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राज्यपाल डेका ने स्वर्ण पदक विजेता आर्मरेसलर मंत झा को दी बधाई राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में 64 अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पैरा आर्मरेसलर  मंत झा ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने हाल ही में नार्वे के ईदफ्योर्ड में  आयोजित हुए पैरा आर्मरेसलिंग कप 2026 प्रतियोगिता में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है।          छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी मंत झा एक प्रसिद्ध भारतीय पैरा-आर्मरेसलर (विकलांग कुश्ती खिलाड़ी) हैं, जिन्होंने नॉर्वे पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2026 में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है। वे एशिया नंबर-1 और वर्ल्ड नंबर-3 के रूप में पहचान रखते हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 64 से अधिक पदक जीत चुके हैं।  झा ने राज्यपाल को अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी।  डेका ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी तथा उनका सम्मान किया।

टामटिया गांव में हत्या के बाद हिंसा, गुस्साई भीड़ ने कई घरों में लगाई आग

बांसवाड़ा बांसवाड़ा में मोटागांव क्षेत्र के टामटिया गांव में एक हत्या ने पूरे इलाके को हिंसा की आग में झोंक दिया. इस हत्या के पीछे वजह कोई मामूली विवाद या आपसी रंजिश नहीं, बल्कि वर्षों पुराने ‘प्रेम प्रसंग' से उपजी चिंगारी थी. वो चिंगारी, जिसने पूरे गांव को फूंक दिया. विवाद की जड़ मृतक की बहन और कटारा फला गांव के एक युवक के बीच पुराना प्रेम संबंध था. यह प्रेम संबंध खत्म हो चुका था और दोनों एक-दूसरे से अलग रहने के बाद वैवाहिक जीवन जी रहे थे. लेकिन इसी बीच दोनों परिवार के बीच फिर से रंजिश पैदा हुई और मामला खूनी जंग तक पहुंच गया. इसी विवाद में आरोपी ने पूर्व प्रेमिका के भाई को मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद मृतक के परिवार ने आरोपी के गांव में कई घरों में आग लगा दी. हालांकि, पुलिस की तफ्तीश पूरी होने के बाद ही असली वजह की पुष्टि हो पाएगी. दोनों पक्षों के बीच पहले भी हुए थे केस पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बहन के मामले को लेकर मृतक और आरोपी का कई बार विवाद हो चुका  था. कई बार दोनों के बीच समझाइश की भी कोशिश हुई और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा चुके थे. बीती रात आरोपी युवती के घर पहुंचा और उसके भाई से मारपीट कर दी, इसी दौरान कुल्हाड़ी से वार किए और उसकी हत्या कर दी गई. बाइक-बकरियां, जो मिला सबकुछ जला दिया हत्या की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया. गुस्साई भीड़ ने आरोपी पक्ष के घरों, वाहनों और यहां तक कि मवेशियों को भी नहीं छोड़ा. आगजनी में बाइक, एक ऑटो रिक्शा और कई बकरियां जलकर खाक हो गईं. स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को भी गांव में एंट्री से रोका गया. कई घंटों बाद सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाया जा सका. हिंसा के बाद गांव में सन्नाटा थानाधिकारी रमेश पाटीदार के अनुसार फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं. पुलिस ने आरोपी पक्ष के तीन लोगों को डिटेन किया है और मामले की जांच जारी है. गांव में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन दहशत और सन्नाटा अभी भी कायम है.  

लैंड पूलिंग मॉडल से बदलेगा बिहार का शहरी ढांचा, किसानों को मिलेगा 55% विकसित जमीन

  पटना बिहार में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए सम्राट सरकार ने 11 सैटेलाइट सिटी विकसित करने की बड़ी योजना का ऐलान किया है. इस योजना को लेकर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि इन टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. सबसे अहम सवाल मुआवजे को लेकर है, जिस पर सरकार ने साफ किया है कि किसानों को जमीन के बदले बाजार दर का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके अलावा किसानों को विकसित जमीन में भी हिस्सा मिलेगा. सरकार के मुताबिक, किसानों की कुल जमीन का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा डेवलप करके वापस दिया जाएगा, जिसमें सड़क, ड्रेनेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी. यानी किसान केवल जमीन देने वाले नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट के “शेयर होल्डर” भी बनेंगे. सरकार का दावा है कि सैटेलाइन सिटी योजना से जमीन की कीमत में कम से कम 10 गुना तक बढ़ोतरी होगी, जबकि पुनपुन इलाके में यह बढ़ोतरी 20 गुना तक हो सकती है. 5 प्रतिशत जमीन आरक्षित रखने का भी प्रावधान प्रधान सचिव ने बताया कि सभी सैटेलाइट टाउन मुख्य शहरों से करीब आधे घंटे की दूरी पर विकसित किए जाएंगे, ताकि कनेक्टिविटी बेहतर रहे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके. हर टाउनशिप में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा. स्थानीय लोगों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 5 प्रतिशत जमीन आरक्षित रखने का भी प्रावधान किया गया है. किसान को भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा! सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमीन अधिग्रहण लैंड पूलिंग मॉडल पर होगा और किसी भी किसान को भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा. परियोजना शुरू करने से पहले किसानों की सहमति ली जाएगी और किसी तरह की शिकायत के समाधान के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा. अक्टूबर-नवंबर तक ड्राफ्ट प्लान होगा जारी जारी फिलहाल जिन इलाकों को सैटेलाइट टाउन के लिए चिन्हित किया गया है, वहां मार्च 2027 तक सीमित दायरे में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है. हालांकि यह रोक पूरे इलाके में नहीं, बल्कि हर टाउनशिप के आसपास 10-11 गांवों तक सीमित है. सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक इन सैटेलाइट टाउनशिप का ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी. इसके साथ ही बिहार के 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है. सरकार का कहना है कि यह पूरी योजना पारदर्शिता के साथ लागू की जाएगी, जिससे राज्य में योजनाबद्ध शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सवाल-जवाब के रूप में समझें पूरी बात सवाल: बिहार में सैटेलाइट सिटी को लेकर क्या बड़ा ऐलान हुआ है? जवाब: नगर विकास विभाग ने राज्य में 11 सैटेलाइट सिटी विकसित करने की योजना की घोषणा की है. इसका मकसद शहरी विकास को तेज करना और नए आर्थिक केंद्र तैयार करना है. सवाल: अगर जमीन ली जाएगी तो किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा? जवाब: सरकार के मुताबिक किसानों को जमीन के बदले बाजार दर का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही उन्हें विकसित जमीन में भी हिस्सा मिलेगा. सवाल: किसानों को विकसित जमीन में कितना हिस्सा मिलेगा? जवाब: कुल जमीन का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा डेवलप करके किसानों को वापस दिया जाएगा, जिसमें सड़क, ड्रेनेज और बिजली जैसी सुविधाएं होंगी. सवाल: क्या किसान पूरी तरह जमीन से वंचित हो जाएंगे? जवाब: नहीं, सरकार का कहना है कि किसी भी किसान को भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा. उन्हें इस योजना में शेयर होल्डर की तरह शामिल किया जाएगा. सवाल: जमीन की कीमत कितनी बढ़ सकती है? जवाब: सरकार का दावा है कि जमीन की कीमत कम से कम 10 गुना तक बढ़ेगी, जबकि कुछ क्षेत्रों जैसे पुनपुन में यह बढ़ोतरी 20 गुना तक हो सकती है. सवाल: क्या जमीन अधिग्रहण में किसानों की सहमति जरूरी होगी? जवाब: हां, सरकार ने साफ किया है कि किसानों की आम सहमति के बाद ही परियोजना पर काम शुरू होगा. सवाल: क्या जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी? जवाब: हां, जिन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है वहां मार्च 2027 तक सीमित दायरे में खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी, जो हर टाउनशिप के आसपास 10-11 गांवों तक लागू होगी. सवाल: स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा? जवाब: हर सैटेलाइट टाउन में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 5 प्रतिशत जमीन आरक्षित होगी. सवाल: अगर किसी को शिकायत होगी तो क्या व्यवस्था है? जवाब: शिकायतों के निपटारे के लिए एक ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा, जहां लोग अपनी समस्याएं रख सकेंगे. सवाल: योजना कब तक लागू होगी? जवाब: सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी और आने वाले समय में 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान भी तैयार किया जा रहा है.  

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्य भर में होंगे विशेष कार्यक्रम राज्यपाल डेका ने दिए निर्देश राज्यपाल रमेन

रायपुर राज्यपाल  रमेन ने कहा कि रेडक्रॉस के मानव सेवा कार्याे का प्रचार-प्रसार जन-जन तक पहुंचाने के लिए सदस्यता अभियान को गति देना आवश्यक है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए।  डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राज्य एवं जिला शाखाओं में वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।           राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  टोमन साहू ने मुलाकात की। इस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी की गतिविधियों, सदस्यता अभियान तथा आगामी विश्व रेडक्रॉस दिवस के आयोजन के संबंध में राज्यपाल द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।            डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों को रेडक्रॉस स्टीकर लगाकर दान संग्रहण कार्यक्रम चलाएं। उन्होंने प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को जूनियर रेडक्रॉस और यूथ रेडक्रॉस से जोड़ने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा मिलेगा।         बैठक में रेडक्रॉस सोसायटी के विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के राज्यप्रतिनिधि  युवराज देशमुख और कोषाध्यक्ष  संजय पटेल उपस्थित थे।

लू से बचाव के लिए स्कूलों और अस्पतालों में खास इंतजाम, डीएम ने दिए आदेश

लखनऊ  यूपी के कई जिले तप रहे हैं । पारा हाई है। भीषण गर्मी और हीट वेव के बढ़ते असर को देखते हुए शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक घंटे वाटर ब्रेक कराया जाए। बच्चों को धूप से बचाकर छायादार स्थानों पर बैठाया जाए और उनसे अनावश्यक शारीरिक कार्य न कराया जाए। डीएम का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ता है। ऐसे में स्कूलों में समय-समय पर पानी पिलाना, पर्याप्त छाया की व्यवस्था करना और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में शिक्षक बच्चों की सेहत पर नजर रखें और किसी बच्चे को चक्कर, घबराहट या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। शेल्टर हाउस, बस अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए गए वाटर कूलर की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है। पेट्रोल पंपों पर भी पेयजल और शौचालय की सुविधा सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अस्पतालों में तैयारी, दो-दो बेड रिजर्व किए गए हीट वेव को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड आरक्षित किए जाएंगे। डॉक्टरों और स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। लू लगने, डिहाइड्रेशन, चक्कर और कमजोरी से पीड़ित मरीजों को तत्काल उपचार देने की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत पड़ने पर रेफर सेवा भी सक्रिय रहेगी। गोशालाओं में छाया और पानी पर दिया गया जोर भीषण गर्मी से गोवंशों को बचाने के लिए गोशालाओं में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। शेड के पास टाट या बोरों के पर्दे लगाने और उन पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं को धूप से बचाने और नियमित पानी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। शाहजहांपुर में लू और उष्ण रात्रि की चेतावनी: लू एवं उष्ण रात्रि चेतावनी आज भी शाहजहांपुर जिले के लिए है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर आदि जगहों पर आगामी दो दिनों का अलर्ट है।

सुशासन एक्सप्रेस के ज़रिए नारायणपुर के दूर-दराज के गांवों को घर तक सर्विस मिलती है

रायपुर  नारायणपुर के अंदरूनी गांवों में रहने वाले कई परिवारों के लिए, सरकारी डॉक्यूमेंट कभी उनकी पहुंच से बाहर थे, अपनी मर्ज़ी से नहीं बल्कि दूरी की वजह से। लंबे सफ़र, खराब सड़कें और सुरक्षा की चिंताओं की वजह से सर्विस नहीं मिल पाती थीं। नारायणपुर कलेक्टर मती नम्रता जैन के तहत ज़िला प्रशासन द्वारा शुरू की गई सुशासन एक्सप्रेस, एक मोबाइल गवर्नेंस यूनिट है, जो सरकारी सर्विस को सीधे इन बस्तियों तक पहुंचाकर उस दूरी को कम कर रही है। सालों तक, भूगोल और सुरक्षा की चिंताओं की वजह से कई गांव प्रशासन की आम पहुंच से दूर थे। पहचान रजिस्ट्रेशन, वेलफेयर एनरोलमेंट और शिकायत निवारण जैसी बेसिक सर्विस के लिए अक्सर लंबा सफ़र करना पड़ता था या वे पूरी तरह से पहुंच से बाहर रहती थीं। सुशासन एक्सप्रेस इस समीकरण को बदल देती है। जनवरी 2026 में शुरू की गई यह पहल एक ट्रैवलिंग सर्विस सेंटर के तौर पर काम करती है। अधिकारी और डेटा ऑपरेटर दूर-दराज की बस्तियों में जाते हैं, टेम्पररी कैंप लगाते हैं और मौके पर ही सर्विस देते हैं। फोकस इस बात पर है कि अंदरूनी इलाकों के लोग, खासकर नियाद नेला नार गांवों के लोग, ज़रूरी स्कीमों के तहत कवर हों। जनवरी से 23 अप्रैल, 2026 के बीच, सुशासन एक्सप्रेस कई स्कीमों के तहत हज़ारों बेनिफिशियरी तक पहुंची है। डेटा ऑन-ग्राउंड डिलीवरी के स्केल को दिखाता है। कुल 1,951 आधार कार्ड, 259 आयुष्मान कार्ड और 306 लेबर कार्ड जारी किए गए हैं। ज़रूरी डॉक्यूमेंटेशन और रोजी-रोटी से जुड़ी सर्विसेज़ में भी लगातार प्रोग्रेस हुई है। इसमें 676 बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, 514 राशन कार्ड जारी करना, 168 कास्ट सर्टिफिकेट, 104 इनकम सर्टिफिकेट और 63 रेजिडेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा, PM सम्मान निधि के तहत 31 सर्विसेज़ को आसान बनाया गया है। यह आउटरीच सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन तक ही सीमित नहीं रही है। इस पहल ने पेंशन से जुड़ी सर्विसेज़, MGNREGA जॉब कार्ड और चुनाव से जुड़े Form-6 रजिस्ट्रेशन में मदद की है। दूर-दराज के इलाकों में हेल्थ और डिसेबिलिटी सर्वे भी किए गए हैं। प्रोग्राम की एक खास बात आधार सर्विस डिलीवरी है। कुल 10,682 आधार अपडेट पूरे हो चुके हैं, जिसमें ज़रूरी बायोमेट्रिक अपडेट भी शामिल हैं। इससे लंबे समय से चली आ रही कमी दूर हो रही है, क्योंकि ज़्यादातर सरकारी स्कीमों का फ़ायदा उठाने के लिए पहचान के डॉक्यूमेंट्स तक पहुँच ज़रूरी है। कई लोगों के लिए, ये कैंप सरकारी सिस्टम तक पहली सीधी पहुँच देते हैं। झारवाही, कंडाकाडी, कोरगे, पंगुड, माधोनार, रायनार, कोरेंडा, तोयनार और छिनारी जैसे गाँव, जहाँ कभी इलाके और सुरक्षा की वजह से पहुँचना मुश्किल था, अब सर्विस डिलीवरी के इस बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा हैं। कलेक्टर मती नम्रता जैन ने कहा, “मिले, प्रोसेस हुए और पेंडिंग एप्लीकेशन को ट्रैक करने के लिए एक डेली मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया है, जिससे ट्रांसपेरेंसी और समय पर डिलीवरी पक्की हो सके।” “सुशासन एक्सप्रेस के ज़रिए, हम दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक सीधे ज़रूरी सर्विस पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। पहचान के डॉक्यूमेंट्स, हेल्थकेयर, सोशल सिक्योरिटी और रोज़ी-रोटी में मदद तक पहुँच को बेहतर बनाकर, यह कोशिश भरोसा बनाने और इलाके को धीरे-धीरे स्थिरता और विकास की ओर ले जाने में मदद कर रही है।” नारायणपुर के इलाके ने लंबे समय से शासन चलाने के तरीके को आकार दिया है। घने जंगल, पहाड़ी इलाके और बिखरी हुई बस्तियां फिजिकल एक्सेस को मुश्किल बनाती हैं, क्योंकि कई गांव एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर से बहुत दूर हैं। समय के साथ, इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन को ज़्यादा फ्लेक्सिबल और फील्ड-बेस्ड तरीके अपनाने पड़े हैं। ऐसे में, सुशासन एक्सप्रेस जैसी पहल प्रैक्टिकल और लगातार तरीके से लोगों के करीब सर्विस पहुंचाने में मदद कर रही हैं। गांवों तक सर्विस पहुंचाकर, एडमिनिस्ट्रेशन कम्युनिटी के साथ सीधा जुड़ाव मजबूत कर रहा है और ज़रूरी स्कीम तक पहुंच में सुधार कर रहा है। नारायणपुर में, गवर्नेंस तेजी से घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कोट मुख्यमंत्री  विष्णु देव साई ने कहा, “सुशासन एक्सप्रेस गुड गवर्नेंस के सिद्धांत के प्रति हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, जहां हर नागरिक को उनके लिए बने फायदे मिलते हैं।” “हम चाहते हैं कि हर नागरिक, खासकर दूर-दराज के इलाकों में, बिना किसी फालतू रुकावट के सरकारी सर्विस तक सीधी पहुंच हो। हमारा फोकस यह पक्का करने पर है कि फायदे बिना देरी के योग्य लोगों तक पहुंचें। फील्ड आउटरीच के ज़रिए एडमिनिस्ट्रेशन और नागरिकों के बीच सीधा जुड़ाव मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।”

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा, महिला सुरक्षा और आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। गाजीपुर दौरे से पहले इस कांड को लेकर उन्होंने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने गाजीपुर कांड के पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल टॉपर कशिश और इंटरमीडिएट टॉपर अंशिका वर्मा को आईपैड देकर सम्मानित भी किया। अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सीमा राजभर और रामआश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में गाजीपुर जाएगा। अखिलेश ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर गाजीपुर में माहौल खराब करने का आरोप लगाए जाने पर कहा कि उनका जवाब सीमा राजभर देंगी। अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कहीं भी मौका मिल जाए तो सपाइयों पर गंभीर धाराएं लगाती है। असली पत्थरबाजों को तो छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की इमेज खराब करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि हिन्दुस्तानियत के खिलाफ पैदा हुए खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे। पीडीए को सम्मान दिलाने में पीढ़ियां लग जाएं तब भी दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि वह एकतंत्री लोगों और संविधान न मानने वालों से लड़ेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि पीडीए को उसका हक मिले। विजन इंडिया के तहत गाजियाबाद में किसानों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सपा की सरकार बनी तो यूपी में किसानों को 24 घंटे के अंदर भुगतान होगा। 15 हजार करोड़ का कार्पस फंड बनेगा। बुनकरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। गाजीपुर कांड पर भाजपा को घेरा अखिलेश यादव ने गाजीपुर कांड पर भाजपा की घेराबंदी करते हुए कहा कि इस कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में महिलाओं-बेटियों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। महिला सुरक्षा के सारे दावे फेल हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से निवेदन है कि आग लगाना बंद करे। भाजपा की महिलाएं कह रही हैं कि जो आरक्षण देना है वो क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का बिल तो संसद में कबका पास हो चुका है। सरकार को तत्काल इसे लागू कर देना चाहिए लेकिन मोदी सरकार खुद महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। स्वास्थ्य सेवाओं और डीजल-पेट्रोल-खाद का मुद्दा उठाया अखिलेश यादव ने यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक भाजपा सरकार नहीं हटेगी सुधार नहीं होगा। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव खत्म होते ही सरकार डीजल-पेट्रोल और खाद के दाम बढ़ाएगी। एएमयू की तारीफ की इस मौके पर अखिलेश यादव ने एमपी यादव की पुस्तक अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि एएमयू से बेहतरीन छात्र निकले हैं और वे आज पूरी दुनिया में हैं।

संकट में मिली संजीवनी, देवरीखुर्द निवासी शिवांश रामटेके को मिली 15 लाख की स्वास्थ्य सहायता

बिलासपुर देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके को अपने पुत्र शिवांश रामटेके के  इलाज के लिए मुख्यमन्त्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से बड़ी राहत मिली है सिकलसेल की गंभीर बीमारी से  जूझ रहे 15  वर्षीय बालक को इस  सहायता से जीवनदान मिला है जिसके लिए परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार जताया है।        देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई, जब उन्हें ये पता चला कि उनका पुत्र सिकलसेल की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी से महँगा इलाज करा पाना उनके लिए संभव नहीं था ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना की जानकारी मिली और उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। त्वरित रूप से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें 15 लाख रुपए इलाज के लिए मिले।        मनीष कश्यप बताते हैं कि यह दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का दिन था उन्हें बेटे के इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद मिली योजना के तहत 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता से बेटे के इलाज का रास्ता आसान हुआ और परिवार के जीवन में खुशियां लौटी, शिवांश इलाज के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शिवांश के पिता भावुक होकर कहते हैं कि मुख्यमन्त्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है , जिसके लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। रेहाना/

चुनाव प्रचार से पहले योगी का जनता दर्शन, अधिकारियों को समयसीमा में समाधान के आदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प. बंगाल रवाना होने से पहले जनसेवा का संकल्प भी पूरा किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन'  में प्रदेश भर से आए फरियादियों की पीड़ा सुनी और अधिकारियों को संवेदनशील होकर जनता की समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। संवेदनशील होकर समस्याओं का कराएं समाधान मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में आए सभी फरियादियों से मुलाकात की। एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को समय सीमा के भीतर समाधान कराने को कहा। राजस्व व पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हीलाहवाली नहीं चलेगी, समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करके पीड़ित को सूचित करना होगा। अपने जनपद में अधिकारियों से मिलें, बेतहाशा गर्मी में न हों परेशान 'जनता दर्शन' में आए कुछ फरियादियों से मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या जनपद में किसी अधिकारी से मिलकर आपने समस्या बताई? पता चला-नहीं, इस पर मुख्यमंत्री ने फरियादियों से कहा कि बेतहाशा गर्मी में आप परेशान न हों। पहले अपने जनपद में तैनात अधिकारियों से पीड़ा बताएं। हर हाल में सुनवाई होगी और समस्या का यथोचित समाधान भी। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि धूप-गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बच्चों को किया दुलार, चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में परिजनों के साथ आए बच्चों पर अपना स्नेह लुटाया। उन्हें चॉकलेट के साथ आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री ने मां की गोद में बैठे बच्चों से पूछा-चॉकलेट चाहिए तो एक बच्चे ने मुस्कुराकर अभिव्यक्ति दी, इस पर मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट पाकर बच्चा खिलखिला उठा।  

सिम्स में रेबीज रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।        प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।       सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।