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रांची BNR होटल लीज मामला: 30 से बढ़ाकर 60 साल की गई थी अवधि, लालू परिवार समेत कई आरोपित

 रांची रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के होटल बीएनआर को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने करीबी हर्ष कोचर को 60 साल के लीज पर दे दिया था। यह रेलवे का हेरिटेज होटल था। इतना ही नहीं, पुरी में भी रेलवे के होटल को लालू प्रसाद ने लीज पर दिया था। हर्ष कोचर पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हैं। बताया जा रहा है कि इसके बदले में लालू परिवार को बेनामी संपत्ति मिली थी। लालू प्रसाद वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। इसी कार्यकाल में उन्होंने लीज दिया था। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद उक्त होटल में छापेमारी भी की थी और जांच में उपरोक्त आरोपों को सत्य पाया था। सीबीआई ने जांच में पाया था कि होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, जिसे निजी कंपनी को संचालन का जिम्मा दे दिया गया था। ये बने थे आरोपित इसके बाद सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी के अलावा तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप प्रताप यादव व सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरोपित बनाया था। सीबीआई जांच में यह पता चला था कि यह गड़बड़ी कर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने सहयोगी झारखंड के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा पहुंचाया था। यह भी जानकारी सामने आई थी कि लीज पहले 30 साल के लिए दिया गया था। बाद में आरोपितों को लाभ पहुंचाने के लिए लीज की अवधि को 30 साल से बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।

विधायक एवं कलेक्टर ने लोगों की समस्याएं का किया निराकरण

विधायक एवं कलेक्टर ने  लोगों की समस्याएं का किया निराकरण शहडोल विधायक जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में लोगों की समस्याओ और शिकायते सुनी एवं निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ी जजों की संख्या, तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति

बिलासपुर. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार शामिल हैं। इन नियुक्तियों के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए इन तीनों न्यायिक अधिकारियों के नामों की अनुशंसा की थी। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की। सुषमा सावंत का लंबा न्यायिक अनुभव नवनियुक्त न्यायाधीश सुषमा सावंत ने न्यायिक सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक, बिलासपुर कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में सुषमा सावंत इसी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सुधीर कुमार को न्यायिक प्रशासन का अनुभव सुधीर कुमार ने भी प्रदेश के कई जिलों में न्यायिक पदों पर काम किया है। वह रायपुर में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय और विशेष न्यायालय में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, दंतेवाड़ा, धमतरी और दुर्ग समेत कई जिलों में न्यायिक सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें विजिलेंस, अनुशासन और न्यायिक प्रशासन से जुड़े मामलों का भी व्यापक अनुभव है। उन्होंने न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े कार्य किए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट प्रशासन और लोक सेवा आयोग को कानूनी सलाह देने का अनुभव भी उनके पास है। संतोष शर्मा ने 2009 में शुरू की न्यायिक सेवा नवनियुक्त न्यायाधीश संतोष शर्मा मूल रूप से सीहोर, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने 19 मार्च 2009 को सीधे उच्च न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। वर्तमान में वह कोरबा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 16 वर्ष से अधिक का न्यायिक अनुभव है। संतोष शर्मा ने बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, रायपुर और सूरजपुर में विभिन्न न्यायिक पदों पर सेवाएं दी हैं। वह बिलासपुर हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अंबिकापुर में एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सूरजपुर में कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है। तीनों नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों की सुनवाई में भी तेजी आने की उम्मीद है। 

अमृतसर बार एसोसिएशन चुनाव में वोटिंग शुरू, 3050 मतदाताओं के हाथ में उम्मीदवारों का भविष्य

अमृतसर. अमृतसर बार एसोसिएशन (एबीए) के चुनाव के लिए कचहरी परिसर पूरी तरह तैयार है। आज होने वाले चुनाव में 3050 से अधिक मतदाता 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए एबीए कार्यालय में 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब आज मतदान के साथ ही प्रत्याशियों की मेहनत और उनके समर्थकों की सक्रियता का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा। प्रधान पद के लिए इन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर प्रधान पद पर गुरप्रीत सिंह पनेसर और एएल सयाली के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। वहीं तीसरे प्रत्याशी पीएस वालिया भी अपने स्तर पर वोट बैंक मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में प्रधान पद का मुकाबला काफी रोचक रहने की संभावना है। उपाध्यक्ष पद पर राजदीप सिंह घुमन, अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। राजदीप घुमन दोबारा जीत के लिए जोर लगा रहे हैं, जबकि अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा भी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। महिला उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ वकील प्रकाशदीप कौर और डीके बेदी के बीच जोरदार भिड़ंत होगी। इनके अलावा शरणपाल कौर संधू और नरेश बाला भी मैदान में हैं। सचिव पद के लिए हरसिमरन सिंह और सनप्रीत सिंह मान के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं गुरमीत मान भी दोनों प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। सह सचिव पद पर सौरभ शर्मा, अक्षय जैन, धीरज आनंद, रजनी जोशी और सुनील कुमार के बीच मुकाबला होगा। कोषाध्यक्ष पद पर कपिल शर्मा और राकेश शर्मा आमने-सामने हैं। राकेश शर्मा पहले भी कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। लाइब्रेरियन पद पर नरिंदर कौर और सुनैना सोनी के बीच मुकाबला है। वरिष्ठ कार्यकारी पद के लिए सतिंदर छीना, रमन मोंगा, अनुराधा अरोड़ा, गीतांजलि, गगन भाटिया और हरप्रीत ग्रोवर मैदान में हैं। कार्यकारी पदों के लिए अमित अरोड़ा, जतिंदर बेदी, आरके भारद्वाज, आकाश गेंदा, नितिश जैन और अमन कपूर सहित कई प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक मतदान रिटर्निंग अफसर राजीव जोशी ने बताया कि आज सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया है। कचहरी परिसर में 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मतदान के लिए 60 मतपेटियां मंगवाई गई हैं। एबीए कार्यालय में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

क्लर्क की नौकरी का सपना दिखाकर 15 लोगों से ठगे 18 लाख, RGPV के प्यून पर गंभीर आरोप

 भोपाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में नौकरी लगवाने के नाम पर विवि के प्यून ने 15 लोगों से करीब 18 लाख रुपये की ठगी कर ली और फिर ठगी की रकम अपने कैंसर के इलाज में खर्च कर दी। आरोपी ने आरजीपीवी में क्लर्क की नौकरी निकलने की बात कहकर लोगों से रकम ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने नौकरी से संबंधित फर्जी नोटिस भी दिखाया था। आरोपी फिलहाल मुंह के कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित है और उसका कीमोथैरेपी से इलाज चल रहा है। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिचित के माध्यम से की 15 लोगों से ठगी     पुलिस के अनुसार मामले की शिकायतकर्ता छिंदवाड़ा निवासी नुसरत आयशा ने बताया कि वर्ष 2025 में सतपुड़ा भवन से सेवानिवृत्त परिचित हनीफ मियां के माध्यम से उसकी पहचान आरजीपीवी के प्यून नसीम खान से हुई थी। नसीम ने आरजीपीवी में क्लर्क की भर्ती निकलने की बात कही और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।     इसके बाद नुसरत ने उसे रकम दी। उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी नौकरी लगवाने की जानकारी दी, जिसके बाद कुल 15 लोगों ने नसीम को करीब 18 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद नसीम ने सभी को नौकरी नहीं लगवाई। ठगी की रकम इलाज में खर्च होने की बात आई सामने इसी दौरान वह कैंसर से पीड़ित हो गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार नसीम ने बताया कि उसने नौकरी के लिए ली गई रकम अपने इलाज में खर्च कर दी है। जांच कर रहे एएसआइ संजय मिश्रा ने बताया कि आरोपी के बयान लिए जा चुके हैं। फिलहाल उसका कैंसर का इलाज चल रहा है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस मामले में रकम के लेन-देन, फर्जी दस्तावेज और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

पंजाब कांग्रेस में दिखने लगा पायलट इफेक्ट! सचिन के आते ही नरम पड़े चन्नी और रंधावा

 चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने साफ कर दिया है कि पंजाब में बिना सीएम फेस चुनाव लड़ा जाएगा। इसके अलावा पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान में वरिष्ठ कांग्रेसियों के सुर भी बदलते दिखाई दे रहे हैं। गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, जो हाल के दिनों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मुखर रहे थे, ने वड़िंग को हटाने की बात से दूरी बना ली है।  वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला हाईकमान पर छोड़ने की बात कही है। वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग के सवाल पर रंधावा ने कहा- किसने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष को बदला जाना चाहिए? न मैंने कहा, न चन्नी ने, न किसी वरिष्ठ नेता ने। जिन्होंने मांग की है, उनसे पूछिए। अब उनका यह बयान पहले के रुख से नरमी के तौर पर सामने आया है।  उधर पूर्व सीएम चन्नी ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा, उनके  पंजाब प्रभारी बनने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जागी है। चन्नी के मुताबिक पायलट के आने से पंजाब में अच्छा राजनीतिक माहौल बना है और पार्टी को इससे फायदा होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सवाल पर चन्नी ने कहा कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है और हाईकमान जो निर्णय करेगा, पार्टी उसे स्वीकार करेगी। यह रुख भी वड़िंग के नेतृत्व को लेकर पहले सामने आए उनके विरोधी रुख की तुलना में नरम है। सामूहिक रूप से चुनाव लड़ेंगे पायलट ने साफ किया है कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी मुख्यमंत्री चेहरे को पहले से घोषित नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सामान्य परंपरा सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने की रही है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम मिलकर चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने के बाद भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। पायलट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी चुनाव अभियान का चेहरा होंगे और पंजाब में अभियान की शुरुआत करेंगे। उनके मुताबिक राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अभियान में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। पायलट ने बताया कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं। इसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में तत्काल बदलाव पर पायलट ने कहा कि हाईकमान ने उनसे अभी इस तरह के किसी बदलाव पर चर्चा नहीं की है। 

रायपुर में सफाई को लेकर सख्ती, गंदगी फैलाने वालों पर 50 हजार तक का जुर्माना

रायपुर. राजधानी रायपुर में सड़क, खाली जगह, नाली और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वाले सावधान हो जाएं क्योंकि अब उनपर नगर निगम की पैनी नजर रहेगी। नगर निगम 70 वार्डों में करीब 160 CCTV कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम के उपायुक्त जसदेव सिंह बाबरा ने बताया कि CCTV कैमरे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में करीब 160 कैमरे लगाए जाएंगे। डिमांड के हिसाब से कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये के तीन साल के ठेके की प्रक्रिया जारी है। ठेके में कैमरों का ऑपरेशन, मेंटेनेंस और कंट्रोल रूम का संचालन भी शामिल रहेगा। कचरा फेंकने वालों पर होगी कार्रवाई – नगर निगम ने ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है, जहां अक्सर लोग खुले में कचरा फेंकते हैं। इन्हीं स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों की निगरानी के जरिए सड़क, खाली जगहों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के नियमों के तहत अलग-अलग प्रकार के कचरा उल्लंघन पर 50 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इन मामलों में लगेगा जुर्माना – डायपर, सैनिटरी पैड और विशेष देखभाल वाले कचरे को गलत तरीके से फेंकने पर पहली बार 100 रुपये और दूसरी बार 200 रुपये जुर्माना। घर के बगीचे से निकलने वाले पत्ते, घास आदि कचरे का निगम के निर्देश के अनुसार निपटान नहीं करने पर पहली बार 500 और दूसरी बार 750 रुपये। गली, खुले स्थान, घर के बाहर, नाली, तालाब या नदी में कचरा फेंकने, जलाने या जमीन में गाड़ने पर पहली बार 500 और दूसरी बार 750 रुपये। कचरा एकत्रित करने वाली एजेंसी या ठेकेदार द्वारा कचरा जलाने पर पहली बार 25 हजार और दूसरी बार 50 हजार रुपये। 100 से अधिक लोगों के कार्यक्रम या समारोह के लिए कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को सूचना नहीं देने पर पहली बार 2 हजार और दूसरी बार 3 हजार रुपये। रेहड़ी-ठेला संचालकों द्वारा गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं देने या खुले में फेंकने पर पहली बार 200 और दूसरी बार 400 रुपये। 5,000 वर्गमीटर से बड़े गेटेड सोसायटी, संस्थान या BWG द्वारा खुले में कचरा फेंकने पर पहली बार 20 हजार और दूसरी बार 30 हजार रुपये। होटल और रेस्टोरेंट द्वारा खुले में कचरा फेंकने पर पहली बार 2 हजार और दूसरी बार 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। किसी अन्य खुले स्थान में उपर्युक्त मात्रा से अधिक होने पर पहली बार में 5,000 और फिर दूसरी बार में 10,000 का जुर्माना।

पंजाब में बिजली संकट ने बढ़ाई मुश्किलें, कोयला खत्म होने से 2 प्राइवेट और 1 सरकारी थर्मल यूनिट बंद

लुधियाना पंजाब में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट पैदा हो गया है। बिजली जनरेशन सीधे-सीधे थर्मल प्लांटों पर निर्भर है और कोई भी थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के हिसाब से बिजली उत्पादन नहीं कर रहा है। नतीजा यह है कि सूबे में बिजली संकट बना हुआ है।  देर रात से राजपुरा थर्मल प्लांट का भी एक यूनिट बंद है। देर रात से अभी तक दो प्राइवेट प्लांटों के एक-एक यूनिट और एक सरकारी प्लांट के एक यूनिट में बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड बिजली उत्पादन कम होने के कारण केंद्रीय पूल से ज्यादा बिजली खरीद रहा है, लेकिन डिमांड ज्यादा होने के कारण लोगों को बिजली कटों से जूझना पड़ रहा है। पंजाब के बिजली मंत्री ने चार दिन पहले कहा था कि पंजाब के थर्मल प्लांटों के पास कोयला नहीं बचा है। अगर उन्हें कोयले की सप्लाई नहीं मिलती है तो पंजाब में बिजली संकट पैदा हो जाएगा। पीएसपीसीएल के अफसरों की मानें तो कोयले की सप्लाई तो आ रही है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में नहीं है, जिससे जनरेशन प्रभावित हो रही है। पंजाब में बिजली डिमांड, जनरेशन की स्थिति को जानिए…     डिमांड 14,195 मेगावाट पहुंचीः गुरुवार रात 12 बजे पंजाब में बिजली की डिमांड 11,655 मेगावाट थी। शुक्रवार सुबह 8:30 बजे यह बढ़कर 14,195 मेगावाट हो गई। दिन में डिमांड 16,500 मेगावाट से ज्यादा चल रही है। रात से सुबह तक जनरेशन करीब 4,000 मेगावाट रही, जबकि करीब 7,100 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी गई।     थर्मल के 3 यूनिट बंदः राजपुरा और तलवंडी साबो प्राइवेट थर्मल प्लांट का एक-एक यूनिट बंद रहा। सुबह तक प्राइवेट प्लांटों से करीब 1,700 मेगावाट बिजली बनी। सरकारी प्लांटों में भी रोपड़ और गोइंदवाल का एक-एक यूनिट बंद रहा। गोइंदवाल का यूनिट बाद में चालू किया गया।     बिजली कटों से पब्लिक परेशान: बिजली उत्पादन में कमी के कारण पंजाब के लोगों को बिजली कटों से जूझना पड़ रहा है। बिजली कट रात में ज्यादा लग रहे हैं। दरअसल, दिन में करीब 400 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से भी तैयार हो रही है, जो रात में शून्य हो जाती है। सोलर प्रोजेक्ट से रात में बिजली नहीं बन रही पंजाब में सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए दोपहर के समय 385 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। जबकि, 17 मेगावाट बिजली का उत्पादन अन्य सोर्स से हो रहा है। रात के समय सोलर प्रोजेक्ट से बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से रात के समय बिजली संकट ज्यादा गहरा रहा है। केंद्रीय पूल से बड़ी मात्रा में बिजली खरीद पंजाब में इन दिनों बिजली की डिमांड 16,000 मेगावाट के पार चल रही है। एक तरफ बिजली की डिमांड बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्पादन में कमी आ रही है। डिमांड और उत्पादन के गैप को कम करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) केंद्रीय पूल से बिजली ले रही है। आज पीएसपीसीएल केंद्रीय पूल से करीब 11,770 मेगावाट बिजली खरीद रही है। पीएसपीसीएल को केंद्रीय पूल से महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली कट लग रहे हैं। आगे स्थिति और खराब हुई तो लोगों को गर्मी में बिजली के लंबे कटों का सामना करना पड़ेगा।  

पाकिस्तान में 104 सिख श्रद्धालुओं को एयरपोर्ट पर रोका, वीजा होने के बाद भी 12 घंटे से इंतजार

अमृतसर  पाकिस्तान में मौजूद सिख श्रद्धालुओं के साथ एक बार फिर अजीबोगरीब व्यवहार का मामला सामने आया है। भारत स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं के एक जत्थे को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर पिछले 12 घंटे से अधिक समय से रोककर रखा गया है। भारत के इस्लामाबाद स्थित उच्चायोग द्वारा वैध वीजा जारी किए जाने के बावजूद, पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया। वाघा बॉर्डर से रोका तो खरीदी महंगी हवाई टिकटें श्रद्धालुओं के अनुसार, वे शुरुआत में वाघा-अटारी जमीनी सीमा के रास्ते भारत जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें सड़क मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद मजबूर होकर उन्होंने भारी-भरकम खर्च उठाकर हवाई यात्रा का विकल्प चुना और महंगी फ्लाइट टिकटें बुक कराईं। समय पर फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इमीग्रेशन अफसरों ने यह कहकर अड़ंगा लगा दिया कि उनके पास पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की विशेष एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं है। पूरी रात एयरपोर्ट पर बैठकर गुरुवाणी पाठ करते रहे श्रद्धालु इमीग्रेशन क्लीयरेंस न मिलने के कारण यात्रियों को रात 10 बजे से लेकर अगली सुबह तक एयरपोर्ट लाउंज में ही जागते हुए काटना पड़ा। अधिकारियों के इस अप्रत्याशित रवैये से आहत होकर श्रद्धालु वहीं फर्श पर बैठकर कीर्तन और गुरुवाणी का पाठ करने लगे। श्रद्धालुओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर कोई अतिरिक्त एनओसी अनिवार्य थी, तो उन्हें टिकट बुकिंग के समय क्यों नहीं बताया गया? अचानक फ्लाइट छूटने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। हाथ में वीजा थामे युवाओं ने पूछा- धार्मिक यात्रा पर यह राजनीति क्यों? एयरपोर्ट पर फंसे एक सिख युवक ने कैमरे के सामने अपना भारतीय वीजा दिखाते हुए पाकिस्तानी तंत्र पर तीखे सवाल खड़े किए। उसने कहा कि जब दोनों देशों के नियमों के तहत वीजा जारी हो चुका है, तो ऐन वक्त पर एनओसी का नया नियम थोपना सीधे-सीधे परेशान करने की मंशा को दर्शाता है। श्रद्धालुओं ने अपील की कि दोनों देशों के राजनीतिक मतभेदों से धार्मिक यात्राओं और आस्था को पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए। गोल्डन टेंपल और हेमकुंड साहिब दर्शन का था कार्यक्रम इस 104 सदस्यीय जत्थे का मुख्य उद्देश्य अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), उत्तराखंड स्थित श्री हेमकुंड साहिब, दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पंजाब के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करना था। कई महीनों की तैयारी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऐन मौके पर इस तरह रोके जाने से सिख समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। श्री अकाल तख्त और एसजीपीसी से दखल की गुहार परेशानी में घिरे श्रद्धालुओं ने भारत के शीर्ष सिख नेतृत्व से तत्काल दखल देने की अपील की है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर मामले को उच्च स्तर पर उठाएं ताकि पाकिस्तानी अधिकारियों की मनमानी खत्म हो सके और जत्था भारत पहुंच सके।

उत्तर प्रदेश में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, हाईवे और पेट्रोल पंपों पर लगेंगे 1000 स्टेशन

लखनऊ यूपी के राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, कानपुर देहात, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, अयोध्या जैसे जिलों में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके अलावा कई पेट्रोल पंप भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या एक हजार होगी। सर्वे के बाद देखा जाएगा कि ईवी वाहनों का आवागमन कहां ज्यादा है। लोगों को चार्जिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है। वहां ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में यूपी के ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा, लखनऊ सहित एक दर्जन जिलों में 238 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने होटल ताज में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में गुरुवार को कही। उन्होंने कहा कि यूपी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। चंद वर्षों पहले काफी नीचे पायदान पर था। वहीं शहरों के मामले में लखनऊ नंबर एक पर है। उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि यूपी में ट्रांसमिशन का नेटवर्क देश में सबसे अच्छा है, इसलिए नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) क्षेत्र में भविष्य अच्छा है। वहीं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली की कोई कमी प्रदेश में नहीं है। यूपी के आठ लाख घरों में नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली बन रही है। यह संख्या बढ़ानी है और उत्तर प्रदेश के पौने चार करोड़ उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाना है। तभी नेट जीरो का सपना वर्ष 2070 तक पूरा होगा। आज नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) एक बड़ा उद्योग हो गया है। ऊर्जा मंत्री नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए दो से पांच नवंबर के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी सबमिट 2026 दिल्ली में होने जा रहा है। यहां नई तकनीक, निवेश, कुछ नया और प्रेरित करने वाला होगा। 2100 टल कूड़े से बिजली बनाने की योजना ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज नवीकरणीय ऊर्जा ही ऐसा साधन है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग से बाहर निकल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डा. आशीष गोयल का नाम लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने मजाक के लहजे में कहा कि कमरे में बैठकर कोयला जलाकर बिजली नहीं बनानी। हमें नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देना है। लखनऊ से निकलने वाले प्रतिदिन 21 सौ टन कूड़े से बिजली बनाने की बात कही।