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लखनऊ में उद्योग बंधु की बैठक, जलभराव-सड़क की बदहाली पर डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार

 लखनऊ  औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या पर जिलाधिकारी विशाख जी ने नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी और सड़कों की बदहाली व अन्य सुविधाओं को लेकर समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर मार्ग के किनारे एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे ड्रेन का लेवल औद्योगिक क्षेत्र के ड्रेन से ऊंचा होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने का मामला बैठक में उठा। पूर्व में गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट शासन को बजट स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। नगर निगम ने बताया कि ड्रेनेज व्यवस्था के विकास का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। इसका कार्य सीएंडडीएस की ओर से कराया जाएगा। एसटीपी के दौरान खराब हुई सड़क, जांच के आदेश उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या उठाई। इससे माल ढुलाई और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ने की बात कही गई। यूपीसीडा ने बताया कि एसटीपी निर्माण के लिए पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि एसटीपी निर्माण के स्वीकृत बजट में ही सड़क रेस्टोरेशन का प्रावधान किया जाना था। मामले की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को एसटीपी के मूल बजट में सड़क रेस्टोरेशन के लिए स्वीकृत धनराशि और जल निगम द्वारा अब तक सड़क की मरम्मत पर खर्च की गई राशि का विवरण जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। नादरगंज-अमौसी औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक जाने वाली 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का मामला भी बैठक में उठा। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। बैठक में चर्चा हुई कि तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में नाली निर्माण का काम अभी शेष है। इसके अलावा निवेश मित्र पोर्टल 2.0 और 3.0 पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा करने और निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खासकर हाउसिंग, फिल्म बंधु, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रदूषण और विद्युत विभाग से जुड़े समय सीमा पार कर चुके मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

BHAVYA योजना के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क, केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव

भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)  के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क  भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा नवा रायपुर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क को लेकर हुई चर्चा रायपुर, भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।        बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा BHAVYA  की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क         CRDA द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा। भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव         स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। अब CRDA द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को DPIIT,  भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी।         बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।

नगर निगम सेक्रेटरी पद के नियम बदले, 90% पद सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 से होंगे भरे

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने नगर निगमों में कारपोरेशन सेक्रेटरी बनने के लिए पदोन्नति के नियम बदल दिए हैं। अब इस पद के 90 प्रतिशत पद कारपोरेशन सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के कर्मचारियों में से पदोन्नति करके भरे जाएंगे। वहीं 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों को पदोन्नति देकर भरे जाएंगे। स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध में 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की है। नए नियम के अनुसार कारपोरेशन सेक्रेटरी के 90 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारी का ग्रेजुएट होना जरूरी होगा। साथ ही उसके पास संबंधित सेवा में कम से कम चार साल का अनुभव होना चाहिए। यह ग्रेजुएशन किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से होना जरूरी है। इसी तरह 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं। इस श्रेणी में पदोन्नति के लिए भी ग्रेजुएशन और चार साल का अनुभव जरूरी होगा। यानी नगर निगमों में सेक्रेटरी के पद पर पहुंचने के लिए अब दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्त पूरी करनी होगी। 1978 के नियम में संशोधन सरकार ने यह बदलाव पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन सर्विसेज के वर्ष 1978 में बनाए गए भर्ती और सेवा नियमों में किया है। इसके लिए नियमों के अपेंडिक्स-बी में बदलाव किया गया है। सरकार का यह संशोधन सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है। सुपरिंटेंडेंट सैनिटेशन के लिए भी तय पद नए नियमों से यह भी साफ हो गया है कि कारपोरेशन सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नति के लिए कितने पद किस कैडर से भरे जाएंगे। कुल पदों में से 90 प्रतिशत का हिस्सा सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 और 10 प्रतिशत हिस्सा सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के लिए तय किया गया है। स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी, आईएएस की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नियमों में यह बदलाव सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद किया गया है। यह संशोधन पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत सरकार को मिले अधिकारों के आधार पर किया गया है।

भोपाल में रिटायर्ड IAS का मर्डर, गला रेतकर हत्या से सनसनी; नौकर लापता

भोपाल  राजधानी भोपाल में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां 70 साल के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की बुधवार को उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में घटना की सूचना सुबह करीब पांच बजे पुलिस को मिली। रातीबड़ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे और घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थीं। 2 दिन पहले ही रखा था नया नौकर इस घटना की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में घर में काम करने वाले एक घरेलू सहायक पर संदेह जताया गया है, जो घटना के बाद से लापता है। उन्होंने बताया कि अग्रवाल के घर में दो दिन पहले ही नया नौकर रखा गया था और वह घटना के बाद से लापता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध की तलाश की जा रही है। हत्या के कारण और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इस मामले में भोपाल पुलिस घर में और घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ले रही है। इससे पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद से लापता चल रहा नौकर कहां गया और कब घर से निकला था। इस दौरान पुलिस घटना के समय हुई हरकतों के माध्यम से मामले का खुलासा करने की कोशिश कर रही है। नए नौकर पर शक, वारदात के बाद से गायब जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित घर में रहते थे. घर के अंदर ही उनका शव मिला. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उनकी हत्या गला रेतकर की गई है. वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।  पुलिस की शुरुआती जांच में घर पर काम करने वाले एक नौकर पर शक जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राकेश अग्रवाल के घर पर करीब दो दिन पहले ही एक नया नौकर रखा गया था. वारदात के बाद से यह नौकर घर से गायब है. इसी वजह से पुलिस की जांच की दिशा फिलहाल उस नौकर के इर्द-गिर्द घूम रही है।  पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक और दूसरी पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए शहर में कई टीमों को जांच करने में लगा दिया गया है। पुलिस इस घटना के बाद से लापता चल रहे नौकर की तलाश कर रही है। इस दौरान पड़ोसियों के साथ भी पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान उनके घर में या आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी थी या नहीं। घटना के बाद पहुंची पुलिस की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का पूरा शक घर में दो दिन पहले आए नौकर पर ही है। ऐसे में अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या नौकर ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया है या कोई और भी नौकर के साथ इस घटना को अंजाम देने में शामिल था। पुलिस की कार्रवाई और जांच गौरतलब है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें फरार संदिग्ध नौकर की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस हत्या के पीछे की असल वजह रंजिश, लूटपाट या कोई अन्य विवाद का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम (FSL) ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

पूर्व अग्निवीरों के लिए MP सरकार का बड़ा ऐलान, 20% आरक्षण

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। ये फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए। राज्य सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करते हैं। राज्य सरकार ने क्या बताया? राज्य सरकार के एक अफसर ने बताया कि युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दे दी गई। अफसर के मुताबिक, गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। किसे कितना आरक्षण मिलेगा? अफसर के मुताबिक, विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने बताया है कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है। अग्निवीरों के लिए दो राज्यों से गुड न्यूज आई। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया कि वह पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच सेवा मुक्त हो रहे अग्निवीरों के पहले बैच को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे पुलिस और सुरक्षा बलों में नौकरी दी जायेगी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि पहले बैच के सेवानिवृत्त अग्निवीरों को महाराष्ट्र पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल और अग्निशमन सेवाओं में सीधे समायोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को नयी लिखित परीक्षा से छूट मिलेगी, चार साल की आयु में छूट दी जाएगी और अगर जरूरी हुआ तो विशेष रूप से बनाए गए पदों पर समायोजित किया जाएगा। एमपी में कहां कहां अग्निवीरों को आरक्षण एमपी सरकार के अधिकारी ने बताया कि युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी गई। गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अधिकारी के अनुसार कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है। जनवरी 2027 तक 19 हजार से अधिक अग्निवीर घर लौट रहे केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है। यानी 75 फीसदी को वापस घर भेज दिया जाता है। अब सेना से अग्निवीरों का पहला बैच जनवरी 2027 में सेवामुक्त होने जा रहा है, जिसमें 19 हजार से अधिक अग्निवीर शामिल हैं। इनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सेवामुक्त (75 प्रतिशत) होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने विभिन्न विभागों में ने आरक्षण और प्राथमिकताओं का प्रावधान किया है। अग्निवीरों को बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स में सिपाही तथा राइफलमैन के पदों पर 50% आरक्षण। इन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी। भारतीय रेलवे: श्रेणी-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत और श्रेणी-1 के पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया गया है। अफसरों ने बताया कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण सभी श्रेणियों यानी सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में लागू होता है। 2022 में शुरू की गई थी अग्निपथ योजना केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। चार साल की सेवा पूरी कर दिसंबर 2026 में अग्निवीर अपने घरों, अपने परिवारों और अपने प्रियजनों के बीच लौटने वाले हैं। ये वे हजारों युवा पुरुष और महिलाएं हैं, जिन्होंने भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए चार साल की अवधि के लिए भर्ती होने का विकल्प चुना था।

सेवा संकल्प अभियान से मातृत्व को मिला संबल, बेटी के भविष्य की मजबूत हुई नींव

सेवा संकल्प अभियान से मातृत्व को मिला संबल, बेटी के भविष्य की मजबूत हुई नींव मातृ वंदना योजना से सुधा ने संवारी सेहत, प्रोत्साहन राशि से बेटी के लिए शुरू की बचत रायपुर, सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। बचेली नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-3 निवासी श्रीमती सुधा पटवा के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के दौरान पोषण और देखभाल का सहारा बनी। योजना से मिली सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी सेहत और नवजात बेटी की देखभाल में किया। वहीं बेटी के जन्म पर मिली प्रोत्साहन राशि को उसके भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिया। गर्भावस्था के दौरान सुधा को योजना के तहत 3 हजार रुपये की सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने दूध, फल और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री खरीदी। शिशु के जन्म के बाद मिली 2 हजार रुपये की अगली किस्त से उन्होंने अपने आहार के साथ नवजात बेटी के लिए कपड़े और देखभाल की जरूरी सामग्री खरीदी। दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म और आवश्यक टीकाकरण पूरा होने पर सुधा को 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिया। इस तरह योजना से मिली सहायता ने मातृत्व के दौरान उनकी जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए बचत की शुरुआत भी कराई। सुधा बताती हैं कि गर्भावस्था में मिले 3 हजार रुपये से मैंने अपने खान-पान का ध्यान रखा। प्रसव के बाद मिली राशि से अपनी खुराक और बेटी की देखभाल का सामान लिया। दूसरी बेटी के जन्म पर मिले 6 हजार रुपये उसकी सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिए। इससे मेरी सेहत का ध्यान रखने और बेटी के भविष्य के लिए बचत शुरू करने में मदद मिली।

धान खरीद के पहले दिन किसानों की बढ़ी परेशानी, कहीं खरीद धीमी तो कहीं गेट पास अटके

पानीपत पीआर धार की मंगलवार को सरकारी खरीद शुरू हो गई। ढांड मंडी में 800 क्विंटल धान की खरीद हुई। धान (पीआर) सामान्य का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और धान (पीआर) ग्रेड "ए" का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया हैं। कुरुक्षेत्र में पहले दिन धान की खरीद शुरू होते ही 13,720 क्विंटल धान की खरीद हुई। इसमें से 1200 क्विंटल थानेसर मंडी में खरीदा गया है। यमुनानगर में पहले दिन 13 अनाज मंडियों में केवल 3400 क्विंटल की खरीद हो पाई है। अधिक नमी के कारण खरीद कम हो पाई। मिसमैच के कारण पोर्टल वेरिफाई न होने के कारण कई किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। कई मंडियों में पोर्टल में गड़बड़ी भी आड़े आई। करनाल में भी 470 क्विंटल की खरीद हुई। जींद और पानीपत में खरीद नहीं हुई। सिरसा मंडी में अभी पीआर धान की आवक नहीं हुई है। प्राइवेट खरीदार लगा रहे 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव कई किसान तो ऐसे हैं, जो एक सप्ताह से मंडियों में धान लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो पा रही। निजी बिक्री में भाव 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है। सरकारी भाव 2461 रुपये प्रति क्विंटल है। 1509 के भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचे कैथल अनाज मंडी में 1509 धान के मिल रहे भाव से किसान खुश नजर आ रहे हैं। मंगलवार को अब तक के सबसे ज्यादा भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल भाव 1509 के मिले हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। किसानों ने बताया कि इससे पहले पीआर धान के भाव इतने कभी भी नहीं मिले हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विटंल भाव ज्यादा मिल रहे हैं। पिछले साल 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिले थे। धान एक, नमी मीटर में नमी की मात्रा अलग अलग करनाल मंडी में निरीक्षण के दौरान डीसी ने मंडी में पहुंचकर धान की ढेरियों पर नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। एक माइश्चर मीटर में धान की नमी 21 प्रतिशत तो दूसरे माइश्चर मीटर में नमी की मात्रा 19 प्रतिशत आई। डीसी ने माइश्चर मीटर ठीक कराने के निर्देश दिए। असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने मंगलवार को असंध की नई अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद कार्य शुरू करवाया। जींद-पानीपत में राइस मिलर्स ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन धान की पेराई के लिए जींद और पानीपत में किसी भी राइस मिलर्स ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। यदि धान खरीद भी लिया तो उठान कैसे होगा। कैथल में मिलर्स मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं, जबकि करनाल में आढ़ती बकाया आढ़त मांग रहे हैं।  

MCD हाउस मीटिंग में कई प्रस्ताव पास, 48 गांव होंगे शहरीकृत; सफाई पर बढ़ेगी निगरानी

नई दिल्ली एमसीडी की हाउस मीटिंग में मंगलवार को 70 मेकैनिकल रोड स्वीपिंग मशीन और बैटरी से चलने वाले 1000 वैक्यूम बेस्ड लिटर पिकर मशीनों को खरीदने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद बैठक में मौजूद नहीं रहे। शुरुआत में नेता विपक्ष अंकुश नारंग बैठक में आए और शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद बैठक छोड़कर चले गए। सत्ता पक्ष ने बैठक के शुरुआत में ही एजेंडा पास कर दिया। इसके बाद पल्यूशन और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। मेकैनिकल रोड स्वीपिंग और लिटर पिकर मशीनें खरीदी जाएंगी डिप्टी मेयर डॉक्टर मोनिका पंत ने बताया कि निगम द्वारा 70 रोड स्वीपर खरीदे जाएंगे। 1,000 वैक्यूम बेस्ड बैटरी से चलने वाली लिटर पिकर मशीनें खरीदने के प्रस्ताव को भी सदन ने मंजूरी दे दी है। बैठक में एमसीडी एक्ट की धारा 506 (ए) के तहत दिल्ली के 48 गांवों को शहरीकृत घोषित करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। एजेंडा पास करने के बाद बैठक में प्रदूषण, अवैध निर्माण और अन्य गंभीर नागरिक मुद्दों पर विभिन्न दलों के पार्षदों द्वारा सार्थक चर्चा की गई। इस बीच आप के निगम पार्षदों ने मंच की तरफ वाले गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, सिक्यूरिटी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। एंट्री को लेकर निगम पार्षदों और सिक्यूरिटी स्टाफ के साथ धक्का मुक्की भी हुई। नेता विपक्ष अंकुश नारंग जैसे ही बाकी निगम पार्षदों के साथ बैठक मे पहुंचे, डिप्टी मेयर ने सदन की बैठक को अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद विपक्षी निगम पार्षदों ने थप्पड़ मामले को लेकर जमकर नारे लगाए। ‘PRAGATI-50’ से कूड़े पर पैनी नजर दिल्ली-NCR में साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन को लेकर अब निगरानी और सख्त होने वाली है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR समेत देशभर के 50 शहरों को स्वच्छता के नए मॉडल के तौर पर विकसित करने के लिए 'PRAGATI-50' पहल शुरू की है। इसमें दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, MCD और NDMC के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम को भी शामिल किया गया है। इन शहरों में सिर्फ सफाई अभियान चलाने के बजाय कूड़ा प्रबंधन, सीवेज, इस्तेमाल किए गए पानी, नागरिक भागीदारी और जमीन पर दिखने वाले साफ-सफाई के परिणामों की तय मानकों पर निगरानी होगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन 50 शहरों को दूसरे शहरों के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि मंत्री खुद हर दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे। मंत्री खुद दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे PRAGATI-50 में दिल्ली के तीनों प्रमुख शहरी निकायों को जगह मिली है। वहीं हरियाणा से गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल को चुना गया है। इससे कूड़ा उठाने, कचरे की छंटाई, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और सफाई जैसे मुद्दों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने इसके लिए स्वच्छतम पोर्टल पर PRAGATI की तर्ज पर डिजिटल रिव्यू सिस्टम भी तैयार किया है। मंत्रालय के अधिकारी विशेष शहरों की जिम्मेदारी लेकर नियमित निगरानी और मदद करेंगे। इसके लिए स्वच्छता ऐप के साथ ही डेडिकेटेड वाट्सऐप चैनल भी शुरू किया गया है। इसके जरिए लोग सफाई से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने और शहर को साफ रखने में भागीदारी करने में आसानी से सक्षम होंगे। मंत्रालय के मुताबिक प्रोग्राम में कंस्ट्रक्शन एंड डिस्ट्रक्शन (C&D) कचरे के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर बनाने की SOP और कचरे को घर से ही अलग करने से जुड़ी गाइडलाइन भी जारी की गई।

स्वच्छता, सम्मान और सुरक्षाः राजनांदगांव की कुमारी बाई के जीवन में स्वच्छ भारत मिशन से आया सकारात्मक बदलाव

सेवा की कहानी स्वच्छता, सम्मान और सुरक्षाः राजनांदगांव की कुमारी बाई के जीवन में स्वच्छ भारत मिशन से आया सकारात्मक बदलाव रायपुर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा का एक नया अध्याय लिख रहा है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा निवासी श्रीमती कुमारी बाई के परिवार के लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। घर में व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण से उनके परिवार को खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिली है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण प्राप्त हुआ है। प्रक्रिया और वित्तीय सहायता             ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा में जनदर्शन से प्राप्त आवेदनों के आधार पर पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामसभा से अनुमोदन और सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों के लिए शौचालय निर्माण स्वीकृत किए गए। इसी कड़ी में श्रीमती कुमारी बाई का चयन किया गया और उनके परिवार को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद परिवार को इसके नियमित उपयोग और साफ-सफाई के प्रति भी जागरूक किया गया। बदली दिनचर्या और घटे चिकित्सीय खर्च             घर में शौचालय बन जाने से परिवार की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। अब परिवार के सदस्यों को शौच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। श्रीमती कुमारी बाई ने बताया कि स्वच्छ वातावरण मिलने से बच्चों में दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों की आशंका कम हुई है, जिससे दवाइयों और इलाज पर होने वाले खर्च में भी खासी कमी आई है। बीमारियां घटने से परिवार के कार्य दिवस बचे हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर उनकी आजीविका और आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। कुमारी बाई के इस बदलाव से पूरा गांव स्वच्छता के प्रति प्रेरित हो रहा है। गांव में नियमित कचरा संग्रहण             ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत स्वच्छता दीदियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जाता है।             श्रीमती कुमारी बाई ने अपने परिवार को यह सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

राजभर ने अखिलेश से पूछा- ‘राज्यसभा के तीनों प्रत्याशी आपके PDA वाले होंगे या परिवार, दौलतमंद और अपराधी जाएंगे?’

राजभर का अखिलेश पर हमला- ‘PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को राज्यसभा भेजने की जुगत में लगे हैं’ राजभर ने अखिलेश से पूछा- ‘राज्यसभा के तीनों प्रत्याशी आपके PDA वाले होंगे या परिवार, दौलतमंद और अपराधी जाएंगे?’ ‘पहला प्रोफेसर साहब, ये PDA वाले परिवार से हो गए; अब D और A से कौन होगा?’ राजभर का अखिलेश पर तंज अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर राजभर का सवाल- ‘D से दौलतमंद और A से कोई अपराधी होगा क्या?’ ‘पिछड़े, दलित और मुसलमान जानना चाहते हैं’, राजभर बोले- ‘PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को संसद भेजने की जुगत कैसे?’ राजभर की अखिलेश को सीधी सलाह- ‘तीन राज्यसभा प्रत्याशियों के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’ लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से तीन प्रत्याशी उतारने की चर्चा के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए राज्यसभा के प्रत्याशियों को लेकर सीधे निशाना साधा। राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश जी, सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके ‘पीडीए’ वाले होंगे या नहीं?’ ‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं, ये आपके PDA वाले परिवार से हो गए’ राजभर ने आगे सपा के संभावित प्रत्याशियों में प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नाम की चर्चा का हवाला देते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा, ‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले ‘परिवार’ से हो गए। अब ‘डी’ और ‘ए’ से कौन होगा?’ इसके बाद राजभर ने PDA की व्याख्या को लेकर तंज कसते हुए सवाल किया कि ‘डी से कोई ‘दौलतमंद’ होगा क्या? ए से कोई ‘अपराधी’?’ ‘पिछड़े, दलित और मुसलमान जानना चाहते हैं PDA में परिवार-दौलतमंद-अपराधी कैसे?’ राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को सीधे पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज से जोड़ते हुए लिखा कि ‘सभी पिछड़े वर्ग के लोग, दलित भाई और मुसलमान भाई जानना चाह रहे हैं कि आपके पीडीए में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को कैसे आप संसद के ऊपरी सदन भेजने की जुगत में लगे हैं।’ ‘तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’ राजभर ने अपनी पोस्ट के आखिर में अखिलेश यादव को राज्यसभा चुनाव के गणित को लेकर भी सलाह दी। उन्होंने लिखा, ‘आख़िर में एक और सलाह है। तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।’