samacharsecretary.com

अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को 34 कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने ग्वालियर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 22 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से गदाईपुरा रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में स्थित जिला रोजगार कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन होगा। जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण शाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे इस रोजगार मेले में आकर्षक पैकेज पर निजी क्षेत्र की 34 कंपनियां भर्ती के लिये आ रही हैं। ये कंपनियां आ रही हैं भर्ती करने      उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में भर्ती करने आ रही कंपनियों में क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, पेटीएम सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, भारत- पे प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, आई सेक्ट ग्वालियर, टीमलीस प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, इन्दौर, दिल्ली, जमुना आटो प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, एस० आर० एफ० प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, भारतीय एक्सा लाइफ इन्श्योरेंस ग्वालियर, सेनेटस प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, जॉबफेयर नाउ प्राइवेट लिमिटेड चेकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जामनगर गुजरात, ब्लिकिट वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड फारूख नगर गुरूग्राम जे०बी० मंधाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, कुल कवच वैश्विक सुरक्षा सर्विस अहमदाबाद, ए० एस० एम० हुन्डई प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर आर० एस० पी० एल० मेनपावर सर्विस पंजाब, ग्लोवल सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ठाठीपुर ग्वालियर, एम० आर० ए७० टायर प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद, धम्मा इंटरप्राइजेज नूडल मैनुफेक्चरिंग खेड़ा, गुजरात, अप्रेंटिसेज ट्रेनीज गाँव मंगार, करनाल, हरियाणा, रविया वर्कफॉर्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ (उ०प्र०), एल० आई० सी० ग्वालियर, स्टेन्डर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, प्रो-कनेक्ट, जेप्टो, इनामो वेयरहाउस नोयडा गुडगांव, अग्निस्टोक टेक्नोलॉजी ग्वालियर, आरएसटी ग्रुप ऑफ सर्विस ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, सीएससी सेंटर शिवपुरी, ग्वालियर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्राइवेट लिमिटेड, समीक्षा इंस्टीटयूट फूलबाग ग्वालियर, वेलसंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पथवेस्ता कैरियर स्किल कॉर्पोरेशन, टीवीएस इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड भोपाल, मैडी एस इन्फिनिटी इंश्योरेंस आईएमएफ प्राइवेट लिमिटेड भोपाल एवं सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड आदि शामिल हैं।  इन पदों के लिये होगी भर्ती      इन कंपनियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, सैल्स एग्ज्यूकेटिव, फील्ड सैल्स एग्ज्यूकेटिव, ट्रेनीज, ऑफिस मैनेजमेंट, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यवेक्षक, स्टोर कीपर, कार्यालय सहायक, हेल्पर, सुरक्षा जवान, दूर गाइड, असिस्टेट मैनेजर, सुपरवाईजर, टेली कॉलर, ड्रायवर, प्यून, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में सी, फिटर, टर्नर एवं मशीनिष्ट, आई.टी.आई. टेलीकॉलिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर सभी ट्रेड में इत्यादि पदों पर भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी। रोजगार मेले में 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रुपए तक देय होगा। यह दस्तावेज साथ में लाने होंगे      प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।  

यूपी में PM मोदी के जन्मदिन पर सेवा की मिसाल, 75 जिलों में जले 5.90 करोड़ दीये

पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए। प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे। 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए। अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को … Read more

शेखावाटी को मिलेगा 124 एमसीएम पानी, किशाऊ परियोजना से सीकर-चूरू-झुंझुनूं की बदलेगी तस्वीर

झुंझुनूं  शेखावाटी में पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिलने की आस जगी है। पहले यमुना जल समझौता और अब किशाऊ योजना का एमओयू होने से सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के लोगों को राहत मिल सकेगी। दरअसल, पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव भाजपा सरकार की ओर से शेखावाटी पानी की समस्या को मुद्दा बनाया था। इस दौरान भाजपा सरकार ने यहां के लोगों को यमुना से जल लाने की गारंटी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से पहले चरण में यमुना जल के लिए समझौता किया। पिछले दिनों सरकार ने कार्यालय खोलते हुए डीपीआर बनाने का ऐलान किया। इसके बीच अब सरकार ने किशाऊ योजना के तहत एमओयू किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। किशाऊ परियोजना कहां है? किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 660 मेगावाट जल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करेगी और इससे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। यह हुआ समझौता संशोधित व्यवस्था के तहत, हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बदले में, संबंधित राज्य हिमाचल प्रदेश से जुड़े बिजली घटक की लागत में योगदान देंगे। केंद्र सरकार जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत सहायता के रूप में प्रदान करेगी, जबकि भागीदार राज्य शेष 10 प्रतिशत का योगदान देंगे। परियोजना का संचालन किशाऊ कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से किया जाएगा और इसकी निगरानी ऊपरी यमुना बेसिन के लिए स्थापित ढांचे के तहत की जाएगी। ऐसे शेखावाटी में आएगा पानी इस परियोजना के तहत, किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी को तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों का उपयोग करके हरियाणा की हांसी-बुटाना प्रणाली के माध्यम से चूरू तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। यह पानी सीकर, चूरू, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। यमुना जल का दो साल पहले हुआ समझौता सीकर, झुंझुनू व चूरू जिलों में यमुना का पानी लाने के लिए 17 फरवरी 2024 को राजस्थान, हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की उपस्थिति में समझौता हुआ था। समझौते के तहत प्रथम चरण में ताजेवाला हैड (हथिनीकुण्ड बैराज) से पेयजल के लिए जल को राजस्थान लाने के लिए प्रवाह प्रणाली की संयुक्त रूप से रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने पर सहमति बनी थी। यमुना जल परियोजनाः फैक्ट फाइल     17 फरवरी, 2024 को हुआ था राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू     हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर तीन पैरेलल पाइप लाइन डलेगी।     चूरू, सीकर, झुंझुनूं को 577 एमसीएम पानी मिलेगा     ऊपरी यमुना बेसिन के रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ से इसी पाइपलाइन से आएगा पानी 32 साल पहले हुआ था एमओयू राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई, 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत हथिनी कुंड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया था। कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से लागू नहीं हो सका यह समझौता अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है।

आबकारी आयुक्त नमित मेहता के सख्त निर्देश, 15% से कम राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नहीं

जयपुर  आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व को प्राथमिकता रखते हुए राजस्व लक्ष्यों को पूर्ण किया जाना चाहिए। राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय करते हुए दैनिक समीक्षा करेंगे तो वांछित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकेंगे। आबकारी आयुक्त विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, विशेष निरोधात्मक अभियान, बकाया वसूली, जब्त वाहनों की नीलामी आदि के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर निर्देश प्रदान किए। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने वीसी में कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में कोताही होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी अतः सजग होकर राजस्व अर्जन के लक्ष्य पूर्ण करें। यदि गत वर्ष सितंबर माह की तुलना में राजस्व अर्जन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की कार्य योजना रखते हुए प्रयास करेंगे तो सफलता प्राप्त होगी। वीसी में जोन एवं जिलावार समीक्षा के तहत राजस्व अर्जन में पिछड़ रहे भरतपुर, कोटा, जयपुर को अपेक्षित प्रगति के निर्देश दिए। इसी क्रम में राजस्व अर्जन में पिछडे़ बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, बीकानेर, पाली, जयपुर सिटी, श्रीगंगानगर को निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में 15 प्रतिशत से कम की राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नही है कार्ययोजना बनाकर समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें। वीसी में प्रदेश में 14 से 30 सितंबर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण अभियोग दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया। आबकारी आयुक्त ने बीते अप्रेल में निरोधात्मक केम्पेन के अनुरूप आईएमएफएल एवं वाहनों की बड़ी जब्ती करते हुए ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र की सहायता से राजमार्गों पर अवैध मदिरा की तस्करी, होटल्स, विला एवं संदेहास्पद क्षेत्रों में दबिश की कार्यवाही में वृद्धि करते हुए गंभीरता से कार्य करें। वीसी में जोन, जिला, सर्कल एवं थानावार निरोधात्मक कार्रवाई का विश्लेषण करते हुए अपेक्षित प्रगति से पिछडनें पर बूंदी, बारां, कोटा, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़, दौसा, अलवर के अधिकारियों को अभियान में सक्रियता से अपेक्षित प्रगति के निर्देष दिए। झुंझुंनू को निरोधात्मक अभियान के तहत जब्ती की प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को अनुसरण के लिए कहा गया। निरोधात्मक अभियान के तहत संभाग स्तर पर कम से कम एक अवैध मदिरा के एक ट्रक पर कार्रवाई, महत्वपूर्ण अभियोग में एवं जब्ती में वृद्धि के लिए भी निर्देशित किया गया। सीमावर्ती जिलों में गश्ती दल के माध्यम से अवैध मदिरा की तस्करी पर प्रभावी रोक व धरपकड़ के लिए भी निर्देश दिए गए। वीसी में बकायादारों से वसूली के लिए संबंधित सम्पत्ति चिन्हीकरण व अटेच करते हुए नियमानुसार नीलामी व कुर्की के लिए निर्देशित किया गया। नीलामी के संबंध में यूआईटी एवं निकायों के समान आईटी सेक्शन को नीलामी का ऑनलाइन मॉड्यूल प्राप्त कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। जिलों में जब्त वाहनों की बड़ी संख्या के मद्देनजर जयपुर ग्रामीण व शहर, हनुमानगढ़, अलवर, बहरोड़, जोधपुर, जालौर, पाली, डूंगरपुर को शीघ्रता से नीलामी के लिए निर्देशित किया गया। समीक्षा वीसी में एएलएफ के प्रथम किश्त चालान को शीघ्र वेरिफाई करने के निर्देश भी दिए। वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।

छात्र को तंत्र क्रिया के आरोप में TC देने का मामला, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

तंत्र क्रिया के आरोप में छात्र को टीसी, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान टीसी निरस्त करने का डॉ वर्णिका ने दिया त्वरित निर्देश  रायपुर प्रयास विद्यालय, रायपुर में कक्षा 9वीं के छात्र को विद्यालय से टीसी देकर बाहर किए जाने से संबंधित मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संज्ञान में आया। मामले को लेकर बच्चे के पालक की ओर से आवेदन में आरोप लगाया गया है कि छात्र को विद्यालय से निष्कासित करते हुए टीसी जारी की गई। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि छात्र के तंत्र क्रिया में संलिप्त होने के कथित आरोप के चलते उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। हालांकि, तंत्र क्रिया में संलिप्तता संबंधी आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्राप्त आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छात्र के पालक को समुचित जानकारी दिए बिना उसे कक्षा से बाहर कर टीसी प्रदान की गई, जिस पर पालक द्वारा विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उचित जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।  आवेदन का अवलोकन करने के पश्चात आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रकरण का संज्ञान लिया गया है। आयोग द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से दूरभाष पर चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने छात्र की टीसी निरस्त कर उसकी पढ़ाई पुनः जारी रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में उसकी शिक्षा प्रभावित न हो। मामले की जांच के लिए प्रयास विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य एवं अधीक्षक को आपातकालीन खंडपीठ में 21 सितंबर 2026 को दोपहर 02:00 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर संबंधित दस्तावेजों एवं अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने निर्देशित किया है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हित ध्यान में रखते हुए उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखी जाए।

महाप्रबंधक उद्योग ने स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी, उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

शहडोल सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्योग संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप व्यवसाय का चयन कर शासकीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं अवसरों का उपयोग कर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा युवाओं एवं उपस्थित लोगों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत पात्रता, ऋण सुविधा, अनुदान एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए युवाओं को योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान फैब्रीकेशन का व्यवसाय करने वाले उद्यमी अरसद खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। उन्होंने योजना से प्राप्त लाभों एवं व्यवसाय के संचालन से जुड़ी जानकारी युवाओं के साथ साझा की तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय के विकास के लिए समर्पित हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस समारोह को किया संबोधित नमो-प्रेरणा कार्यक्रम का किया शुभारंभ जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले अपनी कलम और कविताओं के बल पर मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ अलख जगाई थी। अंग्रेजों के दमन के विरोध में उस समय में जो काम तलवार नहीं कर पाई, वह राजा शंकर शाह की लेखनी ने कर दिखाया। उनके लिखे गीतों ने जनता के बीच आजादी की ललक और अलख जगा कर नयी ऊर्जा का संचार किया। वे देश और धर्म को साथ लेकर चले। स्वभाषा-स्वधर्म-रचनात्मकता और साहित्य की साधना के प्रति राजा रघुनाथ शाह के समर्पण के कारण स्थानीय जन में उनके प्रति बहुत अधिक श्रद्धा थी। उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहे। देखते ही देखते अंग्रेजी सरकार की जड़े हिल गईं। ब्रिटिश सैनिकों ने दोनों को बंदी बना लिया और उनके सामने महारानी की अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी। लेकिन राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर पराधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अंग्रेज अफसरों को बता दिया कि वे रानी दुर्गावती के वंशज हैं, भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों और सनातन पर हमें गर्व है। राजा शंकर शाह की हिम्मत के आगे अंग्रेज अफसर डर गए, उन्हें तोप से बांध कर अन्यायपूर्वक बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में जनजातीय महानायक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कैंसर और नशामुक्ति के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए आरंभ हुआ अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कैंसर एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नमो प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत स्कूल एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को कैंसर से बचाव एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित किया जाएगा। कैंसर मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है। विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर साथ छोड़ता है, लेकिन उसके विचार सदैव जीवित रहते हैं। यही हमारे गौंडवाना के वीर शहीदों ने कर दिखाया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास संरक्षित करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समुदाय को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर स्वावलंबी बनाने के लिए जनजातीय कार्य विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय की पीड़ा को अच्छी तरह से समझते हैं, उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन के लिए अभियान की शुरुआत की, जिसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल की देखरेख में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय महापुरुषों राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जैसी विभूतियों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में स्थान दिया है। प्रदेश की भावी पीढ़ियां उनके बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी। राज्य सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी, निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बुंदेलखंड के सागर में भी रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित सभी योजना को प्रोत्साहित कर रही है। रानी दुर्गावती की जयंती पर 52 गढ़ों के वशंजों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह सहित प्रदेश के अनेक महापुरुषों की जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल कर सम्मान दिया है। हमारे जनजातीय वीरों ने अंग्रेजों से क्षमा-याचना नहीं की। आज हम सभी पवित्र भूमि जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की शहादत का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों से मिली प्रेरणा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर वही पुण्यभूमि है, जहां अंग्रेजों ने राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह को जनता के सामने तोप के मुंह से बांधकर शहीद किया था। अंग्रेजों ने उन्हें माफी मांगने का अवसर दिया, लेकिन पिता-पुत्र ने क्षमा याचना करने से इनकार कर दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देना स्वीकार किया। मंत्री सिंह ने कहा कि राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह रानी दुर्गावती की वंश परंपरा से जुड़े थे। उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर प्रत्येक नागरिक को देश और प्रदेश के विकास में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय वीरों और महापुरुषों को देश की भावी पीढ़ी याद रखे, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जनजातीय छात्रावासों के नाम जनजातीय महानायकों के नाम पर रखे हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान और जीवन पर फिल्म तैयार की गई है। अब हमारी सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में जनजातीय महापुरुषों के योगदान को शामिल किया है। मंत्री … Read more

मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव विगत वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को दी बधाई ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

महिलाओं की यात्रा होगी सुरक्षित और आसान, ‘सारथी दीदी’ सेवा से 24×7 होगी मॉनिटरिंग

महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी "सारथी दीदी", 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार अब शहर से लेकर गांव तक चलेंगी कैब, प्रदेशभर में बड़ी सुविधा देने की तैयारी महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में पहली बार शुरू होने जा रही अभिनव पहल  बदल रहा उत्तर प्रदेश : सफर को लेकर आपातकालीन सुरक्षा और कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर पल पल की रहेगी अपडेट, पुलिस करेगी समन्वय, सुविधा के साथ बड़े पैमाने पर महिलाओं को मिलेगा रोजगार लखनऊ  बहनों और बेटियों की यात्रा को ‘सारथी दीदी’ के जरिए अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला यात्रियों के लिए महिला चालकों की विशेष सेवा के साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर 24×7 निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसमें आपात स्थिति में एसओएस बटन के जरिये सहायता लेने की सुविधा होगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय किया जा सकेगा। यानी सफर केवल वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी यात्रा मजबूत सुरक्षा के साथ आगे बढ़ेगी। योगी सरकार इस सेवा को भारत टैक्सी मॉडल के माध्यम से शहरों से गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं के विस्तार की योजना है।  ‘सारथी दीदी’ का एक अहम पहलू महिला ड्राइवरों को परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक ओर महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग को महिलाओं के लिए रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा। हर पल सुरक्षा की निगरानी महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एसओएस बटन, 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और पुलिस सहायता समन्वय को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर सहायता तंत्र सक्रिय करने का प्रावधान होगा। भारत टैक्सी के मौजूदा महिला-केंद्रित ‘सारथी दीदी’ योजना में एसओएस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24×7 सहायता जैसी सुरक्षा सुविधाएं रहेंगी। इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन परिवारों को विशेष रूप से होगा, जिनकी बेटियां पढ़ाई, नौकरी या अन्य काम से नियमित रूप से अकेले यात्रा करती हैं। महिला चालक का विकल्प मिलने और आपात स्थिति में सहायता तंत्र उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंता कम करने की दिशा में व्यवस्था तैयार की जा रही है। महिलाओं के लिए ड्राइविंग से रोजगार ‘सारथी दीदी’ को केवल महिला यात्रियों की सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। इसका दूसरा पक्ष महिलाओं को चालक के रूप में तैयार करना है। ई-रिक्शा, टू-व्हीलर और कैब चलाने के प्रशिक्षण से महिलाओं को बड़े पैमाने पर परिवहन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इस मॉडल में महिला केवल यात्री नहीं होगी, बल्कि सेवा देने वाली चालक भी बन सकेगी। यानी एक तरफ सुरक्षित यात्रा का विकल्प और दूसरी तरफ महिलाओं के लिए आय का अवसर, दोनों पहलू एक साथ जुड़ते हैं। सहकारी नेटवर्क के जरिए शहर से गांव तक पहुंचेगी कैब योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बढ़ेगी। गांव से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल होगा। पैक्स से मोबिलिटी तक सहकारिता का विस्तार प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में होता रहा है। इन्हें राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं से जोड़कर सहकारिता का यह नेटवर्क ग्रामीण मोबिलिटी और डिजिटल सेवाओं तक विस्तार पा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि गांव में मौजूद सहकारी ढांचा केवल कृषि जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय परिवहन और डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए भी आधार बनेगा। महिला सुरक्षा, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश ‘सारथी दीदी’ के जरिए महिला यात्री और महिला चालक, दोनों को केंद्र में रखा गया है। महिला यात्रियों के लिए महिला चालक की सुविधा, एसओएस और निगरानी तंत्र सुरक्षा को मजबूत करते हैं, जबकि प्रशिक्षण से महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार होगा। इस तरह प्रस्तावित मॉडल का दायरा केवल कैब सेवा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें महिला सुरक्षा, महिला रोजगार, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। शहरों से गांवों तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ यह नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण परिवहन तक के नए विकल्प के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है।

पीएमएफएमई योजना से सुजय सिंह ने साकार किया आत्मनिर्भरता का सपना

अनूपपुर  सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर व्यक्ति अपने सपनों को नई दिशा दे सकता है। अनूपपुर नगर के  सुजय सिंह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लेकर अपने आटा चक्की इकाई व्यवसाय का सपना साकार किया है। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।  सुजय सिंह की इच्छा थी कि वे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उनका सपना आटा मिल स्थापित करने का था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में वे इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर आटा चक्की मिल इकाई की स्थापना की। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत  सिंह को 6.86 लाख रुपये की परियोजना लागत वाली आटा चक्की मिल इकाई के लिए सहायता प्राप्त हुई, जिसमें 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि शामिल है। उन्होंने अगस्त 2025 में अपनी इकाई का संचालन प्रारंभ किया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों का परिणाम रहा कि सितंबर 2026 तक उन्हें इकाई से प्रतिमाह लगभग 60 से 70 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होने लगी।  सिंह ने अपनी इकाई में चार लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इस तरह वे अब स्वयं रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी बन गए हैं। उनके द्वारा ‘उर्मिका फूड’ नाम से अपने व्यवसाय का संचालन किया जा रहा है।  सुजय सिंह बताते हैं कि शासकीय योजनाएं आमजन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके अनुसार, यदि व्यक्ति को सही समय पर शासकीय योजना का सहयोग मिले और वह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो अपने सपनों को साकार किया जा सकता है। उन्होंने पीएमएफएमई योजना के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अन्य युवाओं एवं इच्छुक नागरिकों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।  सुजय सिंह की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।