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दुबई से मध्यप्रदेश का बड़ा संदेश: निवेश कीजिए, हम हर कदम पर निभाएंगे साझेदारी

दुबई से दुनिया को मध्यप्रदेश का संदेश: “निवेश कीजिए, हम साझेदारी निभाएंगे” भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में विश्व के विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने, मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया, "Invest in Madhya Pradesh, India" निवेश सत्र में राज्य की निवेश क्षमता का प्रस्तुतीकरण किया तथा यूएई और रूस के वरिष्ठ नेतृत्व एवं प्रमुख उद्योग समूहों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन और शासन-स्तरीय बैठकें कीं। दिन की शुरुआत ताज दुबई, बिजनेस बे में मीडिया संवाद से हुई, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के बीच मध्यप्रदेश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारियों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन को राज्य के प्रमुख निवेश एवं व्यापार प्रदर्शन मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश की केंद्रीय अवस्थिति, विशाल लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही चंदेरी, महेश्वरी, ज़री-जरदोज़ी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट जैसे जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। रास अलखैमाह के शासक से मुलाकात एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह से पूर्व, मुख्यमंत्री ने UAE सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रास अलखैमाह के शासक हिजहाइनेस शेख सऊद बिन सकरअलकासिमी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया। दोनों पक्षों ने निवेश संवर्धन एवं बाजार पहुंच के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख के साथ उच्चस्तरीय बैठक दोपहर में मुख्यमंत्री ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव के साथ शासन-स्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य तातारस्तान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को मजबूत करना तथा सेक्टर-विशिष्ट साझेदारियों की पहचान करना था। वार्ता के दौरान उन्नत विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में “टाइम: रूस-भारत” फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, दोनों पक्षों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संभावित संयुक्त परियोजनाओं तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में तातारस्तान की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। “Invest in Madhya Pradesh, India” सत्र ने बटोरा ध्यान दोपहर बाद आयोजित “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र AIM Congress का प्रमुख आकर्षण रहा। सत्र में दुबई के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने राज्य की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र में पर्यटन क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निवेश सत्र में मुख्यमंत्री का विशेष संबोधन निवेश सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल अवसरों का प्रदेश नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थिर और विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक केंद्र है और यहां से देश के किसी भी हिस्से तक 24 से 36 घंटे के भीतर परिवहन संभव है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, विकसित सड़क और रेल नेटवर्क तथा आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं इसे विनिर्माण एवं वितरण का स्वाभाविक केन्द्र बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण निर्माण, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भोपाल में अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण दिया। यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री के साथ बैठक निवेश सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एच.ई. अब्दुल्ला बिन तौकअलमर्री से मुलाकात की। बैठक में नागरिक उड्डयन, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), भविष्य-केंद्रित संस्थानों, औद्योगिक पार्कों एवं निवेश सहयोग के विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में स्पेशल इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की अवधारणा पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ वन-टू-वन बैठक शाम को मुख्यमंत्री ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ अलग से एक विशेष वन-टू-वन बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश को UAE निवेशकों के लिए मध्य भारत का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्यपालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट विनिर्माण और निर्यात प्लेटफॉर्म में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने चयनित निवेश परियोजनाओं के लिए संयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने तथा भविष्य में मध्यप्रदेश-UAE निवेश राउंडटेबल आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। लूलू ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली के साथ महत्वपूर्ण बैठक दिवस के अंतिम प्रमुख कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक युसूफ अली एम.ए. के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक की। लूलू ग्रुप मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल, हाइपरमार्केट, खाद्य वितरण, कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग समूह है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति 250 से अधिक स्टोर्स और 65,000 से अधिक कर्मचारियों तक फैली हुई है। बैठक में मध्यप्रदेश से प्याज, गेहूं, सब्जियों सहित कृषि उत्पादों की प्रत्यक्ष खरीद को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग, कृषि निर्यात और रिटेल नेटवर्क विस्तार के अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना और निर्यातोन्मुखी नीतियों की जानकारी देते हुए लूलू ग्रुप को राज्य में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उद्योग एवं निवेश समुदाय के साथ नेटवर्किंग दिन का समापन दुबई … Read more

जालंधर पुलिस की बड़ी कार्रवाई! वाहन चोर गिरोह के 2 सदस्य दबोचे, कई बाइक बरामद

जालंधर. जालंधर के थाना भोगपुर पुलिस ने क्षेत्र में बढ़ते चोरी के मामलों पर संज्ञान लेते हुए वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को चोरी के मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपित वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं और चोरी किए गए मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों के और भी साथी हैं, जो गिरोह में शामिल हैं‌। पुलिस के मुताबिक एएसआइ सरबजीत सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के संबंध में नाकाबंदी कर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अवतार सिंह निवासी गांव बूनदड़ा, थाना भोगपुर और उसका साथी अलीशा मसीह निवासी गांव ऊटर, थाना भोगपुर वाहन चोरी करने के आदी हैं। चोर चोरी का माल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे दोनों आरोपी चोरी किए गए मोटरसाइकिल के साथ इलाके में मौजूद हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और चोरी के वाहनों को किन लोगों को बेचा जाता था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में भी वारदातें हल होने की संभावना है।

बाढ़ प्रभावितों को मिलेगी राहत, फसल क्षति का होगा आकलन; मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

पटना  बिहार में कई जिलों में बाढ़ से काफी तबाही हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर तरह की सहूलियत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आगे स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर की जांच कर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही हाजीपुर तथा सोनपुर में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को आपदा से निजात दिलाने की व्यवस्था और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। शिविर में रह रहे लोगों से बात की मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। वहीं, शैक्षणिक शिविर में भी बच्चों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिये। बाढ़ के पानी में डूबने से हुए मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। लोगों ने व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। हाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा। वहीं, सोनपुर में शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के साथ उन्होंने भोजन भी किया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह, संजय सिंह, सिद्धार्थ पटेल के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार आदि उपस्थित थे। अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ से राहत मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने अफसरों को कई निर्देश दिए ● बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर सहूलियत मुहैया कराई जाए ● फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा ● बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं ● मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए

स्कूल में बिजली-व्यवस्था और क्लासेस की मांग, छात्राओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

अंबिकापुर. सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान 45 छात्राओं ने सोमवार को प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए बड़ा कदम उठाया। छात्राएं स्कूल से करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट तक पैदल ही निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद जब इसकी जानकारी प्रशासन को मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बस भेजकर छात्राओं को कलेक्टोरेट लाया गया। बेहोश होकर गिरी छात्रा कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद छात्राएं सीधे कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात करने पर अड़ी रहीं। इसी दौरान तनाव और थकान के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। उसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। तीन महीने से हॉस्टल में बिजली नहीं होने का आरोप छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेस में साफ-सफाई की स्थिति खराब है और फिजिक्स के साथ केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्राचार्य और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते छात्राओं ने पैदल अंबिकापुर जाने का फैसला किया। अफसरों ने समझाने की कोशिश की छात्राओं के मार्च की जानकारी मिलते ही आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के लिए तैयार नहीं हुईं और कलेक्टर से ही मिलने की मांग करती रहीं। जहां शिक्षकों ने छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही, वहीं छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंची हैं। कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश कलेक्टोरेट में बातचीत के बाद छात्राओं को बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस की साफ-सफाई तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि बिजली, शिक्षकों की कमी और मेस की साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाएगा।

छात्रों में स्टार्टअप सोच विकसित करने पर जोर, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- शिक्षा में नवाचार जरूरी

रायपुर : शिक्षा में नवाचार और स्टार्टअप सोच को बढ़ावा देना समय की जरूरत: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री ने पीएम स्कूल कोड़ातराई के नवीन भवन निर्माण का किया भूमिपूजन शिक्षक सम्मान एवं फन फेयर में विद्यार्थियों ने दिखाया रचनात्मकता, नेतृत्व और प्रबंधन कौशल रायपुर शिक्षा में नवाचार, रचनात्मकता और विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। बदलती तकनीक के दौर में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उनमें जिज्ञासा, नई सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है। यह बात वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने पीएम शासकीय विद्यालय कोड़ातराई में आयोजित शिक्षक सम्मान सह फन फेयर कार्यक्रम में कही। शिक्षा में नवाचार और स्टार्टअप सोच को बढ़ावा देना समय की जरूरत: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री चौधरी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं नवाचार की सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का भी है। फन फेयर में विद्यार्थियों ने संभाली आयोजन की पूरी जिम्मेदारी पीएम स्कूल कोड़ातराई में आयोजित फन फेयर विद्यार्थियों के व्यावहारिक सीखने और नेतृत्व क्षमता का प्रभावी उदाहरण बना। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने स्वयं मंच संचालन, अतिथि सत्कार, अनुशासन, समय प्रबंधन, कूपन वितरण और विभिन्न स्टॉलों के संचालन की जिम्मेदारी संभाली। फन फेयर में बड़ा, डोसा, मंचुरियन, चाउमिन, फ्रेंच फ्राई, चना रोस्ट, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए। वित्त मंत्री चौधरी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक जीवन की समझ भी देती हैं। इससे टीमवर्क, नेतृत्व, प्रबंधन, संवाद और निर्णय लेने जैसी क्षमताओं का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा को पहचानने, प्रयोग करने और नए विचारों को सामने लाने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। यही अनुभव आगे चलकर उनमें नवाचार और स्टार्टअप की सोच को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। शिक्षकों का सम्मान कर जताया आभार कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कार्यालयीन कर्मचारियों का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन एवं योगदान को सराहा। विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार सिन्हा ने पीएम योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय के विकास में सहयोग प्रदान करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ व्याख्याता रामसागर पटेल ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

छात्राओं के लिए बड़ी सौगात, लखन लाल देवांगन ने बांटी 1500 एजुकेशन किट; कॉलेजों में बनेगा विशाल डोम

रायपुर : एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा बेटियां जितना पढ़ेंगी, उतना ही सशक्त होगी परिवार, समाज और प्रदेश – लखन लाल देवांगन रायपुर शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत किया और अतिथियों द्वारा महाविद्यालय की लगभग 1,500 छात्राओं को सीएसआर (CSR) मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अति विशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।  एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा *अन्य शासकीय कॉलेजों में भी बनेंगे विशाल डोम*         शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास पर जोर देते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में डीएमएफ (DMF) मद से विशाल डोम का निर्माण कराया जाएगा। *विकास मॉडल के केंद्र में GYAN*         मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश का विकास मॉडल GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है। *मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुँचें बेटियाँ- महापौर*        महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को देश का भविष्य और विकसित भारत की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए निरंतर मेहनत और संघर्ष के साथ सफलता के शिखर तक पहुँचने का आह्वान किया। *शिक्षा डीएमएफ की सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर*      कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि जिले में डीएमएफ मद के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले के छात्र-छात्राओं को देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में उच्च अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पपिया चतुर्वेदी, प्राध्यापकगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में पानी टैंकर खरीद पर बड़ा सवाल! 1.30 लाख की टंकी के लिए खर्च किए 2.50 लाख

डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ जनपद के ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर खर्च होने वाली 15वें वित्त की राशि से पानी टैंकर खरीदी अब सवालों के घेरे में है. आरोप है कि GeM पोर्टल के जरिए ऐसी खरीदी कराई गई, जिसमें बाजार कीमत और पंचायतों से किए गए भुगतान के बीच बड़ा अंतर है. कई पंचायतों में 2.50 लाख रुपये तक के भुगतान की जानकारी सामने आई है. मामला सिर्फ महंगे टैंकर की खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रस्ताव, आपूर्ति, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल, 1.30 लाख का टैंकर ढाई लाख में क्यों? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 2500 लीटर क्षमता वाले कृषि टैंकर की बाजार कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है, लेकिन ग्राम पंचायत अछोली, सलोनी, तोतल भर्री, प्लांदुर, पिपरखार और मोहनपुर में इसी क्षमता के टैंकर के लिए 2.50 लाख रुपये का बिल सामने आया है. यानी बाजार कीमत की तुलना में भुगतान लगभग दोगुना होने का दावा है. आखिर कीमत तय करने का आधार क्या था, यह जांच का बड़ा सवाल है. टैंकर पहले पंचायत में पहुंचा, प्रस्ताव बाद में मामले में ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिवों से मिली जानकारी और उनके बयानों ने पूरी प्रक्रिया पर और सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि कुछ जगह पंचायत का प्रस्ताव बनने से पहले ही पानी टैंकर पहुंच गया. बाद में GeM पोर्टल की प्रक्रिया पूरी कर भुगतान कराया गया. पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें GeM की तकनीकी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी और जनप्रतिनिधियों के दबाव में उन्होंने इसे शासकीय कार्य मानकर भुगतान कर दिया. एक ही जिले में टैंकर, लेकिन कीमतों में बड़ा अंतर डोंगरगढ़ के बेलगांव और बोरतलाव क्षेत्र की पंचायतों में दो पहिया ट्रॉली वाले टैंकर के लिए भी करीब 2.50 लाख रुपये तक भुगतान किए जाने की जानकारी है. वहीं मुरमुन्दा क्षेत्र के धनडोंगरी और खल्लारी में चार पहिया टैंकर के लिए करीब 2.45 लाख रुपये भुगतान का उल्लेख है. सवाल यह है कि जब क्षमता और टैंकर की बनावट में अंतर है, तो कीमतों का निर्धारण किस तकनीकी मूल्यांकन पर हुआ? सोलर फर्म से कृषि टैंकर की खरीदी क्यों? दस्तावेजों के अनुसार कई पंचायतों ने भिलाई स्थित मेसर्स सिटी सोलर से शिवशक्ति एग्रो का वाटर टैंकर खरीदा. सवाल यह नहीं है कि GeM पर फर्म पंजीकृत थी या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि क्या खरीद से पहले बाजार दर, उत्पाद की गुणवत्ता और अन्य उपलब्ध विक्रेताओं की तुलना की गई थी? जब स्थानीय स्तर पर कृषि उपकरणों के विक्रेता मौजूद हैं, तो दूर की फर्म से इतनी अधिक कीमत पर खरीद का आधार क्या था? वहीं पंचायतों से मिले दस्तावेजों की पड़ताल में बिलों पर HSN कोड का कॉलम खाली होने की बात सामने आई है. अब इसकी वैधता और GST/GeM नियमों के अनुरूपता की जांच जरूरी है. मूल टैक्स इनवॉयस, GST विवरण और GeM पर दर्ज उत्पाद की जानकारी सामने आने के बाद ही साफ होगा कि बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के मुताबिक थी या नहीं. पंचायतों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में GeM पर ऑर्डर देने से पहले आवश्यक अनुशंसा और सामग्री पहुंचने के बाद निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होने का आरोप है. यदि टैंकर वास्तव में प्रस्ताव से पहले पहुंच गया था, तो फिर उसका ऑर्डर किसने और कब दिया? सामग्री की गुणवत्ता किस अधिकारी ने जांची? और भुगतान से पहले सत्यापन किस आधार पर हुआ? इन सवालों के जवाब सरकारी रिकॉर्ड से निकलेंगे. सरपंच और सचिवों ने क्या कहा? अछोली सरपंच नंदकुमार साहू ने मामले को लेकर कहा कि टैंकर खरीदी प्रक्रिया के लिए जेम पोर्टल प्रोसेस की जानकारी नहीं थी. टैंकर पहले आया गया था. बाद में खरीदी का प्रक्रिया पूरी की गई. ग्राम पंचायत अछोली सचिव पूर्निमा मंडावी ने कहा कि 15वें वित्त आयोग  के तहत 2.50 लाख रुपए की लागत से पानी टैंकर खरीदा गया है. जेम पोर्टल से खरीदी की गई है. ग्राम पंचायत पलानदूर सचिव हरिशचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि पानी टैंकर आने के बाद खरीदी का प्रस्ताव भेजा गया. इसकी स्वीकृति राशि 2.50 लाख रुपए है. जिला पंचायत सदस्य किरण साहू द्वारा सप्लाई किया गया है. भुगतान के पूर्व सामाग्री का सत्यापन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा नहीं किया गया है. जांच में खुल सकता है राज मामले में प्रति टैंकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक के कथित कमीशन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. लेकिन यदि जांच में यह साबित होता है कि सरकारी भुगतान और वास्तविक खरीद कीमत के बीच असामान्य अंतर था, तो उस अंतर की रकम का लाभ किसे मिला, यह जांच का सबसे अहम बिंदु होगा. जिन टैंकरों को पंचायत की राशि से खरीदा गया, उनकी बॉडी पर संबंधित जनप्रतिनिधियों के नाम लिखे जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. यदि सरकारी राशि से खरीदी गई सामग्री को किसी जनप्रतिनिधि के व्यक्तिगत विकास कार्य के रूप में प्रचारित किया गया है, तो इसकी वैधानिकता और औचित्य भी जांच के दायरे में आना चाहिए. पूरे मामले में पंचायतों के प्रस्ताव, प्रशासनिक स्वीकृति, GeM ऑर्डर, वेंडर की जानकारी, टैक्स इनवॉयस, HSN विवरण, भुगतान रिकॉर्ड, टैंकर की वास्तविक कीमत और सामग्री सत्यापन जैसे दस्तावेजों के आधार पर शिकायत की तैयारी की जा रही है. जांच हुई तो यह सिर्फ महंगे टैंकर की खरीदी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि 15वें वित्त की राशि से लेकर GeM पर ऑर्डर और पंचायत खाते से भुगतान तक पूरी प्रक्रिया की परतें खुल सकती हैं. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है, सरकारी टैंकर की कीमत बाजार से इतनी ज्यादा क्यों और खरीद की प्रक्रिया इतनी गोपनीय क्यों रही? बता दें कि ऐसा ही मामला खैरागढ़ जिले में भी सामने आया है, जहां टैंकर खरीदी में धांधली करने का आरोप लगा है. 5000 लीटर क्षमता वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली टैंकर की कीमत करीब 1.80 लाख से 2 लाख रुपए के आसपास बताई जा रहा है, जबकि यहां एक टैंकर के लिए 3 लाख रुपए की राशि स्वीकृत किया गया है.

योगी सरकार की बड़ी पहल, यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी बेहतर अंतरराज्यीय बस सेवा

योगी सरकार की पहल से यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी बेहतर अंतरराज्यीय बस सुविधा यूपी-बिहार के बीच और मजबूत होगा बस सेवा नेटवर्क, परिवहन मंत्रियों की अहम बैठक सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत, यूपी-बिहार के नए बस मार्गों पर बनी सहमति यूपी-बिहार के बीच नए हाईवे पर दौड़ेंगी बसें, नए मार्ग तय करने की तैयारी, किराये में एकरूपता पर भी सहमति बिहार सरकार की तरफ से दिए गए कई आश्वासन, दूसरे चरण की बैठक जल्द, यात्रियों को होगा सीधा लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आवागमन को और आसान बनाने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों राज्यों की जनता, खासकर सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें यूपी रोडवेज और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बीच बस सेवाओं के विस्तार और नए मार्गों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। नए मार्गों पर बस संचालन की तैयारी बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार और मई 2026 में हुए उसके विस्तार के तहत निर्धारित 25 मार्गों पर बस संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से बिहार के अलग-अलग जिलों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। नए हाईवे से जुड़ेंगे नए बस मार्ग दोनों राज्यों के बीच हाल के वर्षों में कई नए हाईवे और सड़क मार्ग तैयार हुए हैं। इन्हें बस सेवा से जोड़ने के लिए नए मार्गों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दूसरे चरण की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी है। बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित मार्गों का मानचित्र सहित विस्तृत विवरण जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों की सुविधा और किराये में एकरूपता पर जोर बैठक में दोनों राज्यों की जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया। खासतौर पर सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए बस सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। वहीं दोनों राज्यों की बस सेवाओं में किराये के निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी है। साथ ही नए मार्गों का दोबारा परीक्षण कर समान किलोमीटर के आधार पर परिवहन करार करने पर विचार किया गया। यूपी रोडवेज की बसों के संचालन में नहीं आएगी बाधा बिहार सरकार ने भरोसा दिलाया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा या असुविधा नहीं होने दी जाएगी। दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी प्रस्तावित मार्गों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का सख्त निर्देश, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर

रायपुर : नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एफआईआर और चार्जशीट के ऑनलाइन प्रेषण, ई-साक्ष्य, नाफिस तथा ई-समन के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिए कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिए। नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा         नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। एफआईआर से न्यायालय तक की प्रक्रिया हो त्वरित       कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिए सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। शर्मा ने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील शीघ्र सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए। प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी हों         गृह मंत्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाएं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, तभी नए कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा। राज्य स्तरीय कठिनाइयों के समाधान पर विचार-विमर्श          बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है, उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।           बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी आलोक मित्तल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारिक, गृह सचिव सुनेहा चंपावत एवं हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता, संचालक अभियोजन प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, सीएपीटी भोपाल अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, जिले के पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी, तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए। क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड          नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से तीनों नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

11 सितंबर को सक्ती में भव्य कार्यक्रम की तैयारी तेज, विजय शर्मा और गुरु खुशवंत साहेब ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रायपुर : सक्ती में 11 सितंबर को होगा भव्य आयोजन, तैयारियों को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने लिया जायजा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होगा कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों का गृह प्रवेश, पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन सहित विभिन्न विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास रायपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आगामी 11 सितंबर 2026 को सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले वृहद कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के गृह प्रवेश, पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन-शिलान्यास सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने लिया जायजा          कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ग्राम जेठा पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। *हर व्यवस्था की बारीकी से ली जानकारी*        उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सर्वप्रथम कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए रूट मैप का अवलोकन किया। इसके बाद मुख्य मंच, टेंट एवं पंडाल, दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा, अतिथियों एवं आमजनों की बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बायो टॉयलेट, बैरिकेटिंग, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा अतिथियों के आगमन एवं निकासी से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक व्यवस्था की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, हितग्राहियों और आमजनों की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।            उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने कहा। उन्होंने पर्याप्त पार्किंग, सुचारू यातायात, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था तथा कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। *विकास कार्यों का होगा लोकार्पण और भूमिपूजन*        उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को ग्राम जेठा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन-शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के गृह प्रवेश तथा पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन का आयोजन होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों एवं आमजनों के शामिल होने की संभावना है। *जनप्रतिनिधियों से भी की भेंट-मुलाकात*         निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने जिले के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी भेंट-मुलाकात की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम को वृहद और व्यवस्थित स्वरूप देने में जिला प्रशासन को पूरा सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का कार्यक्रम है और इसे बेहतर ढंग से आयोजित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम की सफलता के लिए सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।          निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव सुऋचा शर्मा, वीबी जीरामजी आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया सहित कलेक्टर श्रीमती जयजैन, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।