samacharsecretary.com

किसानों के लिए जरूरी खबर, सोयाबीन बेचने के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

सोयाबीन उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक भोपाल  भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में सोयाबीन फसल के लिए प्रदेश के किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। किसान सोयाबीन के पंजीयन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जायेगा। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

UP के 1,565 PM श्री स्कूलों में बदलेगा शिक्षा का परिवेश, अभिभावक-ग्राम समुदाय की होगी भागीदारी

योगी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश – नवंबर में होगा विशेष आयोजन, विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की सहभागिता से बच्चों को मिलेगा समृद्ध शैक्षिक परिवेश – रैली, प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, खेल एवं पोस्टर प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों से सजेगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ – बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ उत्कृष्ट विद्यार्थियों का होगा सम्मान – कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को क्रमशः अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित – 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख का वित्तीय प्रावधान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों को शिक्षा के साथ जनभागीदारी और सामुदायिक सहभागिता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ आयोजन के लिए 1,565 पीएम श्री स्कूलों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है।  ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने, अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय, परिवार और ग्राम समुदाय की साझेदारी से तैयार यह पहल बच्चों की शिक्षा को सामाजिक सहयोग से जोड़ते हुए पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय स्तर पर सीखने, सहभागिता और विकास के केंद्र के रूप में और भी सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  विद्यालय और समुदाय की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय को उसके सामाजिक परिवेश से जोड़ते हुए अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें एक साझा मंच पर लाकर बच्चों की शिक्षा, नामांकन, ठहराव और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा। इस दौरान समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों तथा समग्र शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।  रैली से खेल तक, बच्चों की प्रतिभा को मिलेगा मंच इस दौरान रैली/ प्रभातफेरी, नाटक एवं कहानी-वाचन, पोस्टर एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी तथा खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है, जिससे बच्चों में उपलब्धि के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिलेगा।  बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश आयोजन में बाल अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और ग्राम समुदाय को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनकी शिक्षा और संरक्षण के प्रति सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाया जाएगा।  कोट: “पीएम श्री स्कूलों को समुदाय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।” संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा कोट: “विद्यालय और समुदाय की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को नई ऊर्जा मिलेगी। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।” मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

उज्जैन पर मंडरा रहा जल संकट का खतरा? गंभीर डैम में 90 दिन का ही पानी, कुएं-बोरिंग सूखने की आशंका

उज्जैन  मानसून की अधिकारिक विदाई बुधवार को हो जाएगी। 30 सितंबर के बाद होने वाली किसी भी वर्षा को मौसम विभाग मानसूनोत्तर वर्षा (आफ्टर रैनी सीजन) की श्रेणी में दर्ज करेगा। लेकिन इस बार मानसून की विदाई शहर के लिए राहत नहीं, बल्कि एक भीषण जल संकट का अलार्म बजाकर जा रही है। सात लाख की आबादी की प्यास बुझाने वाले गंभीर बांध में इस समय जल संकट का सन्नाटा पसरा है। 2250 एमसीएफटी की क्षमता वाले इस बांध में फिलहाल महज 715 एमसीएफटी पानी ही बचा है- यानी बांध 68 प्रतिशत खाली है। ऊपर से वाष्पीकरण और रोजमर्रा की सप्लाई के चलते बांध से हर दिन 7 से 8 एमसीएफटी पानी तेजी से घट रहा है। इस हिसाब से गंभीर बांध में अगले 90 दिन नियमित जल प्रदाय करने जितना पानी ही उपलब्ध है। जीवाजी वेधशाला के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि इस सीजन में औसत 906 मिमी के मुकाबले महज 682 मिमी (75 प्रतिशत) बारिश हुई- यानी सीधी 25 प्रतिशत की बड़ी गिरावट। उज्जैन में करीब एक दशक (10 साल) बाद ऐसे सूखे जैसे हालात बने हैं। गंभीर बांध : शहर की निर्भरता और बड़ा संकेतक राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष अगस्त में पेश की गई संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन शहर की मौजूदा जलापूर्ति का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा अकेले गंभीर बांध से पूरा होता है। अल्प वर्षा के कारण बांध में क्षमता का एक-तिहाई पानी ही बच पाना आने वाले शीतकाल और ग्रीष्मकाल के लिए बड़े संकट की दस्तक है। अल्प बारिश की वजह से भूजल रिचार्ज भी नगण्य रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जो कुएं, हैंडपंप और बोरिंग अमूमन मई-जून की भीषण गर्मी में सूखते थे, वे इस बार शीतकाल समाप्त होते-होते (फरवरी-मार्च में) ही दम तोड़ देंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रबी फसलों (गेहूं और चना) के लिए मिट्टी में आवश्यक शुरुआती नमी नहीं मिलेगी। फसलों के उत्पादन में गिरावट का सीधा असर किसान की जेब और अंततः शहर के व्यापार पर पड़ेगा। नर्मदा का सहारा : राहत बड़ी, लेकिन वित्तीय लागत भी भारी गंभीर बांध में जलस्तर घटने पर नर्मदा-आधारित जल प्रदाय योजना उज्जैन के लिए लाइफलाइन बनती है। लेकिन नर्मदा का पानी शहर तक लाना वित्तीय रूप से अत्यधिक खर्चीला है। पंपिंग, बिजली और रखरखाव का लगातार भारी खर्च उठाना पड़ता है। वर्तमान में नर्मदा जल की लागत 22.60 प्रति घन मीटर है। यह दर वर्ष 2014 से लागू है, जिसे अब तक बढ़ाया नहीं गया है। बीते 12 वर्षों में नर्मदा का पानी उज्जैन लाने और गंभीर में खाली स्थान भरने के मद में अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कम वर्षा का सीधा अर्थ है कि नगर निगम और प्रशासन को आगामी दिनों में वैकल्पिक नर्मदा जल पर निर्भरता बढ़ानी होगी, जिससे सरकारी खजाने पर वित्तीय दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। सिंहस्थ 2028 से पहले जल रणनीति की परीक्षा एनजीटी की रिपोर्ट में सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन की अनुमानित जल मांग 410 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) बताई गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि मेला अवधि में आने वाली करोड़ों की तैरती आबादी की प्यास बुझाना सामान्य दिनों से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। इस वर्ष का मानसून केवल एक मौसमी आंकड़ा नहीं, बल्कि उज्जैन की अगले दो वर्षों की जल प्रबंधन नीति का शुरुआती अलर्ट है। यदि आने वाले दिनों में मानसूनोत्तर वर्षा से राहत नहीं मिलती, तो प्रशासन को समय रहते जल वितरण, सीवरेज रिसाइकलिंग और भूजल संरक्षण की आपातकालीन योजना पर काम शुरू करना होगा।

योगी सरकार में युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं के बढ़े अवसर, 520 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने और विभिन्न विभागों में मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में लगातार भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने खेल एवं युवा कल्याण से जुड़े कुल 520 पदों पर चयन के लिए दो अलग-अलग मुख्य परीक्षाओं के विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें खेल निदेशालय के 108 पद तथा क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी एवं व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पद शामिल हैं। दोनों भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2025 (पीईटी-2025) के नार्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग के बाद किया जाएगा। खेल निदेशालय में 108 पदों पर भर्ती आयोग ने विज्ञापन संख्या 22-परीक्षा/2026, खेल निदेशालय मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/22 जारी किया है। इसके तहत विभिन्न प्रकार के कुल 108 रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा। विज्ञापन 30 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया गया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 4 नवंबर 2026 तक पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। युवा कल्याण एवं व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पद विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी तथा व्यायाम प्रशिक्षक मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/23 के तहत कुल 412 पदों पर भर्ती होगी। इनमें क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 368 पद तथा व्यायाम प्रशिक्षक के 44 पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन, पंजीकरण एवं शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2026 है, जबकि शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। पीईटी-2025 में शामिल अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन दोनों मुख्य परीक्षाओं के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने संबंधित पद की अनिवार्य अर्हता पूरी करने के साथ पीईटी-2025 में प्रतिभाग किया हो और आयोग द्वारा उन्हें स्कोर कार्ड जारी किया गया हो। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मेरिट के अनुसार की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आयोग के अनुसार पीईटी-2025 में वास्तविक अथवा नार्मलाइज्ड स्कोर में शून्य या उससे कम/नकारात्मक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा। यूआई और प्रोविजनल अभ्यर्थियों के लिए भी प्रावधान पीईटी-2025 के परिणाम में आयोग स्तर से अंडर इन्वेस्टिगेशन (यूआई) और प्रोविजनल के रूप में चिन्हित अभ्यर्थियों को भी संबंधित मुख्य परीक्षाओं में आवेदन की औपबंधिक अनुमति दी गई है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग और चयन संबंधी आगे की कार्यवाही आयोग द्वारा की जा रही जांच के परिणाम एवं अंतिम निर्णय के अधीन होगी। समयसीमा का रखें विशेष ध्यान आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथियों के बाद आवेदन या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को बैंक द्वारा शुल्क समायोजन की प्रक्रिया भी निर्धारित समयसीमा में पूरी करनी होगी। शुल्क समायोजन के बाद ही आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकाला जा सकेगा। दोनों विज्ञापनों में आवेदन के दौरान अनुमन्य विवरण में संशोधन के लिए अलग से समय दिया गया है।

रबी सीजन के लिये करें बिजली की पर्याप्त व्यवस्था : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के लिये किसानों को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। अभी से पुख्ता इंतजाम करें, जिससे बिजली माँग की आपूर्ति में कोई अड़चन नहीं आये। बैठक में एमडी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी  मंजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिये कोयले का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही कोयले की आपूर्ति भी सतत जारी है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि विद्युत उत्पादन संयंत्रों की क्षमता के अनुरूप उत्पादन करना सुनिश्चित करें। वरिष्ठ अधिकारी इसकी सतत समीक्षा भी करें। प्लांट के कोल स्टॉक, प्राप्ति, खपत एवं क्वालिटी की साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध करायें। एनटीपीसी से संबंधित विद्युत गृहों से अनुबंधित क्षमता के अनुसार विद्युत उपलब्धता के निरीक्षण की जिम्मेदारी भी तय करें। बैठक में विभिन्न प्लांटों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में किसी भी प्लांट में कम उत्पादन नहीं हुआ है।  

योगी सरकार में पारदर्शी चयन प्रक्रिया को गति, प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों पर अंतिम परिणाम जारी

लखनऊ योगी सरकार की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परिवहन विभाग में प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी करते हुए अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विज्ञापन संख्या-04-परीक्षा/2023 के अंतर्गत कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नियंत्रणाधीन प्रवर्तन कांस्टेबल के रिक्त पदों पर चयन के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक/शारीरिक प्रवीणता एवं दक्षता परीक्षा तथा अभिलेख परीक्षण के बाद कुल 477 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची और संबंधित कट-ऑफ अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। सभी 477 रिक्त पदों पर हुआ चयन कुल 477 पदों में 225 अनारक्षित, 93 अनुसूचित जाति, 13 अनुसूचित जनजाति, 99 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 47 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पद शामिल थे। आयोग द्वारा इन सभी 477 पदों के सापेक्ष 477 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। महिला, पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित श्रेणी में भी चयन क्षैतिज आरक्षण के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित वर्ग के लिए विज्ञापित नौ पदों के सापेक्ष उपलब्धता के अनुसार तीन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। सैन्य वियोजित/भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में विज्ञापित 23 पदों के सापेक्ष सभी 23 पदों पर चयन हुआ है। वहीं महिला श्रेणी के लिए विज्ञापित 95 पदों के सापेक्ष 95 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। आयोग के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित वर्ग के छह अवशेष पदों तथा उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी के नौ पदों के लिए संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण नियमानुसार मेरिट के क्रम में अन्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। क्षैतिज आरक्षण के तहत चयनित अभ्यर्थी अपनी मूल श्रेणी में समाहित हैं। 39 अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक आयोग ने 39 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से अंतिम चयन परिणाम में शामिल किया है। इन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक प्रपत्रों एवं प्रमाण पत्रों के परीक्षण के बाद आयोग के निर्णय के अधीन रहेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन परिणाम संबंधित विज्ञापन के संबंध में उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिकाओं/विशेष अपीलों में पारित होने वाले आदेशों तथा भविष्य में दायर होने वाले मामलों में पारित आदेशों के अधीन रहेगा। आयोग की वेबसाइट पर सूची और कट-ऑफ उपलब्ध आयोग के अनुमोदन के बाद 477 चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची चार पृष्ठों में तथा कट-ऑफ एक पृष्ठ में आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परिणाम एवं कट-ऑफ देख सकते हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण कदम है।

पहले दिन खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज, शारीरिक दक्षता और चिकित्सकीय परीक्षण, 1 अक्टूबर को होगा खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण

रायपुर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी एवं एथलेटिक्स अकादमी में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों के पंजीयन के साथ दस्तावेज, शारीरिक दक्षता और चिकित्सीय परीक्षण किया गया। चयन ट्रायल के दूसरे दिन कल 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। चारों गैर-आवासीय अकादमी में चयन के लिए कुल 144 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स के इन खिलाड़ियों का आज पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण तथा चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। खिलाड़ियों के शारीरिक दक्षता परीक्षण के तहत हाइट (ऊंचाई), वेट (वजन), वर्टिकल जम्प, 30 मीटर दौड़, शटल रन, बॉल थ्रो, 800 मीटर दौड़ एवं सीट-अप जैसी विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का आंकलन किया गया। चयन ट्रायल के दूसरे दिन कल 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल के परीक्षण के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया जाएगा।

कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सजा ‘आंगन मिलन’

​रायपुर   राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नारायणपुर  जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 28 सितंबर से ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर पालिका क्षेत्र स्थित कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सामुदायिक सहभागिता और अपनत्व से सराबोर कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। ​सजी रंगोली से दिया पोषण का संदेश इस अवसर पर कुम्हारपारा केंद्र में रंगोली के माध्यम से बच्चों के संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को बेहद रोचक तरीके से प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों ने रंगोली के जरिए पोषण के महत्व और बच्चों के खान-पान से जुड़ी आवश्यक जानकारियों को समझा। ​मासूमों से आत्मीय संवाद, जाना हाल-चाल कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका परिचय लिया और उनकी रुचियों व गतिविधियों के बारे में जाना। इस संवाद ने केंद्र में अपनत्वपूर्ण माहौल बना दिया। इस पहल के माध्यम से अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पूरक पोषण आहार वितरण का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। ​पारंपरिक रीति-रिवाजों से गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार की जानकारी दी गई। शिशुओं को ऊपरी अथवा पूरक आहार देने की शुरुआत के साथ ही बाल पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया गया। ​विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित माताओं और अभिभावकों को टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से आंगनबाड़ी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ​सामुदायिक सहभागिता से मजबूत हो रहा जुड़ाव कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य मती हीना नाग, पार्षद रमशिला नाग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण-मुक्त भविष्य के लिए परिवार के साथ-साथ समाज और आंगनबाड़ी केंद्रों का एकजुट प्रयास आवश्यक है।  ​ आगामी दिनों में जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी इसी तरह के ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जन-सामान्य और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो सके।

योगी सरकार के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मिलेगी नई गति

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, नवाचार और तकनीकी विकास को लगातार गति दे रही है। इसी क्रम में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की भूमिका को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने की। बैठक में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तकनीक आधारित विस्तार देने की आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आईटी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति, सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, स्टार्टअप नीति और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विकास का प्रमुख आधार बनाने पर जोर बैठक में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के दौरान इन क्षेत्रों के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी नीतियों और योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नई पहलों और प्रोत्साहन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में अंतिम रूप देकर धरातल पर लागू करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसका लाभ निवेशकों, कंपनियों और प्रदेश के युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। निवेश के साथ रोजगार और कौशल विकास पर भी फोकस मंत्री ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तकनीकी विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में होने वाला निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार करेगा। निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति और प्रोत्साहन वितरण में तेजी के निर्देश बैठक में निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति, प्रोत्साहन वितरण और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और परियोजनाओं को समय से धरातल पर उतारना आवश्यक है। तकनीकी रूप से सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ेगा विभाग बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, नवाचार, रोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी विकास को और गति देने पर जोर दिया गया। बैठक में लिए गए निर्णयों के माध्यम से प्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने तथा योगी सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया गया। बैठक में प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को आकांक्षा राणा, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपीएलसी जसजीत कौर, आईएएस सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए बड़ी राहत: राजमोहिनी देवी योजना के तहत 169 परिवारों को ₹2.42 करोड़ जारी

रायपुर प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 169 परिवारों को 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से अंतरित की गई।  रायगढ़ जिले के चिमटापानी समिति के मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खातों में राशि अंतरित कर डिजिटल भुगतान की शुरुआत की गई।योजना के तहत दुर्घटना मृत्यु के 4 प्रकरणों में 4-4 लाख रुपए तथा सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरणों में 2-2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की गई। इसी तरह 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरणों में 75-75 हजार रुपए और सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरणों में 30-30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है।  इसी प्रकार 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु पर 30 हजार रुपए, दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर 37 हजार 500 रुपए की सहायता दी जाती है। योजना के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को मृत्यु अथवा विकलांगता जैसी परिस्थितियों में सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता की उपस्थिति में राशि जारी की गई।