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योगी सरकार का निर्णय, 2, 3 और 4 जुलाई को यूपीटीईटी में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को दी जाएगी विशेष छुट्टी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 में सम्मिलित होने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को परीक्षा तिथि पर विशेष अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र शिक्षक सेवा संबंधी दायित्वों के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रहे।  विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी द्वारा शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जारी पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 2, 3 एवं 4 जुलाई, 2026 को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 आयोजित की जा रही है। परीक्षा में बेसिक शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक भी अभ्यर्थी के रूप में सम्मिलित होंगे। इसे देखते हुए शासन स्तर पर विचारोपरांत निर्णय लिया गया है कि परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को संबंधित परीक्षा दिवस पर विशेष अवकाश प्रदान किया जाए। साथ ही शिक्षा निदेशक (बेसिक) को इस निर्णय का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  शासनादेश की प्रति स्कूल शिक्षा महानिदेशक, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव तथा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है, ताकि पात्र शिक्षकों को समय पर विशेष अवकाश उपलब्ध कराया जा सके और परीक्षा आयोजन के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।

सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना वैश्विक शिक्षा का नया केंद्र, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की पहली पसंद बन रहा लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, निवेश और नवाचार के साथ-साथ अब वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों के आधुनिकीकरण, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की नीतियों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ विश्वविद्यालय है, जहां शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 77 देशों से रिकॉर्ड 3421 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। यह संख्या पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के 2083 आवेदनों की तुलना में 1338 अधिक है, अर्थात विश्वविद्यालय ने मात्र एक वर्ष में 64 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब केवल देश के छात्रों का ही नहीं, बल्कि दुनिया के विद्यार्थियों का भी भरोसेमंद शैक्षणिक गंतव्य बनता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 77 देशों के विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया से सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों से भी आवेदन प्राप्त होना विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण माना जा रहा है। पाठ्यक्रमवार आंकड़ों पर नजर डालें तो स्नातक (यूजी) कार्यक्रमों के लिए सर्वाधिक 2552 आवेदन प्राप्त हुए हैं। स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए 595 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि विभिन्न विषयों में पीएचडी के लिए 274 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में बढ़ती रुचि विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और अनुसंधान क्षमता को भी रेखांकित करती है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, स्मार्ट कैंपस, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, शोध संस्कृति को प्रोत्साहन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों की वैश्विक छवि को मजबूत किया है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अब उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आवेदनों में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और छात्र-अनुकूल वातावरण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित बहुविषयक पाठ्यक्रम, वैश्विक अनुसंधान के अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दुनिया भर में सराहना मिल रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी विदेशी विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ ने प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी आवेदनों का दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण तथा वीजा संबंधी औपचारिकताओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा ताकि विदेशी विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बिहान से बदली महिलाओं की तकदीर, अचार बनाकर आत्मनिर्भर बना माँ जगदंबा समूह

रायपुर : ’अचार के स्वाद में घुली आत्मनिर्भरता, बिहान ने बदली माँ जगदंबा समूह की महिलाओं की जिंदगी’ ’कभी घर तक सीमित थीं, आज अपने उत्पाद से कमा रही हैं सम्मान और आय’ रायपुर कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा की कुछ महिलाओं ने शायद कभी नहीं सोचा था कि रसोई में बनने वाला आम का अचार एक दिन उनकी पहचान बन जाएगा। जो महिलाएं पहले केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज अपने हाथों से तैयार अचार के जरिए न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी बन गई हैं। इस बदलाव की मजबूत नींव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ने रखी। सहसपुर लोहारा के माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने आसपास उपलब्ध आम को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी। बाजार, पैकेजिंग और व्यवसाय का अनुभव नहीं था, लेकिन बिहान के तहत मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास ने उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल दी। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गुणवत्ता के साथ आम का अचार तैयार करना शुरू किया। धीरे-धीरे स्थानीय बाजार में उनके उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। आज समूह की महिलाएं स्वयं अचार तैयार करती हैं, उसकी पैकेजिंग करती हैं और बाजार तक पहुंचाकर बिक्री भी करती हैं। इस उद्यम से उन्हें नियमित आय मिल रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है। समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब अपनी मेहनत से कमाई कर परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से भागीदारी निभा रही हैं। उनकी पहचान अब केवल गृहिणी के रूप में नहीं, बल्कि सफल महिला उद्यमी के रूप में भी बनने लगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सही अवसर, प्रशिक्षण, विश्वास और अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार रही, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग पढ़ाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

रायपुर : शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया स्वागत, गणवेश व जूते वितरित कर दी शुभकामनाएं रायपुर शाला प्रवेशोत्सव के अंतर्गत शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा नवीन शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए। शिक्षा मंत्री यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई, विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है। विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाएगी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री यादव  सीधे कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुने और स्वयं भी सरल एवं रोचक तरीके से उन्हें पहाड़ा सिखाया। साथ ही बच्चों को पढ़ाई को आनंददायक बनाने के लिए प्रेरित किया।  विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं एवं लक्ष्यों पर चर्चा की तथा मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षकों से भी संवाद करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से पूरी लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने का आह्वान किया। 

पीडब्ल्यूडी की समीक्षा में सीएम सख्त, लंबित परियोजनाओं में देरी पर होगी कार्रवाई

बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के जनप्रतिनिधियों के करीब 2200 प्रस्तावों पर समीक्षा करते हुए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सभी स्वीकृत कार्य योजनाएं 15 जुलाई तक मंजूर कर दी जाएं और बजट जारी होते ही 15 अगस्त तक सड़क, पुल और अन्य परियोजनाओं का भूमि पूजन शुरू कराया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित परियोजनाओं में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित पीडब्ल्यूडी की मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं को 15 जुलाई तक अंतिम मंजूरी देकर बजट जारी कराया जाए, ताकि 15 अगस्त तक निर्माण कार्यों का भूमि पूजन कर विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी न करने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम की ओर से खरीदे गए 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें छह रोबोटिक मैनहोल सीवर क्लीनिंग मशीनें, दो स्किड लोडर, 50 सीएनजी ऑटो टिपर और दो बैकहो लोडर शामिल हैं। इन मशीनों के संचालन से शहर की सफाई व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी होगी तथा सीवर सफाई में मानव श्रम पर निर्भरता कम होगी। चार श्रेणियों में होगा कूड़ा संग्रहण नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नए सीएनजी ऑटो टिपरों के माध्यम से घर-घर से कूड़ा चार श्रेणियों—गीला, सूखा, स्पेशल केयर वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट—में अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। वहीं रोबोटिक मैनहोल मशीनें बिना किसी व्यक्ति को सीवर में उतारे 360 डिग्री सफाई करने में सक्षम हैं। स्किड लोडर और बैकहो लोडर का उपयोग नालों की सिल्ट हटाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने में किया जाएगा। बेल का पौधा रोपा, मोबाइल नेत्र चिकित्सा वैन का उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर में बेल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने 'दीप चैरिटेबल ट्रस्ट, बरेली' की मोबाइल नेत्र चिकित्सा सेवा वैन का उद्घाटन भी किया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

पंजाब में महिलाओं को बड़ी सौगात! ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ लॉन्च, 40 लाख महिलाओं को एक साथ 3 महीने की राशि

 बरनाला  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महलकलां में कहा कि राज्य महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन लिखने को तैयार है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करके एक और बड़ी गारंटी पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे के बाद पूरे पंजाब में मोबाइल फोन बजने लगेंगे, क्योंकि हर महिला के बैंक खाते में तीन हजार और अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं के खाते में चार हजार रुपये की तीन महीने की ‘सत्कार राशि’ एक ही किश्त में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के तेज़ी से हो रहे विकास से घबराए विरोधी राज्य की प्रगति में बाधा डालने की साजिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में पैसे मिलने लगेंगे। 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत, हर महिला को हर महीने एक हजार मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन पा रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। उम्मीद है कि पंजाब की लगभग 97% महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में कुल 9,300 करोड़ का प्रावधान किया है।" मान ने कहा, "हमारी सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। हमने घरों को मुफ़्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से ज़्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों को बेहतर बनाया है, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना लगभग 70 लाख की बचत की है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत किया है, बुनियादी ढांचा तैयार किया है और कई अन्य अहम पहल की हैं। जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए नहर के पानी का सिर्फ़ 22% ही इस्तेमाल हो रहा था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 80% से ज़्यादा हो गया है। हम राज्य भर में गांवों के विकास के लिए अनुदान भी दे रहे हैं।" राज्य में हेल्थकेयर में किए गए सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख तक का कैशलेस इलाज देती है। इसका मकसद राज्य के हर परिवार को यूनिवर्सल हेल्थकेयर देना है, और लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ से ज़्यादा का मुफ़्त इलाज करवा चुके हैं।" AAP ने पूरी की आखिरी गारंटी  मुख्यमंत्री वेब लिंक लॉन्च कर योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। अब तक योजना के तहत करीब 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जनरल वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। सीएम मान आज तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राशि 3500 रुपये से लेकर 4000 रुपये के बीच होगी। क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना? मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण महिला कल्याण स्कीम है। सीएम मान ने इस योजना का एलान पंजाब बजट 2026–27 के दौरान किया था। योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पंजाब की सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। योजना की शुरुआत आज से होगी। कैसे मिलेंगे रुपये? योजना के अंतर्गत राशि महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। पंजाब राज्य की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। क्या है पात्रता?     योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब का निवासी होना आवश्यक है।     महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।     महिला का आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। जरूरी दस्तावेज     महिला का आधार कार्ड।     महिला की बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।     पंजाब का राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड।     मोबाइल नंबर- आधार कार्ड और बैंक पासबुक से लिंक होना चाहिए। आज 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा की बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद राज्य की महिलाओं के मोबाइल फोन पर खास संदेश आएगा। संदेश में लिखा होगा कि आपके खाते में 4,500 या 3,000 रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि पंजाब सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की जा रही मांवां धीयां सत्कार योजना के तहत डाली जाएगी।  

योगी सरकार सभी विकास खंडों में 1 से 15 जुलाई तक चलाएगी राज्यव्यापी विशेष नामांकन अभियान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लक्ष्य को और गति देते हुए स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण के लिए ₹163.60 लाख की वित्तीय सीमा जारी कर दी है। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी विकास खंडों में 1 से 15 जुलाई तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।  महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय से बाहर रह गए प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित करना तथा नामांकन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देना है। निर्देशों के अनुसार सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा) तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रत्येक पात्र बच्चे तक विद्यालय की पहुंच बनाई जा सके। प्रदेश में निपुण भारत मिशन, विद्यालय कायाकल्प, बालवाटिका, शिक्षक क्षमता संवर्धन और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे व्यापक शिक्षा सुधारों के बाद स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण इन प्रयासों को नई मजबूती देगा। ₹163.60 लाख की वित्तीय सीमा के साथ शुरू होने जा रहा यह राज्यव्यापी अभियान शिक्षा के सार्वभौमिक लक्ष्य को साकार करने और किसी भी बच्चे को विद्यालय से वंचित न रहने देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आउट ऑफ स्कूल बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस अभियान के दौरान घर-घर संपर्क, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण तथा स्थानीय अभिलेखों के माध्यम से विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान की जाएगी। ऐसे बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर नामांकन कराया जाएगा और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से सतत संवाद स्थापित किया जाएगा। विशेष रूप से कक्षा छोड़ चुके बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। रैलियों से लेकर प्रवेशोत्सव तक चलेगा जनजागरूकता अभियान अभियान के अंतर्गत प्रभात फेरियां, नामांकन रैलियां, घर-घर संपर्क, अभिभावक बैठकें, ग्राम सभाएं, विद्यालय प्रवेशोत्सव, विशेष नामांकन शिविर तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा प्रत्येक परिवार को बच्चों के नियमित विद्यालयी नामांकन के लिए प्रेरित करना है। जागरूकता गतिविधियों पर खर्च होगी स्वीकृत धनराशि जारी वित्तीय सीमा के अंतर्गत जनपदों को रैलियों, प्रचार-प्रसार सामग्री, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, सामुदायिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवेशोत्सव तथा अन्य अनुमन्य गतिविधियों के संचालन के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। शासन ने निर्देश दिए हैं कि धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए, ताकि अभियान का अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके।

169 करोड़ के घपले में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिटायरमेंट के दिन ही गिरफ्तार हुए IAS प्रदीप कुमार

चंडीगढ़ सरकारी नौकरी में रिटायरमेंट का दिन आमतौर पर विदाई, सम्मान और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. लेकिन हरियाणा के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के लिए यही दिन कानूनी कार्रवाई का दिन बन गया. हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के तत्कालीन सदस्य सचिव और आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उनके अंतिम कार्य दिवस पर गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी धन के 169 करोड़ रुपये के कथित गबन और फर्जी निवेश से जुड़े मामले में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  यह गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह उस बहुचर्चित बैंकिंग घोटाले की कड़ी है, जिसमें हरियाणा सरकार के कई विभागों के करोड़ों रुपये कथित तौर पर फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए इधर-उधर किए गए. सीबीआई का दावा है कि अकेले HSPCB को 169 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसे एजेंसी हरियाणा सरकार के किसी विभाग को हुआ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान बता रही है।  जानिए, क्या है पूरा मामला सीबीआई के अनुसार, प्रदीप कुमार मूल रूप से 2011 बैच के हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारी थे, जिन्हें बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत किया गया. सदस्य सचिव के तौर पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने बोर्ड की निवेश संबंधी प्रक्रिया में सीधे तौर पर भूमिका निभाई. जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने निर्धारित वित्तीय सीमा से कहीं अधिक राशि को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बनाने के नाम पर ट्रांसफर करने की मंजूरी दी. यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लिया।  फिक्स्ड डिपॉजिट कभी बना ही नहीं सीबीआई की जांच में सामने आया कि जिस रकम को एफडी के लिए भेजा गया था, वह पहले HSPCB के नाम से कथित तौर पर खोले गए एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई. जांच एजेंसी का कहना है कि इस खाते को खोलने के लिए न तो विभागीय स्वीकृति ली गई थी और न ही इसका कोई अधिकृत रिकॉर्ड मौजूद था. सबसे गंभीर आरोप यह है कि उस खाते में कभी कोई फिक्स्ड डिपॉजिट बनाया ही नहीं गया. इसके बजाय खाते से कथित तौर पर फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन किए गए और 169 करोड़ रुपये की रकम निकाल ली गई. सीबीआई का कहना है कि यह पूरा लेनदेन सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसकी जांच अभी जारी है।  नोटिस के बाद भी नहीं हुए पेश जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रदीप कुमार को कई बार जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वह पूछताछ से बचते रहे. इसी बीच उन्होंने पंचकूला की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर कर दी थी, जिस पर 2 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित थी. सीबीआई ने बताया कि उनकी लोकेशन ट्रेस करने के बाद मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. संयोग यह रहा कि उसी दिन उनका सरकारी सेवा का अंतिम कार्य दिवस भी था।  504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा है मामला HSPCB का यह मामला अकेला नहीं है. जांच एजेंसी के अनुसार, यह 504 करोड़ रुपये के उस बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग की जांच चल रही है. सीबीआई का आरोप है कि सरकारी रकम को फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बैंक खातों में भेजा गया. बाद में कथित तौर पर फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकालकर विभिन्न शेल कंपनियों तक पहुंचाई गई. इसी नेटवर्क की पूरी वित्तीय श्रृंखला की जांच अब सीबीआई कर रही है।  राज्य सरकार के अनुरोध पर CBI ने संभाली जांच शुरुआत में इस पूरे मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा था. बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की. सीबीआई ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, विभागीय फाइलों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच शुरू की. बताया जा रहा  है कि सीबीआई के अनुसार, अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. इनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह अधिकारी,  हरियाणा सरकार के तीन अधिकारी, दो प्राइवेट कंपनियां और उसमें काम करने वाल छह कर्मचारी शामिल हैं.  प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी से पहले भी दो सीनियर सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

‘आम बहार- आपके द्वार’ का आयोजन करेगा वन विभाग

लखनऊ  योगी सरकार के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश वन विभाग पहली जुलाई से वन महोत्सव कराएगा। यह महोत्सव सात जुलाई तक चलेगा। इस दौरान विभाग की तरफ से 'आम बहार- आपके द्वार' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पौधरोपण के महत्व, पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त परिवेश व जन जागरूकता पर भी विशेष जोर रहेगा।  मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार) अदिति शर्मा ने बताया कि 1 से 7 जुलाई तक पौधरोपण से संबंधित जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अनवरत पड़ रही बेतहाशा गर्मी व विपरीत मौसम को देखते हुए योगी सरकार का पौधरोपण के महत्व, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, प्लास्टिक मुक्त परिवेश पर विशेष जोर है। 'आम बहार- आपके द्वार' का आयोजन करेगा वन विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फलदार वृक्षों की देशी प्रजातियों के रोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये हैं। पौधरोपण महाभियान-2026 में वनावरण एवं वृक्षावरण के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए फलदार प्रजातियों के रोपण हेतु जनसामान्य को प्रोत्साहित किए जाने पर जोर दिया है। इस क्रम में फलों के राजा "आम" के पौधों के वृहद वितरण के लिए 1 से 7 जुलाई (वन महोत्सव) में पूरे प्रदेश में "आम बहार, आपके द्वार" स्लोगन के माध्यम से आम भण्डारा का आयोजन होगा। इस अवधि में प्रत्येक विकास खण्ड में आम भण्डारा का आयोजन कर आम की देशी व अन्य प्रजाति के पौधों का वितरण कर जनसामान्य को उनके रोपण व रख-रखाव हेतु जागरूक किया जाएगा। 2026 में 35 करोड़ पौधरोपण कराएगी योगी सरकार  वन महोत्सव के अलावा योगी सरकार यूपी को हरा-भरा रखने के लिए इस वर्ष भी 35 करोड़ पौधरोपण करेगी। इसके लिए विभागों और मंडलों के लक्ष्य पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं। वर्षाकाल में पौधरोपण महाभियान की तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।

CM मोहन यादव आज सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन राशि का लाभ मुख्यमंत्री राज्य-स्तरीय धान महोत्सव में होंगे शामिल सिवनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 01 जुलाई को सिवनी जिले में राज्य-स्तरीय धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले को विकास और किसान कल्याण की अनेक सौगातें देंगे। महोत्सव में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि का अंतरण, 494.161 करोड़ रुपये लागत के 629 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन और हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद श्रीमती भारती पारधी सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के कोदो-कुटकी उत्पादक 3,941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड 82 लाख 99 हजार 300 रूपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह राशि किसानों को 1 हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा थीम आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक बगीचे, कस्टम हायरिंग सेंटर, जीआई टैग एवं मिलेट्स उत्पाद, पीएमएफएमई उत्पाद, आम की विभिन्न किस्में, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद, लघु वनोपज, स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद, पोषण आहार प्रदर्शनी, डिजिटल जमीन, कृषिका एप तथा किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी परिसर में आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी आमजन के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।