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MP का डिंडौरी बना जल संरक्षण का मॉडल, 55 जिलों को पछाड़ देश में हासिल किया दूसरा स्थान

 डिंडौरी मध्य प्रदेश का आदिवासी बहुल डिंडौरी जिला जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है. राष्ट्रीय स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार डिंडौरी ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. साथ ही मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रथम स्थान हासिल कर जिले ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।  ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने उन्हें जल संरक्षण का महत्व समझाया। उन्हें बताया गया कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा। इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने दो गांवों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं। यहां हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन की इस पहल को देशभर में जनभागीदारी आधारित जल प्रबंधन के प्रेरणादायक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है. डिंडौरी की यह उपलब्धि न केवल जल संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है. डिंडौरी जिले में शासन के निर्देशानुसार संचालित 'जल गंगा संवर्धन अभियान' एवं 'जन भागीदारी अभियान' के तहत जल संरक्षण और भूजल संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं. जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं, नदियों, नालों, हैंडपंपों, ट्यूबवेल, बावड़ियों और तालाबों के आसपास व्यापक जल संरक्षण संरचनाएं विकसित की गई हैं, जिससे वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर बढ़ाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।  गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया। इसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे तथा घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। जमुना खैरवार ने बताया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। लेकिन सरपंच और अधिकारियों द्वारा यह समझाने पर कि थोड़ी मेहनत से पानी कैसे बचाया जा सकता है और धरती को रिचार्ज किया जा सकता है। उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बच सके। आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने बताया कि 'मां की बगिया' योजना के तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति (ड्रिप इरिगेशन) से पानी दिया जा रहा है। पेड़ों को टपक पद्धति से पानी देना का काम शुरू किया आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर कहती है कि ‘मां की बगिया’ के पांच हितग्राही है। एक बगिया में 15 नींबू और 35,आम के पेड़ लगवाए है। पानी को बचाने और पेड़ो को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया। इसके बाद उनको टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ो को पानी देने के बारे में बताया। अब हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई कर रहे हैं। जनभागीदारी से जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, अब पौधरोपण की तैयारी जनपद सदस्य धर्म सिंह धुर्वे, उपसरपंच रघु परस्ते बताते है कि गांव में चार तालाब, 12 स्टॉप डैम पहले से है। ग्रामीणों की मदद से इनका जीर्णोद्धार कराया है। 4पहाड़ियों मद लगभग साढ़े तीन सौ कंट्रूल ट्रेंच खुदवाए है। हैंड पंप के पास सोखता पिट और लीज फिट बनवाया गया ताकि निस्तार का पानी सीधे जमीन के नीचे जाए। अब बारिश में पहाड़ियों में भी जनभागीदारी से ही पौधरोपण करवाना है। पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी अब स्वयं हमको उठानी पड़ेगी। ग्रामीण खुद के खर्चे से बना रहे जल संरचनाएं, टीम कर रही निगरानी अमरपुर जनपद के भाखा मॉल ग्राम पंचायत में लगभग 928 आवास है। 55 ग्रामीणों ने रेन वाटर सोखता गढ्ढा, 262 कंट्रूल ट्रेंच, 8 तालाबों का जीर्णोद्धार, 13 लीज फिट, 7 हितग्राहियों ने ‘एक बगिया मां’ के नाम पर आम नीबू के पौधे लगाकर टपकना, हांडी और स्लाइन बोतल के जरिए पौधों को पानी दे रहे है। एसिस्टेंट इंजीनियर प्रियंका ने बताया कि शुरुआती दौर में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष नहीं समझ रहे थे। चौपाल लगाकर जल के महत्व को समझाया और उसे धरती के नीचे समाहित करने की नसीहत दी। अब धीरे धीरे ग्रामीण अपनी इच्छा से काम कर रहे हैं। भौगोलिक स्थिति ऐसी,वाटर टेबिल कम ,17 प्रतिशत सिंचित रकबा कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है, लोग पठार और छोटे छोटे टोले में रहते है। जल शक्ति मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेंस की बैठक में मार्च के महीने में जन सहयोग से जल संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए निर्देशित किया था। जिले के अधिकारियों की बैठक कर प्लानिंग की। इसके बाद गांव गांव जाकर पानी चौपाल, रात्रि चौपाल लगाकर प्रेरित किया। इस कार्य में सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों का सहयोग मिला है। आंध्र प्रदेश का अल्लूरी सीताराम राजू जिला 6 लाख 89 हजार 113 जल संरचनाएं बनाकर पहले स्थान पर है। जबकि डिंडौरी दूसरे स्थान पर है। जल संरचनाओं के निर्माण से होगा फायदा, बड़ी संरचना बने तो बेहतर चंद्र विजय कालेज में भूगोल की प्रोफेसर डॉक्टर रश्मि गौतम कहती है कि जिले की भौगोलिक स्थिति पठारी और उबड़ खाबड़ है। पथरीला होने के चलते पानी जमीन के अंदर नहीं जा पाता है। छोटी छोटी जल संरचनाओं के निर्माण से कुछ फायदा तो होगा। बारिश का पानी सीधे नदी नालों में न जाकर रुक रुक कर जाएगा। हालांकि जिले में बड़ी संरचना बनने पर ही पानी की समस्या से पूर्णत निजात मिल सकेगी। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित अभियान के अंतर्गत पहाड़ी एवं बंजर भूमि पर कंटूर ट्रेंच निर्माण, नदी-नालों में बोरी बंधान, ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सोखता टैंक तथा शासकीय और अर्धशासकीय भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग … Read more

सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता

रायपुर  सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी  भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।  निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।  निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में किया गया इन विकास कार्यो का भूमिपूजन

रायपुर  नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वार्ड क्र. 61, 64 तथा दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 52, 53, 54 एवं 58 में 01 करोड़ 08 लाख रूपये के नये विकास कार्य कराये जायेंगे, आज प्रदेश के उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य तथा महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित पृथक-पृथक भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके करकमलों से किया गया।       नगर पालिक निगम केारबा द्वारा सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत वार्ड क्र. 61 बरमपुर बीच बस्ती ट्रांसफार्मर के पास से नदी तक 20 लाख रूपये की लागत से नाली एवं कलवर्ट का निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 61 बरमपुर में चैतु मंझवार के खेत के पास से नदी तक 20 लाख रूपये की लागत से नाली एवं कलवर्ट निर्माण तथा वार्ड क्र. 64 इमलीछापर स्थित रामनगर कंचन कंवर के घर से राजेश सोनवानी घर होते हुये नदी तक 11 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार निगम के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 52 शारदा चैक गोपाल तिवारी घर से राजकुमार कबाड़ी घर, चित्रा साहू गली शंभू घर से रामानुज घर एवं सतनाम चैक गली में 20 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, वहीं वार्ड क्र. 53 में ही पावर सिटी कालोनी के पास 06 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक मंच का निर्माण, वार्ड क्र. 54 डुमरमुड़ा बस्ती में ठाकुर देव स्थल के पास 03 लाख रूपये की लागत से शेड का निर्माण, वार्ड क्र. 54 में स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल गोपालपुर में 05 लाख रूपये की लागत से किचन शेड निर्माण व अन्य विस्तार कार्य के साथ-साथ वार्ड क्र. 58 सरदार वल्लभभाई पटेलनगर प्रतीक्षा बस स्टैण्ड के समीप 22 लाख 55 हजार रूपये की लागत से वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्यो का विधिवत भूमिपूजन किया गया, उन्होने पूजा अर्चना की, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया तथा कार्यो को प्रारंभ कराया।  राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है राज्य सरकार   इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का पूरा आशीर्वाद विकास हेतु प्राप्त हो रहा हैं तथा राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, एक ओर जहाॅं विकास को तेज गति व दिशा दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी  योजनाओं से आमलोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा रहा है। उन्होने कहा कि हमारा मानना है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हमारी ही सरकार ने बनाया था, और अब हमारी ही सरकार छत्तीसगढ़ को संवार रही है। उद्योग मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का तेजी से विकास हो रहा है, देश के कोने-कोने में फोरलेन -सिक्सलेन सड़कें बन रही है तथा हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, वहीं गरीब कल्याण की दर्जनों योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही है, इधर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विगत सवा दो वर्ष के दौरान पूर्व में किये गये सभी वायदों को राज्य सरकार पूरा कर रही है, प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना अंतर्गत 1000 रूपये प्रतिमाह उनके खाते में भेजा जा रहा है, 3100 प्रति क्विटल धान की खरीदी, बकाया बोनस का भुगतान, तेदूपत्ता मानक बोरे की दर में वृद्धि, 26 लाख पी.एम.आवासगृहों की स्वीकृति, रामलला दर्शन योजना अंतर्गत भगवान राम के दर्शन लाभ दिलाने सहित दर्जनों योजनाएं संचालित हो रही है।   हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार कर रही तेजी के साथ विकास   महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये अपने उद्बोधन में कहा कि आप सब के आशीर्वाद से केन्द्र में, राज्य में तथा कोरबा नगर निगम में हमारी सरकार बनी है तथा यह ट्रिपल इंजन की सरकार जिले, प्रदेश व देश का तेजी से विकास कर रही है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का सपना था कि हर व्यक्ति के पास उनका अपना स्वयं का पक्का मकान हों, वे झोपड़ी में न रहें, आज  मोदी का यह सपना पूरा हो रहा है तथा हर व्यक्ति के पास अपना स्वयं का पक्का मकान होने जा रहा है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का साय-साय विकास हो रहा है, विकास कार्यो हेतु फण्ड की कोई कमी नहीं हो रही है, जहाॅं तक कोरबा नगर निगम के विकास का प्रश्न है, तो उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन लगातार यहाॅं के विकास कार्येा हेतु फण्ड की व्यवस्था करा रहे हैं, इसी का परिणाम हैं कि विगत सवा दो वर्ष के दौरान कोरबा नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न मदों के अंतर्गत 01 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं।  उद्योग मंत्री व महापौर ने मेरे वार्ड में कराये 07 करोड़ रू. के कार्य  इस अवसर पर पूर्व पार्षद एवं वर्तमान पार्षद के प्रतिनिधि  माधव जायसवाल ने अपने उद्बोधन  मे कहा कि मेरे वार्ड क्र. 61 में उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा अल्पकाल में ही 07 करोड़ रूपये के विकास कार्य कराये जा चुके हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री  देवांगन एवं महापौर मती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं, आभार व्यक्त करता हूॅ। उन्हेाने कहा कि अभी करोड़ों रूपये के विकास कार्य और किये जाने हैं, जिनकी स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। इसी प्रकार पार्षद मती आरती सिंह ने भी सभा को संबोधित किया तथा लगातार विकास कार्य कराये जाने हेतु उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत के प्रति आभार व्यक्त किया।       कार्यक्रम के दौरान  पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, आरती सिंह, राधा महंत, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, सुखविंदर कौर, रामाधार पटेल, प्रेमकुमार साहू, सर्वमंगला मण्डल  अध्यक्ष मनीष मिश्रा, दर्री मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, माधव जायसवाल, ईश्वर साहू, नरेन्द्र पाटनवार, रामेश्वर वैष्णव, माखन यादव, देवकी साहू, सुरेन्द्र राजवाडे़, राहुल वास, मोनू बरेठ, अनिल यादव, मनोज राजपूत, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, सहायक अभियंता रमेश सूर्यवंशी, यशवंत जोगी, प्रमोद जगत, नोहर सिंह गोस्वामी, रमाबाई, प्रेमाबाई आदि … Read more

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  रतलाम जिले के थाना जावरा शहर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से मोटर साइकिल दुर्घटना में घायल दो व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। 29 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना जावरा शहर क्षेत्र अंतर्गत महू-नीमच हाईवे रोड पर पुलिस बटालियन के सामने एक मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें दो व्यक्ति घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना जावरा शहर क्षेत्र में तैनात डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  जितेन्द्र व्यास एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशी ने मौके पर पहुँचकर पाया कि दुर्घटना में दो व्यक्ति घायल हो गये थे, जिनमें से एक को गंभीर चोटें आई थीं। डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तत्काल डायल 112 की सहायता से शासकीय सिविल चिकित्सालय, जावरा पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से दोनों घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

पूर्व संध्या पर होगा वृद्धजनों का सम्मान, विशाल भजन संध्या एवं सेवा कार्यक्रमों का आयोजन

भोपाल  भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। उनके सम्मान, सेवा और आशीर्वाद को जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य माना जाता है। इन्हीं संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा के संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद एवं जनसेवा के पर्याय रहे स्व.  कैलाश नारायण सारंग जी की जयंती 2 जून को इस वर्ष भी देशभर में मातृ–पितृ भक्ति दिवस के रूप में श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ मनाई जाएगी। सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के आह्वान पर इस अवसर पर देशभर में वृद्धजनों के सम्मान, सेवा और संस्कार जागरण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा विभिन्न राज्यों में वृद्धजनों के चरण पखारकर, उन्हें शाल एवं फल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सेवा, समर्पण और श्रद्धा के अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंत्री  सारंग ने बताया कि पूज्य पिताजी स्व.  कैलाश नारायण सारंग का सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनका सपना था कि समाज का कोई भी वृद्ध स्वयं को अकेला महसूस न करे और प्रत्येक घर में माता-पिता को सर्वोच्च सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि मातृ–पितृ भक्ति दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परिवार व्यवस्था और संस्कारों को सशक्त बनाने का संकल्प है, जो नई पीढ़ी को अपने माता-पिता एवं बुजुर्गों के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देगा। नरेला विधानसभा में तीन दिवसीय सेवा कार्यक्रम नरेला विधानसभा के विभिन्न वार्डों में 1 से 3 जून तक वृद्धजनों का सम्मान और अन्य सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे। दिनांक 01 जून को वार्ड 76 (खेड़ापति हनुमान मंदिर), 79 (सरदार पटेल स्कूल), 75 (केनरा बैंक के सामने करोंद), 77 (शिव मंदिर पुलिस चौकी करोंद), 78 (पानी की टंकी के पास विश्वकर्मा नगर करोंद), 37 (मरई माता मंदिर द्वारका नगर) व 38 (साईंराम कॉलोनी) में वृद्धजनों का सम्मान किया जाएगा। वार्ड 38, साईंराम कॉलोनी में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 02 जून को वार्ड 71 (स्वामी विवेकानंद चौराहा), वार्ड 39-40 (चाणक्यपुरी), वार्ड 59 (अन्ना नगर), वार्ड 58 (सर्जना पार्क), वार्ड 44 (हनुमान मंदिर आचार्य नरेंद्र देव नगर), वार्ड 70 (पिंक टॉवर के सामने), वार्ड 69-41 (नर्मदा चौरहा) एवं वार्ड 36 (जैन मंदिर के पास शंकराचार्य नगर) में वृद्धजनों का सम्मान किया जाएगा। दिनांक 03 जून को वार्ड 38 कैलाश सारंग पार्क एकतापुरी में सायं 07:00 बजे स्व. कैलाश नारायण सारंग की मूर्ति का अनावरण, भजन संध्या एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। देशभर में सेवा और सम्मान कार्यक्रम अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा भी स्व. कैलाश नारायण सारंग जी की जयंती को देशभर में मातृ–पितृ भक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। विभिन्न राज्यों में वृद्धजनों के सम्मान के साथ-साथ सेवा, स्वास्थ्य, सहयोग एवं जनकल्याण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसेवा के प्रकल्प आज भी दे रहे हैं संस्कार और सेवा का संदेश मंत्री  सारंग ने बताया कि स्व. कैलाश सारंग ने अपने पैतृक ग्राम बरेली में वृद्धाश्रम की स्थापना कर बेसहारा बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया। इसके अतिरिक्त रायसेन जिले के ग्राम घाटपिपरिया स्थित नर्मदा तट पर परिक्रमावासियों के लिए आश्रम की स्थापना कर सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा प्रारंभ किए गए सेवा, संस्कार और जनकल्याण के अनेक प्रकल्प आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। आइए, माता-पिता के चरणों में श्रद्धा अर्पित करें मंत्री  विश्वास सारंग ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 2 जून को अपने माता-पिता एवं परिवार के सभी वरिष्ठजनों का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद प्राप्त करें तथा अपने बच्चों को भी सेवा, संस्कार और श्रद्धा की इस महान परंपरा से जोड़ें। उन्होंने आग्रह किया कि इस अवसर पर अपने अनुभव, फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर #सारंग_मातृ_पितृ_भक्ति_दिवस के साथ साझा करें।  

कार्रवाई नहीं होने पर दी चेतावनी, बोले- जवाब नहीं मिला तो खुद पहुंचूंगा जनसुनवाई में

नीमच जनपद पंचायत जावद के अध्यक्ष गोपाल चारण के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में लगभग तीन साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कलेक्टर और एसपी को संबोधित पोस्ट करते हुए कई सवाल किए हैं और जवाब नहीं मिलने की दशा में कहा कि अन्यथा मुझे आपकी जनसुनवाई में आना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर उठाए सवाल दिग्विजय सिंह ने 30 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने जावद के अध्यक्ष के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर गिरफ्तार नहीं किए, पद से नहीं हटाए जाने और सरपंच व सचिव के भ्रष्टाचार की जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद पंचायत अधिनियम के तहत पद से बेदखल नहीं करने जैसे सवाल उठाए हैं। नीमच कलेक्टर व एसपी से सवालों के जवाब मांगे हैं।  

सहकारिता विभाग में सम्मान समारोह आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं

रायपुर आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर आज नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। बीजापुर जिले के मूल निवासी श्री महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा। सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।

स्मार्ट पंजीयन मॉडल से साकार हो रहा है “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का विजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा नागरिकों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है। कभी लंबी कतारों, घंटों इंतजार, दस्तावेजों के सत्यापन में देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने वाली पंजीयन प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है। पहले जहां एक साधारण रजिस्ट्री पूरी करने में 4 से 6 घंटे अथवा कई बार 1 से 2 दिन तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं की मदद से यही प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे नागरिकों के समय, धन और ऊर्जा तीनों की बड़ी बचत हो रही है। राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग, बेबीलॉन टॉवर रायपुर, राम बिजनेस पार्क, सड्डू, कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर तथा तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इन नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में अब नागरिकों को वेटिंग लाउंज, वातानुकूलित सुविधा, स्वच्छ एवं व्यवस्थित परिसर, निःशुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क तथा प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालय अब किसी आधुनिक सेवा केंद्र की तरह दिखाई देने लगे हैं। रायगढ़ के लाभार्थी  आशीष अग्रवाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, पहले यहां आने पर निराशा महसूस होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है। बैठने की अच्छी व्यवस्था है, एसी लगा है, ठंडे पानी की सुविधा है और पूरा वातावरण बेहतर हो गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ी है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, वहीं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से अतिरिक्त खर्च पर रोक लगी है। अब नागरिकों को व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से संपत्ति की ऑनलाइन जानकारी तथा डिजीलॉकर जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे दस्तावेज तुरंत और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था तेजी से पेपरलेस और डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के विजन को धरातल पर उतारने का प्रभावी उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ आज पुराने, जटिल और फाइलों के बोझ वाले सिस्टम को पीछे छोड़ते हुए आधुनिक डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य का यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल न केवल प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है।

राबड़ी देवी का बड़ा ऐलान, बोलीं- फोर्स बुला लें सम्राट चौधरी, बंगला नहीं छोड़ेंगे

पटना  बिहार में 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगले की लड़ाई में सरकार और विधान परिषद में नेता विरोधि दल राबड़ी देवी के बीच ठन गई है। पूर्व सीएम ने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती दी है कि बंगला खाली नहीं करेंगी, सरकार फोर्स भेजकर खाली करवा ले। शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी सरकारी आवास खाली करने का फाइनल नोटिस भेजा। राबड़ी देवी जिस आवास में 2005 से रह रही हैं वह पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। सरकार की नई चिट्ठी पर सियायी बवाल मच गया है। अपनी नेता रबड़ी देवी के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) ने मोर्चा खोल दिया है।  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने के सरकारी आदेश पर बेहद कड़ा और बागी रुख अपना लिया है. राबड़ी देवी ने पटना में मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर एलान कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर अपना यह मौजूदा बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।  “नया-नया मुख्यमंत्री बने हैं सम्राट चौधरी” राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा और तीखा तंज कसते हुए उनकी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “मैं किसी कीमत पर यह आवास खाली नहीं करूंगी. सम्राट चौधरी फोर्स बुलवा कर आवास खाली करवाएं. वह अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं.”आरजेडी खेमे का तर्क है कि 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला केवल एक पूर्व मुख्यमंत्री का आवास नहीं है, बल्कि यह पिछले दो दशकों से बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति का मुख्य केंद्र और लालू-राबड़ी परिवार की पहचान रहा है. ऐसे में इसे खाली कराने के नोटिस को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई के रूप में देख रहा है।  क्या कहता है सरकारी नियम और आगे की राह? भवन निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन और नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के आवासों का नए सिरे से आवंटन (Re-allotment) किया जाता है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट के नए मंत्रियों को जगह देने के लिए कई पुराने बंगलों को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।  क्या मुद्दा खोज रहा लालू परिवार? हालांकि, राबड़ी देवी द्वारा खुलेआम फोर्स बुलाकर बंगला खाली कराने की चुनौती दिए जाने के बाद अब गेंद पूरी तरह से राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री के पाले में है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार बलपूर्वक इस बंगले को खाली कराने का प्रयास करती है तो आरजेडी इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर सड़कों पर उतर सकती है, जिससे सूबे की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा रहेगा। 

रिशुश्री कनेक्शन पर गिरी गाज, अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर सस्पेंड

पटना पटना के टेंडर फिक्सिंग खिलाड़ी रिशुश्री पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की कार्रवाई के बाद सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारियों के रिशुश्री से सांठगांठ और अनुचित लाभ लेने के आरोपों की चर्चा के बीच आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि कागजी प्रक्रिया की जा रही है। योगेश कुमार 2017 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक हैं। 2014 बैच की अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा जीविका परियोजना की निदेशक की जिम्मेदारी निभा रही थी। 27 मई को एसवीयू ने ठेकेदार रिशुश्री के पटना स्थित आवास पर छापेमारी में अकूत संपत्ति की बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। टेंडर माफिया के घर से दो करोड़ के सोना, चांदी, हीरा, लाखों कैश और प्रॉपर्टी के 61 डीड बरामद किए गए थे। सारण जिले का निवासी रिशुश्री पटना में रहकर सरकारी विभागों के टेंडर कमीशन लेकर मैनेज करता था। इसमें आईएएस लॉबी उसका मदद करती थी जिसके लिए रिशु उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाता था। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिशु से सांठगांठ के आरोप में ईडी भी पहले से कार्रवाई कर रही है। उस केस को स्पेशल विजिलेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है। आरोप है कि रिशु की कंपनी ने इनके परिवार के लोगों को विदेश यात्रा करवाई और उनके कई बड़े खर्चे उठाए। चर्चा है कि रिशुश्री से मिलीभगत कर सरकारी राशि का घपला करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले में अभी कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं। ठेकेदार रिशु की काफी पैठ है। वह पटना में बैठकर पूरे राज्य में सरकारी टेंडर से खेलता था । अपने चहेतों को 8 से 9 परसेंट कमीशन लेकर बड़े बड़े टेंडर दिलवाता था। एसयूवी रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने वाली है।