टिंग अरेंजमेंट, ईओटी, मोनो क्रेन और संबंधित यांत्रिक उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत के लिए सरकार ने 27 करोड़ 78 लाख 54 हजार 336 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति अगले पांच वर्षों (2025 से 2030) तक गेटों और संबंधित संरचनाओं के संचालन, अनुरक्षण, रख-रखाव और मरम्मत के कार्यों के लिए दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभागीय बजट के अंतर्गत मरम्मत एवं अनुरक्षण मद में 4320.66 लाख रुपये का प्रावधान है। अब इस स्वीकृति के बाद 2778.54 लाख रुपये इस योजना पर खर्च किए जाएंगे। पहले खर्च का अनुमान 48.55 करोड़ रुपये था। लेकिन बाद में इसे घटाकर बजट के हिसाब से ठीक कर दिया गया है। इस योजना के तहत गेटों, प्लेटफॉर्म, पेंटिंग, होइस्टिंग सिस्टम और अन्य उपकरणों का रखरखाव और मरम्मत की जाएगी।  निविदा प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी, ताकि कार्य तय समयसीमा में पूरा हो सके। इस परियोजना के पूरा होने से कोसी बराज के गेटों का कुशल संचालन सुनिश्चित होगा और उनकी दीर्घकालिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यह कदम बिहार के किसानों और प्रदेश के सिंचाई तंत्र के लिए बेहद अहम है। इससे आने वाले वर्षों में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और जनसुरक्षा को भी लाभ पहुंचेगा। श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लगातार किसानों के हित के लिए काम कर रही है। 2005 की तुलना में बिहार में सिंचाई के लिए मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। इसी कड़ी में कोसी बराज के 66 गेटों, होइस्टिंग अरेंजमेंट, ईओटी, मोनो क्रेन और संबंधित यांत्रिक उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत के लिए सरकार ने 27.78 करोड़ रुपये (2778.54 लाख) की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

UP में माफिया पर कड़ी टिपण्णी, अखिलेश यादव ने कहा बन गया है महामाफिया

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल में जबरन वसूली गिरोह संचालित करने के आरोप में कानपुर में एक वकील गिरफ्तारी का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। यादव ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में भाजपाई भ्रष्टाचार का त्रिकोण- फर्जी ‘एनकाउंटर' वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार, काली कमाई वाले भाजपा संरक्षित भ्रष्ट अधिकारी, दोनों की करतूतों को छिपाने वाला भ्रष्ट भाजपाई वकील।''  'हजारों करोड़ कमाने वाले भ्रष्टाचारी को न ड्रोन देख पाया…' अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘हजारों करोड़ कमाने वाले भ्रष्टाचारी को न ड्रोन देख पाया, न दूरबीन में वो नजर आया, मामला भी तब खुला जब आपस में ही रंगदारी का धंधा सामने आया। अब देखते हैं कि इस भाजपाई भू-माफिया के अवैध कब्जों पर बुलडोजर अपने आप चलता है या हमारी इस पोस्ट के प्रकाशित होने के बाद या फिर कोई सबसे बड़ा रंगदार, इन सबसे वसूलकर मामला रफा-दफा कर देगा।'' सपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश ‘माफिया मुक्त' होने का दावा करने वाले अब कहां हैं? सच तो ये है कि उत्तर प्रदेश ‘माफिया मुक्त' नहीं हुआ है, बल्कि माफिया किसी एक में समाकर ‘महामाफिया' बन गया है।'' सपा प्रमुख की यह टिप्पणी इस महीने की शुरुआत में कानपुर में वकील अखिलेश दुबे और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में आई है। दुबे पर भाजपा नेता रवि सतीजा सहित कई नामी-गिरामी लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए दुष्कर्म के झूठे मामले दर्ज कराकर जबरन वसूली का गिरोह संचालित का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दुबे और उसकी सहयोगी लवी मिश्रा को जबरन वसूली गिरोह और भू-माफिया गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एक महीने तक चले ‘ऑपरेशन महाकाल' के बाद छह अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि दुबे ने पिछले कुछ वर्षों में कई लोगों को ब्लैकमेल किया है और निजी फायदे के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया है।