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करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

बागपत  खेकड़ा की पीढ़ियों पुरानी हथकरघा बुनाई और बागपत के शहद की मिठास अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में जिले के 20 से अधिक नवीन निर्यातक, ओडीओपी उत्पादक, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमी अपनी कारोबारी ताकत दिखाएंगे। खास आकर्षण जून 2023 में जीआई टैग प्राप्त बागपत होम फर्निशिंग उत्पाद रहेंगे। खेकड़ा स्थित मास्टर वीवर्स के माध्यम से इस पारंपरिक उत्पाद की पहचान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद और होम प्रोडक्ट भी प्रदर्शित करेगा। जीआई टैग वाली बुनाई बनेगी बागपत की पहचान बागपत होम फर्निशिंग को जून 2023 में जीआई टैग मिला था। यह पहचान खेकड़ा क्षेत्र में पीढ़ियों से हथकरघा बुनाई कर रहे कारीगरों के कौशल को मिली है। जीआई टैग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय और ’’मास्टर वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, आदर्श नगर, खेकड़ा’’ ने संयुक्त रूप से आवेदन किया था। मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सूती धागे से बेडशीट, पर्दे, मेजपोश और रनिंग फैब्रिक तैयार किए जाते हैं। ये संस्थान बुनकर फ्रेम लूम से मजबूत और आकर्षक बुनाई के लिए अपनी पहचान बनाए हुए है। पांच नवीन निर्यातक, ओडीओपी में पांच स्टॉल यूपीआईटीएस के हॉल 14 में बागपत के चार नवीन निर्यातकों को पांच स्टॉल मिले हैं। इनमें वीवर्स प्वाइंट व शाहिद टेक्स इंडिया, बड़ागांव, वाया होम्स, खेकड़ा के दो और विनय एक्सपोर्ट, बागपत शामिल हैं। ओडीओपी श्रेणी के हॉल नौ में शमशाद टेक्सटाइल, बड़ागांव को दो स्टॉल तथा द राइजिंग सन के नितिन जैन, बंसल टेक्सटाइल्स के राजकुमार बंसल और त्रिसव टेक्सटाइल के रविस कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियों की श्रेणी में सिधांनम इंटरनेशनल, खेकड़ा के मनोज जैन को दो स्टॉल तथा नसरीन टेक्सटाइल्स की नसरीन, चारवेदा ऑर्गेनिक्स, प्रिंस हैंडलूम के राजकुमार जैन, बागपत ब्लूम प्रोड्यूसर कंपनी के कपिल आर्या और अंबेडकर महिला केंद्र के जगदीप कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि यूपीआईटीएस से जिले के उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। जिले के उद्यमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जिले के खेती उत्पाद भी यहां दिखाई देंगे। अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद तो बागपत ब्लूम मिलेट्स के जरिए जिले की आयुर्वेदिक पहचान कराएगा।  ओडीओसी पैवेलियन में घुलेगी घेवर और बालूशाही की मिठास इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार योगी सरकार की एक जिला एक व्यंजन के तहत पहली बार ओडीओसी पैवेलियन का निर्माण किया गया है। इस पैवेलियन में भी जिले के व्यंजनों की सुगंध अपना अहसास कराएगी। अमीनगर सराय से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाला घेवर और बागपत की बालूशाही यहां विदेशियों के मुंह में मिठास घोलेंगे। इस ट्रेड शो में सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रिया देशों की मौजूदगी रहेगी।  बॉक्स – वैश्विक मंच पर बागपत यूपीआईटीएस 25 से 29 सितंबर स्थान         –       इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा नवीन निर्यातक      –  पांच स्टॉल ओडीओपी   –       पांच स्टॉल जीआई उत्पाद     –      बागपत होम फर्निशिंग -प्रमुख आकर्षण    –   खेकड़ा की हथकरघा बुनाई और अम्ब्रोसिया नेचुरल्स का शहद

बड़ी चौपड़ के कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग, दिवाली का लाखों का सामान जलकर हुआ राख

जयपुर जयपुर में दिवाली से ठीक पहले लगी भीषण आग ने कई कारोबारियों की महीनों की मेहनत और त्योहार के सीजन से जुड़ी उम्मीदों को एक झटके में राख कर दिया। जिस सामान को व्यापारियों ने अच्छे कारोबार की उम्मीद में लाखों रुपए खर्च कर जुटाया था, वही माल गुरुवार सुबह उनकी आंखों के सामने आग की लपटों में जलता रहा। कोई व्यापारी अपने हाथों से आंसू पोंछता रहा तो किसी परिवार के लिए नुकसान का सदमा इतना भारी पड़ा कि तबीयत बिगड़ गई। बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में सुबह करीब 7 बजे दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में आग लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट से लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 25 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। कपड़े, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम, चूड़ियां और दिवाली सीजन से जुड़ा सामान आग में जल गया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन धुआं शाम तक उठता रहा। दिवाली के लिए भरा था माल, आंखों के सामने राख हो गया व्यापारी कमल अग्रवाल के लिए यह आग सिर्फ दुकानों में लगी आग नहीं थी, बल्कि दिवाली की उन उम्मीदों पर भी भारी पड़ी थी, जिनके भरोसे उन्होंने पहले से लाखों रुपए का सामान जुटा रखा था। कमल की कॉम्पलेक्स में तीन दुकानें खुद की हैं, जबकि दो दुकानें किराये पर हैं। दिवाली सीजन को देखते हुए पांचों दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान स्टॉक किया गया था। इनमें बंदरवाल, दिवाली सजावट का सामान, धागों की गट्टियां और टेलरिंग से जुड़े सीजनल आइटम शामिल थे। आग की चपेट में उनकी तीन दुकानें आ गईं। बड़ी मात्रा में माल जलकर राख हो गया। आग की खबर मिलते ही कमल अपनी पत्नी और बेटे प्रणव अग्रवाल के साथ मौके पर पहुंचे। दुकानें जलती देखकर कमल भावुक हो गए। कुछ देर तक वह एक कोने में बैठे रहे और लगातार आंसू पोंछते नजर आए। जिस माल को उन्होंने सीजन में बिक्री के लिए सजाकर रखा था, वह उनकी आंखों के सामने धुएं में बदल रहा था। नुकसान देखकर पत्नी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाना पड़ा कॉम्पलेक्स के सेक्रेटरी राम कटारिया के मुताबिक दिवाली को देखते हुए कमल ने काफी मात्रा में सामान भरकर रखा था। आग से हुए नुकसान को देखकर कमल की पत्नी भी रोने लगीं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें संभालते रहे, लेकिन कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बीपी लो हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। कमल की हालत भी खराब होने पर परिजनों ने उन्हें घर भेज दिया। बेटे प्रणव ने बताया कि परिवार सीजनल कारोबार करता है। दिवाली पर अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, इसलिए पहले से बड़ी मात्रा में सामान खरीदा गया था। आग वाले हिस्से में जाने की अनुमति नहीं होने के कारण परिवार अपने माल की स्थिति भी ठीक से नहीं देख सका। व्यापारी बेबस थे, पुलिसकर्मी रास्ता बनाकर अंदर पहुंचे एक तरफ व्यापारी अपने कारोबार को अपनी आंखों के सामने खत्म होते देखने को मजबूर थे, वहीं दूसरी तरफ पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें आग से जूझ रही थीं। तीन मंजिला कॉम्पलेक्स के बरामदों में लोहे की जालियां लगी थीं। रास्ता संकरा था और सामान भी भरा हुआ था। ऐसे में आग वाले हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। माणक चौक थाने में तैनात नरेंद्र सिंह शेखावत और विक्रम सिंह ने रास्ता बनाने के लिए दीवार और लोहे की जाली तोड़ी। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए दूसरी मंजिल तक पहुंचकर दमकलकर्मियों के लिए रास्ता बनाया गया। धुआं आंखों में चुभता रहा, दम घुटता रहा, फिर भी नहीं रुकी टीम दूसरी मंजिल पर जमा सामान आग बुझाने की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। घने धुएं के बीच दमकलकर्मी, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ जवान लगातार ऑपरेशन में जुटे रहे। कई जगह शटर और दूसरे अवरोध तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा। धुआं इतना घना था कि जवानों की आंखों में तेज जलन होने लगी। कुछ को सांस लेने में भी परेशानी हुई। तबीयत प्रभावित होने पर कुछ दमकलकर्मियों को थोड़ी देर के लिए बाहर बैठाया गया, लेकिन इसके बाद वे फिर ऑपरेशन में जुट गए। करीब सात घंटे से ज्यादा चले अभियान में टीम आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करती रही। नीचे के दुकानदारों को भी सताने लगा अपना माल जलने का डर दूसरी मंजिल से उठती लपटों और धुएं ने नीचे की दुकानों में बैठे व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी। ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के दुकानदार अपने स्टाफ के साथ सामान बाहर निकालने में जुट गए। बड़े-बड़े कार्टून दुकानों और गोदामों से बाहर लाए जाने लगे। डर था कि अगर आग नीचे तक पहुंची तो दिवाली के लिए जमा किया गया उनका माल भी राख हो जाएगा। एक तरफ दमकल की गाड़ियां आग बुझा रही थीं, दूसरी तरफ व्यापारी अपनी दुकानों से बचा हुआ सामान बाहर निकाल रहे थे। आग बुझी, लेकिन कारोबारियों का संकट अभी बाकी अग्निकांड के बाद व्यापारियों में कॉम्पलेक्स प्रबंधन को लेकर आक्रोश है। व्यापारियों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग ने सिर्फ सामान नहीं जलाया, बल्कि दिवाली के पूरे सीजन की तैयारियों को भी झटका दिया है।

बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल केंद्रीय जेल भोपाल में विशेषज्ञ ने बंदियों से संवाद कर किया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग सत्र भोपाल  महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जेल विभाग एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के मध्य हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतर्गत 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव तथा उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास किया तथा आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग भी की। शिविर के दौरान बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं एवं समस्याएं साझा कीं। विशेषज्ञ द्वारा उनकी बातों को समझते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया गया। जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक सुधार एवं पुनर्वास को सुधारात्मक सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए MOU के माध्यम से विशेषज्ञता एवं परामर्श सेवाओं का लाभ जेलों में निरुद्ध बंदियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक मानेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

लाडो लक्ष्मी योजना का बढ़ा दायरा, 13.50 लाख नई महिलाओं को मिलेगा ₹2,100 मासिक लाभ

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र महिलाओं को भी हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 23.50 लाख हो जाएगी। अभी तक एक लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की करीब 10 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था। आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक करने के बाद इस आय वर्ग में कुल 17 लाख 13 हजार 447 महिलाएं पात्र दायरे में आती हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं ऐसी हैं, जो पहले से किसी अन्य योजना का लाभ ले रही हैं। ऐसे में करीब 13.50 लाख नई महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हर महिला को सालाना 25 हजार 200 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ में योजना का दायरा बढ़ाते हुए आवेदन के लिए पोर्टल की शुरुआत की है। इस पर पात्र महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। सरकार 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए लाभार्थियों को योजना का लाभ देना शुरू कर सकती है। तब तक आवेदन और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया जारी रहेगी। बजट में 6500 करोड़, लगातार बढ़ा सरकार का वित्तीय प्रविधान लाडो लक्ष्मी योजना के लिए हरियाणा सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। योजना शुरू करते समय पहले बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था। यानी एक साल में बजटीय प्रविधान में 1500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। राज्य के 2026-27 बजट में सामाजिक कल्याण एवं पोषण क्षेत्र के लिए कुल 20,110 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें लाडो लक्ष्मी योजना अकेले 6500 करोड़ रुपये की है। अभी तक दस किस्तों में दिए जा चुके दो हजार करोड़ परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कार्डिनेटर डा. सतीश खोला के अनुसार 10 अगस्त 2026 तक लाडो लक्ष्मी योजना की 10 किस्तों में करीब 9.98 लाख महिलाओं को 2,042.31 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे। उसी समय सरकार ने आय सीमा 1.80 लाख रुपये करने और चालू वित्त वर्ष में 6500 करोड़ रुपये के प्रविधान की जानकारी दी थी, जिसे अब मुख्यमंत्री ने धरातल पर लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे हर हाल में पूरा करते हैं। दूसरे राज्यों में महिलाओं को कितनी आर्थिक मदद राज्य – योजना – सहायता हरियाणा – दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना – 2,100 रुपये मासिक पंजाब – मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना – 1,000 रुपये मासिक और एससी महिलाओं के लिए 1,500 रुपये हिमाचल प्रदेश – इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि – 1,500 रुपये मासिक कर्नाटक – गृह लक्ष्मी योजना – 2,000 रुपये मासिक हिमाचल प्रदेश – मुख्यमंत्री शगुन योजना – 31,000 विवाह सहायता हरियाणा – मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना – श्रेणी के अनुसार 31,000 से 71,000 रुपये मासिक तक हरियाणा में एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाएं     1 अंबाला 62612     2 भिवानी 66014     3 चरखी-दादरी 24159     4 फरीदाबाद 222562     5 फतेहाबाद 46379     6 गुरुग्राम 92017     7 हांसी 27809     8 हिसार 67177     9 झज्जर 67513     10 जींद 73152     11 कैथल 66518     12 करनाल 105717     13 कुरुक्षेत्र 47982     14 महेंद्रगढ़ 46709     15 नूंह 69760     16 पलवल 101652     17 पंचकूला 37472     18 पानीपत 109424     19 रेवाड़ी 52685     20 रोहतक 60254     21 सिरसा 69397     22 सोनीपत 118878     23 यमुनानगर 77605  

अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को 34 कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने ग्वालियर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 22 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से गदाईपुरा रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में स्थित जिला रोजगार कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन होगा। जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण शाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे इस रोजगार मेले में आकर्षक पैकेज पर निजी क्षेत्र की 34 कंपनियां भर्ती के लिये आ रही हैं। ये कंपनियां आ रही हैं भर्ती करने      उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में भर्ती करने आ रही कंपनियों में क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, पेटीएम सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, भारत- पे प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, आई सेक्ट ग्वालियर, टीमलीस प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, इन्दौर, दिल्ली, जमुना आटो प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, एस० आर० एफ० प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, भारतीय एक्सा लाइफ इन्श्योरेंस ग्वालियर, सेनेटस प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, जॉबफेयर नाउ प्राइवेट लिमिटेड चेकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जामनगर गुजरात, ब्लिकिट वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड फारूख नगर गुरूग्राम जे०बी० मंधाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, कुल कवच वैश्विक सुरक्षा सर्विस अहमदाबाद, ए० एस० एम० हुन्डई प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर आर० एस० पी० एल० मेनपावर सर्विस पंजाब, ग्लोवल सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ठाठीपुर ग्वालियर, एम० आर० ए७० टायर प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद, धम्मा इंटरप्राइजेज नूडल मैनुफेक्चरिंग खेड़ा, गुजरात, अप्रेंटिसेज ट्रेनीज गाँव मंगार, करनाल, हरियाणा, रविया वर्कफॉर्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ (उ०प्र०), एल० आई० सी० ग्वालियर, स्टेन्डर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, प्रो-कनेक्ट, जेप्टो, इनामो वेयरहाउस नोयडा गुडगांव, अग्निस्टोक टेक्नोलॉजी ग्वालियर, आरएसटी ग्रुप ऑफ सर्विस ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, सीएससी सेंटर शिवपुरी, ग्वालियर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्राइवेट लिमिटेड, समीक्षा इंस्टीटयूट फूलबाग ग्वालियर, वेलसंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पथवेस्ता कैरियर स्किल कॉर्पोरेशन, टीवीएस इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड भोपाल, मैडी एस इन्फिनिटी इंश्योरेंस आईएमएफ प्राइवेट लिमिटेड भोपाल एवं सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड आदि शामिल हैं।  इन पदों के लिये होगी भर्ती      इन कंपनियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, सैल्स एग्ज्यूकेटिव, फील्ड सैल्स एग्ज्यूकेटिव, ट्रेनीज, ऑफिस मैनेजमेंट, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यवेक्षक, स्टोर कीपर, कार्यालय सहायक, हेल्पर, सुरक्षा जवान, दूर गाइड, असिस्टेट मैनेजर, सुपरवाईजर, टेली कॉलर, ड्रायवर, प्यून, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में सी, फिटर, टर्नर एवं मशीनिष्ट, आई.टी.आई. टेलीकॉलिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर सभी ट्रेड में इत्यादि पदों पर भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी। रोजगार मेले में 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रुपए तक देय होगा। यह दस्तावेज साथ में लाने होंगे      प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।  

यूपी में PM मोदी के जन्मदिन पर सेवा की मिसाल, 75 जिलों में जले 5.90 करोड़ दीये

पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए। प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे। 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए। अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को … Read more

शेखावाटी को मिलेगा 124 एमसीएम पानी, किशाऊ परियोजना से सीकर-चूरू-झुंझुनूं की बदलेगी तस्वीर

झुंझुनूं  शेखावाटी में पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिलने की आस जगी है। पहले यमुना जल समझौता और अब किशाऊ योजना का एमओयू होने से सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के लोगों को राहत मिल सकेगी। दरअसल, पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव भाजपा सरकार की ओर से शेखावाटी पानी की समस्या को मुद्दा बनाया था। इस दौरान भाजपा सरकार ने यहां के लोगों को यमुना से जल लाने की गारंटी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से पहले चरण में यमुना जल के लिए समझौता किया। पिछले दिनों सरकार ने कार्यालय खोलते हुए डीपीआर बनाने का ऐलान किया। इसके बीच अब सरकार ने किशाऊ योजना के तहत एमओयू किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। किशाऊ परियोजना कहां है? किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 660 मेगावाट जल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करेगी और इससे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। यह हुआ समझौता संशोधित व्यवस्था के तहत, हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बदले में, संबंधित राज्य हिमाचल प्रदेश से जुड़े बिजली घटक की लागत में योगदान देंगे। केंद्र सरकार जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत सहायता के रूप में प्रदान करेगी, जबकि भागीदार राज्य शेष 10 प्रतिशत का योगदान देंगे। परियोजना का संचालन किशाऊ कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से किया जाएगा और इसकी निगरानी ऊपरी यमुना बेसिन के लिए स्थापित ढांचे के तहत की जाएगी। ऐसे शेखावाटी में आएगा पानी इस परियोजना के तहत, किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी को तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों का उपयोग करके हरियाणा की हांसी-बुटाना प्रणाली के माध्यम से चूरू तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। यह पानी सीकर, चूरू, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। यमुना जल का दो साल पहले हुआ समझौता सीकर, झुंझुनू व चूरू जिलों में यमुना का पानी लाने के लिए 17 फरवरी 2024 को राजस्थान, हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की उपस्थिति में समझौता हुआ था। समझौते के तहत प्रथम चरण में ताजेवाला हैड (हथिनीकुण्ड बैराज) से पेयजल के लिए जल को राजस्थान लाने के लिए प्रवाह प्रणाली की संयुक्त रूप से रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने पर सहमति बनी थी। यमुना जल परियोजनाः फैक्ट फाइल     17 फरवरी, 2024 को हुआ था राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू     हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर तीन पैरेलल पाइप लाइन डलेगी।     चूरू, सीकर, झुंझुनूं को 577 एमसीएम पानी मिलेगा     ऊपरी यमुना बेसिन के रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ से इसी पाइपलाइन से आएगा पानी 32 साल पहले हुआ था एमओयू राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई, 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत हथिनी कुंड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया था। कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से लागू नहीं हो सका यह समझौता अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है।

आबकारी आयुक्त नमित मेहता के सख्त निर्देश, 15% से कम राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नहीं

जयपुर  आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व को प्राथमिकता रखते हुए राजस्व लक्ष्यों को पूर्ण किया जाना चाहिए। राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय करते हुए दैनिक समीक्षा करेंगे तो वांछित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकेंगे। आबकारी आयुक्त विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, विशेष निरोधात्मक अभियान, बकाया वसूली, जब्त वाहनों की नीलामी आदि के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर निर्देश प्रदान किए। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने वीसी में कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में कोताही होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी अतः सजग होकर राजस्व अर्जन के लक्ष्य पूर्ण करें। यदि गत वर्ष सितंबर माह की तुलना में राजस्व अर्जन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की कार्य योजना रखते हुए प्रयास करेंगे तो सफलता प्राप्त होगी। वीसी में जोन एवं जिलावार समीक्षा के तहत राजस्व अर्जन में पिछड़ रहे भरतपुर, कोटा, जयपुर को अपेक्षित प्रगति के निर्देश दिए। इसी क्रम में राजस्व अर्जन में पिछडे़ बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, बीकानेर, पाली, जयपुर सिटी, श्रीगंगानगर को निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में 15 प्रतिशत से कम की राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नही है कार्ययोजना बनाकर समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें। वीसी में प्रदेश में 14 से 30 सितंबर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण अभियोग दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया। आबकारी आयुक्त ने बीते अप्रेल में निरोधात्मक केम्पेन के अनुरूप आईएमएफएल एवं वाहनों की बड़ी जब्ती करते हुए ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र की सहायता से राजमार्गों पर अवैध मदिरा की तस्करी, होटल्स, विला एवं संदेहास्पद क्षेत्रों में दबिश की कार्यवाही में वृद्धि करते हुए गंभीरता से कार्य करें। वीसी में जोन, जिला, सर्कल एवं थानावार निरोधात्मक कार्रवाई का विश्लेषण करते हुए अपेक्षित प्रगति से पिछडनें पर बूंदी, बारां, कोटा, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़, दौसा, अलवर के अधिकारियों को अभियान में सक्रियता से अपेक्षित प्रगति के निर्देष दिए। झुंझुंनू को निरोधात्मक अभियान के तहत जब्ती की प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को अनुसरण के लिए कहा गया। निरोधात्मक अभियान के तहत संभाग स्तर पर कम से कम एक अवैध मदिरा के एक ट्रक पर कार्रवाई, महत्वपूर्ण अभियोग में एवं जब्ती में वृद्धि के लिए भी निर्देशित किया गया। सीमावर्ती जिलों में गश्ती दल के माध्यम से अवैध मदिरा की तस्करी पर प्रभावी रोक व धरपकड़ के लिए भी निर्देश दिए गए। वीसी में बकायादारों से वसूली के लिए संबंधित सम्पत्ति चिन्हीकरण व अटेच करते हुए नियमानुसार नीलामी व कुर्की के लिए निर्देशित किया गया। नीलामी के संबंध में यूआईटी एवं निकायों के समान आईटी सेक्शन को नीलामी का ऑनलाइन मॉड्यूल प्राप्त कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। जिलों में जब्त वाहनों की बड़ी संख्या के मद्देनजर जयपुर ग्रामीण व शहर, हनुमानगढ़, अलवर, बहरोड़, जोधपुर, जालौर, पाली, डूंगरपुर को शीघ्रता से नीलामी के लिए निर्देशित किया गया। समीक्षा वीसी में एएलएफ के प्रथम किश्त चालान को शीघ्र वेरिफाई करने के निर्देश भी दिए। वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।

छात्र को तंत्र क्रिया के आरोप में TC देने का मामला, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

तंत्र क्रिया के आरोप में छात्र को टीसी, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान टीसी निरस्त करने का डॉ वर्णिका ने दिया त्वरित निर्देश  रायपुर प्रयास विद्यालय, रायपुर में कक्षा 9वीं के छात्र को विद्यालय से टीसी देकर बाहर किए जाने से संबंधित मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संज्ञान में आया। मामले को लेकर बच्चे के पालक की ओर से आवेदन में आरोप लगाया गया है कि छात्र को विद्यालय से निष्कासित करते हुए टीसी जारी की गई। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि छात्र के तंत्र क्रिया में संलिप्त होने के कथित आरोप के चलते उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। हालांकि, तंत्र क्रिया में संलिप्तता संबंधी आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्राप्त आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छात्र के पालक को समुचित जानकारी दिए बिना उसे कक्षा से बाहर कर टीसी प्रदान की गई, जिस पर पालक द्वारा विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उचित जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।  आवेदन का अवलोकन करने के पश्चात आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रकरण का संज्ञान लिया गया है। आयोग द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से दूरभाष पर चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने छात्र की टीसी निरस्त कर उसकी पढ़ाई पुनः जारी रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में उसकी शिक्षा प्रभावित न हो। मामले की जांच के लिए प्रयास विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य एवं अधीक्षक को आपातकालीन खंडपीठ में 21 सितंबर 2026 को दोपहर 02:00 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर संबंधित दस्तावेजों एवं अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने निर्देशित किया है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हित ध्यान में रखते हुए उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखी जाए।

महाप्रबंधक उद्योग ने स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी, उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

शहडोल सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्योग संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप व्यवसाय का चयन कर शासकीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं अवसरों का उपयोग कर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा युवाओं एवं उपस्थित लोगों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत पात्रता, ऋण सुविधा, अनुदान एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए युवाओं को योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान फैब्रीकेशन का व्यवसाय करने वाले उद्यमी अरसद खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। उन्होंने योजना से प्राप्त लाभों एवं व्यवसाय के संचालन से जुड़ी जानकारी युवाओं के साथ साझा की तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।