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जयपुर हाईकोर्ट में विरोध के बीच कामकाज जारी, 39 जज रहे मौजूद

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में शनिवार (25 अप्रैल) को कार्य दिवस बनाए जाने पर एक बार फिर से विवाद रहा. हाईकोर्ट में आज महीने के चौथे शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया गया है. हालांकि, हर शनिवार की तरह आज भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया. दरअसल, हाईकोर्ट में महीने के पहले और चौथे शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया गया है. अधिवक्ता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी जयपुर में है. इस दौरान जयपुर में 39 न्यायाधीश एक साथ हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद रहे. आज विशेष रूप से 12 न्यायाधीशों की चार लार्जर बेंच का गठन भी किया गया है. पिछले साल लिया गया था फैसला हालांकि आज कोर्ट में न्यायाधीश तो उपस्थित रहे, लेकिन अधिवक्ता नदारद रहे. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने इस पर चिंता भी जताई. बता दें कि पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जनवरी से हाईकोर्ट हर महीने के दो शनिवार खुला रहेगा. इससे वर्षभर में 24 दिन अतिरिक्त काम हो सकेगा और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. लगातार बढ़ रहा है केस का दवाब फुल कोर्ट बैठक में यह माना गया कि अदालतों में लगातार बढ़ते मामलों के दबाव को देखते हुए न्यायिक समय का विस्तार आवश्यक हो गया है. महीने के दो शनिवार को हाईकोर्ट के खुलने से न केवल लंबित मामलों की संख्या कम होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, तेज और समयबद्ध बनेगी.

स्कूटी से रेकी, गुलेल से वार… अंतरराज्यीय गिरोह के 2 बदमाश गिरफ्तार

जयपुर जयपुर ने कारों के शीशे तोड़कर कीमती सामान और नकदी चोरी करने वाली गैंग का खुलासा हुआ है. जयपुर पूर्व जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘गुलेल गैंग' ने 2 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. जवाहर नगर थाना और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की. आरोपी संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे. इन आरोपियों ने शहर के जवाहर नगर, कानोता, जामडोली, अशोक नगर, श्याम नगर सहित अन्य इलाकों में एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया. इसके अलावा दौसा, अलवर और नीमच जैसे क्षेत्रों में भी इस गिरोह की सक्रियता सामने आई है. पहले रेकी और फिर वारदात को अंजाम एक आरोपी स्कूटी से पहले रेकी करता था और गाड़ियों में बैग या कीमती सामानों चिन्हित करता था. इसके बाद दूसरा आरोपी पावर बाइक पर मौके पर पहुंचकर गुलेल से पत्थर मारकर कार का शीशा तोड़ता और सामान निकालकर दोनों तुरंत फरार हो जाते थे. पुलिस की टीम ने करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. जांच के दौरान, 80 होटल और गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई. तकनीकी विश्लेषण और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया. 2 आरोपी गिरफ्त में, तीसरा फरार गिरफ्तार आरोपी इम्तियाज आलम उर्फ अमनराज सिवान (बिहार) और रोहित कृष्णा तमिलनाडु का रहने वाला है. दोनों फरीदाबाद में किराये पर रह रहे थे. पुलिस ने बताया कि तीसरा आरोपी परमजीत यादव फरार है, जिसकी तलाश जारी है. दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 30 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का खुलासा करने और चोरी गए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है. 18 अप्रैल को जयपुर आए आरोपी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आने के बाद ओएलएक्स के जरिए स्कूटी और बाइक खरीदकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे. आरोपी ने 16 अप्रैल को दिल्ली से गाड़ी ली और 18 अप्रैल को जयपुर पहुंचे. इसके बाद 20 अप्रैल तक चोरी की वारदात करते रहे.   इन इलाकों में की चोरी     18 अप्रैल: जामडोली, कानोता और अशोक नगर में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी.     19 अप्रैल: सी स्कीम, सोडाला, महेश नगर और श्याम नगर में कई स्थानों पर वारदात.     20 अप्रैल: अजमेर रोड स्थित होटल हाईवे किंग और सी स्कीम में भी चोरी.

‘लॉरेस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के विरोध में रंधावा, वड़िंग और मजीठिया को बिश्नोई गैंग से धमकी

 गुरदासपुर पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा संदेश मिला। यह धमकी उस समय सामने आई जब रंधावा ने लॉरेस ऑफ पंजाब (Lawrence of Punjab) नामक डॉक्यूमेंट्री के रिलीज का विरोध किया था। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को भी इसी तरह के व्हाट्सएप संदेश मिले हैं। रंधावा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को सूचित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों को केंद्रीय एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है, तभी लॉरेंस बिश्नोई, जो गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, बाहर से गतिविधियां संचालित कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, जो डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी और “गैंगस्टर मुक्त पंजाब” उनकी पार्टी की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के लोगों द्वारा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वेब सीरीज लॉरेस ऑफ पंजाब का विरोध किए जाने के बाद भारत सरकार ने इसके रिलीज पर रोक लगा दी है।

e-खरीद में सख्ती: हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, किसानों के नाम पर धोखाधड़ी पर रोक

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने राज्य की मंडियों में गेहूं व सरसों की फसल की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ई-खरीद प्रणाली में कई नई पहल आरंभ की हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य फर्जी खरीद पर रोक लगाना, वास्तविक किसानों को लाभ सुनिश्चित करना और पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं राज्य की मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया पर निगाह रखे हुए हैं और अधिकारियों से हर रोज की रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 2025-26 रबी विपणन सीजन के 2,425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जौ के एमएसपी में 170 रुपये प्रति क्विंटल (लगभग 8.58 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य की मंडियों में अब तक करीब 60 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण और खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं में सत्यापन को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र किसान ही अपनी फसल बेच रहे हैं और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिल रही है। ई-खरीद प्रणाली में खरीददार का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। इससे हर लेन-देन का रिकार्ड सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है तथा जरूरत पड़ने पर उसकी जांच आसानी से की जा सकेगी। राज्य की मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इससे खरीद प्रक्रिया की निगरानी रियल-टाइम में संभव हो पा रही है, जबकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव है। फसल के परिवहन को ट्रैक करने के लिए जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फसल कहां से उठाई गई और कहां पहुंचाई गई, जिससे बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगने में मदद मिलने लगी है।

प्रशासन सख्त: कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पर 74 मिलर्स को थमाए नोटिस

रायपुर. अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आदेश के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई करने तथा उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध के विरुद्ध उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है। समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 01 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। अपर कलेक्टर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रवजोत सिंह का बयान: नशा मुक्त जेल बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता

अमृतसर  पंजाब के संसदीय मामलों, एनआरआई मामलों और जेल मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शनिवार सेंट्रल जेल पटियाला का विशेष दौरा करते हुए जेल प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने उजाला नर्सरी और जेल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उजाला नर्सरी का उद्देश्य कैदियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। लाइब्रेरी कैदियों को शिक्षा और जानकारी प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे। जेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जेलों का सुधार और पुनर्वास के केंद्रों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जेलों को नशा-मुक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और इस दिशा में जेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने जेल अस्पताल, बैरकों और आम आदमी क्लिनिक सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मौके पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरन सिंह धालीवाल, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट जैदीप सिंह, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट अर्पणजोत सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) आदर्शपाल सिंह और सहायक सुपरिंटेंडेंट करणवीर सिंह मौजूद रहे।

राजनीति में हलचल: Bhagwant Mann करेंगे राष्ट्रपति से भेंट, राज्यसभा में दल बदल पर नजर

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है। सीएम मान ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने 7 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि अलग-अलग ये नेता ज्यादा महत्व नहीं रखते। उन्होंने एक्स पर पंजाबी में लिखा, 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर किसी खाने का स्वाद बढ़ा देती हैं, लेकिन अकेले इनमें से कोई भी पूरी डिश नहीं बन सकती।' किन 7 नेताओं ने छोड़ा AAP का साथ यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया है। इनके साथ अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने बीजेपी का दामन थामा। उन्होंने यह भी कहा कि सातों सांसद एक गुट के रूप में बीजेपी में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद भगवंत मान ने इन नेताओं को गद्दार करार दिया और बीजेपी पर AAP को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेअदबी (धार्मिक अपमान) के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से बीजेपी असहज हो गई है। मान ने यह भी कहा कि इन सातों में से कोई भी बड़ा जनाधार वाला नेता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'एक सरपंच के पास भी वोट बैंक होता है, क्या इनके पास कोई वोट बैंक है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बार-बार चुनावी हार झेलने वाली बीजेपी अब दबाव, प्रलोभन और दल-बदल के जरिए AAP सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू उधर आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब से पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस घटनाक्रम से भाजपा की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। खास बात यह है कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा अब राज्यसभा में सात सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सीएम की मुलाकात पर टिकी नजरें वहीं दूसरी ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि जब दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं तो दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस बयान के बाद कानूनी बहस भी तेज हो गई है और विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर यह मुलाकात होती है तो आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर कोई बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आ सकता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा तय करेगा।

एमपी से प्रमुख शहरों के टिकट महंगे हुए, युद्ध का असर: एयर टिकट में 25% से ज्यादा बढ़ोतरी

इंदौर  मध्य प्रदेश से देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा अब पहले से काफी महंगी हो गई है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसका सीधा प्रभाव एयर टिकट पर देखने को मिल रहा है, जहां किराए 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इंदौर समेत राज्य के अन्य शहरों से मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और जयपुर जाने वाले यात्रियों को अब अधिक खर्च करना पड़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ती लागत को देखते हुए फ्यूल सरचार्ज भी लागू कर दिया है। इसके साथ ही समर शेड्यूल के बाद कई सीधी उड़ानों के बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। अब लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारत के आम नागरिकों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इस वैश्विक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ रहा है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने लागत बढ़ने के चलते ‘फ्यूल सरचार्ज’ लागू कर दिया है। इसके बाद से ही मध्य प्रदेश सहित देशभर में फ्लाइट टिकट 15 से 20% तक महंगे हो गए हैं। मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद इंदौर से कई शहरों की सीधी फ्लाइट्स बंद हो गई हैं। जिसके कारण यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। बढ़े हुए किराये की वजह से कई लोग अब ट्रेन या दूसरे विकल्प चुन रहे हैं। इस महंगाई का असर समर वेकेशन प्लान पर भी पड़ा है। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे और एटीएफ सस्ता नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किराए और बढ़ सकते हैं। इंदौर से मुंबई का किराया 2000 तक बढ़ा इंदौर से चलने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के किराए में औसतन 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ रूट्स पर यह और ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर इंदौर से मुंबई का किराया 4500 रुपए से बढ़कर करीब 6500 रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता जाने वाला किराया सबसे ज्यादा बढ़ा है। जहां पहले टिकट 6500-7500 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच गया है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस रूट पर कम प्रतिस्पर्धा और ज्यादा मांग की वजह से किराए तेजी से बढ़े हैं। किराए में बढ़ोतरी इंदौर से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर इस समय सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। मुंबई का किराया जहां पहले करीब 4500 रुपए था, अब बढ़कर 6500 रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता रूट पर सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। पहले जहां टिकट 6500 से 7500 रुपए के बीच मिलता था, अब यह 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच चुका है। कनेक्टिविटी पर असर मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद हो गई हैं। इसका असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ा है। अब यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रा लंबी और महंगी हो गई है। इसका असर खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों की यात्रा योजनाओं पर दिख रहा है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 35% तक उछाल खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। रूट डायवर्जन के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ा है। इसका असर इंटरनेशनल टिकट पर ज्यादा दिख रहा है, जहां किराए में 30-35% तक उछाल दर्ज किया गया है। कई फ्लाइट बंद हो गई किराया बढ़ने के साथ-साथ इंदौर के हवाई यात्रियों के लिए एक और बड़ी समस्या कनेक्टिविटी की कमी के रूप में सामने आई है। मार्च के अंत से लागू हुए नए समर शेड्यूल के कारण इंदौर से कई प्रमुख शहरों की सीधी उड़ानें बंद कर दी गई हैं। सीधा संपर्क टूटने की वजह से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जो समय और पैसा दोनों के लिहाज से काफी महंगा पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इंटरनेशनल टिकट 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बदलाव के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ गया है, जिससे किराए में यह उछाल आया है। फिलहाल एमपी एयर टिकट महंगे होने का असर साफ दिख रहा है और यात्रियों को अपने बजट और यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ रहा है।

बांसवाड़ा में दहशत,श्यामपुरा इलाके में फिर दिखे दो पैंथर

बांसवाड़ा अगर आप मॉर्निंग वॉक पर जाए और पैंथर से सामना हो तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही डर, इन दिनों बांसवाड़ा में बरकरार है. शहर से सटे श्यामपुरा वन क्षेत्र में एक बार फिर पैंथर ने दस्तक दी है. पैंथर की मौजूदगी से इलाके में हड़कंप मच गया है. इस बार दो पैंथर मुख्य सड़क के पास बनी दीवार पर बैठे नजर आए, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में दहशत फैल गई. यह क्षेत्र शहर के बेहद करीब होने के साथ-साथ एक व्यस्त मार्ग भी है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में खुले इलाके में पैंथर का दिखना खतरे की घंटी माना जा रहा है. इलाके में लगातार पैंथर का मूवमेंट स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पहले भी कई बार पैंथर देखे जा चुके हैं, जिससे आसपास के रहवासियों में लगातार डर बना हुआ है. श्यामपुरा क्षेत्र में बने जॉगिंग ट्रैक पर सुबह-सुबह टहलने आने वाले लोगों में खासा भय देखा जा रहा है. लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और गश्त बढ़ाने की मांग की है. तापमान बढ़ने से वन्यजीवों का खतरा भी बढ़ा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि पैंथर जैसे जानवर शहर के करीब नजर आ रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ रहा है. वहीं, वन विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं. यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं.

डीग पुलिस का बड़ा एक्शन,नकली सोना और साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़

डीग डीग के मेवात क्षेत्र में संगठित अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया. शुक्रवार (24 अप्रैल) को ठगों के नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस' और ‘वज्र प्रहार' के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने जुरहरा थाना क्षेत्र के कलतरिया के जंगलों और भंडारा गांव की सीमा में करीब 4 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. इस मेगा ऑपरेशन में कुल 18 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 11 आरोपी नकली सोने की ईंट दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं, जबकि 4 आरोपी साइबर फ्रॉड में लिप्त पाए गए. इसके अलावा लंबे समय से फरार चल रहे 3 वांछित अपराधियों को भी दबोचा गया है. कई गाड़ियां, मोबाइल और फर्जी सिम जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई थार, स्कॉर्पियो जैसी कई गाड़ियां भी जब्त की. साथ ही नकली पीतल की ईंटें, 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 7 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों को नहीं लगने दी भनक एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने कार्रवाई के निर्देश दिए. इस दौरान 2 डीएसपी, 4 थानाधिकारी और डीएसटी-क्यूआरटी टीम समेत करीब 50 पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया. ब्लैकमेलिंग से लेकर ठगी तक का नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पीतल की ईंटों को पॉलिश कर ‘प्राचीन सोना' बताकर लोगों को ठगते थे. जबकि साइबर ठग सोशल मीडिया और फर्जी आईडी के जरिए ब्लैकमेलिंग करते थे. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है, जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.