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“गोलू और पानी की बूँद: एक छोटी सोच से बड़ी बदलाव की कहानी”

बिलासपुर जल संरक्षण आज के समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रस्तुत लेख इसी विषय पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी “गोलू और पानी की बूँद ” को दर्शाता है। गोलू कक्षा पाँचवीं में पढ़ता था। उसे नल खोलकर ब्रश करना और बाल्टी भर-भरकर पौधों में पानी डालना बहुत अच्छा लगता था। एक दिन स्कूल से आकर उसने देखा कि घर के बाहर नल खुला है और पानी बेकार बह रहा है। उसने सोचा, "थोड़े से पानी से क्या होगा?" और अंदर चला गया रात को गोलू को एक सपना आया। एक छोटी सी पानी की बूँद रो रही थी। गोलू ने पूछा, "तुम क्यों रो रही हो?"बूँद बोली, "गोलू, मैं धरती की आखिरी बूँद हूँ। सब लोग मुझे बर्बाद कर रहे हैं। अगर मैं भी खत्म हो गई तो पेड़-पौधे सूख जाएँगे, जानवर प्यासे मर जाएँगे और तुम्हें पीने को पानी नहीं मिलेगा। धरती बंजर हो जाएगी।"गोलू डरकर उठ गया। सुबह होते ही वह दौड़कर बाहर गया और नल को कसकर बंद कर दिया।उस दिन से गोलू बदल गया। वह मग से ब्रश करता, नहाने के लिए बाल्टी का इस्तेमाल करता और मम्मी को भी  आरोह  का बचा हुआ पानी पौधों में डालने को कहता। स्कूल में उसने दोस्तों को भी समझाया।धीरे-धीरे पूरी सोसाइटी ने पानी बचाना शुरू कर दिया। बारिश का पानी इकट्ठा करके बगीचे में लगाने लगे। कुछ महीनों बाद गोलू की सोसाइटी सबसे हरी-भरी दिखती थी क्योंकि सबने पानी की कीमत समझ ली थी।  

छह लाख की हेरोइन बरामद, गुप्त सूचना पर पुलिस ने दबोचा नशा तस्कर

 यमुनानगर जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब छह लाख रुपये कीमत की 126 ग्राम हेरोइन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है। अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स  सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गड़ी रोड, हमीदा के पास एक युवक खाली प्लॉट में नशीले पदार्थ बेचने का काम करता है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई सूचना के आधार पर इंचार्ज अनिल कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक सतीश कुमार, नवीन, एएसआई जसवीर सिंह, जयपाल, अमित और ललित की टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवक को काबू कर लिया। तलाशी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार साढौरा कुलदीप सिंह को मौके पर बुलाया गया। तलाशी के दौरान युवक के पास से 126 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी की पहचान पुराना हमीदा निवासी समीर पुत्र गुलजार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कर रही जांच इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह किस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है तथा किन-किन क्षेत्रों में नशीले पदार्थ की सप्लाई करता था। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

श्रीकांत वर्मा मार्ग,तालापारा,मगरपारा और हंसा विहार में जल भराव से मिलेगी से मुक्ति

बिलासपुर  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  अरूण साव की पहल पर शहर के प्रमुख क्षेत्र में जल भराव की समस्या से निजात मिलने वाली है। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर को एक बड़ी सौगात देते हुए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर के आधुनिक आरसीसी बॉक्स नाले का निर्माण किया जाएगा। इस नाले की मांग बहुत पुरानी थी,जिसके बन जाने से शहर के एक प्रमुख क्षेत्र में बारिश के दिनों में होने वाली जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। नाला निर्माण के बाद शहर के कांत वर्मा मार्ग, तालापारा मगरपारा और हंसा विहार जहां हर साल जल भराव होता हैं,उससे राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री  अरुण साव के सतत प्रयासों और प्रभावी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप बिलासपुर शहर को जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम बिलासपुर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  अरुण साव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदान की गई है, जिनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उनके निर्देशन में नगरीय निकायों की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के मार्गदर्शन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल एवं विभागीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जियोटैग्ड फोटोग्राफी को अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कहा कि यह परियोजना बिलासपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव के नेतृत्व में राज्य में शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की योजनाओं से न केवल शहरों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। “शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। बिलासपुर में आरसीसी बॉक्स नाला निर्माण जैसी परियोजनाएं नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।"  

जालौन में भीषण एक्सीडेंट, 7 की मौत, 3 की हालत नाज़ुक

जालौन जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है।, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शिवानंद की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।   हादसे के बाद मची चीख-पुकार कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में आमजन को तत्काल मदद उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ समेत प्रदेश के कई जनपदों में हुई आंधी-बारिश व विपरीत मौसम की स्थितियों को देखते आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को लेकर प्रशासन को निर्देश दिए हैं। सीएम ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो।  मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके।

मेरिट सूची में शामिल बेटियों का कलेक्टर ने किया सम्मान

महासमुंद. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम में महासमुंद जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले की 8 छात्राओं तथा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 4 छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-टेन सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज छात्राओं और उनके पालको को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने छात्राओं को गुलाब पुष्प, शॉल एवं स्मृति शील्ड भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान कर उनकी सकारात्मक भूमिका की प्रशंसा की। कलेक्टर लंगेह ने छात्राओं से आत्मीय बातचीत करते हुए कहा कि यह सफलता आपकी प्रतिभा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। छात्राओं की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, विद्यालय और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने बालिकाओं द्वारा पूछे गए सवालों का क्रमशः जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 12वीं के पश्चात स्नातक परीक्षा आवश्यक है। साथ -साथ अपने विशेष लक्ष्य की तैयारी करते रहे। छात्राओं ने सिविल सर्विसेस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर कक्षा 10वीं की टॉपर छात्राओं में एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. संध्या नायक ने कहा कि वे सीजीपीएससी के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है। एकलव्य इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल बलोदा की कु. परीरानी प्रधान ने मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई। एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. रानू सिद्धीमयी साहू, कु. रेणुका प्रधान, कु. चाहत चौधरी, कु. तिषा साहू, कु. भारती चंद्रा एवं कु. लता चौधरी ने अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई कर कैरियर संवारना चाहती है। वहीं कक्षा 12वीं की टॉपर छात्राओं में के.जी. कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल सरायपाली की कु. शहनाज परवीन एवं के.पी.आई. हायर सेकेण्डरी स्कूल चट्टीगिरोला सरायपाली की कु. गीतिका प्रधान  ने कहा कि वे आई.ए.एस. की तैयारी करना चाहती है। इसी तरह सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल बागबाहरा की कु. पौर्वी देवांगन तथा एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की कु. दिव्या अग्रवाल ने भी अपने अनुभव बताएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, सहायक संचालक नंदकुमार सिन्हा, शिक्षा विभाग के शिक्षकगण एवं छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं हेतु जिले से कुल 12 हजार 851 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12 हजार 663 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 79.35 प्रतिशत रहा। इसी तरह कक्षा 12वीं में जिले से कुल 10 हजार 664 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 10 हजार 579 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 80.89 प्रतिशत दर्ज किया गया।

बिहार TRE-3: 10 उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी, कई जिलों में मिली पोस्टिंग

पटना Bihar Public Service Commission ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में परिणाम जारी किए गए। टीआरई-3 के 10 अभ्यर्थियों का रिजल्ट घोषित हुआ। लंबे समय से लंबित मामला अब आगे बढ़ा है। किन-किन अभ्यर्थियों का हुआ चयन जारी परिणाम में वर्ग 1 से 5 के 8 अभ्यर्थी शामिल हैं। वर्ग 6 से 8 सामाजिक विज्ञान के 2 अभ्यर्थी भी सफल हुए। ये सभी अभ्यर्थी पहले से रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब इनके चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इन जिलों में मिली नियुक्ति चयनित अभ्यर्थियों को अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग दी गई है। नवादा, समस्तीपुर, खगड़िया और कैमूर शामिल हैं। इसके अलावा शेखपुरा, मुंगेर, बांका और अररिया में भी नियुक्ति हुई। शिक्षा विभाग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है। TRE 3.0 परीक्षा से जुड़ा मामला यह पूरा मामला विज्ञापन संख्या 22/2024 से संबंधित है। विद्यालय अध्यापक प्रतियोगिता परीक्षा (TRE 3.0) के तहत चयन हुआ। सभी विषयों के रिजल्ट पहले ही जारी किए जा चुके थे। सफल अभ्यर्थियों की सूची विभाग को भेजी गई थी। आर्थिक अपराध इकाई की जांच का असर Economic Offences Unit Bihar ने परीक्षा में गड़बड़ी का मामला दर्ज किया था। कांड संख्या 06/2024 के तहत जांच शुरू हुई थी। कुछ अभ्यर्थियों को इस मामले में आरोपी बनाया गया। इस कारण उनका रिजल्ट रोक दिया गया था। सील्ड कवर में रखे गए थे रिजल्ट जिन अभ्यर्थियों पर आरोप थे, उनके परिणाम सील्ड कवर में रखे गए। आयोग ने हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला दिया था। अन्य अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। विवादित अभ्यर्थियों का मामला अलग रखा गया। अब आगे क्या होगा? हाईकोर्ट में मामले के निष्पादन के बाद ही आगे फैसला होगा। सील्ड कवर वाले रिजल्ट तभी सार्वजनिक किए जाएंगे। फिलहाल 10 अभ्यर्थियों को राहत मिली है। आयोग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। उम्मीदवारों के लिए अहम संदेश इस फैसले से अन्य अभ्यर्थियों को भी उम्मीद मिली है। लंबित मामलों में धीरे-धीरे समाधान निकल रहा है। पारदर्शिता बनाए रखने पर आयोग का जोर है। आने वाले समय में और अपडेट संभव हैं।  

प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश

रायपुर. कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेशमुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की। इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं। मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके। मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।

संजय सरावगी की नई टीम में महिलाओं को मिलेगा अधिक प्रतिनिधित्व, जमीनी कार्यकर्ताओं पर जोर

पटना  सम्राट कैबिनेट विस्तार के उपरांत बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की प्रदेश संगठन की घोषणा का खाका भी तैयार है। पार्टी की ओर से पहली बार प्रदेश संगठन में 33 प्रतिशत महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की पहल की जा रही है। अहम यह है कि महिलाओं में किसी सांसद, विधायक या विधान पार्षद की जगह कार्यकर्ता को प्राथमिकता देने की नीति पर पार्टी का विशेष बल है। ऐसे में यह संभावना प्रबल हो गई है कि वर्तमान प्रदेश संगठन में कार्यरत आठ से बढ़कर महिलाओं का प्रतिनिधित्व 12 से 14 हो जाएगा। नेतृत्व की ओर से पार्टी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी अंतिम चरण में है। संगठन की नई टीम की घोषणा को लेकर गहन मंथन चल रहा है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को संगठनात्मक ढांचे में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत सरावगी टीम में महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति पर जोर दिया जा रहा है। यह भी स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि महिला प्रतिनिधित्व के मामले में केवल सांसद, विधायक या विधान पार्षद जैसे जनप्रतिनिधियों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा। बड़े बदलाव की पहल संगठन के अंदर यह पहल एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। अब तक प्रदेश स्तर पर महिलाओं की सहभागिता सीमित मानी जाती रही है, लेकिन नए प्रयोग के जरिए पार्टी महिला नेतृत्व को मजबूत आधार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इससे न केवल संगठन का विस्तार होगा, बल्कि बूथ स्तर तक महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी बढ़ेगी।वरिष्ठ नेताओं की मानें तो सरावगी की टीम में युवा एवं अनुभवी नेताओं का संतुलन भी देखने को मिलेगा। लगभग 50 प्रतिशत नए चेहरों को मौका देने की तैयारी है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके। इसके साथ ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो। महिला मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ की कोशिश महिलाओं को संगठन में अधिक भागीदारी देने से भाजपा सामाजिक समीकरणों को साधने के साथ-साथ महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजरें सरावगी कैबिनेट और प्रदेश संगठन की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यह टीम भाजपा के लिए आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी और संगठन को नई दिशा देने का काम करेगी। वर्तमान में किस पद पर कौन महिला प्रदेश में संगठन में वर्तमान में छह महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर चार महिलाएं हैं। इसमें सबसे वरिष्ठ अमृता भूषण के अतिरिक्त धर्मशीला गुप्ता, ललिता कुशवाहा एवं अनामिका पासवान नाम है। जबकि प्रदेश महामंत्री पद पर लाजवंती झा हैं। इसके अतिरिक्त मंत्री का दायित्व रीता शर्मा, शोभा सिंह एवं पूनम रविदास संभाल रही हैं।

पटना में गैस संकट का असर, लिट्टी-चाय से लेकर समोसा तक हुआ महंगा

 पटना व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 994 रुपये की भारी बढ़ोतरी का असर अब राजधानी के बाजार में साफ दिखने लगा है। होटल-रेस्टोरेंट से लेकर चाय-नाश्ते की दुकानों और स्ट्रीट फूड तक, हर जगह लागत बढ़ने का दबाव महसूस किया जा रहा है। स्थिति यह है कि लिट्टी, चाय एवं समोसा के कीमत भी बढ़े है। गैस आपूर्ति में कमी और कीमतों में उछाल ने कारोबारियों को वैकल्पिक ईंधन कोयला और लकड़ी की ओर धकेल दिया है, इससे खान-पान की कीमतों में बढ़ोतरी होने लगे है। स्ट्रीट फूड की कीमतों में पांच से 10 रुपये तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 40-45 रुपये मिलने वाला एग राल 50-60 रुपये, 12 रुपये का समोसा 15-18 रुपये मिलने लगा है। 10 रुपये ग्लास वाली चाय की कीमत 12 से 15 रुपये तक पहुंच गई है। बाजार में मार्च के पहले सप्ताह से ही व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित है। पहले जहां शहर में हर दिन करीब पांच हजार सिलेंडर आपूर्ति दिए जाते थे, यह आंकड़ा तीन हजार के पास पहुंची है। अभी लग्न या कार्यक्रम को लेकर कार्ड के साथ आवेदन देने पड़ रहे है। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में करीब 30 प्रतिशत की कमी के चलते होटल-रेस्टोरेंट को लकड़ी-कोयले की भट्टी या इंडक्शन जैसे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। लेकिन यह विकल्प भी सस्ता नहीं पड़ रहा। कोयला का दाम 20 रुपये बढ़ा कोयले की कीमतों में अचानक उछाल आया है। पहले 18 से 20 रुपये किलो मिलने वाला कोयला अब 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले के दाम इससे भी ज्यादा हैं। लकड़ी के कोयले की कीमत 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है। राजीवनगर के दुकानदार संजय ने बताया कि अब कोयला का आर्डर भी पहले देना पड़ रहा है। इसके बाद थोक व्यापारियों की ओर से आपूर्ति किया जाता है। कैटरिंग कारोबारी जैनेंद्र सिंह बताते है कि पहले कोयला वाला चूल्हा का उपयोग शाही या अन्य कार्यक्रम में नहीं होते थे, लेकिन इसकी उपयोगिता अब बढ़ी है। इसके दाम भी बढ़ने से आयोजन का बजट भी बढ़ने लगा है। एक सप्ताह में कीमतों को तेजी से दिखेगी वृद्धि बिहार राज्य व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि कमर्शियल गैस में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी बीते वर्षों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। इसका सीधा असर खान-पान की वस्तुओं पर पड़ेगा। आने वाले एक सप्ताह में खाद्य सामग्री की कीमतों में और तेजी देखने को मिलेगा। खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम से कम 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। यह इजाफा खासकर मिठाइयों, रेस्टोरेंट के मेन्यू, हास्टल मेस और स्ट्रीट फूड हर जगह कीमतों में इजाफा दिख सकता है। हालांकि कई कारोबारियों ने फिलहाल कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन वे भी मानते हैं कि लंबे समय तक ऐसा संभव नहीं होगा। इसका असर सभी सेक्टर पर देखने को मिलेगा।