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पंजाब चुनाव को लेकर BJP का मेगा प्लान, मोदी-शाह और नितिन नवीन बढ़ाएंगे सियासी हलचल

 चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब छह महीने का समय शेष है और भाजपा ने प्रदेश में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सितंबर और अक्टूबर में अपने शीर्ष नेतृत्व के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित कार्यक्रमों को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अक्टूबर में तीन दिन पंजाब में रह सकते हैं। हालांकि, अभी दौरे की तारीख तय नहीं हुई है। पार्टी का प्रयास है कि उनके कार्यक्रम को अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के आसपास केंद्रित किया जाए। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री पहले दिन माझा क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्रों से रोड शो के माध्यम से गुजर सकते हैं। उनके रात्रि विश्राम के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास के मुख्यालय पर विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर भी पार्टी में मंथन चल रहा है। भाजपा के कुछ नेता बठिंडा अथवा पटियाला में जनसभा कराने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क में हैं। बठिंडा से पटियाला तक रोड शो की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व मिलकर दौरे की अंतिम रूपरेखा तैयार करेगा। केंद्र की घोषणाओं पर भी मंथन प्रधानमंत्री के दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी स्तर पर यह आकलन किया जा रहा है कि केंद्र सरकार पंजाब के लिए किन योजनाओं, परियोजनाओं या घोषणाओं की घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही जनता के समक्ष रखे जाने वाले संभावित वादों पर भी मंथन शुरू हो गया है। 18 सितंबर से नशे और कानून-व्यवस्था के खिलाफ यात्रा इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट से पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर यात्रा की शुरुआत करेंगे। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। 19 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं की संभावित शुरुआत श्री केसगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से किए जाने पर विचार चल रहा है। यात्रा के दौरान बाइक रैली भी निकाली जाएगी। पार्टी की योजना इन यात्राओं को प्रदेश के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की है। यात्राओं का समापन जालंधर में प्रस्तावित है। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बड़ी रैली को संबोधित कर सकते हैं। उनकी रैली 29 या 30 सितंबर को होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि तारीख अभी अंतिम नहीं है। यात्राओं के नेतृत्व के लिए एक दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में यात्रा के कार्यक्रम, तीन अन्य शहरों से निकलने वाली यात्राओं और अमित शाह की रैली की तारीख पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है। बैठक में प्रदेश प्रभारी डा सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु के शामिल होने की संभावना है। अमित शाह के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

परीक्षा में नकल पर DAVV का सख्त एक्शन, मोबाइल की जांच के लिए बनेगी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन कमेटी

 इंदौर  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में नकल प्रकरणों की जांच अब नई व्यवस्था के जरिए की जाएगी। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों से जब्त किए गए मोबाइल महीनों तक बंद पड़े रहने से उनकी बैटरी डिस्चार्ज हो जाती हैं। ऐसे में अनुचित संसाधनों की जांच समिति के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह रहती है कि मोबाइल में यह पता नहीं चल पाता कि विद्यार्थी ने परीक्षा के दौरान कितने प्रश्नों के उत्तर फोन देखकर लिखे थे। इससे नकल प्रकरणों पर उचित निर्णय लेने में देरी होती है। अब इस समस्या से निपटने के लिए विश्वविद्यालय अलग से मोबाइल जांच समिति बनाएगा। कार्यपरिषद ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय में सालभर स्नातक और स्नातकोत्तर की 780 से अधिक वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं होती हैं। इनमें औसतन 250 से 300 नकल प्रकरण सामने आते हैं। कई मामलों में विद्यार्थियों के पास गाइड, पाठ्यपुस्तक या अन्य सामग्री के पन्ने मिलते हैं। इन पन्नों के आधार पर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि परीक्षा में किस तरह नकल की गई। इसलिए ऐसे मामलों में निर्णय लेना अपेक्षाकृत आसान होता है। फोन में क्या देखा, कितने सवालों के जवाब मिले सबसे ज्यादा परेशानी मोबाइल से जुड़े मामलों में आती है। परीक्षा केंद्र से जब्त मोबाइल विश्वविद्यालय में जांच होने तक लंबे समय तक बंद रखे जाते हैं। इस दौरान बैटरी खत्म हो जाती है। मोबाइल चालू नहीं होने पर समिति यह देख नहीं पाती कि विद्यार्थी ने फोन में क्या देखा और उससे कितने सवालों के जवाब लिखे। कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि परीक्षा में मोबाइल लेकर आना ही नियमों के खिलाफ है। इसके बावजूद यदि प्रश्नपत्र हल करते समय किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल मिलता है तो उड़नदस्ता या केंद्राध्यक्ष नकल प्रकरण बनाता है। इसी को देखते हुए नई समिति बनाई जा रही है। नई समिति का काम सिर्फ जब्त मोबाइल की तुरंत जांच कर नकल से जुड़े तथ्य जुटाना होगा। इससे प्रकरणों की जांच में तेजी आएगी।

MP को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी की सौगात, बैतूल-खंडवा फोरलेन से अहमदाबाद-वड़ोदरा तक आसान होगी राह

इंदौर  बैतूल से खंडवा के बीच फोरलेन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है. यह प्रोजेक्ट इंदौर और नागपुर के बीच की दूरी को बेहद कम कर देगा. दोनों शहरों के बीच का सफर 6 घंटे में पूरा हो जाएगा. यह परियोजना बैतूल-खंडवा-वडोदरा कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे मध्य प्रदेश की गुजरात और महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. इस फोरलेन के बनने से नागपुर, जलगांव, भुसावल, अकोला, वाशिम, हिंगोली, नांदेड़ जैसे शहर कनेक्ट होंगे. वहीं गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा जैसे बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. इसलिए यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के लिए अहम है, क्योंकि आने वाले समय में यह प्रदेश के लिए गेमचेंजर बनेगा।  इंदौर से नागपुर का सफर 6 घंटे में होगा बैतूल से खंडवा फोरलेन बनने से सबसे बड़ा फायदा इंदौर नागपुर रूट पर होगा. केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट दस्तावेज में इस कॉरिडोर को इंदौर और नागपुर एयरपोर्ट, इंदौर के मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और बैतूल-खंडवा के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जोड़ने वाली कड़ी बताया गया है. इंदौर से पहले सीधे बैतूल तक का सफर होगा. इसके बाद बैतूल से नागपुर का सफर तय किय जाएगा. पहले इंदौर से नागपुर जाने में 13 से 14 घंटे का समय लगता था. क्योंकि पूरा रूट 2 लेन हाईवे था. यह नया मार्ग सीधे नेशनल NH-47, NH-753 और NH-52 जैसी बड़ी सड़कों को आपस में इंटरलिंक करदेगा. इंदौर से हरदा-बैतूल होते हुए नागपुर जाने वाले ट्रैफिक को इस अपग्रेडेशन से सीधी मदद मिलेगी. इस फोरलेन के बनने से पूरा मार्ग एक्सप्रेसवे में अपग्रेड हो जाएगा. जिससे इंदौर से नागपुर का सफर 6 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा. इसलिए इंदौर से नागपुर और दक्षिण भारत के बीच का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।  एमपी की गुजरात और महाराष्ट्र तक कनेक्टिविटी     मध्य प्रदेश: बैतूल खंडवा फोरलेन हाईवे से इंदौर, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी जैसे शहर सीधे कनेक्ट हो जाएंगे.      महाराष्ट्र: नागपुर, जलगांव, भुसावल, अकोला, वाशिम, हिंगोली और नांदेड़ जैसे शहरों के लिए भी राह आसान हो जाएगी.      गुजरात: इस प्रोजेक्ट से एमपी के खंडवा का सीधा कनेक्शन अहमदाबाद, वड़ोदरा जैसे बड़े शहरों से भी हो जाएगा.  मध्य प्रदेश के शहरों को फायदा यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के भीतर एक मजबूत कनेक्टिविटी जाल तैयार करेगा, क्योंकि इससे एमपी के कई बड़े शहर आपस में कनेक्ट होंगे. बैतूल, छिंदवाड़ा और नागपुर की तरफ से आने वाला ट्रैफिक खंडवा होते हुए इंदौर और भोपाल की तरफ बेहद आसानी से और कम समय में पूरा किया जा सकेगा. खंडवा, खरगोन और बड़वानी: निमाड़ अंचल के ये तीनों प्रमुख जिले इस हाईवे के जरिए सीधे बैतूल और छिंदवाड़ा से कनेक्ट हो जाएंगे।  सिंहस्थ-2028 में भी फायदा बैतूल-खंडवा-जुलवानिया फोरलेन से मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ की कनेक्टिविटी भी मजबूत हो जाएगी. उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के आयोजन के हिसाब से यह प्रोजेक्ट अहम साबित होगा. क्योंकि उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और खंडवा जिले के मंधाता में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच भारी ट्रैफिक को सुचारू रूप से प्रबंधित करने में मदद करेगा. जिससे सिंहस्थ में महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ से आने वाले यात्रियों को इस फोरलेन का फायदा होगा. इसलिए यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।  बैतूल-खंडवा फोरलेन को केंद्र की मंजूरी  बैतूल से खंडवा के बीच बनने वाले इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने जून 2026 में मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के लिए 4415.60 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. जिसकी कुल दूरी 233.653 किलोमीटर होगी. फिलहाल इसे 4 लेन में विकसित किया जाएगा. जबकि भविष्य में इसे 6 लेन बनाने की योजना है. ताजा अपडेट के मुताबिक नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है. जिसे मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा. जनवरी 2027 से इसका काम शुरू होने की संभावना है. खास बात यह है कि सभी ब्लैक स्पॉट्स खत्म होंगे, जिससे गाड़ियां 100 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी. वर्तमान में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2029 के अंत तक या 2030 की शुरुआत में यह हाईवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। 

छात्रों की पढ़ाई होगी आसान, ‘ई-ज्ञानसेतु’ YouTube चैनल पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण वीडियो कंटेंट; 9 सितंबर को शुभारंभ

ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल पर विद्यार्थियों को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-वीडियो कंटेंट मंत्री परमार 9 सितंबर को करेंगे ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल का शुभारंभ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों से तैयार कराया गया है कंटेंट भोपाल  मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ई-वीडियो कंटेंट अब 9 सितंबर 2026 से e-GyanSetu YouTube Channel पर उपलब्ध होंगे। ई- वीडियो कंटेंट के प्रकाशन का उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा 9 सितंबर को शाम 5 बजे शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण Google Meet एवं e-GyanSetu YouTube Channel के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री परमार के मार्गदर्शन में प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 2,305 वीडियो शूट किए जा चुके हैं, जिनमें से 954 वीडियो का एडिटिंग कार्य पूर्ण हो चुका है । ई-वीडियो कंटेंट को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए ग्राफिक्स एवं डिजिटल विजुअल्स का उपयोग किया गया है। वीडियो की शैक्षणिक एवं विषयगत गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ये वीडियो प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। वीडियो की प्रमाणिकता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार ई-कंटेंट का विषयवस्तु, पाठ्यक्रमानुरूपता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के आधार पर Validation Board द्वारा परीक्षण एवं सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद ही वीडियो को विद्यार्थियों के लिए e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। ई-कंटेंट निर्माण में प्रदेश की भाषाई विविधता का भी ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बघेली, बुंदेली, मराठी तथा संस्कृत सहित क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार किए गए हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक डिजिटल अध्ययन सामग्री पहुँचाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री परमार के समक्ष तैयार ई-कंटेंट वीडियो प्रदर्शित किए गए थे। बैठक में हुई चर्चा के दौरान मंत्री द्वारा वीडियो को शीघ्र e-GyanSetu YouTube Channel पर अपलोड एवं प्रकाशित किए जाने के निर्देश दिए गए। e-GyanSetu पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से अध्ययन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को विषयवस्तु को दोहराने, कठिन टॉपिक्स को पुनः समझने तथा अपनी सीखने की गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। ई-कंटेंट निर्माण, एडिटिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। सत्यापन पूर्ण होने वाले वीडियो को चरणबद्ध रूप से e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को और व्यापक बनाने में सहायता मिलेगी।  

लाखों बहनों का भाई होना मेरा सौभाग्य : मंत्री सारंग

भोपाल  भाई-बहन के अपार स्नेह और विश्वास के प्रतीक विश्व के सबसे बड़े 'नरेला रक्षाबंधन महोत्सव' का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को इस वर्ष 1 लाख 89 हजार 159 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। बहनों की इस विराट सहभागिता ने पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2025 में 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने सारंग को राखी बांधी थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 1 लाख 89 हजार 159 हो गई। इस प्रकार महोत्सव ने एक बार फिर अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। उल्लेखनीय है कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव पहले ही विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो चुका है। इस वर्ष बड़ी संख्या में विभिन्न धर्मों की बहनों की सहभागिता रही। मंत्री सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों बहनों का भाई होना मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि बहनों का यही विश्वास और स्नेह मुझे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति और प्रेरणा देता है। आगे उन्होंने कहा कि बहनों के आशीर्वाद से हर वर्ष इस महोत्सव का स्वरूप लगातार व्यापक होता जा रहा है और यह महोत्सव अब विश्वव्यापी रक्षाबंधन महोत्सव के रुप में अपनी पहचान बना चुका है। 18 वर्षों से कायम है स्नेह और विश्वास की परंपरा मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव भाई-बहन के रिश्ते में निहित प्रेम, विश्वास और सामाजिक एकजुटता का जीवंत प्रतीक बन चुका है। पिछले 18 वर्षों से नरेला विधानसभा के सभी 17 वार्डों सहित भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों की बहनें इस आयोजन में उत्साहपूर्वक शामिल होती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बढ़ती बहनों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि यह आयोजन अब एक पारिवारिक परंपरा का स्वरूप ले चुका है। आगे उन्होंने कहा कि लाखों बहनें अपने ‘भैया’ विश्वास के प्रति स्नेह व्यक्त करने के लिए उत्साह के साथ पहुंचती हैं और रक्षासूत्र बांधकर अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं। विभिन्न धर्मों की बहनों ने की सहभागिता नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 में विभिन्न धर्मों की बहनों ने मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। मंत्री सारंग ने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। बड़ी संख्या में GenZ बहनें हुई शामिल नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में बड़ी संख्या में GenZ बहनों की उत्साहपूर्वक भागीदारी की। GenZ बहनों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ मंत्री सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। महोत्सव में युवा पीढ़ी का भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव की झलक दिखाई दी। लाखों बहनों का आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत समापन अवसर पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग बहनों के अपार स्नेह और आत्मीयता से भाव-विभोर नजर आए। उन्होंने कहा कि लाखों बहनों का आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि नरेला परिवार की बहनें हर वर्ष लाखों की संख्या में पहुंचकर मुझे अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान करती हैं। बहनों का यही विश्वास और स्नेह मुझे नरेला क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति और प्रेरणा देता है। मंत्री सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षासूत्र बांधने का पर्व नहीं बल्कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी, सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का संकल्प लेने का भी अवसर है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव ने इसी भावना को व्यापक सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसमें जनप्रतिनिधि और जनता के बीच का रिश्ता एक आत्मीय पारिवारिक रिश्ते में बदल जाता है। बहनों के आशीर्वाद से टूटा पिछला रिकॉर्ड वर्ष 2025 में 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने सारंग को राखी बांधी थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 1 लाख 89 हजार 159 हो गई। पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए स्थापित हुआ यह नया कीर्तिमान केवल संख्या का रिकॉर्ड नहीं बल्कि बहनों के अटूट स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद का प्रमाण है। 18 वर्षों की इस स्नेहिल परंपरा ने यह संदेश दिया है कि जब रिश्तों में विश्वास और समाज में अपनत्व हो, तो कोई भी आयोजन जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव इसी आत्मीयता, विश्वास और सामाजिक समरसता की भावना के साथ एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अंतिम दिन भी हज़ारों बहनों ने बांधे रक्षासूत्र महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को वार्ड क्रमांक 38 एवं 77 में आयोजित कार्यक्रमों में भी बहनों का उत्साह देखते ही बनता था। अपने ‘भैया’ विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधने के लिए बहनें बड़ी संख्या में पहुंचीं और लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम में 28 हजार 742 बहनों ने सारंग को रक्षासूत्र बांधा। मंत्री सारंग ने भी प्रत्येक बहन से रक्षासूत्र बंधवाकर उनका आशीर्वाद लिया और सभी बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया।  

बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान जारी, 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती से प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाओं और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और 16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1.29 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट, 6.94 लाख क्लोरीन टैबलेट और 2.73 लाख ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 2,259 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया गया है। वर्तमान में 26 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन लगातार निगरानी करते हुए राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अकेले 8 सितंबर को 8,576 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। जलभराव और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को नाव-मोटरबोट के जरिए निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। 2,259 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू अभियान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 2,259 नाव एवं मोटरबोट राहत-बचाव कार्य में प्रयुक्त हो चुकी हैं। 16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने व्यापक अभियान चलाया है। अब तक 16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। वहीं 1.29 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाए गए हैं। मंगलवार को भी 83,216 लंच पैकेट और 17,097 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। इससे प्रभावित परिवारों को संकट की स्थिति में तत्काल खाद्य सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 1,106 मेडिकल टीमें सक्रिय बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 1,106 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 6.94,432 क्लोरीन टैबलेट और 2.73 लाख ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,341 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,434 लोग शरणालयों में रह रहे हैं। पशुओं की सुरक्षा पर भी फोकस, जनहानि शून्य योगी सरकार के राहत अभियान में मानव जीवन के साथ पशुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। पशुओं के लिए अब तक 6,620 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। राहत अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि बाढ़ से अब तक पशु या जनहानि दर्ज नहीं हुई है। प्रभावित मकानों के लिए भी सहायता जारी बाढ़ से अब तक 1,493 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इनमें से 1,273 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। राहत एवं बचाव कार्यों के साथ क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम भी जारी है। प्रभावित जिले अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

वाराणसी में बुधवार को सजेगा पोषण का मंच, सीएम योगी करेंगे राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ

लखनऊ राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ बुधवार (9 सितंबर) को वाराणसी से होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शामिल होकर हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री महिला एवं बाल विकास अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद रहेंगी। इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘सही पोषण, देश रोशन’ रखी गई है। अभियान के तहत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और उनके परिवारों के बीच पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य और श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, राज्य मंत्री हंस राज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत वाराणसी की प्रशासक पूनम मौर्या, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह तथा विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम और डॉ. सुनील पटेल मौजूद रहेंगे।

प्री एशियन गेम्स ट्रेनिंग कैंप के लिए जापान जाएंगी MP राज्य बॉक्सिंग अकादमी की माही लामा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी की खिलाड़ी माही लामा का चयन प्री एशियन गेम्स ट्रेनिंग कैंप के लिए हुआ है। माही लामा 60 किलोग्राम भारवर्ग में जापान के निशियो सिटी में आयोजित होने वाले विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी। यह प्रशिक्षण कैंप 09 सितंबर से 17 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। 60 किलोग्राम भारवर्ग में करेंगी प्रशिक्षण माही लामा इस प्रशिक्षण शिविर में 60 किलोग्राम भारवर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। एशियन गेम्स की तैयारियों के लिहाज से यह कैंप उनके लिए महत्वपूर्ण अवसर है। शिविर में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तकनीक, फिटनेस और प्रदर्शन को और बेहतर करने का अवसर मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण का मौका प्री एशियन गेम्स ट्रेनिंग कैंप में माही लामा को देश के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण लेने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अभ्यास का अनुभव प्राप्त होगा। जापान में होने वाला यह प्रशिक्षण शिविर आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अकादमी में खुशी का माहौल माही लामा के प्री एशियन गेम्स ट्रेनिंग कैंप के लिए चयन पर मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में खुशी का माहौल है। अकादमी के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने माही लामा को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए जापान में होने वाले प्रशिक्षण शिविर के लिए शुभकामनाएं दी हैं। माही लामा के चयन को उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और अकादमी में मिल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम बताया गया है। एशियन गेम्स की तैयारियों में महत्वपूर्ण पड़ाव जापान में आयोजित होने वाला यह प्रशिक्षण कैंप माही लामा के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। 60 किलोग्राम भारवर्ग में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने और अपनी तकनीक एवं प्रदर्शन को और निखारने का अवसर मिलेगा।  खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने माही लामा के प्री एशियन गेम्स ट्रेनिंग कैंप के लिए चयनित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविर के लिए माही लामा का चयन मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने माही लामा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जापान में होने वाले प्रशिक्षण कैंप में बेहतर प्रदर्शन करने और आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।  

250 हेक्टेयर खेतों को मिला संजीवनी जल

रायपुर  जल संसाधन विभाग के समयबद्ध प्रयासों और बिंजली जलाशय की नहरों के जीर्णाेद्धार अभियान ने बस्तर अंचल के कृषि परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। विभाग द्वारा जल संसाधन संभाग, नारायणपुर के माध्यम से नहरों की मरम्मत और गाद सफाई का वृहद कार्य कराया गया है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है। इस व्यवस्था के सुचारू होने से नारायणपुर विकासखंड के खैराभाट, पालकी, तेलसी, करलखा, गुरिया और सुलेंगा गांवों की लगभग 250 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुनिश्चित सुविधा प्राप्त हुई है।          ​समय के साथ बिंजली जलाशय की नहरों में जमा हुई गाद और अवरोधों के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया था, जिससे खेतों तक पानी पहुँचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। सफाई और आवश्यक मरम्मत कार्य के बाद अब नहरों में पानी का प्रवाह निर्बाध रूप से हो रहा है, जिससे किसानों की मानसून पर निर्भरता काफी कम हुई है। इस जल सुरक्षा से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में भी भारी सुधार की संभावना बढ़ गई है। जिन खेतों में पहले पानी की कमी के कारण खेती सीमित रहती थी, वहाँ अब किसान दोहरी फसल लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग की इस पहल से क्षेत्र के ग्रामीण अर्थतंत्र को नई गति मिली है और किसानों के जीवन में एक सुखद व सकारात्मक बदलाव आया है।

योगी सरकार का सुरक्षित पेयजल अभियान: बिहार की टीम ने यूपी जल निगम ग्रामीण की प्रयोगशाला का किया अध्ययन

लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था को भी लगातार मजबूत कर रही है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय जल विश्लेषण प्रयोगशाला का बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की तीन सदस्यीय टीम ने एक्सपोजर विजिट किया। यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की टीम ने भी इसमें सहभागिता की। बिहार की टीम ने यूपी में जल गुणवत्ता की जांच, निगरानी और प्रयोगशाला प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। गांव स्तर तक जल गुणवत्ता की निगरानी एक्सपोजर विजिट के दौरान राज्य प्रयोगशाला प्रभारी एवं सहायक शोध अधिकारी अनिल कुमार ने उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रही जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण व्यवस्था की जानकारी दी। टीम को प्रदेश के प्रयोगशाला नेटवर्क, ग्राम स्तर पर फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) से पानी की जांच और पोर्टल के माध्यम से इसकी निगरानी की प्रक्रिया समझाई गई। पानी में किसी तरह का संदूषण मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई, दोबारा जांच और समस्या के अंतिम समाधान तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। एनएबीएल एक्रीडेशन और प्रयोगशाला की गुणवत्ता व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आधुनिक तकनीकों से पानी की जांच बिहार की टीम ने प्रयोगशाला में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म जैसे जीवाणुजनित मापदंडों की जांच प्रक्रिया को देखा। इसके अलावा भारी धातुओं की बेहद कम मात्रा की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली आईसीपी-एमएस और कीटनाशक अवशेषों की जांच के लिए जीसी-एमएस/एमएस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। टीम को भविष्य में पीएफएएस और माइक्रोप्लास्टिक जैसे नए प्रकार के प्रदूषकों की जांच के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया गया। यूपी-बिहार ने साझा किए बेहतर अनुभव उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के संयुक्त निदेशक सीपी यूनिट इंजीनियर संजय गुप्ता की अध्यक्षता में यूपी, बिहार और यूनिसेफ के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक भी हुई। इसमें जल गुणवत्ता निगरानी, प्रयोगशाला प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और एनएबीएल एक्रीडेशन से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों और अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) एवं प्रयोगशाला प्रमुख इंजीनियर ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि यह एक्सपोजर विजिट जल गुणवत्ता प्रबंधन और आधुनिक परीक्षण तकनीकों के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रयोगशालाओं को मजबूत करने पर जोर उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। अंतरराज्यीय सहयोग और तकनीकी अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रयोगशालाओं को वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ नई एवं उभरती जल गुणवत्ता चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता के संकल्प को और मजबूत किया जाए।