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अब 100 यूनिट तक ही आधा बिल: सरकार ने योजना में की कटौती

रायपुर छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना को हाफ से भी हाफ कर दिया गया है. योजना का लाभ अब सिर्फ 100 यूनिट तक की खपत पर ही मिलेगा. राज्य सरकार की ओर एक व्यापक दिशा-निर्देश योजना को लेकर जारी कर दिया गया. दरअसल राज्य में हाफ बिजली योजना राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में दी जानी वाली एक बड़ी राहत है. इस योजना के तहत अभी तक 400 यूनिट तक खपत में कुल बिल आधा देना पड़ता था. लेकिन योजना में सरकार की ओर से एक संशोधन कर दिया गया. संशोधन के बाद अब उपभोक्ताओं को हाफ बिजली बिल योजना का लाभ 100 यूनिट तक की खपत पर ही मिलेगा. इससे अधिक पर नहीं. ऊर्जा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब तक इस योजना के अंतर्गत 400 यूनिट तक की मासिक खपत पर बिजली बिल की कुल देय राशि (एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज और वैरिएबल कॉस्ट एडजस्टमेंट) में 50% की रियायत दी जाती थी. नए आदेश में इसे संशोधित कर 100 यूनिट तक सीमित कर दिया गया है. नए नियमों के तहत अब योजना का लाभ केवल उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी मासिक खपत अधिकतम 100 यूनिट है. इस तरह से किसी माह उपभोक्ता की खपत 100 यूनिट से अधिक होती है, तो उस माह योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके लिए भी उपभोक्ता के बिजली बिल 6 माह से अधिक बकाया नहीं होने चाहिए. वहीं पहले की तरह एकल बत्ती योजना के पात्र उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 30 से 100 यूनिट तक की खपत पर 50% छूट जारी रहेगी. सौर ऊर्जा को भी प्रोत्साहन इस योजना को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से भी जोड़ा गया है. केंद्र सरकार 1kW, 2kW, और 3kW या उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर क्रमशः 30,000, 60,000 और अधिकतम 78,000 रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है. राज्य सरकार अतिरिक्त रूप से 1kW के लिए 15,000 रुपए और 2kW या उससे अधिक के लिए अधिकतम 30,000 रुपए की सब्सिडी देगी. यह संशोधन घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा की बचत और सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ता “हाफ बिजली” से “मुफ्त बिजली” की ओर अग्रसर हों. ऊर्जा विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्व में गठित समिति यथावत कार्यरत रहेगी, तथा अनुदान एवं अन्य वित्तीय प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे.

MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नया जीवन! इन शहरों में सबसे पहले चलेंगी सरकारी बसें

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा शुरू करने के लिए सरकार ने कदम बढ़ा दिए। प्रदेश के अंदर और दूसरे राज्यों तक सरकारी बसों को दौड़ाने के लिए सरकार ने कंपनियों के गठन का अहम चरण पूरा कर लिया। मप्र यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड नाम से राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी बनाई है। इसकी 7 सहायक कंपनियों का भी पुनर्गठन किया। ये वे कंपनियां हैं, जो अभी भोपाल, इंदौर, उज्जैन (Ujjain), जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में सिटी बस कंपनी के तौर पर काम कर रही है। इनके शेयर होल्डिंग में बदलाव किया गया है। सबसे पहले इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरू होगी सरकारी लोक परिवहन सेवा सरकारी लोक परिवहन सेवा सबसे पहले इंदौर (Indore)-उज्जैन संभाग में शुरू होगी। यहां रूट के निर्धारण व ट्रैफिक दबाव संबंधी सर्वे लगभग अंतिम दौर (Survey Complete) में है। वहीं, जबलपुर-सागर संभाग में भी सर्वे शुरू हो गया है। अगले चरण में भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग में मार्ग निर्धारण सर्वे होंगे। बता दें, अप्रेल में सीएम ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को मंजूरी दी थी। सीएम अध्यक्ष, परिवहन मंत्री और सीएस उपाध्यक्ष प्रदेशस्तरीय होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव होेंगे। कंपनियों में आइएएस स्तर के अफसर सीईओ होंगे। ये कंपनियां परिवहन विभाग के अधीन होंगी। हर जिले में दफ्तर होंगे। मॉडर्न बस स्टैंड, क्विक रिस्पांस पोर्टल, कैशलैस किराया सिस्टम होगा।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज ने जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल, मूंग खरीदी केंद्र पर मारी अचानक दस्तक

रायसेन  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान  दिन अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन पहुंचे। उन्होंने जिले के सिलवानी तहसील में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से फसलों, मकानों आदि को हुई क्षति का जायजा लिया। साथ ही पीड़ितों से मिलकर उनका दुख-दर्द साझा किया। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बाढ़ प्रभावितों से कहा कि यह दुख, तकलीफ की घड़ी है। माताएं-बहनें, किसान आंखों में आंसू मत लाना, मुसीबत की इस घड़ी से सरकार बाहर निकालेगी। केन्द्र और प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावितों के साथ है उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि वह किसान हैं और किसानों के दर्द को भली-भांति जानते हैं। किसानों की सेवा भगवान की पूजा चौहान ने कहा कि किसानों की सेवा उनके लिए भगवान की पूजा है। बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कर आंकलन किया जाएगा और सर्वे पूरा होने पर सूची पंचायत में लगाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य ईमानदारी से किया जाए। साथ ही राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्षेत्र में खाद की शिकायत प्राप्त होने पर अकेले सिलवानी के लिए 600 मीट्रिक टन खाद का आवंटन कराया है। इससे जरूरत हो वहां किसानों को सरलता से खाद मिले। साथ ही पूरे रायसेन जिले के लिए 2500 मीट्रिक टन खाद का आवंटन कराया गया है। जिले में कहीं भी नकली खाद बेची जाती है तो दोषियों को जेल भेजा जाएगा। मूंग खरीदी में किसानों को ना हो परेशानी शिवराज सिंह ने कहा कि भारत सरकार समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी की जा रही है। उपार्जन केन्द्रों पर केवल किसानों की मूंग ही खरीदी जाए। कुछ जगह सर्वेयर की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। मूंग उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप कराया जाए। इस दौरान पूर्व केबीनेट मंत्री रामपाल सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि, राकेश शर्मा और अधिकारी भी उपस्थित रहे। बम्होरी में मूंग उपार्जन केन्द्र का किया निरीक्षण केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बम्होरी में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मूंग विक्रय हेतु आए किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं तथा उपार्जन कार्य की जानकारी ली। केन्द्रीय मंत्री ने केन्द्र प्रभारी और अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि मूंग उपार्जन कार्य पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से हो। किसानों को मूंग विक्रय के लिए अधिक इंतजार ना करना पड़े। मूंग उपार्जन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सांसद बना लुटेरों का निशाना: दिल्ली में मॉर्निंग वॉक के दौरान चेन स्नैचिंग

नई दिल्ली दिल्ली के उच्च सुरक्षा वाले चाणक्यपुरी क्षेत्र में एक गंभीर घटना घटित हुई है, जिसमें सांसद सुध की कीमती चेन लूट ली गई. सांसद सुधा जो तमिलनाडु भवन में निवास करती हैं, आज सुबह अपनी सुबह की सैर पर निकली थीं, तभी यह घटना हुई. घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है. आर. सुधा, जो तमिलनाडु के मयिलादुथुराई लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर एक घटना की जानकारी दी है. पत्र में उन्होंने बताया कि चाणक्यपुरी क्षेत्र में पोलैंड दूतावास के निकट आज सुबह उनकी सोने की चेन छीन ली गई, जिसके दौरान उन्हें चोटें भी आईं. आर. सुधा ने गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि वे अधिकारियों को निर्देश दें कि अपराधी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया जाए. सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि दिल्ली में चेन और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएं इतनी सामान्य हो गई हैं कि लोग अब FIR दर्ज कराने की भी जहमत नहीं उठाते, क्योंकि उन्हें पता है कि यह प्रक्रिया समय की बर्बादी है. सौरभ भारद्वाज ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि दिल्ली में एक महिला सांसद के साथ सुबह 6 बजे चेन स्नैचिंग की घटना हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, बाइक पर सवार बदमाशों ने उनकी सोने की चेन खींचकर मौके से फरार हो गए. सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि दिल्ली के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि पुलिस में FIR दर्ज कराने का कोई फायदा नहीं है, यह केवल समय की बर्बादी साबित होती है. नेता ने कहा कि इस स्थिति के लिए केवल पुलिस को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. दिल्ली पुलिस में हजारों पद खाली हैं, और सरकार नई भर्तियों में रुचि नहीं दिखा रही है. जो पुलिसकर्मी हैं, वे VIP सुरक्षा और आम आदमी पार्टी के सदस्यों को फंसाने में व्यस्त हैं. पुलिस का राजनीतिकरण हो चुका है, और उनका मूल्यांकन कार्य के बजाय राजनीतिक गतिविधियों के आधार पर किया जाता है, जिसके अनुसार उन्हें पदस्थापित किया जाता है. सौरभ भारद्वाज ने यह भी बताया कि दिल्ली की महिलाएं अब सुबह की सैर पर चेन पहनकर नहीं निकलतीं, क्योंकि वे मानती हैं कि सुरक्षित रहने के लिए चेन को घर पर ही रखना बेहतर है. चूंकि ये नेता तमिलनाडु से हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली की पुलिस व्यवस्था की वास्तविकता का सही अंदाजा नहीं है.

दुष्कर्म के बाद ब्लैकमेलिंग, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार – अश्लील वीडियो बना कर दे रहा था धमकी

बाड़मेर बाड़मेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म कर वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करने के मामले के आरोपी को गुजरात के भरूच से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पीड़िता ने जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में महिला थाना बाड़मेर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे बार-बार ब्लैकमेल करने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। महिला थानाधिकारी मुकंददान ने बताया कि पीड़िता काफी डरी-सहमी थी और उसे आरोपी की आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर डर था। भरोसा दिलाने के बाद पीड़िता ने आरोपी बनेसिंह पुत्र हीरसिंह के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान भी दर्ज किए गए। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि वह गुजरात के भरूच जिले में छिपा हुआ है। इस पर पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने में जुटी है कि उसने पीड़िता का वीडियो और किन-किन लोगों के साथ साझा किया है। इसके साथ ही उसके अन्य आपराधिक गतिविधियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  

बागेश्वर सरकार पर टिप्पणी कर घिरे प्रोफेसर, धार्मिक भावनाएं आहत करने पर FIR

छतरपुर  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर महिला तस्कर कहने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर के बमीठा थाना में FIR दर्ज की गई है।   सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व ट्विटर) पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर जिले के बमीठा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने छतरपुर में एक एम्बुलेंस को रोका, जिसमें कुछ महिलाएं सवार थीं। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं अपनी असली पहचान छिपाकर बागेश्वर धाम में रह रही थीं और उन पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह जताया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो को प्रोफेसर रविकांत ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक विवादास्पद पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है!" इस टिप्पणी में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को "महिला तस्कर" कहा, जिससे विवाद खड़ा हो गया। प्रोफेसर की इस पोस्ट के विरोध में बागेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर रविकांत की टिप्पणी से हिंदू धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और धार्मिक सौहार्द बिगड़ा है। इसी आधार पर उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया जा रहा है।  विदेश यात्रा से लौटे बागेश्वर महाराज  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी 20 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटकर आज सुबह बागेश्वर धाम पहुंचे। उनकी इस धार्मिक यात्रा में लंदन, ओमान और दुबई में कथा और आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। बागेश्वर धाम प्रशासन के अनुसार, बागेश्वर महाराज 4 अगस्त से 11 अगस्त तक धाम परिसर में दिव्य दरबार का आयोजन करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होंगे। बागेश्वर महाराज ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और अन्य माध्यमों से एक वीडियो साझा कर इस दिव्य दरबार की जानकारी पहले ही अपने अनुयायियों को दी थी। दिव्य दरबार के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वचन, समाधान और परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। धाम प्रशासन ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों का अनुमान है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।  

सीएम योगी की सौगात: रक्षाबंधन पर बहनों को मिलेगी मुफ्त रोडवेज यात्रा की सुविधा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर कानून व्यवस्था अन्य प्रकार की विभागीय समीक्षा को लेकर बैठक कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने त्योहारों के महीनों में मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल को विशेष निगरानी करने के लिए निर्देशित किया। मिलावट को लेकर दिए कड़े निर्देेश इस दौरान सीएम योगी ने रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के मद्देनजर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने खाद्यपदार्थों में मिलावट न हो इसके लिए जांच टीमोंं को सक्रिय करने के आदेश दिए। उन्होंने भाई बहन के त्योहार रक्षाबंधन को लेकर बहनों को उपहार दिया है। सीएम योगी अपने सरकारी आवास से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सभी प्रकार की बस सेवाओ को 8 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक बसों की निःशुल्क यात्रा की सौगात दिया है। इस दौरान बहनों को एसी और नॉन एसी की सभी बसों जिसमे यूपीएसआरटीसी और उससे अनुबंधित बसों की यात्रा निःशुल्क रहेगी।

एमपी में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, 76% बारिश पूरी – इंदौर सबसे पीछे, ग्वालियर आगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के उत्तरी हिस्से के ग्वालियर-छतरपुर समेत आठ जिलों में सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में रविवार को बारिश भी हुई। हालांकि राज्य में बारिश का मजबूत तंत्र नहीं दिखाई दे रहा है, जिसके चलते बीते कुछ दिनों से राज्य में हल्की-फुल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से के ऊपर से एक ट्रफ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी जारी है। इसका असर राज्य में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग द्वारा कल जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के चलने की भी आशंका जताई गई है। बीते दिनों की बात करें को गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर, रीवा, टीकमगढ़ , सागर, सतना, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई थी। इससे पहले की बात करें तो बीते सप्ताह तो राज्य में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। ऐसी स्थिति वाले इलाकों में राज्य का पूर्वी हिस्सा- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर शामिल था, जहां मॉनसून झमझमाकर बरसा था। इसके चलते लोगों को कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा था। बीते दिन सबसे ज्यादा तापमान इन हिस्सों में दर्ज किया गया। ग्वालियर में 27 डिग्री, दतिया में 26.4, पृथ्वीपुर में 26.3, मुरैना में 26.2, श्योपुर में 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अगर कम तापमान वाले इलाकों की बात करें तो, नरसिंहपुर में 19, खरगौन में 20, राजगढ़ में 20.6 और खंडवा में 21 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। मध्यप्रदेश में कोटे की 76% बारिश मध्यप्रदेश के 9 जिले-ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मुरैना में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। सबसे ज्यादा पानी गुना में 45.8 इंच गिरा है। भोपाल, जबलपुर की तस्वीर भी बेहतर है, लेकिन इंदौर फिसड्‌डी है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 28.4 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 19 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 9.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मानसून सीजन (1 जून) से जोड़े तो दो महीने बीत चुके हैं। इस दौरान प्रदेश में सामान्य की 76 प्रतिशत बारिश हो गई है। मानसून को अभी करीब दो महीने बचे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगस्त में ही बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। बता दें कि मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हो रही है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। इस वजह से 9 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर गया। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है। 3 जिले सागर और भोपाल संभाग के है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग में सिस्टम की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं।  पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए। एमपी में अब तक 28 इंच से ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश के ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 50% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। गुना, टीकमगढ़-निवाड़ी में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, जबकि इंदौर में सबसे कम पानी गिरा है। उज्जैन संभाग की तस्वीर भी ठीक नहीं है। वहीं, भोपाल और जबलपुर में सीजन की आधी बारिश हुई है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 28.4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 19 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 9.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मानसून सीजन (1 जून) से जोड़े को दो महीने बीत चुके हैं। इस दौरान प्रदेश में सामान्य की 76 प्रतिशत बारिश हो गई है। गुना में सबसे ज्यादा 42 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 44 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44 इंच निवाड़ी में 43 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। इन जिलों की अच्छी-बुरी स्थिति विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, पन्ना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम और उमरिया में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में सबसे कम 11 इंच, बुरहानपुर में 11.1 इंच, बड़वानी में 11.5 इंच, खरगोन में 11.8 इंच ओर खंडवा में 12.8 इंच पानी ही गिरा है। ऐसे समझें बारिश का गणित… 40 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और रायसेन। 30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     ग्वालियर, विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, पन्ना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम और उमरिया। 20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, शाजापुर, नीमच, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर। 10 से 19 इंच बारिश वाले जिले     इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा।

बूढ़ेश्वर महादेव: क्यों खास है छत्तीसगढ़ का यह 600 साल पुराना शिव मंदिर?

रायपुर सावन का आज चौथा सोमवार है। ऐसे में शिव मंदिरों में सोमवार सुबह से भक्तों की भीड़ लगी हुई है। रायपुर के शिलालयों में दर्शन करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। रायपुर के प्राचीन बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में लोग भगवान भोले को जलाभिषेक किए। बात रायपुर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की करें, तो यहां पांच सौ वर्ष पूर्व बूढ़ातालाब के किनारे शिवलिंग की पूजा की जाती थी। मान्यता है कि शिवलिंग पर हमेशा सर्प लिपटे रहते थे। श्रद्धालु तालाब में स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते थे। करीब 75 वर्ष पहले पुष्टिकर ब्राह्मण समाज ने यहां पर भव्य मंदिर बनवाकर शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित की। रायपुर का बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, आदिवासी समाज के कुल देवता बूढ़ादेव के नाम पर बूढ़ातालाब का निर्माण हुआ था। इसी तालाब के किनारे स्थित शिवलिंग को बूढ़ेश्वर शिवलिंग कहा जाने लगा। बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर की विशेषता मंदिर परिसर में प्राचीन कुआं है। इस कुएं के जल से ही शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। कुएं के सामने भोलेनाथ के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा खुले आसमान में विराजित है। इस प्रतिमा का सोने, चांदी के बर्क से अगहन माह की अष्टमी तिथि पर विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश, कार्तिकेय, पार्वती, नंदीदेव भी प्रतिष्ठापित हैं। एक बड़े हाल के बीच छोटा सा गर्भगृह बना है और चारों ओर अनेक देवी-देवता विराजित हैं। राधा-कृष्ण, श्रीराम-सीता के मंदिर है।   हर सोमवार को श्रृंगार पुजारी पंडित महेश पांडेय ने बताया कि मंदिर में सावन के हर सोमवार को किया जाने वाला श्रृंगार प्रसिद्ध है। यहां पर विविध सामग्री से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। अलग-अलग रूपों में भोलेनाथ को सजाया जाता है। जलाभिषेक की व्यवस्था की जाती है। पुराने वटवृक्ष से लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर में दर्शन करने की विशेष महत्व है। फेमस है भस्म आरती यहां महाशिवरात्रि और सावन महीने में दर्शन करने के लिए रायपुर सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर सुबह शिवलिंग पर भस्म आरती की जाती है। बनारस, उज्जैन और रामेश्वर ज्योतर्लिंग से भस्म मंगवाकर उसी भस्म का लेपन किया जाता है। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक होता है। शाम को भांग, धतूरा, चांदी, मालीपाणा के बर्क से श्रृंगार किया जाता है। 200 साल पुराना वटवृक्ष बूढ़ेश्वर मंदिर के 200 साल पुराना वटवृक्ष है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र इस वृक्ष के नीचे वट सावित्री व्रत पूजा करने सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं। इसी वृक्ष के नीचे ही नृसिंह जयंती पर नृसिंह लीला का भव्य मंचन किया जाता है, जो पूरे प्रदेशभर में मशहूर है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के ऊपर गुंबद नहीं बनाया गया है। भैरव अष्टमी पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।  

रेल नेटवर्क का मेगा प्रोजेक्ट: इटारसी से नागपुर के बीच 37 स्टेशन और 415 पुल के साथ नई लाइन

इटारसी रेल मंत्रालय ने देश के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक इटारसी से नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना 297 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 5,451 करोड़ बताई गई है। यह रेल मार्ग दिल्लीचेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा होगा और नागपुर में मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क से भी जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाना, यात्री और मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा देश की लॉजिस्टिक संरचना को और मजबूत बनाना है। किन क्षेत्रों को होगा लाभ इस परियोजना से मुख्य रूप से 2 राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें महाराष्ट्र का नागपुर जिला, मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल और पांढुरना शामिल है। उल्लेखनीय है कि ये सभी इलाके औद्योगिक और कृषि दोनों दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। रेल लाइन का विस्तार इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को रफ्तार देगा। वर्तमान रेल परिचालन चुनौतियों का समाधान इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन परियोजना न केवल रेलवे की वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर एक मजबूत और टिकाऊ आधार भी तैयार करती है। इससे यात्री सुविधा, औद्योगिक विकास, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक समृद्धि को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की ये हैं मुख्य विशेषताएं -कुल 297 किमी की दूरी और 339 किमी ट्रैक लंबाई। -37 स्टेशन, 36 बड़े और 415 छोटे पुल, 2 रोड ओवरब्रिज (आरओबी), 74 रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), 4 सुरंगें और 2 रेल ओवरब्रिज। -इस मार्ग से हर साल 1 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी। -इसके माध्यम से लगभग 1,206 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक लागत की बचत होगी।