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डीग दौरे पर सीएम ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं को वितरित की प्रसादी

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को गिरिराज धरण (गोवर्धन पर्वत) की लगभग 21 किलोमीटर की परिक्रमा भक्तिभाव के साथ संपन्न की। अपने दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सपत्नीक पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथ जी के दर्शन किए। साथ ही, उन्होंने मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी पर दुग्ध एवं जलाभिषेक कर गिरिराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर खुशहाली व सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने श्रीनाथ जी मंदिर परिसर में उपस्थित संतों, स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसादी वितरित की। उन्होंने इस दौरान श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद कर यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम को सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की थी जो मंगलवार सुबह लगभग 4 बजे संपन्न हुई। उन्होंने पूंछरी का लौठा में आमजन से मुलाकात की। विकास कार्यों को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक डॉ. शैलेष सिंह व बहादुर सिंह कोली सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

भीषण गर्मी के बीच पंजाब के मौसम में होगा बदलाव? जानिए कब होगी बारिश और कितने दिन चलेगी Heatwave.

चंडीगढ़. पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 9 और 10 जून के लिए हीटवेव (लू) अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान 11 जून तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच ना निकले बाहर सोमवार को चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन सोमवार को यह 40 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिनभर उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। 11 जून से बदलेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार, 11 से 14 जून के बीच पंजाब और चंडीगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 11 और 12 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक Surinder Pal ने बताया कि अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 11 जून के बाद मौसम में बदलाव के साथ हीटवेव का असर कम होने की उम्मीद है।

यौन हिंसा मामलों पर झारखंड HC सख्त, पीड़ितों के लिए समयबद्ध राहत और पुनर्वास के निर्देश

 रांची झारखंड हाई कोर्ट ने महिलाओं और यौन हिंसा की पीड़िताओं के अधिकारों, सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास से जुड़े एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका मामले में राज्य सरकार, पुलिस विभाग और संबंधित एजेंसियों को कई अहम निर्देश दिए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संज्ञेय अपराध, विशेषकर यौन हिंसा और POCSO मामलों में, क्षेत्राधिकार का हवाला देकर FIR दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकता और Zero FIR दर्ज करना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है. मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने 8 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कहा कि Zero FIR दर्ज नहीं करना कानून के उल्लंघन के समान है. Zero FIR दर्ज करने में लापरवाही पर अदालत सख्त झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को BNSS 2023 की धारा 173 के तहत Zero FIR दर्ज करने की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. इसके साथ ही अदालत ने पुलिसकर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और संवेदनशीलता कार्यक्रम चलाने के भी आदेश दिए हैं. साथ ही, अदालत ने महिला और बाल विकास विभाग को राज्यभर में वन-स्टॉप सेंटरों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन केंद्रों की निगरानी के लिए एक समिति बनाई जाए ताकि मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित हो सके. यौन हिंसा पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास पर जोर हाईकोर्ट ने यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए सरकार को और प्रभावी कदम उठाने को कहा है. अदालत ने पाया कि कई मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता नहीं मिलती, जिससे प्रक्रिया प्रभावित होती है. इसलिए अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को तुरंत कानूनी और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए. दुष्कर्म पीड़ित बच्चों को मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति का आदेश अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हर जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो दुष्कर्म से जन्मे बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास की निगरानी करेगा. ऐसे बच्चों को बारहवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.वहीं, यदि कोई छात्र आईआईटी, एनआईटी, एम्स या आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसे उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी दिया जाए. प्रमुख निर्देश और व्यवस्था हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमे की शुरुआत में ही ट्रायल कोर्ट यह तय करे कि पीड़िता को अंतरिम राहत देने की जरूरत है या नहीं. मामले का अंतिम फैसला चाहे किसी भी रूप में आए, पीड़िता के लिए अंतिम मुआवजा तय करना जरूरी होगा. मुआवजे की राशि का भुगतान 30 दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया गया है. यौन अपराध से जुड़े मामलों का निपटारा तय समयसीमा में हो और इसके लिए बीएनएसएस की धारा 346 का पालन किया जाए. अदालतों को बेवजह तारीख पर तारीख देने से बचने को कहा गया है, ताकि मामलों का जल्द निष्पादन हो सके. पुलिस महानिदेशक को एक विशेष निगरानी दल बनाने का निर्देश दिया गया है, जो समय-समय पर ऐसे मामलों की समीक्षा करेगा. मीडिया, पुलिस और न्यायालय से जुड़े सभी कर्मियों को पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा. पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने या उसकी गोपनीयता भंग करने वालों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दुष्कर्म के मामलों की प्रारंभिक जांच 15 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा गया है. अंतिम जांच दो महीने के अंदर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. पॉक्सो से जुड़े मामलों में 24 घंटे के भीतर आश्रय, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करनी होगी. यौन अपराध से पीड़ित महिलाओं और बच्चियों का बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ही दर्ज किया जाएगा. सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिबंधित चिकित्सीय जांच पद्धति पर पूरी तरह रोक लगाने और उसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन गंभीर पेशेवर कदाचार माना जाएगा. दूरस्थ क्षेत्रों की किशोरियों और महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया है. यदि किसी पीड़िता और उसके परिवार को सामाजिक कारणों से स्थान बदलना पड़े, तो सरकार उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करेगी. महिला हेल्पलाइन 181 को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उसे आपातकालीन सेवा 112 से जोड़ने पर विचार करने का निर्देश दिया गया है.

भारत के प्राचीन गौरव पर राज्यपाल का संबोधन, अफगानिस्तान से म्यांमार तक बताया हिस्सा

जयपुर  राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को लोकभवन में आईआईआईटी धारवाड़, कर्नाटक के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के अंतर्गत राज्यपाल ने इन विद्यार्थियों का अभिनन्दन करते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सीमाएं प्राचीन काल में आज से बहुत अधिक विस्तृत थीं। उन्होंने कहा कि आज का अफ़ग़ानिस्तान, गांधार और कंबोज, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और म्यांमार भारत के ही विशाल साम्राज्य का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक 19 विश्वविद्यालय भारत में थे। सुदूर देशों से लोग भारत में पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के लोगों की बौद्धिक क्षमता बहुत अधिक थी। बप्पा रावल के नाम से ही रावल पिंडी स्थान का नामकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और परंपराओं में आरम्भ से ही श्रेष्ठ रहा है। इसे फिर से श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्राचीन गौरव की अनुभूति कराते युवाओं को सभी क्षेत्र में अग्रणी करने पर जोर है। उन्होंने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र की वीरांगना कालीबाई के बारे में भी कर्नाटक के विद्यार्थियों को विस्तार से बताया और कहा कि स्वाधीनता संग्राम में कालीबाई की महती भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भारत श्रेष्ठ रहा है, इसका इतिहास प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली  बने, इसी उद्देश्य से "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के साथ विकसित भारत का संकल्प संजोया गया है। इससे पहले राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संवाद में राजस्थान के भूगोल, संस्कृति के बारे में बताते हुए सरदार सरोवर से नर्मदा जल को राजस्थान में लाए जाने, राजस्थान के ऐतिहासिक चितौड़गढ़ दुर्ग, विश्व की सबसे बड़ी पक्की  नहर गंग नहर के इतिहास के बारे में रोचक ढंग से जानकारियां दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी भी उपस्थित रहे।

गर्मी की छुट्टियों में छात्रों को राहत, पंजाब शिक्षा विभाग के नए शेड्यूल से मिलेगी सुविधा

चंडीगढ़. नए एकेडमिक सेशन की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों का पाठ्यपुस्कों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए  N.C.E.R.T. कितावों को बांटने की प्रक्रिया शुरू करते हुए डिटेल्ड शेड्यूल जारी कर दिया है। विभाग द्वारा 9 से 17 जून तक अलग-अलग स्कूल क्लस्टर्स को फेज में बुक्स मुहैया करवाई जाएंगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। जिला शिक्षा अधिकारी (UT) द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार सभी क्लस्टर इंचार्ज प्रिंसिपलों को तय तारीखों पर अपने स्कूलों के दाखिला आंकड़ों और अधिकार क्षेत्रों सहित किताबें प्राप्त करने के लिए कहा गया है। 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए सब्जेक्ट-वाइज गिनती भी मुहैया करवाना जरूरी होगा ताकि जरूरत के अनुसार बुक्स का डिस्ट्रीब्यूशन पक्का किया जा सके। विभाग ने क्लस्टर हेड्स को बुक्स रिसीव करने के लिए एक टीचर और दो ग्रुप-D कर्मचारियों सहित कितावें प्राप्त करने के लिए पहुंचने के निर्देश दिए हैं। यह किताबें सेक्टर-18 के गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से बांटी जाएंगी। इसके बाद क्लस्टर हेड अपने अंडर आने वाले स्कूलों में किताबें पहुंचाएंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किताबें समय पर मिलने से स्टूडेंट्स को सेशन के शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई में मदद मिलेगी और सीखने का प्रोसेस अच्छे से आगे बढ़ेगा।

बारिश से पहले बड़ी सौगात! अबूझमाड़ के 1200 ग्रामीणों को 7 पुलों से मिली राहत

नारायणपुर. अबूझमाड़ के दुर्गम वनांचल में वर्षों से मानसून के दौरान अलगाव झेल रहे ग्रामीणों के लिए इस बार बारिश राहत लेकर आएगी. आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रिकॉर्ड समय में सात नए लॉग ब्रिज तैयार किए हैं. इन पुलों के निर्माण से 15 से अधिक गांवों के करीब 1200 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा. हर साल बारिश में उफनते नालों के कारण गांवों का संपर्क टूट जाता था और मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों की मांग पर आईटीबीपी ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर यह अभियान चलाया. अब इलाज, शिक्षा और दैनिक आवागमन के लिए जोखिम भरे रास्तों पर निर्भरता कम होगी. स्थानीय लोगों ने इसे वर्षों पुरानी समस्या का समाधान बताया है. सुरक्षा बलों की यह पहल केवल बुनियादी ढांचा निर्माण नहीं बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. मानसून से पहले तैयार हुए ये पुल अबूझमाड़ के विकास की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं.

कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं! बस्तर में खाद-बीज कारोबारियों पर सख्ती

बस्तर. खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है. जिला स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित कर भंडारण और वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है. विभाग की ताबड़तोड़ जांच कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. नियमों के उल्लंघन पर कई दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अनेक केंद्रों की बिक्री पर रोक लगाई गई है. कुछ लाइसेंस निलंबित और एक लाइसेंस निरस्त भी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है. कृषि विभाग का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है. प्रशासनिक सख्ती के चलते बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

परीक्षाओं में पारदर्शिता पर मान सरकार का जोर, CM बोले- पंजाब में नहीं हुआ एक भी पेपर लीक

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के रोजगार अभियान में एक और मील का पत्थर साबित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इसके साथ ही उनकी सरकार के गठन से अब तक दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 हो गई है. इस उपलब्धि को पंजाब में नई भर्ती व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट जैसी पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के युवाओं का विश्वास हिला दिया है और 2017 से अब तक देश भर में 93 पेपर लीक होने की रिपोर्ट हैं. इसके विपरीत पंजाब की बात करें तो वर्ष 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया. युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है. ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं. ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है.” “मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें. ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.” नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है. वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं. आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं. इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है. उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है. अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें.” पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की. उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है. नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है. हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है. इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है. होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है. शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है. उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था. आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है. यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं … Read more

International Yoga Day to be observed in the state on June 21; preparations intensified across all districts.

 जयपुर 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर राज्य में प्रत्येक जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायत सभी निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर प्रातः 6 से 8 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन को गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी सफलतम बनाने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में बैठक ली। जिसमें संबंधित विभागों के सचिवगण और सभी जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से उ​पस्थित रहें। बैठक में मुख्य सचिव ने योग दिवस के व्यापक आयोजन एवं योग संगम पोर्टल https://yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर अधिक से अधिक पंजीकरण के साथ पूर्ण सहभागिता के संबंध में सभी विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देश दिये। साथ ही, उक्त आयोजन के लिए 21 जून को सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों व महाविद्यालयों को खोले जाने, सभी चिकित्सा व नर्सिंग महाविद्यालयों में योग का आयोजन करने के साथ ही सभी कारागृहों, पुलिस थानों पर भी आयोजन करने एवं योग संगम पर पंजीकरण कराने व योग के उपरान्त प्रतिभा​गियों की संख्या एवं फोटो अपलोड करने के निर्देश प्रदान किये । मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य में यूनेस्को द्वारा निर्धारित वर्ल्ड हेरिटेज साईट्स पर योग दिवस पर आयोजन किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानीय आमजनों को सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। उक्त आयोजन के दिन ही NEET की परीक्षा होने से इस परीक्षा को सफल एवं सुरक्षित आयोजित किये जाने के संबंध में एहतियात के साथ आयोजन किये जाने हेतु भी कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया। साथ ही, सभी सहभागी विभागों एवं जिला कलेक्टरों को योग दिवस के आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जाने एवं समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने के संबंध में निर्देशित किया गया एवं  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की भावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक आयोजन एवं गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी योग दिवस के आयोजन में देश में अग्रणी रहने के संबंध में निर्देशित किया गया।

भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे पटना के छात्र आशीष, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में मिला मौका

पटना बिहार की राजधानी पटना के एक होनहार छात्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य और पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। राजकीय पॉलिटेक्निक गुलजारबाग, पटना के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र आशीष राजवंश का चयन चीन के शंघाई में होने वाली प्रतिष्ठित 'वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता' के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता इसी साल 22 सितंबर 2026 को आयोजित होने जा रही है, जिसमें आशीष 'एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस' के बेहद चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आशीष की इस कामयाबी से न सिर्फ उनके कॉलेज प्रशासन में जश्न का माहौल है, बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए यह एक बहुत बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आया है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं आशीष आशीष राजवंश संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छठे सेमेस्टर के छात्र हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का यह शानदार सफर तय किया है। आपको बता दें कि इस वैश्विक मंच तक पहुंचने से पहले आशीष ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था, और इसके बाद आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। जीएमआर एयरो स्कूल में मिली एडवांस्ड ट्रेनिंग लगातार मिल रही इन बड़ी सफलताओं और उनकी अद्भुत तकनीकी क्षमता के आधार पर ही आशीष का चयन 'जीएमआर एयरो स्कूल ऑफ एविएशन' में एडवांस्ड ट्रेनिंग और मूल्यांकन के लिए किया गया था। वहां उन्होंने अपने हुनर का ऐसा प्रदर्शन किया कि वर्ल्ड स्किल्स शंघाई 2026 के लिए भारत की तरफ से उनका टिकट पूरी तरह पक्का हो गया। इस विशेष ट्रेनिंग ने उनकी स्किल्स को और अधिक धारदार बना दिया है। जानकारों और कॉलेज के प्रोफेसरों का कहना है कि आशीष जिस लगन से तैयारी कर रहे हैं, उससे पूरी उम्मीद है कि वह सितंबर में चीन की धरती पर तिरंगा लहराकर देश के लिए मेडल जरूर जीतेंगे।