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गुलाब सिद्धू के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली फायरिंग की जिम्मेदारी

बरनाला. प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के गांव फरवाही स्थित घर पर शनिवार देर रात मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के समय सिंगर का पूरा परिवार घर के अंदर ही मौजूद था, जबकि गुलाब सिंद्धू काम के सिलसिले में बाहर थे। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं, साथ ही ये खबर भी है कि गैंगस्टर डोली बल्ल ने फायरिंग की जिम्मेवारी ली है। अच्छी बात ये रही ही हमले में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में किसी को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंची है। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे मोटरसाइकिल पर सवार कुछ व्यक्ति, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे, गुलाब सिद्धू के घर के बाहर पहुंचे और गोलियां चलाकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। उन्होंने बताया कि गुलाब सिद्धू इन दिनों टूर कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। हालांकि उनका परिवार घर में मौजूद था। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। सरपंच ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। बता दें कि गुलाब सिद्धू के पास दो सुरक्षा कर्मी भी हैं। वहीं गायक के घर पर जिन हमलावरों ने फायरिंग की उनमें से 2 ने करीब 6 ने गोलियां चलाई थी व तीसरे ने वीडियो बनाई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली है। एसपी डी संजीव कुमार गोयल के अनुसार गुलाब सिद्धू के घर पर हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज चेक की जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

हैंडबॉल के 4 और एथलेटिक्स के 5 प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन, जिले के गौरव की बढ़ाएंगे शान

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और शानदार खेल प्रदर्शन के दम पर एक बार फिर मनेन्द्रगढ़ जिले को गौरवान्वित किया है। जगदलपुर में 17 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के 9 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हैंडबॉल विधा के लिए रूपेश कुमार, विकास, अमिताभ एवं युवराज सिंह का चयन हुआ है। वहीं एथलेटिक्स विधा में सतीश कुमार मरकाम, रंगलाल, जॉन अब्राहम टोप्पो, निलेश एवं राहुल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। चयनित खिलाड़ी 15 सितंबर को जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने जा रहे इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। निश्चित रूप से यह उपलब्धि केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षकों, अभिभावकों और पूरे मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस सफलता पर बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ की क्रीड़ा अधिकारी श्रीमती मीना प्रजापति ने सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे आत्मविश्वास, खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद जायसवाल, किशोर दास, प्रेम स्मेल टोप्पो, शिव कुमार चौधरी एवं रणधीर ठाकुर ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए चयनित खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के ये होनहार खिलाड़ी राज्य स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर मनेन्द्रगढ़-एमसीबी जिले का नाम रोशन करेंगे। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने सपनों को उड़ान देने की प्रेरणा बनेगी।

नेशनल लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय मुरैना में 60 पारिवारिक मामलों का निपटारा

मुरैना  नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायिक स्थापना मुरैना में आयोजित लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के लंबित भरण-पोषण एवं अन्य पारिवारिक मामलों में कुल 60 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इनमें 24 प्रकरणों में पति-पत्नी के बीच आपसी सुलह कराई गई।     कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री हितेंद्र द्विवेदी ने पक्षकारों को मध्यस्थता एवं आपसी राजीनामे के लाभ समझाते हुए कहा कि आपसी सहमति से मुकदमे के निपटारे में किसी की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने पति-पत्नी की समस्याओं को सुनकर आपसी मन-मुटाव दूर करने और सुखमय पारिवारिक जीवन के लिए समझाइश दी। लोक अदालत में गोपालपुरा, मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2024 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी समाधान कराया गया। दोनों पक्ष वर्ष 2024 से अलग रह रहे थे तथा उनके बीच अन्य प्रकरण भी लंबित थे।      प्रधान न्यायाधीश की समझाइश एवं आपसी संवाद के बाद दोनों पति-पत्नी साथ रहने के लिए सहमत हुए और खुशी-खुशी अपने घर लौटे। उन्हें आपसी प्रेम एवं सौहार्द का प्रतीक स्वरूप माला पहनाई गई तथा एक पौधा भेंट किया गया।     इसी प्रकार बामौर, जिला मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2022 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे और उनके बच्चे भी मां के साथ रह रहे थे। प्रधान न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों के बीच सुलह हुई और वे साथ-साथ घर लौटे। इस अवसर पर उन्हें माला पहनाकर प्रेम एवं सौहार्द का संदेश दिया गया तथा पौधा भेंट किया गया।     लोक अदालत में हुए इन समझौतों ने यह संदेश दिया कि संवाद, समझदारी और आपसी सहमति से पारिवारिक विवादों का सुखद समाधान संभव है।

अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई

मुरैना  सागर जिले में जहरीली शराब की शिकायत के मद्देनजर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता ग्वालियर श्री संदीप शर्मा के निर्देशन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।     इसी क्रम में 11 सितम्बर को जिला आबकारी अधिकारी श्री पारस गौतम के नेतृत्व में वृत्त सबलगढ़ के ग्राम कोलिया, घुरजा, चंदपुरा सलाई, चंदपुरा, जारोली, रायपुर नहर एवं बंधरेंटा क्षेत्र में संयुक्त दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत 3 प्रकरण दर्ज कर कुल 24.44 बल्क लीटर अवैध मदिरा जप्त की गई।    आबकारी विभाग द्वारा अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

नशे के खिलाफ विजय शर्मा का बड़ा संदेश, पुलिस को दिए नेटवर्क ध्वस्त करने के स्पष्ट निर्देश

कवर्धा. छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस अब और ज्यादा आक्रामक तेवर में कार्रवाई करेगी. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी, परिवहन और भंडारण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाए. नशे के पूरे नेटवर्क पर पुलिस पूरी ताकत से टूट पड़े. कवर्धा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी और विवेचना अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार पर कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. नशे के सौदागरों से लेकर उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर उसे जड़ से खत्म करना जरूरी है. नशीले पदार्थों का निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की विवेचना वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत बनाई जाए, ताकि आरोपी केवल गिरफ्तार ही न हों, बल्कि न्यायालय में भी दोषसिद्ध हों. यानी सरकार का संदेश साफ है—नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं, पुलिस की कार्रवाई सीधे नेटवर्क के खिलाफ होगी.

स्टेशन पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती, कचरा फेंका या थूका तो लगेगा 1000 रुपये का जुर्माना

भोपाल. ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। रेलवे स्टेशनों पर कचरा फेंकने या थूकने की आदत अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। रेल मंत्रालय ने स्वच्छता नियमों को सख्त करते हुए जुर्माने की रकम बढ़ा दी है। अगर कोई यात्री अब स्टेशन या रेल परिसर में गंदगी फैलाते पकड़ा जाता है, तो उसे 1000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। 14 साल बाद नियमों में हुआ बदलाव आपको बता दें कि साल 2012 से रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान था। अब पूरे 14 साल बाद रेलवे ने इस नियम की समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के तहत इस जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने इन नए नियमों को लागू भी कर दिया है, इसलिए अब सफर के दौरान खास सावधानी बरतने की जरूरत है। खानी पड़ेगी कोर्ट की हवा – अगर कोई यात्री सोचता है कि वह बहस करके या जुर्माना देने से इनकार करके बच निकलेगा, तो उसके लिए सख्त चेतावनी है। नए नियम साफ कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया जुर्माना नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे लोगों को सीधे सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। इतना ही नहीं, कोर्ट में मामला जाने पर जज उस व्यक्ति पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं। स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है असल मकसद – जुर्माने की राशि बढ़ाने के पीछे रेल मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पैसा वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में सुधार लाना है। रेलवे का मानना है कि स्टेशनों और परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था को तभी बेहतर बनाया जा सकता है, जब आम नागरिक भी इसमें सहयोग करें।

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू; 100 प्राध्यापकों को विदेश में प्रशिक्षण

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बापू सभागार में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला पहला राज्य उन्होंने सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और मनोयोग के साथ काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसी शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। अब जरूरत है कि इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक आधारभूत संरचना का और विस्तार किया जाएगा। 100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड समेत प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित दुनिया के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी। इसके अलावा विश्व के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ बिहार के शिक्षकों को संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा बजट का 21 प्रतिशत खर्च कर रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो। 700 मॉडल स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के साथ संवाद और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग ही उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करेगा। प्रतिभा की कमी नहीं, बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खबरें और भी उन्होंने विश्वास जताया कि नए सहायक प्राध्यापकों के योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रास बिहारी सिंह समेत अन्य प्राध्यापक और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।  

UP के 1.19 लाख बुजुर्गों को राहत, 45-45 दिन में मिलेगी ₹1,500 की पेंशन किस्त

 बाराबंकी  वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए नई किस्त प्रणाली लागू कर दी गई है। अब तीन माह की 3000 रुपये की पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दो बराबर किस्तों में भेजी जाएगी। 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी हैं और इनके खातों में पेंशन की राशि आनी शुरू हो गई है। नई व्यवस्था में 80 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों को मिलने वाली 3000 रुपये की त्रैमासिक पेंशन में राज्य और केंद्र सरकार का योगदान बराबर रहेगा। दोनों की ओर से 1500-1500 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों की पेंशन में राज्य सरकार का योगदान 2400 रुपये और केंद्र सरकार का अंश 600 रुपये होगा। यह पात्रता, करें आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार 80 और शहरी क्षेत्र में 56 हजार 460 रुपये वार्षिक आय होनी चाहिए। परिवार रजिस्टर नकल, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, शैक्षिक योग्यता यदि हो, पासपोर्ट साइज फोटो लगेगा। एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (एसएसपीवाई.यूपी.जीओवी.इन) पर आवेदन किया जाता है। कोई व्यक्ति जिसकी 60 वर्ष की उम्र पूरी हो चुकी है, वह आवेदन कर सकता है। नई किस्त प्रणाली के मुख्य बिंदु     तीन माह की कुल पेंशन : 3,000 रुपये     भुगतान : दो किस्तों में     प्रत्येक किस्त : 1500 रुपये     प्रत्येक किस्त 1.5 माह यानी 45 दिन में जारी होगी     भुगतान : डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में     भुगतान की स्थिति : एसएमएस और पोर्टल पर उपलब्ध     पात्रता के लिए : आयु प्रमाण और आधार से लिंक बैंक खाता जरूरी     80 साल से अधिक उम्र के लाभार्थी     राज्य सरकार : 1500 रुपये     केंद्र सरकार : 1500 रुपये     80 साल से कम उम्र के लाभार्थी     राज्य सरकार : 2400 रुपये     केंद्र सरकार : 600 रुपये  

मुख्य लाइन जाम कर सहायक गलियों में सीवर ओवरफ्लो कराने की साजिश, नगर निगम ने भेलूपुर थाने में दी तहरीर

​ वाराणसी  काशी की छवि को योजनाबद्ध तरीके से धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सीवर लाइनों की सफाई के दौरान शिवाला, सरायनंदन, नगवा समेत आधा दर्जन वार्डों में मुख्य सीवर लाइनों के भीतर बालू की बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाई और प्लास्टिक की सामग्री ठूंसी हुई मिली है। प्रथम दृष्टया यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। मुख्य मार्ग की सीवर लाइन जाम होने के कारण सहायक गलियों में सीवर का पानी ओवरफ्लो करने लगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव का दृश्य बना। नगर निगम प्रशासन ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराने हेतु पुलिस को लिखित तहरीर सौंप दी है।  महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को पार्षदों व अधिकारियों के साथ शिवाला वार्ड में अग्रवाल रेडियों के समीप मौका मुआयना किया। इस दौरान महापौर ने कहा कि नगर निगम और जलकल विभाग की टीमें दिन-रात सड़कों पर मुस्तैद रहकर जलजमाव निस्तारण में जुटी हुई हैं। इसके बावजूद पिछले दस दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर नगर निगम को टारगेट कर जलभराव की भ्रामक फोटो व वीडियो प्रसारित की जा रही हैं। जबकि धरातल पर सच्चाई यह है कि दर्जनों जलभराव वाले प्वाइंट्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और निचले इलाकों से पानी पंपों के जरिए लगातार निकाला जा रहा है। ​महापौर ने बताया कि शुक्रवार की रात शिवाला क्षेत्र में सीवर लाइन सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। सीवर लाइन में इस प्रकार बालू भरी बोरियां मिलना सीधे तौर पर साजिश की ओर इशारा करता है, जो गहन जांच व विवेचना का विषय है। निगम प्रशासन क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। वहीं, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस कृत्य के पीछे अवांछनीय तत्वों का हाथ होने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि निगम इस साजिश का पर्दाफाश करने में पूरी ताकत से जुटा है। उन्होंने सम्मानित शहरवासियों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति सीवर लाइन या सरकारी परिसंपत्तियों के साथ ऐसी छेड़छाड़ करता दिखे तो तुरंत नगर निगम को सूचित करें। ​जलकल विभाग ने भेलूपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी की तहरीर ​अधिशासी अभियंता (जोन-2), जलकल विभाग, इस प्रकरण में अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है है। तहरीर में शिवाला वार्ड संख्या-75 के अंतर्गत कूड़ा घर रत्नाकर पार्क के पास अग्रवाल रेडियों के निकट जलभराव समस्या के निस्तारण हेतु मुख्य सीवर लाइन सफाई के दौरान अत्यधिक मात्रा में बालू से भरे बोरे पाए गए। इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि अज्ञात लोगों द्वारा मुख्य सीवर लाइन को चोक कर जलकल विभाग एवं शहर की छवि धूमिल करने की नीयत से यह साजिश रची गई है। ​मौके पर मौजूद प्रमुख जन प्रतिनिधि व अधिकारी: निरीक्षण के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद सुरेश चौरसिया, चंद्रनाथ मुखर्जी, मदनमोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, महेंद्र पटेल, इंद्रदेव सिंह, मनीष गुप्ता, सोमनाथ यादव, अक्षयवर सिंह, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह एवं सचिव सुधीर वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वरिंदर सिंह बाजवा के निधन से SAD में शोक, सुखबीर बादल ने कहा- ‘पार्टी ने सच्चा नेता खो दिया’

होशियारपुर. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य वरिंदर सिंह बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही अकाली दल के खेमे में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजवा के निधन को अकाली दल के लिए बड़ी क्षति बताया। वरिंदर सिंह बाजवा लंबे समय से अकाली राजनीति से जुड़े रहे और पार्टी में उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। वरिष्ठ नेता के तौर पर पार्टी के संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने पंजाब और पार्टी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें अकाली दल के महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाता था। बाजवा के निधन की सूचना मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को मॉडल टाउन स्थित उनके आवास पर पहुंचे। सुखबीर बादल ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनके साथ दुख साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पार्टी ने अनुभवी स और समर्पित नेता खो दिया है। कार्यकर्ताओं में भी शोक बाजवा के निधन की खबर फैलते ही अकाली दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। नेताओं ने कहा कि बाजवा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में पार्टी को मजबूती देने के लिए लगातार काम किया। उनका सहज व्यवहार और कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बाजवा का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब पंजाब की राजनीति में अकाली दल एक बार फिर अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पार्टी के अनुभवी नेता का निधन संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। बाजवा के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।