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एक अंगदान, तीन शहर – सिवनी, भोपाल और गुजरात के बीच ज़िंदगी की जीत

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड मरीज के अंगदान ने कई लोगों को नया जीवन देने का प्रयास किया है। महत्वपूर्ण है कि घंसौर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 34 साल के युवक सत्येंद्र यादव को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां बुधवार रात डॉक्टर ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। ग्रीन कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया गुरुवार सुबह शुरू हो चुकी थी। हालांकि दो बार समय में संशोधन के बाद सबसे पहले ह्दय ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोपहर बाद 3:40 पर डुमना विमानतल के लिए रवाना हुआ, जहां से एयर एंबुलेंस की मदद से अहमदाबाद स्थित सिम्स अस्पताल भेजा गया।   दूसरा कॉरिडोर शाम 4:18 बजे लिवर डुमना विमानतल के लिए बनाया गया। लीवर लेकर सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भोपाल के लिए एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी। मरीज के अंगों को सुरक्षित निकालने के बाद उन्हें राजधानी भोपाल और अहमदाबाद भेजने की प्रक्रिया सुबह से मेडिकल कॉलेज परिसर में जारी थी। एक व्यक्ति के अंगों से तीन लोगों को मिलेगी जिंदगी मरीज सत्येंद्र यादव का ब्रेनडेड हो गया था, मेडिकल डॉक्टरों ने मरीज के स्वजन से बात की और अंगदान के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद मरीज के स्वजन तैयार हुए और अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। अंगदान करने वाले सत्येंद्र का ह्दय, लीवर और किडनी दान किया गया है। मरीज का दिल गुजरात के अहमदाबाद में एक जरूरतमंद मरीज के लिए भेजा जा गया है। लीवर को भोपाल भेज रहे हैं, जहां के एक मरीज को यह नया जीवन देगा। एक किडनी जबलपुर में ही किसी जरूरतमंद मरीज को ट्रांसप्लांट की जाएगी, जबकि दूसरी किडनी को भी सुरक्षित रखा गया है। ग्रीन कॉरिडोर से कम समय में पहुंचे अंग अंगों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के सहयोग से मेडिकल अस्पताल से लेकर डुमना एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस कॉरिडोर के जरिए एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के एयरपोर्ट तक पहुंचाने विशेष इंतजाम किए गए थे। ताकि अंगों को तुरंत एयर एंबुलेंस से भेजा जा सके। ग्रीन कारिडोर को कैसे समझें दोपहर बाद दो ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और मेडिकल से एंबुलेंस के माध्यम से लिवर व ह्दय डुमना के लिए रवाना हुए, जिसके लिए एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज से निकलकर बरगी हिल्स रामपुर का रूट होते हुए सीएमएम, सिविल लाइन से डुमना पहुंची। ट्रैफिक को देखते हुए शहर के अंदर के रूट को छोड़कर बाहर से रूट तैयार किया गया था। मैं मरीज के स्वजन को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिनकी सहमति से हम दो मरीजों को जीवन दान देने के प्रयास में सहयोगी बन सके। किडनी को अभी सुपर स्पेशियलिटी में सुरक्षित रखा गया है, जो कि जरूरतमंद को लगाई जा सकेगी- डॉक्टर नवनीत सक्सेना, डीन एनएससीबी मेडिकल कालेज जबलपुर।

नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बन रहे तीन हजार पीएम आवास

 दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में पूर्ण हुआ सोडी हुंगी और दशरी बाई का मकान विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में शुरू हुआ था काम छत्तीसगढ़ सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने विशेष परियोजना के तहत मंजूर किए हैं 15 हजार आवास छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की नीति पर कर रही है कार्य: सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर देने के लिए संकल्पित : मुख्यमंत्री साय रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के हर परिवार को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार लगातार पहल कर रही है। राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष परियोजना के तहत करीब तीन हजार आवास बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए विशेष परियोजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। विशेष परियोजना के तहत राज्य में अब तक पात्र पाए गए पांच हजार परिवारों में से तीन हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2111 परिवारों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त और 128 परिवारों को दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सुदूर वनांचलों में रहने वाले इन परिवारों के आवास तेजी से बन रहे हैं। नक्सल हिंसा से प्रभावित सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत पीएम आवास दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में ही बनकर तैयार हो गया है। इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में इनके आवासों का निर्माण प्रारंभ हुआ था।   बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों में खुशियों ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत उनके पक्के आवास तेजी से आकार ले रहे हैं। दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद इन परिवारों के हौसले और शासन-प्रशासन की मदद से उनके सपनों के आशियाने मूर्त रूप ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में यह विशेष परियोजना न केवल एक ठोस कदम है, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है। दुर्गम क्षेत्र और विपरीत हालातों के बीच भी तीन महीने में निर्माण पूरा कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के उलिया ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी। पीएम आवास योजना में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में उसका आवास स्वीकृत किया गया था। मई में उसके आवास का निर्माण शुरू हुआ था। अब मात्र तीन महीनों की अल्प अवधि में ही उसके आवास का निर्माण पूर्ण हो गया है। दसरी बाई के हौसले के कारण कठिन परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम समय में आवास तैयार हुआ और उसके परिवार को पक्का मकान मिला। श्रीमती दसरी बाई बताती हैं कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण आवास के निर्माण में कई व्यावहारिक दिक्कतें आईं। विकासखंड मुख्यालय से बहुत दूर होने के कारण चारपहिया वाहनों के लिए कोई मार्ग नहीं है। इस कारण से निर्माण सामग्री लाने में बहुत कठिनाइयां आईं। बारिश होने पर दोपहिया वाहन से भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते राजमिस्त्री और श्रमिक समय पर पहुंचने से मना कर देते थे। अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्रियों को लाना सामान्य क्षेत्र के मुकाबले महंगा पड़ता था। श्रीमती दसरी बाई कहती हैं कि आवास का काम तेजी से पूरा करने में कांकेर जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। निर्माण सामग्रियां पहुंचाने तथा राजमिस्त्रियों और श्रमिकों की व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं आवास टोली ने बहुत सहायता की। वह कहती हैं कि नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। शासन-प्रशासन के लगातार सहयोग से बहुत कम समय में उसका पक्का आवास बन गया है। बरसों टपकती छत वाले कच्चे मकान में रहने वाली सोडी हुंगी अब परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में सुकमा जिले के गादीरास ग्राम पंचायत के आश्रित गांव ओईरास की श्रीमती सोडी हुंगी ने भी अपना पक्का आवास तीन महीने में बना लिया है। वर्ष 2005 में उसके पति मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी थी। उसका परिवार गरीबी में वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में विशेष परियोजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर सोडी हुंगी को चरणबद्ध रूप से तीन किस्तों में कुल एक लाख 35 हजार रुपए मिले। ग्राम पंचायत के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर निगरानी के चलते इस साल जुलाई में उसके आवास का निर्माण पूरा हुआ। अब वह परिवार के साथ अपने पक्के नए घर में रहती है। विशेष परियोजना में सुकमा में सर्वाधिक 984 परिवारों को आवास स्वीकृत, बीजापुर के 761 और नारायणपुर के 376 परिवार शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत अब तक करीब तीन हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 984 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले में ऐसे 761 परिवारों, नारायणपुर में 376, दंतेवाड़ा में 251, बस्तर में 214, कोंडागांव में 166, कांकेर में 146, गरियाबंद में 27, बलरामपुर-रामानुजगंज में 25 और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी में 23 परिवारों के आवास मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की रणनीति पर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विशेष परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर 15 हजार आवास स्वीकृत कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण … Read more

लाड़ली बहनों को राखी पर सौगात: सीएम ने बांधी राखी, दिए 250 रुपए शगुन, 1859 करोड़ हुए ट्रांसफर

नरसिंहगढ़ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाईदूज से हर महीने 1500 रुपए बहनों के खाते में आने शुरू हो जाएंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से राखी बंधवाने राजगढ़ के नरसिंहगढ़ पहुंचे। उन्होंने फूलों का तारों का सबका कहना है…गाने के बीच बहनों पर फूलों की बरसात की। बहनों ने मंच पर ही सीएम को राखी बांधी। सत्ता से टकराने की हिम्मत बहनों से आती है इस मौके पर डॉ. मोहन यादव ने कहा- भाई-बहन के रिश्ते से ज्यादा पवित्र रिश्ता कोई दूसरा नहीं होता। रक्षाबंधन पर अगर बहन-बेटियां घर आ जाएं, तो लगता है जैसे दिवाली आ गई। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मेरी प्रदेश में साढ़े 4 करोड़ बहने हैं। वे जब राखी बांधती हैं, तो आनंद आ जाता है। उन्होंने कहा कि हजारों साल से बड़ी से बड़ी सत्ता से टकराने की हिम्मत अगर कहीं से आती है तो वो बहनों की राखी और आशीर्वाद से ही आती है। बहनें भी बड़े से बड़े संकट में सबसे पहले भाई को ही याद करती हैं और भाई भी दौड़े चले आते हैं। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम सीएम ने कहा कि इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम रहने वाला है। मोदी सरकार आई तबसे आतंकी घटनाएं बंद हो गई थीं। लेकिन, आतंकियों ने गलती से हमारी बहनों के सुहाग को उजाड़ा तो हमारी सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं सीएम ने कहा- पत्नी तो हमारा ध्यान रखती है, लेकिन बेटी के बराबर सुख पिता को कोई नहीं दे सकता है। पिता की चिंता जितना बेटी करती है, कोई नहीं कर सकता है। हमारी बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं। जिस घर में कन्या नहीं हो, वह घर अधूरा रहता है। जिस घर में भाई-बहन हो वह घर स्वर्ग के समान हो जाता है। आज चारों ओर का माहौल अलग दौर से गुजर रहा है, तब रिश्तों का महत्व और बढ़ जाता है। अंग्रेजी में छोटे-छोटे शब्द हैं, अंकल-आंटी में सब कुछ निपट जाते हैं। रेशम के ये दो प्रेम के धागे भाई को हिम्मत और ताकत देते हैं। ये दुनिया की सारी ताकतों से बढ़कर है। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं भगवान कृष्ण और द्रौपदी का किस्सा सुनाया सीएम ने कहा- लोग कहते हैं रक्षाबंधन की प्राचीन परंपरा कहां से आई। इसमें एक कहानी बहुत महत्व की है। जब भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को शिशुपाल की 100 गलती माफ करने का वचन दे दिया। उन्होंने कहा था इसके बाद भूल जाऊंगा कि ये मेरा भांजा है। शिशुपाल ने 100 से ज्यादा गलती की, भगवान के सुदर्शन चक्र ने उसका सिर अलग कर दिया। भगवान की उंगली में सुदर्शन चक्र से चोट आ गई। उंगली से खून निकलता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और भगवान की उंगली पर बांध दिया। उन्होंने उसी पल्लू से भगवान को राखी भी बांधी। भगवान ने द्रौपदी पर जब भी कष्ट आया, रक्षा की। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं सीएम ने कहा- सड़क से गुजरता हूं तो बहनें रोकती हैं, लोग सोचते हैं कोई समस्या लेकर आई होगी, उन्हें नहीं पता कि वो तो आरती की थाली लेकर आई हैं। अभी हम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गुना गए। वहां कई बहनों के घर डूबे हुए थे। उनके घर का राशन खराब हो चुका है। भारी परेशानी थी। यह सोचकर गया था कि ऐसी-वैसी बात भी सुननी पड़ेगी, लेकिन बहन-भाई का संबंध वाकई अद्भुत है। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं। वे अपने सारे कष्ट भूल गईं। सरकार के माध्यम से उनके कष्ट भी दूर करेंगे। परसों राखी है, जब आप अपने भाई को राखीं बांधना और गठान लगाना तो मानना की आप मेरी कलाई में भी राखी बांध रही हैं।

खंडवा हादसा: काम के दौरान पोकलेन मशीन ने छीनी जान, हेल्पर की दर्दनाक मौत

खंडवा मूंदी थाने की बीड़ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगाजी थर्मल प्लांट के फेस 1 राखड़ बांध पर बुधवार रात वीभत्स हादसा हो गया, जहां डंपर पर काम करने वाला एक हेल्पर लखन उर्फ भूपेंद्र पुत्र राधेश्याम रात के अंधेरे में पोकलेन की चपेट में आ गया। इससे उसका हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। सिर कटी लाश देख प्लांट में अफरा-तफरा मच गई। हेल्पर के हाथ और गर्दन को ढूंढने के लिए डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिसके बाद एक डंपर को खाली करने पर हेल्पर का हाथ और गर्दन मिली। वीभत्स हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल हो गया। स्वजन और ग्रामीणों गुरुवार सुबह आठ बजे पावर प्लांट के गेट पर पहुंचे और यहां मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे तक छह घंटे चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और प्लांट की अवयस्थाओं पर सवाल उठाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगें रखीं। दोपहर करीब दो बजे स्वजन और कंपनी के बीच आपसी समझौता हुआ, जिसमें पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये नगद सहित कुल 22 लाख रुपये देने की बात कही गई। मूंदी तहसीलदार वंदना चौहान के सामने इस बात की लिखा-पढ़ी की गई, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। वहीं घटना के बाद से डंपर और पोकलेन का चालक दोनों फरार है। ये था पूरा मामला पोकलेन के पंजे का प्रहार ऐसा था कि इसकी चपेट में आए हेल्पर का एक हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद सर एवं हाथ सहित कटी हुआ शव पुलिस की टीम ने बरामद किया। मूंदी पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर की। सिर की तलाश कर शव को मूंदी अस्पताल लाया गया। बाद में वहां से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वीभत्स हादसे और थर्मल पावर प्लांट में अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जता कर गोराड़िया सहित आसपास के ग्रामीण एकत्र होकर प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों ने की मांगें प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक राजनारायण सिंह, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र चौहान, उत्तम पाल सिंह पूरनी, गोराड़िया सरपंच मुकेश सांवनेर, ग्राम जलकुंआ के सरपंच जगपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।प्लांट की अव्यवस्थाओं पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्लांट में मशीनों पर काम करने वालों से 12-12 घंटे ही काम करवाया जाए। ओवरलोडिंग वाहन बंद किए जाए। इस संबंध में मुख्य अभियंता एसके मालवीय ने निर्देश दिए हैं कि ओवरलोड वाहन न भरे जाए।वहीं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राखड़ बांध के यहां अंधेरा रहता है, यहां हाईमास्ट भी लगवाएं जाए। ओवरलोडिंग नहीं होगी घटना के बाद हमने आदेश निकाल दिया है कि वाहनों में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी, तय मात्रा में ही वाहन भरे जाएंगे- शशीकांत मालवीय, मुख्य अभियंता, सिंगाजी थर्मल पावर।

बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री को करघा भेंटकर किया अभिनंदन   रायपुर, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है। इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा। इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश देवांगन, पुरुषोत्तम देवांगन,  धनेश देवांगन, गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।  

युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी से देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हैं प्रदेशवासी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी की भावना प्रदेश में हो रही साकार युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में करेंगे वस्त्रोद्योग पर केन्द्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन एक लाख से अधिक युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर ब्रह्मा-भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेलवे हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग में बनेंगे वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो के कोच लगातार चौथे वर्ष होगा हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन राज्य सरकार भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिन सिटी के विकास की ओर हो रही अग्रसर स्वतंत्रता दिवस पर होगा नवाचार : जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जिले की विकास गतिविधियों का होगा प्रस्तुतिकरण 14 अगस्त बलराम जयंती और 16 अगस्त जन्माष्टमी पर होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम गोकुल-वृदांवन के समान होगा भगवान श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े उज्जैन, जानापाव, अमझेरा और नारायणा का महत्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वदेशी की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए देश को अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है। सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी की इस प्रतिबद्धता के साथ हैं। इसी क्रम में स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए 10 अगस्त को भोपाल के पास रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में ब्रह्मा (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन और शिलान्यास केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में किया जा रहा है। केन्द्रीय कृषि एवं पंचायतराज मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। प्रदेश में पहली बार रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। लगभग 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली परियोजना से 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की रेलवे कोच निर्माण सुविधा स्थापित हो रही है, जो मध्यप्रदेश को देश के रेलवे विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रायसेन जिले के तहसील गौहरगंज के ग्राम उमरिया में 60.0630 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिनसे आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। तिरंगा अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र भक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना से जोड़ना है। साथ ही आम जनमानस में भी राष्ट्र ध्वज के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो। राज्य सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान-2025 में स्वच्छता और स्वदेशी अभियान को भी शामिल किया है। अभियान के अंतर्गत 2 से 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे और 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। तिरंगा संगीत और प्रदर्शनियों का आयोजन भी होगा। इस अभियान में सभी वर्गों को शामिल करते हुए 1 करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वदेशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की दो भावी मेट्रोपोलिटन सिटी भोपाल और इंदौर के विकास की और राज्य सरकार अग्रसर हो रही है। भोपाल के पास बनने वाली रेल कोच इकाई और धार के पास वस्त्र उद्योग पर केन्द्रित विकसित पीएम मित्र पार्क की सौगात से इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क मध्य प्रदेश की समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2000 करोड़ रूपए की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार का पीएम मित्र पार्क एक ओर जहां स्वदेशी के भाव को मजबूती देगा, वहीं धार, झाबुआ, रतलाम और निमांड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को कॉटन का उचित दाम मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। प्रदेश में औद्योगिकरण का वातावरण बना है और देश-विदेश से निवेशक उद्योग लगाने के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का गिफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। सावन के पवित्र माह में लाड़ली बहनों को 250 रुपए का शगुन भेजा रहा है। कुल मिलाकर अगस्त में 1500 रुपए की राशि लाड़ली बहनों को भेजी। हमारी मंशा है कि बहनें रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे उल्लास और आनंद से मनाएं। दीपावली के बाद लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए भेजे जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार एक के बाद एक विकास की सौगातें देती जाएगी। 15 अगस्त के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में स्क्रीन पर होगा लाइव टेलीकास्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके अंतर्गत राजधानी भोपाल में होने … Read more

भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

रेल कोच इकाई भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को गति देगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में रेल कोच फैक्ट्री से मेट्रोपोलिटन विकास को मिलेगी रफ्तार : सीएम डॉ. यादव भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान सीएम डॉ. यादव बोले– रेल कोच यूनिट बनेगी भोपाल मेट्रोपोलिटन ग्रोथ का इंजन 10 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेल कोच निर्माण सुविधा के लिए औबेदुल्लागंज में 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन में हई बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीयजन शामिल होंगे। अत: उनके आवागमन और बैठक की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों के स्वाल्पाहार, भोजन, पेयजल आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि परियोजना का भूमिपूजन 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3थी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्सय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

झुलसाती गर्मी के बीच राहत की उम्मीद: वीकेंड पर दिल्ली में हो सकती है बूंदाबांदी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हल्की बूंदाबांदी के बीच तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन गर्मी इससे ज्यादा महसूस की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। दरअसल, राजधानी दिल्ली की बेस वेधशाला सफदरजंग में लगातार तीसरे दिन बारिश दर्ज नहीं हुई है। राजधानी के ज्यादातर स्टेशनों पर पिछले 24 घंटों में शून्य वर्षा रही। केवल नजफगढ़, आया नगर और नरेला में हल्की बौछारें पड़ीं, जो मात्र 1 मिमी या उससे कम रही। इसी तरह के हालात पूरे हफ्ते बने रहने की संभावना है। हालांकि, सप्ताहांत के आसपास कहीं-कहीं मध्यम बारिश की एक-दो बार बौछारें संभव हैं। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि मानसून ट्रफ फिलहाल बारिश की मुख्य वजह है, लेकिन ब्रेक-इन-मानसून की मौजूदा स्थिति में यह ट्रफ दिल्ली के उत्तर में खिसक गई है, जिससे यहां अच्छी बारिश की संभावना कम हो गई है। ऐसी स्थिति में बारिश पहाड़ी इलाकों तक सीमित हो जाती है, जैसे कि बीते दो दिनों से उत्तराखंड में खराब मौसम और तेज बारिश हो रही है। ब्रेक मानसून को खत्म करने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनना जरूरी है। ऐसे सिस्टम बनने पर ही दिल्ली और आसपास सामान्य मानसून गतिविधि लौटती है। 11-12 अगस्त 2025 को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर पूर्वी हिस्सों से अंदरूनी इलाकों में प्रवेश करेगा। इस सिस्टम की आगे की गति से हवाओं का पैटर्न बदलेगा और मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर खिसकेगी। इससे देशभर में ब्रेक मानसून की स्थिति खत्म होगी और दिल्ली-एनसीआर में भी सामान्य बारिश फिर से शुरू हो जाएगी। अगले हफ्ते के मध्य से बारिश तेज होने की संभावना है। तब तक सप्ताह भर में एक या दो बार हल्की बारिश होगी। हालांकि, मानसून ट्रफ के उतार-चढ़ाव के कारण शुक्रवार से सोमवार (8से 10 अगस्त) के बीच एक-दो बार मध्यम बारिश हो सकती है।

बाबा बनना छोड़ो, नेता बनो – इंदौर की पार्षद रूबीना ने धीरेंद्र शास्त्री को दी खुली चुनौती

इंदौर   अपने बेबाक बयानों से चर्चा में रहने वाले बागेश्वर धाम प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री को इंदौर कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने अनोखी सलाह दी है. रुबीना ने कहा है कि बाबा बागेश्वर को अपने सारे काम छोड़कर चुनाव लड़ना चाहिए. इंदौर की कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने बाबा बागेश्वर और साध्वी प्रज्ञा सिंह के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों गलत बयानबाजी कर रहे हैं. इसमें हम लोगों को न घसीटें : रुबीना रुबीना ने कहा, '' ये लोग कह रहे हैं कि हरे रंग के नीचे आतंकवाद पनपता है, इसलिए हिंदू लड़कियों को दुर्गा और काली बनना चाहिए लेकिन बुर्के वाली नहीं बनना चाहिए. आप बनने दीजिए लड़कियों को दुर्गा और काली, अच्छी बात है. पर हम लोगों को इसमें क्यों घसीट रहे हैं.'' रुबीना इकबाल खान का कहना था कि बेटियों को अच्छी शिक्षा दी जाना चाहिए लेकिन उन लोगों को नहीं घसीटना चाहिए. साधु-संत राजनीति न करें : रुबीना इस विषय पर रुबीना ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी हस्तक्षेप करने की मांग की. उन्होंने कहा, '' जब अल्पसंख्यक वर्ग उन्हें एकतरफा मतदान करता है तो उन्हें अल्पसंख्यक वर्ग के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए.'' इस दौरान उन्होंने कहा कि साधु संतों और साध्वियों को राजनीति नहीं और अगर करनी है, तो सब छोड़कर सिर्फ राजनीति करना चाहिए. 'धीरेंद्र शास्त्री राजनीति में उतरें' उन्होंने विशेष तौर पर बागेश्वरधाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जिक्र करते हुए कहा, '' धीरेंद्र शास्त्री तो साधु से ज्यादा राजनेता बन गए हैं. सिर्फ राजनीति पर ही बयान देना है तो फिर सब छोड़कर राजनीति में ही जाओ और चुनाव लड़ो. दरअसल, इंदौर की पार्षद रुबीना की ये प्रतिक्रिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एक विवादित बयान पर सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदू लड़कियों को दुर्गा और काली बनना चाहिए लेकिन बुर्के वाली नहीं बनना चाहिए.

सपा पर बरसे CM योगी: ‘हमारी सरकार ने कर दिखाया जो कभी मुमकिन नहीं था’

मुरादाबाद  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते बुधवार मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र के पीपली गांव पहुंचे। जहां उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में शिक्षा का मतलब सिर्फ नकल करवाना रह गया था, लेकिन अब राज्य में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल चुका है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार (केंद्र और राज्य सरकार) ने शिक्षा में सुधार किया है। अब यूपी के नौजवान IAS बन रहे हैं, सेना में जा रहे हैं और स्टार्टअप चला रहे हैं। ये बदलाव अटल स्कूल जैसे संस्थानों से और तेज होगा। ‘ग से गणेश’ बनाम ‘ग से गधा’ सीएम योगी ने कहा कि पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में बच्चों को ‘ग से गधा’ पढ़ाया जाता था, लेकिन हमारी सरकार में अब बच्चों को ‘ग से गणेश’ सिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि हमारी और उनकी सोच में जमीन-आसमान का फर्क है। गरीब बच्चों को मिलेगा बेहतर मंच अटल आवासीय विद्यालय की खासियत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल गरीब, वंचित और श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए बनाया गया है, जो अब तक अच्छी शिक्षा से दूर रहे हैं। इस स्कूल में बच्चों को मुफ्त में रहने की सुविधा (हॉस्टल), भोजन, किताबें और यूनिफॉर्म, डिजिटल क्लास, लाइब्रेरी और खेल के मैदान जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यह विद्यालय सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा विचार है जो भारत के गरीब बच्चों को आगे बढ़ाने का सपना लेकर बना है। 1172 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके पर मुरादाबाद को 1172 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यह ‘नया मुरादाबाद’ है, जो अब विकास की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि मुरादाबाद आज 1115 करोड़ रुपए के सामान का आयात करता है और 11 हजार से 15 हजार करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात करता है।   2017 से पहले मुरादाबाद का दम घुट रहा था: योगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग दम तोड़ रहा था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद के पहले हस्तशिल्प कलाकार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सम्मानित किया गया। अब योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद को मिल रहा है। अब पुलिस भर्ती में कोई घोटाला नहीं: सीएम योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पुलिस भर्ती में पारदर्शिता नहीं थी, पैसे लेकर नौकरियां दी जाती थीं। लेकिन अब 5300 युवा पुलिस की ट्रेनिंग ले रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी है। अब कोई भी व्यक्ति भर्ती या ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत नहीं ले सकता। कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा – लोगों ने तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण को चुना सीएम योगी ने मुरादाबाद के कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने तुष्टिकरण की राजनीति को नकार दिया और संतुष्टिकरण को चुना। यानी अब लोगों को समान रूप से योजनाओं का लाभ मिल रहा है, न कि किसी एक वर्ग को खुश करने के लिए बाकी को नजरअंदाज किया जा रहा है।