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योगी सरकार की नीतियों से यूपी बना इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब, 43 हजार करोड़ का निवेश, 3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पारंपरिक औद्योगिक विकास से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डीप-टेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और विशाल तकनीकी मानव संसाधन के दम पर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत आधार तैयार हुआ है। राज्य में 200 से अधिक कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम कर रही हैं, जबकि इस सेक्टर में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। प्रदेश की इस बढ़ती ताकत का सबसे बड़ा प्रमाण मोबाइल फोन निर्माण है। देश में निर्मित होने वाले 55 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में दो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित हो चुके हैं। मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट, लैपटॉप, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, सोलर सेल, डिफेंस एवं लॉजिस्टिक्स ड्रोन और रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।  इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में यूपी की मजबूत पकड़ योगी सरकार की नीतियों का असर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के बढ़ते दायरे में साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में 200 से अधिक कंपनियों की मौजूदगी ने एक व्यापक इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम तैयार किया है। एलजी, हैयर, डिक्सन, रैपे, एडवर्ब, सैमसंग और भगवती जैसी प्रमुख कंपनियां इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 भी निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फैक्टशीट के अनुसार इस नीति के तहत अब तक 3800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित हुए हैं।  सेमीकंडक्टर क्षेत्र में यूपी की बड़ी एंट्री इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की मजबूत नींव के बाद अब उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार के सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम 2.0 में 1.27 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ भारत में मजबूत और लचीला सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताया जा चुका है। प्रदेश में केंद्र सरकार से स्वीकृत एक सेमीकंडक्टर एटीएमपी सुविधा मौजूद है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की यह सुविधा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-28 में है और इसमें 3700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है।  1 हजार एकड़ के सेमीकंडक्टर पार्क से नया औद्योगिक केंद्र यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 1 हजार एकड़ का सेमीकंडक्टर पार्क प्रदेश की भविष्य की टेक्नोलॉजी आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है। इसके साथ ही एनएक्सपी, रेनेसास, क्वालकॉम, कैडेंस जैसी वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कंपनियों की मौजूदगी यूपी की बढ़ती क्षमता को दर्शा रहीं हैं। इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और इससे जुड़े अन्य उद्योगों के लिए भी संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।  जेवर एयरपोर्ट और फ्रेट कॉरिडोर देंगे उद्योगों को रफ्तार टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के विकास के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उत्तर प्रदेश में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे नेटवर्क जैसे कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हैं। ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ का रोबोटिक्स एवं एआई कंप्यूटिंग पार्क भी इस तकनीकी इकोसिस्टम को नई दिशा दे रहा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई और रोबोटिक्स आधारित उद्योगों को एक साथ विकसित करने का आधार मजबूत हो रहा है। आईटी और डेटा सेंटर में भी हजारों करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर तक सीमित नहीं है। आईटी पॉलिसी के तहत 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दर्ज किया गया है। लखनऊ में 100 एकड़ की एचसीएल आईटी सिटी और प्रदेश में सात एसटीपीआई आईटी पार्क इस क्षेत्र के विस्तार को गति दे रहे हैं। डेटा सेंटर क्षेत्र में भी 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का उल्लेख फैक्टशीट में किया गया है। इससे प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है।  24 हजार से अधिक स्टार्टअप, डीप-टेक पर भी जोर योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से विस्तारित हुआ है। उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक डीपीआईआईटी पंजीकृत स्टार्टअप हैं। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी-2026 के साथ नोएडा और लखनऊ में यू-हब के माध्यम से डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं यूपी को डीपीआईआईटी स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क-2024 में ‘टॉप परफॉर्मर’ का दर्जा भी मिला है।  युवा तकनीकी प्रतिभा बनेगी सबसे बड़ी ताकत सेमीकंडक्टर और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों के लिए केवल निवेश और जमीन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में प्रशिक्षित इंजीनियर, तकनीशियन, शोधकर्ता और इनोवेटर भी जरूरी हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के पास देश के सबसे बड़े तकनीकी मानव संसाधन आधारों में से एक है। प्रदेश में 760 से अधिक कॉलेज हैं, जिनमें हर साल चार लाख से अधिक विद्यार्थी नामांकित होते हैं। आईआई कानपुर, आईआईटी बीएचयू और एनसीआर में स्थापित संस्थानों समेत तकनीकी संस्थानों का नेटवर्क प्रदेश को सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती तकनीकों के लिए प्रतिभा उपलब्ध कराने में सक्षम बना रहा है।  वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में टेक्नोलॉजी बनेगी आधार उत्तर प्रदेश की मौजूदा रणनीति इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एआई, रोबोटिक्स और डीप-टेक को एक साथ जोड़कर तकनीक आधारित विकास का मॉडल तैयार करने पर केंद्रित है। राज्य की विशाल आबादी, युवा कार्यबल, इंजीनियरिंग एवं तकनीकी प्रतिभा, मजबूत औद्योगिक आधार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर इसे बड़े निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बना रहे हैं।

CGPSC घोटाला: ADM को रिमांड में लिया गया, CM साय ने कहा- ‘किसी को नहीं मिलेगी छूट’

रायपुर. बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में ईडी ने एडीएम चेतन बरघोरिया को गिरफ्तार किया है. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में उन्हें कोर्ट ने 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एडीएम की गिरफ्तारी पर रविवार (13 सितंबर) को बड़ा बयान दिया. सीएम साय ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारी सरकार में कोई भी अपराध करता है तो उसकी जांच होगी और उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. किसी को बख्शा नहीं जाएगा. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बरघोरिया को पूछताछ के बाद गिरफ्तारी कर लिया गया. ईडी ने एडीएम को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट में ईडी ने उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बरघोरिया के बीच वाट्सएप चैट मिलने का हवाला दिया गया. अदालत ने उन्हें 6 दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया है.  भारत को BRICS की मेजबानी का सौभाग्य मिला : CM साय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष जुटे हैं. इस बार भारत को ब्रिक्स समिट की मेजबानी करने का सौभाग्य मिला है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं. 

50 लाख से अधिक पट्टेधारियों को पट्टे की निःशुल्क पक्की रजिस्ट्री कराकर देगी हमारी सरकार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की लाडली बहनें लाभ लेने वाली नहीं बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही है। नारी सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं हो सकता है, इसके लिये प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को आगर-मालवा से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार से अधिक लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 40वीं किश्त के रूप में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। इसमें आगर-मालवा जिले की 1 लाख 13 हजार से अधिक लाड़ली बहनें भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने आगर मालवा जिले को 254 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 50 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 226 करोड़ रुपए से 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन और क़रीब 28 करोड़ रुपए से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने लगभग 118 करोड़ रुपए की लागत से 3 सड़क परियोजनाओं और 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले शासकीय विधि महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर में एक बड़ी गौशाला का निर्माण करने और आगर-मालवा जिले के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य की 'जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि'। विकास के लिए मन में संकल्प शक्ति होना जरूरी है और हम इसी संकल्प शक्ति से प्रदेश के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। हमने नागरिकों से विकास का जो भी वादा किया है, उसे पूरा करके भी दिखाया है। 'सच्चा वादा-पक्का काम' अब यही हमारी सरकार की मुख्य पहचान बन गया है। पट्टों की पक्की रजिस्ट्री कराकर पट्टेधारियों को नि:शुल्क देगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सितम्बर जनसेवा को समर्पित महीना है। आने वाली 17 सितम्बर से प्रदेश में जनसेवा से जुड़े दो बड़े काम प्रारंभ होने हैं। उन्होंने कहा कि 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत हमारी सरकार 17 सितम्बर से एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों को, जिनके पास पट्टे तो हैं, परंतु इसकी रजिस्ट्री नहीं है, इन सभी को हमारी सरकार पक्की रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क रूप से पट्टेधारियों को प्रदान करेगी। इन 50 लाख पट्टों की पक्की रजिस्ट्री का शुल्क सरकार अपने खजाने से वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश ही सबसे पहले ऐसा नवाचारी और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। 25 सितम्बर से प्रारंभ होगी 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर से ही प्रदेश में अगले एक माह (17 अक्टूबर) की अवधि का 'सेवा संकल्प अभियान' प्रारंभ होने जा रहा है। इस अभियान में प्रदेशवासियों को जनसेवा और लोक कल्याण की नई-नई सौगातें दी जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान ही 25 सितम्बर (अनंत चतुर्दशी) से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का मंगल आरंभ कर 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा' की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सुगम बसें प्रदेश के गांव-गांव, पंचायत-पंचायत, कस्बे, ब्लॉक, तहसील सहित सभी छोटे-बड़े नगरों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किमी का रोड़ नेटवर्क उपलब्ध है। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 15 हज़ार से अधिक बसें चलाई जायेंगी। आशीर्वाद का दीपक जरुर जलाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा भारत अब विश्व के अग्रणी देशों में आ गया है। उनके अबतक के सफल कार्यकाल में हम विश्व की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के पहले दिन अर्थात 17 सितम्बर को प्रदेश में एक साथ एक समय पर 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों और शासकीय योजनाओं का हितलाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों से कहा कि वे सब 17 सितम्बर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आर्शीवाद का दीपक जलाकर प्रधानमंत्री  मोदी को उनके जन्मदिन का आर्शीवाद रूपी उपहार जरूर दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को तीज और गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना हमारा लक्ष्य है। हम अपनी बहनों से किया हर वादा पूरी निष्ठा और समर्पण से निभायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के मान सम्मान और सुरक्षा में कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। हमारी सरकार बहनों की आजीविका, स्व रोजगार और इनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए सभी प्रबंध कर रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सद्प्रयासों से हमारी बहनें अब सिर्फ़ हितलाभ पाने वाली ही नहीं, अपितु अपना हित स्वयं सृजित करने और लाभ कमाने वाली भी बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश की 4 लाख से अधिक बहनें अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की वित्तीय और तकनीकी मदद और स्व-उद्मशीलता से अब उद्योगपति बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिलाओं के हित में लिए किये जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का माध्यम न होकर महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी बहनों के सुखद, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। समारोह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री  नागर सिंह चौहान, सांसद  महेन्द्र सिंह सोलंकी, विधायक  माधव सिंह, मधु गहलोत, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मुन्नाबाई चैहान, जिलाध्यक्ष  ओम मालवीय सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।  

नरसिंहपुर को मिलेगी बड़ी सौगात, 30 लाख रुपये से बनेगा प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क

नरसिंहपुर. जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल हुई है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के प्रयासों से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नरसिंहपुर में मध्य प्रदेश के दूसरे साइंस प्ले पार्क की स्थापना की स्वीकृति मिली है। डाइट प्राचार्य राजीव किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत इस पार्क के लिए 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। अध्ययन दल का भोपाल और अलीराजपुर का दौरा पार्क की स्थापना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डाइट प्राचार्य के निर्देशन में गठित विज्ञान समिति के अध्ययन भ्रमण दल ने आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल और प्रदेश के पहले साइंस प्ले पार्क डाइट अलीराजपुर का दौरा किया। इस दल में वरिष्ठ व्याख्याता डॉक्टर अलका शर्मा, श्रद्धा शुक्ला, गोविंद बड़कुर, व्याख्याता संजय कुमार शर्मा और उच्च माध्यमिक शिक्षक पी.एस. पटेल शामिल रहे। दल ने राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों आर.के. त्रिपाठी और प्रेमसिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में वहां स्थापित विज्ञान मॉडलों, गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का गहन अध्ययन किया। देखेंगे, छुएंगे, प्रयोग करेंगे और निष्कर्ष निकालेंगे विद्यार्थी प्रस्तावित साइंस प्ले पार्क में ऐसी गतिविधियां और मॉडल स्थापित किए जाएंगे, जिनसे विद्यार्थी देखकर, समझकर, छूकर और स्वयं प्रयोग करके विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझ सकेंगे। इससे विज्ञान की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर गतिविधि एवं प्रयोगात्मक अनुभव पर आधारित बनेगी। अध्ययन भ्रमण के बाद डाइट प्रशासन द्वारा 15 दिनों के भीतर साइंस प्ले पार्क की स्थापना की विस्तृत कार्ययोजना राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल को प्रस्तुत की जाएगी। इसमें पार्क के मॉडल, गतिविधियां, आवश्यक संसाधन और अन्य व्यवस्थाओं का पूर्ण विवरण होगा, जिसके बाद आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। विद्यार्थी देख, समझकर निष्कर्ष निकाल सकेंगे – विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से डाइट नरसिंहपुर में प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क विकसित किया जाएगा। भ्रमण दल के निरीक्षण के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे विद्यार्थी देखकर, समझकर, प्रयोग करके निष्कर्ष निकाल सकेंगे।  – राजीव किशोर श्रीवास्तव, प्राचार्य, डाइट नरसिंहपुर प्रायोगिक कार्य के प्रति रुचि विकसित होगी – जब विद्यार्थी साइंस प्ले पार्क से होकर प्रयोगशाला में प्रवेश करेंगे, तब उनमें प्रायोगिक कार्य के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित होगी। गतिविधि आधारित मॉडल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और तर्क करने की क्षमता बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। – गोविंद बड़कुर, वरिष्ठ व्याख्याता एवं भ्रमण दल सदस्य

विनोद साहनी हत्याकांड पर सपा पर बरसे संजय निषाद, बोले- ‘होनहार युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहा विपक्ष’

लखनऊ  गोंडा में बर्तन व्यवसायी विनोद साहनी हत्याकांड पर कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। संजय निषाद ने विपक्ष पर होनहार युवाओं को भड़काकर उनकी मौतों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। दोषी सलाखों के पीछे, लेकिन असली गुनाहगार कोई और संजय निषाद ने घटना पर त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार के जताते हुए कहा कि मामले के आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और जांच के दायरे में आने वाले अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद सपा पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा की एक होता है दोषी और दूसरा होता है गुनाहगार। दोषी तो वे हैं जिन्होंने अपराध किया और वे सलाखों के पीछे हैं। लेकिन असली गुनाहगार वे नेता हैं जो एक होनहार युवक को अपने पाले में लाते हैं, उससे भड़काऊ बातें लिखवाते हैं, और फिर उसकी मौत का इंतजार कर राजनीति चमकाते हैं। ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए।  इलाज कराने के बजाय मौत का इंतजार क्यों किया?   संजय निषाद ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पीड़ित गंभीर रूप से घायल था और विपक्षी नेता लखनऊ में बैठकें कर रहे थे तब उन्होंने उसका इलाज क्यों नहीं कराया। संजय निषाद ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा की जो महोदय उसे तोड़कर अपने साथ ले गए थे और उससे प्रचार करवा रहे थे, वे दूसरे दिन लखनऊ की मीटिंग में मौजूद थे। फिर वे घायल को अस्पताल ले जाने के बजाय किसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला तो मैं दिल्ली से आया लेकिन वो लोग इंतज़ार में थे।   अखिलेश यादव द्वारा मंत्री पद पर रहते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने के तंज पर संजय निषाद ने दोटूक जवाब दिया। संजय निषाद ने कहा की हमेशा अपने समाज के साथ खड़ा रहूंगा। आज मेरा समाज जहां है, मैं वहां रहूंगा वो धरने पर है तो मै भी रहूंगा, वो दुखी तो हमें भी दुख होगा।  सपा सरकार में निषाद समाज पर गोलियां चलवाई गई थी सपा सरकार के पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए संजय निषाद ने कहा कि सपा के समय निषाद समाज के आंदोलनों को कुचलने के लिए गोलियां चलवाई गईं, बेकसूरों पर धारा 302 के मुकदमे दर्ज किए गए और सिर्फ निषाद होने के कारण 37 से अधिक लोगों को बेरहमी से पीटा गया था, क्या अखिलेश यादव भूल गए।  युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहा है विपक्ष   संजय निषाद ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि देश में अपनी बात रखने का तरीका लोकतांत्रिक और संवैधानिक है। असली ताकत वोट की चोट में है। मंत्री ने बड़ा आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग जानबूझकर समाज के होनहार बच्चों के दिमाग में जहर घोल रहे हैं और उन्हें आंदोलन की आग में झोंक रहे हैं केवल अपने फायदे के लिए।   योगी सरकार में अपराध पर जीरो टॉलरेंस अखिलेश यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए कमीशनखोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने साफतौर पर कहा कि योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस के राज में अपराधियों को सरकारी संरक्षण मिलता था, जबकि आज पुख्ता सबूतों के आधार पर दोषियों को जेल भेजा जाता है। अगर विपक्षी दलों की व्यवस्था इतनी ही साफ-सुथरी थी, तो जनता ने उन्हें सत्ता से उखाड़ क्यों फेंका।

बिहार के खनिज भंडार पर सरकार की नजर, यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल से होगी बड़े ब्लॉकों की ई-नीलामी

 पटना  बिहार में खनिज संसाधनों की खोज और उनके व्यवस्थित दोहन की दिशा में खान एवं भूतत्व विभाग ने पहल तेज कर दी है। केंद्र सरकार के सहयोग से खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर खनिज अन्वेषण और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। इसके जरिए राज्य में मौजूद खनिज संसाधनों की संभावनाओं को चिह्नित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष बैठक का एजेंडा तैयार सरकार ने खनिज खोज को गति देने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक का मसौदा तैयार किया है। खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों की संभावनाओं का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने और नए क्षेत्रों में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए जीआइएस अधिकारियों से बैठक की तिथि जल्द घोषित होगी। प्रस्तावित बैठक में खनिजों की उपलब्धता, गुणवत्ता और भंडार की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। उद्देश्य ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां अभी तक खनिज संसाधनों का पर्याप्त अन्वेषण नहीं हो सका है। अन्वेषण के बाद उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर खनिज ब्लाकों को विकसित करने और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना है। बड़े खनिज ब्लाकों की ई-नीलामी पर जोर बिहार में वृहद खनिजों के खनिज ब्लाकों की ई-नीलामी को और पारदर्शी बनाने के लिए यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल के इस्तेमाल पर भी विस्तार से विचार किया जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया को एकीकृत और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास है। इससे नीलामी में अधिक प्रतिस्पर्धा आने के साथ प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बेहतर होने की उम्मीद है। खान एवं भू-तत्वि विभाग के मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के अनुसार वैज्ञानिक अन्वेषण, तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शी ई-नीलामी को साथ लेकर चलने से खनन क्षेत्र में निवेश और राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

प्रदेश की 90 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं में सामने आता है सपा कनेक्शन : अनिल राजभर

 लखनऊ जौनपुर में विशाल यादव की हत्या को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी अपराध की घटना होती है तो 90 प्रतिशत मामलों में कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी का कनेक्शन सामने आता है। विशाल यादव हत्याकांड में भी पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।   कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है। ऐसे मामलों में कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने। विशाल यादव के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार जब तक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता, तब तक सरकार की कार्रवाई नहीं रुकेगी।   उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को जौनपुर के तिवारीपुर निवासी विशाल यादव उर्फ बिच्छी सैलून से बाल कटवाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अराजक तत्वों ने उस पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण विशाल की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव जौनपुर-मिर्जापुर हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया था।   विशाल की मां मालती देवी और अन्य परिजनों ने स्थानीय सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। मामले में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशाल गुजरात में ट्रेलर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।

सड़क की जमीन पर कब्जे का आरोप, मस्जिद के हिस्से को हटाने का आदेश; अब दोबारा होगी सुनवाई

लखनऊ यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब लखीमपुर में सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद के हिस्से को हटाने के साथ ही 36750 रुपए का जुर्माना तहसीलदार धौरहरा कोर्ट ने लगाया है। हालांकि, इस मुकदमे में दूसरे पक्ष ने आदेश के विरुद्ध पुनः सुनवाई के लिए बाजदायर प्रार्थनापत्र दिया गया है। इसे तहसीलदार ने स्वीकार करते हुए फिर से सुनवाई का आदेश दिया है। मामला धौरहरा तहसील के ग्राम व परगना धौरहरा का है। यहां की गाटा संख्या 1954/1.121 हेक्टेयर सड़क के नाम दर्ज है। इसके 0.105 भाग पर प्रतिवादी जियाउल्ला खां पुत्र कुर्बान निवासी जवाहर नगर कस्बा व तहसील धौरहरा पर कब्जा कर मस्जिद का हिस्सा निर्माण करने की रिपोर्ट लेखपाल द्वारा तहसीलदार कोर्ट में पेश की गई। इस पर सुनवाई के बाद जारी आदेश में तहसीलदार आदित्य विशाल ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल ने ग्रामीणों के समक्ष भूमि का निरीक्षण कर सर्वेक्षण आख्या प्रस्तुत की। रकबा 0.040 की लम्बाई 220 कड़ी, चौड़ाई 120 कड़ी 0.105 हेक्टेयर पर जियाउल्ला खां पुत्र कुरबान द्वारा पक्का निर्माण कर कब्जा पाया गया। तहसीलदार के आदेश में जियाउल्ला के खिलाफ जमीन से बेदखली करते हुए 36750 रुपए का अर्थदंड जमा कराने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय तहसीलदार धौरहरा में गांव सभा धौरहरा बनाम जियाउल्ला खां उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 में अंतिम फैसला नौ सितम्बर को तहसीलदार ने किया है। उधर, प्रतिवादी जियाउल्ला खान का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय से जो आदेश प्राप्त हुआ है, उसमें मेरे द्वारा पुनर्विचार प्रार्थना दिया गया है। मामला अभी अदालत में चल रहा है। इस बाबत तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि हालांकि यह आदेश पारित किया गया है किंतु इस मामले में विपक्षी जियाउल्ला खां की ओर से बाजदायर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। अब इस पर दुबारा सुनवाई के बाद ही पुनः फैसला किया जाएगा। लोक अदालत में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण लखीमपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज शिवकुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पूरे जनपद की अदालतों में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसमें जिले की राजस्व अदालतों ने 75497 वादों का निस्तारण किया। इस लोक अदालत में परिवार न्यायालय से तीस जोड़े अपने गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने के लिए विदा हुए। दुर्घटना दावा प्राधिकरण की जज डॉ कपिला राघव ने दुर्घटना प्रतिकर के 187 मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करते हुए पीड़ित पक्षों को 10 करोड़ 65 लाख 76 हजार से अधिक की प्रतिकर धनराशि दिलायी। प्राधिकरण के सचिव अम्बरीष त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज शिवकुमार सिंह ने चार वाद, विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम ने 356 वाद निस्तारित किए।

अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी अग्रिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सदैव मानवाधिकार आयोग का ध्येय वाक्य "हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" चरितार्थ होता रहा है। हमारे वेद वाक्य में यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे अर्थात् जैसे मुझ में है, वैसा ही ब्रह्मांड में है, का भाव समाहित है। हमने सदैव प्रकृति सहित सभी के साथ यही भाव रखा है। सनातन संस्कृति में मनुष्य योनि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हमारे पुण्य कर्म मानव जाति के कल्याण के लिए हमें प्रेरित करते हैं। प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग पिछले तीन दशकों से अपने ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है। यह वाक्य हमारे लोकतंत्र की उस मूलभावना का प्रतीक है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समान गरिमा, समान अधिकार और न्याय का समान अवसर प्राप्त हो। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग की तीन दशकों की यात्रा मानवाधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए समर्पित रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर प्रशासन अकादमी आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अजजा वर्ग के मानवाधिकारों पर केंद्रित स्मारिका एवं त्रैमासिक न्यूज लेटर का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में स्मारिका, आयोग के त्रैमासिक न्यूज लेटर और आयोग की डायरी का विमोचन भी किया। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग द्वारा इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानवाधिकारों के संरक्षण और शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन कर्मयोगी अंतर्गत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मिशन कर्मयोगी स्थापना सप्ताह में जनजातीय कार्य विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयोग ने यह विश्वास मजबूत किया है कि लोकतंत्र में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी अग्रिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की है। मानवता यही है कि सभी के लिए समानता के भाव के साथ कार्य किया जाये। राज्य मानवाधिकार आयोग निष्पक्षता और अपने मूल्यों के आधार पर कार्य करता रहेगा। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की सेवा में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी भारतीय संविधान में निहित लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री  मोदी जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। कोविड 2019 महामारी के दौर में प्रधानमंत्री  मोदी ने कई देशों के नागरिकों को वैक्सीन उपलब्ध कराई और जियो और जीने दो के भाव को चरितार्थ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में अनेक वीर क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दिया। काकोरी कांड के बाद जब क्रांतिकारी पकड़े गए तो अंग्रेज अफसरों ने उन्हें यातनाएं दीं और कई अमानवीय कृत्य किए। प्रदेश में बालाघाट सहित देश के कई क्षेत्रों में नक्सलवाद की समस्या रही लेकिन तत्कालीन सरकारों ने नक्सलवादियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हमारी सरकार ने लाल सलाम को देश में सबसे पहले अंतिम सलाम किया। विश्व में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मानवाधिकारों के हनन से वर्तमान में भी कष्ट का वातावरण बना हुआ है। जनजातीय समाज का विकास हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्वः जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए जनजातीय कार्य मंत्री  कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय समाज का विकास मात्र सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि हम सभी का सामाजिक और नैतिक कर्तव्य भी है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आत्मसम्मान नहीं आता, तब तक हमारी विकास यात्रा अधूरी है। मंत्री  शाह ने प्रदेश में मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता के कारण ही प्रदेश में अंत्योदय की भावना के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे पहले नक्सल मुक्त हुआ और अब विकास की सौगात नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप प्रदेश में विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह(पीवीटीजी) तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मंत्री  शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास के लिए 8 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से जनजातीय वर्ग, विशेष रूप से पीवीटीजी (बैगा, भारिया और सहरिया) को लाभान्वित करने के लिए उनके 14 गांवों में स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, पक्के आवास और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जीवन की स्वतंत्रता और गरिमा रखने वाले अधिकार ही मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि-उद्योग सहित सभी क्षेत्रों में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। मानव अधिकारों से आशय उस पर्यावरण और परिस्थितियों से होता है, जो मानव को उसके जीवन की रक्षा, व्यक्तित्व के विकास और निर्माण के लिए अनिवार्य होती हैं। किसी व्यक्ति के जीवन की स्वतंत्रता और गरिमा रखने वाले अधिकार ही मानवाधिकार हैं। आजादी के बाद हमारे संविधान में मानवाधिकारों को प्रस्तावना के साथ ही नागरिकों के मूल अधिकारों के रूप में शीर्ष स्थान दिया गया है। आम नागरिकों में मानवाधिकारों के प्रति जागरुकता लाने के लिए आयोग ने जिले-जिले में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों का त्वरित निराकरण करने के साथ ही अब तक जनजातीय वर्ग के पीड़ितों को अब तक 6 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं की जानकारी स्थानीय बोली में उपलब्ध कराना आवश्यक है ये अधिकारी एवं कर्मचारी हुये सम्मानित चिन्हित कुल 27 पुरस्कारों में से आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री  शाह ने … Read more

विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक सम्मान ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के लिए डॉ. कमलेश कुमार दुबे आमंत्रित

लखनऊ उत्तर प्रदेश की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रतिभा अब अमेरिका की नई पीढ़ी को तकनीक सिखाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि मिली है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की उस बदलती तस्वीर का प्रमाण है, जहां फॉरेंसिक साइंस को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और वैश्विक अकादमिक सहयोग से जोड़कर नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फॉरेंसिक साइंस को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों की दिशा में इसे एक बढ़ते हुए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारत-अमेरिका के बीच गणित, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों में शोध सहयोग के नए द्वार खुलेंगे। डॉ. कमलेश कुमार दुबे को वर्ष 2026-27 के लिए अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज, सैलिसबरी, नॉर्थ कैरोलिना में ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। वह वहां दो अकादमिक सेमेस्टर तक (मई 2027) शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियों में भाग लेंगे। अमेरिका में डॉ. दुबे गणित के साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग जैसे आधुनिक विषयों से अमेरिकी जेन जी को रूबरू करवाएंगे। गणित से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन जैसे भविष्य की तकनीकों तक उनकी विशेषज्ञता है।      ‘फुलब्राइट’ दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में शामिल है। डॉ. दुबे का चयन उत्तर प्रदेश की अकादमिक और तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।  यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यात्रा से भारत और अमेरिका के बीच मैथमेटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नए शैक्षणिक एवं शोध सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। गणित को एआई और डेटा की दुनिया से जोड़कर पढ़ाने का उनका अनुभव दोनों देशों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच नए अकादमिक संवाद का आधार बन सकता है। डॉ. जीके गोस्वामी स्वयं फुलब्राइट फ्लेक्स अवार्ड फेलो रह चुके हैं। सीएम योगी के विजन से फॉरेंसिक साइंस को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस प्रदेश में आधुनिक फॉरेंसिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड और डेटा आधारित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन चुका है। फॉरेंसिक से साइबर सिक्योरिटी तक बदल रहा यूपी का चेहरा उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा यह नया फॉरेंसिक इकोसिस्टम केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं है। इसका विस्तार साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों तक हो रहा है। यूपीएसआईएफएस में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारियों को फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश की जांच व्यवस्था को वैज्ञानिक, तकनीकी और साक्ष्य आधारित बनाना है। इसी व्यापक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय विस्तार डॉ. दुबे का अमेरिका जाना है। वहां वे न केवल अमेरिकी विद्यार्थियों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही फॉरेंसिक और तकनीकी क्षमताओं की झलक भी वैश्विक अकादमिक समुदाय के सामने रखेंगे। 40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यह उपलब्धि 19 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा का परिणाम है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से गणित में पीएच.डी. तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.एससी. एवं एम.एससी. की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्होंने अब तक 40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित की हैं। उनके निर्देशन में छह शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं। वैश्विक ज्ञान-विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बना यूपी डॉ. दुबे का ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में अमेरिका जाना इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब केवल तकनीकी प्रतिभा तैयार करने वाला प्रदेश नहीं, बल्कि वैश्विक ज्ञान-विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप फॉरेंसिक साइंस और आधुनिक तकनीक को प्रदेश की ताकत बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगे हैं।