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बिहार राजधानी में सख्ती, 9 टीमों के साथ अवैध कब्जों पर प्रशासन की कार्रवाई शुरू

पटना  बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर से अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का बुलडोजर गरजने वाला है। पटना की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक बड़े एक्शन प्लान की तैयारी कर ली है। आज से लेकर 30 मई तक पटना के विभिन्न इलाकों में एक सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और दानापुर जैसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में सड़क किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानें, ठेले और पक्के या कच्चे निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। 9 विशेष टीमों का गठन किया गया इस महाभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें तय किए गए इलाकों में जाकर अवैध कब्जों को हटाएंगी। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन द्वारा रोजाना समीक्षा बैठक भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई सही दिशा में और प्रभावी तरीके से हो रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही, नरमी या पक्षपात न बरता जाए। बाधा डालने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस अभियान का विरोध करने या सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एक और अहम और कड़ा फैसला लिया गया है कि जिन स्थानों से प्रशासन द्वारा एक बार अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, वहां अगर दोबारा किसी ने कब्जा करने या दुकान लगाने की कोशिश की, तो उस व्यक्ति के खिलाफ सीधी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। बता दें कि पटना में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, बल्कि इससे पहले 30 अप्रैल को भी प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक आवास के पीछे से लगभग 100 से 150 अवैध दुकानों और निर्माणों को हटाया था। उसी तर्ज पर अब शहर के अन्य हिस्सों को भी साफ करने की योजना है।

BJP में संगठनात्मक बदलाव, Hemant Khandelwal की सहमति से नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal की सहमति से मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों की सूची जारी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। खासकर किसान मोर्चा के माध्यम से ग्रामीण और कृषक वर्ग तक पार्टी की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा में इन दिनों लगातार नियुक्तियों का दौर जारी है। अलग-अलग मोर्चों और संगठनों में नई जिम्मेदारियां देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावी तैयारियों को धार मिल सके। नई सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि नए जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे।

हेल्थ अलर्ट: तरबूज कांड के बाद लोगों को चेतावनी, कटे या छिले फल खरीदने से बचें

चंडीगढ़. मुंबई में तरबूज खाने से कथित मौत की खबरों के सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन का स्वास्थ्य और फूड सेफ्टी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर की विभिन्न मार्केटों से तरबूज के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफ.एस.एस.ए.आई से मान्यता प्राप्त एन.ए.बी.एल. लैबोरेटरी में भेजा गया है। इसके साथ ही शहर के कई सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं, ताकि मौके पर ही फलों की गुणवत्ता की जांच की जा सके। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों में अब तक किसी भी प्रकार के नकली रंग या अतिरिक्त मिठास की मिलावट सामने नहीं आई है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी कर सड़क किनारे बिकने वाले कटे या छिले फल न खाने की सलाह दी है। लाइसेंसधारी से ही खरीदारी की अपील इसके साथ ही ज्यादा पके, खराब या बदबूदार फल न खरीदने, उपयोग से पहले फलों को अच्छी तरह धोने और केवल साफ-सुथरे व लाइसेंसधारी दुकानदारों से ही खरीदारी करने की अपील की गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कहीं मिलावट या अस्वास्थ्यकर गतिविधि नजर आए, तो नागरिक तुरंत ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप या एफ.एस.एस.ए.आई. पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

लुधियाना नगर निगम कर्मचारियों के लिए नए ड्यूटी आदेश, पढ़ें ताजातरीन निर्देश

लुधियाना  नगर निगम मुलाजिमों को अब डबल ड्यूटी नहीं करनी होगी जिसके तहत कमिश्नर ने नए इंस्पैक्टरों को जनगणना की जिम्मेदारी सौंप दी है। यहां बताना उचित होगा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर वोटर लिस्ट अपडेट करने के अलावा जनगणना सर्वे का कार्य एक साथ शुरू हो गया है। इस काम के लिए नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कई मुलाजिमों को डबल ड्यूटी दे दी गई है जिससे नगर निगम के रूटीन काम न होने कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मुलाजिमों की डबल ड्यूटी लगाने के फैसले से चुनाव आयोग के ऑर्डर का उल्लंघन हो रहा है, क्योंकि स्टेट इलैक्शन कमिश्नर द्वारा 7 अप्रैल को पत्र जारी किया गया है कि वोटर लिस्ट अपडेट करने के काम में लगाए गए मुलाजिमों को उसके अलावा जनगणना सर्वे या किसी अन्य कार्य पर न लगाया जाए। इस संबंध में पंजाब केसरी द्वारा खुलासा करने के बाद नगर निगम मुलाजिमों को डबल ड्यूटी नहीं करनी होगी जिसके लिए कमिश्नर ने सरकार द्वारा नए लगाए गए इंस्पैक्टरों को चारों जोनों में बांटकर जनगणना की जिम्मेदारी सौंप दी है जिससे नगर निगम में खाली पड़ी रहने वाली कुर्सियों पर मुलाजिमों के वापस लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए 23 साल पुराने रिकार्ड को बनाया जाएगा आधार चुनाव आयोग द्वारा वोटिंग के दौरान फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने की जो प्रक्रिया शुरू की गई है, उसके लिए 23 साल पुराने रिकार्ड को बनाया आधार जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक बी.एल.ओ. डोर-टू-डोर जाकर 2003 की वोटर लिस्ट के हिसाब से क्रॉस चैकिंग कर रहे हैं। इस दौरान जिन लोगों की मौत या कहीं दूसरी जगह शिफ्टिंग हो गई है, उनके बारे में अलग से रिपोर्ट की जाती है। इसके अलावा शहर में से ही किसी और जगह से शिफ्ट होकर आए लोगों का पुराना वोटर कार्ड मांगा जा रहा है जिसके आधार पर ही आने वाले समय के दौरान वोटर लिस्ट अपडेट करने के अलावा नए वोट बनाने का फैसला किया जाएगा। टार्गेट पूरा न करने वाले स्टाफ की रुक सकती है सैलरी वोटर लिस्ट अपडेट करने के मामले में शहरी एरिया के लिए 65 फीसदी तक का टारगेट दिया गया है। यह टार्गेट पूरा न करने वाले स्टाफ की सैलरी रुक सकती है। जहां तक लोगों द्वारा पुराने वोटर कार्ड न दिखाने या अन्य जानकारी देने में सहयोग न करने का हवाला दिया जा रहा है, उसके मद्देनजर समस्याओं का समाधान करने के लिए मास्टर ट्रेनर्ज की ड्यूटी अलग से लगाई गई है।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने लिया अहम निर्णय, छात्रों और अभिभावकों को होगी राहत

मोहाली  पंजाब में स्कूल शिक्षा प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2026-27 एकेडमिक सेशन से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) स्कूलों के पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सीधे किताबें मुहैया कराएगा। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बोर्ड ने एक डेडिकेटेड ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिसके जरिए किताबों की खरीद और बांट पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी। नई प्रणाली के तहत विद्यार्थी और माता-पिता घर बैठे मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जरूरत के हिसाब से किताबें ऑर्डर कर सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों को क्लास और सब्जेक्ट के हिसाब से अपनी डिमांड डिजिटल तौर पर अपलोड करनी होगी। हर विद्यार्थी को एक अलग लॉग-इन क्रेडेंशियल दिया जाएगा, जिसके जरिए माता-पिता सीधे पोर्टल पर जाकर ऑर्डर कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रख सकते हैं। इस पहल का मुख्य मकसद किताबों की सप्लाई में बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना, लागत कम करना और किताबों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नए सिस्टम में स्कूल सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जिम्मेदार होंगे और कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ले पाएंगे। साफ निर्देश दिए गए हैं कि छूट वाली छपी कीमत से अधिक कोई रकम की वसूली नहीं होगी, जिससे माता-पिता पर आर्थिक बोझ घटेगा। बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने कहा कि इस पोर्टल को एक सिक्योर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे ट्रांजेक्शन पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और सिक्योर होगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ओवरचार्जिंग की कोई गुंजाइश न रहे और हर लेवल पर अकाउंटेबिलिटी पक्की की जा सके। 

रेल यात्रियों को झटका: बिलासपुर जोन में 18 ट्रेनें कैंसिल, 20 शॉर्ट टर्मिनेट, 2 का रूट डायवर्ट

बिलासपुर. बिलासपुर (SECR) जोन की 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें रायपुर मंडल की 8 पैसेंजर ट्रेनें और नागपुर मंडल की 10 ट्रेनें शामिल है। ये ट्रेनें 3 मई से 22 मई के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। वहीं, 2 गाड़ियों के रूट बदले गए हैं, जबकि 20 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं। इस वजह से टाटानगर, इतवारी, बालाघाट के अलावा रायगढ़, कोरबा, गेवरा रोड से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर होगा काम रेलवे ने बताया कि, नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर मेंटनेंस का काम किया जाना है। इस काम के चलते गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 (डाउन मेन लाइन) करीब 20 दिनों तक बंद रहेगी। इसी वजह से 10 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं रायपुर मंडल के निपनिया-भाटापारा सेक्शन में भी रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए वहां ब्लॉक लिया जा रहा है। इससे 8 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल की गई है। बदले हुए रूट से चलने वाली ट्रेनें 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस 2, 4, 6, 9, 11, 13, 16 और 18 मई 2026 को अपने पुराने रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया-इतवारी) से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-छिंदवाड़ा-इतवारी) से चलेगी। 11753 इतवारी-रीवा एक्सप्रेस 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17 और 19 मई 2026 को भी अपने पुराने मार्ग से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (इतवारी-छिंदवाड़ा-नैनपुर-जबलपुर) से चलाई जाएगी। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें     15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। दुर्ग से आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी।     15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस 3 मई से 23 मई 2026 तक गोंदिया से नहीं चलेगी, यह दुर्ग से शुरू होगी और गोंदिया–दुर्ग के बीच नहीं चलेगी।     12105 छ. शिवाजी महाराज टर्मिनल–गोंदिया विदर्भ एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई तक अजनी तक ही चलेगी। अजनी से गोंदिया के बीच सेवा बंद रहेगी।     12106 गोंदिया–छ. शिवाजी महाराज टर्मिनल विदर्भ एक्सप्रेस 3 मई से 23 मई तक गोंदिया से नहीं चलेगी, यह अजनी से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं जाएगी।     51707 जबलपुर–गोंदिया पैसेंजर 3 मई से 22 मई तक ब्रह्मपुरी तक ही चलेगी। ब्रह्मपुरी से गोंदिया तक सेवा बंद रहेगी।     51708 गोंदिया–जबलपुर पैसेंजर भी ब्रह्मपुरी से शुरू होगी, गोंदिया से ब्रह्मपुरी के बीच नहीं चलेगी।     68813, 68809 और 78803 गोंदिया–तिरोड़ी/कटंगी पैसेंजर ट्रेनें ब्रह्मपुरी तक ही चलेंगी। आगे गोंदिया से ब्रह्मपुरी के बीच सेवा बंद रहेगी।     68814, 68810, 78804 और 78806 तिरोड़ी/कटंगी–गोंदिया पैसेंजर ट्रेनें ब्रह्मपुरी से शुरू होंगी और गोंदिया तक नहीं जाएंगी।     68811 और 78805 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर ट्रेनें भी ब्रह्मपुरी तक सीमित रहेंगी, आगे सेवा बंद रहेगी।     68812 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर ब्रह्मपुरी से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं चलेगी। बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें     3 और 6 मई 2026 को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन गोंदिया तक नहीं जाएगी। यह ट्रेन बिलासपुर में ही समाप्त हो जाएगी और बिलासपुर से आगे गोंदिया तक नहीं चलेगी।     इसी तरह 3 और 6 मई 2026 को गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर ट्रेन गोंदिया से नहीं चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं जाएगी।

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

मंईयां सम्मान योजना समेत सभी पेंशन लाभुकों का घर-घर सत्यापन शुरू, 25 मई तक चलेगा अभियान

रांची झारखंड के अलग-अलग जिलों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाभुकों के भौतिक सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तहत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के कोषांगों को कहा है कि वे वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं के सभी लाभुकों तथा मुख्यमंत्री मंईंयां सम्मान योजना के तहत लाभ ले रहे लोगों का व्यापक सत्यापन कराएं। इसे लेकर गुमला जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने आदेश जारी कर दिया है। करीब एक माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत प्रत्येक लाभुक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान योजना के प्रावधान के अनुरूप अपात्र पाए जाने वाले लाभुकों का नाम हटाने की की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। साथ ही जनसेवक, रोजगार सेवक एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को इस कार्य में सहयोग के लिए लगाया गया है। ग्रामवार-पंचायतवार टीम बनाकर सत्यापन जानकारी के मुताबिक, यह सत्यापन अभियान 25 मई तक डोर-टू-डोर चलाया जाएगा। ग्रामवार एवं पंचायतवार टीम बनाकर लाभुकों के घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान जिन लाभुकों का आधार एवं मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है, उनका संग्रहण कर राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) पोर्टल पर अपटेड किया जाएगा। निदेशालय ने सभी जिला प्रशासन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि सभी योजनाओं के लाभुकों का सत्यापन करने के बाद आवश्यकतानुसार एनएसएपी पोर्टल एवं झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) पोर्टल पर डेटा अपडेट और विलोपन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सभी लाभुकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि में अपना भौतिक सत्यापन अवश्य कराएं। साथ ही संबंधित आवश्यक दस्तावेज पंचायत सचिव, जनसेवक, रोजगार सेवक या आंगनबाड़ी कर्मियों के पास जमा करें। इससे यह सुनिश्चित हो पाएगा कि योजना के पात्र लाभुकों को समय पर डीबीटी के माध्यम से उनकी पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में मिलती रहे। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम योजना आयु वर्ग अनुमानित लाभुक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 60-80 वर्ष से ऊपर 8,30,786 वृद्धावस्था पेंशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 40 वर्ष या उससे ऊपर 3,36,122 विधवा पेंशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 18 वर्ष या उससे ऊपर 24,467 दिव्यांग पेंशन राष्ट्रीय पारिवारिक हित लाभ योजना इसमें मुख्य अर्जन कर्ता की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को एकमुश्त 20,000 रुपए केन्द्रांश के रूप में दी जाती है। योजना के लाभुकों की अनुमानित संख्या 1,152 है। (6 योजनाएं) पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार अपनी मद से दो योजनाओं को क्रियान्वित करती है। पहली – झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना। इसमें 18 वर्ष से 50 वर्ष तक की महिला लाभुकों को प्रतिमाह 2500 रुपए दिए जाते हैं। वर्तमान में योजना की लाभार्थियों की संख्या 55,42,601 है। दूसरी योजना झारखंड मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन है। इसके अंतर्गत पांच योजनाएं आती हैं। योजना अनुमानित लाभुक मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था 27,01,017 सीएम आदिम जनजाति पेंशन 80,353 सीएम राज्य निराश्रित महिला 5,01,079 सम्मान पेंशन सीएम राज्य एचआईवी पेंशन 8,319 स्वामी विवेकानंद नि:शक्त 3,10,186 स्वावलम्बन प्रोत्साहन सीएम राज्य सामाजिक 49 सुरक्षा पेंशन (ट्रांसजेंडर)

मनीष जायसवाल और रोशन लाल चौधरी ने पत्रकारिता की अहमियत पर जताई अपनी राय, लोकतंत्र में इसकी अनिवार्यता

सरकार के कार्यों के आकलन में पत्रकारों की भूमिका सबसे बड़ी: मनीष जायसवाल  पत्रकारिता के बिना लोकतंत्र की कल्पना नहीं -रोशन लाल चौधरी पतरातू में बीएसपीएस के 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक संपन्न  पतरातू (रामगढ़)  रामगढ़ जिले के पतरातू में भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 1 मई को आयोजित की गई। इसमें शामिल हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि आपने जो चार प्रमुख मांग रेलवे में पूर्व की तरह रियायत, रोड टोल में छूट, पत्रकार सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा की मांगे रखी हैं, उसे मेरे स्तर से सरकार तक बात पहुंचाई जाएगी और कुछ सार्थक परिणाम जरूर निकलेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने BSPS के प्रतिनिधिमंडल के साथ रेलवे एवं सूचना प्रसारण मंत्री से शीघ्र मुलाकात की बात संगठन के संस्थापक शाहनवाज हसन से कही।  उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में खनिज की जितनी चोरी होती है, खनिज पदार्थ की चोरी और लूट की खबर पूरा देश जानता है तो वह पत्रकारों और पत्रकारिता की बदौलत ही है। वहीं बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में यह कार्यक्रम हो रहा है, इसके लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं। मुझे पत्रकारों का हमेशा सहयोग मिला है और पत्रकारिता के बिना लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। पतरातू के अलेक्सा रिजोर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएसपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडेय ने की जबकि संचालन महामंत्री नवीन आनंद जोशी और राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्रा ने किया। सबसे पहले बीएसपीएस और जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने सबका स्वागत करते हुए यूनियन के उद्देश्य और अब तक की उपलब्धियां पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम एकजुट रहेंगे तो पत्रकार हित में फैसले भी होंगे और उसका लाभ मिलेगा।   अपनी समस्याओं के लिए हम खुद भी जिम्मेदार: अशोक पांडेय  ढहता चौथा स्तंभ और दम तोड़ता लोकतंत्र पर चर्चा करते हुए वरीय पत्रकार, बीएसपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विभिन्न अखबारों के संपादक रहे अशोक पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता में काफी समस्याएं हैं, पर हमारा संकट है तो लोकतंत्र में भी संकट है। उन्होंने कहा कि सबसे प्राचीन ग्रंथ वेद हैं, इनमें विज्ञान और धर्म का उल्लेख है तो वहीं पत्रकारिता की भी चर्चा है। आज अपनी समस्याओं के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं। पत्रकारिता में कुछ वैसे तत्वों का प्रवेश हो गया है जिसके कारण पत्रकारिता बदनाम हो रही है उन्होंने पत्रकारों से स्वस्थ पत्रकारिता करने और संयमित होकर कार्य करने की अपील की।  सांसद से रखी गई मांगें  कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल से पत्रकारों ने चार मांगे रखी। रेलवे में पूर्व की तरह रियायत, रोड टोल में छूट, पत्रकार सुरक्षा कानून और बीमा योजना को सभी पत्रकारों के लिए लागू किए जाने की मांगे रखी गई। बीएसपीएस की बैठक में कई निर्णय भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पश्चिम बंगाल यूनिट के अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा को बीएसपीएस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन और पश्चिम बंगाल यूनिट की नयी कार्यकारिणी की जल्द घोषणा का निर्णय लिया गया। पश्चिम बंगाल के प्रभारी और संगठन सचिव गिरधारी शर्मा के द्वारा एक महीने के भीतर घोषणा की जाएगी। मध्य प्रदेश के अध्यक्ष अरुण सक्सेना को राजस्थान इकाई के विस्तार के लिए प्रभारी बनाया गया। वे 30 मई तक अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके साथ ही 30 मई तक बिहार इकाई की पूरी कमेटी का विस्तार करने, चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब में संगठन का विस्तार करने के लिए नवीन पांडे और गिरधर शर्मा अधिकृत किए गए। तेलंगाना, कर्नाटक, पुडुचेरी और अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए वीरभद्र राव को प्रभारी बनाया गया, जिन्हें शैलेश्वर पांडा सहयोग करेंगे। यह भी तय किया गया कि जुलाई महीने में मध्य प्रदेश के मांडव में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी वहीं सितंबर महीने में लखनऊ में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने रखी अपनी बात बीएसपीएस के राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में मध्य प्रदेश अध्यक्ष अरुण सक्सेना, असम के राहुल कर्मकार, बिहार के अजय कुमार, पश्चिम बंगाल के शैलेश्वर पांडा और शुभेंदु चटर्जी, आंध्र प्रदेश के वीर भद्र राव, उत्तर प्रदेश के जायद बाजपेई, उत्तराखंड के नवीन पांडे तथा नेपाल से आए जनमदेव जैसी ने अपनी बातें रखी। मध्य प्रदेश में पत्रकारों को मिल रही सुविधाओं पर चर्चा की गई और बताया गया कि यहां 60 साल से ऊपर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 20 हजार प्रति महीना सम्मान राशि की जा रही है। इसे सभी राज्यों में लागू करने की मांग की गई। काफी संख्या में जुटे पत्रकार  कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न राज्यों से आए काफी संख्या में पत्रकार जुटे। संस्थापक शाहनवाज हसन के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडेय, महामंत्री नवीन आनंद जोशी, संगठन सचिव गिरधर शर्मा, कोषाध्यक्ष एस नसरीन, सचिव चंदन मिश्र, जेजेए के प्रदेश अध्यक्ष संपूर्णानंद भारती, मध्य प्रदेश अध्यक्ष अरुण सक्सेना, मीडिया प्रभारी संजीव समीर, असम अध्यक्ष राहुल कर्मकार, बिहार अध्यक्ष अजय कुमार, प बंगाल अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा, शुभेंदु चटर्जी, आंध्र प्रदेश अध्यक्ष वीरभद्र राव, उत्तर प्रदेश जायद बाजपेई, उत्तराखंड से नवीन पांडेय, नेपाल से जनमदेव जैसी के अलावा राजस्थान से आरके जोशी, आंध्र प्रदेश से राघवेन्द्र मिश्रा, जगदीश सलूजा, उत्तराखंड से नवीन पांडेय, कृष्णा गुप्ता, पंकज सिंह, जावेद इस्लाम, डीके राठौर, खालिद अनवर, कुमार रमेशम, अनिल सिंह, राहुल कर्मकार, मासूम रजा, आकाश सोनी, सुभाशीष झा, जावेद अली, नईमुल्लाह, सम्पदा बुद्धा, रंजीत पांडेय, श्रीकांत, अर्जुन सोनी, प्रभाकर श्रीवास्तव, राकेश सिंह, मासूम अंसारी, नितिन मिश्रा, विपिन नायक, अंकित सिंह, याकूब अली समेत विभिन्न राज्यों और जिलों से आये पत्रकार मौजूद थे। इस दौरान अतिथियों को स्मृति चिन्ह और बुके देकर सम्मानित भी किया गया।

सीबीआई जांच के नाम पर बड़ा फ्रॉड, साइबर ठगों ने रिटायर्ड अफसर को बनाया शिकार

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर अधिकारी को साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर डराकर 17 लाख रुपए ठग लिए। वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में शिकायत के बाद ऐक्शन में आई पुलिस न तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकाने से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम और फर्जरी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ठगी गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावे वैशाली जिसे के शातिर भी शामिल हैं। साइबर फ्रॉड के शिकार मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया। उन्होंने रिसीव किया तो फोन करने वाले ने बड़े रौब से बात की और खुद को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताया। उसने भोला प्रसाद को डरा दिया और कहा कि उनके खिलाफ जांच और बड़ी कार्रवाी चल रही है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नौकरी में रहते हुए उन्होंने काफी गबन किया है। गुप्त तरीके से सीबीआई जांच में आरोप सत्य पाय जाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल चुका है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। कॉलर ने धमकाया कि आपको वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट किया जा चुका है। कैमरे के सामने से हटे तो तुरंत पुलिस घर तक पहुंच जाएगी और गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ऐसे हुआ शक बदमाशों ने कहा कि उनके खिलाफ 17 लाख गबन का प्रमाण मिला है। अंगर दिए गए अकाउंट में यह राशि जमा करा दें तो गिरफ्तारी से बच सकते हैं। विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी। राशि जमा करा देने से कार्रवाई में राहत मिलेगी। डर के मारे उन्होंने मांगी गई राशि अपने खाते से ट्रांसफर कर दिया। जब आगे भी उन्हें धमकाया गया और पैसों की डिमांड की तो उन्हें शक हो गया। जब उन्होंने सवाल पूछना शुरू किया तो फ्रॉड ने कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर को बंद कर दिया। उसके बाद उन्हें सच्चाई का पता चला। वैज्ञानिक जांच से चिन्हित हुए शातिर पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की जांच करके स्थानीय शातिरों को चिन्हित किया और उनकी गिरफ्तारी की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि साइबर टीम ने ट्रांजेक्शन पाथ, मोबाइल नंबर और अन्य तरीकों से वैशाली में छापेमारी की। पुलिस ठिकाने पर पहुंची तो दंग रह गई। ठिकाने पर इंटरनेशन कॉलिंग डिवाइस, कई राज्यों के बैंक खातों के सबूत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले। मुजफ्फरपुर के मनियारी में भी छापेमारी करके विक्रम कुमार नाम के शातिर को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बृजेश कुमार और कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी की गई। सभी गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।