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परीक्षा के दबाव में बड़ा कदम: दौसा के छात्र की कोटा में हालत नाजुक

कोटा कोटा में नीट स्टूडेंट पु्ष्‍पेंद्र प्रजापत‍ि ने नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्‍या का प्रयास क‍िया. गंभीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है. वह दौसा का रहने वाला है. छात्र ने 3 मई को नीट का एग्जाम दिया था. परिजनों का कहना है क‍ि कम नंबर आने का अंदेशा होगा, इसल‍िए सुसाइड की कोश‍िश की. कुन्हाड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.   चौथी बार दिया नीट का एग्जाम पुष्पेंद्र प्रजापति के जीजा राहुल प्रजापति ने बताया कि पुष्पेंद्र ने चौथी बार नीट की परीक्षा दी है. इससे पहले उसका सिलेक्शन बीडीएस के लिए हो गया था, लेकिन कुछ विवाद होने के चलते इसने दोबारा से कोटा जाकर ऑनलाइन क्लास लेकर परीक्षा की तैयारी की, और एग्जाम दिया था. कम नंबर आने का अंदेशा रहा होगा, इसल‍िए ऐसा क‍िया. मकान मालिक को जैसे ही घटना का पता चला, उसने तुरंत अस्पताल पहुंचाया. 3 मेडिकल स्टोर से खरीदी 50 गोलियां छात्र के परिजन राहुल प्रजापति ने बताया कि जैसे ही हमें मकान मालिक से सूचना म‍िली. तुरंत दौसा से कोटा पहुंचे. मकान मालिक ने बताया कि उसने नींद की गोलियां अत्यधिक मात्रा में खा ली है. छात्रा से जो पूछताछ की, उसमें पता चला है कि 3 अलग-अलग मेडिकल स्टोर से इसने 50 टेबलेट खरीदी और सभी को खा लिया. छोटा भाई भी कर रहा नीट की तैयारी पुष्पेंद्र प्रजापति के पिता हरिराम चंडीगढ़ में फ्रूट्स का काम करते हैं. उनके दो बेटे हैं, पुष्पेंद्र बड़ा बेटा है, और छोटा बेटा जयपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है. पिता ने बताया कि फिलहाल उसने कोटा में कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं कर रखी है. इससे पहले वह कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था.सूचना मिलते ही अस्पताल भी कुन्हाड़ी थाना पुलिस पहुंची, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

विदेश से वापसी की कहानी: 2 साल पहले कनाडा गए युवक को किया Deport, खुलासा हैरान करेगा

चंडीगढ़. कनाडा में पंजाबी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे डिपोर्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार जबरन वसूली और फिरौती गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंजाब के युवक की फोटो जारी की है। आरोप है कि करीब 2 साल पहले कनाडा गया 20 वर्ष का प्रभजोत सिंह नामक युवक फिरौती मांगने के मामले में शामिल था। पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया था। कनाडा पुलिस का कहना है कि सरे सहित कई अन्य इलाकों में जबरन वसूली और फिरौती मांगने की घटनाए बढ़ रही है। इस संबंध में कार्रवाई के दौरान पुलिस को पता चला था कि प्रभजोत सिंह इन मामलों में शामिल है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और बाद में उसे डिपोर्ट कर दिया गया। वहीं, अब उसकी फोटो जारी कर लोगों से अपील की जा रही है कि अगर लोगों को उक्त युवक के बारे में जानकारी है तो वह बताएं ताकि मामले की जांच की जा सके।

श्रमिक के बिना कोई कार्य सफल नहीं: सांसद चिंतामणि महाराज

रायपुर जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन    सरगुजा जिले के श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उनके पंजीयन की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से आज अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने श्रमिकों के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन बिना श्रमिक के कोई कार्य सफल नहीं: सांसद  चिंतामणि महाराज      मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा सांसद  चिंतामणि महाराज ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, आज समाज का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जो श्रमिकों के बिना सफल हो सके। श्रमिकों के परिश्रम से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अंतिम पंक्ति के श्रमिक का भी पंजीयन सुनिश्चित हो सके। श्रम का सम्मान और आत्मनिर्भरता      कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज ने कहा कि हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में श्रमिक है और परिश्रम ही परिवार के भरण-पोषण का आधार है। उन्होंने श्रमिक पंजीयन कर योजनाओं का लाभ लेने उपस्थित श्रमिक जनों को प्रोत्साहित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर ने विकासखंड से आए श्रमिकों से कहा कि शासन आपके हितों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है जिससे हर वर्ग के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ मिले। आप सभी श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेकर योजना का लाभ ले।       नगर निगम अंबिकापुर महापौर मती मंजूषा भगत ने कहा कि शासन द्वारा नारी शक्ति के सम्मान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। महिलाएं आत्मनिर्भर बने शासन की मंशा है। उन्होंने श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों को प्रेरित किया। जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को चेक का किया वितरण एवं परोसा भोजन      कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा चेक वितरण कर सम्मानित किया गया। जब उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्वयं अपने हाथों से श्रमिकों को भोजन परोसा। इस दौरान श्रमिकों ने अनुशासन का परिचय देते हुए कतारबद्ध होकर अपनी-अपनी बारी में शांतिपूर्वक भोजन लिया। पंजीयन ही योजनाओं का द्वार: श्रम पदाधिकारी      सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रम पदाधिकारी  नीतेश विश्वकर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मगार राज्य समाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना,मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना,मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल श्रमिकों को जोर देते हुए कहा कि इन हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिक पंजीयन कराएं और योजनाओं का लाभ लें। सम्मेलन में पार्षद  आलोक दुबे एवं दीपक यादव एवं जनप्रतिनिधियों सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक, श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

कम समय में शहर को मिलेगी सघन हरियाली

रायपुर बिलासपुर की लाइफलाइन अरपा के तट पर उगेगा मियावाकी जंगल छत्तीसगढ़ के वन मंत्री  केदार कश्यप के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिलासपुर शहर में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र  को विस्तार देने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम (कोटा परियोजना मण्डल) द्वारा साउथ ईस्ट कोल फिल्ड लिमिटेड बिलासपुर के सहयोग से अरपा नदी के तट पर मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। बिलासपुर की लाइफलाइन अरपा के तट पर उगेगा मियावाकी जंगल परियोजना की मुख्य विशेषताएं कमिश्नर कार्यालय (कोनी) के पीछे, अरपा नदी तट लगभग 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में 15,000 पौधों का रोपण किया जाएगा। जमीन में एक मीटर गहरी खाई (ट्रेंच) खोदकर उपजाऊ मिट्टी के साथ पौधों का सघन रोपण। क्या है मियावाकी पद्धति? यह एक आधुनिक जापानी तकनीक है जो शहरी क्षेत्रों के लिए वरदान मानी जाती है। इसकी विशेषताएं हैं कि तीव्र विकास वाले पौधे सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं। यह सामान्य वनों की तुलना में 30 गुना अधिक सघन होते हैं। कम स्थान में अधिक प्रजातियों के पौधे होने से जैव विविधता में कई गुना वृद्धि होती है। सफलता का पिछला रिकॉर्ड उल्लेखनीय है कि वन विकास निगम इससे पहले भी बिलासपुर में एन टी पी सी सीपत के सहयोग से 94 हजार पौधों का मियावाकी वन सफलतापूर्वक विकसित कर चुका है। अरपा तट पर हो रही यह नई पहल न केवल शहर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होगी, बल्कि निवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगी।

सरकारी जमीन को लेकर श्योपुर में हिंसा: दो गुटों में भिड़ंत, कुल्हाड़ी से वार में 24 जख्मी

श्योपुर/वीरपुर. सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात वीरपुर थाना क्षेत्र के नेहलापुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। रावत और जाटव समाज के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला किया। इतना ही नहीं, पथराव भी हुआ जिससे हालात और बिगड़ गए। इस हिंसा में कुल 24 लोग घायल हो गए, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। लंबे समय से चल रहा था विवाद जानकारी के अनुसार, नेहलापुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने सोमवार रात उग्र रूप ले लिया और दोनों गुट आमने-सामने आ गए। प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन संबंधित अधिकारी समय रहते कार्रवाई नहीं करते। हल्का पटवारी से लेकर तहसील स्तर तक ढिलाई के कारण इलाके में सरकारी जमीनों पर कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। वीरपुर क्षेत्र में कई कीमती जमीनें दबंगों के कब्जे में होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी मामले में वीरपुर पुलिस कार्रवाई कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में महाराज सिंह बघेल ने बताया कि जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों में संघर्ष हुआ है। इसमें कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: आवासीय और औद्योगिक जमीन की कीमतों में इजाफा

नोएडा नोएडा ने जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय, संस्थागत, औद्योगिक आदि संपत्तियों की आवंटन दरें 11 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है। नई दरें एक-दो दिन में लागू हो जाएंगी। बीते वर्षों में आवासीय आदि संपत्तियों में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होते आ रही थी। इस बार सबसे अधिक वृद्धि करने की तैयारी है। नोएडा में हर साल संपत्ति महंगी होती जा रही है। शहर में मध्यम वर्ग के लोगों के लिए संपत्ति खरीदना सपने जैसा होता जा रहा है। मांग अधिक होने की वजह से प्राधिकरण भी आवंटन दरें हर वर्ष बढ़ा रहा है। इसी क्रम में अब आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग आदि संपत्ति की आवंटन दरों में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। नई दरों को लेकर कार्यालय आदेश इसी सप्ताह जारी हो जाएगा। ऐसे में कुछ दिन बाद से प्राधिकरण संपत्तियों का आवंटन नई दरों के हिसाब से करेगा। आवंटन रेट बढ़ने का असर प्राधिकरण में हस्तांतरण होने वाली संपत्ति के शुल्क पर भी पड़ेगा। यह शुल्क भी महंगा हो जाएगा। गौरतलब है कि इस महीने ग्रेटर नोएडा ने भी संपत्ति की दरों में करीब साढ़े तीन प्रतिशत बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण की ओर से कराए कराने वाले काम पर खर्च यानि कोस्टिंग चार्ज अधिक आने की वजह से इस बार अधिक प्रतिशत में संपत्ति की दरें बढ़ाने का निर्णय गया है। औद्योगिक संपत्तियों में भी 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। फेज-1 में चार हजार वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंड का आवंटन रेट 55,880 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। फेज-2 में 60 हजार वर्ग मीटर से बड़े भूखंड का शुल्क 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है। व्यावसायिक संपत्तियों के दाम नहीं बढ़ेंगे प्राधिकरण की हर श्रेणी की संपत्ति बिक रही है। खरीदार आरक्षित मूल्य से कई गुना अधिक बोली लगाकर उसको प्राप्त कर रहे हैं। इन सबके बीच व्यावासयिक संपत्ति खरीदने के लिए खरीदार आगे नहीं आ रहे। इस वजह से प्राधिकरण ने इस बार भी व्यावसायिक संपत्ति की दरों में कोई इजाफा नहीं करने का निर्णय लिया है। आवासीय श्रेणी की आवंटन दरें श्रेणी    वर्तमान दरें    प्रस्तावित दरें ए प्लस    175000    175000 ए    132860                  147480 बी    92620                  102810 सी    67440                   74860 डी    56370                   62570 ई    51000                  56610         नोट- दरें रुपये प्रतिवर्ग मीटर आवासीय श्रेणी के हिसाब से सेक्टर ● सी: 42, 43,45,63ए, 104, 107, 110,118,119, 120,121, 128, 129,130, 131,133,134, 135,137, 143,143बी,144,151,168 ● डी: 86,112,113, 116,117 ● ई: 102,115,158,162 ● ए प्लस: सेक्टर-14ए, 15ए 44 (ब्लॉक ए और बी) ● ए: 14,17,19,30,35,36,39, 44,47,50,51,52,93,93ए,93बी ● बी: 11,12,15,20,21,22,23, 25 से 29,31,33,34,37,40,41, 46, 48, 49,53,55,56,61,62, 70,78,82,92,96 से 100,105, 108,122

सवाई माधोपुर में खौफ का माहौल: गांवों तक पहुंचा केपी-2 चीता

रणथंभौर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खौफनाक स्थिति का गवाह बन गया है. एक साथ तीन खूंखार 'शिकारी' बाघ, तेंदुआ और चीता घूमते नजर आ रहे हैं. करीब 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के कुनो से भटककर आया केपी-2 चीता अब गांवों में भी भटकता दिख रहा है. इससे रणथंभौर से सटे गांवों में दहशत है. जोन 8, 9 और 10 में चीते का मूवमेंट नजर आने के साथ ही आबादी क्षेत्रों में भी दस्तक है. जानकारी के अनुसार, यह चीता सबसे पहले रणथंभौर की पालीघाट रेंज के पास देखा गया था. इसके बाद यह अलग-अलग जोन और गांवों के आसपास घूमता रहा है. फिलहाल इसका मूवमेंट जोन 10 और आसपास के इलाकों में बना हुआ है. खेती-किसानी प्रभावित, फसलें सूखने लगी जिले के कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा गांवों में इस चीते की मौजूदगी ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है. यहां अमरूदों के बगीचे में पिछले कई दिनों से चीते की आवाजाही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं. खेती-किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गर्मी की फसलें सूखने लगी हैं, क्योंकि सिंचाई और देखभाल नहीं हो पा रही है. बच्चों को लेकर परिवार चिंतित चीता पालतू पशुओं का भी शिकार कर चुका है. इससे कई गांव में डर और गहरा हो गया है. किसी अनहोनी की आशंका से दहशत में रह रहे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. किसानों की चिंता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा है. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हीं इलाकों में चीते का मूवमेंट बना हुआ है. ऐसे में कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और परिवारों ने उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत दी है. ग्रामीण बोले- मॉनिटरिंग काफी नहीं वन विभाग की टीमें लगातार चीते की निगरानी कर रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निगरानी से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने वन अधिकारियों से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है.

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन के लिए राहत का माध्यम, मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए भरोसे और राहत का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाते हुए समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सरखों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। शिविर में ग्राम बनारी निवासी  मोहनलाल अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने किसान किताब से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया, जो उनके कृषि कार्यों के लिए आवश्यक था।  आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही उन्हें नई किसान किताब प्रदान कर दी। समस्या का तत्काल समाधान मिलने से  मोहनलाल के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से उनकी समस्या कुछ ही समय में हल हो गई। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर को जनहितकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

चार राज्यों की जीत के बाद BJP का फोकस अब झारखंड पर

 दुमका  देश के 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा की नजर झारखंड पर है। आने वाले समय में भाजपा अन्य राज्यों की तरह यहां भी सरकार बनाने का प्रयास करेगी। यह बात भाजपा के सारठ से पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने सोमवार को अदालत से बरी होने के बाद कही। उन्होंने कहा कि असम में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा तीसरी बार सत्ता संभालने जा रही है। पांडिचेरी में वापसी की है। ओडिशा में भाजपा सत्ता में आ गई। बंगाल में 15 साल के बाद भाजपा सत्ता में आई है। बिहार में तो पहले ही सरकार अब बन गई। इन विधानसभा चुनाव के नतीजे तो केवल झांकी है, झारखंड अब बाकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में 2021 में ही भाजपा सत्ता में आ जाती। आज केंद्रीय बल ने जिस तरह से जनता को भय मुक्त होकर मतदान का माहौल दिया, अगर पांच साल पहले ऐसा माहौल मिल जाता तो दूसरी बार भाजपा की सरकार बनती। लोगों ने भय मुक्त होकर वोटिंग की और घरों से बाहर निकलने का साहस किया। वहां के मतदाताओं का ही प्रयास है कि पहली बार भाजपा सरकार सत्ता में आई है। अब बंगाल का विकास होगा और बांग्ला देशी से लगने वाली सीमाओं की घेराबंदी की जाएगी। यह वीडियो भी देखें बांग्लादेशी घुसपैठिया को बाहर का रास्ता दिखाकर सभी धर्म के लोगों के साथ मिलकर इसे विकसित राज्य बनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल की गिनती अब विकसित राज्यों की श्रेणी में होगी। राज्य में SIR पर रहेगी नजर : प्रदीप कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने बंगाल की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन किसी पार्टी के एजेंट के रूप में काम करता है तो वहां न्याय बहुत मुश्किल है। हमने जिनके हाथ में न्याय की बागडोर दी है, अगर वहीं एकतरफा होकर काम करने लगे तो हमें यहां आकर सोचना, लगता है कि पागलपन है। कांग्रेस राज्य के SIR पर कमर कसे हुए है। हम हर बूथ पर अपने एजेंट देंगे। प्रयास करेंगे कि किसी का नाम कटे और छटे नहीं। चार राज्यों में भाजपा को मिली जीत का असर झारखंड में नहीं पड़ेगा, लेकिन यह तो वक्त बताएगा। एक सवाल पर कहा कि अगर भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आती तो बधाई क्या मिठाई तक खिला देते। लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बधाई देने का मतलब है कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। यह तो मानव हिंसा से बड़ी हिंसा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिस तरह से लोकतंत्र व संविधान बचाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे लगता है कि यहां की जनता उनका साथ देगी। हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। सत्य की जीत होकर रहेगी।