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तेज आंधी और बारिश से उत्तर प्रदेश में भारी तबाही, 52 लोगों ने गंवाई जान

उत्तर प्रदेश   वायुमंडल के निचले क्षोभमंडल में वेस्ट यूपी के ऊपर चक्रवाती परिस्थिति बन गई। साथ ही दक्षिण राजस्थान से आ रही पुरवा की मदद मिलने से बुधवार को प्रदेश में 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक आंधी है। नतीजतन प्रदेश में बुधवार को कुदरत का कहर टूट पड़ा। दोपहर बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आई भीषण आंधी और बारिश के कारण हुए हादसों में अब तक कुल 52 लोगों की मौत हो चुकी है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे और साइन बोर्ड उखड़ गए, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली। भदोही में 10 और मिर्जापुर में एक वृद्ध समेत कुल 11 लोगों की जान चली गई। भदोही के औराई में मंदिर की दीवार गिरने से पूजा करने गई दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, प्रयागराज में शाम को आई आंधी ने 10 लोगों की जान ले ली, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 7 और प्रतापगढ़ के 3 लोग शामिल हैं। सिद्धार्थनगर में भी टिनशेड गिरने की घटना के बाद एक बच्चे की मौत हो गई। मध्य यूपी और रुहेलखंड में हादसों का सिलसिला मध्य यूपी के जिलों में आंधी-तूफान ने 15 लोगों की बलि ले ली। इसमें अकेले फतेहपुर में सर्वाधिक 8 मौतें हुईं। इसके अलावा उन्नाव में तीन, हरदोई में दो और झांसी व कानपुर देहात में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। रुहेलखंड के बरेली मंडल में सुबह 11 बजे आई आंधी ने बदायूं में छह और बरेली में चार लोगों सहित कुल 10 लोगों की जान ले ली। अवध और मुरादाबाद मंडल का हाल अवध क्षेत्र में भी आंधी का कहर बरपा, जहां सीतापुर में पेड़ गिरने से दो और रायबरेली में करंट लगने से एक किशोरी समेत 3 लोगों की मौत हो गई। रायबरेली के डलमऊ में रेलवे फाटक टूट गया और लालगंज में कार पर पेड़ गिर गया। मुरादाबाद मंडल के संभल में दीवार और पोल गिरने से महिला समेत दो लोगों की मौत हुई, जबकि अमरोहा में 8 लोग घायल हुए हैं। मंडल में 250 से अधिक बिजली के पोल गिरने से ग्रामीण इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति है। यातायात और बिजली व्यवस्था चरमराई तेज हवाओं के कारण वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर साइन बोर्ड गिरने से रूट डायवर्ट करना पड़ा। गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। अब थमेगा सिलसिला, गर्मी बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार वर्षा के बावजूद प्रदेश के अनेक भागों में तापमान में दर्ज बढ़ोतरी हुई है। नतीजतन आज बुन्देलखण्ड के बांदा में तापमान 45.4 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने और प्रदेश के दक्षिणी जिलों में लू की स्थिति होने का पूर्वानुमान है।

जीएसपी से ट्राइडेंट में 12 लाख के पैकेज पर प्लेसमेंट होना गर्व की बात

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना राज्य शासन की प्राथमिकता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कौशल विकास गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। मंत्री  टेटवाल बुधवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक एवं “कौशलम संवाद” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा उनकी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री  टेटवाल ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं निर्माण कार्यों की प्रति माह नियमित समीक्षा करूंगा। मंत्री  टेटवाल ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी एसओपी तैयार करने तथा राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रत्येक माह भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  कौशलम संवाद” में साझा हुए सफलता और नवाचार के अनुभव “कौशलम संवाद” कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, पूरे प्रदेश की आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल्स पार्क के प्रशिक्षण अधिकारियों, प्रशिक्षणार्थियों और पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने वर्चुअली सहभागिता कर मंत्री  टेटवाल से अपने अनुभव और सफलता साझा की। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण अधिकारियों ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सफल प्लेसमेंट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों तथा नवाचार आधारित पहलों की जानकारी साझा की। संवाद में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त ट्रेड्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसर तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। कौशल विकास और तकनीकी तथा डिजिटल सहयोग के लिये हुआ एमओयू कार्यक्रम में एमपी ऑनलाइन एवं एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मध्य तकनीकी एवं डिजिटल तथा कौशल विकास सहयोग के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। साथ ही आईटीआई प्रवेश विवरणिका 2026 का विमोचन एवं प्रवेश प्रचार पोस्टर का अनावरण भी किया गया। "वियरेवल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी मॉनीटरिंग डिवाइस" जैसे पेटेंट आधारित नवाचार कॉन्सेप्ट की प्रस्तुति तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, इंदौर से ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम भी किया गया। प्रदेश के युवाओं की उपलब्धियों ने बढ़ाया गौरव कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को मंत्री  टेटवाल से साझा किया। एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क की प्रशिक्षणार्थी सु वर्चश्वनी पाठक का चयन ट्राईडेंट ग्रुप, बुधनी में 12 लाख रूपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि यह प्लेसमेंट जीएसपी के लिये गर्व की बात है। प्रदेश की बेटियों की तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण है। अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट के अंतर्गत एडवांस रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग ट्रेड के 5 प्रशिक्षणार्थियों तथा एडवांस मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल सर्विसेज ट्रेड के एक प्रशिक्षणार्थी का चयन दुबई स्थित टीटीई इंजीनियरिंग में हुआ है। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षणार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के युवा अपनी तकनीकी दक्षता और कौशल के बल पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी संस्थाओं से निरंतर जुड़े रहें तथा अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्यक्रम में संचालक कौशल विकास  बसंत कुर्रे, सीईओ एमपीएसएसडीईजीबी एवं सीईओ एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क  गिरीश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

भोपाल शहर में संपर्क अभियान 2026’ के तहत होगा बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “संपर्क अभियान 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 14 मई को शहर वृत्त भोपाल अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और उन्हें बिजली संबंधित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देना है। उपभोक्ताओं को शिविरों में मिलेंगी त्वरित सेवाएँ संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान करने की सुविधाएं मिलेंगी।    उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए चार अलग-अलग काउंटर रहेंगे उपलब्ध  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर होंगे।              काउंटर नंबर 1 (हेल्प डेस्क): यहाँ उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और टोकन प्राप्त करेंगे।            काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार): यहाँ बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण किया जाएगा।            काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं): यहाँ ₹5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।            काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा): बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए यह काउंटर कार्य करेगा। इन स्थानों पर लगेंगे शिविर  भोपाल शहर के विभिन्न वितरण केन्द्र/जोन में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें अयोध्या जोन में अयोध्या नगर, आनंद नगर जोन में पीएमएवाय मल्टी, भानपुर जोन में शंकर नगर नगर निगम ऑफिस, चांदबड़ जोन में राजेन्द्र नगर, इंडस्ट्रियल गेट वितरण केन्द्र में रूपनगर, करोंद जोन में संजीव नगर, बैरागढ़ जोन में वॉटर वर्क्स, ईमामीगेट जोन में बारेला गांव, बस स्टैंड जोन में रेतघाट, छोला जोन में नारियल खेड़ा, सिटी कोतवाली जोन में हाथीखाना स्क्वेयर, इंद्रविहार जोन में गांधीनगर बस स्टैंड, सुल्तानिया जोन में संजय नगर, बैरागढ़ चीचली सिटी जोन में सुमित्रा परिसर, दानिशकुंज सिटी जोन में दानिश हिल्स व्यू-1, मिसरोद शहर जोन में हिनौतिया डीएलएफ, अरेरा कॉलोनी वितरण केन्द्र में श्याम नगर, भदभदा जोन में सेवा सदन, कोटरा जोन में शबरी नगर, एम.पी. नगर जोन में गायत्री नगर, टी.टी. नगर जोन में टीटीआईटी, जहांगीराबाद जोन में न्यू भीम नगर, शक्तिनगर जोन में बरखेड़ा पठानी वार्ड ऑफिस, विद्या नगर जोन में राम फीडर, कटारा हिल्स वितरण केन्द्र में एमरॉल्ड-1, शाहपुरा जोन में यशोदा नगर एंव वल्लभ नगर जोन में लक्ष्मीपति क्षेत्र शामिल हैं, जहां उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। क्या करना होगा उपभोक्ताओं को  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बिल सुधार के लिए अपना नवीनतम बिजली बिल लेकर आना होगा। शिकायत दर्ज कराने केलिए अपना मोबाइल नंबर और उपभोक्ता क्रमांक (IVRS) उपलब्ध कराना होगा ताकि निराकरण की सूचना प्राप्त हो सके। नए कनेक्शन के लिए समग्र आईडी, स्वामित्व दस्तावेज एवं पासपोर्ट साइज फोटो लाना होगा। काउंटर पर संबंधित अधिकारी से मिलने पर शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं और कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! सैकरीन और गंदे पानी से तैयार आइस कैंडी पर छापा

 इंदौर  शहर में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन से आइस कैंडी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे खाद्य विभाग की टीम ने जब्त किया। टीम द्वारा राजाराम नगर स्थित डायमंड पेप्सी का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर मालिक मनोज कुशवाहा उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान विभिन्न फ्लेवर जैसे मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट एवं चॉकलेट फ्लेवर की आइस कैंडी का निर्माण एवं पैकिंग किया जाना पाया गया। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सैंपलिंग मौके पर निर्माण कार्य में बोरिंग के पानी का उपयोग किया जाना पाया गया। जांच के दौरान निर्माण में सैकरीन का उपयोग किया जाना पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए हानिकारक होता है। मौके से मैंगो आइस कैंडी, ऑरेंज कैंडी एवं सैकरीन के तीन सैंपल जांच के लिए गए। साथ ही मौके पर संग्रहित लगभग 300 लीटर आइस कैंडी जब्त की है। डेयरी उत्पादों और अन्य दुकानों पर जांच इसके अलावा तिलक नगर स्थित एफसी इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर जिग्नेश मेहता मिले। यहां से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी एवं फ्लेवर्ड मिल्क के पांच सैंपल लिए। इसी प्रकार डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया का निरीक्षण किया गया, यहां प्रभारी पुष्पेंद्र चतुर्वेदी मिले। फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज एवं रस्क के कुल पांच सैंपल जांच के लिए गए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई वहीं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच से बेक समोसे का सैंपल लिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBSE 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को दी बधाई

  रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी आने वाले समय में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला, अनुसंधान और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा एक मजबूत शक्ति के रूप में कार्य करती है। कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण सराहनीय है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल और प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

अगले छह माह तक विदेश यात्राओं से परहेज करें मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आह्वान करते हुए शासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक आचरण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने का संदेश दिया है। उन्होंने मंत्रीगणों से अपनी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने का भी आह्वान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सम्पन्न विस्तारित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक उत्तरदायी, अनुशासित और संसाधन-संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल और डीजल की खपत को न्यूनतम रखने संबंधी आह्वान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रीगण सप्ताह में एक निर्धारित दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आमजन भी इससे प्रेरणा लें। उन्होंने शासन एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिए कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विधानसभा एवं विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयरकंडीशनर एवं लिफ्ट के आवश्यकता-आधारित उपयोग के निर्देश देते हुए एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने तथा प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, रेल यात्रा और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के साथ 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने पर भी बल दिया। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को शासन की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों को रिहायशी कॉलोनियों, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक विस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्वच्छ एवं ऊर्जा-कुशल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में भी मितव्ययिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह एवं अन्य समारोहों के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक व्यय पर रोक लगे और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले। ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को व्यवहार में उतारने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रीगण उपहार स्वरूप उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें, जिनका निर्माण उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने कहा कि 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के अंतर्गत प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पादों की समृद्ध श्रृंखला उपलब्ध है, जिन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव तत्काल किए जाएं। उन्होंने कॉमर्शियल एलपीजी उपयोगकर्ताओं को भी पीएनजी से जोड़ने की आवश्यकता बताई। आयातित वस्तुओं के न्यूनतम उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने तथा इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही, सोने के अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करने और वर्षा जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की अपील भी की। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का औपचारिक परिचय कराया। उन्होंने कहा कि शासन के सभी अंगों में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सबसे अधिक होती है और जनता प्रतिदिन नेताओं एवं मंत्रियों के कार्यों का मूल्यांकन करती है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का आचरण ही जनता के लिए सबसे बड़ा संदेश बनता है। नवनियुक्त मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़ा दायित्व है और आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत समय भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में सभी मंत्रियों को कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने नए मंत्रियों को वरिष्ठ एवं अनुभवी मंत्रियों से संवाद बनाए रखते हुए सीखने और प्रभावी कार्यशैली विकसित करने की सलाह दी। साथ ही निर्देश दिया कि कैबिनेट मंत्री विभागीय नीतिगत विषयों में अपने सहयोगी राज्य मंत्रियों का अभिमत अवश्य लें।

कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ ईंधन स्टॉक, घबराहट में लोगों की लंबी कतारें

रायपुर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो 'नो डीजल' और 'पेट्रोल नहीं है' के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं। बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं। पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया। हाईवे स्थित सोढ़ी पेट्रोल पंप के मैनेजर सुंदरलाल के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से अधिक रही और एक दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिक गया। गुरुर और धमतरी में अफरा-तफरी का माहौल गुरुर तहसील के बोहारडीह पेट्रोल पंप में भी बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम में ईंधन भरवाते नजर आए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इधर धमतरी जिले में भी सप्लाई प्रभावित होने लगी है। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड लगाए गए। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई मिल रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही उपलब्ध हो पा रहा है। प्रशासनिक निर्देश और खाद्य विभाग का दावा कुछ पंप संचालकों ने बताया कि 200 लीटर से अधिक डीजल देने पर भी अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति है। वहीं सरकारी वाहनों के लिए अलग से स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में काफी चर्चा रही। हालांकि खाद्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के इस निर्णय से अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने किसानों के हित संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मध्यप्रदेश के किसान इन सभी प्रावधानों का लाभ प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत अनेक गतिविधियों आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक माह किसानों के कल्याण के लिए उन्नत यंत्रों की प्रदर्शनियां, किसान हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही किसानों को नई कृषि तकनीक के प्रशिक्षण का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनत समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने से मध्यप्रदेश और देश के किसान प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश  अन्न उत्पादन में आगे है। इस नाते प्रदेश के रागी, मक्का,ज्वार और बाजरा उत्पादक किसानों को इस फैसले से विशेष लाभ होगा। विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि केन्द्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने सूरजमुखी बीज के एमएसपी में सबसे अधिक 622 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ कपास में 557 रुपए प्रति क्विंटल, नाइजर सीड में 515 रुपए प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। उत्पादन लागत पर किसानों को अनाजों में सर्वाधिक मूंग में सबसे अधिक 61 प्रतिशत लाभ रहने का अनुमान है। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत और अरहर में 54 प्रतिशत लाभ का अनुमान है। जहां उड़द में यह प्रतिशत 51 है, वहीं रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान में लागत पर 50 प्रतिशत लाभ किसानों को मिलेगा। तिलहन फसलों में मूंगफली, सूरज मुखी के बीज, तिली सोयाबीन, तिल,नायजर सीड और मध्यम रेशे के कपास में किसानों को लागत पर मार्जिन 50-50 प्रतिशत का अनुमान है।  

शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा मुख्य सचिव ने अधिकारियों की ली बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।        बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।            मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।            मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।             मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।            बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त  चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा  जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।

योगी सरकार ने मंत्री व अधिकारियों की फ्लीट में 50% कमी का निर्देश दिया

लखनऊ पेट्रोल और डीजल कम खर्च करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद विधानसभा की विभिन्न संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया। इसके मुताबिक देशहित व वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संसदीय समितियों के सभी अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए विधानसभा की ओर से यह निर्णय लिया गया है, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। जनप्रतिनिधियों व संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्रहित के प्रत्येक आह्वान में सहभागी बनें और परिस्थितियों के अनुरूप संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय दें। मुख्यमंत्री, मंत्रियों आदि की फ्लीट में 50 प्रतिशत की कमी करें: योगी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की मंगलवार को अपील की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। वर्क फ्राम होम को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री जी का सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली आयोजन पर जोर रहा। औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। मंत्री सांसद एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें मुख्यमंत्री ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें।