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हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार, बिहार को मिलेंगे दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट

 पटना  बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। दोनों परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बदल जाएगी बिहार की तस्‍वीर खासकर सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण से पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव में कमी आएगी, जबकि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट पूर्वी बिहार के लिए नई उड़ान साबित होगा।   पटना से सटे सोनपुर के साथ-साथ सुल्तानगंज (भागलपुर) स्थित अजगैबीनाथ धाम में भी एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बिहार नागरिक विमानन विभाग ने दोनों परियोजनाओं के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये एजेंसी को 16 किस्तों में देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विस्तृत परियोजना और टाइमलाइन सोनपुर में करीब 4228.61 एकड़ और सुल्तानगंज में 3064.039 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक दोनों परियोजनाओं का निर्माण पूरा कर लिया जाए। डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी RITES Limited को सौंपी गई है, जिसके लिए 5.06 करोड़ रुपये का परामर्श शुल्क निर्धारित किया गया है। जमीन अधिग्रहण पर बड़ा निवेश सोनपुर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु करीब 1302 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, भागलपुर क्षेत्र में 931 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 472.72 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 150 करोड़ रुपये संबंधित जिला प्रशासन को जारी भी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सोनपुर एयरपोर्ट का प्रस्तावित रनवे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे दुनिया के बड़े से बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार देश के प्रमुख एयर कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर सकता है, जिससे निवेश, पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

सियासत में हलचल: नीतीश का नया ठिकाना बना शक्ति केंद्र, ‘7 नंबर’ से जुड़ी चर्चा तेज

पटना. बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव के संकेत के बीच नीतीश कुमार अब अपने नए आवास 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो चुके हैं। करीब दो दशकों तक 1 अणे मार्ग में रहने के बाद उनका यह स्थान परिवर्तन सियासी गलियारों में कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार भी इसी आवास में रहेंगे। शुक्रवार को नए आवास में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शनिवार से यहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे साफ है कि 7 सर्कुलर रोड अब सत्ता-समीकरणों का नया केंद्र बनने जा रहा है। 20 साल बाद बदला पता, बढ़ी हलचल करीब 20 वर्षों बाद आवास बदलने के फैसले को महज प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज है, यह बदलाव और भी अहम हो जाता है। ‘7’ नंबर से खास जुड़ाव नीतीश कुमार का ‘7’ अंक से खास लगाव लंबे समय से चर्चा में रहा है। 1977 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा, 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने दोनों ही वर्षों में ‘7’ का संयोग रहा। 2005 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने, तब उनकी गाड़ी का नंबर 777 था। रेल मंत्री रहते उनके फोन नंबर का अंतिम अंक भी 7 बताया जाता है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ‘7 निश्चय’ योजनाओं की शुरुआत की, जो आज भी उनकी प्रमुख नीतिगत पहचान है। अब 7 सर्कुलर रोड में उनका शिफ्ट होना इस सिलसिले को और मजबूत करता दिख रहा है। दिल्ली में भी नया ठिकाना राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार को नई दिल्ली में 9 नंबर का सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। यह आवास अमित शाह और राहुल गांधी के आवास के नजदीक स्थित है, जो उनके राष्ट्रीय राजनीतिक कनेक्शन को भी दर्शाता है।

राजगढ़ में सीईओ का नया रूप, ‘ड्राइवर’ बने और ईमानदारी का मिला अद्भुत पुरस्कार

राजगढ़   मध्यप्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले रमेश चंद्र शर्मा के लिए दिन बेहद खास था। जिंदगीभर उन्होंने जिस गाड़ी का स्टेयरिंग संभाला और ड्राइविंग की आज वो उसी गाड़ी में साहब की तरह बैठे थे। ये ईनाम था उनकी जिंदगीभर की ईमानदारी और अनुशासन का। दरअसल रमेश चंद्र शर्मा राजगढ़ जिला पंचायत में ड्राइवर थे। गुरुवार को जब उनका रिटायरमेंट था तो जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। सीईओ ने ड्राइवर रमेश चंद्र के रिटायर होने पर उन्हें खुद अपनी गाड़ी में बैठाकर गाड़ी चलाते हुए उनके घर तक छोड़ने के लिए पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ ने पेश की मिसाल जिला पंचायत राजगढ़ में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर दी। वर्षों तक अपनी सेवाएं ईमानदारी और अनुशासन से देने वाले वाहन चालक रमेश चंद्र शर्मा के सेवानिवृत्त होने पर जिला पंचायत सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने न सिर्फ उन्हें सम्मानित किया, बल्कि स्वयं वाहन चलाकर उन्हें घर तक छोड़ने पहुंचे। जिला पंचायत परिसर में आयोजित विदाई समारोह में सेवानिवृत्त वाहन चालक की निष्ठा, समयपालन और अनुशासन की सराहना करते हुए सीईओ ने कहा कि किसी भी संस्था की मजबूती उसके कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से तय होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ईमानदारी से सेवा देने वाले कर्मचारी हमेशा सम्मान के अधिकारी होते हैं। रिटायर हो रहे हमारे साथी रमेश चंद्र भी उन्हीं कर्मचारियों में से एक हैं जिन्होंने अपना कर्तव्य हमेशा ईमानदारी से निभाया है। खुद गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ा घर समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र शर्मा को अपनी सीट पर बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट संभाल ली। इसके बाद सीईओ गढ़पाते खुद गाड़ी चलाते हुए रमेश चंद्र को उनके घर तक सम्मानपूर्वक छोड़ने पहुंचे। इस दौरान मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो उठे और तालियों के साथ इस पहल का स्वागत किया। सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र ने भी अपने सेवाकाल को याद करते हुए जिला पंचायत परिवार का आभार व्यक्त किया और सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले की ओर से दिए गए सम्मान के लिए उनका भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें हमेशा परिवार जैसा माहौल और सहयोग मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। कार्यक्रम में जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सेवानिवृत्त कर्मचारी के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जम्मू रूट पर असर: पठानकोट–सुजानपुर फाटक 3 दिन बंद, यात्रियों का सफर बढ़ेगा

पठानकोट. जम्मू जाने वालों का सफर अब लंबा हो सकता है। दरअसल, पठानकोट-सुजानपुर रेलवे फाटक बंद रहने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग की ओर से सुजानपुर/पठानकोट मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक 2 मई से 4 मई तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाटक के पास रेलवे परिधि में आने वाली सड़क की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण और सुधार से संबंधित काम किए जाएंगे, जिसके चलते यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा। रेलवे के पीडब्ल्यूआई अनिल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए फाटक को अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से अनुमति भी ले ली गई है। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तिथियों के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि एस.पी.एल. 4 सुजानपुर फाटक 2 मई सुबह 8 बजे से लेकर 4 मई शाम 7 बजे तक रेलवे फाटक बंद रहेगा। आपको बता दें कि, इस फाटक के बंद रहने से जम्मू जाने वालों का सफर लंबा हो सकता है। जम्मू कश्मीर जाने वाले लोगों के लिए पठानकोट शहर से सुजनापुर का रास्ता सुविधाजनक है। आज से 4 मई तक फाटक बंद रहने के कारण लंबा सफर तय करना होगा। जम्मू जाने के लिए लोगों को मलिकपुर के रास्ते से माधोपुर से लखनपुर पहुंचना होगा या फिर खानपुर से झझेली से होते हुए माधोपुर जाना पड़ेगा। इससे सफर 5 किलोमीटर अतिरिक्त हो जाएगा।पठानकोट. जम्मू जाने वालों का सफर अब लंबा हो सकता है। दरअसल, पठानकोट-सुजानपुर रेलवे फाटक बंद रहने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग की ओर से सुजानपुर/पठानकोट मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक 2 मई से 4 मई तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाटक के पास रेलवे परिधि में आने वाली सड़क की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण और सुधार से संबंधित काम किए जाएंगे, जिसके चलते यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा। रेलवे के पीडब्ल्यूआई अनिल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए फाटक को अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से अनुमति भी ले ली गई है। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तिथियों के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि एस.पी.एल. 4 सुजानपुर फाटक 2 मई सुबह 8 बजे से लेकर 4 मई शाम 7:00 बजे तक रेलवे फाटक बंद रहेगा। आपको बता दें कि, इस फाटक के बंद रहने से जम्मू जाने वालों का सफर लंबा हो सकता है। जम्मू कश्मीर जाने वाले लोगों के लिए पठानकोट शहर से सुजनापुर का रास्ता सुविधाजनक है। आज से 4 मई तक फाटक बंद रहने के कारण लंबा सफर तय करना होगा। जम्मू जाने के लिए लोगों को मलिकपुर के रास्ते से माधोपुर से लखनपुर पहुंचना होगा या फिर खानपुर से झझेली से होते हुए माधोपुर जाना पड़ेगा। इससे सफर 5 किलोमीटर अतिरिक्त हो जाएगा।

Sushasan Tihar के दूसरे दिन तेज कार्रवाई, सैकड़ों शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

रायपुर. सुशासन तिहार 2026 का आगाज हो चुका है और आज इसका दूसरा दिन है। शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। कूंरा नगर पंचायत में कुल 196 आवेदनों में से 136 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, अभनपुर के कठिया में प्राप्त 779 आवेदनों में से 588 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। शिविरों में क्षेत्र के विधायक भी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया गया, जिसमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बीज वितरण और जॉब कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष बचे आवेदनों का भी जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा। सुशासन तिहार के तहत जिले में आगे भी ऐसे शिविर आयोजित कर आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

UP में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना, पूरी योजना जानें

  लखनऊ उत्तर प्रदेश में जातीय जनगणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. जनगणना निदेशक और मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि राज्य में जातीय जनगणना की तैयारी की जा रही है. शीतल वर्मा ने ये भी बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है।  पहले फेज में 'हाउस होल्ड लेवल' यानी घरेलू स्तर पर डेटा जुटाया जाएगा. इसमें परिवारों की बुनियादी जानकारी और मकानों की लिस्ट तैयार की जाएगी. दूसरा चरण सबसे अहम चरण होगा।  दूसरे फेज की जनगणना फरवरी में शुरू होगी जिसमें 'व्यक्तिगत डेटा' का कलेक्शन किया जाएगा. इसी दौरान लोगों से उनकी जाति के बारे में जानकारी ली जाएगी।  वर्मा ने जानकारी दी कि दूसरे फेज में होने वाली ये गणना, आजादी के बाद पहली बार होगी. केंद्र सरकार की नीति के तहत इस बार जातिगत आंकड़ों को जनगणना का हिस्सा बनाया जा रहा है. अब तक जनगणना में जातियों का विवरण इस तरह व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया जाता था।  फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण इसमें जनगणना एजेंट घर-घर जाकर हर मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एक मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करेंगे। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस दौरान जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह प्रक्रिया पहले चरण में जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़ेगी। राज्य में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। करीब 5.25 लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल इनमें सभी 18 मंडल आयुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तरीय अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर के साथ लगभग 5 लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक शामिल हैं। इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी। इसे आजादी के बाद पहली बार लागू किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अभी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार नहीं हुई है। शीतल वर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में केंद्र सरकार की नीति के अनुसार जातीय जनगणना होगी। पहले चरण में केवल मकानों और घरेलू जानकारी का डेटा लिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत स्तर पर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह जनगणना आने वाले समय में विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभी एसओपी का इंतजार भले ही जातिगत जनगणना प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन अभी इसकी एसओपी (Standard Operating Procedure) तय होना बाकी है. जातिगत जनगणना की प्रक्रिया कैसे चलेगी और किन नियमों का पालन होगा, इसके लिए एसओपी का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।  नीति और डेटा सुरक्षा शीतल वर्मा ने बताया कि जातीय जनगणना पूरी तरह से केंद्र सरकार की निर्धारित नीतियों के तहत ही पूरी होगी. व्यक्तिगत डेटा कलेक्शन के दौरान प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा।  जातिगत जनगणना उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ढांचे के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है. फरवरी में होने वाले दूसरे चरण पर प्रशासन और जनता, दोनों की नजरें टिकी हुई हैं. इसके जरिए राज्य की आबादी के असल जातीय आंकड़े सामने आ पाएंगे।  जानें महत्वपूर्ण बातें     जनगणना में caste census यानी जातिगत जनगणना भी होगी यह दूसरे चरण में होगा           आजादी के बाद पहली बार होगी जातिगत जनगणना           जातिगत जनगणना दूसरे चरण में होगी।           अभी जातिगत जनगणना की प्रक्रिया sop का बनना बाकी है।           जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा का बयान।           दूसरे फेज फरवरी में होगी जातीय जनगणना।           दूसरे फेज में केंद्र की नीति के तहत होगी जातीय जनगणना।           पहले फेज में हाउस होल्ड लेवल डाटा कलेक्शन होगा।           दूसरे फेज में व्यक्तिगत डाटा कलेक्शन होगा।           अभी जातीय जनगणना की SOP नहीं की गई तय।           दूसरे फेज में आजादी के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना।  

शिलांग कोर्ट का अहम फैसला, मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत को आधार पर जेल में बंद अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दायर किया है। उधर, राज कुशवाहा की जमानत के लिए सोमवार को नई अर्जी लगाई जाएगी। शिलॉन्ग अदालत ने सोनम को जमानत दे दी है, जबकि इस हत्याकांड के एक अन्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज कुशवाहा के वकील फुयोसा योबिन के अनुसार, सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका को ‘तकनीकी आधार’ पर निरस्त किया है। इस लिए अभी जमानत की उम्मीद बाकी है।  बेल के बाद से होटल में रह रही सोनम सोनम रघुवंश को जमानत मिल गई है। मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद सोनम रघुवंशी शिलांग के एक होटल में ठहरी है। अदालत ने उसे शिलांग से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी है। लेकिन अब वह इस शर्त से बाहर निकलने के उपाय कर रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति मांगने के लिए नई अर्जी लगाने वाली है। अगर उसकी मांग स्वीकार कर ली गई तो उसे शिलांग से निकलने की अनुमति मिल जाएगी।  इस आधार पर निरस्त हुई राज की याचिका राज के वकील ने बताया कि आवेदन में पिछले बेल आवेदन का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। वकील ने कहा कि जमानत का आवदेन खारिज करने का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं लिया गया है। अब सोमवार को नई जमानत अर्जी दायर की जाएगी। उम्मीद है इस बार उसे जमानत मिल जाएगी। जमानत याचिका खारिज करते हुए शिलॉन्ग कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया आरोपी राज के वकील ने याचिका में उसके आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अर्जी निरस्त की गई। सोनम की जमानत रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट गए राजा के परिवार वाले शिलॉन्ग पुलिस ने अपनी जांच में सोनम और राज को राजा की हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया था. अब सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए शिलॉन्ग पुलिस हाईकोर्ट जाएगी. इसके अलावा सोनम रघुवंशी की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवाले बिल्कुल भी खुश नजर नहीं आए. बताया जा रहा है कि राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी भी जल्द हाईकोर्ट में सोनम की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करेंगे. राजा का परिवार सीबीआई जांच की मांग भी कर रहा है।  शिलॉन्ग की घाटी में पड़ा हुआ मिला था राजा रघुवंशी का शव सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी. इसके बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघायल के शिलॉन्ग गए थे. जहां कुछ दिनों बाद ही दोनों लापता हो गए. फिर राजा का शव शिलॉन्ग की एक घाटी में पड़ा हुआ मिला. जहां उनके शरीर पर कई धारदार हथियार के निशान थे. बाद में पुलिस ने वह हथियार भी बरामद किया था. फिर शक की सुई पत्नी सोनम की तरफ घूमी थी, क्योंकि राजा की हत्या के बाद से ही वह भी लापता थी।  इसके बाद पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था. बाद में उसके प्रेमी राज कुशवाहा को पुलिस ने दबोचा था. पुलिस ने दोनों पर ही राजा की हत्या करने और उसकी साजिश रचने के आरोप लगाए थे. फिलहाल सोनम जेल से बाहर है, लेकिन प्रेम राज को अभी जेल में रहना होगा।  किया मुनेश बनाम यूपी केस का जिक्र कोर्ट ने अपने आदेश में अप्रैल 2025 के चर्चित फैसले मुनेश बनाम उत्तरप्रदेश का उल्लेख किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि अब नियमित या अग्रिम जमानत मांगने वाले हर याचिकाकर्ता को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा खुलासा करना अनिवार्य होगा। देश के शीर्ष कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई याचिकाकर्ता अपने बारे में कोई जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसकी जमानत याचिका खारिज की जा सकती है। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और जमानत प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है।   राज का परिवार दूर, वकील कर रहे कार्रवाई राज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार इंदौर से उत्तर प्रदेश स्थित गांव चला गया है। फिलहाल कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं आ रहा है और कोर्ट संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वकील ही शिलॉन्ग जेल पहुंचते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया है कि लंबे समय तक जेल में रखना आरोपी के अधिकारों का उल्लंघन है, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे अन्य आरोपियों की जमानत राह भी कठिन हो गई है।   शिलांग पुलिस सोनम की बेल को देगी चुनौती  उधर, शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दावा किया कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने कहा कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले 10 महीनों से जांच कर रही है। 

बिहार राजनीति में नया मोड़, नीतीश-डिप्टी सीएम बैठकों से बढ़ी चर्चा

 पटना बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग खाली कर 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट कर लिया है। इस बदलाव को केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के साथ नीतीश कुमार से उनके नए आवास पर मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इसमें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और सत्ता संतुलन पर गहन चर्चा हुई। इससे पहले दिन की शुरुआत में ही नीतीश कुमार ने दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात की। साथ ही पूर्व मंत्री अशोक चौधरी से भी बातचीत की। इन लगातार बैठकों ने सियासी हलकों में अटकलों को और तेज कर दिया है। कैबिनेट विस्तार की उलटी गिनती बिहार में 15 अप्रैल से मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के हाथों में ही सभी विभागों की जिम्मेदारी है, जिस पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के तुरंत बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि नए मंत्रिमंडल में ज्यादातर पुराने चेहरों की वापसी हो सकती है, जबकि नए चेहरों की संख्या सीमित रहने के आसार हैं। इससे साफ है कि नेतृत्व अनुभव और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता देना चाहता है। विजय सिन्हा पर टिकी नजरें इस संभावित विस्तार में सबसे ज्यादा नजरें पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर टिकी हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार, खनन जैसे अहम विभाग संभालते हुए उनके कई फैसले चर्चा में रहे थे। हालांकि नई सरकार ने उनके कुछ फैसलों को पलट दिया है और विभागीय स्तर पर बदलाव भी किए गए हैं। प्रधान सचिव का तबादला किया जा चुका है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या विजय सिन्हा को उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी फिर से सौंपी जाएगी या उन्हें नई भूमिका दी जाएगी। कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के आवास परिवर्तन से लेकर लगातार हो रही राजनीतिक बैठकों तक, बिहार में सत्ता समीकरणों के नए दौर की आहट साफ सुनाई दे रही है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार इस सियासी हलचल को नई दिशा दे सकता है।  

बिहार में परीक्षा घोटाला, BPSC ने 32 अभ्यर्थियों पर लगाया प्रतिबंध

 पटना  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा रद कर दी है। परीक्षा में कदाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाया। इसके साथ ही 32 परीक्षार्थियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। मुंगेर में सामने आया मामला AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सतर्क प्रशासन ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। 14 से 21 अप्रैल तक 935 पदों के लिए 9 पालियों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। वहीं, अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी के लिए 23 अप्रैल को परीक्षा हुई थी। शिक्षा विभाग के तहत AEDO की वैकेंसी राज्य में पहली बार निकाली गई थी, जिसके लिए 10 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। BPSC ने तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की थी—पहला चरण 14-15 अप्रैल, दूसरा 17-18 अप्रैल और तीसरा चरण 20-21 अप्रैल को हुआ था। डीएम को मिली थी पहले ही सूचना परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही मुंगेर में डीएम को गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 36 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 22 गिरफ्तारियां मुंगेर से हुई हैं। मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी जुट चुकी है, हालांकि 12 दिन बाद भी मास्टरमाइंड का पता नहीं चल सका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। जिलेवार एफआईआर का ब्योरा:     मुंगेर – 1     नालंदा – 1     बेगूसराय – 1     वैशाली – 1     गया – 2     समस्तीपुर – 2  

आंगनबाड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 4000 केंद्र सरकारी इमारतों में शिफ्ट, बच्चों को बेहतर सुविधाएं

पंचकूला. हरियाणा के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में किराये के भवन में चल रहे चार हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को अब सरकारी इमारतों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश जारी किए है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट भाषण में की थी, जिसके बाद उसे पूरा किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के सरकारी भवनों में उपयुक्त जगह की पहचान करने के लिए दूसरे विभागों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। हरियाणा सरकार ने बच्चों को पोषण के साथ उपयुक्त माहौल देने के लिए प्रदेश के करीब एक हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और एक हजार केंद्रों को प्ले-स्कूलों में अपग्रेड करने का फैसला इसी सत्र में किया है। ऐसे में परेशानी यह है कि केंद्र गांवों तथा शहरों में छोटे-छोटे कमरों या स्कूलों में बने एक कमरे में चलाए जा रहे हैं।