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इतिहास की सच्चाई: जेल में बिरसा मुंडा की मौत और अंतिम संस्कार से जुड़े विवादित दावे

 रांची  कोकर के डिस्टिलरी पुल के पास आज के दिन ही नौ जून, 1900 को धरती आबा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। तब, यह क्षेत्र काफी सुनसान था। जंगल था। एक नदी बहती थी, जो अब विकास की भेंट चढ़ गई। 125 साल पहले 25 साल के युवा बिरसा से ब्रिटिश सरकार डरी-सहमी थी। सुबह-सुबह बिरसा की कथित हैजे से मौत हो गई। जेल में बिरसा की हालत दो दिन पहले खराब हो गई थी। नौ जून को स्थिति और खराब हो गई। नौ बजते-बजते नाड़ी बंद हो गई। डॉक्टरों ने नाड़ी देखी और सरकार इस अप्रत्याशित घटना से सकते में आ गई। 25 साल के युवा से ब्रिटिश सरकार डरी ऐसा पहली बार हुआ कि 25 साल के युवा से ब्रिटिश सरकार डरी हुई थी। जेल के अंदर दिन भर कवायद जारी रहा। शाम होते ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव को ब्रिटिश सरकार ने परिवार को सौंपना उचित नहीं समझा। रांची में 1850 के आसपास स्थापित गोस्सनर चर्च बिरसा के आंदोलन को शक की निगाह से देखता था। बिरसा मुंडा ने मतांतरण के खिलाफ भी आंदोलन चलाया था। इसलिए इस मिशन की पत्रिका घरबंधु ने 15 जून के अंक में खबर छपी। शीर्षक था-दाऊद बिरसा मर गया। जब बिरसा का बपतिस्मा हुआ था तब यही नाम दाउद ही मिला था, लेकिन जल्द ही वह इस धर्म से दूर, खुद ही एक अलग धर्म बिरसाइत की स्थापना की थी। पत्रिका ने इसकी सूचना दी 9 जून को दाऊद बिरसा जेल में हैजे से मर गया और उसी दिन में डोम लोग उसको नदी तक ले गये और जेलर बाबू के सामने जलाया। थोड़े दिनों के पीछे हाकिम का बिचारने उसको अपने पास बुलाया और उसका बिचार किया। उस बिचार की निंदा उसने की और अपने मुक्तिदाता को छोड़ दिया था जो कहता है कि स्वर्ग और पृथ्वी का समस्त अधिकार मुझे दिया गया है। केवल दो लोग हैजे से पकड़े गए घरबंधु इस मौत पर अचंभित होता है। आगे लिखता है, बड़े अचंभे की बात है कि जेलखाने के जिस आंगन में बिरसा और उसके निज चेले अपनी-अपनी कोठरी में रहते थे केवल दो जन हैजे से पकड़े गए हैं जो कचहरी में पहुंचाए जाते रहते थे अर्थात बिरसा और बराया मुंडा। वही पहले मर गया। हैजे से निधन पर घर बंधु संदेह भी करता है। आगे लिखता है-वे सब एक खाना खाते थे और केवल वे ही दो पकड़े गये। निश्चय उनको चुप कराने की लालसा उन लोगों की रही जिन्होंने अपनेको छिपाके बिरसाको उलगुलान करने के लिये उस्काया और निश्चय वे बहुत डरते थे कि बिरसा इजहार देनेके समय में उस उलगुलान का भेद खोलेगा। कचहरी में बहुत लोग बिरसा के आसपास जमा हुए और उसका गुप्तमें तमाकू वा दूसरी चीजके साथ विष देने का बहुत अवसर मिलता था ऐसा हुआ कि नहीं हुआ सो ईश्वर जानता है। घरबंधु में प्रकाशित होती थी खबरें बिरसा मुंडा के आंदोलन की खबरें घरबंधु में प्रकाशित होती रहती थीं। एक तरह से आंदोलन पर इस पाक्षिक पत्रिका की नजर भी रहती थी। 1900 अप्रैल के अंक में बिरसा भगवान का गोलमाल शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। इसमें सरवदा चर्चा पर हुए हमले में दोषी के दंड का जिक्र है। खबर है- जो उपद्रवी जेल में हें उनका इजहार बराबर लिया जाता रहता है। 27वीं अप्रैल में कातिंगकेलके परौ मुन्डा का बिचार हुआ जिसने सरवदा के रोमन पादरी पर तीर चलाया जिससे वह घायल किया गया, वह जीवन भर दायमुल भेजा जाता है। और पांडु मुन्डा को घर जलाने के कारण सात बरस जेल हुआ। एक खबर गया मुंडा को लेकर भी प्रकाशित हुई थी। इस तरह धार्मिक पत्रिका घर बंधु में समय-समय पर इस तरह की खबरें भी ठीक से स्थान पाती थीं। बिरसा मुंडा के साथियों ने सरवदा चर्च पर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर हमला किया था, जिसमें फादर हाफमैन भी घायल हो गए थे। बाद में फादर ने जमीन सुरक्षा को लेकर सीएनटी एक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया था और 16 खंडों में इनसाइक्लोपीडिया आफ मुंडारिका लिखी। हाफमैन बाद में जर्मनी अपने देश वापस चले गए थे। बिरसा जेल अब बन गया स्मारक रांची जेल की स्थापना 1890 के बाद हुई थी। बिरसा के बलिदान के बाद इस जेल का नाम धरती आबा के नाम से कर दिया गया। पहली बार धरती आबा की बड़े स्तर पर चर्चा तब हुई जब रांची से 40 किमी दूर रामगढ़ में कांग्रेस का महाधिवेशन 1940 के मार्च में हुआ था। तब गांधी, नेहरू, पटेल से लेर मौलाना आजाद, बाबू राजेंद्र प्रसाद आदि सभी बड़े-छोटे नेता आए थे। उस समय बिरसा मुंडा द्वार बना था और उस समय प्रकाशित स्मारिक में बिरसा मुंडा पर एक लेख भी अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ था। लंबे समय बाद, झारखंड बनने के बाद जब नया जेल बना तो इसे स्मारक व पार्क में बदल दिया गया। जिस कक्ष में बिरसा मुंडा बंदी थे, उसमें एक प्रतिमा लगा दी गई है। इसके बाद जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था, वहां भी एक स्मारक बना दिया गया है। कुल पांच साल तक चला आंदोलन 15 नवंबर 1875 को खूंटी जिले के उलिहातू में जन्मे धरती आबा का आंदोलन 1895 से लेकर 1900 तक चला। यानी, 20 साल की उम्र में उन्होंने बिगुल फूंक दिया। हिंदू-ईसाई धर्म का ज्ञान भी प्राप्त किया और एक नया धर्म बिरसाइत धर्म चलाया। पांच साल तक चले इस आंदोलन के कारण ब्रिटिश सरकार को आदिवासी जमीन के लिए एक नया कानून बनाना पड़ा। 1908 में अस्तित्व में आया यह कानून आज भी जारी है। बिरसा ने कई समाज सुधार के काम भी किए। इसलिए उसे पैगंबर भी कहा गया। मसीहा भी कहा गया। ब्रिटिश लेखक ने ईसा मसीह से भी तुलना की।

पतरातू यार्ड में मॉक ड्रिल: आपात स्थिति में यात्रियों को बचाने का किया गया अभ्यास

धनबाद  रेल दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को धनबाद मंडल के पतरातू यार्ड में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. यह मॉक ड्रिल वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देशानुसार निरीक्षक प्रभारी पतरातू के नेतृत्व में आयोजित की गई. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की तैयारियों, समन्वय क्षमता तथा राहत-बचाव कार्यों की दक्षता का आकलन करना था. रेल दुर्घटना मॉक ड्रिल का आयोजन मॉक ड्रिल के दौरान पतरातू यार्ड में खड़ी स्टेबल रेक को दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के रूप में चिन्हित किया गया. जैसे ही काल्पनिक दुर्घटना की सूचना प्रसारित हुई, रेलवे सुरक्षा बल, इंजीनियरिंग विभाग और चिकित्सा विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय होकर मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास अभ्यास के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित कैसे बाहर निकाला जाए, घटनास्थल की घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाए और यात्रियों के सामान की सुरक्षा किस प्रकार की जाए. घायलों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्था ड्रिल में घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने, गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अस्पताल भेजने से पहले आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने का अभ्यास किया गया. चिकित्सा टीम ने मौके पर ही अस्पताल पूर्व चिकित्सा की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया. आपात तैयारी की जांच बचाव दलों के बीच समन्वय, कम्युनिकेशन सिस्टम और आपातकालीन संसाधनों के उपयोग की भी जांच की गई. अधिकारियों ने बताया कि रेल दुर्घटना के शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए सभी विभागों का सतर्क और प्रशिक्षित रहना जरूरी है. अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी इस मॉक ड्रिल में आरपीएफ निरीक्षक अजय कुमार सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार सहित आरपीएफ के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई. वहीं वरीय अनुभाग अभियंता (रेल पथ) शशि कुमार अपने विभागीय कर्मचारियों के साथ उपस्थित थे. चिकित्सा विभाग की ओर से डॉ अभिषेक कुमार और उनकी टीम ने घायलों के उपचार और चिकित्सकीय सहायता संबंधी प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया. इसके अलावा, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लेकर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा.

Heatwave Alert: 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा, राजस्थान में लू का कहर जारी

जयपुर जस्थान में आग उगलती गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया है. इसी बीच, प्रदेश के स्कूली बच्चों, पैरेंट्स और टीचर्स के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है. अगर आप सोच रहे थे कि 20 जून को छुट्टियां खत्म हो रही हैं और चिलचिलाती धूप में स्कूल जाना पड़ेगा, तो अब टेंशन छोड़ दीजिए. गर्मी के भयंकर प्रकोप को देखते हुए सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations) को आगे बढ़ा दिया है. अब 20 नहीं, 28 जून को खुलेंगे स्कूल बीकानेर शिक्षा विभाग से 9 जून 2026 को जारी लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, प्रदेश में अब ग्रीष्मकालीन अवकाश 28 जून तक रहेगा. पहले सरकार ने शिविरा पंचांग (Academic Calendar 2026-27) जारी करते हुए इन छुट्टियों को 17 मई से 20 जून (महज 35 दिन) तक ही सीमित कर दिया था. लेकिन अब छुट्टियां 7 दिन और बढ़ गई हैं, जिससे कुल अवकाश 42 दिनों का हो गया है. इसके साथ ही एक और राहत दी गई है. अब स्कूलों के प्रिंसिपल के पास अपने अधिकार से एक दिन की बजाय दो दिन की छुट्टी मंजूर करने की पावर होगी. पहले क्यों कम कर दी गई थीं छुट्टियां? दरअसल, छुट्टियों में इस कटौती के पीछे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक खास प्लान था. शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में तय किया गया था कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पढ़ाई के दिन बढ़ाकर 214 किए जाएंगे. इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण 21 जून को होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस था. सरकार चाहती थी कि 20 जून को छुट्टियां खत्म हों और 21 जून को स्कूल खुलने पर सभी बच्चे और टीचर्स एक साथ मिलकर बिना किसी सिरदर्द के योगाभ्यास कर सकें. लेकिन शिक्षक संघ शुरुआत से ही इस फैसले पर अपना विरोध दर्ज करवा रहे थे. 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा सरकार का प्लान अच्छा था, लेकिन राजस्थान के मौसम ने सारा खेल पलट दिया. इस वक्त प्रदेश भट्टी की तरह तप रहा है. जैसलमेर में तापमान सबसे ज्यादा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. बाड़मेर (46.0 डिग्री), कोटा (45.7 डिग्री) और चूरू (45.3 डिग्री) का भी बुरा हाल है. जयपुर मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 से 4 दिनों तक पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की है, जहां पारा 44 से 45 डिग्री तक रह सकता है. हालांकि, आज दोपहर बाद पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी से गर्मी से मामूली राहत मिलने के आसार जरूर हैं.

खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अवैध कोयला और रेत परिवहन में लगे 8 वाहन पकड़े गए

सूरजपुर. प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप तथा जिला प्रशासन के सतत निगरानी अभियान के तहत की गई। कलेक्टर के निर्देश पर चलाया गया विशेष जांच अभियान कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्कफोर्स एवं खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। 7 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से खनिज कोयला परिवहन करते हुए 06 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। इन वाहनों से लगभग 5 टन कोयला जब्त किया गया, जिसे पुलिस थाना सूरजपुर में सुरक्षार्थ रखा गया है। अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त वाहन जब्त खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 03 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की है। इसके अलावा 08 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत परिवहन में लगे 02 और टिपर वाहनों को जब्त किया गया। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए जप्त वाहनों एवं खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से खनिज अमला नियमित निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध पंजाब सरकार: गज्जनमाजरा

चंडीगढ़  पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव माणकमाजरा और दहलीज़ खुर्द में 13 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ क्षेत्र के विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा भी मौजूद रहे। इस संबंधी समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के 3,832 एकड़ से अधिक कृषि योग्य क्षेत्र को पहली बार सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मुहैया कराने और भूजल पर निर्भरता घटाने के लिए वचनबद्ध है।  उन्होंने कहा कि मान सरकार का लक्ष्य नहरी पानी की हर बूंद को टेलों तक पहुंचाकर पानी, पंजाब और पंजाबियत को सुरक्षित करना और नशों से जवानी को बचाकर 'रंगला पंजाब' बनाना है।  उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पानी के मुद्दे पर सिर्फ़ राजनीति की और पंजाब के हिस्से के पानी की रक्षा करने में विफ़ल रहीं। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने राज्य के पानी की रक्षा करने के साथ-साथ नहरी ढांचे को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं ताकि किसानों को लंबे समय के लिए भरोसेमंद सिंचाई सुविधाएं प्रदान की जा सकें।" कैबिनेट मंत्री ने गांव माणकमाजरा में भरी सभा को संबोधित करते हुए बताया कि कोटला ब्रांच नहर से नया भसौड़ माइनर बनाया गया है, जिसे करीब 4.07 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग करके पक्का किया गया है, जिससे ज़िला मालेरकोटला और संगरूर के 9 गांवों को लगभग 50-60 साल बाद नहरी पानी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा भसौड़ माइनर से 1.73 करोड़ रुपये की लागत से गांव दरोगेवाल और माणकमाजरा के लिए 7,640 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है।  इस परियोजना से 1,006 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को सिंचाई के लिए पहली बार नहरी पानी मिलेगा। इसी माइनर से करीब 1.03 करोड़ रुपये की लागत से गांव रुस्तमगढ़, संगाली, संगाला और भैणी कलां के लिए 4,200 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे करीब 980 एकड़ क्षेत्र को देश की आज़ादी के बाद पहली बार नहरी पानी की सुविधा प्राप्त होगी। इसी तरह गांव दहलीज़ खुर्द में करीब 6.17 करोड़ रुपये की लागत की नहरी पानी परियोजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करने के बाद कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि 5.63 करोड़ रुपये की लागत से बठिंडा ब्रांच से 20,149 मीटर लंबी उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे गांव महरना खुर्द, कंगनपुर और रसूलपुर के कुल 1486 एकड़ क्षेत्र को पहली बार भरोसेमंद नहरी पानी उपलब्ध होगा, जबकि 54 लाख रुपये की लागत से गांव दहलीज़ कलां और दहलीज़ खुर्द के 360 एकड़ क्षेत्र को नहरी सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों के विकास और जन कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नहरी ढांचे के आधुनिकीकरण के ज़रिए हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमरगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस मौके पर चेयरमैन ज़िला योजना बोर्ड साकिब अली राजा, चेयरमैन ज़िला परिषद मालेरकोटला रघबीर सिंह चौंदा, चेयरमैन मार्केट कमेटी अमरगढ़ हरप्रीत सिंह नंगल, चेयरमैन पंजाब हज कमेटी हाशिम सूफी, आम आदमी पार्टी नेता केवल सिंह जागोवाल, क्षेत्र कॉर्डिनेटर नशा-मुक्ति यात्रा गुरप्रीत सिंह बनभौरा (बिट्टू), सहायक कमिश्नर मनदीप कौर, डी.एस.पी. संजीव कपूर, एक्सियन हरमनिंदर सिंह, एक्सियन संगरूर अतिंदरपाल सिंह सिद्धू, एक्सियन दमनजीत सिंह, राजीव, अभिजोत के अलावा बड़ी संख्या में क्षेत्र के निवासी मौजूद थे।

किसानों से परिवहन तक कई अहम निर्णय, साय कैबिनेट ने CSPTCL IPO और खनन निगरानी में किए बदलाव

रायपुर मंत्रालय के महानदी भवन में सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई. बैठक में साय कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. मंत्रिपरिषद ने किसानों को प्रोत्साहन देने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने सहित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।  कैबिनेट की बैठक में CSPTCL के IPO को सैद्धांतिक मंजूरी कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी. इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदारी का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी. आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को इसको लिए अधिकृत किया गया है।  किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार की आदान सहायता खरीफ सीजन 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी मिली है. धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। यह फायदा एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा. सरकार का लक्ष्य फसल विविधीकरण, किसानों की आय में वृद्धि और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।  राशन हितग्राहियों को लगातार मिलेगा चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने आवश्यक चना खरीदने की मंजूरी दी है. छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए अधिकतम 0.25 प्रतिशत सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है. अप्रैल से जून 2026 तक की व्यवस्था को भी बढ़ाया गया।  अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होगा योग विभाग कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया है. सरकार का मानना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए इससे जुड़े प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान कार्यों का बेहतर समन्वय चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से हो सकेगा।  रायपुर समेत 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी और मैकेनिज्म के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दी गई है. इससे रायपुर, ​भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, इससे नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल पाएगी।  नवा रायपुर में भूमि अधिग्रहण को मिलेगी रफ्तार कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि खरीद पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी में छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है. इस फैसले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर के आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।  खनन क्षेत्र में RFID और वाहन ट्रैकिंग अनिवार्य छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी मिली है. खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा. खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि हो गई है. राज्य सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।  सरकार के फैसले इन क्षेत्रों को करेंगे प्रभावित साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले कृषि, ऊर्जा, परिवहन, खनन और शहरी विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेंगे. विशेष रूप से किसानों के लिए नई प्रोत्साहन नीति, 240 ई-बसों की मंजूरी और खनन क्षेत्र में तकनीकी निगरानी को सरकार के बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1.    आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है। 2.    मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। 3.    मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा। 4.    मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न … Read more

पटना कोचिंग हिंसा केस: कोर्ट ने रौशन आनंद को नहीं दी राहत, खान सर को फिलहाल सुरक्षा

 पटना खान सर की कोचिंग सेंटर पर हुए हमले, मारपीट और तोड़फोड़ से जुड़े केस में आरोपी ज्ञान बिंदू जी.एस. एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को कोर्ट से झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। नियमित जमानत याचिका खारिज होने का मतलब यह है कि अभी रौशन आनंद को जेल भी रहना होगा। 2 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में 15-20 लोगों के एक समूह ने बिहार की राजधानी पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी और परिसर पर पथराव किया था। इस मामले में दर्ज केस के अनुसार अभियुक्तों पर खान ग्लोबल स्टडीज में प्रवेश कर एक सुरक्षाकर्मी को खींचकर बाहर सड़क पर लाने और उसके साथ मारपीट कर जख्मी कर देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 03 जून 2026 को को जेल भेजा था। मामले की प्राथमिकी कदमकुआं थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 410/26 के रूप में दर्ज की गई है। ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के पक्ष में बहस करते हुए उनके वकील राघव कुमार ने अदालत में कहा था कि इस मामले में धारा 109 लागू नहीं होती। उन्होंने तर्क दिया था कि पीड़ित को लगी चोटें साधारण हैं और मामले में दर्ज सभी धाराएं जमानती हैं। सोमवार को उनके वकील ने अदालत में अपने मुवक्किल को निर्दोष बताया और उन पर लगाये गये आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत पर छोड़े जाने की प्रार्थना की थी। हालांकि, अदालत में रौशन आनंद के वकीलों की तर्क काम ना आई और ज्ञान बिंदु के मालिक रौशन आनंद को बेल नहीं मिली। खान सर को गिरफ्तारी से फिलहाल राहत इधर खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर को मंगलवार को अदालत की तरफ से फिलहाल राहत मिल गई है। अदालत ने खान सर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाई है। दंडात्मक कार्रवाई पर रोक का मतलब यह हुआ कि फिलहाल पुलिस उनपर कोई ऐक्शन नहीं लेगी और उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। सोमवार को ही खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दिन अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने अपने आदेश में खान सर को फिलहाल राहत दी है। छात्रों ने सड़क पर किया था प्रदर्शन पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में पिछले 02 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले, मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रौशन आनंद सर को गिरफ्तार किए जाने के बाद कई छात्र उनके समर्थन में उतर आए थे। छात्रों का कहना था कि इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रोशन आनंद को फंसाया जा रहा है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। छात्रों ने कहा था कि यह अफवाह गलत है कि खान सर की फीस उनके प्रतिद्वंद्वियों से कम है। उनका दावा था किज्ञान बिंदु के ज्यादातर ऑफ लाईन कोर्सेस की कीमत खान ग्लोबल के मुकाबले कम हैं। छात्रों ने कहा था कि यह साबित होने के बाद कि फायरिंग खान सर के गार्डों ने की थी, प्रशासन को रोशन आनंद को छोड़ देना चाहिए।

ड्रग तस्करों की जमानत कराने वालों पर भी कार्रवाई की मांग, हरियाणा की महापंचायत का बड़ा फैसला

सिरसा. गांव गोरीवाला में सोमवार को दादा भोमिया महाराज के मंदिर में नशे के विरुद्ध महापंचायत हुई। इसमें निर्णय हुआ कि नशा तस्कर की पंचायत या कोई ग्रामीण जमानत नहीं करवाएगा। किसी ग्रामीण ने जमानत करवाई तो उस पर जुर्माना लगेगा व उसका पोस्टर गांव के चौराहे में लटकाकर शर्मसार किया जाएगा। वकीलों ने भी फैसला सुनाया कि वे नशा तस्कर की जमानत नहीं करवाएंगे। पंचायत में बताया कि दादा भोमिया मंदिर में चोरी करने वाला युवक नशा करता है। उसे व उसके परिवार को गांव से बाहर निकाला जाएगा। गांव में नशे का प्रवेश रोकने को लठैत युवा गांव की सीमाओं पर पहरा देंगे। महापंचायत का नेतृत्व कर रहे जयपाल बग्गी ने कहा कि नशे से बढ़ते अपराध को देख निर्णय लिए।

पंजाब के मानसा में NIA का बड़ा एक्शन, शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल

मानसा. पंजाब के मानसा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार सुबह जिले के गांव कुलाना में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि गांव के एक युवक द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से फोन पर संपर्क किए जाने के बाद NIA की टीम जांच के लिए गांव पहुंची है। जानकारी के अनुसार, NIA के करीब एक दर्जन अधिकारी और कर्मचारी तीन वाहनों में सवार होकर तड़के ही गांव में पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी। टीम द्वारा संबंधित युवक और उसके संपर्कों को लेकर जांच की जा रही है। साथ ही गांव के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी युवक के फोन रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक NIA की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि शहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आता रहा है। आरोप हैं कि वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पंजाब के युवाओं को भड़काने का प्रयास करता है, जिसके चलते कई बार कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। फिलहाल NIA की कार्रवाई जारी है और मामले को लेकर एजेंसी द्वारा आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

प्रकृति का अनमोल प्रहरी! जगदलपुर में मिली दुर्लभ निशाचर पक्षी की मौजूदगी, बढ़ी वैज्ञानिकों की उत्सुकता

जगदलपुर. जगदलपुर के माचकोट वन क्षेत्र में एक दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी ने जंगलों की समृद्ध जैव विविधता को फिर सुर्खियों में ला दिया है. लंबी पूंछ वाले नाइटजार, जिसे स्थानीय भाषा में “कापू चड़ई” और हिंदी में “रात की चिड़िया” कहा जाता है, को कैमरे में कैद किया गया है. यह पक्षी दिनभर झाड़ियों और पेड़ों की निचली शाखाओं में छिपकर आराम करता है, इसलिए इसे देख पाना बेहद मुश्किल माना जाता है. रात होते ही यह सक्रिय हो जाता है और उड़ते हुए कीट-पतंगों का शिकार करता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण कर किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होता है. इसकी विशेष आवाज जंगलों में इसकी उपस्थिति का संकेत देती है. भारत के अलावा चीन, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी यह प्रजाति पाई जाती है. वन अधिकारियों का कहना है कि माचकोट क्षेत्र दुर्लभ पक्षियों का महत्वपूर्ण आवास बनता जा रहा है. इस खोज ने एक बार फिर साबित किया है कि कोंडागांव के जंगल जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं.