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मुख्यमंत्री साय ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत  निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी। उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।

सेपरेट हॉस्टल फॉर फ्रेशर्स: RGPV ने सीनियर्स-जूनियर्स को अलग-अलग आवास में रखा

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच रैगिंग और मारपीट की बढ़ती घटनाओं को देखेते हुए इस सत्र से एक नई पहल की है। इस बार कनिष्ठ विद्यार्थियों को अलग छात्रावास में रखा जाएगा। इसके अलावा इस बार मेरिट के आधार पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास आवंटित किया जाएगा। अब किसी भी छात्र संगठन की सिफारिश पर छात्रावास आवंटित नहीं होंगे। इसके अलावा सख्त नियम भी बनाए गए हैं। विवि प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्र राजनीति, संगठनात्मक दबाव या किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से छात्रावास आवंटन नहीं होगा यह निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुशासित माहौल को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बता दें, कि प्रदेश में सबसे अधिक आरजीपीवी में रैगिंग और मारपीट की घटनाएं यूजीसी की एंटी रैगिंग कमेटी में दर्ज हुई है। पुराने छात्रावास आवंटन को किया गया निरस्त विश्वविद्यालय ने सभी पुराने छात्रावास आवंटन को पूरी तरह निरस्त कर दिसंबर 2024 की परीक्षा में प्राप्त मेरिट और मध्यप्रदेश शासन की आरक्षण नीति के आधार पर नए सिरे से रूम आवंटन की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें लिए द्वितीय, तृतीय और अंतिम वर्ष के बालक छात्रावास के लिए 690 और कन्या छात्रावास के लिए 510 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थी भी इस नई व्यवस्था समर्थन कर रहे हैं। इस बार विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास उन्हीं को मिलेंगे जो वास्तव में अध्ययनरत और पात्र हैं।इसके लिए न केवल आवेदकों की कक्षा व मेरिट आधारित पात्रता तय की जा रही है, बल्कि आवंटन को अस्थायी (प्रोविजनल) रूप में रखा गया है। नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रावास विश्वविद्यालय परिसर में कुल पांच छात्रावासों में लगभग 1460 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है, जबकि नवप्रवेषित 1200 समेत चार वर्षों के कुल 4500 छात्र-छात्राएं हैं।इस कारण प्रबंधन ने इस बार आवंटन मेरिट के आधार पर करने का निर्णय लिया है। इसमें नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अलग छात्रावास में रखा जाएगा। छात्रों के लिए यह व्यवस्था इसमें लड़कों को चंद्रशेखर आजाद छात्रावास में करीब 270 और भास्कराचार्य में 135 छात्रों को कमरे आवंटित किए गए हैं। वहीं लगभग 450 लड़कियों के लिए रानी अहिल्याबाई छात्रावास आवंटित किया गया है। छात्राओं के लिए लक्ष्मीबाई छात्रावास नर्धारित वहीं द्वितीय, तृतीय और अंतिम वर्ष के 370 छात्रों के लिए एपीजे अब्दुल कलाम छात्रावास और 230 छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास निर्धारित किए गए हैं। इसे लेकर प्रो. एस.एस भदौरिया, संचालक, यूआईटी, आरजीपीवी यह ने बताया कि यह व्यवस्था विवि में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। 1200 आवेदन मिले है, नियमों और मेरिट के आधार पर रूम आवंटित किए जा रहे हैं।

पहली कक्षा में एडमिशन को लेकर राज्य सरकार और CBSE के दो अलग-अलग नियम का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

 इंदौर  पहली कक्षा में बच्चों के प्रवेश को लेकर राज्य शासन और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दो अलग-अलग नियम अभिभावकों के लिए परेशानी की वजह बन रहे हैं। मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन की ओर से पैरवी कर रहे अभिभाषक गौरव छाबड़ा ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश की आयु केंद्रीय शिक्षा नीति में निर्धारित की गई है। इसके हिसाब से एक अप्रैल के पहले छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को ही कक्षा एक में प्रवेश दिया जाता है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने मार्च में एक आदेश जारी किया है। इसमें 30 सितंबर तक छह वर्ष की आयु पूरी करने वालों को प्रवेश देने के लिए कहा है। इन दोनों नियमों में करीब छह माह का अंतर आ रहा है। ऐसी स्थिति में अभिभावक असमंजस में हैं। कोई छात्र एक साल पढ़ाई के बाद किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित होता है तो नियमों की वजह से उसे दोबारा कक्षा एक में पढ़ना पड़ेगा। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दो सरकारों के दो नियमों के कारण आने वाली परेशानी को कोर्ट के समक्ष रखा गया। कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव, अध्यक्ष सीबीएसई बोर्ड, मप्र शासन, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र और इंदौर के जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

परम वीर चक्र मेजर सोमनाथ शर्मा एवं कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्य गाथा एनसीईआरटी की कक्षा आठवीं के सिलेबस में शामिल

भोपाल  एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की अंग्रेजी पुस्तक 'पूरवी' में अब भारत के वीर सपूतों की कहानियां सुनाई जाएंगी। इस पुस्तक में पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और कारगिल हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्य  कहानियां शामिल की गई हैं।  इस पुस्तक के माध्यम से छात्रों को भारत के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। नए पाठ्यक्रम में शामिल प्रमुख बिंदु: – मेजर सोमनाथ शर्मा: पहले परमवीर चक्र विजेता, जिन्होंने 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्वितीय साहस दिखाया। – कैप्टन विक्रम बत्रा: कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र विजेता, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से दुश्मनों को पराजित किया। – आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा: झारखंड के प्रसिद्ध आदिवासी नेता, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। – महान गणितज्ञ:     – आर्यभट्ट: प्राचीन भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ और खगोलशास्त्री।     – वराहमिहिर: ज्योतिष और गणित के प्रसिद्ध विद्वान।     – भास्कराचार्य: गणितज्ञ और खगोलशास्त्री, जिन्होंने बीजगणित और ज्यामिति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। – देश की पहली महिला भौतिक वैज्ञानिक बिभा चौधरी: भारतीय विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली वैज्ञानिक। – भारतीय साहित्यकार:     – तेनाली राम: विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध तेलुगु कवि।     – सरोजनी नायडू: प्रसिद्ध भारतीय अंग्रेजी कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी। इन सभी व्यक्तित्वों की कहानियों और योगदानों को शामिल करके, एनसीईआरटी ने छात्रों को भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास किया है।

प्रयागराज-वाराणसी के लिए चेतावनी! IMD का यलो अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में पहले से बारिश जारी

नई दिल्ली  हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश ने खूब तबाही मचाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल में अब तक 55 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जान-माल का करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। आज कहाँ-कहाँ होगी बारिश? मौसम विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के लिए कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में आज यानी 16 जुलाई को बारिश की संभावना है। राजौरी गार्डन, मुंडाका, कंझावला, बवाना, बुद्ध जयंती पार्क, रोहिणी, पश्चिम विहार और दिल्ली कैंट जैसे इलाकों में बारिश हो सकती है। पिछले कई दिनों से राजधानी में बादल छाए हुए हैं, और 18 तारीख तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है. कहीं-कहीं बादलों की गरज भी सुनाई दे सकती है। उत्तर प्रदेश में बारिश का अपडेट उत्तर प्रदेश में, नोएडा समेत कई इलाकों में पिछले दिनों बारिश हुई थी, और आज भी यह सिलसिला जारी रहेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फरनगर, किठौर, संभल, गढ़मुक्तेश्वर, सियाना, जहांगीराबाद, बहजोई, नरौरा, प्रयागराज, वाराणसी, सहसवान, अनूपशहर, खतौली, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, कासगंज और एटा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हरियाणा के असंध, सफीदों, सोनीपत, खरखौदा, कैथल, राजौंद, पानीपत और गोहाना में भी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और अलर्ट हिमाचल प्रदेश के कई जिलों, जैसे कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और शिमला में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।  

अपनी ही रकम के लिए रिटायर्ड फौजी को देनी पड़ी घूस, पुलिस पर उठे सवाल, SP तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी को उनका ही पैसा लौटाने के एवज में 10 हजार रुपया रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। फौजी का कहना है रिश्वत बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा ने मांगी है। एएसआई की इस हरकत का 15 जून को उन्होंने वीडियो भी बनाया है। उसमें एएसआई शर्मा बोलते हुए दिख रहे हैं कि “13 लाख रुपया नहीं देख रहे हो, 10 हजार रुपए की चिंता कर रहे हो”। जिसकी शिकायत पर पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है। प्लाट धोखाधड़ी से शुरू हुआ था मामला दअरसल, भिंड असहोना निवासी मुन्नालाल जोतिषी ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि उन्होंने दो साल पहले पत्नी बैजंती के नाम से बब्लू बुंदेला की पत्नी रागिनी से 25 गुणा 45 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख 90 हजार रुपये में खरीदा था। इसमें उनके साथ धोखा हो गया। उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया, उसकी जगह रेंच वाले प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने 2023 में एसपी दफ्तर में की थी।  ASI ने बिल्डर से चेक लेकर फरियादी को देने का किया वादा फिर पता चला कि रजिस्ट्री भी गड़बड़ है, तो उन्होंने अपने स्तर पर बब्लू बुंदेला पर दबाव बनाया तो उसने एक लाख रुपया तो तत्काल लौटा दिया था। बाकी रकम 12 लाख 50 हजार रुपये का चेक देने का वादा किया। मामले की जांच बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा के पास है। एएसआई शर्मा ने बबलू से उनके नाम का चेक तो ले लिया लेकिन फरियादी को नहीं दिया और उसके बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।  फोन कर फरियादी से कहा- पैसा दो चेक मिल जाएगा 15 जून को एएसआई राजकुमार शर्मा भिंड मिहोना आए थे। शर्मा ने फोन कर उन्हें बस स्टेंड पर बुलाया था। वहां सीधे कहा था “पैसा दो चेक मिल जाएगा’। मुन्नालाल के मुताबिक उन्होंने एएसआई शर्मा की घूस की डिमांड का वीडियो भी बनाया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दे दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिटायर्ड फौजी ने एएसआई पर घूस मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच की जा रही हैं वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के व्यक्तित्व, करियर और वैश्विक पहचान से जुड़ चुका : CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी स्पेन यात्रा के पहले दिन की शुरूआत मैड्रिड स्थित विश्व प्रसिद्ध LaLiga मुख्यालय के भ्रमण से की और वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर खेल, युवा सशक्तिकरण और निवेश सहयोग पर केंद्रित संवाद किया। उन्होंने कहा कि LaLiga की खेल विशेषज्ञता और वैश्विक पहुँच का लाभ मध्यप्रदेश के युवाओं तक पहुँचना चाहिए। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि खेल के क्षेत्र में नवाचार, सामाजिक समावेशन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की दिशा में प्रदेश के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने LaLiga के पदाधिकारी और तकनीकी निदेशकों के समक्ष प्रस्ताव रखा कि मध्यप्रदेश में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर फुटबॉल एक्सीलेंस सेंटर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और स्पेनिश कोचिंग आधारित यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि LaLiga के साथ यह साझेदारी केवल खेलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन, सामाजिक भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। LaLiga मैचों में होगी म.प्र. की ब्राडिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव दिया कि LaLiga मैचों के दौरान डिजिटल और ग्राउंड को-ब्रांडिंग अभियानों के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, वन्यजीव, विरासत स्थलों और पर्यटन अवसरों का स्पेन और यूरोप के व्यापक दर्शकों के बीच प्रभावी प्रचार किया जा सकता है। इससे न केवल पर्यटन बल्कि स्पोर्ट्स टूरिज्म, फिटनेस, मीडिया ब्रॉडकास्टिंग और स्पोर्ट्स टेक जैसे सेक्टर्स में विदेशी निवेश आकर्षित करने की संभावनाएँ मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की 18 सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों और ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ जैसी दूरदर्शी पहलों का उल्लेख करते हुए LaLiga के साथ जुड़े वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारियों के लिए एक भरोसेमंद और अनुकूल डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल विकास, फुटबॉल अकैडमीज़ के ज़रिये प्रतिभा पहचान, और सामुदायिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में LaLiga की दीर्घकालिक विशेषज्ञता और भारत में उसकी सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस सहयोग के माध्यम से खेल को सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बनाएगा। LaLiga और मध्यप्रदेश: भविष्य के साझेदार LaLiga, स्पेन की प्रमुख पेशेवर फुटबॉल लीग, न केवल स्पोर्टिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर युवाओं के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और ब्रांड विस्तार का भी एक प्रभावशाली मंच है। भारत में LaLiga की सक्रियता, विशेषकर LaLiga Football Schools जैसी पहल, यह दर्शाती हैं कि स्पेनिश फुटबॉल का भारतीय युवाओं से गहरा संबंध बन चुका है। अब यह संबंध मध्यप्रदेश जैसे संभावनाशील राज्य के लिए नए अवसरों का द्वार खोल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा, वैश्विक खेल नेटवर्क से जुड़कर प्रदेश में निवेश, युवाओं के कौशल विकास और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। स्पेन के राजनीतिक, कारोबारी और खेल जगत में इस दौरे को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और यह भारत की स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी को भी नई ऊँचाइयाँ देने वाला कदम सिद्ध हो रहा है। फुटबॉल के जरिए भविष्य की नीव और खेलों में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी का प्रारंभ होगा नया दौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन की राजधानी मैड्रिड में ला लीगा मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर जिस प्रकार से वातावरण बना है, उसने प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने का अवसर दिया है। खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के व्यक्तित्व, करियर और वैश्विक पहचान से जुड़ चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार और खेल मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश भी हर स्तर पर खेलों के विकास में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शहडोल के एक छोटे से गाँव में जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की "फुटबॉल राजधानी" की उपमा दी, तो वह केवल एक प्रशंसा नहीं थी, बल्कि देश की उस छिपी हुई ताकत को पहचानने का संकेत था, जो ग्रामीण भारत में मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहडोल से लेकर भोपाल तक, प्रदेश में फुटबॉल सहित सभी खेलों के लिए अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और वैश्विक प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्पेन जैसे देशों के अनुभवों से सीखकर, मध्यप्रदेश में भी फुटबॉल को नई दिशा दी जाएगी। प्रतिभाओं को तराशने के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण केंद्र, और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में सहभागिता की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि स्पेन प्रवास के दौरान औद्योगिक निवेश के कार्यक्रमों के साथ उन्होंने खेल क्षेत्र के लिए भी कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केवल उद्योग, पर्यटन या शिक्षा में ही नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी अग्रणी बने, यही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर देने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से न केवल शरीर, बल्कि भविष्य भी गढ़ा जा सकता है।  

भोपाल मंडल में हुआ नया नेतृत्व,अभिराम खरे ने भोपाल मंडल का ADRM पदभार ग्रहण किया

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के नए अपर मंडल रेल प्रबंधक (ए.डी.आर.एम.) के रूप में अभिराम खरे ने विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान ए.डी.आर.एम. रश्मि दिवाकर से संभाली। महत्वपूर्ण पदों पर दे चुकी है अपनी सेवाएं अभिराम खरे भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के 2006 बैच के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर में वित्त सलाहकार (यातायात एवं निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे भोपाल में निर्माण विभाग में उप वित्त सलाहकार के रूप में तथा जबलपुर में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आपने अपने रेलवे कैरियर की शुरुआत जबलपुर मंडल में सहायक मंडल वित्त प्रबंधक (ADFM) के पद से की थी। कार्यकुशलता और गहन प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें वित्त, निर्माण तथा प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव अभिराम खरे ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से फार्मेसी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तथा कानून (LLB) में भी स्नातक डिग्री हासिल की है। उनके पास बहुविषयी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव है। भोपाल मंडल में ए.डी.आर.एम. के रूप में उनकी नियुक्ति पर मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मंडल को उनके नेतृत्व में नव ऊर्जा, नयी दृष्टि और सुव्यवस्थित प्रबंधन की अपेक्षा है।

उज्जैन पुलिस ने ट्रैक की दो एक नंबर की कारें — एक मुख्यमंत्री काफिले की

उज्जैन  एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाने का मामला सामने आया है। माधव नगर पुलिस ने दोनों वाहनों को थाने में खड़ा करवाया है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी। आरोपित ने कंपनी से कार फाइनेंस करवाने के बाद उसकी किश्त जमा नहीं की थी। कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपनी दूसरी कार का नंबर लगा लिया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि एक कार को बीते दिनों सीएम के कारकेट भी लगाया गया था। बचने के लिए दूसरी कार का नंबर लगा दिया जानकारी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के अधिकारी माधव नगर थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाए जाने की बात कही थी। शिकायत में पुलिस को बताया गया था कि एक सुनील नामक व्यक्ति ने उनकी कंपनी से कार फाइनेंस करवाई थी। इसकी किश्त उसने जमा नहीं की है। इसके बाद उसने फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए कार पर दूसरी कार का नंबर लगा लिया है। इसके बाद उसे शहर में चलाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों पर पुलिस ने जांच की तो एक ही नंबर की दो इनोवा कार भी मिली है। जिसके बाद दोनों कारों को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया गया है। टीआइ राकेश भारती का कहना है कि दो कारों पर एक ही नंबर लगा होने की सूचना मिली थी। जिस पर दोनों कारों को जब्त कर थाने ले जाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सीएम कारकेट में भी लगी एक कार बताया जा रहा है कि एक नंबर की दो कारों में से एक को बीते दिनों सीएम डा. मोहन यादव के कारकेट में भी लगाया गया था। जिसकी भी जांच की जा रही है।

ठेकेदार की मनमानी: 8 इंच की जगह 4 इंच में ढलाई, कलेक्टर बोले – जांच के बाद नहीं बख्शा जाएगा

बालोद आदिवासी विकासखंड डौण्डी के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित गांव कटरेल में सीसी रोड निर्माण में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस काम में निर्माण एजेंसी मनमानी कर रहा. बिना झिल्ली बिछाए एस्टीमेट में 8 इंच सड़क को महज 4 इंच में ढाला जा रहा है. इस मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है. ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने 266 मीटर सीसी रोड के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए थे, जिसका निर्माण RES विभाग की देखरेख में हो रहा है. यह सड़क डीएमएफ की राशि से बनाई जा रही है. ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि घटिया सड़क का निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. इस पर जांच कर जितना काम हुआ है उतना ही मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां बिना झिल्ली के निर्माण किया गया है उसे पुनः तोड़ कर निर्माण किया जाना चाहिए. इस पूरे मामले में आरईएस के एसडीओ जयप्रकाश चंद्राकर ने बताया कि आपके द्वारा जानकारी मिलने के बाद मौके पर गया था. इंजीनियर को निर्देशित किया गया है कि जांच कर कोर कटिंग जितना निकलेगा उतने का ही मूल्यांकन करें. अब देखना होगा कि डौंडी विकासखण्ड में के घोर जंगल में बसे गांवों में हो रहे इस तरीके के कार्यों पर कार्यवाही हो पाती है या लीपापोती कर अधिकारी ऐसे लोगों को संरक्षण देकर ऐसे ही गुणवत्ताहीन कार्य कराकर भ्रष्टाचार को अंजाम देंगे.