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पंचायत चुनाव से पहले OBC आरक्षण पर होगा ट्रिपल टेस्ट, आयोग गठन की तैयारी तेज

लखनऊ यूपी में पंचायत चुनाव समय पर न होने से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। ऐसे में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज विभाग की ओर से शासन को प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को ही बागडोर सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया है। ग्राम प्रधान के साथ ही ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल भी प्रशासक समिति के माध्यम से बढ़ाया जाएगा। प्रधानों और अध्यक्षों कार्यकाल बढ़ाकर भाजपा सरकार की कोशिश उनकी हमदर्दी हासिल करने की है। माना जा रहा है कि अब पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाए गए प्रधान और अध्यक्ष विधानसभा चुनाव में भाजपा के काम आ सकते हैं। हालांकि प्रधानी की तैयारी में लगे लोगों को इस फैसले से झटका भी लगेगा। ऐसे में यह लोग नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। पहली बार ट्रिपल टेस्ट से ओबीसी आरक्षण होगा तय वहीं, पंचायत चुनावों में पहली बार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी का आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2023 में नगर निकाय चुनावों में पहली बार इसे लागू कर आयोग गठित किया गया था। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में रैपिड सर्वे से आरक्षण तय किया गया था। समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल छह महीने का तय किया गया है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक या जून के प्रथम सप्ताह में होने की उम्मीद है। यह आयोग पिछड़नेपन की प्रकृति व प्रभावों की समकालीन, सतत व अनुभवजन्य जांच और अध्ययन, पिछड़ा वर्ग के आंकड़े न होने पर सर्वे और फिर आरक्षण तय करेगा। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव रैपिड सर्वे से हुआ था और वर्ष 2015 के ओबीसी आंकड़े भी रखे गए थे। क्योंकि उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान की तर्ज पर यूपी में भी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव चार चरणों में अप्रैल-मई में हुए थे। दूसरी ओर अब राज्य निर्वाचन आयोग भी अपना काम तेजी से करेगा। लगातार पांचवीं बार अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ाकर 10 जून की गई है। अब 10 जून को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने की उम्मीदें हैं। विस चुनाव से पहले पंचायत चुनाव की संभावना कम विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होना आसान नहीं होगा। क्योंकि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल जून से अगर शुरू हुआ तो यह नवंबर तक रहेगा। वहीं आयोग ने रिपोर्ट देने में समय लगाया तो शासन इसका कार्यकाल बढ़ा सकता है। फिलहाल, सत्तापक्ष ही नहीं विपक्षी दल भी पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर शांत हैं। ऐसे में ज्यादा उम्मीदें विधानसभा चुनाव के बाद हों। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में वहां से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे उसका सरकार पालन करेगी।

तबादलों की नई लिस्ट जारी, पुलिस विभाग में बदली गई कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल की सूचना मिली है। यहां बेमेतरा जिले में ASI, प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के तबादले किए गए है। एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए हैं। डीआईजी रामकृष्ण साहू के निर्देश के बाद ट्रांसफर आदेश जारी किया गया है। इस बदलाव को कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जारी सूची के मुताबिक, कई ASI, प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के तबादले और नई पदस्थापनाएं की गई हैं। करीब 140 पुलिसकर्मियों का एक साथ ट्रांसफर किया गया है। उन्हें वर्तमान पदस्थापना स्थान से हटाकर नई जगह पर तैनात किया गया है। पुलिस विभाग में यह बड़ा फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया गया है। ट्रांसफर आदेश के साथ विस्तृत सूची भी जारी की गई है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी का पदनाम, नाम, वर्तमान पदस्थापना और नई पदस्थापना स्पष्ट रूप से दर्शाई गई है। पुलिसकर्मियों को जल्द ही अपने-अपने कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जिले में पुलिस व्यवस्था और अधिक सक्रिय होगी। साथ ही अपराधों पर नियंत्रण और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान में भी सुधार देखने को मिलेगा।

पेट्रोल बचाने की पहल, हरियाणा के मंत्री साइकिल चलाकर पहुंचे कैबिनेट मीटिंग में

चंडीगढ़. हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत के आह्वान का असर देखने को मिला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई मंत्री जहां अपने काफिले में गाड़ियोंकी संख्या कम कर चुके हैं, वहीं सोमवार को कैबिनेट मंत्री डा. अरविंद शर्मा और कृष्ण कुमार बेदी तथा राज्य मंत्री गौरव गौतम साइकिल चलाकर मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए हरियाणा सचिवालय पहुंचे। सहकारिता व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा पहले भी साइकिल चलाकर सचिवालय पहुंच चुके हैं। सोमवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए अरविंद शर्मा अपने घर से साइकिल से निकले और सचिवालय पहुंचे। इसी तरह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी साइकिल चलाई और मंत्रिमंडल की बैठक में पहुंचे। खेल एवं युवा सशक्तीकरण राज्य मंत्री गौरव गौतम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फोटो वाली सफेद रंग की टीशर्ट पहुंची हुई थी, जिसके माध्यम से वे ईंधन बचाने का संदेश दे रहे थे। गौरव गौतम भी साइकिल से कैबिनेट की मीटिंग में भागीदारी करने पहुंचे। हरियाणा सरकार के दो मंत्री रणबीर गंगवा और कृष्ण पंवार अपने काफिले को छोड़ने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। उनके हाल ही में रेल में यात्रा करते हुए फोटो सामने आए थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल रेलगाड़ी से दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचे थे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी अधिकारियों से आह्वान कर चुके हैं कि वे ईंधन की बचत के लिए कारों की पूलिंग करें तथा वर्चुअल बैठकों का आयोजन करें।  

ट्रेन के शौचालय में मिला जवान का शव, पंजाब से ड्यूटी पर जा रहे लांस नायक की मौत से सनसनी

कलानौर. ऐतिहासिक कस्बा कलानौर के रिटायर्ड सैनिक और खालसा पंचायत के अध्यक्ष भाई राजिंदर सिंह भंगू के बेटे लांस नायक प्रभशरण सिंह की ड्यूटी पर लौटते समय ट्रेन में मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि उनका बेटा प्रभशरण सिंह, जो 9 पंजाब सिख रेजिमेंट जम्मू में तैनात था और अब मेरठ में ट्रांसफर हो गया था। कुछ दिन घर पर बिताने के बाद वह ट्रेन से ड्यूटी पर मेरठ के लिए निकला था कि उसके बेटे की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई और उसका शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि शनिवार शाम को उनका बेटा प्रभशरण सिंह अपनी पत्नी और भाई अमृत और अपने परिवार वालों के साथ मुकेरियां रेलवे स्टेशन से ट्रेन से लौटा था और इस दौरान उसने स्टेशन पर अपने परिवार वालों के साथ मोबाइल से फोटो भी खींचे। उन्होंने बताया कि प्रभशरण ने कहा था कि वह मेरठ पहुंच कर सुबह आठ बजे फोन करेगा। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह जब फोन नहीं आया तो उसने कई बार फोन किया लेकिन उसके फोन पर सिर्फ घंटी बजती रही। राजिंदर सिंह ने बताया कि फोन न उठने की चिंता के चलते रविवार दोपहर को कलानौर थाने के एसएचओ जतिंदर पाल सिंह को इस बारे में बताया गया। जहां पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फौजी प्रभशरण सिंह का मोबाइल फोन ढूंढ निकाला और मोबाइल फोन जोधपुर के पास मिलने के बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर जोधपुर रेलवे स्टेशन पर शालीमार ट्रेन की जांच की तो उसके बेटे फौजी प्रभशरण सिंह का शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। उसकी सात साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। गौरतलब है कि प्रभ शरण सिंह 2013 में आर्मी में भर्ती हुए थे। इस मौके पर पंजाब के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर ने राजिंदर सिंह भंगू से फोन पर बात करके सैनिक प्रभशरण सिंह की असमय मौत पर गहरा दुख जताया। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल पंथक लहर के भाई रणजीत सिंह खालसा, दल खालसा के भाई बिक्रमजीत सिंह भट्टी, गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर लोकल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भाई दलविंदर सिंह बिट्टू, पूर्व सैनिक यूनियन के चैन सिंह, नरिंदर सिंह खैहरा, राजकुमार, बलविंदर सिंह काहलों, राजिंदर सिंह, सचिव जतिंदर सिंह सिद्धू, लखविंदर सिंह, गुरमुख सिंह , जतिंदर सिंह, सरपंच महकप्रीत बाजवा, सरपंच हरदीप सिंह मठारू, कुलवंत राय, महिंदर सिंह, मास्टर रणजोध सिंह मस्तकोट, सुरिंदर पाल सिंह भंगवान आदि ने प्रभशरण की मौत पर रजिंदर सिंह भंगू के साथ गहरा दुख व्यक्त किया।

सौतेली बहन की याचिका खारिज, बच्चों ने कोर्ट में कहा- हमें संप्रेक्षण गृह में कोई डर नहीं

बिलासपुर. बच्चों की मार्मिक कहानी सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने दोनों बच्चों को फिलहाल बाल संप्रेक्षण गृह में ही कड़े विधिक संरक्षण में रखने का अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर मासूम बच्चों ने अपनी मर्मस्पर्शी व्यथा सुनाई। बच्चों ने कोर्ट से कहा कि हम बंदी नहीं हैं, बल्कि बाल संप्रेक्षण गृह में पूरी तरह सुरक्षित हैं। याचिकाकर्ता के पति ने बच्ची के साथ तीन बार दुष्कर्म किया था। बच्चों के इस चौंकाने वाले बयान और विधिक तथ्यों की पुष्टि के बाद कोर्ट ने आदेश दिया। दरअसल, सरगुजा क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग सौतेली बहन और भाई को कुछ लोगों ने अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा है। याचिकाकर्ता महिला ने बच्चों को अपने साथ रखने की मांग करते हुए उनकी सुरक्षा करने वाली एक समाज सेविका, महिला एवं बाल संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों सहित अन्य को पक्षकार बनाया था। चीफ जस्टिस की डीबी में मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि बच्चों को बंदी नहीं बनाया गया है, बल्कि उनकी सुरक्षा और विधिक संरक्षण के दृष्टिगत उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया है। इस पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए न्यायालय ने बच्चों को कोर्ट में प्रस्तुत करने कहा। कोर्ट के निर्देशानुसार, पुलिस सुरक्षा में दोनों बच्चों को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। भाई-बहन ने कोर्ट में बताई पूरी सच्चाई न्यायालय के समक्ष दोनों भाई-बहन ने पूरी सच्चाई बताई। बच्चों ने बताया कि याचिकाकर्ता सौतेली बहन के पति ने नाबालिग बच्ची से तीन बार दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इस गंभीर अपराध की प्राथमिकी पुलिस थाने में दर्ज कराई जा चुकी है और आरोपी फरार है। कोर्ट ने मासूम बच्चों द्वारा दी गई इस बेहद गंभीर जानकारी को प्रशासनिक और विधिक स्तर पर तत्काल सत्यापित कराया। तथ्यों की पुष्टि होने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला की नीयत को भांपते हुए बच्चों को उसकी सुपुर्दगी में देने से साफ इंकार कर दिया और उन्हें संप्रेक्षण गृह में ही रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले के समस्त विधिक तथ्यों को रिकार्ड पर लेते हुए प्रतिवादी समाज सेविका को अपना पक्ष व जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की गई है।

सुखना लेक पर साइकिल चलाते नजर आए हरियाणा CM, लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मंगलवार सुबह हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ने मॉर्निंग वॉक करने के साथ साइकिलिंग कर लोगों को फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ आह्वान के तहत मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने आम लोगों, युवाओं और मॉर्निंग वॉक पर आए नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें नियमित व्यायाम और साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। आत्मनिर्भर भारत के लिए विपक्ष से भी मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देशवासियों से सहयोग मांगा है। इस अभियान में विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब सभी मिलकर स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे। विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।" पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार हरियाणा सरकार ने भी अपनी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने के लिए सरकार वर्चुअल मीटिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। लोगों ने लिया फिटनेस का संकल्प सुखना लेक पर मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कई युवाओं ने साइकिलिंग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। पीएम ने की थी देश से अपील गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हालही में देश से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी। पीएम मोदी की इस अपील के बाद देश के कई राज्यों के सीएम ने अपनी कारों का काफिला छोटा कर दिया था। खुद पीएम मोदी का काफिला भी छोटा हुआ था। इसके अलावा तमाम राज्यों के मंत्रियों और बड़े अधिकारियों ने भी अपना काफिला छोटा किया था। दिल्ली सरकार की सीएम और अन्य मंत्री तो दिल्ली मेट्रो में सफर करते हुए नजर आए थे। बीजेपी नेताओं ने भी अपने काफिले को छोटा करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में सफर करना शुरू किया था। वहीं विपक्ष ने पीएम मोदी की अपील के बाद पीएम मोदी पर ही निशाना साधा था और कहा था कि पीएम, देश को बताएं कि ऐसी कौन सी वजह है, जिसको लेकर पीएम मोदी को देशवासियों से इस तरह से अपील करनी पड़ रही है।  

भोपाल के रिटायर्ड जज की बहू केस में सास का बड़ा बयान, ‘अलग कमरे में सोने लगी थी ट्विशा’

 भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई।  'दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा' उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है।  'प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली' गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।  'समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था' उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती।  ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था।  'ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए' गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था।  'ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी' उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था।  बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं। 

PM सूर्य घर योजना में डिजिटल पहल, ‘सोलर चाचा’ व्हाट्सऐप चैटबॉट और ‘मेरा सोलर-बड़ा होनहार’ अभियान लॉन्च

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत व्हाट्सऐप चैटबॉट सोलर चाचा एवं मेरा सोलर-बड़ा होनहार अभियान का हुआ शुभारंभ ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर करें कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर बैंकर्स और वेंडर्स समन्वय पूर्वक कार्य करें : मंत्री शुक्ला भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये सोलर एनर्जी का इस्तेमाल आज की महती आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर कार्य करने को कहा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सभी बैंकर्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में कार्य करने वाले वेंडर्स से समन्वय पूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री तोमर और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित व्हाट्सपेए चेटबॉट, 'सोलर चाचा' और 'मेरा सोलर-बड़ा होनहार' प्रचार अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं कॉउंसिल ऑफ एनर्जी एन्वायरमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्रारंभ किये गये चेटबॉट और प्रचार अभियान से निश्चित की जनता लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा उतना ज्यादा लाभ जनता को भी मिलेगा। इससे अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से अब योजना संबंधी जानकारी आमजन तक और अधिक सरलता एवं त्वरित रूप से पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही ऊर्जा विभाग के माध्यम से सभी तरह की सोलर से जुड़े कार्य मे विभाग पूरी तत्परता के साथ सहयोग देगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार प्रदेश के हर गाँव की हर छत पर सौर संयंत्र को स्थापित करने के समग्र प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि बिजली के बिल को न्यूनतम किया जाये ताकि सौर एनर्जी का उपयोग करने वालों को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके। मंत्री शुक्ला ने सभी बेंकर्स और वेंडर्स को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मंशानुसार लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तत्पर होकर कार्य करने का संकल्प लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि बेंकर्स और वेंडर्स के कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं का यथासंभव शीघ्रता से निराकरण किया जायेगा। मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश तेजी से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने बेंकर्स और वेंडर्स से सीधे संवाद कर जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में समन्वित प्रयास किये जायेंगे। इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,97,663 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 1,25,291 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 469.39 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा इन स्थापनाओं के लिए अब तक 888.26 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एजेंसियों को मंत्री तोमर और मंत्री शुक्ला ने मंच से सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने वेंडर्स श्रेणी में मेसर्स सोलर स्क्वायर एनर्जी मेसर्स आरडी पावर एंड डेफा सॉल्यूशन प्रो. रूपेश राठौट मेसर्स एचएम सोलर एनर्जी सेटार्स शुभम सोलर सॉल्यूशन, मेसर्स भंडारी सोलट, मेसर्स सूर्यमटेक इंजीनियरिंग, मेसर्स ए जी सोलर मेसर्स ट्रायंगल एंटरप्राइजेज, मैसर्स कान्हा उठटपाइजेज, मेसर्स ग्रीन एटा सोलर सॉल्यूशंस मेसर्स ऑटोसिस इंदौर, मेसर्स महावीर मल्टी इंजीनियरिंग को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बैंक श्रेणी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एण्ड सिंध बैंक और डिस्कॉम श्रेणी में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवकरणीय ऊर्जा कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारी तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कार्यरत पंजीकृत वेंडर्स उपस्थित रहे।  

बिहार में शुरू हुआ सहयोग शिविर, पंचायत स्तर पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

पटना  सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे। दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है। 31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।  

कैंसर इलाज में उम्मीद की नई किरण, IIT प्रोफेसर बुशरा अतीक का अहम रिसर्च

कानपुर  आईआईटी के बायोलाजिकल साइंस और बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर बुशरा अतीक और उनकी शोध टीम को कैंसर अनुसंधान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रो. अतीक ने कोलोरेक्टल कैंसर (आंत का कैंसर) को शरीर में तेजी से फैलाने वाले और इसके इलाज को बेअसर करने वाले एक खास प्रोटीन डीकेसी -1 की पहचान की है। चिकित्सा जगत में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही यह खोज प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' ने 18 मई को ही प्रकाशित की है। इस खोज से भविष्य में आंत के कैंसर का अधिक सटीक और प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा। प्रो. बुशरा अतीक के शोध के मुताबिक शरीर में डीकेसी-1 प्रोटीन का स्तर बढ़ने से कैंसर कोशिकाएं न सिर्फ बेहद आक्रामक हो जाती हैं, बल्कि उन पर दवाओं का असर भी खत्म होने लगता है। शोध के अनुसार यह प्रोटीन शरीर में स्फिंगोलिपिड नामक फैट के निर्माण की प्रक्रिया को बाधित करता है। स्फिंगोलिपिड आमतौर पर कोशिकाओं की बनावट और उनकी प्राकृतिक मृत्यु (अपोप्टोसिस) को नियंत्रित करते हैं। जब डीकेसी-1 का स्तर बढ़ता है तो शरीर में ऐसे लिपिड ज्यादा बनने लगते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को सुरक्षा कवच देते हैं। यही वजह है कि कई गंभीर मरीजों में कीमोथेरेपी और अन्य दवाएं बेअसर हो जाती हैं। शोध अध्ययन में सामने आया है कि जिन मरीजों में इस प्रोटीन का स्तर ज्यादा था, उनमें कैंसर बेहद उन्नत (एडवांस्ड) स्टेज में पहुंच चुका था। इस आधार पर जब शोधकर्ताओं ने लैब के भीतर आरएनए इंटरफेरेंस तकनीक के जरिए जब डीकेसी-1 प्रोटीन के स्तर को कम किया तो इसके चौंकाने वाले और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। ऐसा करने से कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई। कैंसर कोशिकाएं दवाओं और कीमोथेरेपी के प्रति अधिक संवेदनशील हो गईं, यानी उन पर दवाओं ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया। प्रो. बुशरा अतीक के अनुसार कैंसर सिर्फ जीन या कोशिकाओं की खराबी नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबालिज्म (उपापचय) से भी गहराई से जुड़ा है। अब शोधकर्ता डीकेसी-1 और स्फिंगोलिपिड मेटाबालिज्म को टारगेट करने वाली नई दवाएं विकसित कर सकेंगे, जो कैंसर के मरीजों के लिए एक नई जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं।