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रिटायरमेंट से पहले मिली राहत, हाईकोर्ट ने आबकारी हेड कांस्टेबल को बिलासपुर ट्रांसफर का दिया आदेश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने को कहा है। साथ ही कहा है कि आदेश की कॉपी मिलने के 15 दिन के अंदर पोस्टिंग का आदेश जारी किया जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता इस समय रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। उन्होंने रायगढ़ से बिलासपुर ट्रांसफर और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का फायदा देने की मांग की थी। 1993 में सेल्समैन के पद पर हुई थी नियुक्ति कोर्ट को बताया गया कि नेल्सन लवेट की नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के तौर पर हुई थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया और आबकारी आरक्षक बनाया गया। साल 2014 में उनका ट्रांसफर कोरबा से बिलासपुर हुआ था। फिर 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ भेज दिया गया। साल 2023 में प्रमोशन के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही तैनात रहे। पत्नी बीमार, रिटायरमेंट भी नजदीक याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वे जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं। उनकी पत्नी की तबीयत भी ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। उन्होंने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। सरकार ने कहा पॉलिसी लागू नहीं होती राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती। क्योंकि इस पॉलिसी में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। सरकार ने ये भी कहा कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद की पोस्टिंग देने का कोई कानूनी हक नहीं बनता। कोर्ट ने कहा रिटायरमेंट से पहले लाभ मिलना चाहिए हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने होम जिले में पोस्टिंग के लिए कई बार आवेदन दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक साल के अंदर रिटायर होने वाले कई विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है, तो याचिकाकर्ता को भी ये लाभ मिलना चाहिए।आकाश शर्मा वर्तमान में 'जागरण न्यू मीडिया' में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में विशेषज्ञता हासिल है और उनके पास पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन से अधिक  

रियल-टाइम इंटेलिजेंस से गैंगस्टरों का होगा सफाया, राज्यों के बीच बढ़ा तालमेल

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है. एसटीएफ हरियाणा द्वारा अब तक 27 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कर भारत लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2025 में 7 तथा वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कराया गया है. हाल ही में एक सक्रिय एवं वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया. वर्ष 2026 में यह एसटीएफ हरियाणा की 13वीं सफल डिपोर्टेशन रही. डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जहां भी छिपे हो, हरियाणा पुलिस की नजर से दूर नहीं. पुलिस महानिदेशक ने दी जानकारी पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों पर डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन के माध्यम से कार्रवाई के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और डिजिटल नेटवर्क को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है. अपराधी कितना भी दूर क्यों न छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी. 12 गैंगस्टरों को कराया गया डिटेन पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि एसटीएफ द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है. फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान तथा बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट ट्रेसेज का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान और लोकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है. हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को डिटेन कराया गया है तथा उनके एक्सट्रेडिशन/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर इन अपराधियों को भारत लाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. हरियाणा पुलिस जारी कर चुकी है 144 लुक आउट नोटिस हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी एवं समन्वय तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके तहत अगस्त 2023 से लेकर अब तक 144 लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट तथा 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से विदेशों में फरार अपराधियों की पहचान, उनकी आवाजाही पर निगरानी तथा उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है. इन चार अपराधियों की जानकारी देने पर मिल सकता है इनाम विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. इससे विदेश में छिपे अपराधियों तक पहुंच बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी. एसटीएफ द्वारा आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन एवं क्रिप्टोकरेंसी/यूएसडीटी चैनल्स को ट्रेस किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध धन के प्रवाह पर अंकुश लगाना भी है. लोकल शूटर, हेल्पर और हथियार सप्लायरों के खिलाफ भी एक्शन विदेश में बैठे अपराधियों के स्थानीय शूटरों, सहयोगियों, हथियार सप्लायरों एवं मददगारों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे विदेश से अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर हरियाणा में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल रही है. अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. इससे उनकी कम्युनिकेशन, भर्ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल की जा रही है. अंतरराज्यीय बैठकें भी चल रही हैं अंतरराज्यीय गैंगों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और सहयोगियों से संबंधित रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा की जा रही है. विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की जा रही है. संभावित खतरों के आकलन और संयुक्त रणनीति के लिए नियमित अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 40 हजार स्कूटी देने की तैयारी

लखनऊ यूपी सरकार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देगी। दरअसल, महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 40 हजार छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल पर बिड जारी की है। चयनित कंपनी को सिर्फ 100 दिनों में स्कूटी आपूर्ति करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर अंत तक खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की है। उसके बाद 100 दिन सप्लाई में लगेगा। इस लिहाज से जनवरी तक छात्राओं को स्कूटी मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला/मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी। प्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटी भेजी जाएंगी, इसकी जानकारी खरीद आदेश के समय देंगे। इस बीच छात्राओं की चयन सूची भी तैयार हो जाएगी। हालांकि अधिकारियों ने स्कूटी की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ाने या घटाने का प्रावधान रखा है, ताकि यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त वाहनों की सप्लाई में किसी तरह की कोई परेशानी न होने पाए। यही नहीं यह संख्या आवश्यकता पड़ने पर और 25 फीसदी से भी अधिक बढ़ या घट सकती है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार स्कूटी खरीद के लिए विक्रेताओं से 21 सितंबर को 12 बजे से ऑनलाइन बैठक होगी। स्कूटी के साथ मिलेगी ये एक्सेसरीज हर स्कूटी के साथ एक आईएस 4151:2015 मानक का हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। स्कूटी के साथ कई एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर, सीट कवर समेत अन्य वस्तुंए भी अनिवार्य है। स्कूटी BS6, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाला होगा। दिव्यांगजनों के लिए बेहतरीन काम करने वालों को मिलेगा प्राइज उधर, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और उनके लिए उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 की घोषणा की है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है। राज्य सरकार ने पुरस्कारों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए बेहतर काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने की व्यवस्था की है। पुरस्कार के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ 15 सितंबर तक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशालय लखनऊ में आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर 18001801995 उपलब्ध है।

CGPSC परीक्षा में चयन का झांसा देकर वसूले ₹3 करोड़ से ज्यादा, चेतन बोरघरिया के खाते में मिले लाखों के लेनदेन

रायपुर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में मौजूद बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर ओएसडी चेतन बोरघरिया के खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए थे। ईडी की जांच में सामने आया है कि बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। ईडी ने 11 सितंबर को पीएमएलए के तहत चेतन को गिरफ्तार किया है। उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने छह दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2021 में अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा दिलाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूले जाने की ईडी जांच कर रही है। ईडी की जांच में सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डाॅ. विकास चंद्राकर ने सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2021 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई।   बघेल के ओएसडी रहे चेतन के नाम और पद का इस्तेमाल अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया गया था। इस भरोसे के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया के नाम और पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पहले पेपर, फिर चयन का भरोसा ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला केवल पैसे के लेनदेन तक सीमित नहीं था, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर एक पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था। जांच में सामने आया कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र किया गया। यहां उन्हें कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। रिसोर्ट में ठहराए गए अभ्यर्थी इसके बाद अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य स्थित रिसार्ट में ठहराने और मुख्य परीक्षा की तैयारी कराने की बात सामने आई है। ईडी का दावा है कि वहां मुख्य परीक्षा से संबंधित लीक प्रश्नपत्र के आधार पर कथित तौर पर कोचिंग दी गई। खाते में 66.64 लाख की नकद जमा ईडी की वित्तीय जांच में चेतन बोर्घरिया के बैंक खाते से जुड़े लेनदेन को अहम कड़ी माना गया है। एजेंसी के मुताबिक संबंधित अवधि में उनके खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए। जांच में बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन सामने आने का दावा किया गया है। कड़ियां जोड़ रही ईडी अब ईडी इन रकम के स्रोत और उपयोग की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर जुटाई गई तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम किस-किस व्यक्ति तक पहुंची और उसे किन खातों या माध्यमों से आगे भेजा गया। मोबाइल ने खोली पैसों के लेनदेन की कड़ी बोरघरिया के खिलाफ कार्रवाई से पहले ईडी ने एक सितंबर को उनके परिसरों में तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इनकी फोरेंसिक जांच में चेतन बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ ईडी के अनुसार इन संवादों में वित्तीय लेनदेन के साथ रकम वापस करने और भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी मिली है। एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों को बैंकिंग लेनदेन और पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों के साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है। फिगरकेव कंपनी के लेनदेन भी जांच के घेरे में जांच के दौरान फिगरकेव ई-कॉम (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। ईडी को संदेह है कि कंपनी का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम की लेयरिंग और उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाने के लिए किया गया हो सकता है। कंपनी से जुड़े लेनदेन और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआइआर से शुरू हुई कार्रवाई सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित भ्रष्टाचार, हेरफेर और अनियमितताओं को लेकर रायपुर ईओडब्ल्यू-एसीबी में एफआइआर दर्ज की गई थी। बाद में मूल अपराध की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली। सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले में आरोपपत्र भी पेश किया है। ईडी भी कर रही जांच प्रकरण से जुड़े अपराध से अर्जित रकम की जांच ईडी कर रही है। एजेंसी का कहना है कि अब तक जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग रिकॉर्ड और बयानों से चेतन बोर्घरिया की कथित भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर उन्हें पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

जालंधर में कल बाजार रहेंगे बंद, होटल-ढाबों पर भी प्रशासन ने जारी किए निर्देश

जालंधर. जालंधर वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संवत्सरी महापर्व को ध्यान में रखते हुए जालंधर में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मीट और मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। इसे लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 15 सितंबर को जिले में मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ बूचड़खानों को भी बंद रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा होटल, ढाबे और अहातों में मांस या किसी भी तरह का नॉन-वेज भोजन परोसने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें दी पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

फर्जी IAS तृप्ति के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज, नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 3 लाख; ट्रेनिंग भी निकली फर्जी

भोपाल  फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।   संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था। आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।   डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।  

छत्तीसगढ़ में 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की बिक्री, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए नगर पालिक निगम ने बड़ा फैसला लिया है। निगम के सम्पूर्ण क्षेत्र में निर्धारित पांच दिनों तक पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की दुकानें रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, श्री गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस 15 सितंबर, डोल ग्यारस 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर और पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितंबर 2026 को नगर निगम क्षेत्र में पशुवध गृह एवं सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इन्हें दी गई आदेश के पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

भारत-जापान के सांस्कृतिक रिश्तों को शिक्षा-तकनीक से मिल रहा नया विस्तार : सीएम साय

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है। उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध  पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा और तकनीक से खुलेंगी सहयोग की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं। भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं। एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों में दिखाई विशेष रुचि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली। विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। … Read more

बिजली संकट पर CM मान का बड़ा ऐलान, पंजाब के सभी 5 थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की पर्याप्त व्यवस्था

 चंडीगढ़ पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा। पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं। पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है। उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।  किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।  

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस चौकी प्रभारी अशोक ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञान चंद सोनी, ग्राम पंचायत बसाढ़ी की सरपंच फुलबाई रामपाल सिंह, भाजपा मंडल बिलासपुर अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी सहित रविकांत गौतम, अनिल मिश्रा, राजा द्विवेदी, ललन सेन, रविशंकर सोनी, गेंदलाल महार, सुबोध राय एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।