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ग्राहक को मिला इंसाफ, पार्सल खोने पर DTDC एक्सप्रेस पर लगा जुर्माना

जालंधर. पार्सल गुम होने के मामले में उपभोक्ता को आखिरकार न्याय मिल ही गया। उपभोक्ता फोरम में दायर एक केस में फैसला उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया, जिसके बाद डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस कंपनी को उपभोक्ता को कुल 28,915 रुपए का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कंपनी ने ड्राफ्ट के माध्यम से अदा की है। प्रीत नगर, सोढल रोड निवासी रजत शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर 2022 को उन्हें एक पार्सल डिलीवर किया जाना था। लेकिन निर्धारित तिथि पर पार्सल उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते उनका पार्सल रास्ते में ही गुम हो गया। कंपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने में रही असफल  रजत शर्मा ने कई बार डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस के अधिकारियों से संपर्क कर पार्सल की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हर बार टालमटोल का सामना करना पड़ा। लगातार निराशा हाथ लगने के बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की। फोरम में सुनवाई के दौरान उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया। कंपनी ने ड्राफ्ट के जरिए किया भुगतान फोरम के आदेश के बाद कंपनी ने उपभोक्ता को 28,915 का ड्राफ्ट भेजकर भुगतान कर दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और सही मंच का सहारा लें, तो उन्हें न्याय अवश्य मिल सकता है। साथ ही, यह फैसला कुरियर कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी सेवाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखें, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

पानी की समस्या पर CM साय ने लिया त्वरित एक्शन, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने आज सुबह नाला और ढोढ़ी के दूषित जल की मीडिया रिपोर्ट्स को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जमीन पर सुनिश्चित करना है.

पानी की किल्लत दूर करने हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, पंचायतों के लिए खुलेंगे जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट

भिवानी. जन स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में पहली बार पंचायतों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खाेलेगा। पंचायतों के खातों में बजट डाला जाएगा। गांव की पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए पंचायतों को ही आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। देखरेख से लेकर लाइनों की मरम्मत आदि का कार्य खुद पंचायत ही अपने स्तर पर करवाएंगी। गांव से पानी के बिल के रूप में जितनी राशि एकत्रित की जाएगी, उतनी राशि विभाग पंचायत के खाते में डालेगा। गांवों में पानी के बिल करोड़ों में बकाया है। ऐसे में बिलों की उगाही करने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी जा रही है ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। गांव की आधी आबादी बनेगी सहयोगी गांव की आधी आबादी को इस व्यवस्था को सुधारने में भागीदार बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं यह कार्य आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी इसे सार्थक कदम माना जा रहा है। गांव में 500 की आबादी पर एसएसजी की एक महिला होगी तैनात। ये महिला प्रतिदिन पानी के तीन सेंपल एकत्रित करेगी। प्रति सेंपल 10 रुपये उसे मिलेंगे। इसी प्रकार जो राशि बिल की एकत्रित की जाएगी उस पर उसे 10 प्रतिशत राशि मिलेगी। इस तरह से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी यह सार्थक पहल मानी जा रही है। योजना की खास बातें  प्रदेश की 6237 ग्राम पंचायतों में लागू होगी व्यवस्था पंचायतों के इंडियन बैंक में जीरो बैलेंस खाते खुलेंगे गांव की महिलाएं करेंगी पानी बिल वसूली वसूली राशि का 10 प्रतिशत महिलाओं को प्रोत्साहन रोज कम से कम तीन पानी के सैंपल लेने होंगे प्रति सैंपल 10 रुपये मिलेगा 500 की आबादी पर एक महिला की तैनाती होगी। स्वयं सहायता समूह की महिला का 12वीं पास होना जरूरी जितनी बिल वसूली, उतनी ही राशि विभाग पंचायत खाते में डालेगा सलाहकार अधिकारी अशोक भाटी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल व्यवस्था को केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं रखना चाहती। इसी सोच के तहत पंचायत आधारित मॉडल तैयार किया गया है। पंचायतें अपने स्तर पर बेहतर निगरानी कर सकती हैं। महिलाओं की भागीदारी से बिल वसूली, गुणवत्ता जांच और डिजिटल रिकार्ड व्यवस्था मजबूत होगी।

झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट: छोटी, रशीदा और श्वेता बनीं टॉपर, टॉप करने वाले लड़कों की भी सूची

रांची  झारखंड में 12वीं के छात्रों का अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार खत्म हो गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजे 6 मई, 2026 दिन बुधवार को जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में कुल 81,144 सफल रहे. वहीं, 85,104 छात्रों एग्जाम दिया था. इंटरमीडिएट के रिजल्ट में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है. मगर, छात्र भी पीछे नहीं रहे. लड़कियों के साथ लड़कों ने भी अपना परचम परीक्षा में लहराया है।  झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में बोकारो की छोटी कुमारी 478 नंबर के साथ आर्ट्स की टॉपर बनी. जबकि, दुमका के अंकित कुमार को दूसरा स्थान और सदमा रांची की अंशु कुमारी आर्ट में थर्ड टॉपर बनी. वहीं, कॉमर्स में रांची के छात्र-छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा।  कॉमर्स में 478 मार्क्स के साथ श्वेता प्रसाद साइंस में टॉप किया. कृष कुमार बरनवाल सेकंड टॉपर और प्रियांशी खत्री थर्ड टॉपर बनी.  श्वेता प्रसाद धुर्वा स्थित योगदान सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं. कृष कुमार बरनवाल बाल कृष्णा हाई स्कूल छात्र हैं. संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज चाईबासा की छात्रा प्रियांशी खत्री हैं।  अब बात करें साइंस में झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसने बाजी मारी, तो साइंस स्ट्रीम में धनबाद की रशीदा नाज ने पहला स्थान हासिल किया है. नाज ने 489 नंबर लाकर टॉप किया है. वह वह डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा हैं. वहीं, पाटन के रहने वाले फैजान आलम साइंस के सेकंड टॉपर बने हैं. उनको 483 अंक मिला है. 481 नंबर के साथ आकांक्षा कुमारी सिमरिया और सना आफरीन सतबरवा ने संयुक्त रूप से तीसरे स्थान हासिल किया है।  आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस: मिलिए झारखंड के स्टेट टॉपर्स से झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा में छोटी कुमारी, रशीदा नाज और श्वेता प्रसाद ने अपने-अपने स्ट्रीम में टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है।  साइंस स्ट्रीम (Science): धनबाद की रशीदा नाज़ ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया है. वो DAV +2 हाई स्कूल, पाथरडीह की छात्रा हैं।  आर्ट्स स्ट्रीम (Arts): बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. छोटी KN +2 हाई स्कूल, हरनाद की छात्रा हैं।  कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce): रांची की श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ राज्य में टॉप किया है. वे योगदा सत्संग इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं।  बेटियों का शानदार प्रदर्शन राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा है. आर्ट्स स्ट्रीम में जहाँ 96.68% छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का सफलता प्रतिशत 95.34% रहा. गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में छात्राओं का प्रदर्शन शत-प्रतिशत के करीब रहा है, जो राज्य में महिला शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है.  परीक्षार्थी अपना विस्तृत रिजल्ट DigiLocker के माध्यम से results.digilocker.gov.in पर देख सकते हैं.

पंजाब DGP ने संभाली जांच की कमान, अमृतसर धमाके में ISI एंगल पर शक

अमृतसर. पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के चलते पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज अमृतसर पहुंचे। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ISI का हो सकता है हाथः DGP डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि रात करीब 10:50 बजे धमाके की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। प्रारंभिक जांच के आधार पर डीजीपी ने संदेह जताया कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय प्रॉक्सी वॉर का सामना कर रहा है और ऐसी घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन द्वारा आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली गई है। CCTV फुटेज से कुछ मिले अहम सुराग  उन्होंने जानकारी दी कि जांच के लिए मल्टीपल टीमें काम कर रही हैं, जिनमें ह्यूमन इंटेलिजेंस, टेक्निकल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक टीमें शामिल हैं। शुरुआती तौर पर यह लो-इंटेंसिटी ब्लास्ट प्रतीत होता है और मौके से कुछ शार्पनल भी बरामद हुए हैं, जिससे IED के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। डीजीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मोबाइल फोन डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जालंधर में हुई घटना से इसका सीधा संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।

लेबर रजिस्ट्रेशन की झंझट खत्म, कारोबारियों को एक दिन में मिलेगा प्रमाणपत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ में व्यापार करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य के श्रम विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021’ में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। नए नियम के लागू होने से दुकान मालिकों को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलेगा। नई व्यवस्था में दुकानदारों को अपनी दुकान की ‘श्रम पहचान संख्या’ (लेबर रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यही नहीं यदि किसी दुकानदार को अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र में कोई बदलाव (जैसे- नियोजक या भागीदार का नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या कार्य का स्वरूप आदि) करना है, तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए मात्र 100 रुपये का संशोधन शुल्क तय किया गया है। आवेदन और शुल्क प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर ही नया संशोधित प्रमाण-पत्र भी ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा। श्रम विभाग के नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक दुकान और स्थापना के मालिक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह पंजीकरण प्रमाण-पत्र को दुकान के नाम के साथ अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करे। इसे ऐसे स्थान पर लगाया जाना चाहिए, जहां से यह आसानी से देखा और पढ़ा जा सके। तो दुकानदार की होगी पूरी जिम्मेदारी चूंकि यह नई डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह से स्वघोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) पर आधारित है, इसलिए विभाग ने कड़ा प्रावधान किया है। यदि आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज झूठे, त्रुटिपूर्ण या भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केवल दुकानदार की ही होगी। सरकार ने 30 दिनों के भीतर मांगे सुझाव राज्य शासन ने इस राजपत्र अधिसूचना का ड्राफ्ट जारी करते हुए आम जनता और इस नियम से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से आपत्तियां और सुझाव मंगाए गए हैं। अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर उप सचिव, श्रम विभाग, मंत्रालय के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। तय समय में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस तरह करना होगा आवेदन बताया गया है कि इसके लिए श्रम पहचान संख्या के लिए निर्धारित प्रारूप (फॉर्म-2) में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के महज 24 घंटे के भीतर वेबपोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाएगा। यह प्रमाण- पत्र स्वघोषणा पर आधारित और पूरी तरह से सिस्टम-जनरेटेड होगा, जिसमें किसी भी अधिकारी के फिजिकल हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।

पंजाब में धमाकों पर सियासत तेज, CM मान ने भाजपा को ठहराया माहौल बिगाड़ने का जिम्मेदार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में हाल ही में हुए बम धमाकों को लेकर विपक्ष पर हमला बोल दिया है। श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू करने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये धमाके भाजपा की चुनावी तैयारी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों में डर और तनाव का माहौल बनाकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा नेताओं ने खुद कहा था कि अब पंजाब की बारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का तरीका यही रहा है कि जहां चुनाव आते हैं, वहां पहले लोगों को आपस में लड़ाया जाता है और फिर डर का माहौल बनाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जाती है। छोटे-मोटे धमाकों से पंजाब डरने वाला नहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग समझदार हैं और छोटे-मोटे धमाकों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले भी कठिन और काले दौर देख चुका है, लेकिन यहां के लोगों ने हमेशा शांति और भाईचारे को बनाए रखा है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब एक शांतिप्रिय प्रदेश है और यहां नफरत की राजनीति सफल नहीं होगी। बेदअदबी पर सख्त हुई सरकार मुख्यमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून से भाजपा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बेअदबी की घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जाती थी, ताकि दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सके। लेकिन अब नए कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान होने के कारण ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने मोहाली में हुई बेअदबी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ नए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल पश्चिम बंगाल के चुनावों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वहां चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बेनर्जी की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि भाजपा ने 100 से अधिक सीटों में गड़बड़ी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी राजनीतिक दल की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, बल्कि स्थिति को स्पष्ट करते हुए लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा की ओर से भी इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। बीजेपी पर लगाए आरोप वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है. बंगाल चुनाव अब खत्म हो चुके हैं और अब वे कह रहे हैं कि पंजाब की बारी है. ये धमाके भाजपा की साजिश हैं. मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि इस तरह की हरकतें बंद करे. जहां-जहां भाजपा चुनाव लड़ना चाहती है, वहां इस तरह की घटनाएं होने लगती हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'क्या भाजपा ऐसे धमाकों के जरिए वोट लेना चाहती है? पंजाब में जो हो रहा है, वह भाजपा की तैयारी का हिस्सा है। शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को बताया राष्ट्र विरोधी शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में धमाकों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. शिरोमणि अकाली दल ने सीएम के बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया है. अकाली दल की ओर से कहा गया कि बिना किसी जांच के मुख्यमंत्री इस तरह का आरोप कैसे लगा सकते हैं. पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सीएम मान अपने इस बयान के जरिए राष्ट्रविरोधी तत्वों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं? अकाली दल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास किसी तरह की खुफिया या पुख्ता जानकारी है तो उसे सार्वजनिक करें और एजेंसियों के सामने रखें. पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में राजनीतिक आरोप लगाने से पंजाब का माहौल खराब हो सकता है. साथ ही अकाली दल ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बता दें कि जालंधर के बीएसएफ चौक पर बीएसएफ मुख्यालय पर भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ी एक स्कूटर में ब्लास्ट हुआ था. चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद स्कूटर में आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के कुछ घंटों बाद, मंगलवार देर रात अमृतसर के खासा इलाके में बीएसएफ ठिकानों के पास स्थित एक आर्मी कैंप के बाहर दूसरा धमाका हुआ. शुरुआती शक के आधार पर माना जा रहा है कि मोटरसाइकिल पर सवार किसी हमलावर ने कथित तौर पर उस जगह पर ग्रेनेड फेंका था. यह इलाका अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

मुख्यमंत्री साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल

मुख्यमंत्री  साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देश रायपुर पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली।    मुख्यमंत्री  साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री  फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

नूंह में भीषण एक्सीडेंट, यूपी पुलिस के 5 जवानों की मौत

नूंह   हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर  बड़ा हादसा हो गया, जिसमें यूपी पुलिस के पांच कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले पांचों पुलिसकर्मी यूपी के जालौन जिले में तैनात थे। यह घटना धुलावत टोल प्लाजा के पास हुई। पुलिस ने बताया कि पलवल की तरफ से आ रही काली एसयूवी का चालक एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रहे दूसरे वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद एसयूवी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें अंदर बैठे लोग फंस गए। ताऊरू सदर थाने के प्रभारी शीश राम यादव ने कहा, ''हादसे में मारे गए सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन में तैनात थे। हमने जालौन के एसपी को सूचना दे दी है।''पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि टक्कर की तेज आवाज और धूल के गुबार से सड़क पर घबराहट फैल गई। दूसरे वाहनों ने तुरंत बचाव के लिए ब्रेक लगाए और कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को एसयूवी से शव निकालने में काफी दिक्कत हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन से मिले पहचान पत्र के जरिए मृतकों की पहचान की गई।रेस्क्यू टीम को शव निकालते समय एक पुलिसकर्मी का आईडी कार्ड मिला, जिससे उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव के रूप में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त एसयूवी को एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।

डॉक्टर के पास मिले छिपे रिकॉर्ड, बटला हाउस और शाहीन बाग का लिंक; आगरा धर्मांतरण रैकेट में खुलासा

 आगरा आगरा के कथित धर्मांतरण रैकेट की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. आरोपियों से पूछताछ में बटला हाउस और शाहीन बाग तक जुड़े कनेक्शन के साथ फंडिंग नेटवर्क का सुराग मिला है, जबकि रिकॉर्ड एक डॉक्टर के यहां छिपाए जाने की बात भी सामने आई है. पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने इस मामले के चार आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए, जबकि रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग खारिज कर दी गई।  इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जाविश उर्फ जतिन और मौलाना हसन शामिल हैं. पुलिस ने रिमांड के दौरान इनसे पूछताछ की, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में फंडिंग और कथित ब्रेनवॉशिंग से जुड़े पहलुओं पर जानकारी मिली है।  पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुछ अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड दिल्ली के बटला हाउस इलाके में एक डॉक्टर के यहां छिपाए गए थे. इसके अलावा शाहीन बाग में लेन-देन से जुड़े दस्तावेज होने की बात भी सामने आई है. इन जानकारियों के आधार पर पुलिस अब संबंधित स्थानों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।  इस मामले में मुख्य सरगना अब्दुल रहमान और आयशा समेत कुल 14 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क है, जो विभिन्न स्तरों पर काम कर रहा था. जांच एजेंसियां अब इस रैकेट की फंडिंग के सोर्स और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में लगी हैं. साथ ही, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं. वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।