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हरियाणा: ग्रामीण विकास पर फोकस, फतेहाबाद को मिलेगा करोड़ों का बजट

 फतेहाबाद  जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए शनिवार को जिला विकास एवं निगरानी समिति (डीडीएमसी) की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय, अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी करेंगे। बैठक में वर्ष 2026-27 की जिला योजना के तहत तैयार वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी जाएगी। जिला योजना के अंतर्गत जिले के लिए कुल 14.86 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें 8.91करोड़ रुपये सामान्य वर्ग तथा 5.94 करोड़ रुपये अनुसूचित वर्ग के विकास कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के लंबित कार्यों के 1.56 करोड़ रुपये के बिलों के भुगतान के बाद शेष 13.29 करोड़ रुपये की राशि जिले में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। बैठक को जिले की विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस बैठक में प्रस्तुत होने वाले प्रस्तावित बजट के अनुसार इस बार भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीण इलाकों के लिए 10.33 करोड़ रुपये जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए 2.95 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। ब्लाक स्तर पर सबसे अधिक 2.39 करोड़ रुपये फतेहाबाद ब्लाक को मिलने का प्रस्ताव है। इसके अलावा टोहाना ब्लाक के लिए 1.81 करोड़ रुपये, रतिया के लिए 1.52 करोड़ रुपये, भट्टू कलां के लिए 1.46 करोड़ रुपये, भूना के लिए 1.38 करोड़ रुपये, नागपुर के लिए 1.02 करोड़ रुपये तथा जाखल ब्लाक के लिए 72.53 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। शहरी निकायों में खर्च होगी इतनी राशि वहीं, शहरी निकायों के विकास कार्यों के लिए भी अलग से बजट तय किया गया है। नगर परिषद फतेहाबाद को 99.88 लाख रुपये, टोहाना को 52.43 लाख रुपये, भूना को 42.47 लाख रुपये, रतिया को 39.90 लाख रुपये तथा जाखल को 10.99 लाख रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। बता दें कि सड़कों, गलियों, पेयजल, सामुदायिक भवनों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को इस बजट से गति मिलेगी। पिछले कार्यों की भी होगी समीक्षा बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुए विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी रखी जाएगी। रिकार्ड के अनुसार पिछले वर्ष भी जिले को 14.86 करोड़ रुपये का बजट मिला था। 31 मार्च 2026 तक 13.54 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा चुकी है। इसमें सामान्य वर्ग के कार्यों पर 7.65 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित वर्ग के विकास कार्यों पर 5.88 करोड़ रुपये व्यय किए गए। पिछले वर्ष कुल 142 कार्य स्वीकृत किए गए थे भौतिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष कुल 142 कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 80 कार्य पूरे हो चुके हैं जबकि 119 कार्य अभी विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। बैठक में इन परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी मंत्री द्वारा दिए जाएंगे।साथ ही 10 जुलाई 2025 को हुई पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी सदन में की जाएगी। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रहेगी मौजूदगी डीडीएमसी की इस बैठक में शामिल होने के लिए प्रशासन की तरफ से जिले के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि को निमंत्रण भेजा गया है। बैठक में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, सिरसा लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा, फतेहाबाद विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, रतिया विधायक जरनैल सिंह तथा टोहाना विधायक परमवीर सिंह, जिप चेयरपर्सन सुमन खिचड़ को आमंत्रित किया गया है।  

दिल्ली में बस सफर होगा आसान, सरकार ने 650 करोड़ की नई योजना को दी मंजूरी

 नई दिल्ली इस चिलचिलाती धूप और लू के बीच जब लोग छत विहीन स्टाप पर बस के लिए इंतजार कर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो ऐसे समय में परिवहन विभाग अब बस स्टाप पर बस क्यू शेल्टर लगाने के काम का सर्वे करने के लिए प्राइवेट फर्म ढूंढ रहा है, इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। 3,575 बस शेल्टर लगाने की योजना परिवहन विभाग लगभग 3,575 बस शेल्टर लगाएगा। इसे लापरवाही ही कहा जाएगा कि अगर यह काम छह माह पहले कर लिया गया होता तो आज हजारों लोग खुले आसमान के नीचे धूप में बस का इंतजार नहीं कर रहे होते। बस क्यू शेल्टर योजना पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। डीटीआईडीसी कर रहा परियोजना पर काम इस योजना पर परिवहन विभाग के अंतर्गत दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन (डीटीआइडीसी) काम कर रहा है। डीटीआइडीसी के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली भर में सभी शेल्टर को डिजाइन करने, रीडेवलप करने और सर्वे करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म को हायर करने की योजना बनाई जा रही है। नए बस शेल्टर में होंगी आधुनिक सुविधाएं जिसके लिए एक टेंडर जारी किया गया है। याेजना के मुताबिक, रीडेवलप किए जाने वाले बस शेल्टर में कई सुविधाएं होंगी, जिसमें पैनिक अलार्म सिस्टम, वेदर डिस्प्ले, सोलर पैनल और डिजिटल एडवरटाइजिंग सिस्टम का इंतज़ाम शामिल है। 20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल डीटीआइडीसी के पास अभी लगभग 3,575 बस शेल्टर हैं, जिनके लिए कंसल्टिंग फर्म को हायर किया जा रहा है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये है, जिसमें 20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल है। टेंडर के मुताबिक सभी बस शेल्टर में एक पब्लिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो यात्रियों को बस की जानकारी देगा। रीडेवलपमेंट का काम टेंडर मिलने की तारीख से छह महीने के अंदर पूरा करना होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव रायपुर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। हितग्राही श्रीमती रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही श्रीमती धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

सेंट जेवियर्स स्कूल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, यूनिफार्म बेचने वाली दुकान सील

बिलासपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावकों पर तय दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदने का दबाव बनाने के मामले में प्रशासन ने व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के सामने संचालित दुकान को सील कर दिया। मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद डीईओ स्वयं जांच दल के साथ स्कूल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। जांच टीम में प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और एपीसी रोहित भांगे भी शामिल रहे। जांच के दौरान स्कूल के ठीक सामने संचालित “साई इंटरप्राइजेज” नामक दुकान में स्कूल यूनिफार्म और किताबों की बिक्री होती मिली। सबसे अहम बात यह रही कि सामान पर स्कूल का आधिकारिक टैग लगा हुआ था। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने तत्काल दुकान को सील कर दिया। स्कूल संरक्षण में दुकान चलने की आशंका जांच के दौरान दुकान संचालक को बुलाया गया तो उसने बताया कि दुकान पहले ही स्कूल से जुड़ी “दिव्या मैडम” को बेच दी गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल में यह बयान सही पाया गया। इसके बाद जांच टीम ने आशंका जताई कि अतिरिक्त कमाई के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन के संरक्षण में ही दुकान संचालित की जा रही थी। डीईओ ने दी कड़ी चेतावनी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने स्पष्ट कहा कि किसी भी निजी स्कूल को अभिभावकों पर विशेष दुकान से किताब या यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाने का अधिकार नहीं है। शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। फिलहाल शिक्षा विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

बिहार को मिल सकती है अपनी IPL टीम, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने जताई इच्छा

पटना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बिहार की क्रिकेट टीम आ सकती है। मशहूर उद्योगपति एवं वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बिहार की भी एक क्रिकेट टीम होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए पूरा सहयोग देने का भी ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अनिल अग्रवाल की इस बात का समर्थन करते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अनिल अग्रवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में वनडे में दोहरा शतक लगाया। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नजरें हैं।" उन्होंने कहा कि बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान नहीं मिल पा रही, जिसका यह हकदार है। यह बात हमेशा खलती है। अग्रवाल ने कहा, "मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।" पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह इस काम में बिहार के युवाओं के साथ खड़े हैं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए वह अपनी तरफ से पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार उनके लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशन है। अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे। अनिल अग्रवाल के इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में आईपीएल के अंदर बिहार की भी अलग क्रिकेट टीम होगी। बिहार से नई आईपीएल टीम बनने पर इसका मालिकाना हक वेदांता ग्रुप के पास रह सकता है, क्योंकि इसके चेयरमैन इसमें खुद रुचि दिखा रहे हैं। सम्राट चौधरी ने दिया समर्थन सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनिल अग्रवाल के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने अनिल से कहा कि वह उनकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। बिहार के बिहार के क्रिकेट इमोशन के लिए सरकार स्पष्ट विजन के साथ मिशन मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने सीएम से कहा कि उनका पूरा समर्थन और सहयोग सरकार के साथ है। उन्होंने बिहार के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भी दीं। राजगीर में तैयार हो रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नालंदा जिले के राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तैयार हो रहा है। आने वाले समय में यहां पर इंटरनेशनल, रणजी और आईपीएल के मैच हो सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह स्टेडियम बिहार की क्रिकेट टीम का नया घरेलू मैदान होगा। वहीं, पटना में भी मोइन उल हक स्टेडियम का लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। बिहार सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को इसे 30 साल के लिए लीज पर दिया है। यहां पर विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

DMRC की पहल: 12 स्टेशनों पर शुरू हुए सेल्फ सर्विस कियोस्क, सीधे व्हाट्सऐप से टिकट बुकिंग

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट खरीदना अब और आसान होने जा रहा है। अब QR कोड वाला डिजिटल टिकट लेने के लिए किसी मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ( DMRC ) ने स्टेशन पर सेल्फ सर्विस मोबाइल टिकटिंग कियोस्क शुरू किए हैं, जिनकी मदद से यात्री सीधे अपने वॉट्सऐप पर टिकट प्राप्त कर सकेंगे। 12 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू हुई सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सुविधा 12 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू की गई है। इन कियोस्क को टिकट वेंडिंग मशीन के पास लगाया गया है। यहां से टिकट लेने के लिए यात्रियों को कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना होगा। यात्री सिर्फ अपना डेस्टिनेशन स्टेशन चुनेंगे और अपना वट्सऐप वाला मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे। यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत इसके बाद टिकट सीधे उनके वॉट्सऐप पर भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे दूसरे मेट्रो स्टेशनों पर भी शुरू किया जाएगा। इससे यात्रियों को कई तरह की राहत मिलेगी। किन यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा DMRC के मुताबिक, अब लोगों को टिकट लेने के लिए अलग-अलग मोबाइल ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर उन यात्रियों को फायदा होगा जो कभी-कभार मेट्रो में सफर करते हैं और सिर्फ टिकट के लिए ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते। इसके अलावा कागज वाले QR टिकट की जरूरत भी कम होगी। ऐसे बुक होगा टिकट सेल्फ सर्विस मोबाइल टिकटिंग कियोस्क पर पहुंचने के बाद यात्री को अपना डेस्टिनेशन स्टेशन चुनना होगा। जिस स्टेशन पर कियोस्क लगा होगा, वही स्टेशन ऑटोमैटिक तौर पर सोर्स स्टेशन माना जाएगा। इसके बाद यात्री को टिकटों की संख्या दर्ज करनी होगी। फिर यात्री को अपना वट्सऐप मोबाइल नंबर भरना होगा। नंबर दर्ज करने के बाद सिस्टम एक UPI पेमेंट QR कोड जनरेट करेगा। पेमेंट के बाद मेट्रो QR टिकट तुरंत वट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।  

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री ने 33.40 लाख रुपये भुगतान का किया शुभारंभ

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर मुख्यमंत्री के एमसीबी जिले के प्रवास के दौरान पोंडी स्थित तानसेन भवन परिसर में वन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण पहल करते हुए चार प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के संग्राहकों को कुल 33 लाख 40 हजार 40 रुपये की राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर भुगतान प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वन विभाग के स्टॉल में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली 67 प्रकार की लघु वनोपजों की जानकारी एवं प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा वनौषधीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजीवनी केंद्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ हर्बल उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के दौरान हर्बल उत्पादों की 4 हजार 120 रुपये की बिक्री दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने स्टॉल में प्रदर्शित विभिन्न वन उत्पादों एवं जनजातीय आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभागीय प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

झारखंड: बोकारो हवाई अड्डे के संचालन में तेजी के निर्देश, 15 दिनों में अहम कदम संभव

बोकारो  बोकारो हवाई अड्डे के संचालन को लेकर गुरुवार को राज्य सरकार स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव वंदना दादेल ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले 15 दिनों के भीतर बीएसएल की ओर से डीजीसीए लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने सहित अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। हालांकि सीटीओ, सुरक्षा मंजूरी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर अब भी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का दावा किया गया। हवाई सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की तलाश भी एक बड़ी समस्या है। अब पश्चिम बंगाल भी दौड़ में हवाई परियोजना बोकारो एयरपोर्ट की वर्षों से धीमी प्रगति के बीच अब पड़ोसी पश्चिम बंगाल भी क्षेत्रीय हवाई सेवा की प्रतिस्पर्धा में उतर चुका है। बोकारो सीमा से सटे पुरूलिया के छर्रा एयरफिल्ड, जो द्वितीय विश्व युद्ध काल का हवाई अड्डा है, के जीर्णोद्धार को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है। वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने इसका सर्वे कराया था। इसके बाद अगस्त 2025 में भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में मामला उठाया, जिसके बाद करीब 150 करोड़ रुपये का जीर्णोद्धार प्लान तैयार किया गया। फरवरी 2026 में पुरूलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था। केंद्र सरकार के जवाब में बताया गया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने छर्रा एयरफिल्ड के विकास को लेकर पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार को सौंप दी है। छर्रा एयरफील्ड के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और इसकी दूरी बोकारो से करीब 40 किलोमीटर है। ऐसे में यदि झारखंड सरकार ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना में तेजी नहीं दिखाई, तो क्षेत्रीय हवाई सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल को मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

जनसेवा ही भाजपा की पहचान, कार्यकर्ता रहें हमेशा सक्रिय: किरण सिंह देव

जगदलपुर  भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को लगातार प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अन्तर्गत गुरुवार को ग्राम आसना में भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का आरंभ किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न विषयों पर संबोधन भी दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रशिक्षण वर्ग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा की पहचान उनके कर्मठ व समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रसेवा व जनसेवा में भाजपा कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाएं, इस हेतु कार्यकर्ताओं को निपुण, प्रवीण और प्रखर बनाने प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है, जो कि संगठन का नियमित कार्यक्रम है। देव ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांत, कार्य पद्धति से कार्यकर्ता पूर्णतः परिचित व प्रशिक्षित होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कार्य करता है, संगठन को सशक्त रुप देने सदैव समर्पित भाव रखता है।  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, अंतिम पंक्ति के गरीब परिवार कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके, इस भावना को साकार रुप देने भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंच कर कार्य करें। राष्ट्र सर्वप्रथम है और जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण वर्ग को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर व प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने भाजपा की कार्यपद्धति विषय पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया।  मीडिया प्रबंधन विषय पर भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने, हमारा इतिहास व विकास विषय पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर विषय पर कमलचंद्र भंजदेव ने, सोशल मीडिया के उपयोग पर दिनेश सुंदरानी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही व परिस बेसरा ने किया।प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, विधायक विनायक गोयल, डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, सुधीर पाण्डेय, महापौर संजय पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, फूलसिंह सेठिया,किरण सेन, खीतेश मौर्य, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, योगेश सिंह ठाकुर, अभिलाष यादव, विनय सोना, अजीज खान आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चुनावी माहौल में कांग्रेस कमजोर, युवा नेता समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थामा BJP का दामन

दतिया   मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस को यहां पर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के युवा नेता समेत 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दतिया में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। नरोत्तम मिश्रा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत गर्मा गई है और उपचुनाव की तारीखों के पहले ही दलबदल की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। कांग्रेस को बड़ा झटका दतिया में कांग्रेस के युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राजेन्द्र भारती ने कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और उन्हें प्रताड़ित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं पर झूठे केस भी दर्ज कराए, जिससे कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है और आगामी चुनाव में इसका परिणाम कांग्रेस को नजर आएगा। नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता युवा नेता राजबहादुर समेत 500 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। वहीं भाजपा की सदस्यता लेने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कहा कि वो और अन्य कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से प्रभावित होकर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया जिले के विकास के काफी काम किया है दतिया के विकास और अपने मान-सम्मान के लिए ही वो नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। दतिया सीट पर होना है उपचुनाव बता दें कि मध्यप्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया था। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग हुई। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की गई। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया गया। हालांकि दतिया सीट पर उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।