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एयरपोर्ट के नजदीक बम मिलने से अलर्ट पर पुलिस, जबलपुर में पूरे इलाके की घेराबंदी

जबलपुर  जबलपुर में एयरपोर्ट के पास बम मिला है। यह अनएक्सप्लोडेड बम देख इलाके में दहशत पसर गई। जबलपुर के इस इलाके में ही खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सहित सेना की इन्फैंट्री और हथियार कारखाने हैं। ऐसे में बम मिलने के मामले की गंभीरता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा इलाका घेर लिया। जांच में पता चला कि यह करीब 12 किलो का जिंदा मोर्टार है। इसे सेना का UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम बताया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत सैन्य अधिकारियोें को मामले की जानकारी दी। अब सेना अपनी कार्यवाही कर रही है। शनिवार को दिखाई दिया एक जिंदा बम डुमना में एयरपोर्ट से लगे खमरिया थाने के गदेरी गांव में एक घर के निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है। इस दौरान शनिवार  को एक जिंदा बम दिखाई दिया। इससे हड़कंप मच गया। दहशत में आए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी। खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो हैं ऐसे में जिंदा बम मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस गदेरी गांव में घटनास्थल पर पहुंची। एहतियातन पूरे इलाके को भी घेर लिया। भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव के सुनील यादव के प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे मजदूरों को जमीन के अंदर बम मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल को घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला मौके पर आए खमरिया थाने के पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला। यह एक UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम है। पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारियों को विस्फोटक मिलने की खबर दी। सेना का यह बम काफी पुराना है जो कि यहां सालों से दबा था। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही सैन्य अधिकारियों को मामले की सूचना दी ताकि बम निरोधक दस्ता (Bomb detection and Disposal Squad) मौके पर आकर बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर सके। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी है। इधर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।  

दफ्तर में काम नहीं, जाम छलकाते दिखे कर्मचारी; सरकारी ऑफिस से शराबखोरी का वीडियो सामने आया

बालोद. बालोद जिले में जिला विपणन विभाग के कर्मचारियों का कारनामा सामने आया है, जिन्होंने सरकारी कार्यालय को ही मयखाना बना दिया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब अधिकारियों पर नजर है कि वे पूरे वाकये पर क्या कदम उठाते हैं. मामला बालोद जिले के मालीघोरी धान संग्रहण केंद्र का है, जहां पदस्थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी तिलेश्वर साहू कुछ लोगों के साथ दारू पार्टी करते नजर आ रहे हैं. सरकारी आलमारी में दस्तावेज की जगह शराब की बोतलें रखी जा रही है, और कर्मचारियों के साथ मिलकर जाम छलकाया जा रहा है. वहीं इस पूरे मामले में डीएमओ टिकेंद्र राठौर का पक्ष लेने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने ‘मैं छुट्टी में बाहर हूं’ कहकर सवाल सुने बिना ही फोन काट दिया. इससे प्रतीत होता है कि अधिकारी भी ऐसे नशाखोर कर्मचारियों को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

यात्रियों को बड़ा झटका: बिहार में साधारण, डीलक्स और एसी बसों का किराया बढ़ा

पटना बिहार के लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। 1 जून से बस का सफर महंगा हो जाएगा। सम्राट सरकार ने बस किराया में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। नया किराया राज्य के विभिन्न रूटों पर चलने वालीं बसों पर लागू होगा। सरकार ने साधारण से लेकर डीलक्स और एसी सभी तरह की बसों के किराये में बढ़ोतरी की है। बिहार में बीते 5 सालों से बस किराया नहीं बढ़ा था। हर पांच साल में किराये के पुनर्निर्धारण का नियम है। डीजल की कीमतें बढ़ने से बस संचालन का खर्च भी बढ़ा है। परिवहन विभाग को 15 प्रतिशत तक किराये में बढ़ोतरी का प्रस्ताव मिला था, जिस पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे जाने के बाद लागू कर दिया गया। सरकार ने दूरी के आधार पर नया किराया तय किया है। साधारण बसों में 50 किलोमीटर तक के सफर पर अब प्रति किलोमीटर 1.73 रुपये भाड़ा लगेगा। पहले यह दर 1.50 रुपये थी। 100 किलोमीटर तक की यात्रा पर अब प्रति किमी 1.71 रुपये भाड़ा लगेगा। 200 किमी तक 1.68 रुपये और 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर यात्रियों को प्रति किमी 1.65 रुपये किराया देना होगा। इसी तरह डीलक्स बस सेवा में 50 किलोमीटर तक का सफर 1.96 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से होगा। 100 किलोमीटर तक की यात्रा करने पर 1.94 रुपये प्रति किमी की दर से भाड़ा लगेगा। 200 किमी तक सफर पर 1.90 रुपये और 300 किमी से ऊपर की यात्रा पर 1.87 रुपये प्रति किमी किराया लगेगा। एसी बस में 50 किलोमीटर तक की यात्रा पर नया किराया 2.30 प्रति किमी तय किया गया है। 100 किलोमीटर तक सफर के लिए 2.28 रुपये, 200 किमी तक 2.24 रुपये और 300 किमी से अधिक की लंबी दूरी की यात्रा पर 2.20 रुपये प्रति किमी के हिसाब से भाड़ा देना होगा। इसके अलावा, परिवहन विभाग ने वॉल्वो जैसी प्रीमियम बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की है। नगरीय बस सेवा यानी सिटी बस में सफर करने वाले लोगों को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। नई दरों के अनुसार सरकारी बसों के साथ ही निजी बस संचालक भी किराये में बढ़ोतरी करेंगे। बिहार में बस भाड़े में इजाफे का प्रस्ताव पहले ही आ गया था, इससे किराया में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। इसके चलते कुछ जगहों पर निजी बस संचालकों ने इसी महीने से किराये में इजाफा कर दिया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद राहत की खबर, सात जून से पहले बहाल होगा आवागमन

 भागलपुर भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के टूट जाने से परेशान बिहार वासियों के लिए अच्छी खबर है। इस पुल पर आठ जून से दोबारा परिचालन शुरू हो सकता है। इसको लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। तीसरे बेली ब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। जबकि चौथे बेली ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीआरओ के अधीक्षण अभियंता की निगरानी में चौथे ब्रिज के फाउंडेशन की लाइन खींची गई। हालांकि शुक्रवार दोपहर हुई बारिश के कारण काम पूरी तरह बाधित हो गया। शेष काम रात में निपटाए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को विक्रमशिला सेतु पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण एवं आवागमन पुनर्बहाली कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीआरओ एवं संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सात जून से पूर्व हर हाल में पुल पर यातायात प्रारंभ करना है। पहले पांच जून का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन आंधी पानी के कारण बिजली कटने की समस्या से काम में बाधा आई। इससे शुरू करने का लक्ष्य दो दिन आगे बढ़ गया है। पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक शैलेंद्र कुमार से जानकारी के मुताबिक विक्रमशिला सेतु से करीब 50 किलोमीटर के रिंग रोड को अगुआनी घाट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सर्वे और डीपीआर बनाने का काम शुरू हो गया है। रिंग रोड के बन जाने से इलाके के लोगों को आवगमन का एक वैकल्पिक मार्ग सुलभ हो जाएगा और इलाके के लोगों को कटाव से सुरक्षा मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना भविष्य में क्षेत्रीय विकास और यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी। इस दौरान मंत्री ने बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में लत्तीपुर, नन्हकार, जमींदारी, राघोपुर, काजीकोरैया गंगा तटबंध सहित कालूचक, विष्पुरिया, सिहकुंड और गुवारीडीह समेत कोसी कटाव प्रभावित इलाकों में चल रहे कटावरोधी कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में मानसून शुरू होने के बाद कटावरोधी कार्य प्रारंभ होता था, लेकिन इस बार मानसून पूर्व ही कार्य शुरू कराने का निर्देश बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को दिया गया है। भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वूपर्ण पुल विक्रमशिला सेतु का कुछ हिस्सा 3 मई की रात टूट गया। प्रशासन ने इस पुल पर रात के 12.30 बजे से आवागमन रोक दिया था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुल टूटने के बाद भागलपुर समेत आस पास के जिलों में हाहाकारी स्थिति उत्पन्न हो गयी। कई जिलों का संपर्क इस पुल के कारण टूट गया। पटना से दिल्ली तक इस पुल के टूटने की चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की टीम पहुंची और बेली ब्रीज का निर्माण किया।

दिल्ली बैठक से निकले बड़े संकेत, अभी बरकरार रहेगा पंजाब कांग्रेस प्रधान

चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के नेताओं में खींचतान का मुद्दा दिल्ली में उठा। पार्टी हाईकमान ने पंजाब अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पार्टी प्रभारी भूपेश सिंह बघेल को दिल्ली बुलाया था।   राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के समक्ष हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की मांग उठी। एक नेता ने गिद्दड़बाहा निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र किया। यह इलाका अध्यक्ष वड़िंग का ही है।  हाईकमान ने विधानसभा चुनाव तक अध्यक्ष न बदलने का संकेत दिया। प्रभारी भूपेश बघेल ने बताया कि केसी वेणुगोपाल चार महीने पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने इस मसले पर बार-बार बात न करने को कहा। बाजवा का बैठक छोड़ना और एकजुटता का निर्देश नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। भूपेश बघेल ने बताया कि उन्हें अचानक काम पड़ गया था। उन्होंने सूचित करके जाने की बात कही। पार्टी ने सभी नेताओं को एकजुटता से आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। कांग्रेस का लक्ष्य विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाना है। 

चुनावी मुकाबले का अनोखा फैसला! पंजाब में कहीं सिक्का उछला, कहीं पर्ची ने तय की जीत

जालंधर. निकाय चुनावों में इस बार कई परिवारों ने राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। कहीं पति-पत्नी और बेटे ने जीत का परचम लहराया तो कहीं सास ने चुनावी मैदान मार लिया। वहीं कुछ राजनीतिक परिवारों को हार का भी सामना करना पड़ा। पंजाब के अलग-अलग शहरों से निकले ये दिलचस्प नतीजे चर्चा का विषय बने रहे। दोराहा नगर कौंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार शर्मा ने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर नया रिकॉर्ड कायम किया। खास बात यह रही कि उनके परिवार ने भी चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहीं उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और पुत्र अनमोल शर्मा ने भी जीत हासिल की। तीनों की जीत के बाद दोराहा में पूरे परिवार की राजनीतिक पकड़ चर्चा में रही। मोहाली नगर निगम चुनाव में भी पति-पत्नी की जोड़ी ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर चार से हरविंदर सिंह और वार्ड नंबर तीन से उनकी पत्नी गुरमीत कौर विजयी रहीं। उधर, कोटकपूरा में भी एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा। वार्ड नंबर 10 से आम आदमी पार्टी के स्वतंत्र जोशी विजयी रहे, जबकि वार्ड 11 से उनकी भाभी विजयप्रीत जोशी और वार्ड 16 से उनके बेटे एरन जोशी ने भी चुनाव जीत लिया। बठिंडा नगर निगम चुनाव में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संघवी की सास हरबंस कौर ने जीत हासिल कर राजनीतिक हलकों में चर्चा बटोरी। मानसा में टास व पर्ची से हुआ विजेता का फैसला मानसा की नगर पंचायत जोगा और बोहा मैदो उम्मीदवार टास व पर्ची डालने के बाद जीते। जोगा के वार्ड नंबर एक में दो उम्मीदवारों को 141-141 वोट मिले। इसके बादटास में सीपीआई की सुखजिंदर कौर विजेता बनीं। बोहा के वार्ड नंबर 10 में दो उम्मीदवारों को 256-256 वोट मिलने के बाद डब्बे में से पर्ची निकाली गई। इसमें अकाली दल के गुरमीत सिंह विजेता बने। उधर, बटाला में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रधान शैरी कलसी के परिवार को झटका लगा। पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ रहे उनके भाई अमृत कलसी और बहन उत्तमजीत कौर को कांग्रेस उम्मीदवारों के हाथों हार का सामना करना पड़ा। विनिंग नंबर है 65 मोहाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 34 से आम आदमी पार्टी के सुखदेव सिंह पटवारी 65 वोट से जीते। वे पिछले निगम चुनाव में भी 65 वोट से ही जीते थे।

पर्यटकों को झटका! नंदनवन जू और जंगल सफारी की टिकट दरें बढ़ीं, AC बस किराया भी महंगा

रायपुर. नवा रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी में घूमना पर्यटकों के लिए अब महंगा हो सकता है. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू के प्रवेश शुल्क, सफारी राइड और अन्य सुविधाओं की नई दरें जारी कर दी है. कई श्रेणियों में टिकट रेट 50% तक बढ़ाई गई हैं, जबकि कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी दोगुनी से भी अधिक है. नई प्रस्तावित दरों के अनुसार 6 से 12 साल तक के बच्चों का टिकट 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और 12 वर्ष से अधिक आयु के आगंतुकों का टिकट 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया गया है. विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 200 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है. वहीं दिव्यांगजन और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वैध पहचान पत्र के आधार पर फ्री एंट्री जारी रहेगी. हालांकि सुविधा यह वीकेंड, सार्वजनिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों पर लागू नहीं होगी. सफारी टिकट भी महंगी सफारी के लिए 6 से 12 वर्ष के बच्चों का टिकट सामान्य बस में 100 रुपये, एसी बस में 150 रुपये और इलेक्ट्रिक बस में 175 रुपये लगेंगे. वयस्कों के लिए यह 150, 200 और 250 रुपये होगा. विदेशी पर्यटकों के लिए सफारी के लिए 750 रुपये से 1250 रुपये तक के रेट तय किए गए हैं. जिप्सी सफारी के नए रेट जिप्सी से सफारी घूमने के लिए प्रति व्यक्ति 700 रुपए और पूरी जिप्सी लेने पर 3,500 रुपए देना होगा. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए यह दर 350 रुपये प्रति व्यक्ति और 2,000 रुपये प्रति जिप्सी रखी गई है. वहीं विदेशी पर्यटकों को प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये और प्रति जिप्सी 7,000 रुपये शुल्क देना होगा. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लगेगा भी शुल्क अगर आपको जंगल सफारी और नंदनवन जू में फोटोग्राफी करनी है तो इसके लिए एक दिन का 5000 रुपये और कमर्शियल वीडियोग्राफी या फिल्म शूटिंग के लिए एक दिन का 15,000 रुपये शुल्क देना होगा. यह अनुमति संबंधित अधिकारियों की स्वीकृति के अधीन होगी. शैक्षणिक भ्रमण पर मिलेगी छूट सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को फ्री एंट्री दी जाएगी. वहीं कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को 50 प्रतिशत और निजी स्कूलों के छात्रों को 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी.

CBI ने मेरठ कैंट बोर्ड के नामित सदस्य को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

मेरठ यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस, एंटी करप्शन के बाद अब सीबीआई ने भी रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मेरठ में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए मेरठ कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम देर रात तक इस मामले में पूछताछ करती रही। हालांकि पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ​प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा नेता और कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा ने किसी सरकारी कार्य के एवज में एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की जिसके बाद टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की रकम डॉ. सतीश शर्मा को सौंपी मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मेरठ के पल्लवपुरम स्थित अंसल टाउन में छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार डॉ. सतीश शर्मा के आवास और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है। ​सीबीआई की टीम फिलहाल मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। देर रात तक आगे की पूछताछ और कार्रवाई जारी थी। ​ कैंट बोर्ड में मचा हड़कंप ​कैंट बोर्ड के सदस्य की इस तरह से गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। डॉ. सतीश चंद्र शर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, भाजपा नेता होने के नाते ही उन्हें कैंट बोर्ड में फरवरी-2022 में सदस्य नामित किया गया था। तब से उन्हें हर छह माह पर अवधि विस्तार दिया जा रहा है। हापुड़ से जीएसटी विभाग का स्टेनो 24 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार वहीं दूसरी ओर हापुड़ में विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम ने जीएसटी विभाग में सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो को 24 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। ग्राम दादरी निवासी चमन सिंह ने विजिलेंस टीम से शिकायत कर बताया था कि मोदीनगर रोड पर उसकी सावित्री बीज भंडार नाम से दुकान है। उन्होंने इसका जीएसटी नंबर लिया हुआ है। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो जयदीप ने उनसे आठ मई को फोन कर अपने ऑफिस में आकर मिलने को कहा था। जब वह उनके ऑफिस गया तो स्टेनो जयदीप ने अपने कम्प्यूटर की स्क्रीन पर 48,000 रुपये का टैक्स शिकायतकर्ता की तरफ दिखाया। स्टेनो ने कहा कि अगर इसके आधे 24 हजार रुपये उसे दे दें तो वह सारे टैक्स को अपने स्तर पर खत्म कर देगा। चमन सिंह ने कहा कि उनके ऊपर ऐसा कोई टैक्स नहीं बनता है और न ही उसे किसी तरह का नोटिस दिया गया। अगर ऐसा कोई टैक्स बनता है तो वह उसे जमा करने को तैयार हैं। लेकिन स्टेनो जयदीप द्वारा 24 हजार रुपये की लगातार मांग की जाती रही। शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी की धरपकड़ को जाल बिछाना शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह विजिलेंस टीम निरीक्षक रेनूका सिंह के नेतृत्व में रेवती कुंज स्थित जीएसटी कार्यालय पहुंची। चमन सिंह, स्टेनो जयदीप के पास पहुंचा और रिश्वत की रकम उसे सौंपी। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए विजिलेंस टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया विजिलेंस टीम की तहरीर पर स्टेनो जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

सावधान! बाजार में बिक रहे थे केमिकल वाले फल, छापेमारी में भारी मात्रा में केले जब्त

खैरागढ़. खैरागढ़ जिले में गर्मियों के मौसम में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, गंदगी मिलने पर जूस सेंटर बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में केले जब्त किए गए। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की टीम ने जिले के फल बाजारों, मंडियों और प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किया। छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 20 किलो सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर नष्ट कराए गए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दुकान तत्काल बंद करा दी गई। इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट कराए गए। अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई 29 मई को गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में हुई, जहां बिना खाद्य पंजीयन के हानिकारक केमिकल से फल पकाने का मामला उजागर हुआ। टीम ने छापेमारी के दौरान गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे केमिकल बरामद किए। कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि अस्वच्छ तरीके से रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है। जांच के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने, रसायनों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अब सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आमजन की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

पंजाब में फिर चला आम आदमी पार्टी का जादू, 8 में से 5 नगर निगमों पर किया कब्जा

चंडीगढ़  पंजाब के नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति की दिशा तय करने के संकेत दे दिए हैं. चुनाव नतीजों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सबसे मजबूत दल के रूप में उभरकर सामने आई है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) कुछ कम सफल रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों पर साफ दिखाई देगा।  नगर निगम, पंचायतों और परिषदों में AAP का दमदार प्रदर्शन शाम 8 बजे तक उपलब्ध नतीजों और रुझानों के अनुसार, AAP ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. आठ नगर निगमों में से पांच पर आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया. पार्टी ने बरनाला, मोहाली, मोगा, बठिंडा और बटाला नगर निगमों में जीत हासिल की. वहीं कांग्रेस को कपूरथला नगर निगम में सफलता मिली. भाजपा ने अबोहर नगर निगम में जीत दर्ज की, जबकि पठानकोट नगर निगम में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।  75 नगर परिषदों में से 40 पर पार्टी की जीत नगर परिषद चुनावों में भी AAP ने बढ़त बनाए रखी. राज्य की 75 नगर परिषदों में से 40 पर पार्टी ने जीत हासिल की. कांग्रेस 18 परिषदों तक सीमित रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 10 परिषदों में जीत मिली. भाजपा के खाते में चार नगर परिषदें गईं, जबकि तीन परिषदों में निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।  11 नगर पंचायतों पर काबिज आम आदमी पार्टी नगर पंचायतों के नतीजों में भी आम आदमी पार्टी सबसे आगे रही. जिन 20 नगर पंचायतों में मतदान हुआ था, उनमें से 11 पर AAP ने जीत दर्ज की. कांग्रेस को पांच, शिरोमणि अकाली दल को दो और भाजपा को एक नगर पंचायत में सफलता मिली. एक सीट अन्य उम्मीदवारों के खाते में गई।  अगर सभी 104 निकायों के कुल प्रदर्शन को देखा जाए तो आम आदमी पार्टी ने 56 निकायों में जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है. कांग्रेस 24 निकायों में जीत दर्ज करने में सफल रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में 12 निकाय गए. भाजपा ने 6 निकायों में जीत हासिल की. वहीं पठानकोट नगर निगम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।  वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा देखने को मिला. राज्य के सभी 1,977 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें आम आदमी पार्टी ने 958 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ा दल बनने में सफलता हासिल की. कांग्रेस 397 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 192 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा ने 172 वार्डों पर कब्जा जमाया. वहीं 251 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवारों ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं. आम आदमी पार्टी इन परिणामों को अपनी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में पेश कर सकती है. वहीं कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के लिए यह परिणाम संगठन को मजबूत करने और नई रणनीति तैयार करने का अवसर भी माना जा रहा है. ऐसे में पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने के आसार हैं।  कहां किसने दर्ज की जीत नगर निगम -8 आम आदमी पार्टी – 5 (बरनाला, मोहाली, मोगा, भटिंडा, बटाला) कांग्रेस – 1 (कपूरथला जीते) बीजेपी – 1  (अबोहर) पठानकोट – बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत नहीं। नगर काउंसिल – 75 आम आदमी पार्टी – 40 कांग्रेस – 18 शिरोमणि अकाली दल – 10 बीजेपी – 4 अन्य – 3 नगर पंचायत – 21 (एक पर कानूनी कारणों से चुनाव नहीं) – 20 आम आदमी पार्टी – 11 कांग्रेस – 5 शिरोमणि अकाली दल – 2 बीजेपी -1 अन्य -1 ओवरऑल पंजाब कुल निकाय – 104 आम आदमी पार्टी – 56 कांग्रेस – 24 बीजेपी – 6 शिरोमणि अकाली दल – 12 कुल वॉर्ड – 1977 नतीजे -1977 आम आदमी पार्टी – 958 कांग्रेस – 397 बीजेपी – 172 अकाली दल – 192 निर्दलीय – 251 बीएसपी – 7