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ED रेड से हड़कंप: 13 ठिकानों पर छापेमारी, कैश-गोल्ड के साथ अहम दस्तावेज बरामद

रायपुर. छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने एक साथ कई शहरों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह कार्रवाई उस संगठित शराब घोटाले की जांच का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी स्तर पर बड़े नामों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है. ED ने 30 अप्रैल 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत एक साथ तलाशी अभियान चलाया. रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 परिसरों पर छापे मारे गए. ये ठिकाने शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कुछ कॉरपोरेट संस्थाओं से जुड़े थे, जिन पर घोटाले की काली कमाई को छिपाने और घुमाने का शक है. नकदी और सोने की बड़ी जब्ती तलाशी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान हाथ लगा. टीम ने 53 लाख रुपये नकद और करीब 3.234 किलो सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है. इस तरह कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. EOW‑ACB की FIR से शुरू हुई ED जांच छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED ने PMLA के तहत शुरू की है. यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर चल रही है. जांच में सामने आया कि घोटाले की पूरी योजना पहले से तय और व्यवस्थित तरीके से बनाई गई थी. राजनीति, अफसर और शराब कारोबारी शामिल ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब निर्माता, FL‑10A लाइसेंसधारी और उनके करीबी लोग शामिल हैं. आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंस और बिक्री के दौरान अवैध कमीशन वसूला गया. EOW/ACB की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है. अब तक 9 गिरफ्तारियां जांच के दौरान ED अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव जैसे बड़े नाम शामिल हैं. एजेंसी कई और कड़ियों की जांच कर रही है. 380 करोड़ की संपत्तियां कुर्क ED ने अब तक PMLA की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. इनके जरिए लगभग 380 करोड़ रुपये की चल‑अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. इनमें मकान, व्यावसायिक संपत्ति, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं, जो आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं के नाम पर दर्ज बताए जा रहे हैं. कई मामलों में PMLA की निर्णायक प्राधिकरण ने कुर्की को मंजूरी भी दे दी है. अदालत में चल रहा मामला ED अब तक रायपुर स्थित PMLA की विशेष अदालत में छह अभियोजन शिकायतें दाखिल कर चुकी है. इनमें 81 आरोपी व्यक्ति और संस्थाएं नामजद हैं. यह मामला विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है.

बीजेपी कार्यसमिति में बड़ा बदलाव, 106 सदस्य तय, क्षेत्रीय-जातीय संतुलन बनाने की चुनौती

भोपाल  बीजेपी की प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक से पहले संगठन में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस बार कार्यसमिति का आकार काफी छोटा किया जा रहा है, जिससे नए और पुराने नेताओं के बीच संतुलन बैठाना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन गया है। ओरछा में इसी महीने प्रस्तावित बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक से पहले संगठन में सदस्यों के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी संविधान के अनुसार कार्यसमिति को सीमित करते हुए केवल 106 सदस्यों तक रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या भी कुल का अधिकतम 30 प्रतिशत रखने का फार्मूला तय किया गया है। यानी ऐसे सदस्यों की संख्या 32 से अधिक नहीं होगी। यह बदलाव पिछले कार्यकालों की तुलना में बड़ा माना जा रहा है। दरअसल, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों वीडी शर्मा, नंदकुमार सिंह चौहान और राकेश सिंह के समय कार्यसमिति का आकार लगातार बढ़ता गया था। खासकर वीडी शर्मा के कार्यकाल तक आते-आते कार्यसमिति, स्थायी आमंत्रित और विशेष आमंत्रित मिलाकर कुल 463 सदस्यों की हो गई थी। जिलों का प्रतिनिधित्व बना मुश्किल प्रदेश में बीजेपी के 62 संगठनात्मक जिले हैं। ऐसे में 106 सदस्यों की सीमा के चलते एक जिले से दो प्रतिनिधि भी शामिल करना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि वरिष्ठ नेताओं को नामों के चयन में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौजूदा कार्यसमिति की स्थिति:     प्रदेश कार्यसमिति सदस्य: 187     स्थायी आमंत्रित सदस्य: 52     विशेष आमंत्रित सदस्य: 224     कुल सदस्य: 463 क्षेत्रीय, जातीय संतुलन बड़ी चुनौती नई कार्यसमिति में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाएगा। साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। बड़े शहरों का दबदबा इस बार कार्यसमिति का आकार छोटा होने से इन जिलों का प्रतिनिधित्व भी घट सकता है, जिससे संगठन में नई राजनीतिक समीकरण बनते नजर आएंगे। मौजूदा कार्यसमिति में बड़े शहरों का प्रभाव ज्यादा है। प्रमुख जिलों में सदस्य संख्या ये है –     भोपाल: 19     इंदौर: 17     ग्वालियर: 15     सागर: 10     जबलपुर: 9     सतना: 8     सिंगरौली: 7     छतरपुर: 6     नरसिंहपुर: 5     बालाघाट: 5 .

मेधावी विद्यार्थियों को CM साय की सीख: सपनों को लक्ष्य बनाकर करें निरंतर प्रयास, बलरामपुर में सम्मान समारोह

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है। बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसर इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्रीकृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

निलंबन और पदोन्नति रोकने के आरोपों पर उबाल, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग तेज

लखनऊ बिजली विभाग में दलित अभियंताओं पर कार्रवाई से उबाल है। पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि अगर एकतरफा कार्रवाई पर दलित अभियंताओं को जल्द न्याय नहीं मिलता तो इस मसले पर आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन की होगी। एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की आपात बैठक रविवार को फील्ड हॉस्टल में हुर्ह। संगठन ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने कहा कि अगर उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि दलित अभियंताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अभियंताओं पर कार्रवाई न केवल सेवा नियमों के विपरीत हैं बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत भी। एसोसिएशन ने अभियंताओं पर निलंबन, पदोन्नति रोके जाने और अनुचित दंड के आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी कहा कि ज्यादातर मामलों में अभियंताओं को राहत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। बैठक में एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष नेकीराम, पीएम प्रभाकर अतिरिक्त महासचिव , अजय कुमार (ट्रांसको), अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा, अजय कुमार आदि उपस्थित रहे। इनपर अनुचित कार्रवाई का आरोप -नेकीराम (अधीक्षण अभियंता) को मात्र 6 दिन की तैनाती के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देकर मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नति रोक दी गई। -पूरन चंद (अधीक्षण अभियंता) व नरेश कुमार (अधिशासी अभियंता) को लगभग एक वर्ष से निलंबित रखा गया, वह भी घटिया ट्रांसफार्मर जलने के मामले में, जिससे उनकी पदोन्नति बाधित हुई। -अजय कुमार (अधीक्षण अभियंता) को फर्जी शिकायतों, जिनमें बामसेफ व पीडीए लोगों की मदद करने के आरोप में निलंबित किया गया। -निर्भय कुमार (अधिशासी अभियंता) को एक ही मामले में दोहरा दंड दिया गया। -हरिश्चंद्र वर्मा (मुख्य अभियंता, मध्यांचल) को पिछले 6 माह से गलत आरोपों के आधार पर निलंबित रखा गया, जिनकी पत्नी की लगातार डायलिसिस हो रही है। -मुकेश बाबू (अधीक्षण अभियंता) को हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी पदोन्नत नहीं किया गया। -सुनील कुमार, सुधाकर व एनपी सिंह के मामले भी लंबित हैं, जिससे पदोन्नति और टाइम स्केल बाधित। -पवन कुमार अधिशासी अभियंता लंबे समय से निलंबित

बिना अनुमति प्रार्थना सभा पर विवाद, मारपीट और पत्थरबाजी के बाद 4 गिरफ्तार

जयपुर शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.   150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.   हकीकत क्या, सवाल बरकरार?     बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?     100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?     क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

धमकियों से बढ़ी सुरक्षा चिंता: मजीठिया केस में विदेशी कॉल्स का खुलासा

चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को विदेशी नंबरों से धमकियां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, जिस दिन शंभू के पास रेलवे लाइन पर ब्लास्ट की घटना हुई, उसी दिन मजीठिया को एक विदेशी नंबर से धमकी भरा काॅल आया। काॅल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि उनका भी जल्द इसी तरह का हाल किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, मजीठिया को इस प्रकार की धमकियां लगातार मिल रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन उल्लेखनीय है कि मजीठिया की सुरक्षा का मामला फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इस पर सुनवाई जारी है। ऐसे में ताजा धमकियों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। समय-समय पर खुफिया एजेंसी आईबी (आईबी) की ओर से भी इनपुट दिए जाते रहे हैं, जिनमें मजीठिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका जताई गई है। मजीठिया की जान को खतरे का इनपुट इन इनपुट्स में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान किए जाने की जरूरत है। इसके बावजूद पिछले वर्ष उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी, जिसके बाद से यह मुद्दा लगातार उठता रहा है। मौजूदा हालात में विदेशी नंबरों से मिल रही ताजा धमकियों ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है, ताकि स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी, फायरब्रांड नेता ने कहा- मैं डरने वाली नहीं

खरगोन  सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया। जानकारी अनुसार खरगोन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे आईं थी। मंच से भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान ने मंच से एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इंदौर से खरगोन आते समय उनके मोबाइल पर पाकिस्तान के नंबर से एक कॉल आया, जिसमें उन्हें धमकी दी गई कि “खरगोन पहुंचोगी तो मृत्यु हो जाएगी।” मैं इस तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं: नाजिया इलाही नाजिया इलाही खान ने कहा कि मैं तरह की धमकियों से वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने मंच से जवाब देते हुए कहा कि एक समय था जब खरगोन को सिमी और पाकिस्तान समर्थित तत्वों ने प्रभावित करने की कोशिश की थी, लेकिन अब यह क्षेत्र विकास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने अपने विरोधियों द्वारा ‘जहरीला’ कहे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे भगवान शिव की भक्त हैं और यह ‘जहर’ उनके लिए प्रसाद के समान है। 'अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान' से नवाजा गया कार्यक्रम के दौरान विविधा संस्था द्वारा वर्ष 2026 का ‘अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान’ नाजिया इलाही खान को प्रदान किया गया। इसके अलावा सुप्रसिद्ध गीतकार डा. विष्णु सक्सेना को ‘अखिल भारतीय कविवर विद्यापति सम्मान’ तथा कवयित्री शारदा ठाकुर को ‘अखिल भारतीय मां नर्मदा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शेयर किया खास वीडियो, बोले- झालमुड़ी के साथ जीत का मजा

रायपुर. बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 194 और टीएमसी 93 सीटों पर आगे चल रही है। बंगाल में भाजपा की जीत पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। इस मौके पर उनके बंगले के बाहर लोगों को भी मुफ्त में झालमुड़ी खिलाया गया। मंत्री चौधरी ने पोस्ट में लिखा है कि बचपन से झालमुड़ी मेरा पसंदीदा रहा है। झालमुड़ी के साथ जीत का स्वाद…। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झालमुड़ी के माध्यम से बंगाल समेत पूरे देश की जनता को कनेक्ट करने का काम किया इसीलिए देश की जनता ऐसे नेतृत्व को आशीर्वाद देती है। झालमुड़ी खास तौर पर बंगाल की पहचान मानी जाती है, अब यह सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और सादगी का प्रतीक बनता दिख रहा है।

भाजपा क्षेत्रीय संगठन मंत्री का संदेश, ग्वालियर में कार्यकर्ताओं को समर्पण और प्रशिक्षण का महत्व बताया

ग्वालियर  अच्छे कार्यकर्ता के लिए समय सारिणी का पालन करना अति आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यकर्ता के निर्माण का साधन है। आगे भाजपा के उद्देश्य पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राष्ट्र कि सत्ता हासिल करना नहीं, अपितु राष्ट्र के खोए हुए वैभव को वापस दिलाकर राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने का है। 200 कार्यकर्ताओं ने कराए रजिस्ट्रेशन यह विचार भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने जिले में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। शिविर का शुभारंभ अपेक्षित श्रेणी के नेतृत्वगण के एकत्रीकरण के साथ हुआ। जहां श्रेणीबद्ध लगभग 200 कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर ऐप के माध्यम से शुल्क जमा कराया और रजिस्ट्रेशन करवाया। भाजपा के मूल विचार और मूल आधार स्तंभ व्यक्तित्व की प्रदर्शनी के उद्घाटन किया। शिविर में प्रवेश के साथ शिविरार्थियों से मोबाइल जमा करा लिए गए। शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग के आज दोपहर सवा दो समापन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिसमें जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया के साथ संभाग के प्रभारी निशांत खरे प्रशिक्षण अभियान के संभाग प्रभारी नरेंद्र बिरथरे, सह प्रभारी मधुसूदन भदौरिया, जिला प्रशिक्षण के प्रभारी महेंद्र सिसोदिया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रद्युम्न सिंह तोमर प्रमुखता से उपस्थित रहे। विचारों से ही परिवार का विस्तार होता है प्रथम सत्र मे कार्य विस्तार पर विचार रखते हुए अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने बताया किस प्रकार के हम अपने विचारों से परिवार का विस्तार कर सकते है। हमें समाज में फैले जातिगत विष को समाप्त करने के लिए प्रत्येक समाज के लोक देवताओं और संतों की जयंती, पुण्यतिथि का कैलेंडर बनाकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। कार्य निर्णयों में मैं के भाव से निकलकर टोली के सामूहिक निर्णय से कार्य का विस्तार संभव है। गोवा मुक्ति आंदोलन से पुर्तगालियों से मुक्त कराया द्वितीय सत्र पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे ने लिया भाजपा के इतिहास और विकास पर उद्बोधन देते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई और 3.06 प्रतिशत के साथ तीन सांसद जीते और गठबंधन के साथ 38 सांसदों के साथ देश के पहले अनऔपचारिक नेता प्रतिपक्ष बने। वर्ष 1952 के कश्मीर आंदोलन में डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र के लिए अपने प्राण आहूत किए। तृतीय सत्र में कार्यकर्ता का विकास, संभाल एवं दायित्व बोध पर उद्बोधन प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ ने बताया कि कार्यकर्ता एक लालटेन की तरह है जिसके कांच को निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से पोंछकर अंदर की रोशनी को फैलाया जा सकता है। नवाचार अपनाने वाला ही संगठन जीवित रह सकता है चौथे सत्र में प्रदेश मंत्री लोकेन्द्र पाराशर ने मीडिया और सोशल मीडिया पर विचार रखते हुए बताया कि पं. दीनदयालजी के विचार थे कि वही संगठन जीवित रह सकता है जो नवाचार को अपनाए। लोकतंत्र में जनता और सदन के मध्य मीडिया एक माध्यम है। इसी वर्ग में सोशल मीडिया की महत्ता पर कामना भदौरिया ने अपने विचार रखे और बताया कि सोशल मीडिया का सही उपयोग कैसे करें। पांचवें सत्र में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां बताईं और राज्य के विकास कार्यों का उल्लेख किया। छठवें सत्र में देश के सम्मुख चुनौतियां और उसके निदान के हमारे प्रयासों पर वेदप्रकाश शर्मा ने अपने विचार रखे। अंतिम सत्र में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य योजनाओं से सरकार बनाना नहीं अपितु योजनाओं से जनकल्याण जन सशक्तिकरण हो यह सरकार का प्रयास है। चार अप्रैल को शिविर के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। शिविरार्थी सुबह करेंगे अटल गैलरी का अवलोकन भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन चार अप्रैल को सुबह साढ़े छह बजे सभी प्रशिक्षु बस के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित अटल गैलरी का अवलोकन करने जाएंगे। इसके पश्चात साढ़े सात बजे दौलतगंज स्थित रामनारायण धर्मशाला जहां भाजपा के आधार स्तंभ और मूल विचारक पंडित दीनदयालजी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में एकात्म मानववाद की प्रस्तावना रखी थी। वहां शिविर के आठवें वर्ग मे संभाग के प्रभारी सैद्धांतिक अधिष्ठान और एकात्व मानववाद पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करेंगे।  

बेअदबी कानून को लेकर नया विवाद, स्पीकर संधवां को श्री अकाल तख्त ने आठ मई को तलब किया, सीएम मान का SGPC पर हमला

अमृतसर   श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को तलब किया है। यह निर्णय  बेअदबी मामलों में पंजाब सरकार की ओर से बनाए गए कानून पर बुलाई गई बैठक में लिया गया। बैठक में सिख बुद्धिजीवियों, विद्वानों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया।  जत्थेदार ने कहा कि संधवां 8 मई सुबह 11 बजे अकाल तख्त साहिब में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए अकाल तख्त साहिब की स्वीकृति अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जागत जोत एक्ट में संशोधन करते समय न तो अकाल तख्त साहिब और न ही एसजीपीसी को विश्वास में लिया गया। सीएम मान भड़के वहीं मामले पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर सरकार ने कानून बनाकर दिया है तो आपको उसका स्वागत करना चाहिए था। अब कहते हैं कि एसजीपीसी से पूछे बिना कानून बना दिया। मान ने कहा कि एक परिवार ने एसजीपीसी को दबा कर रखा हुआ है। एसजीपीसी का प्रधान खुद को सुखबीर का सिपाही बताता है।   बिना विचार विमर्श लागू कानून स्वीकार्य नहीं जत्थेदार ने कहा कि पंथ बेअदबी के दोषियों को सख्त सजा देने के पक्ष में है, लेकिन धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में बिना विचार-विमर्श कानून लागू करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुछ प्रावधानों खासकर धार्मिक जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालने पर भी आपत्ति जताई गई और इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व निजता के लिए खतरा बताया गया। बैठक में 2015 से लंबित बेअदबी मामलों और न्याय में देरी पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि कई सरकारें बदलने के बावजूद मुख्य आरोपियों तक पहुंच नहीं बन पाई। मौड़ मंडी बम कांड के पीड़ितों को न्याय न मिलने पर भी सवाल उठाए गए। सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। राजोआणा के मामले में समान मापदंड अपनाने की मांग बलवंत सिंह राजोआणा के मामले में लंबित याचिका का जिक्र करते हुए समान मापदंड अपनाने की मांग की गई। जत्थेदार ने कहा कि केंद्र ने 2019 में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आश्वासन दिया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंथ आज भी जगतार सिंह हवारा और दविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य बंद सिखों के साथ खड़ा है। बैठक में बुढ्ढा दल, तरना दल, दमदमी टकसाल, निर्मले, उदासी और मिशनरी कालेजों सहित विभिन्न संप्रदायों ने एकजुटता दिखाई। जत्थेदार ने चेतावनी दी कि पंथ की सहमति के बिना गुरु साहिब से जुड़े मामलों में कोई भी कानून लागू नहीं होने दिया जाएगा।